पीएम मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत 2047’ विजन लक्ष्य से पहले प्राप्त करेगा इंडिया : ब्रिक्स में अफ्रीकन कारोबारी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक शानदार लीडर हैं और उनके नेतृत्व में जिस तेजी से भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, देश ‘विकसित भारत 2047’ विजन लक्ष्य से पहले प्राप्त करेगा। यह बयान ब्रिक्स में हिस्सा लेने आए अफ्रीकन कारोबारी ने शनिवार को दिया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में नाइजीरिया के डिप्लोमैटिक कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (डीआईसीएएन) के चेयरमैन, इदेहाई फ्रेडरिक ने कहा कि भारत और नाइजीरिया दशकों से मित्र हैं और हमारी सरकार के बाद भारत श्रमिकों का दूसरा सबसे बड़ा नियोक्ता है। दोनों देश के बीच कारोबार भी काफी बड़ा है। मुझे उम्मीद है कि इसमें आगे और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। मुझे लगाता है कि पीएम मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को इंडिया लक्ष्य से पहले प्राप्त कर लेगा। फ्रेडरिक के मुताबिक, पीएम मोदी एक बहुत शानदार नेता है और उनके पास एक बड़ा विजन है। इसका असर उनके द्वारा उनके कदमों जैसे विकास, नीतियों और साझेदारी और इस ब्रिक्स की अध्यक्षता में साफ दिखाता है। इसके अतिरिक्त, अबिसीनिया बिजनेस नेटवर्क के एमडी डैनियल तिरुनेह ने भारत-इथियोपिया संबंधों पर कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से संबंध हैं। भारत-इथियोपिया मिलकर ट्रेड, निवेश, इनोवेशन और एजुकेशन के मिलकर काम कर रहे हैं। कुछ महीने पहले पीएम मोदी ने भी इथियोपिया की यात्रा की थी। इससे दोनों देशों के संबंधों को नई ऊर्जा मिली है। इसका असर ब्रिक्स में भी दिखाई दे रहा है और यह इथियोपिया के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। भारत 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ब्रिक्स में अभी 11 सदस्य देश और 10 पार्टनर देश हैं। ऐसे में ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए 15,000 पुलिसकर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स की 200 कंपनियां लगाई गई हैं।
पीएम मोदी ने जी20 में अफ्रीकी संघ को दिलाई स्थायी सदस्यता, ग्लोबल साउथ को बनाया मुख्य भागीदार : दक्षिण अफ्रीकी पत्रकार

नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में दुनिया के पत्रकार भारत की भूमिका और सम्मेलन के महत्व पर अपनी राय रख रहे हैं। कई पत्रकारों ने कहा कि भारत ने ग्लोबल साउथ की आवाज को दुनिया के सामने मजबूती से रखा है। साउथ अफ्रीका के द नेशनल मीडिया ग्रुप के पत्रकार सियाबोंगा गुडमैन ने ब्रिक्स समिट पर आईएएनएस से कहा, “मैं यह कहकर शुरू करना चाहूंगा कि, अगर आपको याद हो, 2023 में जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा था, तब प्रधानमंत्री मोदी ही थे जिन्होंने अफ्रीकी संघ को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने के लिए जी20 को आगे बढ़ाया था। तो, इस नजरिए से, मुझे लगता है कि एक दक्षिण अफ्रीकी और एक अफ्रीकी के रूप में, मैं इस नजरिए से काम करता हूं कि भारत ने वास्तव में यह सुनिश्चित करने के लिए नेतृत्व किया है कि ग्लोबल साउथ के समुदाय और देश बहुपक्षीय समुदाय में प्रमुख भागीदार बनें। लेकिन अब, जब ब्रिक्स की बात आती है और जो बातचीत हो रही है, फिलहाल, वैश्विक स्तर पर, हम एकध्रुवीय दुनिया से आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं। हम में से कई लोग ब्रिक्स को एक संस्था के रूप में देखते हैं।” नाइजीरिया के लीडरशिप न्यूजपेपर में डिप्लोमैटिक डेस्क के प्रमुख ओदोह इनोसेंट ने नाइजीरिया और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर कहा, “नाइजीरिया और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार बहुत प्रभावशाली रहा है। कुछ साल पहले, हमारे बीच लगभग 27 अरब डॉलर का व्यापार था, लेकिन यह घटकर अभी लगभग 14.9 अरब डॉलर रह गया है। लेकिन क्योंकि अब हमारे भारत के साथ अधिक मजबूत संबंध हैं, हम इसे वापस मूल 27 अरब और उससे अधिक तक ले जा रहे हैं। इसलिए, इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने वास्तव में हमें भारत और निश्चित रूप से ब्रिक्स ब्लॉक के अन्य सदस्यों के साथ जुड़ने के अधिक अवसर दिए हैं ताकि अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उस अवसर का पता लगाया जा सके।” खलीज टाइम्स की सीनियर पत्रकार अल्या मोहम्मद ओबैद अली अलधानहानी ने यूएई-भारत संबंधों, ब्रिक्स में भारत की बढ़ती भूमिका और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से प्रमुख उम्मीदों पर बात की। भारत की ब्रिक्स में और वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती भूमिका पर उन्होंने कहा, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका अद्भुत रही है। वे इसकी मेजबानी कर रहे हैं और यह अच्छी तरह से आयोजित है, शानदार मेहमाननवाजी है। यह दुनिया के सभी नेताओं को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए ला रहा है।” भारत-यूएई संबंधों पर उन्होंने कहा, “ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को देखना बहुत सम्मान और गर्व का क्षण है और भारत के साथ हमारा रिश्ता निवेश, पर्यटन और यहां तक कि व्यवसायों के साथ बहुत लंबे समय से है। इसलिए हमारा भारत के साथ बहुत लंबे समय से रिश्ता है।” ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य लक्ष्य पर उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि बिजनेस के क्षेत्र में और अधिक संबंध बनाना और पूरी दुनिया और सभी देशों के साथ अधिक जुड़ाव बनाना, मुझे लगता है कि यही मुख्य लक्ष्य है जो हम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में देख रहे हैं।
इथियोपिया ने भारतीय खनन कंपनियों को दिया न्योता, मलेशिया संग सेमीकंडक्टर सहयोग पर रहा जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली और मलेशिया के अपने समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ अलग-अलग बैठक की। शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई द्विपक्षीय बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की गई। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी इसकी जानकारी दी। दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि दिखाई है। वहीं एमईए सूत्र के अनुसार, इन बैठकों में बहुत अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और आर्थिक सहयोग, रक्षा और सुरक्षा साझेदारी तथा क्षमता निर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। संकेत मिले हैं कि इथियोपिया और मलेशिया रक्षा, निवेश और सेमीकंडक्टर पर भारत के साथ बड़े समझौते की ओर बढ़ रहे हैं। इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों के लिए अपने देश का द्वार खोलने की बात कही तो वहीं मलेशिया के साथ सेमी कंडक्टर को लेकर सार्थक बातचीत हुई है। इससे पहले विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान जारी कर द्विपक्षीय बैठकों की जानकारी दी थी। मलेशिया के पीएम के साथ हुई बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार, दोनों ने फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की मलेशिया यात्रा के नतीजों पर बात की और व्यापार व निवेश, रक्षा व सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, फिनटेक, शिक्षा, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कोटा किनाबालु, सबाह में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने के लिए मलेशिया की सहमति जताई। वहीं, इथियोपिया के अपने समकक्ष पीएम अबी अहमद अली के साथ बातचीत में पीएम मोदी ने आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इथियोपिया की भागीदारी की सराहना की और कहा कि देश की उपस्थिति ने ‘ग्लोबल साउथ’ की सामूहिक आवाज को मजबूत करने में मदद की। इथियोपिया ने भारत के साथ मजबूत रक्षा सहयोग के लिए अपनी उत्सुकता जताई। इथियोपिया ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया। भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार, इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों का स्वागत किया। भारत आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ थीम पर आधारित है, जो “मानवता सर्वोपरि” की भावना पर आधारित प्रधानमंत्री मोदी के जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।
भारतीय सेना ने एलओसी पर आतंकी गतिविधियां बढ़ने और असामान्य सैन्य तैनाती के दावों को किया खारिज

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रहीं जम्मू-कश्मीर में ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ (एलओसी) के पास आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी खबरों का खंडन किया है। सेना ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी फैलाने वाला अकाउंट पाकिस्तान से चलाया जा रहा प्रोपेगैंडा अकाउंट है। साथ ही, सेना ने लोगों को आगाह किया कि वे बिना पुष्टि किए दावों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं। दरअसल, सोशल मीडिया पर यह खबर फैलाई गई कि लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के पास आतंकवादी गतिविधियां बढ़ गई हैं। इनमें यह भी दावा किया गया कि भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में बड़े सैन्य ठिकानों के पास रहने वाले लोगों से अपने घर खाली करने को कहा है। हालांकि, भारतीय सेना के ‘फैक्ट चेक’ में यह दावे फर्जी पाए गए हैं। सेना ने एलओसी के पास आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि के दावों को खारिज किया है। साथ ही, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा व बारामूला जिलों में प्रमुख सैन्य छावनियों के पास बने घरों को खाली करने जैसे आदेशों से इनकार किया है। भारतीय सेना के आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट से ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा गया, “‘कश्मीर इंटेल’ नाम का ‘एक्स’ अकाउंट ऐसी झूठी खबरें फैला रहा है, जिनमें दावा किया गया है कि ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ (एलओसी) के पास आतंकवादी गतिविधियां बढ़ गई हैं। ये दावे उन खबरों से जोड़े जा रहे हैं, जिनमें कहा गया है कि भारतीय सेना ने उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा और बारामूला जिलों में बड़े सैन्य ठिकानों के पास रहने वाले लोगों से अपने घर खाली करने को कहा है।” सेना ने कहा, “एलओसी पर आतंकवादी गतिविधियों के बढ़ने और ‘असामान्य भारतीय सैन्य तैनाती’ के दावे पूरी तरह से झूठे हैं। पाकिस्तान से चलने वाला ‘कश्मीर इंटेल’ नाम का प्रोपेगैंडा अकाउंट यह फेक न्यूज फैला रहा है।” भारतीय सेना ने लोगों से ऐसी रिपोर्टों को शेयर करने या फैलाने से पहले जानकारी की पुष्टि करने का आग्रह किया।
दिल्ली पुलिस ने लूट के मामले में फरार आदतन अपराधी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने नबी करीम थाना क्षेत्र में लूट के मामले में एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने शनिवार को जानकारी दी कि आरोपी चार पुराने आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और वह लगातार जांच से बच रहा था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि नबी करीम इलाके में एक व्यक्ति का मोबाइल फोन लूटा गया था। इस संबंध में 27 अगस्त को बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता बिहार का रहने वाला है, जो दिल्ली आया था और पहाड़गंज के एक होटल में ठहरा हुआ था। जब वह पहाड़गंज पुल से होते हुए पहाड़गंज इलाके की ओर जा रहा था, तो तीन लड़कों ने उसे रोका और ब्लेड दिखाकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। जांच के दौरान दो आरोपियों अजीम और यश उर्फ यासी को गिरफ्तार किया गया। अजीम को 30 अगस्त और यश उर्फ यासी को 9 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने इस मामले में मुख्य आरोपी मोहित की संलिप्तता का खुलासा किया। हालांकि, सह-आरोपी मोहित फरार था और जानबूझकर गिरफ्तारी और जांच से बच रहा था। आरोपी मोहित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया और उसे पकड़ने के लगातार प्रयास किए गए। बीते दिन पुलिस को आरोपी के बारे में सूचना मिली। इसके बाद नबी करीम थाना पुलिस ने उसे नीम वाला चौक से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी मोहित ने लूट के मामले में अपनी संलिप्तता कबूल की। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने सस्ते दाम पर वॉशिंग मशीन के स्पेयर पार्ट्स बेचने के नाम पर ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान पता चला कि धोखाधड़ी की रकम का कुछ हिस्सा पूर्वी दिल्ली में मौजूद एक एटीएम से निकाला गया था। इसके आधार पर दिल्ली के पूर्वी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और मामले के खुलासे के लिए टीम का गठन किया था।
पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, देश और दुनिया को समझने का सशक्त जरिया: सीएम योगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, देश और दुनिया को समझने का सशक्त जरिया हैं। उन्होंने युवाओं से पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ विभिन्न विषयों की किताबें पढ़ने और व्यापक ज्ञान अर्जित करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऋषियों ने ‘आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतः’ का संदेश दिया था। इसका आशय है कि ज्ञान और श्रेष्ठ विचारों के लिए हमारे द्वार चारों दिशाओं से खुले रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम पूरा कर लेना पर्याप्त नहीं है। जीवन और समाज को बेहतर ढंग से समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों का ज्ञान हासिल करना आवश्यक है। योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से शिक्षा मंत्रालय देश के विभिन्न हिस्सों में पुस्तक महोत्सवों के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में जब पहली बार पुस्तक महोत्सव के आयोजन का विचार आया था, तब यह आशंका थी कि युवा इसमें कितनी रुचि लेंगे। लेकिन आयोजन की सफलता ने इस धारणा को गलत साबित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि गोरखपुर में आयोजित पुस्तक महोत्सव में लखनऊ की तुलना में अधिक भीड़ जुटी और पुस्तकों की बिक्री भी ज्यादा हुई। इससे स्पष्ट है कि युवा किताबों से दूर नहीं हुए हैं, उन्हें सिर्फ बेहतर मंच और सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पांचवें गोमती पुस्तक महोत्सव में 80 के बजाय 250 स्टॉल लगाए गए हैं। 12 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस नौ दिवसीय आयोजन में हजारों छात्र और युवा विभिन्न विषयों की ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों से परिचित होंगे। महोत्सव में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद, उनके विचार जानने तथा उनकी रचनाओं और जीवन यात्रा को समझने के अवसर भी मिलेंगे। विभिन्न लेखकों और महापुरुषों की आत्मकथाओं के जरिए उनके संघर्ष और अनुभवों से भी रूबरू होने का मौका मिलेगा। सीएम योगी ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल विद्यार्थियों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिक के लिए उपयोगी है, क्योंकि जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को अलग-अलग परीक्षाओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि नौ दिवसीय गोमती पुस्तक महोत्सव ज्ञान का महाकुंभ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल स्कूल की चारदीवारी और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विद्यालयों और सार्वजनिक पुस्तकालयों को आधुनिक आईटी उपकरणों, डिजिटल सुविधाओं और बेहतर संसाधनों से विकसित किया जा रहा है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने डिजिटल दौर में बढ़ते स्क्रीन टाइम पर चिंता जताते हुए कहा कि तकनीक जरूरी है, लेकिन नई पीढ़ी का पुस्तकों से दूर होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि स्क्रीन दुनिया दिखाती है, जबकि पुस्तकें दुनिया को समझने की ताकत देती हैं। उन्होंने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम कर किताबों के साथ समय बिताने की अपील की। महोत्सव के बाल मंडप में वैदिक गणित, रचनात्मक लेखन और कठपुतली नाटक समेत विभिन्न कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम मोदी ने भारत को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकाला, दुनिया में नई पहचान दिलाई : सीएम योगी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की जानकारी देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण की यात्रा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत के विकास और वैश्विक प्रभाव में तेजी आई तथा देश ने दुनिया के सामने एक नए भारत की तस्वीर पेश की। मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हेड ऑफ स्टेट के रूप में 7 अक्टूबर को 25 वर्ष पूरे होंगे। इसी उपलक्ष्य में 17 सितंबर ‘सेवा दिवस’ से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, उनकी नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को वेलफेयर स्टेट के साथ आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल वाला ऐसा प्रदेश बनाया, जो दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बना। प्रधानमंत्री के रूप में भी उन्होंने ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारा, जिनकी पहले कल्पना करना भी मुश्किल था। आज भारत गरीब और कमजोर देश के बजाय दुनिया का नेतृत्व करने वाली ताकत के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों से नवाजा है। योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के कार्यकाल का अवलोकन करने पर समग्र विकास का एक स्पष्ट विजन दिखाई देता है। उन्होंने जिस योजना की कल्पना की, उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया। इसका असर देश के विकास से लेकर वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका तक दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि भारत में जी-20 का सफल आयोजन और देश में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन नए भारत की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को गुलामी की मानसिकता से उबारने के साथ ही अपनी विरासत और संस्कृति के संरक्षण तथा सम्मान की दिशा में भी काम किया है। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि 500 वर्षों के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ। उन्होंने प्रयागराज में महाकुंभ के सफल आयोजन को भी भारत की सांस्कृतिक शक्ति और विरासत से जोड़ते हुए कहा कि देश अपनी परंपराओं को आधुनिक विकास के साथ आगे बढ़ा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष केवल राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का ऐसा दौर है, जिसने देश के विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को नई दिशा दी है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ इसी यात्रा को जनता के बीच ले जाने का माध्यम बनेगा। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान का असर अब देश के औद्योगिक विकास में दिखाई दे रहा है। आज देश में चिप से लेकर शिप तक का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश की पहचान बदली है। प्रदेश एक्सप्रेसवे का हब बना है और केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है। पंकज चौधरी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाएंगे और 11 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।
पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय संबंधों पर की चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक से पहले, पीएम मोदी और शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने गले मिलकर एक दूसरे का अभिवादन किया। शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। वे भारत की अध्यक्षता में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने आए हैं। इसकी जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ‘एक्स’ पर लिखा, “नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया।” मंत्रालय ने आगे कहा, “यह यात्रा भारत-यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का एक मौका होगी, जो साझा समृद्धि के लिए मजबूत व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित है।” ब्रिक्स की 2026 की अध्यक्षता के तहत, भारत शनिवार से नई दिल्ली के भारत मंडपम में दो दिवसीय 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ‘लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ थीम पर आधारित है। यह पीएम मोदी के उस जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है जो “मानवता सर्वोपरि” की भावना पर टिका है। इन क्षेत्रों के अलावा, नेता साझा प्राथमिकताओं पर ब्रिक्स के भीतर सहयोग को मजबूत करने और आपसी महत्व के वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करने पर चर्चा करेंगे। ब्रिक्स में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। ब्रिक्स के सहयोगी देश हैं: बेलारूस, क्यूबा, बोलीविया, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस का भारत दौरा, 16 जून को फ्रांस के एवियन में जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मुलाकात के बाद हो रहा है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे भाई, शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बहुत अच्छी मुलाकात हुई। हमने कई क्षेत्रों में भारत-यूएई संबंधों और हमारी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। ” दोनों नेताओं के बीच 2026 में यह तीसरी मुलाकात थी; इससे पहले वे मई में पीएम मोदी की यूएई यात्रा और इस साल जनवरी में शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा के दौरान मिले थे। विदेश मंत्रालय (एमईए) के बयान के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने टेक्नोलॉजी, व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति और सकारात्मक घटनाक्रमों की समीक्षा की थी। दोनों नेताओं ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया था।