आकाश चोपड़ा ने बताया, क्यों श्रीलंका टेस्ट सीरीज में सारांश जैन को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज 13 अगस्त होने जा रहा है। सारांश जैन को इस सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है। हालांकि, भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा का मानना है कि सारांश को इस सीरीज में प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। आकाश चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किए गए वीडियो में बताया क्यों श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में सारांश को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल है। उन्होंने बताया, “मुझे अभी भी लग रहा है कि सारांश को प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिलेगा। श्रीलंका की टीम का अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन मुझे लगता है कि जब टीम का ऐलान होगा भी तब भी उसमें शायद एक ही बाएं हाथ का बल्लेबाज होगा। भारत के पास चार स्पिनर मौजूद हैं।” पूर्व क्रिकेटर ने आगे कहा, “मानव सुथार पहले ही मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। वहीं, रवींद्र जडेजा वापसी कर रहे हैं और उन्हें वैसे ही एक ही फॉर्मेट में पूरी तरह से खेलने का मौका मिलता है। फिर आपके पास कुलदीप यादव भी हैं। सामने वाली टीम में दाएं हाथ के ज्यादा बल्लेबाज होंगे और इसे देखते हुए सारांश को मेरे हिसाब से मौका नहीं मिलेगा।” आकाश ने अभिमन्यु ईश्वरन का उदाहरण देते हुए कहा कि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करके आने वाले खिलाड़ियों को शायद प्राप्त मौके नहीं मिलते हैं। हालांकि, आकाश ने कहा कि सारांश के लिहाज से अच्छी बात यह है कि उनका टीम में सिलेक्शन हुआ है। पूर्व क्रिकेटर के अनुसार, अगर वॉशिंगटन सुंदर फिट होते, तो सारांश को टीम में जगह नहीं मिलती। आकाश ने कहा कि श्रीलंका वाली सीरीज में सारांश का टेस्ट डेब्यू होना उन्हें काफी मुश्किल लग रहा है। भारतीय टीम का रिकॉर्ड टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं, जिसमें से भारत को 22 में जीत मिली है, जबकि श्रीलंका ने सिर्फ मुकाबलों में जीत दर्ज की है।

टीवीके सरकार ने पेश किया पहला कृषि बजटः मिट्टी की सेहत, उत्पादकता बढ़ाने और एआई-आधारित सेवाओं को विस्तार करने की घोषणा

चेन्नई। तमिलनाडु के कृषि और किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने गुरुवार को विधानसभा में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार का पहला कृषि बजट पेश किया। इसमें खेती की उत्पादकता बढ़ाने, मिट्टी की उर्वरता की रक्षा करने और किसानों के लिए टेक्नोलॉजी पर आधारित सेवाओं का विस्तार करने के मकसद से कई पहल की घोषणा की गई। 2026-27 के लिए कृषि बजट पेश करते हुए विनोद ने कहा कि सरकार मौजूदा कृषि योजनाओं को जारी रखेगी और साथ ही खेती की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए कार्यक्रम भी शुरू करेगी। मंत्री ने कहा कि यह बजट किसानों और कृषि निर्यातकों के साथ बातचीत के बाद तैयार किया गया था और इसमें संबंधित लोगों से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया था। ये प्रस्ताव राज्य में कृषि के विकास के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की दूरदर्शी सोच के अनुसार तैयार किए गए थे। तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में खेती के महत्व पर जोर देते हुए विनोद ने कहा कि कृषि इसकी रीढ़ है और इस सेक्टर को मजबूत किए बिना लगातार आर्थिक विकास हासिल नहीं किया जा सकता। प्रमुख घोषणाओं में ‘तमिलनाडु मृदा संरक्षण मिशन’ शामिल है, जिसके लिए सरकार ने 122.51 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह कार्यक्रम राज्य भर में मिट्टी की उर्वरता की रक्षा और सुधार करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण धान के बीजों के उत्पादन और किसानों को उनके वितरण के लिए सब्सिडी प्रदान करने के लिए एक विशेष राज्य योजना के तहत 34.72 करोड़ रुपये भी निर्धारित किए हैं। विनोथ ने घोषणा की कि किसानों को व्यक्तिगत डिजिटल सेवाएं और जानकारी प्रदान करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित एप्लिकेशन विकसित किया जाएगा। इस पहल के लिए 2026-27 के दौरान 2 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। दालों और तिलहन फसलों के लिए ‘आत्मनिर्भरता मिशन’ के लिए 203.64 करोड़ रुपये का बड़ा आवंटन किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दालों और तिलहन के घरेलू उत्पादन को बढ़ाना और राज्य के बाहर से आपूर्ति और आयात पर निर्भरता को कम करना है। सरकार 63.81 करोड़ रुपये के बजट के साथ ‘तमिलनाडु मिलेट मिशन’ भी लागू करेगी। इस पहल का मकसद मोटे अनाज (मिलेट) की खेती का दायरा बढ़ाना और साथ ही इसके उत्पादन और उत्पादकता में सुधार करना है। इसे “प्राचीन तमिल भोजन, लंबे समय तक स्वस्थ जीवन” थीम के तहत बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें पारंपरिक फसलों के पोषण संबंधी महत्व पर जो दिया जाएगा। यह कृषि बजट, टीवीके सरकार द्वारा 2026-27 के लिए संशोधित बजट अनुमान पेश करने के एक दिन बाद आया है। कृषि बजट पेश किए जाने से पहले विरोध जताने के लिए विपक्षी डीएमके विधायक काली शर्ट पहनकर विधानसभा पहुंचे।

गौरव मेरा कंफर्ट जोन नहीं, डॉग वाले बयान पर आकांक्षा चमोला ने तोड़ी चुप्पी

मुंबई। टेलीविजन अभिनेत्री और ‘लॉकअप-2’ कंटेस्टेंट रही आकांक्षा चमोला ने पति गौरव खन्ना को लेकर दिए गए विवादित बयान पर चुप्पी तोड़ी। अभिनेत्री ने बताया कि जिस तरह से उनके बयानों को तोड़कर दिखाया गया है, वैसा कुछ भी नहीं था। आकांक्षा चमोला ने शो से बाहर निकलने के बाद मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “मैं चाहती थी कि शो के अंदर विजिटर के तौर पर मुझसे वो लोग मिलने आए, जिनके साथ मैं अपना कंफर्ट महसूस करती हूं जैसे कि मेरे माता-पिता या फिर डॉग आते तो मुझे अच्छा लगता, क्योंकि इनके साथ मैं अपना कंफर्ट महसूस करती हूं। गौरव भले ही मेरा पति हैं और अब हम डिवॉर्स लेने जा रहे हैं, लेकिन वो मेरा कंफर्ट जोन नहीं हैं। वो पता नहीं क्यों आया, शायद अपनी मर्जी से आया होगा।” दरअसल, शो के दौरान आकांक्षा चपोला के पति गौरव खन्ना उनसे मिलने के लिए आए थे, जिसके कुछ एपिसोड बाद अभिनेत्री ने बताया था कि शो के दौरान गौरव खन्ना की जगह कोई ऐसा मिलने आता, जिसके साथ वो अपनापन महसूस करती, भले उनका डॉग मिलने आता। शो में एंट्री लेने से पहले आकांक्षा चमोला ने अपना सीक्रेट रिवील करते हुए बताया था कि वह और गौरव खन्ना एक साल से अलग रह रहे हैं और तलाक लेने जा रहे हैं। इसके बाद श्रेया कालरा ने उनका दूसरा सीक्रेट रिवील कर दिया था कि वे बायसेक्सुअल हैं, जिसके बाद आकांक्षा चमोला ने ये बात स्वीकारी भी थी। साथ ही ये भी बताया था कि पति गौरव खन्ना को भी उनकी सेक्सुअलिटी के बारे में पता था। रितेश देशमुख और फराह खान द्वारा होस्ट किए गए इस शो में शिल्पा शिंदे, श्रेया कालरा, आकांक्षा चौधरी, योगेश रावत, सुनीता आहूजा, राम कपूर, शिवांगी जोशी, हर्षद चोपड़ा, सूफी मोतीवाला, धीरज धूपर, माधुरी जैन ग्रोवर, रियाज अली और वरुण यादव उर्फ ​​लैला जैसे पॉपुलर नाम थे, हालांकि कंटेस्टेंट श्रेया कालरा ने टॉप 3 की रेस में शिवांगी जोशी और योगेश रावत को हराकर इस सीजन की ट्रॉफी अपने नाम कर 1 करोड़ का इनाम भी अपने नाम किया।

खुदरा महंगाई दर जुलाई में 4.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद, खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने का जोखिम: रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारत में खुदरा महंगाई दर जुलाई 2026 में 4.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। हालांकि, खाद्य वस्तुओं की अधिक कीमतों के कारण इसके ऊपर जाने का जोखिम बना हुआ है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, जरूरी चीजों (जैसे प्याज, खाने का तेल, चावल और दाल) की कीमतों में महंगाई का असर व्यापक बना हुआ है, हालांकि मुख्य सब्जियों की बेहतर आवक और सामान्य मानसून से कुछ राहत मिली है। मुख्य महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) के 4–4.1 प्रतिशत के आसपास सीमित रहने की उम्मीद है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी से मदद मिलेगी। हालांकि, आगे चलकर इनपुट लागत बढ़ने से महंगाई बढ़ सकती है। बैंक ने बताया कि उसका ‘एसेंशियल कमोडिटीज इंडेक्स’ (बीओबी ईसीआई) जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 4.1 प्रतिशत बढ़ा, जो इस पूरी सीरीज में सबसे तेज बढ़ोतरी थी। अगस्त 2026 में (शुरुआती 5 दिनों में) यह बढ़ोतरी और भी अधिक, यानी 5.4 प्रतिशत रही। बैंक ने बताया कि सब्जियों में टीओपी (टमाटर, प्याज और आलू) की आवक के आंकड़े राहत देने वाले रहे हैं, भले ही प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में महीने-दर-महीने आधार पर 3.7 प्रतिशत की और गिरावट आई है, जिससे पर्सनल केयर और मुख्य महंगाई के असर से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमती धातुओं को छोड़कर मुख्य महंगाई भी फिलहाल कम रहने की संभावना है। साथ ही, रिपोर्ट मानसून की प्रगति को अनुकूल बताया गया है, जिसमें 63 प्रतिशत राज्यों में सामान्य बारिश हुई है। 31 जुलाई, 2026 तक प्रमुख खरीफ फसलों (तिलहन और गन्ने को छोड़कर) के तहत बोया गया रकबा (सामान्य रकबे के प्रतिशत के रूप में) पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अधिक रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय खाद्य कीमतों, खासकर खाद्य तेलों की कीमतों में नरमी आई है।

पीओके चुनाव: यूके चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग का आरोपी जीता चुनाव, शहबाज की पार्टी से मिला था टिकट

लंदन। पाकिस्तान का पूर्व राज्यमंत्री रुखसार अहमद, जिसे जुलाई 2024 में ब्रिटेन ने चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग का आरोपी माना था पीओके चुनाव में जीत हासिल की है। अहमद को इस मामले में गिरफ्तार भी किया गया था। मामला 1990 के दशक में मैनचेस्टर में नाबालिग लड़कियों से कथित दुष्कर्म और चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग से जुड़ा था। ये शख्स पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की तथाकथित विधानसभा के लिए विधायक चुना गया है। यह जानकारी ब्रिटिश अखबार द गार्जियन की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 62 वर्षीय रुखसार अहमद पांच वर्ष बाद फिर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचा। यह चुनाव ऐसे समय में हुआ है जब वह ब्रिटेन में पुलिस जांच के दायरे में है और जमानत पर रिहा है। बताया गया है कि अहमद को पिछले महीने मैनचेस्टर के एक पुलिस स्टेशन में जमानत की शर्तों के तहत पेश होना था, लेकिन उसने यह कहते हुए हाजिर होने से इनकार कर दिया कि वह “हवाई यात्रा करने में सक्षम नहीं है, उसकी सेहत इजाजत नहीं दे रही है।” हालांकि, इसी दौरान सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में अहमद को के मीरपुर क्षेत्र में चुनावी सभाओं और प्रचार अभियान में सक्रिय देखा गया। रुखसार अहमद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार के रूप में तथाकथित पीओके विधानसभा के लिए निर्वाचित हुआ है। द गार्जियन के मुताबिक, ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (जीएमपी) ने अदालत से अहमद के विदेश यात्रा पर रोक लगाने वाली जमानत शर्तें लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन जुलाई 2024 में अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। 18 जुलाई 2024 को अहमद को मैनचेस्टर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया था। उस पर मैनचेस्टर के रशोल्म इलाके में रहने के दौरान बच्चों के यौन शोषण से जुड़े गंभीर आरोप लगे थे। जांच के दौरान दो महिलाओं ने आरोप लगाया कि 1990 के दशक में, जब वे नाबालिग थीं, तब अहमद ने उनके साथ दुष्कर्म किया और उन्हें यौन शोषण के लिए तस्करी का शिकार बनाया। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को अहमद के पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े होने की भी जानकारी मिली। मामला उन कई महिलाओं के आरोपों पर आधारित है, जिनका कहना है कि 1990 के शुरुआती वर्षों में, जब अहमद करीब 20 वर्ष की उम्र के थे, उन्होंने आश्रम में रह रही बच्चियों का यौन शोषण किया। रिपोर्ट के अनुसार, अहमद को अगले छह सप्ताह के भीतर फिर से पुलिस के समक्ष जमानत की शर्तों के तहत पेश होना है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस उनकी गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश कर सकती है, जिससे ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक विवाद भी खड़ा हो सकता है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में पाकिस्तान ने ब्रिटेन के उस अनुरोध को ठुकरा दिया था, जिसमें रोचडेल चाइल्ड ग्रूमिंग गैंग के दोषी शबीर अहमद को पाकिस्तान निर्वासित करने की मांग की गई थी। पिछले महीने ब्रिटेन के कई राजनीतिक दलों ने लेबर सरकार से पाकिस्तान को दी जाने वाली विदेशी सहायता रोकने और वीजा प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। उनका तर्क था कि जब तक पाकिस्तान रोचडेल ग्रूमिंग गैंग के दोषी शबीर अहमद को वापस स्वीकार नहीं करता, तब तक उस पर दबाव बनाया जाना चाहिए। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ के अनुसार, शबीर अहमद 30 बाल यौन शोषण मामलों में दोषी ठहराया गया था। उसे 22 साल की सजा हुई जिसमें से 14 वर्ष जेल में काटकर हाल ही में रिहा हुआ है। ब्रिटिश सरकार उसे उसके जन्मस्थान पाकिस्तान भेजना चाहती है, लेकिन पाकिस्तान ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल को दोषी ठहराया

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने निचली अदालत के बरी करने के फैसले को पलटते हुए तरुण तेजपाल को रेप और अन्य धाराओं में सजा का दोषी माना। जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांदेकर की पीठ ने गोवा सरकार की अपील पर यह फैसला सुनाया। गोवा सरकार ने 2021 में मापुसा की सत्र अदालत द्वारा तेजपाल को सभी आरोपों से बरी किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट दोपहर 2:30 बजे सजा की अवधि तय करेगा। विस्तृत फैसला बाद में जारी किया जाएगा। यह मामला नवंबर 2013 का है। तरुण तेजपाल की एक जूनियर सहयोगी ने आरोप लगाया था कि गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान एक लग्जरी होटल की लिफ्ट के अंदर तेजपाल ने उनका यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के बाद गोवा पुलिस ने तरुण तेजपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और नवंबर 2013 में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्थानीय कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जुलाई 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। मई 2021 में मापुसा की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश क्षमा जोशी ने तेजपाल को बरी कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि अभियोजन पक्ष सबूत ‘संदेह से परे’ साबित नहीं कर पाया। जज ने जांच में खामियों जैसे सीसीटीवी फुटेज पेश न करने का भी जिक्र किया था। गोवा सरकार ने हाईकोर्ट में दलील दी कि निचली अदालत ने सबूतों को ठीक से नहीं समझा। सरकार ने यह भी कहा कि ट्रायल कोर्ट ने एक अहम ईमेल को नजरअंदाज किया। आरोप है कि आरोप लगने के बाद तरुण तेजपाल ने तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर को माफी वाला ईमेल भेजा था। फैसला सुनाने के बाद तरुण तेजपाल के वकील ने सजा पर रोक लगाने की मांग की, ताकि वे सुप्रीम कोर्ट जा सकें। उन्होंने कहा कि यह बरी होने के बाद दोषी ठहराने का फैसला है और तेजपाल के खिलाफ कोई और आपराधिक केस नहीं है। खुद तरुण तेजपाल ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे खुद को पीड़ित मानते हैं और कोर्ट दया का रुख अपनाए। वहीं केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा के मामलों में कड़ा संदेश जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब कोई लड़की ‘ना’ कहे तो इसका मतलब ‘ना’ ही होता है।” इस मामले की जांच अधिकारी और गोवा पुलिस की सुनीता सावंत ने मीडिया से कहा, “अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया है। दोपहर 2:30 बजे सजा तय होगी। यह एक ऐसी लड़की का मामला है जिसने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई। इस लिहाज से यह फैसला बहुत जरूरी है।” 13 साल से इस केस से जुड़ी होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “हम पुलिस प्रोफेशनल हैं। इसमें कोई भावना नहीं जुड़ी है। यह फैसला उन सभी महिलाओं के लिए जरूरी है जो किसी भी सेक्टर में काम कर रही हैं।

दक्षिणी फिलीपींस में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया, 10 किमी की गहराई पर हिली धरती

मनीला। दक्षिणी फिलीपींस के डावाओ ऑक्सिडेंटल प्रांत में गुरुवार सुबह भूकंप के झटकों से अफरातफरी का माहौल बन गया रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.3 मापी गई। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोलकेनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने कहा कि टेक्टोनिक भूकंप स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 5:41 बजे 10 किमी की गहराई पर आया, जिसका केंद्र बालुत आइलैंड के तट से 99 किमी दक्षिण-पश्चिम में था। मनीला स्टैंडर्ड के अनुसार, भूकंप की हलचल तेज थी, लेकिन इतनी नहीं कि सुनामी की चेतावनी दी जा सके, हालांकि कुछ प्रभावित प्रांतों और इलाकों ने सरकारी ऑफिसों में क्लास और काम के साथ-साथ दूसरी सार्वजनिक गतिविधियों को रोकने की घोषणा की। भूकंप का झटका कोटाबाटो ट्रेंच के पास था, जिसके झटके सारंगनी प्रांत, जनरल सैंटोस सिटी और साउथ कोटाबाटो के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। फिवोल्क्स ने दावाओ डेल सुर, कोटाबाटो और सुल्तान कुदरत में भी तीव्रता की रिपोर्ट दी। सारंगनी आइलैंड के रेस्क्यूअर हार्ली साउरो ने एजेंस फ्रांस प्रेस को बताया कि भूकंप तब आया, जब बड़ी संख्या में लोग सरकारी सब्सिडी लेने के लिए इकट्ठा हुए थे। उन्होंने कहा, “झटके काफी तेज थे। मैंने लोगों को घबराया हुआ देखा। वे भाग रहे थे और चिल्ला रहे थे। भूकंप तब आया जब लोकल सरकार फाइनेंशियल सब्सिडी दे रही थी, इसलिए कोर्ट में बहुत सारे लोग थे, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। हमारे अंदाजे और अनुभव के आधार पर हमें नहीं लगता कि कोई हताहत या नुकसान हुआ होगा।” बुधवार के बाद यह दूसरा ऐसा भूकंप है। इससे पहले बुधवार को फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी ने बताया था कि डावाओ ऑक्सिडेंटल प्रांत में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया था। संस्था ने कहा कि टेक्टोनिक भूकंप स्थानीय समय के हिसाब से दोपहर 12:14 बजे 13 किमी की गहराई पर आया। उसने कहा कि भूकंप से फिलीपींस को सुनामी का कोई खतरा नहीं है। इस बीच, जर्मन भू-विज्ञान अनुसंधान केंद्र जीएफजेड के अनुसार, बुधवार को सुबह 04:14:09 जीएमटी पर फिलीपींस के मिंडानाओ क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र शुरू में 5.37 डिग्री उत्तरी अक्षांस और 125.45 डिग्री पूर्वी देशांतर पर तय किया गया था। भूकंप की गहराई 10.0 किमी थी। फिलीपींस दक्षिण-पूर्व एशिया का एक आइलैंड वाला देश है। यह अक्सर भूकंप, ज्वालामुखी फटने और सुनामी से प्रभावित होता है क्योंकि यह पैसिफिक रिंग ऑफ फायर के किनारे पर है। रिंग ऑफ फायर पैसिफिक ओशन के चारों ओर बहुत ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखी की हलचल वाला एक बड़ा, घोड़े की नाल के आकार का जोन है। इन हालिया भूकंपों से पहले 8 जून को एक विनाशकारी भूकंप आया था, जिससे इमारतें ढह गईं, भूस्खलन हुआ और मिंडानाओ के पास वाले द्वीप पर कम से कम 76 लोगों की मौत हो गई। उस भूकंप के कारण कोटाबाटो ट्रेंच खिसक गई और समुद्र तल 2 मीटर यानी 6.6 फीट तक ऊपर उठ गया। इससे कोरल रीफ्स को नुकसान पहुंचा और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हुआ।

नीदरलैंड के लिम्बर्ग में भीषण जंगल की आग काबू में, राहत और निगरानी अभियान जारी

द हेग। नीदरलैंड के उत्तरी लिम्बर्ग स्थित जंगल में लगी आग पर काबू पाने के बाद अब प्रभावित इलाके में सफाई और निगरानी का काम जारी है। दमकलकर्मी लगातार क्षेत्र पर नजर रख रहे हैं, ताकि आग दोबारा भड़कने की किसी भी घटना को तुरंत नियंत्रित किया जा सके। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह आग सोमवार को लगी थी। इस भीषण आग से प्राकृतिक संरक्षित क्षेत्र के कम से कम 100 हेक्टेयर हिस्से प्रभावित हुए हैं। आग बुझाने के लिए करीब 300 दमकलकर्मियों को तैनात किया गया, जिन्हें नीदरलैंड के रक्षा विभाग के हेलीकॉप्टरों का भी सहयोग मिला। उत्तरी लिम्बर्ग सुरक्षा क्षेत्र ने इस आग को बेहद बड़ी बताया है। आग काफी बड़े क्षेत्र में फैल गई थी, हालांकि प्रभावित कुल क्षेत्रफल का अभी सटीक आकलन नहीं हो पाया है। इस घटना में किसी के घायल होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की जानकारी नहीं मिली है। आग लगने के कारणों का भी अब तक पता नहीं चल सका है। प्रवक्ता के अनुसार, आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग ने बड़ी संख्या में दमकलकर्मियों और वाहनों को मौके पर तैनात किया। आग की गंभीरता और लंबे समय तक चलने वाले राहत कार्यों को देखते हुए अतिरिक्त दमकल इकाइयों को भी बुलाया गया। विभिन्न टीमों को रोटेशन के आधार पर तैनात किया गया है और अधिकारियों का मानना है कि अभियान अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है। इस बीच, रॉयल नीदरलैंड्स मौसम विज्ञान संस्थान (केएनएमआई) ने सोमवार शाम लिम्बर्ग क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की थी। वहीं, पूरे प्रांत सहित देश के अन्य हिस्सों में भी उच्च तापमान को लेकर ‘कोड यलो’ चेतावनी प्रभावी है। दमकल विभाग कई फायर इंजनों और सहायता वाहनों से लैस विशेष अग्निशमन इकाई के साथ आग बुझाने के अभियान में जुटा हुआ है। राहत कार्यों में सहयोग के लिए सेना के तीन हेलीकॉप्टर भी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने दोहराया है कि इस आग से अब तक किसी के घायल होने या किसी संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है, जबकि आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

हूतियों ने अदन की खाड़ी में सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमले का किया दावा, हमले के बाद वापस लौटा जहाज

सना। यमन के हूती समूह ने दावा किया कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। इससे कुछ घंटे पहले हूती विद्रोहियों ने उत्तरी लाल सागर में एक और सऊदी टैंकर पर अलग से मिसाइल हमले का दावा किया था। बुधवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सरेआ ने कहा कि टैंकर, जिसकी पहचान डेजी के तौर पर हुई है, एक बैलिस्टिक मिसाइल से टकराया और वापस लौटने पर मजबूर हो गया। सरेआ ने कहा कि यह हमला समूह की सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा था, जो “नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी” नीति के तहत थी। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने कहा कि हूती लड़ाके सऊदी तेल टैंकरों पर करीब से नजर रख रही है और जब तक यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों पर लगी रोक नहीं हटाई जाती, तब तक वे दक्षिणी और उत्तरी लाल सागर से उनके रास्ते को रोक देंगे। इस बीच, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने कहा कि बुधवार को यमन के दक्षिणी तट पर अदन की खाड़ी में एक टैंकर के जाने के दौरान पास में एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और बताया कि सभी क्रू सुरक्षित हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बुधवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह घटना अदन से लगभग 95 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में हुई। इसमें कहा गया, “एक टैंकर के मास्टर ने बताया कि उन्होंने जहाज के पास एक जोरदार धमाका सुना और बताया कि सभी क्रू सुरक्षित हैं।” यमन के सेंट्रल अल-बायदा प्रांत में हूती-नियंत्रित इलाके मुकायरस के लोगों ने न्यूज एजेंसी सिन्हुआ को बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि हूती ने इलाके से अदन की खाड़ी की ओर एक मिसाइल लॉन्च की है। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाएं जुड़ी हुई थीं या नहीं। वहीं, हूती ने अब तक इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। यह घटना हूती और सऊदी अरब के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है।

अब स्नैपचैट पर भी विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन की गतिविधियों से यूजर्स होंगे रूबरू

नई दिल्ली। भारत का विदेश मंत्रालय (एमईए) अब एक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। लाखों की तादाद में फॉलोअर्स अहम और सटीक जानकारी एक और प्लेटफॉर्म पर हासिल कर पाएंगे। गुरुवार को एमईए ने ‘स्नैपचैट’ पर कदम रखने का ऐलान किया। मंत्रालय ने यूजर्स से अपने आधिकारिक स्नैपचैट अकाउंट से जुड़ने की अपील की है। एमईए ने एक वीडियो क्लिप विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। फॉलोअर्स से जुड़ने की अपील करते हुए दावा किया कि यहां उन्हें “एक्सक्लूसिव स्टोरीज, अपडेट, रोचक कंटेंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।” फेसबुक, वॉट्सऐप, एक्स, लिंकडइन, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे विभिन्न सोशल मीडिया/मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए काफी समय से एमईए विभिन्न देशों के मिशन (दूतावास/ उच्चायोग) से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा करता रहा है। स्नैपचैट एक लोकप्रिय मल्टीमीडिया और सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप है जो नई पीढ़ी (जेन-जी) के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें भेजे गए फोटो और छोटे वीडियो को स्नैप कहा जाता है जिनकी विशेषता ये है कि देखने के कुछ सेकंड के बाद ये अपने आप गायब हो जाते हैं। वहीं इनमें साझा की गई फोटो और वीडियो 24 घंटे तक यूजर के प्रोफाइल पर दिखती है। विदेश मंत्रालय पहले भी सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा है और समय-समय पर लोगों को फर्जी खातों और विदेश नीति से जुड़ी सशुल्क सलाह देने वाले स्कैमर्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी करता रहा है। मंत्रालय अकसर अपने कूटनीतिक संवाद, उच्चस्तरीय बैठकों और अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों को दर्शाने वाले वीडियो और तस्वीरें भी साझा करता रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारत की विदेश नीति और वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों की झलक मिलती रहे। जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में विदेश मंत्रालय ने इंस्टाग्राम पर अपना आधिकारिक फैक्ट चेक अकाउंट भी लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य सोशल मीडिया पर भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी फर्जी खबरों, अफवाहों और भ्रामक दावों का तेजी से खंडन करना है।