वित्त वर्ष 27 में महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान, छोटी अवधि में होगी बढ़ोतरी: आरबीआई

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है। आरबीआई एमपीसी के फैसलों का ऐलान करते हुए गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि लगातार 16 महीनों तक केंद्रीय बैंक के लक्ष्य 4 प्रतिशत से नीचे रहने के बाद खुदरा महंगाई दर जून में बढ़कर 4.4 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि पहली तिमाही में महंगाई दर आरबीआई के पहले के अनुमान से 30 आधार अंक कम रही, जिससे पता चलता है कि इनपुट लागत के दबाव का असर सीमित रहा। खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, कोर महंगाई (जिसमें खाने-पीने की चीजें और ईंधन शामिल नहीं हैं) मई और जून के दौरान 3.9 प्रतिशत पर स्थिर रही। कीमती धातुओं को छोड़कर, कोर महंगाई और भी कम, यानी 2.3-2.5 प्रतिशत रही, जिससे पता चलता है कि मांग-पक्ष से जुड़ी महंगाई का दबाव कम बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और इसे घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर की लगातार गतिविधियों, अच्छे निवेश ट्रेंड और मजबूत निर्यात का सहारा मिल रहा है। गवर्नर ने कहा कि आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5 प्रतिशत लगाया है, जिसमें दूसरी तिमाही महंगाई 4.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.9 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 5.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। वहीं, वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही के लिए महंगाई का अनुमान 5.3 प्रतिशत है। मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई के अनुमान पर जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जो बारिश पर अल-नीनो के असर, ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़े हैं।
राम मंदिर चढ़ावे की हो निष्पक्ष जांच, ई-20 पेट्रोल को लेकर विपक्ष ने किया प्रदर्शन, अमित शाह से सदन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को सपा, राजद, झामुमो और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव समेत सांसदों ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा में कथित गड़बड़ी, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने, छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई और अन्य जनहित के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष जनता की आस्था और आर्थिक हितों से जुड़े हर मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा से जुड़ा मामला लोगों की धार्मिक आस्था से संबंधित है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार ने अब तक ऐसी स्पष्ट गाइडलाइन जारी नहीं की है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि मौजूदा वाहन ई-20 या भविष्य में प्रस्तावित ई-30 और ई-40 ईंधन के उपयोग के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं। उन्होंने मांग की कि ऑटोमोबाइल कंपनियां इस संबंध में स्पष्ट प्रमाणन दें, अन्यथा लोगों पर ऐसे ईंधन के उपयोग का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य राम मंदिर चढ़ावा में कथित गड़बड़ी, जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने तथा अन्य महत्वपूर्ण जनसरोकार के मुद्दों को उठाना है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारी चंपत राय पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सांसद बांसुरी स्वराज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर उन्हें पहले संसदीय प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि वह हिंसा में विश्वास नहीं करते और प्रयागराज की अदालत द्वारा भेजे गए नोटिस का विधिक प्रक्रिया के तहत जवाब देंगे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद संजय यादव ने कहा कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में कथित गड़बड़ी का मामला अत्यंत गंभीर है। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार किसी धार्मिक उद्देश्य या भगवान के नाम पर एकत्रित धन का दुरुपयोग या चोरी बड़ा पाप माना जाता है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने झारखंड से जुड़े एक अन्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे ही कथित अनियमितताओं की जानकारी सामने आई, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे सुनिश्चित किए। उन्होंने कहा कि झारखंड सीआईडी लगातार छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है तथा सरकार मामले की गंभीरता से जांच करा रही है। महुआ माजी ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में उपस्थित होकर छात्रों पर कथित लाठीचार्ज, पैलेट गन और आंसू गैस के इस्तेमाल जैसे आरोपों पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करें। उनके अनुसार, पूरे देश की निगाहें इस मुद्दे पर सरकार के जवाब का इंतजार कर रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम मेहरबान: हल्की से मध्यम बारिश के आसार, येलो अलर्ट जारी

नोएडा। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों के लिए बुधवार का दिन मौसम के लिहाज से राहत भरा रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 5 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, पूरे दिन आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बारिश के चलते पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी, हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस लोगों को परेशान कर सकती है। आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, 5 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता (ह्यूमिडिटी) का स्तर 85 से 70 प्रतिशत के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने दिनभर आम तौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश, पूर्वाह्न में भी हल्की से मध्यम बारिश, जबकि रात के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा, जिससे लोगों को तेज धूप और लू जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस होगी, जिससे लोगों को असहजता हो सकती है। आईएमडी के अनुसार, 6 अगस्त को भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा। इस दिन अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पूरे दिन बादल छाए रहने और मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि इस दिन किसी प्रकार की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। 7 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। इस दिन भी कोई चेतावनी नहीं है। 8 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग ने सामान्य रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। वहीं 9 अगस्त को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। इस दिन हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। 10 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 80 से 60 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दिन भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी के साथ आसमान में बादल छाए रहेंगे और किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि आने वाले कई दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून सक्रिय रहेगा। रुक-रुक कर होने वाली बारिश लोगों को भीषण गर्मी से राहत देगी, लेकिन बढ़ी हुई नमी के कारण उमस बनी रह सकती है।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा भारत, भुवनेश्वर के ब्रिक्स शिक्षा बैठक में लेगा हिस्सा

नई दिल्ली। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुधवार से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हो रही है। यह बैठक 5 से 7 अगस्त तक चलेगी। इसमें 200 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। ईरान से भी एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में हिस्सा लेने भारत पहुंचा है। ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री डॉ. मसूद शमश बख्श और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के उपमंत्री डॉ. मोहम्मद नबी शाहिकी ताश बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। वे भुवनेश्वर में होने वाली बैठक में शामिल होंगे। इसकी जानकारी ईरानी दूतावास के आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए दी गई। ईरान के दूतावास ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान ईरानी प्रतिनिधि भारत के कई अग्रणी वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का दौरा भी करेंगे। इस बैठक का आयोजन तीन दिन तक होगा, जिसमें 5 अगस्त को ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हो रही है। 6 अगस्त को मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त चर्चा होगी और 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की आधिकारिक बैठक होनी है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी शामिल होंगे। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच शिक्षा सहयोग, नवाचार और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। भारत ने इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान युवाओं की भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। इसी सोच के साथ ‘मॉडल ब्रिक्स’ नाम की एक छात्र-केंद्रित पहल शुरू की गई है। यह पहल ब्रिक्स की मंत्रिस्तरीय बैठकों के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाएगी। इसका मकसद युवा नागरिकों को ब्रिक्स की प्रक्रिया से जोड़ना है। साथ ही उन्हें कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सहमति बनाने के तरीके समझाने में मदद करना है। भुवनेश्वर में हो रही यह बैठक शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो ने मोरक्को में सीनियर स्टाफ संग बुलाई संकटकालीन बैठक

नई दिल्ली। फीफा प्रमुख जियानी इन्फेंटिनो बुधवार को मोरक्को में एक संकटकालीन बैठक करेंगे। यह बैठक फीफा के कमर्शियल और इवेंट ऑपरेशन्स को बेचने की उनकी योजना की कड़ी आलोचना के बाद बुलाई गई है। इन्फेंटिनो को ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज’ (एफएफई) बनाने की अपनी योजना वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह कंपनी फीफा के टूर्नामेंट्स के कमर्शियल और ऑपरेशनल पहलुओं को चलाने के लिए बनाई जानी थी। यूईएफए, कॉनकाकैफ, एशियन फुटबॉल कन्फेडरेशन (एएफसी) और कई राष्ट्रीय संघों के साथ-साथ फीफा के अंदर से भी इस योजना का भारी विरोध हुआ था। ‘स्काई स्पोर्ट्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, इन्फेंटिनो ने फुटबॉल की विश्व शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी) के सीनियर अधिकारियों को रबात में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। फीफा के ग्लोबल फुटबॉल डेवलपमेंट प्रमुख आर्सेन वेंगर ने विवादित ‘फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज’ (एफएफई) प्रस्ताव को वापस लेने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट को छोड़ना जरूरी और निर्विवाद था और उन्होंने एक स्वतंत्र और पारदर्शी विश्व शासी निकाय में अपना भरोसा फिर से जताया। एक बयान में वेंगर ने स्पष्ट किया कि इस रणनीतिक प्रस्ताव में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इस प्रस्ताव का मकसद फीफा के प्रमुख कॉम्पिटिशन राइट्स (जैसे फीफा वर्ल्ड कप) को मैनेज करने के लिए एक कमर्शियल सब्सिडियरी बनाना था, इसके साथ ही निजी निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देना था। यूईएफए ने इस विवादित प्रस्ताव के जवाब में कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी थी, और फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ वेल्स ने फीफा अध्यक्ष के तौर पर इन्फेंटिनो के दोबारा चुने जाने की कोशिश के लिए अपना समर्थन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। इसके अलावा, एफए भी फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से समर्थन वापस लेने जा रहा है। वेल्स पहला फुटबॉल संघ बन गया है जिसने फीफा अध्यक्ष के तौर पर इन्फेंटिनो के दोबारा चुने जाने के लिए अपना समर्थन आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। अगले साल मार्च में इन्फेंटिनो अध्यक्ष के तौर पर अपने आखिरी कार्यकाल के लिए दोबारा चुनाव लड़ने वाले हैं और उन्हें जीतने के लिए फीफा के 211 सदस्यों में से 106 वोटों की जरूरत होगी। फुटबॉल एसोसिएशन ऑफ वेल्स (एफएडब्ल्यू) ने पुष्टि की है कि वह “2027-2031 कार्यकाल के लिए फीफा अध्यक्ष के तौर पर दोबारा चुनाव के लिए मिस्टर जियानी इन्फेंटिनो की उम्मीदवारी से अपना समर्थन वापस ले रहा है।
भारत बनाम श्रीलंका: नेट गेंदबाज के तौर पर टीम इंडिया से जुड़े हर्ष, तनुष, विपराज और शिवांग

कोलंबो। श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों की मदद की खातिर हर्ष दुबे, तनुष कोटियन और विपराज निगम और कलाई के स्पिनर शिवांग कुमार को बतौर नेट गेंदबाज टीम से जोड़ा गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को एक आधिकारिक अपडेट में कहा, “हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, तनुष कोटियन और विपराज निगम श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की तैयारी में टीम की मदद करने के लिए नेट गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम में शामिल हुए हैं।” यह जानकारी शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के नॉनडेस्क्रिप्ट्स क्रिकेट क्लब (एनसीसी) ग्राउंड पर अपना पहला प्रैक्टिस सेशन शुरू करने के बाद दी गई। हालांकि, इन चारों खिलाड़ियों के मुख्य टीम या प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की संभावना कम ही है, लेकिन यह अनुभव उनके लिए सीखने और आगे बढ़ने का एक बड़ा मौका है। घरेलू क्रिकेट में विदर्भ के लिए खेलने वाले बाएं हाथ के स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर दुबे ने इस साल की शुरुआत में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना वनडे डेब्यू किया था। वह अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट, इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे मैच और जिम्बाब्वे में टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए भी टीम का हिस्सा थे। वहीं, मुंबई के ऑफ-स्पिनर कोटियन ने पिछले दो सीजन में घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। वह 2024/25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के लिए भी भारतीय टीम में रविचंद्रन अश्विन की जगह शामिल किए गए थे, जिन्होंने ब्रिस्बेन में तीसरे मैच के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। लेग-स्पिनर विपराज निगम जून में श्रीलंका में हुई 50 ओवर की ट्राई सीरीज के दौरान भारत ए टीम का हिस्सा रहे थे। वह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से अपना दमखम दिखा चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले और आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलने वाले शिवांग, जून में न्यू चंडीगढ़ में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से पहले भारतीय टीम के लिए नेट बॉलर थे। कोलंबो के एनसीसी में 7 से 9 अगस्त तक तीन दिन के प्रैक्टिस मैच में हिस्सा लेने के बाद, भारतीय टीम गॉल जाएगी, जहां 15 अगस्त से सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेला जाना है। इसके बाद, 23 से 27 अगस्त तक सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा।
भारत की विकास दर वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत रहने का अनुमान, बना रहेगा दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था: आरबीआई

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) के फैसलों का ऐलान करते हुए कहा कि भारत वित्त वर्ष 27 में 6.7 प्रतिशत की विकास दर के साथ दुनिया की सबसे तेज अर्थव्यवस्था बना रहेगा। आरबीआई द्वारा अगस्त एमपीसी में जारी किया गया विकास दर अनुमान पिछले अनुमान 6.6 प्रतिशत से 10 आधार अंक ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जून 2026 के बाद से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण आपूर्ति पक्ष पर पड़ने वाला दबाव कुछ कम हुआ है। हालांकि, जुलाई के पहले हफ़्ते से टकराव के फिर से बढ़ने की वजह से एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता फिर से पैदा हो गई है। लगातार बनी हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद, घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं, जैसा कि पहली तिमाही के हाई-फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स से पता चलता है। मल्होत्रा ने कहा कि पहली तिमाही के शुरुआती कॉर्पोरेट नतीजों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी अच्छे प्रदर्शन का संकेत मिलता है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, हेडलाइन महंगाई दर बढ़ने का अनुमान है, जिसकी मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों और ईंधन की आपूर्ति से जुड़े दबाव हैं, जबकि मुख्य महंगाई दर सामान्य बनी हुई है और तीसरी तिमाही में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इसके कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून, अल नीनो, भू-राजनीतिक अस्थिरता और ग्लोबल ट्रेड पॉलिसी को लेकर अनिश्चितताओं के बीच भविष्य की स्थिति अभी साफ नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी पॉलिसी से जुड़ा कदम उठाने से पहले महंगाई की चाल और उसके घटकों के बारे में ज्यादा स्पष्टता की जरूरत है। विकास दर को लेकर मल्होत्रा ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस गतिविधियों में लगातार विस्तार और जबरदस्त निर्यात की वजह से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है।
चेन्नई नगर निगम ने रेबीज रोधी टीकाकरण अभियान के तहत दो लाख स्ट्रीट डॉग्स को लक्षित किया

चेन्नई। ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) अगस्त के दूसरे सप्ताह में शहरव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू करेगा, जिसका लक्ष्य लगभग दो लाख आवारा कुत्तों को टीका लगाना है। यह अभियान रेबीज की रोकथाम और पशु कल्याण में सुधार के लिए किए जा रहे गहन प्रयासों का हिस्सा है। यह अभियान शहर के सभी क्षेत्रों में लागू होगा और पालतू कुत्तों को रेबीज और परजीवी रोधी टीके मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। पालतू जानवरों के मालिकों से इस कार्यक्रम का लाभ उठाने और अपने जानवरों को टीका लगवाने का आग्रह किया गया है। पिछले साल नगर निगम ने लगभग 1.47 लाख आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया था, जब चेन्नई में आवारा कुत्तों की आबादी लगभग 1.80 लाख होने का अनुमान था। तब से कुत्तों की आबादी में वृद्धि होने की आशंका को देखते हुए, जीसीसी ने इस वर्ष टीकाकरण का लक्ष्य बढ़ाकर दो लाख कुत्ते कर दिया है। यह अभियान निगम के पशु जन्म नियंत्रण (एबीसी) बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ-साथ चलाया जा रहा है। वर्तमान में, चेन्नई में स्थित 15 एबीसी केंद्रों में से 11 चालू हैं। नन्दंबक्कम और पेरंगुडी में दो और केंद्र अगले सप्ताह से काम करना शुरू कर देंगे। अंबत्तूर के अथिपटू और शोलिंगनल्लूर में शेष केंद्र अगस्त के चौथे सप्ताह तक चालू हो जाएंगे। एक बार सभी 15 सुविधाएं चालू हो जाने के बाद, जीसीसी को उम्मीद है कि नसबंदी प्रक्रियाओं को पूरा करने की उसकी क्षमता में काफी वृद्धि होगी। मौजूदा केंद्र मिलकर प्रतिदिन लगभग 200 गर्भनिरोधक ऑपरेशन करते हैं। निगम को उम्मीद है कि अतिरिक्त सुविधाओं के साथ यह संख्या दोगुनी होकर लगभग 400 ऑपरेशन प्रतिदिन हो जाएगी। इस वर्ष जनवरी से अब तक आवारा कुत्तों पर लगभग 24,000 गर्भनिरोधक ऑपरेशन किए जा चुके हैं। ऑपरेशनों की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है, जनवरी में 1,490 से बढ़कर फरवरी में 2,493 और मार्च में 3,058 हो गई है। निगम ने अप्रैल में 3,259 सर्जरी, मई में 3,637 और जून में 4,765 सर्जरी कीं। जुलाई में मासिक आंकड़ा अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जब 5,324 सर्जरी की गईं। हालांकि, यह टीकाकरण अभियान पशु कल्याण कार्यकर्ताओं द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण अभियानों के दौरान उनके साथ किए जाने वाले व्यवहार को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच शुरू किया गया है। टीकों के लिए आवश्यक कोल्ड-चेन स्थितियों को बनाए रखने और टीका लगाए गए जानवरों को सुरक्षित रूप से उनके क्षेत्रों में वापस भेजने को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। जीसीसी ने टीकों के अनुचित प्रबंधन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टीकाकरण की शीशियों को आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ संग्रहित और परिवहन किया जाता है। नगर निगम ने इस अभियान में जनता की अधिक भागीदारी की भी मांग की है, विशेष रूप से पालतू जानवरों के मालिकों, स्थानीय पशुपालकों और बचावकर्ताओं से, क्योंकि इसका उद्देश्य टीकाकरण कवरेज का विस्तार करना और चेन्नई भर में रेबीज के संचरण के जोखिम को कम करना है।
विपक्षी सांसदों ने संसद में गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक निकाला मार्च, गृह मंत्री से सदन में जवाब देने की मांग

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के अन्य सांसदों ने 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी और अन्य मुद्दों को लेकर प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पत्रकारों से कहा कि लोकतंत्र में सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों पर गोलियां चलाई गईं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, आंसू गैस छोड़ी गई या लाठीचार्ज किया गया है, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और निर्णय लेने वालों को जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र है, किसी का शाही दरबार नहीं, इसलिए सरकार को इन घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा का मंच है और किसी भी मुद्दे का समाधान संवाद से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा से बचती है तो यह संसद और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है। खड़गे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय उन्हें राम विरोधी और राष्ट्र विरोधी बताने की कोशिश कर रही है। राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चढ़ावे संबंधी विवाद को लेकर खड़गे ने कहा कि विपक्ष भगवान राम का विरोध नहीं कर रहा बल्कि यह जानना चाहता है कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे, सोने-चांदी और अन्य चढ़ावे का उपयोग किस प्रकार किया गया। उन्होंने ट्रस्ट से जुड़ी कथित भूमि अनियमितताओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यदि विपक्ष भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग करता है तो उसे राष्ट्र-विरोधी करार देना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार पर स्वतंत्र विचारों को दबाने और राजनीतिक विरोध को राष्ट्रवाद से जोड़ने का आरोप लगाया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि विरोध मार्च की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा से इसलिए की गई ताकि सरकार गांधी के विचारों से प्रेरणा लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करे। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल की घटनाओं में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सरकार को यह बताना चाहिए कि लाठीचार्ज क्यों किया गया, नुकीली लाठियों का इस्तेमाल क्यों हुआ और पैलेट गन क्यों चलाए गए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोप नए नहीं हैं बल्कि निर्माण कार्य शुरू होने के समय से ही इस तरह के सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि विपक्ष इसी के खिलाफ आवाज उठा रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर पूरे मामले पर विस्तृत बयान दें और स्पष्ट करें कि छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर गोलीबारी और पैलेट गन के इस्तेमाल से बच्चे घायल हुए हैं। प्रतापगढ़ी ने कहा कि संसद के भीतर इन घटनाओं पर चर्चा होना आवश्यक है ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। इमरान प्रतापगढ़ी ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि इंडी अलायंस लगातार केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वहां के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आस्था के नाम पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी सरकार को पारदर्शी तरीके से जवाब देना चाहिए।
झारखंड: सरायकेला में 22 लाख के तीन इनामी नक्सली गिरफ्तार, एके-47 समेत कई हथियार बरामद

सरायकेला। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में पुलिस और सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 22 लाख रुपये के इनामी तीन माओवादी नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो, पांच लाख रुपये का इनामी रवि सरदार और दो लाख रुपये की इनामी उसकी पत्नी मीना शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक एके-47 राइफल, एक पिस्टल, कारतूस और नक्सली गतिविधियों से जुड़े अन्य सामान बरामद किए हैं। तीनों के खिलाफ सरायकेला-खरसावां सहित पड़ोस के जिलों के थानों में कई वारदात दर्ज हैं। पुलिस को मिली खुफिया सूचना के आधार पर विशेष अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने संभावित ठिकानों की घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उनके पास से अत्याधुनिक हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मदन महतो पर राज्य सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था और कई नक्सली अभियानों में उसकी भूमिका सामने आई थी। रवि सरदार पर पांच लाख रुपये और उसकी पत्नी मीणा पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, दोनों संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। गिरफ्तार नक्सलियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि उनसे नक्सली संगठन के नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति, अन्य सक्रिय उग्रवादियों और हाल के वर्षों में हुई नक्सली घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी। इन सूचनाओं के आधार पर आगे भी अभियान चलाया जाएगा। कोल्हान क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल के महीनों में कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी मिसिर बेसरा समेत कई उग्रवादियों की गिरफ्तारी भी हुई है।