एम्स नई दिल्ली ने रेटिना ट्रेनिंग मॉड्यूल लॉन्च किए

नई दिल्ली। भारत में रेटिना से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए डॉ राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र आरपीसी एम्स नई दिल्ली ने आजनेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटर में मॉड्यूलेटेड रेटिना ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया। यह अपनी तरह का पहला केंद्र है जिसका उद्देश्य पूरे भारत में रेटिना की देखभाल से जुड़ी क्लिनिकल क्षमताओं को मजबूत करना है। रोश इंडिया हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के साथ साझेदारी में विकसित यह प्लेटफॉर्म एम्स में उपलब्ध क्लिनिकल और शैक्षणिक विशेषज्ञता को स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की आरआईएचआई की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ता है। इसका उद्देश्य रेटिना से जुड़ी बीमारियों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण रिसर्च और इनोवेशन का ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे बड़े स्तर पर अपनाया और आगे बढ़ाया जा सके। इस प्रोग्राम के केंद्र में अत्याधुनिक रेटिना स्किल लैब कोर कॉम्प्रिहेंसिव रेटिनल एजुकेशन है जो हाई रिज़ॉल्यूशन ओसीटी फंडस कैमरों और विशेष माइक्रोस्कोप जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है ताकि मॉड्यूल के आधार पर रेटिना से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा सके। नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटरका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े100 से अधिक ऑप्थैल्मोलॉजिस्टको प्रशिक्षित करना है। ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को आठ मॉड्यूल में तैयार किया गया एक व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण को इस तरह तैयार किया गया है कि डॉक्टर रेटिना से जुड़ी बीमारियों की शुरुआती पहचानए सही डायग्नोसिस और बेहतर प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से कर सकें। डॉ राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र एम्स नई दिल्ली में ऑप्थैल्मोलॉजी की प्रमुख एवं प्रोफेसर डॉ राधिका टंडन ने कहा श्विशेषज्ञों की उपलब्धता में कमी को देखते हुए रेटिना की देखभाल से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है। रेटिना की बेहतर देखभाल के लिए मेडिकल विशेषज्ञता के साथ-साथ क्लिनिकल कौशल और व्यावहारिक क्षमताओं को भी विकसित करना आवश्यक है। इसके लिए ऐसे प्रशिक्षित विशेषज्ञों की जरूरत है जो बीमारी की शुरुआती पहचान कर सकें सही डायग्नोसिस कर सकें और उचित देखभाल प्रदान कर सकें। आरपी सेंटरए एम्स के नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट लैब में मॉड्यूलेटेड रेटिना ट्रेनिंग प्रोग्रामके माध्यम से ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को व्यवस्थित व्यावहारिक प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इससे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी और पूरे देश में रेटिना की देखभाल की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। हमारा उद्देश्य विशेषज्ञ केंद्रों से आगे भी प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना और विशेष रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में काम करने वाले सामान्य ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट को रेटिना से जुड़ी बीमारियों की पहचान सही डायग्नोसिस और प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है। इससे जमीनी स्तर पर हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और भारत में रोकी जा सकने वाली दृष्टि हानि को कम करने में मदद मिलेगी।रेटिना से जुड़े विकार भारत मेंस्थायी रूप से दृष्टि कमजोर होने या खोने के प्रमुख कारणोंमें शामिल हैं। इन बीमारियों का बढ़ता बोझ और इसके साथ ही रेटिना विशेषज्ञों तथा आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी यह दर्शाती है किरेटिना की देखभाल के क्षेत्र में डॉक्टरों के कौशल और क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।देश में रेटिना विशेषज्ञों की सबसे बड़ी संस्थाविट्रियो.रेटिना सोसाइटी ऑफ इंडिया के अनुसार भारत में केवल लगभग 1700 रेटिनोलॉजिस्ट हैं जो रेटिना से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।डायबिटिक रेटिनोपैथी और उम्र से संबंधित मैक्युलर डिजनरेशनजैसी बीमारियों के लिए मेडिकल रेटिना ट्रेनिंग से सामान्य ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट की क्षमता काफी बढ़ेगी और वे देशभर में इन रेटिना संबंधी बीमारियों से प्रभावित मरीजों की बेहतर देखभाल और प्रबंधन कर सकेंगे। यह पहल क्लिनिकल उत्कृष्टता और कौशल विकास को आगे बढ़ाने की एम्स नई दिल्ली की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमताओं और पहुंच को बढ़ाने में भी मदद करेगी। आरआईएचआई की निदेशक और रोश फार्मा इंडिया की एमडी एवं सीईओ राज्जी मेहदवान ने कहा रेटिना से जुड़ी बीमारियां देश के लिए एक ऐसी गंभीर समस्या हैं जिस पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता। भारत में आज भी प्रशिक्षित रेटिना विशेषज्ञों और ऐसे कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता में बड़ी कमी है जो बीमारी की शुरुआती पहचान और समय पर उसके बेहतर प्रबंधन में मदद कर सकें। ऐसे में एम्स के साथ इस तरह की साझेदारी महत्वपूर्ण बदलाव लाने में मदद कर सकती है। एक भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवा भागीदार के रूप में आरआईएचआईको एम्स के साथ मिलकर देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी क्षमताओं को मजबूत करने और मरीजों की देखभाल को बेहतर बनाने पर गर्व है।नेशनल रेटिना स्किल डेवलपमेंट सेंटरक्लिनिकल उत्कृष्टता को बड़े स्तर पर व्यावहारिक कौशल में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। हमें ऐसी पहल का समर्थन करने पर गर्व हैए जो भारत में रेटिना की देखभाल से जुड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत कर सकती है और रोकी जा सकने वाली दृष्टिहीनता के बोझ को कम करने में मदद कर सकती है।  

आइस मेक रेफ्रिजरेशन का एफवाई 27 में राजस्व 60 प्रतिशत बढ़ा

नई दिल्ली। आइस मेक रेफ्रिजरेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की है। 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व 60.4 प्रतिशत बढक़र 178.88 करोड़ रुपए हो गया जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 111.50 करोड़ था। यह प्रदर्शन कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में दर्ज किए गए 668.20 करोड़ के अब तक के सर्वाधिक वार्षिक राजस्व के बाद आया है। चंद्रकांत पी. पटेल, चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, आइस मेक रेफ्रिजरेशन लिमिटेड ने कहा एफवाई 27 की शुरुआत हमारे लिए मजबूत राजस्व वृद्धि के साथ हुई है। कारोबार में पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। साथ ही हमारा ध्यान लाभप्रदता में सुधार और यह सुनिश्चित करने पर है कि कंपनी द्वारा किए गए निवेश आगे बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज में परिवर्तित हों। हमने विनिर्माण क्षमताओंए उत्पादों डिजिटलीकरण और प्रतिभाओं में निवेश किया है ताकि कंपनी के अगले विकास चरण के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जा सके। हमारा फोकस आगे बेहतर क्षमता उपयोग और अनुशासित पूंजी आवंटन पर रहेगा। आइस मेक की विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम जापान की गैलीलई होल्डिंग्स के साथ प्रस्तावित रणनीतिक साझेदारी है। गैलीलई में सूचीबद्ध जापानी कंपनी है। प्रस्तावित लेनदेन के तहत गैलीलई होल्डिंग्स आइस मेक में 180 करोड़ का निवेश करेगी जो प्रेफरेंशियल इश्यू के माध्यम से होगा। इसके अलावा आइस मेक अन्य निवेशकों से 10 करोड़ जुटाएगी।

एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव को लेकर जलमंत्री और डीजेबी सीईओ को लिखा पत्र

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने पश्चिमी पटेल नगर के रंजीत नगर वार्ड 87 में सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव को लेकर जलमंत्री और डीजेबी सीईओ को पत्र लिखा है। उन्होंने सीवर ओवरफ्लो खुले गटर और जलभराव से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। गंदे पानी और दुर्गंध के कारण गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो रहा है। मैंने जल मंत्री और डीजेबी के सीईओ से तत्काल सीवर सफाई खुले गटर बंद करने जलनिकासी का स्थायी समाधान करने की मांग की है। साथ ही लापरवाही बरतने वाले दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उन पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है।अंकुश नारंग ने पत्र में कहा है कि मेरे संज्ञान में पश्चिमी पटेल नगर एवं रंजीत नगर वार्ड नं 87 के निवासियों की सीवर संबंधी गंभीर समस्या सामने आई है। क्षेत्र में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो खुले गटर गंदे पानी का फैलाव और जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसके कारण स्थानीय निवासियों को अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तथा क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।उन्होंने पत्र में आगे कहा है कि स्थानीय निवासियों की ओर से संबंधित विभाग और उसके कर्मचारियों को कई बार शिकायतें दर्ज कराई गई हैं लेकिन इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों की ओर से समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। शिकायतों की लगातार अनदेखी किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है।अंकुश नारंग ने मांग की है कि क्षेत्र में सीवर ओवरफ्लो की समस्या का तत्काल समाधान कराया जाए। सभी खुले गटरों को प्राथमिकता के आधार पर बंद एवं सुरक्षित कराया जाए। जलभराव वाले स्थानों से तत्काल गंदे पानी की निकासी कराई जाए। सीवर लाइनों की पूरी तरह सफाई एवं आवश्यकतानुसार मरम्मत कराई जाए। पूर्व में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए। क्षेत्र का निरीक्षण कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न होए इसकी उचित व्यवस्था की जाए।अंकुश नारंग ने जलमंत्री और डीजेबी के सीईओ से अपेक्षा की है कि जनहित में इस मामले को प्राथमिकता देते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे और संबंधित अधिकारियों से की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्राप्त करेंगे।

तेजस्वी यादव की सरकार से मांग, पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति और आश्रम बनाया जाए

पटना। पटना में सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यालय में ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, कई राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। दलित और महादलित समुदायों के कई लोगों ने भी इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद, तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार से मांग की कि वह पटना में दशरथ मांझी की मूर्ति लगाए और उनके नाम पर एक आश्रम बनाए। उन्होंने बिहार में कथित भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। कथित डस्टबिन घोटाले का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कई अन्य मामलों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं, लेकिन जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को सत्ता में बैठे लोगों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। राजद नेता ने सरकार की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि राज्य को वेतन और पेंशन देने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा, “यह सरकार पूरी तरह कंगाल हो गई है। सरकार न तो वेतन दे पा रही है और न ही पेंशन।” 19 अगस्त को राजभवन मार्च के बारे में तेजस्वी यादव ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन एक खुला मार्च होगा और उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि राजद छात्रों से जुड़े मुद्दों और हाल ही में हुई एके-47 से जुड़ी घटना को उठाएगी। उनके अनुसार, राजद नेता और कार्यकर्ता राजभवन तक मार्च करेंगे, राज्यपाल से मिलेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होने का आग्रह किया। सिवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एके-47 से फायरिंग की घटना हुई थी। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर इस घटना का मुद्दा उठाया और बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार को ज्ञापन सौंपकर वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, बिहार पुलिस ने केवल उस कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया जो विरोध प्रदर्शन के दौरान वीडियो में एके-47 से फायरिंग करते हुए दिखाई दिया था।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने पटना में ईएलसी 2.0 का किया लोकार्पण, स्कूल-कॉलेजों में बढ़ेगी चुनावी साक्षरता

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने शिक्षा जगत को लोकतंत्र की पाठशाला बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित ‘चुनावी साक्षरता क्लब और ईसीआईनेट’ विषय पर सम्मेलन के दौरान ईएलसी 2.0 यानी चुनावी साक्षरता क्लब के नए संस्करण का लोकार्पण किया। आयोग द्वारा सोमवार को जारी प्रेस नोट के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान चुनावी प्रक्रियाओं में विश्वास को मजबूत करने, चुनावी साक्षरता बढ़ाने और सजग लोकतांत्रिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में ईएलसी का नया लोगो भी जारी किया गया। इसकी नई टैगलाइन ‘लोकतंत्र को जानें, लोकतंत्र को आगे बढ़ाएं।’ युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को सिर्फ लोकतंत्र को समझने के लिए नहीं, बल्कि उसमें सक्रिय भागीदारी कर देश की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। ज्ञानेश कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कराए जाते हैं। हर चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने छात्रों और युवा मतदाताओं को भारत की चुनावी प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, मतदाता पंजीकरण, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की भूमिका से अवगत कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना लोकतंत्र के भविष्य में निवेश है। ईएलसी 2.0 के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनावी साक्षरता क्लबों को व्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम प्लेटफॉर्म के रूप में फिर से तैयार किया जाएगा। इसके लिए आयोग के व्यापक ईसीआईनेट डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल होगा। ईसीआईनेट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां एक क्लिक पर निर्वाचक नामावली से लेकर मतदान तक की सभी चुनाव संबंधी सेवाएं मिलेंगी। ईसीआईनेट पर एक समर्पित ईएलसी पोर्टल बनाकर पूरे देश में ईएलसी का व्यवस्थित नेटवर्क खड़ा किया जाएगा। इन क्लबों के जरिए पूरे साल लगातार गतिविधियां चलाई जाएंगी ताकि युवा नागरिकों के साथ-साथ उनके परिवार, शिक्षण संस्थान और समुदायों में भी चुनावी जागरुकता बढ़े। पटना कार्यक्रम से पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 16-17 अगस्त की दो दिवसीय बिहार यात्रा के दौरान नालंदा के राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने मधुबनी, वैशाली और नालंदा क्षेत्रों का भी दौरा किया और जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों का जायजा लिया। आयोग के मुताबिक भारत का शैक्षिक इकोसिस्टम बेहद विशाल है। देश में लगभग 15 लाख स्कूल हैं, जिनमें करीब 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से ज्यादा शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में लगभग 1500 विश्वविद्यालय और 70 हजार शिक्षण संस्थान हैं, जहां अनुमानित 4.33 करोड़ छात्र पढ़ रहे हैं। इस विशाल नेटवर्क के माध्यम से ईएलसी 2.0 का उद्देश्य तथ्यों और अनुभव पर आधारित चुनावी शिक्षा देना है। साथ ही भारत की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता, सत्यनिष्ठा और विश्वसनीयता के बारे में जागरुकता बढ़ाना और युवा नागरिकों को सजग लोकतांत्रिक भागीदारी का अग्रदूत बनाना है।

केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा: मुख्यमंत्री सतीशन

कोच्चि। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को घोषणा की कि केरल में भूमि सुधारों का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा और मौजूदा भूमि कानूनों में समयबद्ध संशोधन किए जाएंगे। उन्होंने कृषि उत्पादों के लिए एक नए केरल ब्रांड से लेकर वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए एआई आधारित प्रणाली और रबर के समर्थन मूल्य को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 300 रुपए प्रति किलोग्राम करने जैसी कई प्रमुख नीतिगत पहलों का अनावरण किया। कलामासेरी में राज्य स्तरीय किसान दिवस समारोह और राज्य किसान पुरस्कार समारोह को संबोधित करते हुए सतीशन ने कहा कि प्रस्तावित भूमि कानून परिवर्तनों का उद्देश्य वर्षों से बंद पड़े बागानों को पुनर्जीवित करना और पर्यावरण सुरक्षा उपायों से समझौता किए बिना नए आर्थिक अवसर पैदा करना है। सरकार की योजना कृषि उत्पादों में अधिक मूल्यवर्धन करने और उन्हें केरल ब्रांड के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ले जाने की है। किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति के तहत एवोकाडो और रामबुतान जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों सहित बहु-फसली खेती का भी विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के पूरी तरह से चालू होने से परिवहन तेज और सस्ता हो जाएगा, जिससे केरल के कृषि उत्पादों और मसालों के निर्यात को काफी बढ़ावा मिलेगा। किसानों को अपनी उपज का भंडारण करने और अनुकूल बाजार मूल्य प्राप्त होने पर उसे बेचने की सुविधा के लिए और अधिक गोदाम स्थापित किए जाएंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण पहल के तहत, सरकार ने राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में मानव-पशु संघर्ष की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए 200 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। सतीशन ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों को रोकने और किसानों की सुरक्षा के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य आधुनिक तकनीकों को मौजूदा तंत्रों के साथ एकीकृत करने वाली एक व्यापक प्रणाली लागू की जाएगी। सतीशन ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे रबर का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 300 रुपए प्रति किलोग्राम कर देगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पहले ही 200 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल क्षति के मुआवजे में 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और आगे भी इसमें सुधार पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदभार ग्रहण करने के दो महीने के भीतर धान किसानों के बकाया भुगतान कर दिए हैं और वित्तीय संकट के बावजूद आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में जब भी धान की खरीद की जाएगी, किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए एक स्थायी तंत्र शुरू किया जाएगा।

दिल्‍ली: सीएम रेखा गुप्ता ने ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ सफाई अभियान का किया शुभारंभ

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम मुख्यालय के केदारनाथ साहनी सभागार में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026′ का शुभारंभ किया और विभिन्न नगर निगम वार्डों को एक करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रोत्साहित किया। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह विशेष स्वच्छता अभियान राजधानी में 2 अक्टूबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करना, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता सुनिश्चित करना और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति अधिक जागरूक बनाकर सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाना है। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से संबंधित एक ब्रोशर भी जारी किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, मुख्य सचेतक और विधायक अभय वर्मा और अन्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित थे। मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली को कूड़े से आजादी का संकल्प केवल स्वच्छता व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता को लोगों की सोच और व्यवहार का हिस्सा बनाने का एक प्रयास है। महात्मा गांधी द्वारा स्वच्छता को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ने के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभालने के बाद अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में स्वच्छता को एक राष्ट्रीय आंदोलन बनाने का आह्वान किया था। उस समय आलोचनाओं के बावजूद स्वच्छता अभियान पूरे देश में एक जन आंदोलन बन गया और करोड़ों परिवारों को सम्मानजनक शौचालय सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने नगर निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार के सहयोग से नगर निकाय स्वच्छता और अन्य कई क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता किसी एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को कचरे से मुक्त करने में सरकार का उद्देश्य केवल स्वच्छता अभियान चलाना नहीं है, बल्कि स्वच्छता को नागरिकों के दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, बाजार संघों, स्वयंसेवी संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक संगठनों, स्वयंसेवी संगठनों और नागरिकों को एक साथ लाया जाएगा ताकि इस अभियान को एक व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि कूड़ा-कचरा और गंदगी दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न होने के बावजूद, अपर्याप्त प्रसंस्करण के कारण शहर में कूड़े के पहाड़ बन गए हैं। सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए पूरी गंभीरता और दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम की वित्तीय कठिनाइयों का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।

हॉकी वर्ल्ड कप: बांडुरक का डबल धमाल, भारत को 4-2 से मात देकर अगले दौर में इंग्लैंड

एमस्टेलवीन। भारतीय पुरुष टीम को ‘एफआईएच वर्ल्ड कप 2026’ के अपने दूसरे ‘पूल-डी’ मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने 1-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए जीत के साथ तीन अंक हासिल किए, जिससे जैकरी वालेस की टीम का पूल में टॉप-2 स्थान पक्का हो गया। सोमवार को यह मुकाबला एमस्टेलवीन के वैगनर हॉकी स्टेडियम में खेला गया। इंग्लैंड लगातार दो मैच जीतकर छह अंकों के साथ पूल में शीर्ष पर पहुंच गया है, जिसके साथ उसने अगले दौर के लिए क्वालीफाई कर लिया है। एक जीत और एक हार के साथ भारत दूसरे स्थान पर है। भारतीय टीम अपना आखिरी पूल मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। ‘हरमनप्रीत एंड कंपनी’ के लिए टॉप-2 में रहने और सेमीफाइनल में जगह बनाने की दौड़ में बने रहने के लिए आगामी हाई-वोल्टेज मैच जीतना बेहद जरूरी है। फिलहाल पाकिस्तान और वेल्स के दो-दो मैचों में एक-एक अंक हैं। सोमवार को खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड के लिए निकोलस बांडुरक ने दो गोल किए, जबकि स्टुअर्ट रशमेरे और हेनरी क्रॉफ्ट ने एक-एक गोल दागा। भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, जबकि दिलप्रीत सिंह ने दूसरे क्वार्टर में एक बेहतरीन मूव को गोल में तब्दील किया। मुकाबला तेज रफ्तार से शुरू हुआ। भारत को सातवें मिनट में पहला शानदार मौका मिला। सर्कल के अंदर पांच गज की दूरी पर जरमनप्रीत सिंह के सामने लगभग पूरा गोल खाली था, लेकिन जल्दबाजी में की गई कोशिश नाकाम रही और गेंद बाहर चली गई, जबकि गोलकीपर ओलिवर पेन ने डाइव लगाकर उसे रोकने की कोशिश की थी। रेफरल के बाद इंग्लैंड को 10वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन मनप्रीत सिंह ने शानदार स्टिक ब्लॉक से उस फ्लिक को रोक दिया। इंग्लैंड ने 14वें मिनट में पहला गोल दागा। एक शानदार एरियल पास ने भारतीय डिफेंस को चौंका दिया, जिससे मोहित के सामने 2 बनाम 1 की स्थिति बन गई और बांडुरक ने शानदार फिनिशिंग के साथ स्कोर 1-0 कर दिया। दूसरे क्वार्टर के दूसरे मिनट में भारत ने बराबरी कर ली। पेनाल्टी कॉर्नर मिलने के बाद हरमनप्रीत ने जोरदार फ्लिक से गेंद को टॉप-लेफ्ट कॉर्नर में पहुंचा दिया, जिससे गोलकीपर को कोई मौका नहीं मिला। बांडुरक ने फिर से इंग्लैंड के लिए खतरा पैदा किया और करीब से गोल करने से बाल-बाल चूक गए, जिसके बाद भारत ने 25वें मिनट में वापसी करते हुए बढ़त बना ली। भारत हाफ-टाइम तक बढ़त बनाए हुए था और उसने इंग्लैंड के तीन शॉट्स के मुकाबले गोल पर आठ शॉट्स लगाकर बेहतर अटैकिंग खेल दिखाया था। हालांकि, ब्रेक के बाद इंग्लैंड ने धैर्यपूर्वक खेल बनाना जारी रखा, जबकि भारत के डिफेंस को भेदना शुरू में मुश्किल रहा। विदेशी टीम ने 39वें मिनट में बराबरी का गोल दागा। दाईं ओर से एक लंबे स्लॅप-पुश के बाद, रशमेरे ने सर्कल के अंदर अपने रिवर्स स्टिक से गेंद को हल्का सा छुआ और गेंद को मोहित के पास से निकालते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने खेल का रुख बदला। 43वें मिनट में, एक और एरियल बॉल की मदद से इंग्लैंड भारत के 23-मीटर एरिया में दाखिल हुआ, जिसमें रशमेरे फिर से शामिल थे। क्रॉफ्ट ने तेजी से हिट किया और मोहित को छकाते हुए अपना पहला वर्ल्ड कप गोल किया और इंग्लैंड को 3-2 की बढ़त दिलाई। हालांकि, भारत ने आखिरी क्वार्टर में वापसी की कोशिश की। 47वें मिनट में जरमनप्रीत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन हरमनप्रीत की स्टिक से डिफ्लेक्शन पाने की कोशिश को सतर्क थॉमस सोर्सबी ने नाकाम कर दिया। फिर 50वें मिनट में अभिषेक ने टोमाहॉक शॉट से गोल के करीब पहुंचने की कोशिश की, लेकिन गेंद गोल के सामने से निकल गई। इंग्लैंड ने 55वें मिनट में जीत सुनिश्चित कर दी। गोल के सामने हुई अफरातफरी के बाद भारत को पेनाल्टी कॉर्नर मिला, जिसके बाद बांडुरक ने गोलकीपर सूरज करकेरा के बाईं ओर एक शानदार लो-फ्लाइंग फ्लिक लगाई और अपना दूसरा गोल करते हुए स्कोर 4-2 कर दिया।

झारखंडः जेएसएससी-सीजीएल रद्द, 2000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जाएगी, प्रोजेक्ट भवन के बाहर सफल अभ्यर्थियों का हंगामा

रांची। झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद इस परीक्षा के जरिए चयनित होकर विभिन्न पदों पर कार्यरत अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई। फैसले की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी सोमवार को झारखंड मंत्रालय स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुट गए और सरकार के निर्णय के खिलाफ हंगामा किया। जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा के जरिए दो हजार से अधिक अभ्यर्थियों का विभिन्न सरकारी पदों पर चयन हुआ है। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थी करीब एक साल से अलग-अलग विभागों में काम कर रहे हैं। परीक्षा रद्द किए जाने की घोषणा के बाद अब इन नियुक्तियों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है। प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपने भविष्य को लेकर चिंता जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी थी। परिणाम घोषित होने के बाद उन्हें नियुक्ति पत्र मिला और वे अपने-अपने पदों पर योगदान दे चुके हैं। ऐसे में पूरी परीक्षा को रद्द किए जाने से उनका रोजगार और भविष्य प्रभावित होगा। अभ्यर्थियों ने सरकार से फैसले पर पुनर्विचार करने और उनकी स्थिति को ध्यान में रखते हुए कोई वैकल्पिक रास्ता निकालने की मांग की। उनका कहना था कि यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन उसका खामियाजा उन अभ्यर्थियों को नहीं भुगतना चाहिए, जिन्होंने चयन प्रक्रिया के बाद नौकरी हासिल की है। सरकार की ओर से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एसआईटी और सीआईडी जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने वर्ष 2014 से अब तक की जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं की व्यापक जांच कराने की भी घोषणा की है। सरकार के फैसले के बाद एक ही परीक्षा को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आई हैं। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनकारी छात्र इसे अपनी बड़ी जीत के रूप में देख रहे हैं, जबकि परीक्षा के जरिए नियुक्त अभ्यर्थी अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। अब सरकार के सामने आंदोलनकारी छात्रों की मांग पूरी करने के साथ-साथ जेएसएससी-सीजीएल के जरिए नियुक्त अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर उठे सवालों का समाधान निकालने की चुनौती भी है।

असम: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील और जनकेंद्रित पुलिस व्यवस्था मजबूत करने का दिया निर्देश

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को राज्य की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और पुलिस अधिकारियों को आधुनिक, संवेदनशील और जनकेंद्रित पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपराधों की रोकथाम और प्रभावी जांच पर विशेष जोर देने को कहा। मुख्यमंत्री सरमा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरमीत सिंह तथा पुलिस और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्य की समग्र कानून व्यवस्था की स्थिति और पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक में बाल विवाह और बहुविवाह की रोकथाम, अपराध नियंत्रण की रणनीतियां, होमगार्ड और ग्राम रक्षा दलों से जुड़े सुधार, डायल-112 आपातकालीन सेवा, पुलिस बटालियन से संबंधित परियोजनाएं, पुलिस आवास और पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र के पुनर्गठन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आपराधिक मामलों को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए और समयबद्ध तथा प्रभावी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों को सजा मिल सके और दोषसिद्धि दर में सुधार हो। यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब असम में आपराधिक मामलों की जांच की गति को लेकर चिंता जताई जा रही है। राज्य सरकार ने 6 जुलाई को विधानसभा में बताया था कि वर्ष 2016 से अब तक दर्ज लगभग 10 लाख मामलों में से केवल करीब 54 प्रतिशत मामलों में ही आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किए गए हैं। वर्ष 2016 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार राज्य में सत्ता में आई थी। मुख्यमंत्री सरमा पहले भी कई बार पुलिस व्यवस्था में सुधार, जांच तंत्र को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दे चुके हैं। इसी बीच, असम के मुख्य सचिव रवि कोटा ने सोमवार को असम राइफल्स (पूर्व) के महानिरीक्षक मेजर जनरल इंदरजीत सिंह भिंडर से मुलाकात की। दोनों के बीच राज्य और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा तथा विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। रवि कोटा के अनुसार, बैठक में नागरिक प्रशासन और सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय, विशेष रूप से सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और विकास कार्यों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने पूर्वोत्तर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में असम राइफल्स की भूमिका की सराहना की। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के साथ असम राइफल्स की निरंतर भागीदारी और योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।