यह छात्रों की गूंज नहीं, सत्ता के लिए रैली कर रहे राहुल गांधी’, प्रयागराज के कार्यक्रम पर बिहार के नेताओं का कटाक्ष

पटना। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर बिहार एनडीए के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। राहुल गांधी छात्रों की रैली में नहीं जा रहे हैं। वह सत्ता पाने के लिए रैली में जा रहे हैं। बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “राहुल गांधी उत्तर प्रदेश घूमने जा रहे हैं, जबकि छात्र झारखंड में धरने पर बैठे हैं। उन्हें झारखंड के मुख्यमंत्री से कहना चाहिए कि जेपीएससी भर्ती परीक्षा को लेकर सीबीआई की जांच कराएं।” उन्होंने निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस छात्र आंदोलन की आड़ में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। प्रयागराज में भी कांग्रेस राजनीति के लिए यात्रा कर रही है। एम्स से लेकर अनेक पेपर लीक हुए। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में कभी पेपर लीक पर कानून नहीं बनाया था। यह कानून भाजपा की सरकार ने बनाया है।” बिहार सरकार में मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा, “राहुल गांधी छात्रों की रैली में नहीं जा रहे हैं। वह सत्ता पाने के लिए रैली में जा रहे हैं। उनका ध्यान इस बात पर है कि सत्ता कैसे वापस पाई जाए। कांग्रेस पार्टी खुद ही बेरोजगार हो गई है। चूंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव हैं, इसलिए यह कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित रैली है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां तक ​​छात्रों की चिंताओं की बात है, हमारी सरकारें उनकी बात सुन रही हैं, चाहे वह योगी सरकार हो या मोदी सरकार। गूंज के हिसाब से सरकार काम कर रही है। छात्रों की समस्याओं का निदान किया जा रहा है। साथ ही, छात्रों-युवाओं की भावनाओं की कद्र की जा रही है। उन्हें हर तरीके की मदद के लिए भी सरकार तैयार है।” इसी बीच, राम कृपाल यादव ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन का जिक्र किया और कहा, “झारखंड के छात्रों का आंदोलन गंभीर है और यह छात्रों में असंतोष की भावना को दिखाता है, लेकिन राज्य सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है और उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। मेरा मानना ​​है कि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया है। सरकार कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और राजद समेत अन्य पार्टियों के समर्थन से चल रही है। उन्हें इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और छात्रों की समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करना चाहिए।” जदयू विधायक श्याम रजक ने कहा कि कांग्रेस शुरू से युवाओं के खिलाफ रही है। पंजाब में नौजवानों का आंदोलन हो या छत्तीसगढ़ में आदिवासियों का आंदोलन, कांग्रेस ने उन्हें कुचलने की कोशिश की। अब वह कांग्रेस का चेहरा बदलना चाहते हैं, तो उन्हें प्रायश्चित के साथ-साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश का युवा कांग्रेस पर भरोसा करने वाला नहीं है। हाल ही में युवाओं ने वर्तमान के मुद्दों को लेकर आंदोलन किया था और सरकार ने भी समाधान की दिशा में पहल की है, लेकिन कांग्रेस से उम्मीद नहीं की जा सकती है।

रांची छात्र आंदोलन को रैपर सूरज टायलन का समर्थन, सीएम से बोले-हम आपको वोट देंगे, आप सही भविष्य दें

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। रैपर सूरज टायलन भी छात्रों के समर्थन के लिए रांची पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि परीक्षाओं के मामले में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “झारखंड में जो प्रोटेस्ट चल रहा है। हमारे छात्र जो मांग कर रहे हैं, जैसे कि जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना चाहिए, एग्जाम-रिजल्ट में ट्रांसपेरेंसी आनी चाहिए। छात्रों की इन सभी मांगों को लेकर मैं यहां पर आया हूं। बाकी मेरी पढ़ाई के समय पेपर लीक हो जाते थे। हालांकि उस समय हमारे अंदर इतनी समझ और आत्मविश्वास नहीं था कि ये सब समझ सकें।” रैपर सूरज टायलन ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें इस प्रोटेस्ट के बारे में पता चला था। उन्होंने कहा, “इस प्रोटेस्ट को नेता देवेंद्र नाथ महतो की शुरुआत की थी। बाद में प्रेमनायक ने इसे आगे बढ़ाया, चूंकि जब मुझे इस आंदोलन के बारे में पता चला, तब मैं वाराणसी में था, यह देखकर मुझे लगा कि अब मुझे यहां पर समर्थन के लिए जाना चाहिए। मुझे लगा कि अगर मैं अब नहीं गया, तो मेरा भाई सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है, तो उसके साथ मैं अन्याय करूंगा और मेरा सहयोग ऐसी चीजों में होना बेहद जरूरी है, जिससे मेरे भाई का भविष्य खराब न हो।” सूरज टायलन ने आगे झारखंड को लेकर रैप गाकर सुनाया। उन्होंने कहा, “क्या लगता है, झारखंड में सब ठीक हो रहा है, एजुकेशन सिस्टम चीप हो रहा है और नेता क्रिप हो रहा है। ढंग से एक्जाम देकर घर भी नहीं पहुंचे और देखा कि पेपर लीक हो रहा है।” उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री से बस यही आग्रह है कि सर आप हमारे अपने हो। अगर आप हमारे बारे में नहीं सोचेंगे तो कौन सोचेगा। झारखंड हमारी माटी, आप हमारे अपने हैं। हम युवा आपके भविष्य हैं और आपके हाथों में हमारा भविष्य है। हम आपको वोट देंगे, आप हमको सही भविष्य दें। जो लोग नौकरियां बेच रहे हैं, आप सभी को उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाही करें और छात्रों की मांग को पूरा करें।

हनुमानासन : पैरों, कूल्हों और जांघों की जकड़न करता है दूर, पेल्विक मसल्स के लिए भी खास फायदेमंद

नई दिल्ली। दफ्तर में लगातार डेस्क पर बैठे रहने से कमर में दर्द और पैरों की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। योग के अनेक आसनों में से एक हनुमानासन प्रभावी माना जाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर का निचला भाग मजबूत और लचीला बनता है। यह आसन हठयोग का अत्यंत प्रभावी और उन्नत श्रेणी का आसन हैं। ऐसी मान्यता है कि इस आसन का नाम भगवान हनुमान के उस विशाल छलांग से लिया गया, जो उन्होंने सीता माता की खोज में लंका जाने के लिए लगाई थी। आयुष मंत्रालय के अनुसार, हनुमानासन (स्प्लिट्स पोज) शरीर के लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने वाला एक उन्नत आसन है। यह आसन शरीर की लचक बढ़ाने में मदद करता है और खासकर पेल्विक मसल्स को ताकत देता है। यह आसन पैरों, कूल्हों और जांघों की जकड़न को खोलता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। नियमित अभ्यास से न सिर्फ शारीरिक शक्ति बढ़ती है, बल्कि मन में एकाग्रता और धैर्य भी आता है। आइए जानते हैं हनुमानासन करने की सही विधि, फायदे और सावधानियां। इस आसन को करने से शरीर में रक्त प्रवाह का संचार होता है, जिन लोगों के शरीर में रक्त प्रवाह सही से नहीं होता, वे इसका रोजाना अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही, यह पेट की मांसपेशियों को टाइट बनाता है, अतिरिक्त चर्बी को घटाता है, नितंबों और जांघों की चर्बी को कम करने में यह आसन बहुत फायदेमंद है। हनुमानासन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं। दाएं पैर को आगे की ओर बढ़ाएं और सीधा रखें, हाथों का सहारा लेकर धीरे-धीरे दाएं पैर को आगे और बाएं पैर को पीछे खिसकाएं। अब शरीर के वजन को हाथों से संभालते हुए कूल्हों को नीचे जमीन की तरफ लाएं। दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह सीधे और एक सीध में होने चाहिए। संतुलन बनने पर हथेलियों को छाती के आगे जोड़ लें। सबसे पहले जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं। रीढ़ सीधी रखें। दाएं पैर को आगे की ओर सीधा बढ़ाएं। हाथों को जमीन पर टिकाकर सहारा लें। धीरे-धीरे दाएं पैर को आगे और बाएं पैर को पीछे खिसकाएं। शरीर का वजन हाथों पर रखें। अब कूल्हों को धीरे-धीरे नीचे जमीन की तरफ ले जाएं। दोनों पैर जमीन पर पूरी तरह सीधे और एक सीध में हों। जब संतुलन बन जाए तो हाथों को छाती के सामने नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें। 10-15 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। जांघ या घुटने में चोट होने पर इसे न करें। जबरदस्ती या झटके के साथ पैर फैलाने से बचें। शुरुआती लोग अभ्यास के लिए योगा ब्लॉक या तकिए का सहारा लें।

ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर उठे सवालों को तेल कंपनियों ने किया खारिज, कहा- जांच में नहीं मिली कोई गड़बड़ी

नई दिल्ली। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने शुक्रवार को ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि देश भर में की गई व्यापक जांच में ईंधन में नमी या क्लोराइड सम्मिश्रण का कोई प्रमाण नहीं मिला है। कंपनियों ने स्पष्ट किया कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीएमएस) यानी ई20 की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के भीतर है और उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों ने एक साझा बयान में कहा कि हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्टों में ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मात्रा को लेकर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद पूरे आपूर्ति तंत्र (सप्लाई चेन) में अतिरिक्त और गहन परीक्षण अभियान चलाया गया। जांच के नतीजों में कहीं भी ईंधन के दूषित होने का प्रमाण नहीं मिला और सभी नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए। कंपनियों ने कहा कि ईंधन की गुणवत्ता उनके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। अगर किसी ऐसी समस्या की आशंका होती है जो वाहनों के प्रदर्शन या उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित कर सकती है, तो उसकी वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती है और आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाते हैं। कंपनियों के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल के लिए क्लोराइड की मात्रा को लेकर कड़े मानक निर्धारित किए हैं। इनका पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी आपूर्ति शृंखला में उच्च स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। कंपनियों ने आगे बताया कि क्लोराइड का परीक्षण देश भर में विभिन्न स्तरों पर किया जाता है, जिसमें रिफाइनरी, डिस्टिलरी, डिपो, टर्मिनल और पेट्रोल पंप शामिल हैं। इस बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईंधन की गुणवत्ता हर स्तर पर तय मानकों के अनुरूप बनी रहे। इसके अलावा ईंधन की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए सभी पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन 8 से 12 बार पानी की मिलावट और घनत्व की जांच की जाती है। कई स्थानों पर मोबाइल फ्यूल क्वालिटी टेस्टिंग लैब भी तैनात की गई हैं। साथ ही ईंधन के नमूनों की स्वतंत्र परीक्षण प्रयोगशालाओं में भी जांच कराई जाती है। तेल कंपनियों ने कहा कि सप्लाई चेन के प्रत्येक स्तर पर लागू इस मजबूत और बहुस्तरीय परीक्षण प्रणाली ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत में ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तेल विपणन कंपनियों ने यह भी बताया कि देशभर की रिफाइनरियों से यादृच्छिक रूप से चुने गए 100 से अधिक अतिरिक्त पेट्रोल नमूनों की क्लोराइड जांच कराई गई। परीक्षण में सभी नमूनों में क्लोराइड का स्तर 1 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) या उससे कम पाया गया, जो निर्धारित सीमा के भीतर है। कंपनियों के अनुसार, यह परिणाम दर्शाते हैं कि भारत की रिफाइनिंग और ईंधन वितरण प्रणाली में लागू गुणवत्ता नियंत्रण उपाय प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं और ई20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सामने आई आशंकाओं का कोई आधार नहीं है। तेल कंपनियों ने भरोसा जताया कि इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है तथा इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर लगातार सख्त निगरानी रखी जा रही है।

सोना इस हफ्ते 6 हजार रुपए से अधिक महंगा हुआ, चांदी 2.3 लाख के पार

नई दिल्ली। डॉलर इंडेक्स पर दबाव और महंगाई कम होने की संभावना के चलते सोने और चांदी में इस हफ्ते तेजी देखने को मिली, जिससे सोना और चांदी क्रमशः 6 हजार रुपए और 13 हजार रुपए से अधिक महंगे हो गए हैं। इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम इस हफ्ते 6,761 रुपए बढ़कर 1,49,621 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि पहले यह 1,42,860 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। 22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,37,053 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,30,860 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। 18 कैरेट सोने का दाम बढ़कर 1,12,216 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,07,145 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस हफ्ते सोने में सबसे न्यूनतम दाम 3 अगस्त को शाम के सत्र में 1,42,557 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। वहीं, उच्चतम दाम 7 अगस्त को शाम के सत्र में 1,49,621 रुपए प्रति 10 ग्राम देखा गया। सोने के साथ चांदी की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है। चांदी का दाम 13,086 रुपए बढ़कर 2,31,381 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 2,18,295 रुपए प्रति किलो था। इस हफ्ते चांदी में उच्चतम दाम 7 अगस्त को शाम के सत्र में 2,31,381 रुपए प्रति किलो देखा गया। वहीं, न्यूनतम दाम 3 अगस्त को शाम के सत्र में 2,17,287 रुपए प्रति किलो देखा गया। आईबीजेए की ओर से दिन में दो बार सुबह और शाम के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों को जारी किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने का दाम 4,400 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 63 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह कच्चे तेल में कमजोरी आने के कारण महंगाई की संभावना कम होना है। इससे साथ ही डॉलर इंडेक्स के कमजोर होने से कीमती धातुओं में तेजी को सहारा मिला है।

‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ने के लिए गुजरात को राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान

गांधीनगर। गुजरात सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम (एसईएमटी), गुजरात के सहयोग से दिव्यांग बस पास डिजिलॉकर से जोड़ दिए हैं। गुजरात सरकार की इस नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस पहल ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। राज्य में सारे दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से जोड़ने के इस नवीन प्रयोग के लिए भारत सरकार ने गुजरात को ‘एक्सीलेंस इन सिटिजन-सेंट्रिक डिजिटल गवर्नेंस’ अवॉर्ड प्रदान किया है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग दिव्यांग व्यक्तियों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) द्वारा संचालित बसों में मुफ्त यात्रा के लिए ‘दिव्यांग बस पास’ देता है। इस पास को अब डिजिलॉकर से जोड़ दिया गया है। यानी अब दिव्यांगजनों को मूल फिजिकल पास अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है। दिव्यांग यात्री बस में यात्रा के दौरान बस कंडक्टर को अपने मोबाइल के डिजिलॉकर ऐप में रखा पास बताकर यात्रा कर सकते हैं। गुजरात सरकार की यह पहल टेक्नोलॉजी के जरिए शासन को अधिक आसान, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करती है। डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत, सरकार ने लगातार पेपरलेस गवर्नेंस और सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटल वितरण को बढ़ावा दिया है, ताकि नागरिक कभी भी और कहीं भी अपने महत्वपूर्ण दस्तावेज और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात की यह अभिनव पहल, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए सुविधा और सुलभता को बढ़ाकर इस व्यापक विजन को साकार कर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा ने कहा, “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ योग्य दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक आधिकारिक दिव्यांगता पहचान पत्र के रूप में काम करता है। विभाग ने सभी पास को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। राज्यभर में अब तक 4.42 लाख से अधिक पास जारी किए गए हैं। लाभार्थी डिजिलॉकर ऐप में रखे पास को दिखाकर जीएसआरटीसी द्वारा संचालित बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकते हैं।” सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल (आईएएस) ने कहा, “डिजिलॉकर से इस पास के जुड़ने के बाद दिव्यांगजनों को अब मूल फिजिकल पास को अपने साथ रखने की जरूरत नहीं है। यही नहीं, इस पास के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी नहीं रहती। क्योंकि यह पास हमेशा डिजिलॉकर में सुरक्षित रहता है और कभी भी एक्सेस किया जा सकता है। यह पहल पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देती है।” डिजिटल पब्लिक सर्विस डिलीवरी को मजबूत करने के प्रयासों के तहत भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिविजन (एनईजीडी) ने राज्य के डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर के एकीकरण को आसान बनाया है। गुजरात सरकार द्वारा दिव्यांग बस पास को डिजिलॉकर से सफलतापूर्वक जोड़ने के लिए मई-2026 में ‘राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा मजबूत करना’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला के दौरान गुजरात राज्य को अवॉर्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। राज्य परिवहन (एसटी) बसों में मुफ्त बस यात्रा के अलावा दिव्यांग बस पास धारक को 4 लाख रुपए का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवच भी मिलता है। पास धारक की दुर्घटना में मौत के मामले में, उसका नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित विभाग के समक्ष निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत कर बीमा का लाभ हासिल करने का पात्र होता है।

डीआरसी के इतुरी में इबोला का प्रकोप, सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता कर्मियों ने कहा है कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) के पूर्वी प्रांत इतुरी में इबोला के प्रकोप का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने शुक्रवार (स्थानीय समय) को बताया कि इतुरी में इबोला का प्रकोप फैला हुआ है, जहां लगभग 10 लाख लोग विस्थापित हुए हैं और इनमें से लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के अनुसार, कुल मौतों में बच्चों की हिस्सेदारी लगभग एक तिहाई है, जबकि कन्फर्म मामलों में उनकी संख्या लगभग एक चौथाई है। इस प्रकोप से जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं में भी भारी रुकावट आ रही है। यूनिसेफ ने कहा कि इतुरी प्रांत के उन इलाकों में, जहां इबोला का सबसे ज्यादा असर है, हाल के महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, क्योंकि संक्रमण के डर से लोग दूर रह रहे हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने चेतावनी दी है कि इबोला के डर और स्वास्थ्य सेवाओं पर अत्यधिक दबाव के कारण कई गर्भवती महिलाएं इलाज नहीं ले पा रही हैं। इतुरी में प्रकोप शुरू होने के बाद से प्रसव के दौरान होने वाली मौतों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। हर हफ्ते औसतन छह महिलाएं प्रसव से जुड़ी जटिलताओं के कारण जान गंवा रही हैं, जबकि गर्भावस्था के दौरान इबोला संक्रमण से लगभग हर मामले में भ्रूण की मौत हो जाती है। ओसीएचए ने जोर देकर कहा कि समुदाय का भरोसा बहाल करना बहुत जरूरी है। यूनिसेफ और उसके सहयोगियों ने डीआरसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अफ्रीका सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के साथ मिलकर 13,000 कम्युनिटी वर्कर और अन्य लोगों को तैनात किया है। ये लोग इबोला से बचाव और शुरुआती पहचान के बारे में संदेश पहुंचाते हुए 24 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचे हैं। उन्होंने गलत जानकारी का मुकाबला करने और लोगों को जल्द इलाज कराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 5 लाख से ज्यादा घरों का दौरा भी किया है। पड़ोसी देश दक्षिण सूडान में, संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी इबोला के खिलाफ सरकार के नेतृत्व वाली तैयारी की कोशिशों में मदद करना जारी रखे हुए हैं। ओसीएचए ने कहा कि दक्षिण सूडान में अभी तक कोई मामला कन्फर्म नहीं हुआ है, लेकिन डीआरसी में प्रकोप और सीमाओं के आर-पार लोगों की आवाजाही के कारण खतरा बना हुआ है। ओसीएचए ने बताया कि तैयारी की इन कोशिशों में मामलों की शुरुआती पहचान के लिए निगरानी, ​​प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण, चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराना और सामुदायिक जागरूकता अभियान शामिल हैं। इस महीने, हेल्थ पार्टनर ने साउथ सूडान में एंट्री पॉइंट्स पर 1,35,300 से ज्यादा यात्रियों की स्क्रीनिंग की। स्क्रीनिंग, ट्राइएज (मरीजों की प्राथमिकता तय करना), इन्फेक्शन से बचाव और कंट्रोल, रेफरल और सुरक्षित अंतिम संस्कार के लिए 300 से ज्यादा हेल्थ वर्कर और फ्रंट-लाइन कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। डीआरसी की सीमा के पास याम्बियो में 7 टन से ज्यादा इमरजेंसी सप्लाई भी पहले से ही जमा कर दी गई है। हालांकि, असुरक्षा के कारण इस काम में रुकावटें आ रही हैं। जनवरी से जुलाई के बीच, पूरे साउथ सूडान में मानवीय कार्यों में रुकावट डालने या उन्हें खतरे में डालने वाली 451 घटनाएं सामने आईं। ओसीएचए के मुताबिक, पिछले साल जनवरी से येई-मोरोबो कॉरिडोर में मानवीय सहायता से जुड़े 32 कर्मचारियों के अपहरण की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो इबोला के सबसे ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में काम करने की चुनौतियों को दिखाती हैं।

चार्ली चौहान ने भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह संग रचाई शादी, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

मुंबई। टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री चार्ली चौहान भारतीय क्रिकेटर रमनदीप सिंह के साथ शादी के बंधन में बंध गई है। कई दिनों से दोनों की शादी की तस्वीरें और वीडियोज वायरल हो रहे थे। शुक्रवार को अभिनेत्री ने सोशल मीडिया के जरिए आधिकारिक तौर पर पुष्टि की। रमनदीप और चार्ली ने गुरुद्वारे में पारंपरिक पंजाबी रीति-रिवाज से शादी की। निजी समारोह में दोनों के परिवार, करीबी दोस्त और क्रिकेट व टेलीविजन जगत से जुड़े लोग शामिल हुए। शादी में अर्शदीप सिंह समेत कई क्रिकेटर भी नजर आए। अभिनेत्री चार्ली चौहान ने इंस्टाग्राम पर शादी की खूबसूरत तस्वीरें पोस्ट की। एक तरफ चार्ली ने लाल रंग का लहंगा पहना हुआ था, जबकि रमनदीप ने गोल्डन रंग की शेरवानी पहनी हुई थी। अभिनेत्री चार्ली चौहान के पोस्ट करने से पहले शादी की तस्वीरें कई समय दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। हालांकि, अभिनेत्री ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए पोस्ट की। अभिनेत्री ने लिखा, “एक-दूसरे से प्यार करने, साथ आगे बढ़ने, हंसने और सपने देखने के 8 खूबसूरत साल और अब, एक-दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बितानी है। शुक्रगुजार हूं।” समारोह की तस्वीरें सामने आने के बाद फैंस ने नवविवाहित जोड़े को बधाइयां दीं। कुंवर अमरजीत सिंह ने भी बधाई देने के साथ-साथ कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “बधाई दो, चौहान साहब, आपके लिए इसे सच होते देखना बहुत ही खूबसूरत नजारा है, जिसके लिए बहुत-बहुत खुशी है। नजर न लगे ढेर सारी बधाईयां।” इसी के साथ ही, अभिनेत्री माही विज ने भी चार्ली चौहान को जीवन में आगे बढ़ने के लिए बधाई दी। चार्ली चौहान जानी मानी टीवी एक्ट्रेस हैं और कई हिट शोज ‘बेस्ट फ्रेंड्स फॉरएवर’, ‘कैसी ये यारियां’ का हिस्सा रह चुकी हैं। हालांकि, अभिनेत्री ने करियर की शुरुआत एमटीवी रोडीज सीजन 7 में बतौर कंटेस्टेंट के तौर पर की थीं और नच बलिए में भी हिस्सा ले चुकी हैं, जहां उनके डांस पार्टनर कुंवर अमर थे। उन्होंने ‘ये है आशिकी 4’ में इनारा का किरदार भी निभाया था। इसके अलावा उन्होंने कुछ शॉर्ट फिल्मों में भी काम किया है। रमनदीप सिंह पंजाब के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं और आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मीडियम पेसर गेंदबाज हैं। उन्हें आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के लिए जाना जाता है।

‘पूरे देश को अस्थिर करना चाहते राहुल गांधी’, भाजपा के मंत्री ने बताया राष्ट्र-विरोधी नेता

भाटपाड़ा। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अर्जुन सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वे राष्ट्र-विरोधी राजनेता हैं और देश को स्थिर करना चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने टीएमसी के पूर्व विधायक सनत डे की गिरफ्तारी पर जवाब दिया। मंत्री अर्जुन सिंह ने शनिवार को पत्रकारों से कहा, “राहुल गांधी एक देश-विरोधी व्यक्ति और राजनेता हैं। यह देश-विरोधी राजनेता पूरे देश को अस्थिर करना चाहता है। मैं एक बात कहना चाहता हूं कि पेपर लीक करने वालों और उनमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून है। कानून के तहत सजा का प्रावधान भी है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरे भारत में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाएं या छोटे बच्चों को सड़कों पर लाकर उनसे गलत काम करवाएं।” उन्होंने आगे कहा, “जब प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा होता है तो कहते हैं कि केस क्यों हुआ। जब घर के बच्चे गलत काम करते हैं तो उन्हें समझाया जाता है। इसी तरह राहुल गांधी को भी बच्चों को समझाना चाहिए। क्योंकि यही बच्चे देश का भविष्य हैं।” अर्जुन सिंह ने कहा, “भारत का कानून यह कहता है कि जो भी गलती करे, उसकी सजा होनी चाहिए। अन्यथा यह एक परंपरा बन जाएगी कि जब मन हो बच्चों को उकसाया जाए और उन्हें आगे रखकर कुछ भी कराया जाए। सभी अभिभावकों से भी निवेदन है कि बच्चों पर थोड़ा कंट्रोल किया जाना चाहिए। वे गलत कार्यों में शामिल न हों, क्योंकि यह सोरोस व अमेरिका का एजेंडा है और उससे भारत को बचना है।” नैहाटी से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सनत डे की गिरफ्तारी पर मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा, “यह बहुत खुशी की बात है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। यहां के लोग बहुत खुश हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने 2021 में बहुत जुल्म किए थे। उन्होंने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं पर हमला किया था और अभया घटना के बाद निकाले गए जुलूस पर भी हमला किया था।” उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति एंबुलेंस का ड्राइवर था, आज उसके पास हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। उसके कई जगह गोदाम डिपो हैं। उसने बस टर्मिनस को भी अपना गोदाम बना लिया था। यह गलत आदमी था और इसीलिए लोग खुश हैं कि वह गिरफ्तार हुआ है।

मिथिला मखाना ने भरी वैश्विक उड़ान, बिहार से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप

पटना बिहार के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की खेप समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया निर्यात की गई है। इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों की मेहनत और बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण बताया है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की पोस्ट को री-पोस्ट करते हुए कहा कि मिथिलांचल की धरती से ऑस्ट्रेलिया के बाजार तक बिहार के मखाने ने वैश्विक उड़ान भरी है। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना की 18 मीट्रिक टन की पहली समुद्री खेप का ऑस्ट्रेलिया निर्यात राज्य के किसानों की मेहनत और कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक पहचान का गौरवपूर्ण प्रमाण है। दरभंगा के किसानों से सीधे खरीदी गई इस खेप से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में करीब 18 प्रतिशत अधिक लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के कृषि उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और किसानों की समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसे बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए उत्साहजनक उपलब्धि बताया। वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपनी ‘एक्स’ पोस्ट में कहा कि भारत के जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना ने वैश्विक बाजार में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के सहयोग से बिहार से पहली बार 18 मीट्रिक टन जीआई-टैग प्राप्त मिथिला मखाना का समुद्री मार्ग से ऑस्ट्रेलिया को निर्यात किया गया। पीयूष गोयल के अनुसार, इस खेप की खरीद दरभंगा के किसानों से सीधे की गई, जिससे उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में लगभग 18 प्रतिशत अधिक लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने इसे भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक पहुंच और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया। मिथिला मखाना को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी विशिष्ट पहचान को वैश्विक बाजार में मजबूती मिली है। ऑस्ट्रेलिया को समुद्री मार्ग से पहली बड़ी खेप का निर्यात बिहार के मखाना उत्पादकों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के द्वार खोलने वाला कदम माना जा रहा है।