करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म ‘दायरा’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगी सच और धारणा की टक्कर

मुंबई। अभिनेत्री करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन स्टारर ‘दायरा’ के मेकर्स ने सोमवार को फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया। यह फिल्म सही और गलत के बीच की नैतिकता और समाज के पेचीदा पहलुओं को दर्शाती है। 2 मिनट 19 सेकंड का ट्रेलर सच्ची घटनाओं से प्रेरित अपराध की एक ऐसी कहानी है जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस घटना के बाद दो अलग-अलग जांच शुरू हो गई थीं। फिल्म में करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन दो सीनियर पुलिस अधिकारी की भूमिका में है, जो एक ही केस को अलग-अलग नजरिए से देखते हैं। ट्रेलर के साथ-साथ सस्पेंस भी आगे बढ़ता है और नए खुलासे सामने आते हैं। साथ ही केस को देखने का नजरिया बदल जाता है। इसके दमदार डायलॉग सच और न्याय पर सवाल उठाते हैं। फिल्म अपनी कहानी के जरिए सवाल पैदा करती है कि कैसे एक कहानी जल्दी ही फैसला बन जाती है? जब हर किसी की अपनी राय है, तो न्याय क्या है, ये कौन तय करेगा और जब हम सिर्फ देखने वाले हैं तो हम किस पर यकीन करेंगे? ट्रेलर में जितेंद्र जोशी, क्षिती जोग, कंवलजीत सिंह, संदीप कुलकर्णी और तृप्ति खामकर जैसे कलाकार भी नजर आते हैं। करीना और पृथ्वीराज के साथ ये सभी मिलकर कहानी में इमोशन और गहराई लाते हैं, जो अलग-अलग नजरियों, मुश्किल फैसलों और उनके अंजाम की कहानी है। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी फिल्म ‘दायरा’ का लेखन यश केसवानी, सीमा अग्रवाल और मेघना गुलजार ने किया है। वहीं, जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज मिलकर प्रोड्यूस करेंगे। सच्ची घटनाओं से प्रेरित, ‘दायरा’ जंगली पिक्चर्स और पेन स्टूडियोज के बीच पहला कोलैबोरेशन है। साथ ही, ‘तलवार’ और ‘राजी’ के बाद मेघना गुलजार का जंगली पिक्चर्स के साथ यह तीसरा कोलैबोरेशन है। यह फिल्म करीना कपूर खान और पृथ्वीराज सुकुमारन की एक साथ पहली फिल्म भी है। जंगली पिक्चर्स और डॉ. जयंतीलाल गडा (पेन स्टूडियोज) द्वारा प्रोड्यूस और पेन मरुधर द्वारा डिस्ट्रीब्यूटेड। यह फिल्म 18 सितंबर को हिंदी और मलयालम में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

राहुल गांधी पर एफआईआर के बाद कांग्रेस का भाजपा पर हमला, देशभर में प्रदर्शन का ऐलान

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। दरअसल राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उस स्थल पर हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का जिक्र किया था, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक रैली को संबोधित किया था। कांग्रेस ने कहा कि इस घटना में शामिल भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा चलाने की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ता सोमवार शाम देशभर में सड़कों पर उतरेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है, जबकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, राहुल गांधी जी की उस साहसिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन जिसमें उन्होंने खड़गे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की थी, उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। यह ठीक वैसा ही है जैसे दोषी व्यक्ति ही दूसरों पर दोष मढ़ने लगे।” वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना भाजपा की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उस व्यवहार का बचाव कर रही है, जिसे उन्होंने घोर जातिवादी आचरण बताया और पार्टी पर सामाजिक अन्याय को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। वेणुगोपाल ने कहा, “इससे भी बुरी बात यह है कि भाजपा खुले तौर पर इस घोर जातिवादी व्यवहार का बचाव कर रही है। इससे पूरी दुनिया के सामने यह स्पष्ट हो गया है कि आज सामाजिक अन्याय को बढ़ावा देने वालों में भाजपा सबसे आगे है। दलितों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हमला करने के लिए वह राज्य की पूरी ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों पर हमले का विरोध करेगी। उन्होंने पोस्ट किया, “भाजपा ने संविधान में निहित सामाजिक न्याय के मूल्यों पर हमला किया है और कांग्रेस इस हमले का डटकर मुकाबला करेगी। हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक खरगे जी के अपमान के असली दोषियों को सजा नहीं मिल जाती और राहुल जी के खिलाफ यह निराधार एफआईआर रद्द नहीं हो जाती।” वेणुगोपाल ने यह भी घोषणा की कि कांग्रेस कार्यकर्ता देशभर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने पोस्ट में कहा, “आज शाम देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर खड़गे का अपमान करने वाले भाजपा नेताओं पर मुकदमा चलाने की मांग करेंगे और सामाजिक न्याय के मूल्यों पर भाजपा के हमले के खिलाफ हमारे संविधान की रक्षा करेंगे।” पुलिस ने रविवार को बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने एआईसीसी प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जो विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए जानबूझकर कृत्यों से संबंधित हैं। पुलिस ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी इसमें शामिल की गई हैं। जवाहर नगर निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार ने हल्द्वानी पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वे “अनुष्ठान और स्वच्छता अभियान” के दौरान उपस्थित थे। उन्होंने दावा किया कि 29 अगस्त को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गांधी जी की टिप्पणियों से समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। कुमार ने गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस अनुष्ठान से जुड़े लोगों को “अस्पृश्यता” का अभ्यास करने वाले और “दलित विरोधी” के रूप में चित्रित किया। अपनी शिकायत में कुमार ने दावा किया कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते हैं और अनुसूचित जाति के सदस्यों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस अनुष्ठान में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि इस समारोह का खरगे की जाति से कोई संबंध नहीं है। यह राजनीतिक विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ व्यक्तियों ने 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ किया, जो मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा 8 अगस्त को उसी स्थान पर एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के तीन दिन बाद हुआ। कांग्रेस पार्टी ने इस घटना को भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता का प्रतिबिंब बताया है। हालांकि, भाजपा ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए दावा किया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद स्थल पर गंदगी फैली हुई थी और वहां ऐसे नारे लगाए गए थे जो एक धार्मिक स्थल के लिए अनुचित थे।

पंजाब: फतेहगढ़ चूड़ियां में शख्स पर बाइक सवार दो हमलावरों ने चलाई गोली, घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती

गुरदासपुर। पंजाब के गुरदासपुर जिले में एक शख्स पर जानलेवा हमला हुआ है। इस घटना में व्यक्ति के एक कंधे में गोली लगी। हालत गंभीर होने पर उसे अमृतसर रेफर किया गया है। फिलहाल, पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गुरदासपुर जिले के फतेहगढ़ चूड़ियां में अजनाला रोड पर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने व्यक्ति को रोककर गोली मारी। घायल की पहचान अमरजीत सिंह के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डीएसपी ललित कुमार और फतेहगढ़ चूड़ियां पुलिस स्टेशन के प्रमुख ने भी घटनास्थल की निरीक्षण किया। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पिछले दिनों पंजाब की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर को कथित तौर पर अपहरण के बाद पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया गया था। 26 अगस्त को चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज के दौरान मनजीत कौर की मौत हो गई। पीड़िता की मां की शिकायत के अनुसार, मनजीत कौर को 3 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में शराब की दुकान के पास दो परिचितों से मिलने के लिए बुलाया गया था। शिकायत में कहा गया कि आरोपियों ने कथित तौर पर मनजीत को जबरदस्ती कार में बिठाया और पंजाब के रूपनगर जिले के मोरिंडा ले गए। वहां, उन्होंने कथित तौर पर मनजीत कौर साथ मारपीट की, उन्हें पेड़ से बांध दिया और आग लगा दी। बताया जाता है कि बाद में एक दोस्त मौके पर पहुंचा था, जिसने कंबल से आग बुझाई। कौर को पहले मोरिंडा के एक अस्पताल ले जाया गया, फिर मोहाली ले जाया गया और बाद में जलने के गंभीर घावों के कारण 9 जुलाई को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। मनजीत कौर कई सप्ताह तक बेहोश रहीं। 5 अगस्त को उन्हें होश आया। हालांकि, फिर से उनकी हालत बिगड़ गई और 26 अगस्त को मौत हो गई।

अंकित बालियान हत्याकांड: डीजीपी बोले, शूटरों से आगे पूरी आपराधिक कड़ी तक पहुंचेंगे

लखनऊ। हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया। कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच केवल शूटरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हत्या की पूरी साजिश और उसके पीछे सक्रिय आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां भी खंगाली जाएंगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि अंकित बालियान शामली कोतवाली थाना क्षेत्र के नाला पटरी इलाके में स्थित एक फिटनेस जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल अंकित की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के पिता की तहरीर पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कई पुलिस टीमों का गठन किया गया। पुलिस के सामने दोहरी चुनौती थी—पहली, वारदात को अंजाम देने वाले शार्पशूटरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और दूसरी, इस हत्या के पीछे की पूरी आपराधिक साजिश तथा गैंग नेटवर्क का पता लगाना। डीजीपी के मुताबिक, पुलिस ने ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस के आधार पर 29 अगस्त को हत्याकांड में शामिल आरोपियों की पहचान कर ली थी। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को पुलिस की मुठभेड़ में दो आरोपी मोहित और सुमित मारे गए। राजीव कृष्ण ने कहा कि पुलिस को हत्याकांड में शामिल बाकी अपराधियों और उनके नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ शूटरों तक पहुंचना नहीं है। हम साजिशकर्ताओं की पूरी कड़ी तक पहुंचना चाहते हैं। जिन्होंने संसाधन मुहैया कराए, हथियारों की सप्लाई की, रेकी की या अपराधियों को पनाह दी, उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।” पुलिस के मुताबिक, सोमवार को आरोपियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मुठभेड़ के बाद आरोपियों के कब्जे से हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस तथा खोखे बरामद किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों को हत्याकांड से जोड़कर भी जांच कर रही है। डीजीपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्याकांड में गोगी गैंग की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हत्या से पहले अंकित की रेकी की गई थी और शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस कार्रवाई में शामिल शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम को दो लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह अभियान यहीं समाप्त नहीं हुआ है। डीजीपी ने कहा, “मैं आपके माध्यम से सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई यहीं समाप्त नहीं होती। इस अपराध की साजिश में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने साफ संदेश देते हुए कहा कि अपराधी प्रदेश की सीमा से बाहर बैठकर भी खुद को कानून की पहुंच से बाहर न समझें। पुलिस जरूरत के मुताबिक केंद्रीय एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रही है।

पीएम मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा को भाजपा सांसद ने बताया ऐतिहासिक, सुधांशु त्रिवेदी बोले-केंद्र सरकार में कालचक्र की गति बदली

नई दिल्ली। भारत-उज्बेकिस्तान यूरेनियम डील और पीएम मोदी के सम्मान को लेकर भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी की प्रतिक्रिया सामने आई है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान की यात्रा ऐतिहासिक रही है। पूरे देश को याद है कि यह वही ताशकंद है, जहां एक समय में हमारे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री रहस्यपूर्ण परिस्थितियों में सदा के लिए सो गए थे। माना जाता है कि उस समय कई ऐसी प्रतिगामी शक्तियां थीं, जो भारत की परमाणु ऊर्जा की आत्मनिर्भरता के पक्ष में नहीं थीं, जिसकी शुरुआत लाल बहादुर शास्त्री ने की थी। भाजपा सांसद ने कहा कि आज 60 वर्ष बाद उसी देश से हमारी परमाणु उर्जा की निरंतरता और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने यूरेनियम सप्लाई के लिए ऐतिहासिक समझौता किया है। यह समझौता भविष्य में भारत की उर्जा आवश्यकता के लिए एक मील का पत्थर है। यह भी दर्शाता है कि 60 वर्ष में कालचक्र की गति मोदी सरकार में पूरी तरह से बदल चुकी है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा में हमारी उर्जा आवश्यकता और रणनीतिक दृष्टि से यूरेनियम सप्लाई के अतिरिक्त व्यापार को एक बिलियन डॉलर से 2030 तक पांच बिलियन डॉलर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। व्यापारिक तौर से भी यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण है। इसी यात्रा में भारत के पुराने सांस्कृतिक संबंधों के दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय हुआ है। उज्बेकिस्तान के तमरेज क्षेत्र में भगवान बुद्ध के एक विहार के संरक्षण का दायित्व एएसआई ने लिया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर हिंदी के लिए 100 छात्रों के छात्रवृत्ति की व्यवस्था भारत सरकार की ओर से की गई है। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से ताशकंद यूनिवर्सिटी में संस्कृत चेयर की स्थापना की गई है। हम यह कह सकते हैं कि विश्व के सबसे बड़े मुस्लिम देश इंडोनेशिया के प्रम्बानन मंदिर के जीर्णोद्धार से लेकर उज्बेकिस्तान के तमरेज में बौद्ध विहार के संरक्षण तक यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सांस्कृतिक दृष्टि से प्राचीन संबंधों को जीवंत करते हुए हर राष्ट्र के साथ सांस्कृतिक संबंध स्थापित करने में सफल हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रणनीतिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विश्वमित्र के रूप में उभर रहा हो तो उनका सम्मान स्वाभाविक है। उज्बेकिस्तान ने भी अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को दिया है। यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत सम्मान नहीं है बल्कि हर भारतीय के लिए भारत की वैश्विक पहचान और राष्ट्रीय स्वाभिमान का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी को अब 36 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। यह भारत के लिए गौरव का विषय है और हर भारतीय के लिए गर्व एवं हर्ष का क्षण है।

योग में विशेष है ‘महामुद्रा’ का महत्व, शरीर ही नहीं मन को भी रखता है स्वस्थ

नई दिल्ली। भारतीय परंपरा में योगासन, प्राणायम और मुद्राओं का विशेष महत्व दिया गया है। यह शरीर को शारीरिक स्वस्थ्य रखने के साथ-साथ मन को एकाग्र, शांत और संतुलित बनाने में मदद करता है। योग की विभिन्न मुद्राओं में ‘महामुद्रा’ भी अपना विशेष स्थान रखता है। यह शरीर को स्वस्थ्य रखता है और तंत्रिका तंत्र को संतुलति व ऊर्जावान बनाता है। ‘महामुद्रा’ हठ योग की एक बेहद महत्वपूर्ण और प्राचीन अभ्यास तकनीक है, जिसे ‘महान मुद्रा’ भी कहा जाता है। ‘महामुद्रा’ में ‘महा’ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई है, जिसका अर्थ ‘हावभाव’, ‘मुद्रा’, या ‘मानसिक स्थिति’ बताया गया है। इसलिए, इस मुद्रा को ‘महान संकेत’ या ‘महान मुहर’ के नाम से भी जाना जाता है। योग ग्रंथों में ‘महामुद्रा’ को ‘अमृत का सोपान’ कहा गया है, जिसका अर्थ है कि यह अभ्यास शरीर के विषैले तत्वों को निकालकर नई ऊर्जा से भर देता है। आयुष मंत्रालय और योगिक परंपराओं के अनुसार, ‘महामुद्रा’ एक उन्नत हठयोग अभ्यास है, जो मानसिक शांति, शारीरिक ऊर्जा के संतुलन और आध्यात्मिक विकास के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। यह तनाव कम करने और रक्त परिसंचरण में सुधार में सहायक मानी जाती है। यह इडा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों के सामंजस्य का प्रतिनिधित्व करता है, जो आध्यात्मिक जागृति की ओर ले जाता है। इस आसन को करने से पाचन तंत्र से जुड़े सभी अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे वे ज्यादा सक्रिय और स्वस्थ होते हैं। साथ ही, यह मेटाबॉलिज्म यानी चयापचय क्रिया को तेज करता है, जिससे खाना अच्छे से पचता है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। यह पेल्विक फ्लोर, रीढ़ की हड्डी और जांघों के पीछे की मांसपेशियों (हैमस्ट्रिंग) को स्ट्रेच और मजबूती बनाती है, जिससे शरीर में लचीलापन और ताकत दोनों बढ़ते हैं। इसके अलावा, डायबिटीज को संतुलित करने में भी मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया संतुलित और ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है। हालांकि, इसे हमेशा खाली पेट (प्रातःकाल) करना चाहिए। उच्च रक्तचाप, ग्लूकोमा, गंभीर हर्निया, गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान इसका अभ्यास न करें। रीढ़ की हड्डी में गंभीर दर्द या समस्या होने पर किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करें।

जीएसटी 2.0 से भारतीय अर्थव्यवस्था को पश्चिमी एशिया युद्ध से आई अस्थिरता का सामना करने में मिली मदद: मारुति सुजुकी चेयरमैन

नई दिल्ली। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव ने सोमवार को कहा कि जीएसटी 2.0 से ऑटो सेक्टर के साथ अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर्स को फायदा हुआ है, जिससे देश को पश्चिमी एशिया युद्ध से आई अस्थिरता का मजबूती से सामना करने में मदद मिली है। कंपनी की वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा कि भारत की कार इंडस्ट्री का आकार 2031 में 63 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है और इस दौरान छोटी गाड़ियों का मार्केट बीते पांच वर्षों के मुकाबले तेजी से बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है और पश्चिम एशिया युद्ध के बुरे असर के बावजूद जीएसटी कलेक्शन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। भार्गव ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि अगर जीएसटी में सुधार नहीं किए गए होते, तो हम बीते मुश्किल महीनों में इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सरकार के अन्य सभी सदस्यों को इस “ऐतिहासिक सुधार” के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “इस सुधार ने दिखाया है कि इससे अर्थव्यवस्था में कितना बड़ा बदलाव आ सकता है। मैं राज्य सरकारों और केंद्र सरकार से अपील करूंगा कि वे सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ें, कारोबार करना आसान बनाने के प्रयास जारी रखें और ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें, क्योंकि इससे भ्रष्टाचार और देरी कम होती है।” उन्होंने आगे कहा, “जितनी तेजी से संपत्ति बनेगी, उतनी ही तेजी से सरकारी राजस्व भी बढ़ेगा। अगर सरकारी कार्यक्रम इसी तरह चलते रहे, तो देश में विकास ज्यादा समान रूप से होगा।” भार्गव ने बताया कि सुधारों से भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है, जिससे ज्यादा आर्थिक गतिविधियों के कारण रोजगार के ज्यादा अवसर पैदा होते हैं। मारुति सुज़ुकी का अनुमान है कि 2031 तक कार इंडस्ट्री का आकार 61 लाख से 63 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगा और कंपनी मांग में होने वाली इस बढ़ोतरी को पूरा करने के लिए अपनी प्रोडक्शन क्षमता बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी की इंस्टॉल्ड क्षमता 2026-27 के आखिर तक 29 लाख यूनिट और 2030-31 के आखिर तक 36.5 लाख यूनिट तक पहुंच जाएगी। भार्गव ने कहा, “हम यह सारा विस्तार इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हमारी अर्थव्यवस्था में विकास की बहुत संभावना है।” मारुति सुजुकी ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 31 तक के अगले पांच सालों के लिए अपना पूंजीगत खर्च बढ़ाकर 77,500 करोड़ रुपए कर दिया है।

बुंडेसलिगा: बोरुसिया डॉर्टमुंड को लगा बड़ा झटका, डेब्यू मैच में बुरी तरह चोटिल हुए जियानिस कॉन्स्टेंटेलियास

बर्लिन। बोरुसिया डॉर्टमुंड को बड़ा झटका लगा है। टीम के मिडफील्डर जियानिस कॉन्स्टेंटेलियास अपने बुंडेसलीगा डेब्यू मैच में गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। हैम्बर्ग के खिलाफ मैच के दौरान उनके बाएं घुटने का क्रूसिएट लिगामेंट (एसीएल) फट गया। यह घुटने की गंभीर चोट मानी जाती है, जिसके कारण उन्हें कई महीनों तक मैदान से बाहर रहना पड़ सकता है। क्लब ने इस चोट की पुष्टि की है। 23 वर्षीय ग्रीक मिडफील्डर जियानिस कॉन्स्टेंटेलियास को शनिवार को हैम्बर्ग के खिलाफ 2-0 की जीत के दौरान गंभीर चोट लग गई। मैच के 52वें मिनट में मिडफील्ड में एक चुनौती के दौरान यह चोट लगी और उन्हें तुरंत मैदान छोड़ना पड़ा। ‘सिन्हुआ’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह झटका तब लगा जब कॉन्स्टेंटेलियास ने डॉर्टमुंड के लिए अपने पहले लीग मैच में ही शानदार शुरुआत की थी और पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में क्लब के लिए अपना पहला गोल किया था। डॉर्टमुंड के स्पोर्टिंग चीफ लार्स रिकेन ने कहा कि नए खिलाड़ी की शानदार शुरुआत के बाद यह चोट एक बड़ा झटका है। रिकेन ने कहा, “यह खबर हमारे लिए बहुत दुखद है क्योंकि जियानिस ने बहुत कम समय में ही दिखा दिया है कि हम उन्हें बोरुसिया डॉर्टमुंड के लिए एक बेहतरीन खिलाड़ी क्यों माने जाते हैं।हालांकि, अभी उनका और हमारा ध्यान उनके ठीक होने पर होना चाहिए। जियानिस को हमारा पूरा समर्थन है।” इस चोट के कारण डॉर्टमुंड को अपने विकल्पों पर विचार करना पड़ रहा है, क्योंकि जर्मन ट्रांसफर विंडो मंगलवार को बंद होने वाली है। कोच निको कोवाक ने हैम्बर्ग मैच के बाद ही संकेत दिया था कि क्लब ट्रांसफर मार्केट में कोई कदम उठाने पर विचार करेगा, लेकिन उन्होंने यह पक्का नहीं कहा कि कोई और खिलाड़ी साइन किया ही जाएगा। कोवाक ने कहा, “हमें इस पर कुछ सोचना होगा। हमें देखना होगा कि अभी क्या संभव है। हमें नहीं पता कि हम कुछ करेंगे या नहीं। हालांकि, कम से कम हम इस पर विचार जरूर करेंगे। इतना तो तय है।” कॉन्स्टेंटेलियास की अनुपस्थिति डॉर्टमुंड के लिए शुरुआती झटका है, क्योंकि ग्रीक मिडफील्डर ने बुंडेसलिगा में अपने डेब्यू मैच में गोल किया था, लेकिन चोट के कारण वह ज्यादा देर तक ग्राउंड पर नहीं रहे। क्लब ने उनके लौटने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई, बस इतना कहा कि वे कई महीनों तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। डॉर्टमुंड ने कहा कि उनकी तत्काल प्राथमिकता अब कॉन्स्टेंटेलियास को उनके रिहैबिलिटेशन और घुटने की गंभीर चोट से उबरने में मदद करना है।

घर का खाना खाने के बाद भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, इन वजहों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली। कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले बाहर का खाना, बर्गर, पिज्जा, समोसा और ज्यादा तेल वाली चीजें आती हैं। यही वजह है कि बहुत से लोग मानते हैं कि अगर वे घर का खाना खा रहे हैं तो उनका कोलेस्ट्रॉल कभी नहीं बढ़ सकता। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। घर का बना खाना सेहत के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन खाने के साथ-साथ हमारी रोज की आदतें भी शरीर पर असर डालती हैं। कई बार अच्छी डाइट लेने के बाद भी रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आ सकता है। इसकी वजह ज्यादा वजन, कम चलना-फिरना या खाने में कुछ चीजों की ज्यादा मात्रा हो सकती है। कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए पूरी तरह खराब नहीं होता। हमारे शरीर को इसकी थोड़ी मात्रा की जरूरत होती है। यह शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करता है। परेशानी तब शुरू होती है जब खून में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो जाती है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर खून की नसों में धीरे-धीरे चर्बी जैसी परत जमा होती है। इससे आगे चलकर दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की वजह उनकी जीवनशैली से ज्यादा उनके जीन हो सकते हैं। अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। कुछ आनुवंशिक स्थितियों में शरीर एलडीएल को खून से हटाने में ठीक से काम नहीं करता और व्यक्ति की डाइट अच्छी होने के बावजूद कोलेस्ट्रॉल काफी बढ़ा रह सकता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। घर का खाना पौष्टिक होता है, लेकिन उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों की मात्रा भी मायने रखती है। घी, मक्खन, मलाई और कुछ दूसरे पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है। इनका जरूरत से ज्यादा सेवन एलडीएल को बढ़ा सकता है। इसलिए खाना बनाते समय कुल फैट और उसकी गुणवत्ता दोनों पर ध्यान देना चाहिए। पूरी, पकौड़े, कचौड़ी या दूसरे डीप-फ्राइड व्यंजन अगर कभी-कभार खाए जाएं तो बात अलग है, लेकिन इन्हें रोज के भोजन का हिस्सा बनाना वजन और हृदय स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। अगर इसके साथ आप दिनभर कम चलते-फिरते हैं, तो वजन बढ़ने की संभावना भी बढ़ सकती है। इसलिए खाना घर का है या बाहर का, इसके साथ यह भी देखना जरूरी है कि उसे किस तरह बनाया गया है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है। कोलेस्ट्रॉल को ठीक रखने के लिए सिर्फ तेल कम करना काफी नहीं है। खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, ओट्स, जौ, बीन्स और दाल जैसी चीजें भी होनी चाहिए। इनमें फाइबर पाया जाता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। अगर आपकी रोज की थाली में सब्जियां और फल बहुत कम हैं और मैदा, सफेद ब्रेड, बिस्किट या दूसरे पैकेट वाले खाने की मात्रा ज्यादा है, तो डाइट संतुलित नहीं मानी जाती। आपका खाना घर का है लेकिन अगर दिन का ज्यादातर समय बैठे हुए गुजरता है तो सिर्फ डाइट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि वजन को नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद करती है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी गतिविधियां रोज की दिनचर्या में शामिल की जा सकती हैं।

बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी स्मारक पर चढ़ाए फूल, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, गूंजे ‘वंदे मातरम’ के नारे

बिश्केक। उज्बेकिस्तान की सफल यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे। बिश्केक में भारतीय समुदाय ने ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पीएम मोदी ने महात्मा गांधी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद उत्साह और गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान ‘वंदे मातरम’ के नारों से माहौल गूंज उठा। भारतीय समुदाय के लोगों के साथ यह आत्मीय मुलाकात किर्गिस्तान में रहने वाले भारतीयों के गर्व, लगाव और भारत से उनके मजबूत रिश्ते को दर्शा रहा था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिज गणराज्य के बिश्केक में महात्मा गांधी स्मारक पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में ल‍िखा, ”सोमवार सुबह बिश्केक में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गांधी जी के विचारों का हमारे मन पर हमेशा गहरा और अनोखा असर रहेगा।” इससे पहले रविवार को बिश्केक पहुंचने पर मानस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन आदिलबेक कासिमालिएव ने पीएम मोदी का स्वागत किया। मध्य एशियाई देश की इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे। यात्रा से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत 2017 से एससीओ का एक सक्रिय और रचनात्मक सदस्य रहा है। मैं सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर आधारित इस क्षेत्र के लिए भारत के विजन को आगे बढ़ाने और आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी बुराइयों से मुक्त क्षेत्र के लिए साथी सदस्यों के साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं, जो हमारे पड़ोस और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए खतरा बने हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, मैं राष्ट्रपति सादिर जापारोव (किर्गिस्तान) और एससीओ के अन्य नेताओं से मिलने और छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए भी उत्सुक हूं। यह मध्य एशिया की समृद्ध जीवित विरासत का उत्सव है, जिसका भारत बहुत सम्मान करता है। मुझे विश्वास है कि यह यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगी, इस क्षेत्र के साथ हमारे सभ्यतागत संबंधों को गहरा करेगी और शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए हमारे साझा प्रयासों को आगे बढ़ाएगी।