फॉकलैंड द्वीप विवाद: अर्जेंटीना इजरायली ऊर्जा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेगा

ब्यूनस आयर्स। दुनिया उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। पिछले कुछ महीनों से कई द्वीप चर्चा में बने हुए हैं। इनमें चागोस द्वीप, ईरान का खार्ग द्वीप, बांग्लादेश का सेंट मार्टिन द्वीप शामिल हैं। इस बीच एक और द्वीप सुर्खियां बटोर रहा है और ये फॉकलैंड द्वीप समूह है। जिसे लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच पुराना विवाद उभर आया है। अर्जेंटीना सरकार ने सोमवार को ब्रिटिश नियंत्रण वाले फॉकलैंड द्वीप समूह में तेल परियोजना संचालित करने वाली इजरायली कंपनी ‘नाविटास पेट्रोलियम’ और उसके अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति जेवियर मिलेई की ओर से शुक्रवार (4 सितंबर) को एक बयान जारी किया गया था। उनका आरोप है कि नाविटास और उससे जुड़ी कंपनियां उत्तरी फॉकलैंड बेसिन में हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन के लिए ब्रिटिश लाइसेंस का इस्तेमाल कर रही हैं, जो अर्जेंटीना के कानून का उल्लंघन है। विदेश मंत्री पाब्लो क्विरनो ने इस मामले को गंभीरता से उठाने का फैसला किया है। विवाद के केंद्र में ‘सी लायन’ नाम की बड़ी अपतटीय तेल परियोजना है। इसे इजरायली कंपनी नाविटास संचालित कर रही है, जिसकी परियोजना में करीब 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ब्रिटेन की रॉकहॉपर एक्सप्लोरेशन भी इसमें भागीदार है। परियोजना से 2028 में तेल उत्पादन शुरू करने की योजना है। अर्जेंटीना का कहना है, “फॉकलैंड द्वीपों के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का अधिकार हमारे (अर्जेंटीना) पास है और हमारी अनुमति बिना वहां तेल गतिविधियां चलाना गैरकानूनी है।” सरकार ने कंपनियों के अलावा उनके निदेशकों और संबंधित साझेदारों को भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाने की बात कही है। ब्रिटिश मीडिया आउटलेट ‘द गार्डियन’ के मुताबिक नाविटास और रॉकहॉपर का कहना है कि उनकी परियोजना फॉकलैंड द्वीप सरकार द्वारा कानूनी रूप से जारी किए गए पेट्रोलियम लाइसेंस के तहत संचालित हो रही है और उसे ब्रिटिश सरकार का समर्थन प्राप्त है। राष्ट्रपति मिलेई ने हाल के दिनों में फॉकलैंड द्वीपों पर अर्जेंटीना के दावे को पहले से कहीं अधिक आक्रामक अंदाज में उठाया है। उन्होंने तेल परियोजनाओं को अर्जेंटीना के राष्ट्रीय हित और संप्रभुता के लिए खतरा बताया है। मिलेई का यह रुख ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका फॉकलैंड द्वीपों को लेकर अपनी मौजूदा नीति की समीक्षा कर सकता है। मिलेई ने इन टिप्पणियों को अर्जेंटीना के पक्ष में बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल के संकेत के तौर पर पेश किया है। हालांकि, अमेरिका आधिकारिक तौर पर इस संप्रभुता विवाद पर तटस्थ रुख रखता है, जबकि व्यवहार में वह ब्रिटिश प्रशासन को मान्यता देता है। ब्रिटिश सरकार ने मिलेई के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि फॉकलैंड द्वीप ब्रिटिश रहेंगे और वहां के लोगों की इच्छा का सम्मान किया जाएगा। 1982 में अर्जेंटीना के द्वीपों पर कब्जे के बाद दोनों देशों के बीच युद्ध हुआ था, जिसमें ब्रिटेन ने द्वीपों पर फिर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इस तरह तेल और गैस की दौड़ ने दशकों पुराने फॉकलैंड विवाद को एक बार फिर आर्थिक और भू-राजनीतिक संघर्ष में बदल दिया है। अर्जेंटीना जहां तेल परियोजना को अपनी संप्रभुता के खिलाफ कदम मान रहा है, वहीं परियोजना संचालक इसे फॉकलैंड सरकार द्वारा दिए गए वैध लाइसेंस के तहत चलने वाला व्यावसायिक उपक्रम बता रहे हैं।

पीएम मोदी ने वडोदरा में 35 हजार करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास और लोकार्पण

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में करीब 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी का ये मैदान, अलग-अलग फील्ड में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव, यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है।” प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत में गुजरात के लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “आज मैं विकसित भारत की यात्रा को और गति देने के लिए आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है।” पीएम मोदी ने वडोदरा के लोगों की तारीफ करते हुए कहा, “इस विकास पर्व में आप सभी ने जिस सेवाभाव से पूरे वडोदरा शहर में स्वच्छता से स्वागत अभियान चलाया है, इसके लिए मैं वडोदरा के हर एक नागरिक को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनकी सराहना करता हूं।” उन्होंने कहा, “जिस तरह से आपने ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान चलाया है, उसके लिए भी मैं आपको बधाई देता हूं।” पीएम मोदी ने कहा कि हर परिवार में स्वच्छता का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा, “इस बार जब गणेश जी पधारेंगे तो सारे आशीर्वाद बरसेंगे।” उन्होंने कहा, “इस वर्ष लाल किले से मैंने विकसित भारत के लिए संकल्प की सप्तधारा का आह्वान किया है। इस सप्तधारा में एक धारा गतिशक्ति की भी है। विकसित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए, जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरा तेज भी हो।” वडोदरा को गतिशक्ति यूनिवर्सिटी का शहर बताते हुए पीएम ने कहा, “आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गई हैं। आज 2,800 किमी से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया है। ये 21वीं सदी के भारत के लिए बहुत ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ है।” इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई सांसद और नेता मौजूद रहे।

वडोदरा में पीएम मोदी का जेन-जी को संदेश, बोले- देश का हर नौजवान ‘सच की हुंकार’ के साथ

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को 21वीं सदी के भारत की जीवनरेखा बताया और कहा कि बीते 12 साल में देश के काम करने की संस्कृति बदली है। पीएम मोदी ने कहा, “ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। 2006 में इस काम को करने के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रही। दुर्भाग्य देखिए कि इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ। फाइलें अटकती थी, लटकती थी, भटकती थी।” उन्होंने कहा, “2014 के बाद जब आपके आशीर्वाद से मैं दिल्ली पहुंचा और वहां पहुंचते ही हमने इसको गति देने का काम शुरू किया। 2,800 किमी के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम आज पूरा करके दिखाया है। आज ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार-कारोबार का मुख्य आधार बन रहा है।” पीएम मोदी ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित होते भारत की जीवनरेखा है और इसने भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है। उन्होंने कहा, “पहले पैसेंजर ट्रेन जिस ट्रैक पर चलती थी, उसी पर मालगाड़ी भी चलती थी। यानी ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट दोनों धीमे थे लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने स्थिति को बदल दिया है। आज पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 430 से ज्यादा मालगाड़ियां चलती हैं। पहले जो मालगाड़ी 6.30 घंटे में 100 किमी का सफर तय करती थी, अब वही मालगाड़ी आधे से भी कम समय में 100 किमी का सफर तय कर लेती है।” उन्होंने बताया कि ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में जेएनपीटी पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा आ गया। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “अब ये जो नाराज फूफाजी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।” पीएम मोदी ने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर के साथ-साथ अब भारत में रेल वहां भी पहुंच रही है जहां इतने दशकों तक नहीं पहुंची थी। गुजरात हो, मध्य प्रदेश हो, महाराष्ट्र हो, यहां जो आदिवासी क्षेत्र हैं, वे भी इस परियोजना के द्वारा रेल से जुड़ रहे हैं। पहले की सरकार में बजट में 1-2 ट्रेनों की घोषणा होती थी और उसके भी सालभर ढोल पीटे जाते थे। आज देश में साल भर एक के बाद एक नई ट्रेनें चलाई जा रही हैं। आज भी इस कार्यक्रम में कई नई ट्रेनें शुरू हुई हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का रेल बजट पौने 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है, जो 12 वर्ष पहले की तुलना में कई गुना अधिक है। यानी रेलवे के आधुनिकीकरण पर हो रहा खर्च हजारों-हजार नए रोजगार बना रहा है। प्रधानमंत्री ने वडोदरा की मैन्युफैक्चरिंग ताकत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैंने देश के सामने विकसित भारत की जिन सप्त धाराओं का विजन रखा है, उसमें एक धारा मैन्युफैक्चरिंग की भी है और वडोदरा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है। एजुकेशन, स्कील और इंडस्ट्री का कोलैब कैसे होता है, वडोदरा 150 सालों से इसका प्रतिबिंब है।” पीएम मोदी ने कहा, “अब तो ये शहर देश के पहले मेड इन इंडिया मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के लिए भी जाना जा रहा है। सी-295 की पहली फ्लाइट यहां का आसमान देख चुका है। मैं वडोदरा के लोगों को ये गौरव पाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं।” उन्होंने याद किया कि जब वे सीएम बने थे तो अक्सर मैन्युफैक्चरिंग की मांगों के साथ प्रतिनिधिमंडल आते थे। आज शहर बदल गया है। यह अब भारत के पहले मेड-इन-इंडिया सैन्य परिवहन विमान के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में भारत रेल कोच, मेट्रो कोच और रेल इंजन बनाने का भी बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद से अब तक भारत ने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए हैं। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार टॉयलेट नहीं बना सकी थी। पीएम मोदी ने अप्रत्यक्ष रूप से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे। भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है, सच की हुंकार के साथ चलता है, सच की हुंकार के लिए चलता है। हमारे युवा साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो, विंड हो, हाइड्रो हो, न्यूक्लियर हो, सारे सेक्टर पर सरकार कितने फोकस से काम कर रही है।” उन्होंने कहा कि पहले सौर परियोजनाएं आयात पर निर्भरता के कारण महंगी थीं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में घरेलू विनिर्माण ने जोर पकड़ा है। अधिक आत्मनिर्भरता के साथ, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से बढ़ रही है। आज 55 लाख परिवारों ने अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाए हैं, जिनमें गुजरात के 11 लाख परिवार भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत का ये कालखंड अभूतपूर्व है। ये भारत की युवाशक्ति का उत्कर्ष काल है। ये समय फिर भारत के जीवन में लौटकर नहीं आएगा। इसलिए हमें 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को सर्वोपरि रखना है। हमें भारत को विकसित बनाकर ही रहना है।

महाराष्ट्र: पुणे में अंतरराज्यीय ट्रांसफार्मर चोरी गिरोह का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

पुणे। पुणे क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ट्रांसफॉर्मर और कॉपर के तार चुराने में शामिल था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 12.73 लाख रुपए की रकम भी बरामद की। पुलिस के मुताबिक, कांस्टेबल विनायक साल्वे को इस बारे में सूचना मिलने के बाद यूनिट 7 की ओर से तलाशी अभियान शुरू किया गया। दरअसल, कांस्टेबल को यह जानकारी मिली थी कि जो लोग ट्रांसफॉर्मर चोरी में संलिप्त हैं, वो बहुत जल्द ही हवेली तालुका का वाडेगांव क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं। इस सूचना के बाद पुलिस इंस्पेक्टर वाहिद पठान ने पुलिस सब इंस्पेक्टर (पीएसआई) राहुल कोलपे को आदेश दिया कि वह इस सूचना की सत्यता की जांच करके कानूनी कार्रवाई करे। इसके बाद वाडेगांव में इस गिरोह में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। यहां पुलिस ने माल से भरा हुआ वाहन रविवार को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस ने गिरोह में शामिल तीन लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ शुरू की। इनकी पहचान मोहम्मद साहेबजान मंगरेखान (30), आदर्श चंद्रप्रकाश पांडे (22) और चंद्रसेन शिवरतन धारिया (28) के रूप में हुई है। यह सभी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और मौजूदा समय में पुणे में रह रहे हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस बात को कबूल किया कि पिछले छह महीने में इन लोगों ने आठ कॉपर ट्रांसफॉर्मर चुराई थी। चोरी की इस वारदात को लोनीकंद पुलिस स्टेशन के क्षेत्राधिकार में आने वाले वाडेगांव, अष्टपुर, सांगवी संदास, न्हावी संदास और हिंगनगांव क्षेत्र में अंजाम दिया गया था पुलिस के मुताबिक, इस गिरफ्तारी की वजह से लोनिकंद पुलिस स्टेशन में दर्ज भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4) और भारतीय विद्युत अधिनियम की धारा 136 के तहत दर्ज आठ मामलों का भी निपटारा हो गया। इस गिरोह में शामिल तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया और अब मामले की जांच जारी है। जिसके तहत यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह में कितने लोग शामिल थे। जांच के तहत यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉपर को कहां बेचा गया था? इससे पहले 27 मई को पिंपरी-चिंचवड पुलिस इस गिरोह में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। यह सभी आरोपी पुणे जिले में इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसफॉर्मर चोरी से जुड़े 48 मामलों में शामिल थे। चाकन नॉर्थ पुलिस ने खेड़ तालुका के बिरदवाड़ी गांव में स्थित नेक्सस हेल्थकेयर में लगे ट्रांसफार्मर से तांबे के तारों की चोरी की जांच करते हुए इस मामले को सुलझाया। बताया जाता है कि चोरी की घटना 15 और 16 मई के बीच हुई थी।