दिशा सालियान की मौत के मामले में आज फैसला सुनाएगा बॉम्बे हाईकोर्ट

मुंबई। दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट बुधवार को अपना फैसला सुनाएगा। कोर्ट में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया था। बुधवार सुबह 11 बजे कोर्ट अपना आदेश सुनाएगा। यह मामला दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर की गई याचिका से जुड़ा है। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर दर्ज करने और नए सिरे से जांच की मांग की है। उनकी मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। इससे पहले 28 अगस्त को इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हुई थी। सतीश सालियान की ओर से एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सतीश सालियान ने अपनी याचिका में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उनकी बेटी दिशा के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या की गई है। इसी आधार पर उन्होंने केस दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिशा सालियान सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर उनकी मौत हो गई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या माना था और एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की थी। हालांकि, दिशा के पिता इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या और सामूहिक दुष्कर्म का मामला है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर सीबीआई या एनआईए जैसी एजेंसी से जांच कराई जाए। अब सबकी नजर बुधवार को आने वाले बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर है कि कोर्ट एफआईआर और नई जांच को लेकर क्या आदेश देता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की अयोध्या में अहम बैठक, सीईओ पद पर फैसले की संभावना

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बुधवार को अयोध्या में एक अहम बैठक करेगा। इस बैठक में ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति को अंतिम रूप दिया जाएगा और ट्रस्टी-स्तर के अन्य पदों पर चर्चा होगी, क्योंकि मंदिर समिति बड़े प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी बदलावों की ओर बढ़ रही है। मणिराम दास छावनी में होने वाली इस अहम बैठक के दो सत्र होंगे। इसमें ट्रस्ट की प्रबंधन, निर्माण, वित्त और धार्मिक समितियों के पुनर्गठन पर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। यह बैठक राम मंदिर के पहले सीईओ के पद के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी द्वारा तीन नामों की सिफारिश किए जाने के एक दिन बाद हो रही है। इस समिति में लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड), पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल थे। समिति ने मंगलवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सर्च कमेटी के सदस्यों को उनके अथक प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि ट्रस्ट बोर्ड की बैठक से पहले उनकी सिफारिशों पर विचार करेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रस्ट की बैठक के बाद सीईओ के नाम की घोषणा की जाएगी, तो स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने कहा कि यह मंदिर समिति के फैसले पर निर्भर करता है। इस बीच, जस्टिस कोहली (रिटायर्ड) ने कहा कि वह और समिति के अन्य सदस्य इस अवसर के लिए भगवान राम के प्रति आभारी और खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने कहा, “यह एक ऐसा काम है जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता की बहुत ज्यादा जरूरत है।” चयन प्रक्रिया के बारे में बताते हुए पूर्व जज ने कहा, “11 से 18 जुलाई के बीच हमें 5,585 आवेदन मिले। हर आवेदन की जांच करना एक बहुत बड़ा काम था, इसलिए हमने 19 जुलाई को एक बैठक की और एक गूगल फॉर्म बनाने का फैसला किया, जिसमें हमने आवेदकों को उनकी योग्यता के आधार पर अंक दिए।” उन्होंने बताया, “600 अंकों का एक गूगल फ़ॉर्म तैयार किया गया और सभी उम्मीदवारों को भेजा गया, जिनमें से 3,570 लोगों ने जवाब दिया। इसके बाद, हर जवाब की बारीकी से जांच की गई। जिन लोगों के 60 प्रतिशत से ज्यादा अंक थे, उन्हीं पर विचार किया गया।” पूर्व जज ने बताया कि 108 लोगों को और कैटेगरी में बांटा गया, जिन्होंने 600 में से 470 या उससे ज्यादा अंक हासिल किए थे। चार दिनों तक इन 108 लोगों से वर्चुअल बातचीत की गई और फिर 17 लोगों को अयोध्या धाम में आमने-सामने बातचीत के लिए बुलाया, जिनमें से 16 लोग शामिल हुए।” उन्होंने यह भी बताया कि सभी इंटरव्यू देने वालों को अलग-अलग पैमानों के आधार पर अंक दिए गए। उन्होंने कहा, “हमने तीन नामों की सिफारिश की है, जो हमें उनकी सोच, मुद्दों की समझ और भगवान राम के प्रति उनके समर्पण के आधार पर सबसे उपयुक्त लगे।
एक पैर पर खड़े होकर करें ये आसान योगासन, शरीर के साथ मन भी रहेगा स्थिर

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मन को शांत और एकाग्र रखना भी जरूरी है। योग इस दिशा में काफी मददगार हो सकता है। योग के अलग-अलग आसनों में वृक्षासन एक ऐसा सरल आसन है, जो शरीर के संतुलन के साथ एकाग्रता और जागरूकता को बढ़ाने में सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक स्थिरता की ओर कदम बढ़ा सकता है। वृक्षासन का नाम वृक्ष (पेड़) से लिया गया है। जिस तरह एक पेड़ अपनी जड़ों के सहारे मजबूती से खड़ा रहता है, उसी तरह इस आसन में शरीर को स्थिर रखते हुए संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। इसका अभ्यास करते समय एक पैर पर खड़े होकर दूसरे पैर के तलवे को सहारे के अनुसार जांघ के पास रखा जाता है। इसके बाद दोनों हाथों को ऊपर उठाकर नमस्कार की मुद्रा में रखा जा सकता है। आसन के दौरान सामने किसी एक बिंदु पर ध्यान केंद्रित करना संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। वृक्षासन का नियमित और सही तरीके से अभ्यास तंत्रिका से संबंधित स्नायुओं के समन्वय में मदद कर सकता है। शरीर को एक स्थिति में स्थिर रखने के प्रयास से संतुलन और शरीर की जागरूकता पर ध्यान जाता है। इसके साथ ही यह आसन सहनशीलता को बढ़ावा देने में भी सहायक हो सकता है। शुरुआत में संतुलन बनाना थोड़ा मुश्किल लग सकता है, लेकिन नियमित अभ्यास के साथ शरीर इस स्थिति के अनुकूल होने लगता है। इस आसन का एक महत्वपूर्ण लाभ एकाग्रता और जागरूकता से जुड़ा है। वृक्षासन करते समय शरीर को स्थिर रखने के लिए मन को भी एक बिंदु पर केंद्रित करना पड़ता है। इस वजह से अभ्यास के दौरान ध्यान भटकने से बचने और वर्तमान क्षण पर ध्यान लगाने का प्रयास किया जाता है। इससे शारीरिक और मानसिक स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है। वृक्षासन का अभ्यास हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए। शुरुआत में जरूरत पड़ने पर दीवार या किसी मजबूत सहारे का उपयोग किया जा सकता है। शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने या लंबे समय तक जबरदस्ती मुद्रा बनाए रखने से बचना चाहिए।
यूएस ओपन: कोको गॉफ और मीरा एंड्रीवा ने दूसरे राउंड में जगह बनाई

न्यूयॉर्क। कोको गॉफ ने यूएस ओपन के दूसरे राउंड में जगह बना ली है। गॉफ ने जेनेप सोनमेज को 6-3, 6-4 से हराकर यूएस ओपन के दूसरे दौर में जगह बनाई। हाल में विंबलडन और टोरंटो में सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली और सिनसिनाटी ओपन जीतने वाली कोको यूएस ओपन एकल के खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में उतरी हैं। गॉफ ने अपने पहले सर्विस गेम में दो ऐस और एक सर्विस विनर पोस्ट किया, अपने अगले दो सर्विस गेम में सर्व पर हावी रहीं, सोनमेज को 4-2 की बढ़त के लिए ब्रेक किया और 32 मिनट में शुरुआती सेट का दावा करने के लिए मजबूत पकड़ बनाए रखी। सोनमेज ने दूसरे सेट में अपने खेल को बेहतर बनाया, गति बदलने के लिए नेट पर चार्ज किया और शुरुआती ब्रेक से रैली करके इसे दिलचस्प बना दिया। दुनिया की 53वें नंबर की खिलाड़ी ने तीन ब्रेक प्वाइंट बनाए, लेकिन गॉफ ने तीनों को बचा लिया, खेल के 16वें अंक पर कब्जा किया और तुरंत अपने प्रतिद्वंद्वी को ब्रेक करके 4-3 की बढ़त ले ली। जीत के साथ, गॉफ ने टूर्नामेंट को दुनिया की नंबर 1 एकल खिलाड़ी के रूप में समाप्त करने का अपना मौका जीवित रखा है। उनका पिछला हाई नंबर 2 था, जो उन्होंने जून 2024 में हासिल किया था। अगर वह यह उपलब्धि हासिल कर लेती हैं, तो गॉफ एकल और डबल्स दोनों में दुनिया में नंबर 1 पर पहुंचने वाली पहली महिला होंगी। गॉफ का अगला मुकाबला एक मार्की सेकंड-राउंडर है, जिसमें उनका सामना या तो पाउला बडोसा, जो पहले दुनिया की नंबर 2 और 2024 यूएस ओपन क्वार्टर फाइनलिस्ट थीं, या डारिया कसाटकिना, जो पहले दुनिया की नंबर 8 और 2022 फ्रेंच ओपन सेमीफाइनलिस्ट थीं, से होगा। इससे पहले, नंबर 5 सीड मीरा एंड्रीवा ने फ्लशिंग मीडोज में अपने कैंपेन की शानदार शुरुआत की। उन्होंने दुनिया की नंबर 36 जेनिस त्जेन को 6-2 से हराया। 6-2 से हराकर, लगातार चौथे साल दूसरे राउंड में पहुंच गईं। एंड्रीवा अब दुनिया की 98 नंबर की खिलाड़ी ईवा लिस से खेलेंगी।
मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर निजी बस की रोडवेज बस से टक्कर, 35 नेपाली तीर्थयात्री घायल

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर कांठ थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात बड़ा सड़क हादसा हो गया। हरिद्वार से अयोध्या जा रही नेपाली तीर्थयात्रियों से भरी निजी बस गढ़ी बस स्टॉप के पास आगे चल रही राज्य परिवहन की बस से टकरा गई। टक्कर के बाद निजी बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी एक कोठरी में जा घुसी। हादसे में 35 से अधिक तीर्थयात्री घायल हो गए। इनमें आठ की हालत गंभीर बताई गई है। जानकारी के अनुसार निजी बस में कुल 53 नेपाली तीर्थयात्री सवार थे। सभी एक टूर कार्यक्रम के तहत हरिद्वार से अयोध्या जा रहे थे। हादसा कांठ के गढ़ी अड्डे के पास हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के अंदर चीख-पुकार मच गई। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कांठ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को तत्काल कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल आठ यात्रियों को मुरादाबाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज यादव ने बताया कि सुबह 8 से 8:30 बजे तक आठ घायल अस्पताल पहुंच चुके थे। इनमें करीब छह से सात लोगों का एक्स-रे किया गया। एक व्यक्ति की हड्डी में फ्रैक्चर की आशंका है जबकि अन्य घायलों को सूजन और दर्द की शिकायत है। सभी को भर्ती कर शुरुआती उपचार दिया गया है और जरूरी एक्स-रे समेत अन्य जांच की जा रही है। डॉक्टर के मुताबिक अभी और घायल भी अस्पताल पहुंच सकते हैं। एक घायल तीर्थयात्री ने बताया कि बस में 53 लोग सवार थे और वे हरिद्वार से अयोध्या की यात्रा कर रहे थे। घायल के मुताबिक, बस का नियंत्रण बिगड़ गया और वह आगे चल रही बस से पीछे से टकरा गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर बस के नियंत्रण से बाहर होने की बात सामने आ रही है।
भारत की नेपाल को मदद जारी, 11 सदस्यों वाली बचाव टीम और 5.5 टन मानवीय सहायता लेकर पांचवां विमान रवाना

नई दिल्ली। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत की ओर से मदद लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बताया कि नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान रवाना हो गया है। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया है। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “नेपाल के लिए भारत का पांचवां विमान रवाना हो गया है। इसमें 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष उपकरण और 5.5 टन जरूरी दवाइयां भेजी जा रही हैं।” नेपाल की मदद के लिए भारत अब तक 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेज चुका है। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं। इससे पहले मंगलवार को नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। अलग-अलग जिलों में नदियों के किनारे लगातार शव मिलने के कारण यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीआरआरएमए) के अनुसार, अब तक 1003 शव बरामद किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा 321 शव चितवन जिले में मिले हैं, जबकि 216 शव नवलपरासी पूर्व जिले में बरामद हुए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, 4,606 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इससे आशंका है कि मृतकों की संख्या आगे और बढ़ सकती है। नेपाल सरकार ने बताया कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत और चीन ने जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों की खोज और बचाव में मदद के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। इस बीच, भारत की 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने नेपाल के विशेषज्ञों के साथ मिलकर डीएनए नमूनों की जांच शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में नेपाल की मदद करना है, ताकि प्रभावित परिवारों को सही जानकारी दी जा सके और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
मेरी कोशिश ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की नहीं, उस स्थिति को टालने की है जो आखिरकार होने ही वाली है: ट्रंप

वॉशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ उस स्थिति को टालने की कोशिश कर रहा हूं जो आखिरकार होने ही वाली है। ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका बेहतर स्थिति में है। होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा नियंत्रण है, जबकि उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ढह रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट में लिखा, ”मैं ईरान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर नहीं कर रहा हूं, जैसा कि एबीसी न्यूज ने बताया है। अगर वे कोई ऐसा समझौता करते हैं जो उनके लिए भी बेकार है, तो मुझे उसकी बिल्कुल परवाह नहीं है। मुझे लगता है कि इस समय हमारी स्थिति कहीं बेहतर है। होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा लगभग पूरा नियंत्रण है और उनकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह गिरावट की ओर है। वे सिर्फ उस स्थिति को टालने की कोशिश कर रहे हैं जो आखिरकार होने ही वाली है। आखिर ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और लड़ाई लड़ेंगे?” अमेरिकी सेना ने ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को एक बड़े हमले की चेतावनी दी है। उनके अनुसार इस हमले के बाद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के पास उसका कुछ हिस्सा ही शेष रह जाएगा। फॉक्स न्यूज को दिए एक फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है। आज का हमला बहुत बड़ा था। हमने उनके काफी रडार सिस्टम नष्ट कर दिए, जिनमें वे सिस्टम भी शामिल हैं जिन्हें ईरान फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा था। ट्रंप ने कहा कि अगर तीसरी बार भी ऐसा करना पड़ा, तो एक देश के रूप में उनका पूरी तरह सफाया हो सकता है। उन्होंने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन का जिक्र करते हुए कहा कि यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन पूरी तरह तैयार है। हम हर तरह से तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि ताजा हमलों से पहले खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने मंगलवार को बताया कि उसने दोपहर 12 बजे (ईस्टर्न टाइम) ईरान में आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों पर नए हमले किए। सेंटकॉम के अनुसार, ये कार्रवाई हाल ही में आईआरजीसी की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर कथित हमलों की कोशिशों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों के जवाब में की गई।