मोहसिन रजा का राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तंज, बोले- जेन-जी समझ गए हैं कि कौन उनके साथ खड़ा है

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मोहसिन रजा ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता आकाश आनंद के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अंकल कहा। भाजपा नेता मोहसिन रजा ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, ” अब ‘जेन-जी’ सब कुछ समझता है। देश के युवा छात्र और आने वाली पीढ़ी जानती है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन उनके खिलाफ। इसीलिए उस युवा ने उन्हें ‘अंकल’ कहा। अब आप सच में अंकल हैं। आप देश हित में काम नहीं कर सकते। एक अंकल की तरह किनारे बैठ जाइए। अगर आप देश हित में काम करना चाहते हैं तो देश के हमारे ‘प्रधान सेवक’ को देखिए, जो सबकी बात सुनते हैं और सभी के साथ चर्चा करते हैं।” भाजपा नेता ने रांची में छात्र आंदोलन के दौरान की गई कार्रवाई पर कहा कि जहां भी कांग्रेस समर्थित या कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां छात्रों और जनता के साथ इमरजेंसी जैसा बर्ताव किया जा रहा है। शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे छात्र आंदोलन में लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोल दागे गए। यह इमरजेंसी की याद दिलाता है। युवा छात्र और आम जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन को लेकर संसद में विपक्ष चर्चा करना चाहता है। इस पर मोहसिन रजा ने कहा कि बिल्कुल, भाजपा का हमेशा कहना है कि सदन चर्चा के लिए होता है। पूरा देश जानता है कि कांग्रेस भागती है। जंतर-मंतर के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने जनता को गुमराह करने का काम किया है, उसको उजागर करने का काम भारतीय जनता पार्टी करेगी। अच्छा तब होता जब कांग्रेस इस चर्चा में शामिल होती, लेकिन कांग्रेस सदन में रहना ही नहीं चाहती। राहुल गांधी की तर्ज पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जेन-जी को साधने के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में युवा योद्धा महासम्मेलन करने वाले हैं। इस पर भाजपा नेता मोहसिन रजा ने तंज कसते हुए कहा कि जब ये दोनों युवा थे, तब एक दूसरे की बांहों में बांहें डालकर साल 2017 में एक ही राह पर चले थे, तब प्रदेश की जनता ने नकार दिया। इसलिए अब ये कोई भी आंदोलन करें, सबको लगता है कि ये हमारे खिलाफ ही बात करेंगे, अपने हित की बात करेंगे, लेकिन देशहित की बात नहीं करेंगे।
वनडे सीरीज: गुरबाज की तूफानी पारी, आयरलैंड की 3 विकेट से हार, अफगानिस्तान ने बनाई 2-0 से लीड

बेलफास्ट। अफगानिस्तान ने आयरलैंड के खिलाफ सोमवार को सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए तीसरे वनडे मैच को 3 विकेट से अपने नाम किया। इसी के साथ मेहमान टीम ने पांच मुकाबलों की सीरीज में 2-0 से बढ़त हासिल कर ली है। दोनों देशों के बीच पहला मुकाबला बारिश के चलते रद्द हो गया था। इस मैच में टॉस भी नहीं हो सका था। अगले मैच में बारिश के चलते 3-3 ओवरों की कटौती हुई और अफगानिस्तान ने 92 रन से जीत हासिल की। सीरीज के तीसरे मैच में टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आयरलैंड की टीम 46.3 ओवरों में 206 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 19 के स्कोर पर एंड्रयू बालबर्नी (7) का विकेट गंवा दिया था। यहां से कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कैड कारमाइकल के साथ दूसरे विकेट के लिए 50 गेंदों में 44 रन की साझेदारी की। पॉल 31 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैड कारमाइकल ने 52 गेंदों में 4 चौकों के साथ 32 रन की पारी खेली। इस टीम ने 89 रन पर 5 विकेट गंवाने के बाद 128 रन तक अपना आठवां विकेट भी खो दिया था। यहां से जय मूंदड़ा ने गैविन होए के साथ 9वें विकेट के लिए 97 गेंदों में 76 रन जुटाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। गैविन होए ने 2 चौकों के साथ 36 रन बनाए, जबकि जय मूंदड़ा ने 33 गेंदों में 5 चौकों के साथ 31 रन की पारी खेली। अफगान खेमे से एएम गजनफर और राशिद खान ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। यामीन अहमदजई को 2 विकेट हाथ लगे। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 44.5 ओवरों में जीत हासिल कर ली। रहमानुल्लाह गुरबाज ने इब्राहिम जादरान के साथ पहले विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। जादरान 12 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद गुरबाज ने सेदिकुल्लाह अटल (27) के साथ दूसरे विकेट के लिए 31 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गुरबाज 77 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 71 रन बनाकर आउट हुए, जबकि हशमतुल्लाह शाहिदी ने 22 रन जुटाए। इनके अलावा, राशिद खान ने 4 चौकों की मदद से 37 रन की नाबाद पारी खेली। मेजबान टीम से गैविन होए ने 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि मार्क अडायर ने 2 विकेट निकाले। बायरन मैकडोनो ने 1 विकेट चटकाया।
रागिनी नायक ने शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, संसद में गतिरोध पर केंद्र की आलोचना की

नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने छात्रों के मुद्दों पर संसद में गतिरोध और बिहार में छात्रों पर कथित एके-47 फायरिंग पर कांग्रेस की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के नतीजों पर टिप्पणी की। छात्रों के मुद्दों पर संसद में गतिरोध को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता पक्ष चाहे तो संवाद है और न चाहे तो कोई चर्चा नहीं होगी। संसद लोकतंत्र का मंदिर है, चर्चा जरूर करो, लेकिन जिम्मेदारी तय करो। रागिनी नायक ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार की भ्रष्ट शिक्षा प्रणाली विफल रही है। बिके हुए शिक्षा के सिस्टम के खिलाफ युवा उठ खड़ा हुआ है। पहले केंद्र सरकार को इसका आभास नहीं था कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा। उन्हें लग रहा था पुलिस प्रशासन और लाठीचार्ज से छात्रों के आंदोलन को कुचल देंगे, लेकिन छात्रों का आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चली हो तो सरकार के लोग जिम्मेदार हैं। वहीं, बिहार में हुई घटनाओं के लिए सीएम सम्राट चौधरी जिम्मेदार हैं। एके-47 फायरिंग चलने और लाठीचार्ज से तीन छात्र घायल पड़े हैं। पुलिस वालों ने छात्रों को इतना मारा कि किसी का सिर फूटा तो किसी का पैर टूटा। कांग्रेस नेता ने कहा कि 15 से 17 साल के बच्चों को हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोपों में ज्यूडीशियल कस्टडी में डाल दिया गया। परिजन बच्चों के भविष्य को लेकर रो रहे हैं। इन सब घटनाओं के लिए जवाबदेही तय होनी बहुत जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या दिल्ली में पैलेट गन किसके आदेश पर चलाई गई थी? क्या सिवान में एके-47 चलाने का निर्देश दिल्ली से पुलिस को दिया गया था? या इसका फैसला सीएम ने खुद लिया? कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह के तमाम सवाल हैं, जो पूछे जाने चाहिए। इस बात का गर्व है कि राहुल गांधी ने यह सिद्ध किया कि ये देश पुलिस की लाठी से नहीं, छात्रों की गूंज से चल रहा है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बिमल पटेल से की मुलाकात, आईटीएलओएस के जज चुने जाने की दी बधाई

नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोमवार को बिमल एन. पटेल से मुलाकात की और उन्हें इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ऑफ द लॉ ऑफ द सी (आईटीएलओएस) के जज के तौर पर हाल ही में चुने जाने पर बधाई दी। विदेश मंत्री जयशंकर ने मुलाकात की तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज प्रो. डॉ. बिमल एन. पटेल से मिलकर खुशी हुई। इंटरनेशनल ट्रिब्यूनल ऑफ द लॉ ऑफ द सी के जज के तौर पर हाल ही में चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।” पटेल को यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी (यूएनसीएलओएस) के हस्ताक्षर करने वाले देशों ने चुना था और वह सितंबर में ट्रिब्यूनल में शामिल होंगे। उनके (पटेल) चुने जाने के साथ, सितंबर में जब नीरू चड्ढा अपना नौ साल का कार्यकाल पूरा करेंगी, इसके बाद भी ट्रिब्यूनल में भारत का प्रतिनिधित्व जारी रहेगा। पटेल अंतरराष्ट्रीय कानून के जानकार हैं और अभी यूएन के अंतरराष्ट्रीय कानून आयोग में काम करते हैं। इसके साथ ही वो गुजरात में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके पास जो अलग-अलग पद हैं, उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड की सदस्यता भी शामिल है। भारत के यूएन मिशन ने एक्स पर कहा कि पटेल का चुनाव बहुपक्षवाद और समुद्र के कानून के प्रति भारत के पक्के वादे को आगे बढ़ाता है। पिछले साल से ही भारतीय डिप्लोमैट्स यूएन में उनके चुनाव के लिए कैंपेन कर रहे थे। इस साल ट्रिब्यूनल की जिन सात सीटों पर चुनाव होने थे, उनमें से दो एशियाई क्षेत्र के लिए थीं और उन्हें पटेल और वियतनाम के गुयेन लैन-अन्ह थी ने जीता। पटेल को 168 वैद्य मतों में से 115 मत मिले। यह चुनाव समुद्री कानून कन्वेंशन के स्टेट्स पार्टीज की 36वीं मीटिंग के दौरान हुआ था। जर्मनी के हैम्बर्ग में मौजूद इस ट्रिब्यूनल में 21 जज हैं, जो समुद्र और महासागरों से जुड़े झगड़ों पर फैसला सुनाते हैं और समुद्र के कानून की व्याख्या करते हैं। ईएएम जयशंकर ने पटेल के चुनाव के बाद यूएनसीएलओएस के सदस्यों को सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया था।
अब महाराष्ट्र में लागू होंगे केरल के हेल्थ मॉडल, पब्लिक हेल्थकेयर होगा बेहतर

मुंबई। महाराष्ट्र सरकार पब्लिक हेल्थकेयर सिस्टम को ज्यादा सुलभ, कुशल, टेक्नोलॉजी बेस्ड बनाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इस क्रम में महाराष्ट्र पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने 6 से 8 अगस्त तक केरल का दौरा किया। इस दौरे का मकसद केरल में प्राइमरी हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ, डायग्नोस्टिक्स, बीमारी की रोकथाम और पब्लिक हेल्थ मैनेजमेंट में अपनाए गए बेहतरीन तरीकों, सिस्टम और लागू करने के तरीकों को समझना था, और यह पता लगाना था कि कौन से तरीके महाराष्ट्र की जरूरतों के हिसाब से अपनाए जा सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी-सेकेंड ई. रवींद्रन और महाराष्ट्र में हेल्थ सर्विसेज के कमिश्नर और नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन डायरेक्टर संजय श्रीपतराव कटकर ने की। हेल्थ सर्विसेज कमिश्नरेट के सीनियर अधिकारी और टेक्निकल एक्सपर्ट भी इस टीम का हिस्सा थे। अध्ययन का एक मुख्य हिस्सा केरल का फैमिली हेल्थ सेंटर (एफएचसी) मॉडल था, जिसके तहत प्राइमरी हेल्थ सेंटर बीमारी की रोकथाम, सेहत को बढ़ावा देने, बीमारी का पता लगाने, इलाज और फॉलो-अप जैसी सेवाएं देते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने अध्ययन किया कि ये सेंटर कैसे एक ही प्लेटफॉर्म पर गैर-संक्रामक बीमारियों की स्क्रीनिंग और मैनेजमेंट, काउंसलिंग, मां और बच्चे की सेहत की देखभाल और रेगुलर फॉलो-अप जैसी सेवाएं एक साथ देते हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट की रिलीज के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के कामकाज और कम्युनिटी लेवल पर व्यापक प्राइमरी हेल्थकेयर देने में उनकी भूमिका की भी समीक्षा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने ‘ई-हेल्थ केरल’ का भी अध्ययन किया, जो एक इंटीग्रेटेड डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म स्वास्थ्य सुविधाओं को जोड़ता है और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, रेफरल और मरीजों की जानकारी के बेहतर मैनेजमेंट में मदद करता है। उम्मीद है कि इस अनुभव से महाराष्ट्र में डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने में मदद मिलेगी, खासकर इलाज की निरंतरता, रेफरल सिस्टम और मरीजों के फॉलो-अप को बेहतर बनाने में। इस स्टडी विजिट में कई क्षेत्रों को शामिल किया गया, जैसे कि गैर-संचारी रोगों के लिए आबादी-आधारित स्क्रीनिंग, कैंसर की रोकथाम और देखभाल, मां और नवजात शिशु की स्वास्थ्य सेवाएं, टीबी (तपेदिक) का उन्मूलन, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोध) पर नियंत्रण, पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, पैलिएटिव केयर (गंभीर बीमारी में आराम देने वाली देखभाल), इंटीग्रेटेड बीमारी निगरानी और दवा खरीद व सप्लाई-चेन मैनेजमेंट। रिलीज के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने खास तौर पर 30 साल और उससे ज्यादा उम्र के नागरिकों की आम गैर-संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग के तरीकों, और साथ ही शुरुआती पहचान, इलाज और फॉलो-अप के सिस्टम की जांच की। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, मकसद केरल मॉडल को पूरी तरह से अपनाना नहीं था, बल्कि ऐसे व्यावहारिक और असरदार उपायों की पहचान करना था जिन्हें महाराष्ट्र की भौगोलिक, जनसांख्यिकीय और स्वास्थ्य सेवा संबंधी जरूरतों के हिसाब से अपनाया जा सके।
सौरव गांगुली समेत पत्नी को जान से मारने की धमकी, पुलिस में दर्ज कराई शिकायत

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और उनकी पत्नी डोना गांगुली को जान से मारने की धमकी मिली है। भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष की निजी सचिव की तरफ से ठाकुरपुकुर पुलिस स्टेशन में औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। लिखित शिकायत में जिक्र है, “मैं, तानिया भट्टाचार्य, सौरव गांगुली की तरफ से आपको यह पत्र लिख रही हूं, जिनके साथ मैं बतौर निजी सचिव काम करती हूं। मैं आपका ध्यान एक गंभीर मामले की ओर दिलाना चाहती हूं, जो सौरव गांगुली और उनके परिवार को मिली कुछ धमकी भरी चिट्ठियों से जुड़ा है।” शिकायत में आगे जिक्र है, “पिछले कुछ महीनों से हमें किसी अनजान शख्स की तरफ से (सौरव) गांगुली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों वाली चिट्ठियां मिल रही हैं। शुरू में हमने इन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, यह सोचकर कि ये किसी ऐसे व्यक्ति की हरकत है, जो उन्हें पसंद नहीं करता और अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए चिट्ठियां भेज रहा है। हालांकि, आज हमें सौरव गांगुली और डोना गांगुली के नाम से दो चिट्ठियां मिलीं, जिनमें भेजने वाले ने न सिर्फ उनके खिलाफ नफरती बातें लिखीं, बल्कि सौरव गांगुली, डोना गांगुली और उनके साथ या उनके लिए काम करने वाले लोगों की जान और सुरक्षा को लेकर गंभीर धमकियां भी दीं।” शिकायत में लिखा गया है, “इन चिट्ठियों में दी गई धमकियों की गंभीरता ने हमें चिंतित कर दिया है। ये चिट्ठियां अब नफरत या अपमानजनक बातों से आगे बढ़कर जान और निजी सुरक्षा के लिए स्पष्ट धमकियों में बदल गई हैं, इसलिए हमारा मानना है कि इस मामले में पुलिस का तुरंत दखल और जांच जरूरी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि कृपया जरूरी कार्रवाई करें, शिकायत दर्ज कर जांच करें, इन धमकी भरी चिट्ठियों को भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करें और सौरव गांगुली, डोना गांगुली और उनके साथ काम करने वाले स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाएं।” रिपोर्ट्स के मुताबिक ये चिट्ठियां कूरियर के जरिए सौरव गांगुली के घर भेजी गई हैं। पैकेट पर भेजने वाले का नाम अरुण कुमार लिखा था, जो बेलघरिया का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
छात्र आंदोलन के समर्थन में भाजपा का 11 अगस्त को झारखंड बंद, मरांडी का आरोप- बर्बरता से हुआ लाठीचार्ज

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोमवार रात 9 बजे पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर छात्रों की मांगों की अनदेखी करने और सोमवार के विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों पर निर्ममता से बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य में पिछले कई वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। पार्टी ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग दोहराई। भाजपा नेताओं ने कहा कि बड़ी संख्या में छात्र कई दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम परिसर में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार, आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की सीबीआई जांच शामिल है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए। उन्होंने आंदोलन स्थल पर लगाए गए पंडाल को हटाने के लिए भी प्रशासन पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। भाजपा ने जेपीएससी-जेएसएससी की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा। पार्टी नेताओं ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा, सहायक आचार्य, स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) और उत्पाद सिपाही भर्ती सहित कई नियुक्ति प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा मामले में हुई गिरफ्तारियों का भी उन्होंने उल्लेख किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि छात्रों का राज्य की जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। इसलिए सभी संबंधित मामलों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहु ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अन्य राज्यों में छात्रों के मुद्दे उठाती है, लेकिन झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की सीबीआई जांच की मांग पर उसका रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को सुबह आठ बजे से देर रात तक राज्यव्यापी बंद रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं और देवघर सहित धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कांवरियों को बंद से मुक्त रखा गया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है और सरकार को बातचीत के जरिए उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि छात्रों के साथ दोबारा बल प्रयोग या किसी तरह का गलत व्यवहार हुआ तो पार्टी अपना विरोध और तेज करेगी।
सीएमजी ने ‘विनिंग इन एआई प्ल्स’ कार्यक्रम के दूसरे सीजन के फाइनल का आयोजन किया

बीजिंग। चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) और हांगचो शहर की स्थानीय सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित बड़े पैमाने पर वृत्तचित्र वेंचर कैपिटल कार्यक्रम ‘विनिंग इन एआई प्लस’ के दूसरे सीजन का भव्य समापन और वार्षिक समारोह चीन के चच्यांग प्रांत के हांगचो शहर में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम चीन की ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लस’ रणनीति का बारीकी से अनुसरण करता है, वैश्विक परिप्रेक्ष्य का उपयोग करते हुए एआई क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रतिभाओं और नवोन्मेषी परियोजनाओं की खोज करता है और उद्यमियों को अपने सपनों को प्रदर्शित करने के लिए एक नवोन्मेषी सेवा मंच प्रदान करता है। कई दौर की प्रतियोगिता के बाद, 1000 से अधिक प्रतिभागी कंपनियों में से 20 एआई नवप्रवर्तक फाइनल में पहुंचे। भव्य समारोह की शाम को, अंततः शीर्ष दस एआई नवप्रवर्तकों का चयन किया गया। गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में एक निवेश हस्ताक्षर समारोह भी आयोजित किया गया, जहां कई प्रमुख घरेलू निवेश संस्थानों ने एआई नवप्रवर्तक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिसके परिणामस्वरूप कुल 1.23 अरब युआन के 36 निवेश प्रस्ताव आए और 13 एआई कंपनियों ने हांगचो में परिचालन स्थापित करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
विश्व शेर दिवस 2026: योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्य के मुख्यमंत्रियों ने दीं बधाई और शुभकामनाएं

नई दिल्ली। शेरों की घटती आबादी और उनके संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर वर्ष 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “शक्ति, शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक ‘शेर’ का संरक्षण केवल एक वन्यजीव प्रजाति की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध जैव-विविधता और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की एक समग्र दृष्टि है।” मुख्यमंत्री ने लिखा, “उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। आइए, ‘विश्व शेर दिवस’ पर प्रकृति के इस प्रहरी के संरक्षण का संकल्प लें, जिससे आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित और समृद्ध धरा विरासत में मिल सके।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “शेर भारत की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव विरासत का गौरव हैं। विश्व शेर दिवस पर आइए, प्रकृति के इस अद्भुत प्रहरी के संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को और मजबूत करें तथा ऐसा वातावरण बनाएं, जहां वन्यजीव और प्रकृति दोनों सुरक्षित एवं समृद्ध रहें। सभी वन्यजीव प्रेमियों को विश्व शेर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “समस्त वन्यजीव प्रेमियों को विश्व शेर दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शेर प्रकृति के संतुलन और वन्यजीव संरक्षण के महत्व का प्रतीक हैं। आइए, इस अवसर पर हम सभी वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने, उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने का संकल्प लें।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “समस्त प्रदेशवासियों को ‘विश्व शेर दिवस’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शेर हमारी समृद्ध जैव विविधता, प्राकृतिक संतुलन और वन्यजीव विरासत का महत्वपूर्ण आधार हैं। आइए, इनके संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक धरोहर के निर्माण का संकल्प लें।
ईरान की आर्थिक हालत ‘बहुत खराब’, आधे-अधूरे तरीके से चल रही है बातचीत: ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ उनकी बातचीत केवल ‘आधे-अधूरे तरीके से’ चल रही है। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वह कोई नया सैन्य अभियान शुरू करने के बजाय ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ने देने के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने एक्सियोस से एक छोटी फोन बातचीत में कहा, “हम इसे ज्यादा तूल नहीं दे रहे हैं।” उनका कहना था कि आर्थिक रूप से ईरान की हालत ‘बहुत खराब’ है। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात को लेकर ईरान, ओमान और अमेरिका के बीच एक समझौता तैयार किया गया है, जो पिछले कुछ दिनों से लंबित है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात के लिए एक अस्थायी मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान किसी समझौते के काफी करीब हैं। अराघची ने रविवार को कहा कि जब तक अमेरिका दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के उल्लंघन को बंद नहीं करता, तब तक ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू नहीं हो सकती। तेहरान में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अराघची ने जोर देकर कहा कि इस समय दोनों देशों के बीच कोई बातचीत नहीं चल रही है। इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को ‘बहुत जल्द’ नहीं खोला गया, तो ईरान को ‘कड़े परिणाम’ भुगतने पड़ेंगे। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच ‘बहुत अच्छी बातचीत’ चल रही है। हालांकि, तेहरान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वॉशिंगटन के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। ट्रंप इससे पहले ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि वह उसे ‘अंतिम मौका’ दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट को खोलने को लेकर बातचीत चल रही है और यह ‘शायद अगले ही दिन’ खुल सकता है। सोमवार को ओवल ऑफिस में उन्होंने कहा, “मेरा मतलब है कि यह मामला एक न एक तरह से जल्दी सुलझ जाएगा। यह कोई बहुत जटिल मुद्दा नहीं है।” उन्होंने कहा, “हम स्ट्रेट को खोलने और उसे चालू रखने को लेकर बात कर रहे हैं, और यह सचमुच कल तक हो सकता है।” लेकिन ईरान ने फिर दोहराया कि अमेरिका के साथ ऐसी कोई बातचीत नहीं हो रही है। इन परस्पर विरोधी दावों के कारण दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन के आवागमन का प्रमुख मार्ग माने जाने वाले इस जलमार्ग का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।