मेडिकल छात्रा की मौत पर आंध्र सरकार का फैसला, परिवार को मिलेंगे 20 लाख रुपए

अमरावती। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को मेडिकल छात्रा के. प्रियंका के परिवार के लिए 20 लाख रुपए की मदद का ऐलान किया। 3 अगस्त को राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में शराब के नशे में धुत एक युवक की कार ने उन्हें कुचल दिया था। मुख्यमंत्री ने मेडिकल छात्रा की मौत पर गहरा दुख जताया। छात्रा ने हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस ली। युवा मेडिकल छात्रा की मौत को बेहद दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक होनहार युवा जीवन, जिसका भविष्य उज्ज्वल था… उसका इस तरह दुखद अंत होना बहुत पीड़ादायक है। राजमहेंद्रवरम के एक मॉल में जब युवक की कार ने प्रियंका को टक्कर मारी, तो उन्हें गंभीर चोटें आईं। शुरू में उनका इलाज शहर के अस्पताल में हुआ और बाद में बेहतर इलाज के लिए उनके परिवार वाले उन्हें हैदराबाद ले गए। मुख्यमंत्री ने जिला अधिकारियों के साथ घटना की समीक्षा की और मामले की जानकारी लेने के लिए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से बात की। एसपी ने मुख्यमंत्री को बताया कि घटना के लिए ज़िम्मेदार आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। लापरवाही की वजह से एक बेगुनाह की जान जाने पर चिंता जताते हुए चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पक्का करें कि आरोपी के खिलाफ कानून की उचित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रियंका के शोक-संतप्त परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दें। उन्होंने परिवार को सरकार की ओर से लगातार मदद का भरोसा दिलाया और अधिकारियों से कहा कि वे इस मुश्किल समय में उन्हें हर संभव मदद दें। प्रियंका के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक युवा मेडिकल छात्रा की मौत एक ऐसी त्रासदी है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अपने किए की सजा मिलनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि डॉ. प्रियंका की मौत बहुत दुखद है। राजामहेंद्रवरम में नशे में धुत युवकों की तेज और लापरवाह ड्राइविंग की वजह से कार की टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्होंने कहा कि यह दिल तोड़ने वाली बात है कि इतनी कम उम्र में ही उनकी मौत हो गई, जिससे उनका वह भविष्य खत्म हो गया जिसमें वह एक डॉक्टर के तौर पर कई लोगों की सेवा करने वाली थीं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार यह पक्का करने के लिए कदम उठाएगी कि आरोपी, जिसकी लापरवाह ड्राइविंग ने एक कीमती जान ले ली, उसे कड़ी सजा मिले। उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। सिकंदराबाद के केआईएमएस हॉस्पिटल में रविवार को डॉक्टर्स ने पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल की फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट प्रियंका को मृत घोषित कर दिया।

मध्य प्रदेश: धार के पास भीषण सड़क हादसा, गुजरात के छह युवकों की मौत

भोपाल/धार। मध्य प्रदेश में रविवार को धार-उज्जैन-पेटलावद फोरलेन हाईवे पर पंचकवासा गांव के पास एक वैन और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में गुजरात के गोधरा और पंचमहल जिलों के छह युवकों की मौत हो गई। पीड़ित उज्जैन के महाकाल मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद घर लौट रहे थे। पुलिस के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 1:00 बजे हुआ, जब सात युवकों को ले जा रही वैन (रजिस्ट्रेशन नंबर जीजे17सीके6134) गुजरात की ओर जा रही थी। लोहे का सामान लदा एक ट्रेलर (रजिस्ट्रेशन नंबर जीजे39टीबी9248) बड़नगर-उज्जैन मार्ग पर गलत दिशा में तेज गति से उज्जैन की ओर आ रहा था और सामने से आ रही वैन से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। वैन में सवार छह लोगों में से पांच की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छठा युवक, जो गंभीर रूप से घायल था, अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। धार के एएसपी विजय डाबुर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, “हादसे में मारे गए लोगों की पहचान नितेश भाई, पिता प्रकाश भाई (गोधरा); मयूर कुमार चौहान, पिता प्रकाश भाई (गोधरा); विशाल कुमार, पिता रमेश भाई परमार (पंचमहल); राकेश, पिता भूपत भाई (गोधरा) के रूप में हुई है और दो अन्य लोगों की पहचान अभी बाकी है।” हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक मौके से भाग गया। सूचना मिलने पर बड़नगर थाना प्रभारी अमित सिंह कुशवाहा, तहसीलदार सुरेश नगर और एसडीएम प्रियंका मिमरोद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे, चालक का पीछा किया और उसे पकड़ लिया। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने वैन की खिड़कियां तोड़ीं और काफी मशक्कत के बाद शवों और घायल युवक को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए एम्बुलेंस से बड़नगर सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सका। पुलिस ने घटनास्थल पर पंचनामा (औपचारिक जांच कार्यवाही) किया। सभी छह मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस ने गुजरात में पहचाने गए पीड़ितों के परिवारों को इस दुखद घटना की जानकारी दे दी है। ट्रेलर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन हाईवे पर यातायात बाधित रहा, लेकिन पुलिस ने मलबे को हटाकर यातायात सामान्य कर दिया।

तेल-गैस पर निर्भरता घटाएगा ईरान! राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने नई तकनीक और युवा प्रतिभाओं पर दिया जोर

नई द‍िल्‍ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) की स्थापना की 46वीं वर्षगांठ पर देश की तरक्की के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को अवसर देने की जरूरत बताई, ताकि तेल-गैस पर निर्भरता कम की जा सके। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने नई तकनीकों में निवेश और युवा प्रतिभाओं को समर्थन देने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि देश के अधिकतम विकास और प्रगति के लिए घरेलू वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का पूरा उपयोग किया जाना चाहिए। जिहाद-ए-दानेशगाही (अकादमिक जिहाद) एक सार्वजनिक गैर-लाभकारी संस्था है, जो रक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता, खाद्य सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में शोध और प्रशिक्षण का काम करती है। आईआरएनए की र‍िपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि आवश्यक तकनीकी ढांचे के विकास से ईरान के युवा, प्रतिभाशाली लोग और वैज्ञानिक देश की प्रगति का रास्ता तैयार कर सकेंगे। इससे ईरान को तेल और गैस संसाधनों पर अपनी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी। राष्ट्रपति ने नई तकनीकों के क्षेत्र में निवेश को ईरान की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक बताते हुए कहा कि इससे देश विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, विरोधी देशों को अवैध प्रतिबंधों और दबाव के जरिए ईरान की प्रगति को रोकने का अवसर भी नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि समस्याओं और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए वैज्ञानिकों और आगे की सोच रखने वाले लोगों की जरूरत है। उन्होंने ईरानी जनता से युवाओं पर भरोसा करने की अपील की, ताकि देश की प्रगति को कोई बाधा रोक न सके। आईआरएनए के अनुसार, पेजेशकियन ने इस्लामी गणराज्य ईरान के संस्थापक इमाम खुमैनी और इस्लामी क्रांति के द‍िवंगत नेता अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अली लारिजानी सहित अन्य सभी शहीदों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया। राष्ट्रपति ने वैज्ञानिकों और प्रमुख हस्तियों की हत्याओं तथा ईरान के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और शोध केंद्रों पर अमेरिका और इजरायल के हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुश्मनों का उद्देश्य ईरान की क्षमताओं और उन लोगों को निशाना बनाना था जो देश की समस्याओं को सुलझाने में भूमिका निभा रहे थे। राष्ट्रपति ने घोषणा की कि उनकी सरकार जिहाद-ए-दानेशगाही की तकनीकी परियोजनाओं में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने संस्था के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया कि वे अपने सामने आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर सरकार के साथ चर्चा करें और सुझाव साझा करें। समारोह के अंत में पेजेशकियन ने ‘राष्ट्रीय जिहाद-ए-दानेशगाही पुरस्कार’ शहीद अली लारिजानी के परिवार को प्रदान किया। यह सम्मान उन्हें ईरान के विभिन्न क्षेत्रों के विकास में उनके जीवनभर के योगदान के लिए दिया गया।

जेपी नड्डा जयपुर में तिरंगा यात्रा में शामिल हुए, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी

जयपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने रविवार को जयपुर में तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित कार्यक्रमों के तहत उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और स्वतंत्रता सेनानियों से मुलाकात की। नड्डा ने अमर जवान ज्योति स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की और मातृभूमि की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया। बाद में, उन्होंने राज्य भाजपा कार्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व वरिष्ठ भाजपा नेता प्रवीण चंद छाबड़ा के आवास पर जाकर उन्हें सम्मानित किया। जयपुर में, उन्होंने राज्य की रक्त संग्रह प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से 10 नई रक्त संग्रह और परिवहन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, राज्य भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, राज्य प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ, नड्डा ने अल्बर्ट हॉल से बड़ी चौपड़ तक तिरंगा यात्रा को संबोधित किया। ‘भारत माता की जय’ के नारे के साथ शुरुआत करते हुए नड्डा ने राजस्थान को बहादुर नायकों और राष्ट्र-निर्माताओं की भूमि बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा लाखों भारतीयों के खून, पसीने और जीवन के बलिदान से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उन देशभक्तों को श्रद्धांजलि देने और उनके बलिदानों से प्रेरणा लेने का एक मौका है। भारत को ‘लोकतंत्र की जननी’ बताते हुए उन्होंने जोर दिया कि तिरंगा यात्रा भावनाओं की एक अभिव्यक्ति है जो 140 करोड़ भारतीयों को देशभक्ति और देश के प्रति पूर्ण समर्पण की दिशा दिखाती है। राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास को याद करते हुए नड्डा ने कहा कि भारत ने 22 जुलाई, 1947 को संवैधानिक रूप से ‘तिरंगे’ को अपनाया था। उन्होंने 1906 के स्वदेशी आंदोलन के झंडे से लेकर 1921 में महात्मा गांधी को सौंपे गए पिंगली वेंकय्या के डिजाइन और 1947 में अशोक चक्र वाले अंतिम स्वरूप तक इसके विकासक्रम का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि केसरिया रंग साहस और बलिदान का प्रतीक है, सफेद रंग सच्चाई और शांति का, और हरा रंग समृद्धि का। और अशोक चक्र निरंतर प्रगति का प्रतीक है। नड्डा ने 2022 में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के दौरान ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए तिरंगे को सरकारी प्रतीक से जन-आंदोलन में बदलने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। तब से देश भर में करोड़ों झंडे फहराए जा चुके हैं।

युवाओं और विपक्ष की बात सुननी होगी, देश में तानाशाही नहीं चलेगी : पृथ्वीराज चव्हाण

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने मानसून सत्र में संसद की कार्यवाही बाधित होने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सही सवाल उठा रहे हैं और विपक्षी दलों का रुख भी सही दिशा में है। उन्होंने कहा कि युवाओं और विपक्ष की बात सरकार को सुननी होगी तथा देश में तानाशाही नहीं चल सकती। मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दिल्ली में संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई की गई, वह किसके आदेश पर हुई, इसका जवाब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को देना चाहिए। दिल्ली पुलिस तो उनके अधीन है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी यही मांग कर रहे हैं कि सरकार सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब दें लेकिन गृह मंत्री सदन में जवाब देने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्कुल सही सवाल उठाया है। पैलेट गन का इस्तेमाल तब तक नहीं किया जाता, जब तक उचित स्तर से आदेश न दिया जाए। हमारे प्रोटोकॉल में साफ कहा गया है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल केवल विशेष परिस्थितियों में ही किया जाता है। चव्हाण ने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत छात्रों से बातचीत कर रहे हैं और उनकी भाषा में उनसे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं, तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी छात्रों और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए। मोहन भागवत से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे अमित शाह को कहे कि वे संसद में जाकर इन सवालों का जवाब दें। यह ड्रामा कब तक चलेगा? अमित शाह संसद में आएं और माफी मांगें। युवा पीढ़ी अब यहां से शांत नहीं होगी। लोकतंत्र में जनता और विपक्ष की आवाज सुनी जानी चाहिए। जनतंत्र में भरोसा रखना होगा। तानाशाही की सरकार इस देश में नहीं चलेगी। महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों पर पृथ्वीराज चव्हाण ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी कवायद के पीछे असली मकसद संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत हासिल करना है। सदन में उन्हें दो-तिहाई बहुमत मिल जाएगा तो वे संविधान में बड़े बदलाव करने और कई प्रावधानों को बदलने में सक्षम हो जाएंगे। यही उनका अंतिम लक्ष्य है। चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या सरकार महिला आरक्षण का बहाना बनाकर परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, महिला आरक्षण और परिसीमन दो अलग-अलग मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण की अवधारणा कांग्रेस लेकर आई थी और 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। उन्होंने कहा कि जब वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में महिलाओं के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया था। चव्हाण ने कहा कि मौजूदा सरकार जब महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक लेकर आई थी, तब कांग्रेस ने उसका स्वागत किया था, लेकिन इसे परिसीमन के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को पता है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव नहीं जीत पाएगी, इसलिए वह संविधान में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भले ही इन बिलों के जरिए उनका मकसद हिंदू राष्ट्र बनाने का हो, लेकिन, संविधान में बड़े बदलाव के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जेनजी के साथ बातचीत पर भी पृथ्वीराज चव्हाण ने तंज कसते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर जिस तरह से सीजेपी के तत्वावधान में प्रदर्शन हुआ, ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद भाजपा और संघ को भी नहीं थी। चव्हाण ने कहा कि पहले किसानों के आंदोलन सहित कई आंदोलनों को सरकार ने दबाने या उनसे निपटने में सफलता हासिल की, लेकिन छात्रों का यह आंदोलन अलग है। उनके मुताबिक, यह आंदोलन किसी विशेष जाति, राज्य, आयु वर्ग या आर्थिक हित से जुड़ा नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर था। इसीलिए छात्र सड़कों पर आए और अपने हक की बात की। भाजपा इस आंदोलन को लेकर पैनिक मोड में चली गई। चव्हाण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात में वीडियो जारी कर छात्रों से संवाद करने की कोशिश की और इसके बाद संघ प्रमुख ने भी छात्रों तक पहुंचने का प्रयास किया। मोहन भागवत के छात्रों से संवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संघ प्रमुख ने जेन जी की भाषा में बात करने की कोशिश की और यह दिखाने का प्रयास किया कि वे जेनजी के साथ हैं। पृथ्वीराज चव्हाण ने भागवत के एंटी-नेशनल वाले बयान पर सवाल करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें राष्ट्रविरोधी बताया, क्या वे उन नेताओं के बारे में भी कुछ कहेंगे। प्रधानमंत्री को संसद में आकर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के सवालों से भाग नहीं सकती, जवाब देना होगा। बंगाल में पूर्व सीएम ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मेरे पास इस बारे में कोई सीधी जानकारी नहीं है। हालांकि, अगर आप ऐसा कह रहे हैं, तो यह सच ही होगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी राजनीतिक गतिविधियां चलाने का पूरा अधिकार है और यह उसका संवैधानिक अधिकार भी है। उन्होंने कहा कि यदि सत्ताधारी पार्टी अपनी ताकत और धन का गलत इस्तेमाल कर विपक्ष को खत्म करने के लिए डराने-धमकाने या बाहुबल का सहारा लेती है, तो ऐसे व्यवहार को स्वीकार या उसका समर्थन नहीं किया जा सकता।

डीपीएल 2026: ‘हाई स्कोरिंग’ मुकाबले में ‘किंग्स’ की जीत, ‘स्ट्राइकर्स’ ने ‘टाइगर्स’ को 7 विकेट से रौंदा

नई दिल्ली। दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) 2026 में रविवार को नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स ने न्यू दिल्ली टाइगर्स के खिलाफ 7 विकेट से जीत हासिल की। वहीं, सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने ‘हाई स्कोरिंग’ मैच में साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स को 4 विकेट से हराया। यह दोनों मुकाबले अरुण जेटली स्टेडिमय में खेले गए। सेंट्रल दिल्ली किंग्स 6 में से 5 मैच जीतकर प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पर है, जबकि 4 में से 2 मैच जीतकर नॉर्थ दिल्ली स्ट्राइकर्स तीसरे पायदान पर है। न्यू दिल्ली टाइगर्स ने 5 में से 4 मैच गंवा दिए हैं। यह टीम सातवें स्थान पर है, जबकि 5 में से 3 मैच गंवाने के बाद साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स छठे पायदान पर है। दिन के पहले मैच में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यू दिल्ली टाइगर्स ने 8 विकेट खोकर 161 रन बनाए। इस टीम के लिए ऋतिक शौकीन ने सर्वाधिक 35 रन बनाए, जबकि सलामी बल्लेबाज अतुल्य पांडे ने 32 रन का योगदान दिया। इनके अलावा, आर्यन शर्मा ने 25 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से विकास दीक्षित ने 28 रन देकर सर्वाधिक 3 विकेट हासिल किए। इसके जवाब में नॉर्थ दिल्ली स्ट्राकर्स ने 19.1 ओवरों में जीत हासिल कर ली। कप्तान सार्थक रंजन ने वैभव कांडपाल के साथ पहले विकेट के लिए 70 गेंदों में 102 रन की साझेदारी करते हुए जीत की नींव रखी। वैभव 36 गेंदों में 2 छक्कों और 3 चौकों के साथ 41 रन बनाकर आउट हुए, जबकि सार्थक ने 5 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 65 रन की पारी खेली। इनके अलावा, भरत सिंधवानी ने नाबाद 24 रन, जबकि यश डबास ने नाबाद 14 रन टीम के खाते में जोड़े। विपक्षी खेमे से रेवंत राक्यान ने 2 विकेट निकाले। रविवार के दूसरे मुकाबले में सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने जीत दर्ज की। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी साउथ दिल्ली सुपरस्टार्स ने 20 ओवरों में 6 विकेट खोकर 220 रन कूटे। सनत सांगवान (38) ने कप्तान आयुष बडोनी (44) के साथ दूसरे विकेट के लिए 39 गेंदों में 72 जोड़े, जबकि प्रणव पंत (29) ने तेजस्वी दहिया के साथ चौथे विकेट के लिए 39 गेंदों में 77 रन की साझेदारी की। तेजस्वी 31 गेंदों में 8 छक्कों और 1 चौके के साथ 69 रन बनाकर आउट हुए। विपक्षी खेमे से मोनी ग्रेवाल और गवनीश खुराना ने 2-2 विकेट निकाले। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट्रल दिल्ली किंग्स ने 19.4 ओवरों में मैच अपने नाम कर लिया। टीम ने 62 के स्कोर तक अपने 3 विकेट गंवा दिए थे। यहां से युगल सैनी ने केशव डबास के साथ चौथे विकेट के लिए 55 गेंदों में 96 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 158 के स्कोर तक पहुंचाया। केशव 27 गेंदों में 5 बाउंड्री की मदद से 39 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद युगल ने वंश बेदी के साथ पांचवें विकेट के लिए 19 गेंदों में 48 रन जुटाकर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। युगल 45 गेंदों में 6 छक्कों और 9 चौकों के साथ 91 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद वंश बेदी (नाबाद 21) ने टीम को जीत दिलाई। विपक्षी खेमे से अंशुमन हूडा ने सर्वाधिक 3 विकेट निकाले, जबकि ऋषभ शर्मा ने 2 विकेट अपने नाम किए।

ईडी प्रमुख राहुल नवीन को अगस्त 2027 तक एक वर्ष का सेवा विस्तार मिला

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक राहुल नवीन को 13 अगस्त से एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा जारी एक परिपत्र में कहा गया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने आईआरएस अधिकारी राहुल नवीन को प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक के रूप में 13 अगस्त के बाद एक वर्ष के लिए यानी 13 अगस्त, 2027 तक, उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि यानी 31 जुलाई, 2027 के बाद तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, सेवा विस्तार को मंजूरी दे दी है। 1956 में स्थापित ईडी ने 1 मई, 2026 को अपने 70 वर्ष पूरे किए। प्रमुख वित्तीय जांच एजेंसी के रूप में ईडी को विदेशी मुद्रा प्रबंधन से संबंधित कानूनों को लागू करने और मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम का दायित्व सौंपा गया है। इससे पहले 70वें प्रवर्तन दिवस समारोह में बोलते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एजेंसी को वित्तीय अपराधों से राष्ट्र की रक्षा करने वाली ढाल बताया। राज्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ईडी को दी गई शक्तियां मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला लेनदेन, बेनामी संपत्तियों और कॉरपोरेट धोखाधड़ी जैसे वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए हैं, न कि व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए। कठोर प्रवर्तन की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अपराध अर्थव्यवस्था और आम नागरिक के लिए गंभीर खतरा हैं। राज्य मंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष 31 मार्च तक ईडी ने लगभग 23 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी, जिसमें से 63,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बैंकों, निवेशकों और घर खरीदारों सहित उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दी गई है। उभरती चुनौतियों का जिक्र करते हुए राज्य मंत्री चौधरी ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी और ऑनलाइन वित्तीय अपराध बढ़ती चिंता का विषय हैं और इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के बीच मजबूत सहयोग का आह्वान किया। राज्य मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति अपनाती है। केंद्रीय मंत्री चौधरी ने इस अवसर पर ईडी के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईडी निदेशक राहुल नवीन ने कहा कि वित्तीय अपराधों का स्वरूप बैंक धोखाधड़ी और कॉरपोरेट घोटालों से हटकर क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी, साइबर-आधारित अपराध, आतंकवाद वित्तपोषण और मादक पदार्थों की तस्करी की ओर मुड़ गया है। उन्होंने कहा कि ईडी ने इन उभरते खतरों के प्रति सक्रिय रूप से अनुकूलन किया है और आपराधिक नेटवर्कों को उनके वित्तीय स्रोतों को निशाना बनाकर बाधित करने की एक केंद्रित रणनीति अपनाई है। वैश्विक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए राहुल नवीन ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी प्रयासों में भारत की भूमिका मजबूत हुई है, और ईडी अंतरराष्ट्रीय ढांचों और संपत्ति वसूली नेटवर्कों में योगदान दे रही है।

सीडब्ल्यूजी 2026: ‘उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी,’ पदकवीरों से मिले पीएम मोदी, उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ग्लासगो में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर करत हुए पीएम मोदी ने लिखा, “7, लोक कल्याण मार्ग पर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के हमारे शानदार मेडल विजेताओं की मेजबानी करके बहुत खुशी हुई। गेम्स के दौरान उनके अनुभवों के बारे में सुना। उन सभी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। उनकी सफलता कई युवाओं को प्रेरित करेगी।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक्स’ अकाउंट पर इस मुलाकात का एक वीडियो भी शेयर किया, जिसकी शुरुआत विमेंस 51 किलोग्राम भार वर्ग में गोल्ड जीतने वाली बॉक्सर साक्षी चौधरी ने की। इस वीडियो में साक्षी ने कहा, “हैलो फ्रैंड्स, मैं साक्षी चौधरी… आज हम सभी कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट को आदरणीय प्रधानमंत्री सर ने बुलाया है। हमें इस पर काफी गर्व महसूस हो रहा है। हमें प्रधानमंत्री से मिलकर बहुत खुशी हुई। वह बहुत विनम्र हैं।” इसके बाद पीएम मोदी ने कहा, “जो खेलेगा, वो खिलेगा, ऑलवेज चियर फोर भारत।” अपनी बात समाप्त करते हुए पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष किया। भारत ने पदक तालिका में 39 पदकों (13 गोल्ड, 17 ​​सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज) के साथ चौथा स्थान हासिल किया, जबकि प्रतियोगिता का कार्यक्रम काफी छोटा कर दिया गया था और इसमें कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, हॉकी और शूटिंग जैसे ज्यादा पदक वाले खेल शामिल नहीं थे। भारतीय बॉक्सिंग टीम ग्लासगो से सात गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल लेकर लौटी। वहीं, जूडो टीम ने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए चार मेडल जीते। इनमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल रहे। एथलेटिक्स में भारत को 10 मेडल मिले, जिनमें पांच सिल्वर और पांच ब्रॉन्ज शामिल थे। गुलवीर सिंह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में दो व्यक्तिगत मेडल जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बने; जिन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर और 5,000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीता।

बोलीविया की ओर भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी

नई दिल्ली। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने रविवार को बताया कि भारत ने बोलीविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की खेप भेजी है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ल‍िखा, “ग्लोबल साउथ के एक साझेदार देश की मदद के लिए भारत आगे आया है। भारत ने बोलीविया की सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षमता को समर्थन देने के लिए आठ मीट्रिक टन जीवनरक्षक और जरूरी दवाइयों की खेप भेजी है। भारत हमेशा एकजुटता और साझा प्रगति के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार रहता है।” बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो इस साल फरवरी में भारत आए थे। नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की थी। बैठक के बाद उपराष्ट्रपति कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “बोलीविया के उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो ने आज नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। यह मुलाकात इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान हुई।” पोस्ट में आगे कहा गया, “दोनों नेताओं ने भारत और बोलीविया के बीच लगातार मजबूत हो रहे द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। साथ ही, बहुपक्षीय और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को और मजबूत करने के बारे में भी विचारों का आदान-प्रदान किया।” बैठक में दोनों पक्षों ने सौर ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटलीकरण, उच्च शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के उपायों पर विशेष रूप से चर्चा की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने पिछले वर्ष जुलाई में भी दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया को तीन लाख खुराक एमआर (खसरा और रूबेला) वैक्सीन दान की थीं। इनके साथ टीकाकरण के लिए जरूरी अन्य चिकित्सा सामग्री भी भेजी गई थी। बोलीविया में भारत के राजदूत रोहित वाधवाना ने बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी ला पाज के एल आल्टो हवाई अड्डे पर आयोजित एक समारोह में इस खेप को औपचारिक रूप से सौंपा था। इस अवसर पर बोलीविया की विदेश मंत्री सेलिंडा सोसा लुंडा, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री मारिया रेने कास्त्रो क्विसिकैंकी और उपमंत्री मैक्स एनरिकेज नावा भी मौजूद थे।

एकता कपूर की चमक कम नहीं हुई, वह समय के साथ बदलना जानती हैं : तेजस्वी प्रकाश

मुंबई। टीवी की दुनिया में अब डेली सोप्स के मुकाबले रियलिटी शोज, गेमिंग शोज और अलग तरह के कंटेंट को ज्यादा पसंद किया जा रहा है। ऐसे समय में मशहूर प्रोड्यूसर और ‘टेलीविजन की क्वीन’ कही जाने वाली एकता कपूर ने खुद को सिर्फ टीवी सीरियल्स तक सीमित नहीं रखा और रियलिटी शो के क्षेत्र में कदम बढ़ाया। इस कड़ी में एकता कपूर की तारीफ करते हुए अभिनेत्री तेजस्वी प्रकाश ने कहा कि वह समय के साथ खुद को बदलना जानती हैं। दरअसल, तेजस्वी प्रकाश इन दिनों गेमिंग रियलिटी शो ‘प्लेग्राउंड’ के पांचवें सीजन को लेकर चर्चा में हैं। आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”एकता कपूर हमेशा से टेलीविजन की क्वीन रही हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ टीवी की निर्माता के तौर पर देखना सही नहीं होगा। वह एक बेहतरीन रणनीतिकार होने के साथ-साथ बहुत समझदार बिजनेसवुमन भी हैं। उन्हें पता है कि इस समय दर्शकों के बीच क्या चल रहा है और किस तरह का कंटेंट लोगों को पसंद आ रहा है। इसलिए वह अपने काम को समय की मांग के हिसाब से बदलती रहती हैं।” तेजस्वी ने कहा, ”एकता ने अपने आसपास कई ऐसे लोगों को देखा है, जो अपने काम करने के तरीके में बदलाव नहीं करना चाहते। ऐसे लोग चाहे उनका तरीका काम करे या न करे, उसी रास्ते पर चलते रहते हैं। इसकी वजह से वे आगे नहीं बढ़ पाते और एक जगह पर ही रुक जाते हैं। समय के साथ खुद में बदलाव करना बेहद जरूरी है और उन्होंने अपने जीवन में इस बात को महसूस किया है।” तेजस्वी ने कहा, “एकता कपूर ने अपनी गलतियों को समझा है और उन गलतियों से सीखने के बाद अपने काम करने के तरीके में जरूरी बदलाव किए हैं। जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए यह समझना जरूरी है कि कब अपने तरीके को बदलने की जरूरत है।” तेजस्वी का एकता कपूर के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। वह एकता कपूर के चर्चित शो ‘नागिन 6’ में नजर आई थीं। रियलिटी शो ‘लॉक अप’ को लेकर भी तेजस्वी ने एकता कपूर की टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा, ”शो के दूसरे सीजन की सफलता से मैं बेहद खुश और गर्व महसूस कर रही हूं। मैं खुद भी ‘लॉक अप’ का हिस्सा रह चुकी हूं। भले ही मेरा जुड़ाव शो से छोटे स्तर पर रहा हो, लेकिन उस शो का हिस्सा बनना और उसके मंच पर मौजूद रहना मेरे लिए बेहद मजेदार अनुभव था।” तेजस्वी ने आखिर में कहा, ”एकता कपूर की पहचान सिर्फ टेलीविजन तक सीमित नहीं है। वह फिल्ममेकर भी हैं और फिल्मों के क्षेत्र में भी काम कर रही हैं। उनके पास आने वाले समय के लिए कुछ नए और शानदार प्रोजेक्ट्स हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि एकता कपूर की चमक कम हो रही है।