थिरुवोणम के दिन पलक्कड़ रेल डिवीजन के बंटवारे के विरोध में भूख हड़ताल पर कांग्रेस सांसद

पलक्कड़। मलयाली लोगों के लिए साल के सबसे अहम दिन जब पूरे केरल में परिवार पारंपरिक ओणम दावत का आनंद लेते हैं, तब उत्तरी केरल के कांग्रेस सांसद भूख हड़ताल पर रहेंगे। वे पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के प्रस्तावित पुनर्गठन का विरोध करने के लिए 26 तरह के व्यंजनों वाली थिरुवोणम साद्य (दावत) के बजाय विरोध-प्रदर्शन को चुन रहे हैं। यूडीएफ ने रेलवे बोर्ड के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिसके तहत मंगलुरु स्टेशन समेत कई इलाकों को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर साउथ वेस्टर्न रेलवे के मैसूरु डिवीजन में ट्रांसफर किया जा रहा है। सांसदों ने बुधवार सुबह भूख हड़ताल शुरू की और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने यह फैसला कर्नाटक में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर लिया है। यह विरोध-प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि यह केरल के सबसे बड़े त्योहार थिरुवोणम के दिन हो रहा है, जब पारंपरिक साद्य (दावत) पारिवारिक जश्न का मुख्य हिस्सा होती है। सांसदों का इस शानदार दावत को न खाने का फैसला, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ द्वारा केरल के रेलवे हितों के लिए एक बड़ा झटका माने जाने वाले कदम के खिलाफ विरोध का एक प्रतीकात्मक तरीका माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रेलवे बोर्ड के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इतने अहम फैसले से पहले केरल सरकार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया, जबकि इस फैसले का राज्य के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के विकास की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इस विवाद के केंद्र में आर्थिक असर का मुद्दा है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से मैसूरु डिवीजन को सालाना 500-600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होगी, जबकि पलक्कड़ डिवीजन को पनामबूर और दूसरे इलाकों के हाथ से निकल जाने के कारण सालाना करीब 1,100 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। पलक्कड़ डिवीजन मुख्य रूप से माल ढुलाई (फ्रेट ट्रैफिक) पर निर्भर है, जिससे उसे लगभग 90 प्रतिशत कमाई होती है। मंगलुरु सेंट्रल और मंगलुरु जंक्शन के हाथ से निकल जाने से उसकी यात्री आय पर भी असर पड़ेगा। यूडीएफ का तर्क है कि भले ही कुल मिलाकर रेलवे को कमाई का नुकसान न हो, क्योंकि कमाई असल में एक डिवीजन से दूसरे डिवीजन में चली जाएगी, लेकिन केरल को कमाई और रणनीतिक रूप से अहम रेलवे नेटवर्क पर अपने प्रभाव, दोनों का नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे भी बड़ी चिंता पलक्कड़ डिवीजन के भविष्य को लेकर है। कमाई वाले इलाके का एक बड़ा हिस्सा दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाने के कारण, यूडीएफ को डर है कि इसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है और आखिरकार इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठ सकते हैं। इसलिए, कांग्रेस सांसदों के लिए यह थिरुवोणम ‘साद्य’ (पारंपरिक दावत) के बारे में नहीं है। यह एक राजनीतिक संदेश देने के बारे में है, भले ही इसके लिए उन्हें उस दावत को छोड़ना पड़े जो केरल में एकजुटता के जश्न का प्रतीक है।
एच1एन1 को लेकर घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत: डॉ. नीलम लेखी

नई दिल्ली। दिल्ली में एच1एन1 वायरस के बढ़ते मामलों पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम लेखी ने चिंता जताई। उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन राजधानी में मेडिकल प्रैक्टिशनर और एलोपैथिक मेडिकल प्रैक्टिशनर की सबसे बड़ी बॉडी है। आजकल इन्फ्लुएंजा (एच1एन1) वायरस जिस प्रकार से दिल्ली-एनसीआर में फैल रहा है और ज्यादा संख्या में लोग इससे ग्रसित हो रहे हैं, इसके लिए हम लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित हैं। एच1एन1 वायरस जिस प्रकार से फैल रहा है, इसके लिए हमने बुधवार को एक मैसेज जारी किया है, ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़े और इसी के साथ इसकी रोकथाम की जा सके। एडवाइजरी के तौर पर उन्होंने बताया कि यह फ्यू सांस के माध्यम से एक-दूसरे में फैल रहा है। ऐसे में अगर आप किसी सार्वजनिक जगह पर जा रहे हैं तो मास्क जरूर लगाएं। समय-समय पर हाथों को साफ करते रहें। छींकते या खांसते समय रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और समय-दर-समय उसे बदलते रहें। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, उन्होंने लोगों को सार्वजनिक जगहों पर जाने से परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब बहुत जरूरी हो तभी भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाएं। इसी के साथ उन्होंने खासतौर पर ऐसे लोगों को मास्क लगाने के साथ हाइजीन का ध्यान रखने की सलाह दी है, जिनका काम लोगों के इर्द-गिर्द होता है। वहीं, जिन लोगों को थोड़ा सा भी अपने अंदर एच1एन1 का लक्षण नजर आ रहा है, उन्होंने उन्हें डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी है। ऐसे लोगों को डॉक्टर ने ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, अपने आप को हाइड्रेट रखने, पूरी नींद लेने, घर का खाना खाने और रेस्पिरेटरी हाइजीन का खास ध्यान रखने को कहा है। डॉ. नीलम लेखी ने आगे कहा कि आप लोगों से बात करते समय कम से कम 2 हाथ की दूरी जरूर से बनाकर रखें। वहीं, जिन लोगों को खांसी, जुकाम, बुखार, गला खराब, पेट खराब, सिर दर्द, शरीर में दर्द, आदि जैसी समस्या है, वे जरूर से अपना टेस्ट कराएं। उन्होंने कहा कि एच1एन1 वायरस को लेकर घबराने वाली कोई बात नहीं है, लेकिन लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बुधवार शाम की है, जब अंकित जिम से निकल रहे थे। शामली पुलिस ने बताया कि डायल 112 के जरिए सूचना मिली कि बंटीखेड़ा निवासी मृतक अंकित बालियान को जिम से निकलते समय 3-4 अज्ञात लोगों ने गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही शामली कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया, “शाम को करीब 7 बजे सूचना प्राप्त हुई कि अंकित बालियान कोतवाली शहर में एक जिम में एक्सरसाइज करने आते थे, जैसे ही वह वहां से निकले, उन्हें गोली मारी गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार चार लड़के थे, जो दो बाइक पर आए थे। हम मामले की जांच कर रहे हैं। मौके से हमें दो-तीन खोखे मिले थे। पूरी टीम मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान की जा रही है।” पुलिस के अनुसार, पूछताछ में जानकारी मिली है कि गायक सोनीपत में रहकर गाने बनाता था, लेकिन वहां पर विवाद होने के बाद यहां भाग कर आ गया था। ऐसे में संभावना है कि यह पूरा मामला हरियाणा और सोनीपत से जुड़ा हुआ है। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है और हरियाणा पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। घटना के जल्द खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। मौके पर मौजूद जिम संचालक रवि शर्मा ने आईएएनएस को बताया, “हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान करीब 8 महीने से हमारे जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। हर दिन की तरह वो यहां से एक्सरसाइज करके चले गए थे, लेकिन कुछ ही दूरी पर करीब 4 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और पैदल भाग गए। गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। करीब 20 राउंड गोली चलाई गई।” मृतक के परिचित सतबीर सिंह ने कहा, “हमलावर के बारे में कुछ नहीं पता है। जिन्होंने हत्या की है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। हमारा धरना जारी रहेगा। बालियान का हरियाणा से संपर्क था, वहीं के लोगों से बोलचाल थी, यहां पर उसकी कोई बोलचाल नहीं थी।” फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की जा रही है। इलाके में इस हत्या से दहशत का माहौल है।
बिहार: नेपाल की बाढ़ का पानी गंडक बैराज पहुंचा, स्थिति सामान्य रहने के आसार

पटना। नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुंच सकता है, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी। विभाग ने बताया कि गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक रहने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद विभाग की ओर से बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं, वर्ष 2024 में 28 सितंबर को गंडक में जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक तक पहुंच गया था। इन आंकड़ों की तुलना में इस बार संभावित अधिकतम जलश्राव काफी कम रहने का अनुमान है। विभाग ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि घबराएं नहीं, सतर्क रहें। बता दें कि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।
नेपाल बाढ़: भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाएं भेजीं

नई दिल्ली। प्राकृतिक आपदाओं में पहले मददगार (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) की अपनी भूमिका निभाते हुए भारत ने बुधवार को नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री और आवश्यक दवाएं भेजीं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नेपाल में बाढ़ से निपटने के लिए 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दवाएं रवाना की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस त्रासदी में जान गंवाने वालों के परिजनों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं और इस कठिन समय में भारत नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमान राहत सामग्री लेकर नेपाल के लिए रवाना हुआ। इसमें अस्थायी आश्रय सामग्री, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। भारतीय वायु सेना ने एक्स पर लिखा कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद तुरंत एक सी-130जे विमान भेजा है, जिसमें 10 टन ज़रूरी राहत सामग्री और मेडिकल सप्लाई है। वायु सेना ने लिखा, ”सी-17 और सी-130 विमानों के ज़रिए और राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी, और बचाव व लोगों को सुरक्षित निकालने के कामों के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं। आसमान से ज़मीन तक, तेज़ी, फुर्ती और सटीकता के साथ काम करते हुए, सबसे ज़्यादा ज़रूरत के समय उम्मीद पहुंचाना।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि भारत के लोग इस कठिन घड़ी में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत राहत और बचाव कार्यों के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है और दोनों देशों की टीमें समन्वय के साथ काम कर रही हैं। उधर, नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने कहा कि त्रासदी का दायरा बहुत बड़ा है और कई विदेशी नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। फिलहाल प्राथमिकता खोज एवं बचाव अभियान चलाकर लोगों की जान बचाने और प्रभावितों तक सहायता पहुंचाने की है। बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद कई लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है।