बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप बढ़ा: मरने वालों की संख्या 59 हुई, मामले 18,000 के करीब

ढाका। बांग्लादेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक 59 लोगों की मौत हो गई है जबकि इस साल अब तक 17,880 मामले सामने आए हैं। स्थानीय मीडिया ने स्वास्थ्य महानिदेशालय यानी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के हवाले से इसकी जानकारी दी। डीजीएचएस के अनुसार, ढाका डिवीजन इससे सबसे ज्यादा पीड़ित क्षेत्र है। कुल 6,871 दर्ज मामले रिपोर्ट हुए जिसमें से 4,404 मामले तो शहर के ही थे। 3,647 केस के साथ, बारिशाल डिवीजन दूसरे नंबर पर रहा, इसके बाद चटगांव में 3,082 और खुलना में 2,272 केस दर्ज किए गए। ढाका डिवीजन में मृतकों की संख्या भी सबसे अधिक है। सूची में ये सबसे ऊपर है, कुल 26 में से 25 ढाका में हुईं। बांग्लादेश के जाने-माने अखबार ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के मुताबिक, खुलना में 12 लोगों की मौत हुई, इसके बाद चटगांव और मैमनसिंह में क्रमशः सात और छह लोगों ने बीमारी से जान गंवाई। डेंगू, मच्छर से होने वाली वायरल बीमारी है, जो बांग्लादेश में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का रूप लेती जा रही है। यह मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ बांग्लादेश में जूलॉजी डिपार्टमेंट (प्राणीशास्त्र विभाग) में एसोसिएट प्रोफेसर, जीएम सैफुर रहमान ने कहा कि नवीनतम आंकड़े ढाका के उच्च जनसंख्या घनत्व, लगातार एडीज मच्छर प्रजनन और अपर्याप्त वेक्टर नियंत्रण उपायों के संयोजन को दर्शाते हैं। ज्यादा आबादी, गर्म मौसम और बहुत ज्यादा ब्रीडिंग ग्राउंड का मेल एडीज मच्छरों और डेंगू वायरस दोनों के लिए साल भर फैलने के लिए सही हालात पैदा करता है। यही कारण है कि ढाका एक बड़ा डेंगू हॉटस्पॉट बन गया है। द डेली स्टार ने सैफुर के हवाले से कहा, “कुछ ही दिन पहले, सेंट्रल मेट्रोपॉलिटन विमेंस कॉलेज में जांच के दौरान हमने पाया कि पानी के एक छोटे कंटेनर में एडीज मच्छर के लार्वा मौजूद थे। ऐसी ब्रीडिंग साइट्स पूरे शहर में आम हैं, जिससे पता चलता है कि एडीज मच्छर रिहायशी इलाकों में लगातार बढ़ रहे हैं।” इस बात पर जोर देते हुए कि मच्छरों को नियंत्रित करने के उपाय बचाव के बजाय ज्यादातर प्रतिक्रिया के रूप में सामने आते रहे हैं, उन्होंने आगे कहा, “सबसे असरदार स्ट्रेटेजी यह होगी कि जब डेंगू का फैलाव काफी कम हो, तब मच्छरों को कंट्रोल करना तेज किया जाए। उस समय, ब्रीडिंग साइट्स कम होते हैं, और ऐसे में उन्हें नियंत्रित करना आसान होता है। हालांकि देखा ये जाता है कि, मच्छरों को कंट्रोल करने की कोशिश आमतौर पर डेंगू सीजन शुरू होने के बाद ही तेज होता है, तब तक संक्रमण काफी तेजी से फैल चुका होता है। ” सैफुर के मुताबिक, बांग्लादेश का एक असरदार, केंद्रीकृत मच्छर नियंत्रण तंत्र बनाने में नाकामयाबी ने देश में डेंगू की स्थिति को और खराब कर दिया है। उन्होंने एक राष्ट्रीय मच्छर नियंत्रण प्राधिकरण बनाने की मांग की, जिसमें एक्सपर्ट एंटोमोलॉजिस्ट हों, जो देश भर में वेक्टर कंट्रोल के तरीकों की निगरानी कर सकें। उन्होंने चेतावनी दी, “जब तक हम एक समन्वित राष्ट्रीय नियंत्रण प्रणाली नहीं बनाते, डेंगू के मामले बढ़ते रहेंगे।” जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी में जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने चेतावनी दी कि अगस्त तक डेंगू के और बढ़ने की आशंका है और सितंबर तक यह बढ़ता रह सकता है। उन्होंने कहा, “हो सकता है कि अगस्त में ये चरम पर न हो। हो सकता है कि इस साल का पीक सितंबर में आए। हम यह कह सकते हैं कि अगस्त और सितंबर तक यह बढ़ता रहेगा।
कैनेडियन ओपन: फर्नांडीज ने मीरा आंद्रीवा को हराकर बनाई अंतिम 16 में जगह, ओसाका से होगा मुकाबला

मॉन्ट्रियल। यूएस ओपन 2021 के फाइनल तक का सफर तय करने वालीं कनाडा की टेनिस खिलाड़ी लेला फर्नांडीज ने कैनेडियन ओपन के महिला एकल मुकाबले के तीसरे दौर में रूस की मीरा आंद्रीवा को हराया। मीरा आंद्रीवा इस साल फ्रेंच ओपन (रोलैंड गैरोस) की चैंपियन रही हैं। इस जीत के साथ फर्नांडीज ने दुनिया की टॉप-10 खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार 7 हार का सिलसिला भी खत्म कर दिया। फर्नांडीज ने पांचवीं वरीयता प्राप्त आंद्रीवा के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए हार का सिलसिला तोड़ा और अपने देश के इस खास टूर्नामेंट में अपने अब तक के सबसे अच्छे नतीजे की बराबरी की। इस जीत के साथ ही 30वीं रैंकिंग वाली फर्नांडीज अब राउंड ऑफ 16 में पूर्व यूएस ओपन विजेता और जापान की खिलाड़ी नाओमी ओसाका से भिड़ेंगी। ओसाका (11वीं वरीयता प्राप्त) ने बेल्जियम की 20वीं सीड खिलाड़ी एलिस मर्टेंस को 6-1, 6-4 से हराया था। कनाडा की स्टार खिलाड़ी फर्नांडीज ने पांचवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आंद्रीवा को 1 घंटे 21 मिनट में 6-1, 6-4 से हराया। इसके साथ ही वह न केवल टोरंटो में राउंड ऑफ 16 में पहुंचीं (ऐसा ही नतीजा उन्होंने 2023 में मॉन्ट्रियल में हासिल किया था), बल्कि एक साल से भी ज्यादा समय में टॉप-10 खिलाड़ी के खिलाफ अपनी पहली जीत भी दर्ज की। उन्होंने पिछली बार आंद्रीवा जैसी ऊंची रैंकिंग वाली खिलाड़ी को पिछले साल मुबाडाला डीसी ओपन में हराया था। फर्नांडीज ने विश्व की नंबर 4 खिलाड़ी जेसिका पेगुला को मात दी थी। फर्नांडीज ने खराब फॉर्म से जूझ रही आंद्रीवा के खिलाफ 6-1, 5-1 तक आसानी से बढ़त बनाए रखी, लेकिन फिर 20 साल की आंद्रीवा ने वापसी की और आठवें गेम में 0-30 से पिछड़ने के बावजूद गेम अपने नाम किया और स्कोर 5-4 कर दिया। हालांकि 5-4 के स्कोर पर फर्नांडीज की सर्विस के दौरान 0-15 पर फोरहैंड शॉट चूकना निर्णायक साबित हुआ और 30वीं सीड फर्नांडीज ने तीन प्वाइंट बाद जीत पक्की कर ली। मैच के बाद फर्नांडीज ने कहा, “मेरे लिए सबसे जरूरी था साकारात्मक रहना, मजबूत बने रहना और सब्र रखना। मुझे पता था कि वह आसानी से प्वाइंट नहीं देने वाली थीं। शुरुआत में कई लंबी रैलियां हुईं और मेरे लिए महत्वपूर्ण था कि मैं डटी रहूं, अपनी काबिलियत पर भरोसा रखूं और पूरे मैच के दौरान अपना गेम खेलती रहूं।” मैच के आंकड़े बाएं हाथ की खिलाड़ी की रणनीति के हिसाब से रहे। आंद्रीवा ने पहले सेट में 19 और पूरे मैच में 34 अनफोर्स्ड एरर (बिना दबाव के गलतियां) किए – जो उनके 17 विनर्स से दोगुने थे। वहीं, फर्नांडीज का खेल सधा हुआ था; उन्होंने आठ विनर्स लगाए और सात अनफोर्स्ड एरर किए। फर्नांडीज ने कहा, “मैं खुद से कह रही थी कि बस गेंद को वापस कोर्ट में डालना है। मैंने लगातार अच्छा खेलने और एक के बाद एक शॉट लगाने की काफी प्रैक्टिस की है, और ऐसी रैलियां खेलने की कोशिश की है जिनमें हममें से कोई भी गलती न करे। मैं हमेशा इसी सोच पर वापस आती हूं। मुझे पता है कि मैं ऐसा कर सकती हूँ।
लगातार बारिश के चलते केरल के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

तिरुवनंतपुरम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में तीव्र वर्षा के एक और दौर की चेतावनी जारी करने के बाद शनिवार को केरल में हाई अलर्ट जारी रहा, जिसके तहत सात जिलों को ऑरेंज अलर्ट के अंतर्गत रखा गया है। पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले घंटों में मौसम अस्थिर रह सकता है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। एहतियात के तौर पर, अधिकारियों ने कई प्रभावित जिलों में शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है, जिनमें आंगनवाड़ी से लेकर व्यावसायिक कॉलेज तक शामिल हैं। हालांकि, कोझिकोड में व्यावसायिक कॉलेजों को इस बंदी आदेश से छूट दी गई है। पहले से निर्धारित सार्वजनिक और विश्वविद्यालय परीक्षाएं योजना के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी। अधिकारियों ने तटीय इलाकों में भी प्रतिबंधों को कड़ा कर दिया है, तेज हवाओं और खराब मौसम की संभावना के मद्देनजर मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। केरल तट के किनारे 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया है। भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि यदि आवश्यक हो तो सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। नदियों और नालों में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को जल निकायों के पास जाने, नदियों में प्रवेश करने या झरनों और अन्य संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर जाने से बचने की चेतावनी दी गई है। सुरक्षा उपायों के तहत नदियों के किनारे मछली पकड़ने और सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। तालुक स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन एवं बचाव दल को उन क्षेत्रों में तैयार रखा गया है जहां भारी बारिश होने की संभावना है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक मौसम और आपदा प्रबंधन संबंधी अपडेट पर ही भरोसा करें। नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, केरल में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है, जिसके चलते राज्य में मौसम की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
चरखी दादरी फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी रोहित कातिया समेत तीन गिरफ्तार, छह पुलिसकर्मी सस्पेंड

चरखी दादरी। हरियाणा में चरखी दादरी शहर सिटी थाने के सामने हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रोहित कातिया को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने कोर्ट परिसर के मुख्य गेट पर तैनात क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है। डीएसपी धीरज कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि फायरिंग की घटना में शामिल आरोपी बौंद-कलानौर लिंक रोड से गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान सफेद रंग की कार को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के मुताबिक, कार से उतरते ही आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपी की एक गोली पुलिस के सरकारी वाहन के बंपर पर लगी। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने दोबारा फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्तौल बरामद की गई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। एफएसएल टीम और सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार फायरिंग की मूल घटना में सात लोग घायल हुए थे। डीएसपी ने बताया कि इनमें से छह घायलों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। फतेहगढ़ निवासी अमित के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न धाराओं में 21 मुकदमे दर्ज हैं। विजय उर्फ सन्नी पर छह, अंकित पुत्र सतबीर पर पांच, जबकि कृष्ण, कीर्तिमान और सूरजमल पर एक-एक आपराधिक मामला दर्ज है। घायल अंकित पुत्र सुरेश का कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। फायरिंग की वारदात कोर्ट परिसर से निकलने के बाद करीब 50 मीटर दूर सिटी थाने के सामने हुई थी। कोर्ट परिसर और उसके आसपास सुरक्षा की जिम्मेदारी क्यूआरटी टीम की होती है। इसी लापरवाही के चलते एसपी ने मुख्य गेट पर तैनात छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बिहार : मुकेश श्रीवास्तव हत्याकांड के विरोध में चित्रांश समाज का कैंडल मार्च

पटना। बिहार के सिवान जिले के आंदर थाना क्षेत्र के खड़िया गांव निवासी मुकेश श्रीवास्तव की हत्या के विरोध में पटना में चित्रांश समाज के युवाओं ने कैंडल मार्च निकाला। पटना के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक पर आयोजित कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में चित्रांश समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने हत्याकांड के मुख्य आरोपितों की अविलंब गिरफ्तारी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। शुक्रवार की देर शाम निकाले गए इस कैंडल मार्च का नेतृत्व चित्रांश समाज के नेता सीतेश रमण ने किया। उन्होंने कहा कि मुकेश श्रीवास्तव की हत्या से चित्रांश समाज के साथ-साथ हर वर्ग के लोगों में दुख और आक्रोश है। उन्होंने कहा कि समाज को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उम्मीद है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देखते हुए आरोपितों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। सीतेश रमण ने कहा कि पुलिस की ओर से की गई छापेमारी के दौरान आरोपितों के घर से सात लाख रुपए नकद, दो नोट गिनने वाली मशीन, शराब और गांजा बरामद किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद हत्याकांड के मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की और कहा कि मुकेश श्रीवास्तव की हत्या से चित्रांश (कायस्थ) समाज में भारी आक्रोश है। समाज के युवाओं में न्याय की मांग को लेकर रोष व्याप्त है। सरकार और पुलिस प्रशासन का दायित्व है कि हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। सीतेश रमण ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को समुचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मृतक की पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण तथा उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुख्य आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो चित्रांश समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग करेगा। कैंडल मार्च में सीतेश रमण, मनीष आनंद, पूजा कुमारी, अनितेश कुमार, अभिषेक कुमार, चंदन कुमार, संतोष कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
ईरान अमेरिका से बातचीत के पक्ष में, लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे: राष्ट्रपति पेजेश्कियन

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बातचीत जारी रखने के देश के वादे को फिर से दोहराया है। इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। पेजेश्कियन ने यह बात शुक्रवार (स्थानीय समय) को अपने ऑफिस की वेबसाइट पर पब्लिश एक इंटरव्यू में कही। उन्होंने ईरान सरकार के अमेरिका के साथ बातचीत करने और युद्ध खत्म करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर करने के फैसले का बचाव किया। ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक अमेरिका एमओयू के तहत अपने वादे पूरे करता है, ईरान अपनी जिम्मेदारियों के लिए प्रतिबद्ध है। जहां भी वे अपना वादा पूरा करने में फेल होते हैं तो हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है कि हम काम जारी रखें।” इस हफ्ते की शुरुआत में पेजेश्कियन ने इस बात से इनकार किया कि वह पद छोड़ रहे हैं और कहा कि वह पूरी तरह से अपना काम जारी रखेंगे। यह बात एमओयू को लेकर ईरानी नेतृत्व में मतभेद की अफवाहों के बीच आई। ईरान और अमेरिका ने जून में ज्ञापन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत दोनों पक्षों को आखिरी समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के अंदर बातचीत करनी थी। हालांकि दोनों के बीच नए तनाव ने बातचीत का नतीजा अनिश्चित कर दिया है। इस बीच, ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात ईरान के होर्मोजगान प्रांत के दक्षिणी केश्म द्वीप पर दो धमाके सुने गए। एजेंसी ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रवेश द्वार पर “शत्रुतापूर्ण लक्ष्यों” से ईरानी सशस्त्र बलों की भिड़ंत के कारण ये धमाके हुए। तस्त्रीम ने सूत्रों के हवाले से बताया कि धमाकों की आवाज स्थानीय समय के हिसाब से रात करीब 9:40 बजे सुनी गई और कहा कि ईरानी नौसेना को इस संघर्ष में मिली कामयाबियों की घोषणा आने वाले घंटों में की जाएगी। इसमें हॉर्मोजगान प्रांत के राजनीतिक, सुरक्षा और सामाजिक मामलों के उप-गवर्नर अहमद नफीसी के हवाले से कहा गया है कि केशम आइलैंड और प्रांतीय राजधानी बंदर अब्बास में किसी भी हमले या घटना की सूचना नहीं मिली है। विस्फोटों के कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारी आवश्यक जांच कर रहे हैं। इससे पहले सऊदी के अल हदथ न्यूज चैनल और अल अरबिया न्यूज चैनल ने गुरुवार को उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 60 दिनों के लिए फिर से खोलने के समझौते की रूपरेखा पर सहमति बनी। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि इस समझौते को अभी भी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से मंजूरी मिलनी बाकी है और कुछ ही दिनों में इसकी घोषणा हो सकती है। इसका मकसद पानी के रास्ते में नेविगेशन फिर से शुरू करना है।
टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाएं हो रद्द, आश्वासन से नहीं चलेगा काम : देवेंद्रनाथ महतो

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी-जेएसएससी पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को 15वें दिन भी जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों छात्र धरने पर बैठे हैं। इस बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य और प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि शुक्रवार को सरकार के साथ पहली औपचारिक वार्ता हुई, लेकिन उससे कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। शनिवार को भी 8 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए गया है। मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। देवेंद्र नाथ महतो ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार से शुक्रवार शाम पहली औपचारिक वार्ता हुई थी, लेकिन उसमें केवल आश्वासन दिए गए। उन्होंने कहा, “वार्ता हो रही है लेकिन सिर्फ दावा दिया जा रहा है। हमने संकल्प लिया है कि जो तत्काल मांगें हैं उन्हें तुरंत पूरा किया जाए और जिन मांगों को पूरा करने में समय लग सकता है, उन्हें तीन महीने के अंदर पूरा किया जाए। जो मांगे तत्काल पूरी होने हैं, उनके पूरे होने तक मेरा अनशन जारी रहेगा।” उन्होंने बताया कि मुख्य मांग है कि टीडीपीएल (टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) एजेंसी द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाएं रद्द की जाएं और मामले की निष्पक्ष जांच हो। देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड के गठन के बाद से ही छात्र पीड़ित हैं। यह कोई एक परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं है। जेपीएससी और जेएसएससी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और गड़बड़ी करके नौकरी ली जा रही है। इससे सभी परेशान हैं। आज लंबे समय बाद छात्र एकजुट हुए हैं और देशभर के लोग इसका समर्थन कर रहे हैं। धरने में शामिल एक अन्य छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा कि वे देवेंद्रनाथ की लीडरशिप में आगे बढ़ना चाहते हैं और मुख्यमंत्री से सीधी बात करना चाहते हैं। उनकी मांग है कि बातचीत खुले मंच पर, खुले ग्राउंड में हो ताकि पारदर्शिता बनी रहे। प्रेम नायक ने कहा, “एक छात्र 10×10 के कमरे में रहकर पढ़ता है, घर से चावल-दाल लाकर गुजारा करता है। अगर उसकी नौकरी 1 करोड़ रुपये या 80 लाख रुपये में बिक जाएगी तो गरीब छात्र कहां जाएगा? इसलिए इस आवाज को जोरदार तरीके से उठाना जरूरी है। यहीं से अर्थव्यवस्था गिरने लगती है। अगर कोई अधिकारी पैसे देकर और रिश्वत देकर नौकरी पाता है तो वह भ्रष्टाचार क्यों नहीं करेगा?”
राहुल गांधी को महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए : रिजिजू

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं की आजादी और भागीदारी पर बयान दिया। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि जब तक महिलाएं खुलकर अपनी बात नहीं रख पाएंगी, तब तक कोई भी देश पूरी तरक्की नहीं कर सकता। राहुल गांधी के इस बयान पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि कांग्रेस को अब संसद में महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। दरअसल, राहुल गांधी ने शुक्रवार को ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट कर में अपनी बात रखी। गुरुवार को भी ‘आस्क मी एनीथिंग’ सत्र में भी उन्होंने इसी मुद्दे पर बात की थी। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “मैं सोच रहा था कि भारत की महिलाओं की ऊर्जा फंसी हुई है, उसे व्यक्त करने की इजाजत नहीं है, कल्पना करने की आजादी नहीं है। मेरे लिए कोई भी देश तब तक सफल नहीं हो सकता जब तक वहां की महिलाएं खुद को व्यक्त न कर सकें।” वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं की आवाज दबने से देश की तरक्की पर असर पड़ता है। मेरी राजनीति का एक बड़ा हिस्सा यही है कि लोग समझें कि महिलाओं की अभिव्यक्ति के बिना हमारा देश अधूरा और पिछड़ा है। राहुल गांधी ने कहा कि महिला सशक्तीकरण सिर्फ बिजनेस या राजनीति तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह सिर्फ इस बारे में नहीं है कि महिलाएं बिजनेस या राजनीति में अच्छा करें, बल्कि यह भी है कि वे अपने घरों में, परिवार में और सार्वजनिक जगहों पर खुलकर बोल सकें और सड़कों पर आराम से चल सकें। उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं को यह आजादी होनी चाहिए कि वे दूसरों से अलग राय रख सकें, अपने माता-पिता, पति, भाई-बहन से सवाल कर सकें। भारत को सच में विकसित होना है तो पितृसत्ता और पुरुषों के कड़े नियंत्रण से महिलाओं को थोड़ी आजादी मिलनी ही चाहिए।” राहुल गांधी के इस वीडियो बयान पर किरेन रिजिजू ने कहा कि यह कांग्रेस के नजरिए में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यह कांग्रेस पार्टी का सकारात्मक संदेश लगता है। राहुल गांधी के दिल में महिलाओं को लेकर बदलाव दिख रहा है। अब मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस महिला आरक्षण विधेयक का बिना शर्त समर्थन करेगी। महिला आरक्षण विधेयक, जिसे संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 या नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी कहा जाता है, एक ऐतिहासिक कानून है। इसके तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। फिलहाल महिला आरक्षण को लेकर सियासी बहस तेज है और सभी की नजर संसद के अगले कदम पर है।
राघव चड्ढा ने पीएम मोदी को भेंट की भगवान गणेश की मूर्ति, बोले-एक सुबह जो हमेशा याद रहेगी

नई दिल्ली। भाजपा राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को यादगार बताया है। सांसद ने पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीर ‘एक्स’ पर शेयर की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में उन्होंने लिखा, “एक सुबह जो हमेशा याद रहेगी रखूंगा। पीएम मोदी से मिलने का सौभाग्य मिला। विस्तृत और समृद्ध बातचीत हुई। उनके बहुमूल्य समय और मार्गदर्शन से सीखने का अवसर देने के लिए हृदय से आभारी हूं।” एक्स पर शेयर की गई तस्वीर में राघव चड्ढा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान गणेश की मूर्ति भेंट करते नजर आए। 6 अगस्त को राज्यसभा सदस्य राघव चड्डा ने संसद में कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच ‘कट मनी’ या रेफरल कमीशन के चलन पर गंभीर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इस अनौपचारिक व्यवस्था का आर्थिक बोझ आखिरकार मरीजों को ही उठाना पड़ता है। शून्यकाल के दौरान राज्यसभा में राघव चड्डा ने कहा था कि कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच ऐसा तंत्र विकसित हो गया है, जिसमें मरीजों को जांच के लिए भेजने के बदले डॉक्टरों को तय कमीशन दिया जाता है। उन्होंने कहा था, “यह एक अनौपचारिक व्यवस्था बन चुकी है। मरीज का इलाज करने के लिए नहीं, बल्कि उसे रेफर करने के लिए डॉक्टर को 3,000 रुपए तक दिए जाते हैं। इसके लिए तय कमीशन रेट, एजेंट और समानांतर इंसेंटिव इकोनॉमी काम कर रही है।” चड्डा ने आरोप लगाया था कि डायग्नोस्टिक सेंटर अपने खातों में इन भुगतानों को ‘मार्केटिंग एक्सपेंस’ बताते हैं, जबकि डॉक्टर इसे ‘रेफरल कमीशन’ के रूप में दर्ज करते हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि इसकी पूरी कीमत मरीज के बिल में जोड़ दी जाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल के चंबा में बस दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर जताया दुख

नई दिल्ली/शिमला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश के चंबा जनपद में हुई बस दुर्घटना में सात लोगों की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “हिमाचल प्रदेश के चंबा में हुए हादसे में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।” हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “चंबा जिला के तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर चालुज मोड़ के पास हुए बस हादसे में 7 लोगों के निधन और अन्य 11 के घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। इस दुखद हादसे में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर दिवंगत जनों की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजन को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।” मुख्यमंत्री सुक्खू ने जिला प्रशासन को भी सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराकर उनके समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सीएम सुक्खू ने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। भाजपा के सांसद सुरेश कश्यप ने लिखा, “जिला चंबा के बैरागढ़ क्षेत्र में चलूंज मोड़ के समीप चंबा–बैरागढ़ मार्ग पर शर्मा बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का समाचार अत्यंत दुखद है। इस भीषण सड़क हादसे में कई लोगों के असामयिक निधन की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।” यह दुर्घटना उस समय हुई, जब एक प्राइवेट बस सुबह करीब 6:30 बजे बैरागढ़ से चंबा जा रही थी। तीसा-बैरागढ़ मुख्य मार्ग पर देवीकोठी के पास चालुज मोड़ पर बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे जा गिरी। बस में कुल 18 लोग सवार थे। हादसे के बाद कुछ लोग बस के नीचे दब गए। बाद में चंबा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 7 लोगों की मौत और 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि की। हादसे के कारणों और मृतकों व घायलों की पहचान की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।