जीडीपी के आंकड़े नहीं, रोजगार और किसान आंदोलन अर्थव्यवस्था की बताएगा हकीकत : गोविंद सिंह डोटासरा

जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में दिए गए समानता के अधिकार और दलित सम्मान के मुद्दे को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा और आरएसएस की सोच नाथूराम गोडसे की तरह है, जबकि कांग्रेस महात्मा गांधी की विचारधारा में विश्वास करती है। महात्मा गांधी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और समानता के पक्षधर थे। उन्होंने राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद कथित शुद्धिकरण का भी उल्लेख किया। डोटासरा ने कहा कि खड़गे लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यदि उनके कार्यक्रम के बाद ऐसी घटना हुई तो यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों के सम्मान से जुड़ा मामला है। राहुल गांधी निडर हैं और पद के लिए नहीं, बल्कि देश के लिए राजनीति करते हैं। एफआईआर से कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है और पार्टी इसका विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनावों के नामांकन की अंतिम तिथि के कारण कांग्रेस पहले विरोध कार्यक्रम नहीं कर सकी, लेकिन अब पार्टी इस मुद्दे पर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संविधान की भावना के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सर्वोपरि है और लोकतंत्र में जनता ही सत्ता का फैसला करती है। जीडीपी ग्रोथ पर डोटासरा ने केंद्र सरकार के दावों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जीडीपी की गणना के तरीके में बदलाव करके विकास दर को ज्यादा दिखा रही है। यदि अर्थव्यवस्था वास्तव में मजबूत हो रही है तो रोजगार के अवसर क्यों घट रहे हैं और किसान आंदोलन क्यों कर रहे हैं? उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान लागू की गई योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राइट टू फूड, राइट टू एजुकेशन और मनरेगा जैसी योजनाएं पिछली यूपीए सरकार की देन हैं। योजनाओं का नाम बदलने से उनकी मूल भावना नहीं बदलती। नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर सामने आ रही नाराजगी पर डोटासरा ने कहा कि राजनीति में हर व्यक्ति को टिकट मिलना संभव नहीं है। ऐसे में कुछ कार्यकर्ताओं और नेताओं का नाराज होना स्वाभाविक है। पार्टी नाराज लोगों से बातचीत करेगी और भविष्य में संगठन, बोर्ड-कॉरपोरेशन या अन्य जिम्मेदारियों में उचित सम्मान देने का प्रयास करेगी। राजस्थान की 309 नगर निकायों में करीब 11,500 पार्टी सिंबल दिए गए हैं, जो कांग्रेस के इतिहास में सबसे अधिक हैं। बड़ी संख्या में युवाओं और शिक्षित उम्मीदवारों को मौका दिया गया है। डोटासरा ने भीलवाड़ा में 14 पार्टी सिंबल जमा नहीं हो पाने के मामले की जांच कराने की बात कही। उन्होंने बताया कि कांग्रेस मामले में कमेटी बनाकर वास्तविक स्थिति की जांच करेगी। यदि प्रशासन की गलती सामने आती है तो पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी। उन्होंने ओसियां और मथानिया में भी भाजपा विधायक द्वारा कथित तौर पर पुलिस सुरक्षा के बीच नामांकन प्रक्रिया में पहुंचने का आरोप लगाया। डोटासरा ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। राजस्थान की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि ढाई साल में अपराध बढ़ा है और राज्य में कोई बड़ा नया विकास कार्य या प्रभावी नीति दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार पर केवल घोषणाएं और भाषण देने का आरोप लगाया।
नोएडा: शू फैक्ट्री में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड काबू पाने में जुटी

नोएडा। नोएडा के सेक्टर-63 स्थित जूता-चप्पल बनाने वाली फैक्ट्री में मंगलवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग की घटना सेक्टर-63 के प्लॉट नंबर जी-194 में स्थित फैक्ट्री में हुई। फैक्ट्री से अचानक धुआं उठने के बाद कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। फैक्ट्री के अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना नहीं है। देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने फैक्ट्री के आसपास सुरक्षा व्यवस्था संभालते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास तेज कर दिए। फैक्ट्री में जूता-चप्पल निर्माण का काम होने के कारण वहां मौजूद सामान और अन्य सामग्री के चलते आग के तेजी से फैलने की आशंका बनी रही। दमकल विभाग की टीम ने आग की लपटों को नियंत्रित करने के लिए लगातार पानी की बौछार की। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री के अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। आग लगने के कारणों का भी फिलहाल पता नहीं चल सका है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। दमकल विभाग की ओर से आग पूरी तरह बुझाए जाने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन सामने आने की उम्मीद है। सेक्टर-63 नोएडा का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। ऐसे में फैक्ट्री में आग लगने की घटना के बाद आसपास की औद्योगिक इकाइयों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। दमकल कर्मी यह सुनिश्चित करने में जुटे रहे कि आग दोबारा न भड़के और आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक इसकी लपटें न पहुंचें। फिलहाल दमकल विभाग की टीम आग पर पूरी तरह काबू पाने में जुटी हुई है। आग बुझने और फैक्ट्री को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही घटना में हुए कुल नुकसान और आग लगने के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने गाड़ी रुकवा कर सुनी वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत, महिला को दिया मदद का भरोसा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में एक बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री सुवेंद्रु अधिकारी की गाड़ी रुकवाई और उनसे वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पार्टी के जिला अध्यक्ष से कहा कि वे उस बुजुर्ग महिला के सभी दस्तावेज उनके ऑफिस भेजें। इसके बाद बुजुर्ग महिला स्वप्ना दास ने सुवेंदु अधिकारी के सिर पर हाथ रखकर उन्हें आशीर्वाद दिया। मंगलवार सुबह एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सुवेंदु अधिकारी का काफिला जेसोर रोड पर पहुंचा ही था कि भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच खड़ी 68 वर्षीय स्वप्ना दास ‘बाबा दराओ (रुको), बाबा दराओ’ कहते हुए सीएम के काफिले की ओर बढ़ने लगीं। बुजुर्ग महिला की आवाज सुनकर मुख्यमंत्री ने गाड़ी रुकवाई। जैसे ही उन्होंने कार की विंडो का शीशा नीचे किया गया, वह गाड़ी के पास पहुंच गईं। मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा, “मां, बताइए आप क्या कहना चाहती हैं? बुजुर्ग महिला ने कहा, “मुझे अन्नपूर्णा भंडार से पैसे नहीं मिलते।” जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “आपको अन्नपूर्णा योजना से नहीं, बल्कि वृद्धावस्था पेंशन योजना (बृद्धोख्या भत्ता) के तहत पैसे मिलेंगे। मैं वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत आपके भत्ते का पूरा इंतजाम करूंगा।” यह सुनकर बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री के सिर को छुआ और उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा, “मुझे पैसे नहीं, आप मिल गए बाबा, मेरा दिल भर आया है।” इसके बाद मुख्यमंत्री ने पास ही खड़े पार्टी के बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष राजीव पोद्दार को आदेश दिया कि वे वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़े सभी दस्तावेज उन तक पहुंचा दें। पता चला है कि 68 वर्षीय स्वप्ना दास मध्यमग्राम नगरपालिका के वार्ड नंबर आठ में श्रीनगर बाजार से सटे इलाके में रहती हैं। उनके पति उन्हें 12 साल पहले छोड़कर चले गए थे। उनका एक ही बेटा, शुभजीत दास (31) है। उसने एम.ए. किया है, लेकिन उसे कोई नौकरी नहीं मिली है। हालांकि, दुर्भाग्य से शुभजीत अब बहुत बीमार है और पूरी तरह से बिस्तर पर है। स्वप्ना के एक रिश्तेदार आर्थिक रूप से उनकी मदद करते हैं। इससे मां और बेटे को किसी तरह अपना गुजारा करने में मदद मिलती है। उन्हें उम्मीद थी कि बुढ़ापा पेंशन मिलने से उनकी कुछ परेशानियां हल हो जाएंगी। हालांकि, नगरपालिका में बार-बार अर्जी देने के बावजूद कोई फायदा नहीं हुआ। आज यह बुजुर्ग महिला यह सुनकर वहां आई कि सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम आ रहे हैं। वह मीटिंग वाली जगह से बाहर निकलने के रास्ते पर खड़ी थीं और मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बेबसी के बारे में बताना चाहती थीं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया क्योंकि उनके पास कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र नहीं था। आखिरकार, जब मुख्यमंत्री का काफिला वहां से निकला तो बुजुर्ग महिला ने भीड़ में से अपना हाथ उठाया और आगे बढ़ती रहीं। बुजुर्ग महिला इस बात से खुश हैं कि मुख्यमंत्री ने उनकी बात सुनी और मदद का भरोसा दिलाया। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ने मुझे भरोसा दिलाया कि वे इसके लिए इंतजाम करेंगे। मैं उन्हें आशीर्वाद दे पाई। इससे मैं बहुत भावुक हूं। मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री और अच्छा काम करेंगे।
पीएम मोदी ने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के नेताओं को भारतीय विरासत से जुड़े खास उपहार भेंट किए

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की 26वीं बैठक में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा उनके परिवार के सदस्यों को भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, संगीत और हस्तशिल्प परंपरा से जुड़े विशेष उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति को प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और विद्वान बिबेक देबरॉय द्वारा अंग्रेजी में अनूदित महाभारत का 10 खंडों का संपूर्ण संस्करण भेंट किया। यह महाकाव्य धर्म, न्याय, कर्तव्य, नैतिकता और राज्यकला जैसे विषयों पर आधारित भारत की सांस्कृतिक और दार्शनिक धरोहर का प्रतीक है। इसे किर्गिस्तान के महाकाव्य ‘मानस’ से सांस्कृतिक समानता के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा राष्ट्रपति को लद्दाख का पारंपरिक ‘त्सुग-दुल’ ऊनी कंबल भी भेंट किया गया। स्थानीय ऊन से तैयार यह कंबल रंग-बिरंगे ज्यामितीय और पुष्पीय डिजाइनों के लिए प्रसिद्ध है और लद्दाख की घुमंतू एवं पशुपालक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है। यह किर्गिस्तान की पर्वतीय और खानाबदोश परंपराओं से भी जुड़ाव दर्शाता है। किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री को डोकरा कला से निर्मित पारंपरिक संगीतकारों की जोड़ी भेंट की गई। यह प्राचीन ‘लॉस्ट-वैक्स’ धातु ढलाई तकनीक से तैयार हस्तशिल्प भारतीय लोककला और संगीत परंपरा का प्रतीक है तथा दोनों देशों की लोक संगीत विरासत को जोड़ने वाला सांस्कृतिक संदेश देता है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को चंदन की लकड़ी से बनी शततंत्री वीणा (संतूर) भेंट की गई। जम्मू-कश्मीर की संगीत परंपरा से जुड़ा यह वाद्य उज्बेकिस्तान के पारंपरिक ‘चांग’ वाद्य से काफी मिलता-जुलता है और दोनों देशों की साझा संगीत विरासत को दर्शाता है। राष्ट्रपति को लकड़ी के नक्काशीदार बॉक्स में कांगड़ा की प्रीमियम चाय भी दी गई, जिसमें कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी शामिल हैं। हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी की यह चाय अपनी सुगंध, हल्के स्वाद और विशिष्ट हिमालयी पहचान के लिए जानी जाती है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पत्नी को आगरा की संगमरमर जड़ाई वाली पेटी और वाराणसी की बनारसी सिल्क स्टोल भेंट की गई। यह उपहार भारत की दो प्रतिष्ठित हस्तशिल्प परंपराओं का सुंदर संगम है। वहीं, राष्ट्रपति की बेटी को फाइन सिल्वर ब्रोच भेंट किया गया, जिसमें फूलों की आकृति, जालीदार नक्काशी और बारीक धातु शिल्प भारतीय आभूषण कला की उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्री को संगमरमर जड़ाई वाली सजावटी प्लेट भेंट की। आगरा की पारंपरिक पत्थर जड़ाई कला से तैयार इस प्लेट पर नीले, हरे और लाल रंगों के पुष्पीय डिजाइन बनाए गए हैं, जो भारत और उज्बेकिस्तान की साझा कलात्मक विरासत और उत्कृष्ट शिल्पकला का प्रतीक हैं।
आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ना खुद और धर्म के साथ भी अन्याय : सलमान खुर्शीद

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को आतंकवाद और धर्म को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। सलमान खुर्शीद ने आईएएनएस से बात करते हुए यहां तक कहा कि आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ना खुद और धर्म के साथ भी अन्याय के समान है। नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह बात तो बहुत साफ है कि आतंकवाद का किसी मजहब या किसी धर्म से कोई ताल्लुक नहीं है। जो समझता है कि धर्म का ताल्लुक आतंकवाद से है, वह न तो धर्म को समझता है और न ही आतंकवाद को समझता है। इसलिए अगर आप आतंकवादी को किसी मजहब से जोड़ेंगे, तो आप इतना बड़ा अन्याय अपने आप के साथ भी करेंगे और धर्म के साथ भी करेंगे। आतंकवादी तो आतंकवादी होता है, वह कभी धार्मिक तो हो ही नहीं सकता। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई टलने पर कहा कि निचली अदालतों में बहस हो रही है। सभी जानते हैं कि केस में सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने फैसला किया था और कहा था कि जब 6 साल पूरे होंगे, तो उसके बाद आपकी बेल पर जरूर कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट की एक और बेंच ने कहा कि ऐसा करना शायद सही नहीं था, अब बड़ी पीठ इस पर सुनवाई करेगी। आज नहीं तो कल, उनको बेल मिल ही जाएगी। यूपी चुनाव में कांग्रेस-सपा द्वारा माइनॉरिटी से बचने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं सपा के लिए कुछ नहीं कह सकता। हर पार्टी का अपना नजरिया होता है, अपना सिस्टम होता है। मैं अपनी पार्टी के लिए कह सकता हूं कि हमारी पार्टी में किसी किस्म की झिझक नहीं है। यह दूसरी बात है कि जब आप बात करते हैं और लोगों को बताते हैं कि आपको सभी लोगों को साथ लेकर चलना है, तब आप दलितों, महिलाओं और पिछड़े वर्गों की बात करते हैं, जिनमें मुसलमान भी शामिल हैं। जो भी कमजोर है और जिसे समाज में इंसाफ नहीं मिला है, हम उसकी बात करते हैं। कोई यह नहीं कह सकता कि आप तौल-तौलकर अलग-अलग वर्गों पर बोलें। माहौल देखकर कभी किसी के लिए कहा जाता है, कभी किसी के लिए। राहुल गांधी ने तो यहां तक कहा है कि आप माइनॉरिटी-माइनॉरिटी क्यों कहते हैं, अगर मुसलमान की बात करनी है तो सीधे मुसलमान कहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई नाराज है तो राहुल गांधी से बात कर लें। वह बात करने के लिए तैयार हैं। हर चीज का एक मौका और एक तरीका होता है। अगर किसी को शिकायत है तो अपनी बात कहे। अगर मुस्लिम महिला मतदाता उन तक नहीं पहुंच पा रही हैं, तो हमसे बात कर लें कि राहुल गांधी तक यह बात पहुंचाएं। वह इन बातों पर गौर करेंगे और जो प्रतिक्रिया देनी होगी, वह देंगे। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर कांग्रेस नेता ने कहा कि विवाद किस बात का है? कोई विवाद नहीं है। ऑफिशियल फंक्शन्स में सभी पद गाए जाने चाहिए। पारंपरिक रूप से हम लोग केवल दो पद गाते चले आ रहे हैं, ताकि किसी को ऐसा न लगे कि यह किसी विशेष वर्ग के लिए ही है। यह सबके लिए है, पूरे भारतवर्ष के लिए है, भारत के सभी लोगों के लिए है। जब वह परंपरा इतने सालों से चली आ रही थी, तो उसमें परिवर्तन की आवश्यकता क्या थी?
यमन में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में आईएस का प्रवक्ता ढेर

अदन। यमन सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकी संगठन का आधिकारिक प्रवक्ता अबू हुज़ैफा अल-अंसारी संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियान में मारा गया। यह अभियान यमनी सुरक्षा बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की विशेष बलों ने मिलकर चलाया। सरकारी टीवी चैनल सबा ने केंद्रीय राज्य सुरक्षा एजेंसी के हवाले से बताया कि अभियान का उद्देश्य अल-अंसारी को जीवित पकड़ना था, लेकिन कार्रवाई के दौरान वह मारा गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस अभियान में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की स्पेशल फोर्सेज को यमन की 22वीं काउंटर टेररिज्म यूनिट का सहयोग मिला। हालांकि, एजेंसी ने अभियान की जगह और अन्य परिचालन संबंधी जानकारी सार्वजनिक नहीं की। स्थानीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे दक्षिण-पूर्वी हदरमौत प्रांत के सैयून शहर में की गई। सुरक्षा बलों ने अल-हौटा इलाके के एक पुराने मिट्टी के मकान को निशाना बनाया, जहां अल-अंसारी ठहरा हुआ था। सूत्रों ने बताया कि अल-अंसारी अभियान में घायल होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाद में चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। इस कार्रवाई में मकान में मौजूद एक अन्य व्यक्ति भी मारा गया। अभियान के दौरान ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि छापेमारी के समय सैयून शहर में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष और अस्थिरता का फायदा उठाकर अल-कायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला और आईएस जैसे आतंकी संगठन देश के दक्षिणी और पूर्वी इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं। इस बीच यमन सरकार ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के पास स्थित सरकारी नियंत्रण वाले द्वीपों की ओर बढ़ रही हूती विद्रोहियों की चार विस्फोटकों से लदी नौकाओं को रोक लिया। सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, नौकाएं रणनीतिक हनिश और ज़ुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही थीं, जिन्हें यमनी नौसेना ने बीच रास्ते में रोक दिया। सैन्य सूत्रों का कहना है कि रविवार और सोमवार को भी हूती नौकाओं की गतिविधियां दर्ज की गई थीं। हालांकि, हूती समूह ने इन दावों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।