विधानसभा घेरने की कोशिश कर रहे एबीवीपी कार्यकर्ता हिरासत में, झारखंड बंद के दौरान कई जगह सड़क जाम

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर सोमवार को हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को राजधानी रांची में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बंद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के विधानसभा घेराव का मिला-जुला असर देखने को मिला। शहर के कई हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया, जबकि एबीवीपी कार्यकर्ताओं को विधानसभा की ओर बढ़ने से पहले ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सुबह रांची के अधिकांश इलाकों में दुकानें खुली रहीं और छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही सामान्य रही। सुबह आठ बजे से ही भाजपा कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में सड़कों पर उतरे और दुकानों को बंद कराना शुरू किया। कांके रोड, रातू रोड, हरमू चौक, अरगोड़ा चौक, बोड़ेया और सीएमपीडीआई गेट के पास कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम किया। कई स्थानों पर टायर भी जलाए गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम हटाया। नामकुम में सुबह करीब 11 बजे भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाजार चौक पर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया और टायर जलाकर रांची-जमशेदपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। करीब साढ़े 11 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर सड़क खाली कराई। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोवाडीह में भी भाजपा मंडल अध्यक्ष अशोक गोप के नेतृत्व में बंद कराया गया। पुलिस के अनुसार, लोवाडीह से 11 और नामकुम से 17 बंद समर्थकों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। फिलहाल सभी को थाने में रखा गया है। हालांकि, बंद का असर पूरे शहर में एक जैसा नहीं रहा। मेन रोड, बरियातू और मोरहाबादी सहित कई इलाकों में दुकानें खुली रहीं और वाहनों का आवागमन सामान्य रहा। इधर, जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया था। राज्यभर से पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ता पुराने विधानसभा परिसर के पास जुटे और सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। बाद में पुलिस ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस में बैठा दिया। कुछ छात्र नेता बस की छत पर चढ़कर नारेबाजी करते रहे। कुछ कार्यकर्ता बस के आगे और पीछे सड़क पर लेट गए।

आईटीबीपी के डीजी ने सिक्किम में 11वीं और 48वीं बटालियन की फॉरवर्ड सीमा चौकियों का दौरा किया

गंगटोक। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने मंगलवार को सिक्किम में 17,000 फीट तक की ऊंचाई पर स्थित 11वीं और 48वीं बटालियन की फॉरवर्ड सीमा चौकियों (बीओपीज) का दौरा किया। ऑपरेशनल तैयारी की समीक्षा करते हुए उन्होंने जवानों से बातचीत की। डीजी शत्रुजीत कपूर ने सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया और हिमवीरों का मनोबल बढ़ाया। सोमवार को आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने सिक्किम में 13वीं बटालियन और फॉरवर्ड लोकेशन्स का दौरा किया था। उन्होंने हिमवीरों से बातचीत की थी और सैनिक सम्मेलन आयोजित किया और ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लिया था। दौरे के दौरान, उन्होंने फॉरवर्ड लोकेशन्स पर भारतीय सेना के अधिकारियों से भी मुलाकात की थी। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आईटीबीपी की ओर से हर घर तिरंगा रैली में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया जा रहा है। सोमवार को आईटीबीपी की 15वीं बटालियन की ओर से ऊधमपुर में तिरंगा रैली निकाली गई एवं वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया गया था। हिमवीरों, बैंड प्लाटून एवं एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं तिरंगे के सम्मान का संदेश दिया था। हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत आईटीबीपी की 35वीं बटालियन की ओर से उत्तरकाशी में भव्य तिरंगा रैली का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर आईटीबीपी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों एवं हिमवीरों की ओर से सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया था। आईटीबीपी की 54वीं बटालियन की ओर से कमांडेंट कलीम एम. खान के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस से पहले तैयारी के तौर पर भालुकपोंग कैंपस में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और तिरंगे के प्रति गर्व का जश्न मनाया गया था।

जम्मू-कश्मीर : पुंछ में टनल साइट के पास संदिग्ध गतिविधि के बाद सर्च ऑपरेशन जारी

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरंग निर्माण स्थल के पास संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद मंगलवार को सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण स्थल पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड ने मंगलवार सुबह संदिग्ध गतिविधि देखी और एहतियात के तौर पर तीन से चार राउंड फायरिंग की। अधिकारियों ने कहा, “किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की कोई खबर नहीं है। इस घटना के बाद, आज सुबह करीब 6 बजे जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने भाटा दुरियन, संगीओट और आसपास के जंगली इलाकों में एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया।” उन्होंने कहा कि अब तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच कोई मुठभेड़ या गोलीबारी नहीं हुई है। पुंछ जिले के मेंढर सेक्टर में संदिग्ध गतिविधि की सूचना के बाद टनल के पास बड़े पैमाने पर संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। इसके अलावा सुरनकोट और मनकोट में भी अतिरिक्त अभियान जारी हैं। राजौरी जिले में भी सीमा से सटे इलाकों और नौशेरा के आसपास अभियान तेज कर दिए गए हैं। यह कदम खुफिया इनपुट और गांवों के क्षेत्रों में संदिग्ध लोगों के देखे जाने की स्थानीय रिपोर्टों के बाद उठाया गया है। ये अभियान राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे हैं। घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी रास्तों को साफ करने के लिए ड्रोन और स्निफर डॉग्स जैसे हाई-टेक उपकरण तैनात किए गए हैं। सुरक्षा बलों ने पिछले समय में भी पुंछ और राजौरी के सीमावर्ती जिलों में कई बार संदिग्ध गतिविधियों और एलोसी के पास सुरक्षा अलर्ट के बाद बड़े पैमाने पर संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए हैं। वर्तमान में सुरक्षा बलों ने पीर पंजाल क्षेत्र में समन्वित, खुफिया आधारित घेराबंदी और तलाशी अभियान को तेज कर दिया है। इसमें पुंछ और राजौरी दोनों जिलों के विशिष्ट ग्रामीण क्षेत्रों और घने जंगल वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया: साउथ-वेस्ट सिडनी में फायरिंग, दो किशोर गिरफ्तार

सिडनी। साउथ वेस्ट सिडनी में मंगलवार तड़के गोलीबारी के आरोप में दो किशोरों को गिरफ्तार किया गया है। न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) पुलिस ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। सिंहुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, बयान में कहा गया कि मंगलवार सुबह करीब 2 बजे सिडनी के बाहरी साउथ-वेस्ट इलाके ईगल वेल में एक घर पर गोलियां चलाने की सूचना मिली। इस गोलीबारी में कोई घायल नहीं हुआ। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शक के आधार पर वहां से तेजी से जाती सफेद हैचबैक कार को रोकने की कोशिश की। गाड़ी नहीं रुकी तो पुलिस ने पीछा शुरू किया। पुलिस से बचने की कोशिश में गाड़ी थंडरबोल्ट ड्राइव पर पेड़ से टकरा गई। इसके बाद गाड़ी में सवार तीन लोग मौके से भाग गए। पुलिस ने इलाके की तलाशी शुरू की। कुछ देर बाद, 15 और 17 साल के दो किशोरों को डकोटा प्लेस और थंडरबोल्ट ड्राइव से गिरफ्तार किया गया और कैंपबेलटाउन पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां पूछताछ जारी है। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। गाड़ी भी चोरी की थी। चोरी की गाड़ी की तलाशी के दौरान, अधिकारियों ने कथित तौर पर एक बंदूक बरामद की, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। क्राइम सीन से पुलिस जरूरी सबूत इकट्ठा कर रही है। वहीं पुलिस ने आम लोगों से इस शूटिंग से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी साझा करने की अपील की है। एनएसडब्ल्यू पुलिस ने कहा है कि अगर किसी के पास इन घटनाओं से जुड़ी कोई जानकारी, सीसीटीवी, डैशकैम और/या मोबाइल फोन फुटेज है तो उसे उपलब्ध कराने का कष्ट करें। हाल के दिनों में ये ऐसी दूसरी वारदात है जो इस इलाके में हुई है। गुरुवार (6 अगस्त) को साउथ वेस्ट सिडनी में ही 18 साल के एक युवक के सीने में गोली मारी गई थी। सूचना पर पहुंची पेरामेडिक्स टीम ने उसे अस्पताल पहुंचाया था।

जेपीएससी-जेएसएससी मुद्दे पर झारखंड विधानसभा में हंगामा, एनडीए ने सीबीआई जांच की मांग की

रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन मंगलवार को जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा सदन के भीतर और बाहर छाया रहा। विपक्षी एनडीए विधायकों ने परीक्षाओं में कथित धांधली की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंच गए। सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजकर सात मिनट पर शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा विधायक अपनी सीटों से उठ गए। उन्होंने जेपीएससी-जेएसएससी मामले में सरकार से जवाब मांगते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते कई विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने विपक्षी विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने और प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य छात्रों के हित की बात कर रहे हैं और सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देना चाहिए। अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्थिति को देखते हुए अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विपक्ष पर सदन का समय बर्बाद करने और राज्य में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है। जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों की जांच राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रहा है। प्रदीप यादव ने कहा कि सोमवार को छात्रों ने विधानसभा का घेराव किया था और सरकार पूरे घटनाक्रम को सदन के सामने रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन भाजपा की ओर से भेजे गए कुछ लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। प्रशासन ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद छात्रों को वापस भेजने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी की थी। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा भी उठाया।

मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव शुरू, राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे हुए शामिल

मुंबई। ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन 11 और 12 अगस्त को मुंबई के फोर सीजन्स होटल में हो रहा है। इसका आयोजन ‘मुंबई फर्स्ट’ द्वारा केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से किया जा रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स और साझेदार देशों के 15 शहरों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसका मुख्य फोकस सतत शहरी विकास पर है। कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह गर्व की बात है कि मुंबई में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026 शुरू हो गया है। हम ‘मुंबई फर्स्ट’ का धन्यवाद करते हैं। शहर सिर्फ ईंट और कंक्रीट की इमारतें नहीं होते। वे देश की आर्थिक प्रगति के ‘विकास इंजन’ (ग्रोथ इंजन) होते हैं। इसलिए, शहरीकरण को समस्या के तौर पर नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। आज शहरों के सामने आने वाली चुनौतियां एक जैसी हैं, इसलिए उनके समाधान भी सीमाओं से परे जाकर खोजने होंगे। लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के जरिए 21वीं सदी के नागरिक-केंद्रित शहर बनाने के लिए, ब्रिक्स देशों के शहरों को अपने अनुभव, तकनीक और नवाचार एक-दूसरे के साथ साझा करने चाहिए। सम्मेलन में शहरी विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। जिसमें, जलवायु के प्रति लचीलापन और तटीय इलाकों में अनुकूलन, शहरी आवागमन और सार्वजनिक परिवहन, गवर्नेंस में डिजिटल बदलाव और एआई, ब्रिक्स और सहयोगी देशों के बीच शहरों का आपसी सहयोग मुख्य रूप से शामिल हैं। ब्रिक्स देशों में शहरीकरण तेजी से बढ़ा है, जिसमें शहर आर्थिक विकास के प्रमुख चालक बने हैं। साथ ही जलवायु जोखिम, बुनियादी ढांचे पर दबाव, असमानता और शासन से जुड़ी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। इन्हीं सब साझा चुनौतियों को देखते हुए संवाद, ज्ञान साझा करने और साझेदारी बनाने के लिए एक सहयोगी मंच की जरूरत है। इसी संदर्भ में ब्रिक्स फ्रेंडशिप सिटीज कॉन्क्लेव 2026, ‘मुंबई फर्स्ट’ द्वारा महाराष्ट्र सरकार और भारत सरकार के सहयोग से आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है। 11 से 12 अगस्त तक मुंबई में चल रहा यह सम्मेलन सतत, लचीले और समावेशी शहरी विकास के लिए समन्वित, समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।

लंबे समय तक बैठने से होने वाली समस्याओं में कारगर है ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन, जानिए इसके फायदे

नई दिल्ली। लंबे समय तक बैठे रहने, कंधा जकड़े रहने और पैरों में खिंचाव आम हो गया है। ऐसे में योग सिर्फ शरीर को मोड़ने का नाम नहीं है, बल्कि खुद से जुड़ने का एक जरिया है। ऐसे ही योग पद्धति में ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन सबसे शरीर की जकड़न खोलने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने समेत कई शारीरिक स्वास्थ संबंधित समस्याओं का समाधान है। ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन तीन शब्दों से मिलकर बना है, ऊर्ध्व मुख का अर्थ है ऊपर की तरफ चेहरा, पश्चिम का अर्थ होता है शरीर का पिछला हिस्सा, उत्तान का अर्थ होता है, गहरा खिंचाव और आसन की अर्थ मुद्रा। इस आसन को अंग्रेजी में अपवर्ड फेसिंग इंटेंस वेस्ट स्ट्रेच कहते हैं। इस आसन में आप उभय पादांगुष्ठासन की तरह पैर के अंगूठों को पकड़कर बैलेंस बनाते हैं और साथ ही धड़ को आगे की तरफ पैरों की ओर झुकाते हैं। यह आसन अष्टांग योग की प्राथमिक शृंखला में आता है और उभय पादांगुष्ठासन के बाद का अगला लेवल माना जाता है। योग परंपरा में ऊर्ध्वमुख पश्चिमोत्तानासन एक उन्नत आसन है, जो पश्चिमोत्तानासन और संतुलन का मिला-जुला रूप है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी इस आसन को लेकर प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार, ऊर्ध्व मुख पश्चिमोत्तानासन एक उन्नत योगासन है, जिसमें शरीर का संतुलन कूल्हों (सिट बोन्स) पर रखा जाता है और दोनों पैरों को ऊपर आकाश की ओर सीधा खींचकर हाथों से पंजों को पकड़ा जाता है। यह अभ्यास कोर शक्ति, रीढ़ के लचीलेपन और संतुलन को सुधारता है। यह एक ऐसा योग आसन है जिसमें बैठकर पैर सीधे रखते हुए आगे झुकते हैं और अंगूठे पकड़कर रीढ़ और पैरों के पिछले हिस्से को गहराई से स्ट्रेच करते हैं। इस आसन के नियमित अभ्यास करने से हैमस्ट्रिंग यानी जांघ के पीछे की मांसपेशियां, पैसिव तरीके से लंबी और लचीली होती हैं। यह एकमात्र ऐसा योग आसन है जो शरीर के पीछे वाले हिस्से का लचीलापन और आगे वाले हिस्से की ताकत दोनों को एक साथ बढ़ाता है, ताकि वह लचीलापन सिर्फ बैठे-बैठे न रहे, बल्कि काम करते समय भी टिके रहे।

बिहार: खगड़िया में ‘प्रसाद’ खाने से 165 से ज्यादा लोग बीमार, गांव में मचा हड़कंप

पटना। बिहार के खगड़िया से हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के अमनी पंचायत के हियादतपुर गांव में सत्यनारायण की पूजा के बाद प्रसाद खाने से 165 से ज्यादा लोग बीमार हो गए हैं। गांव में लगभग एक ही समय पर बड़ी संख्या में लोगों के बीमार पड़ने से हड़कंप मच गया, जिसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने प्रभावित लोगों को खगड़िया सदर अस्पताल पहुंचाया। देर रात तक अस्पताल में मरीजों के आने का सिलसिला जारी रहा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 बजे मायाराम चौधरी के बेटे सुबोध चौधरी के घर पर सत्यनारायण पूजा का आयोजन किया गया था। धार्मिक अनुष्ठान के बाद भक्तों को प्रसाद बांटा गया। अनुमान है कि 250 से ज्यादा लोगों ने प्रसाद खाया। प्रसाद खाने के कुछ ही देर बाद, कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। बच्चों ने उल्टी और दस्त की शिकायत की, जबकि बड़ों में चक्कर आना, कमजोरी और बेचैनी जैसे लक्षण दिखे। जैसे-जैसे प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ी, पूरे गांव में चिंता फैल गई। गांव वालों ने मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सूचना दी। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की और प्रभावित लोगों को इलाज के लिए ले जाने की व्यवस्था की गई। इसके बाद बड़ी संख्या में मरीजों को खगड़िया सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। बड़ी संख्या में मरीजों के आने के कारण अस्पताल में देर रात तक गहमागहमी बनी रही। सदर अस्पताल के मैनेजर प्रणव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एम्बुलेंस भेज दी गई थीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल पहुंचते ही मरीजों के इलाज की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने भी घटना के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है और प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रसाद की गुणवत्ता और इसमें किसी तरह की मिलावट की संभावना को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि बीमारी की वजह प्रसाद ही था। इस घटना के बाद हियादतपुर गांव में चिंता का माहौल बना हुआ है।

मां के साथ जिम पहुंचीं अक्षरा सिंह, बोलीं-अब तक का सबसे अच्छा वर्कआउट पार्टनर

मुंबई। भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह अपनी फिल्मों और गानों के साथ-साथ अपनी निजी जिंदगी के खास पल भी फैंस के साथ साझा करती रहती हैं। उनका अपनी मां नीलिमा सिंह के साथ एक मजबूत रिश्ता भी अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिलता है। इस कड़ी में एक बार भी अक्षरा ने अपनी मां के साथ मजेदार वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह एक्सरसाइज करती नजर आ रही हैं। अक्षरा सिंह ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया। इसमें वह अपनी मां के साथ जिम में नजर आ रही हैं। वीडियो में मां-बेटी दोनों हाथों में डंबल उठाकर कसरत करती दिखाई देती हैं। दोनों पूरी ताकत के साथ एक्सरसाइज करती दिख रही। इस दौरान दोनों एक-दूसरे का लगातार हौसला बढ़ा रही हैं। इस वीडियो के साथ अक्षरा ने कैप्शन में लिखा, ”मम्मा और मैं, एक-दूसरे को मोटिवेट कर रहे हैं। इसमें भरपूर मजा और हंसी है। अब तक का सबसे अच्छा वर्कआउट पार्टनर।” अक्षरा के इस वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। अक्षरा सिंह के काम की बात करें तो उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 2010 में रवि किशन के साथ फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘सौगंध गंगा मैया के’, ‘दिलेर’ और ‘साथिया’ जैसी फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे भोजपुरी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना ली। ‘सौगंध गंगा मैया के’ में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया, वहीं ‘दिलेर’ में वह दिनेश लाल यादव निरहुआ के साथ नजर आईं। इसके बाद अक्षरा ने ‘सत्या’, ‘तबादला’, ‘धड़कन’ और ‘सरकार राज’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें से कुछ में उनकी जोड़ी पवन सिंह के साथ दिखाई दी। ‘मां तुझे सलाम’ में अक्षरा ने देशभक्ति से जुड़ी कहानी का हिस्सा बनकर दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके अलावा वह ‘लव मैरिज’ जैसी फिल्म में भी नजर आईं। अभिनय के साथ उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री में भी अपनी पहचान बनाई है। उनके कई भोजपुरी गाने लोकप्रिय हुए हैं।

पीएम ई-ड्राइव योजना मार्च 2028 तक बढ़ी, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर मिलेगी 5,000 रुपए तक की सब्सिडी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (पीएम ई-ड्राइव) योजना की अवधि दो वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दी है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (ईवी-2डब्ल्यू) की खरीद पर प्रोत्साहन राशि जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को गति देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना और घरेलू ईवी विनिर्माण को मजबूत बनाना है। भारी उद्योग मंत्रालय के अनुसार, विस्तारित पीएम ई-ड्राइव योजना के लिए 11,900 करोड़ रुपए का कुल प्रावधान किया गया है। योजना का फोकस इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने, चार्जिंग नेटवर्क विकसित करने और भारत को ईवी निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने पर रहेगा। नई व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच खरीदे गए पंजीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर खरीद प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाएगा। सरकार ने यह प्रोत्साहन 2,500 रुपए प्रति किलोवाट-घंटा (केडब्ल्यूएच) निर्धारित किया है, जिसकी अधिकतम सीमा 5,000 रुपए प्रति वाहन होगी। हालांकि, इस लाभ के लिए पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की अधिकतम एक्स-फैक्ट्री कीमत 1.5 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। सरकार ने योजना के तहत अधिकतम 45.79 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को सहायता देने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए मंत्रालय द्वारा 2,767 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि नई योजना में मिलने वाली सब्सिडी पहले की तुलना में कम है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर 5,000 रुपए प्रति केडब्ल्यूएच की दर से प्रोत्साहन दिया जाता था, जिसकी अधिकतम सीमा 10,000 रुपए प्रति वाहन थी। मंत्रालय ने कहा है कि भविष्य में ईवी की लागत में कमी को देखते हुए प्रति केडब्ल्यूएच प्रोत्साहन राशि की समय-समय पर समीक्षा की जा सकती है। इसके अलावा, सब्सिडी की राशि वाहन की एक्स-फैक्ट्री कीमत के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। यानी अधिकतम निर्धारित प्रोत्साहन या वाहन की कीमत का 15 प्रतिशत, दोनों में जो कम होगा, वही लाभ दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीएम ई-ड्राइव एक फंड-सीमित योजना के रूप में संचालित होगी। इसका मतलब है कि कुल भुगतान 11,900 करोड़ रुपए के निर्धारित बजट तक ही सीमित रहेगा। यदि योजना के लिए निर्धारित राशि या किसी विशेष घटक के लिए आवंटित फंड पहले ही समाप्त हो जाते हैं, तो उस घटक को बंद किया जा सकता है और उसके बाद नए दावों पर विचार नहीं किया जाएगा। योजना के तहत सभी श्रेणियों के लिए 31 मार्च 2028 अंतिम तारीख होगी, जबकि सब्सिडी दावों को जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2027 निर्धारित की गई है।