भूटान की वादियों में फैमिली संग छुट्टियां मना रहीं सोनाक्षी सिन्हा, खूबसूरत तस्वीरों ने जीता फैंस का दिल

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा इन दिनों अपने परिवार के साथ भूटान की खूबसूरत वादियों में छुट्टियों का आनंद ले रही हैं। पहाड़ों, नदियों और हरियाली के बीच बिताए गए इन खास पलों की झलक उनकी ननंद ने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं। तस्वीरों में सोनाक्षी और उनके पति जहीर इकबाल अपने परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताते नजर आ रहे हैं। इस फैमिली ट्रिप की तस्वीरें सोनाक्षी की ननद और फैशन डिजाइनर सनम रतनसी की पोस्ट से हुई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन लिखा, “पीक फैमिली टाइम” और इसके साथ पहाड़ और भूटान के झंडे की इमोजी भी लगाई। बाद में सोनाक्षी के पति जहीर इकबाल ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वेकेशन की कई झलकियां साझा कीं। तस्वीरों में पूरा परिवार भूटान की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेता दिखाई दे रहा है। कहीं ऊंचे-ऊंचे पहाड़ हैं, कहीं बहती हुई नदी, तो कहीं बादलों से घिरी हरी-भरी घाटियां। एक तस्वीर में सोनाक्षी, सनम और एक छोटी बच्ची विक्ट्री साइन बनाते हुए मुस्कुराती नजर आ रही हैं। वहीं जहीर द्वारा साझा की गई तस्वीरों में परिवार सुकून के पल बिताता दिख रहा है। एक सेल्फी में सोनाक्षी कैमरे की ओर मुस्कुराती नजर आ रही हैं, जबकि पीछे जहीर खूबसूरत नजारों का आनंद लेते दिखाई दे रहे हैं। एक पारिवारिक तस्वीर में सोनाक्षी, जहीर और उनके माता-पिता भूटान की शांत और मनमोहक वादियों के बीच कैमरे के लिए पोज देते नजर आए। फैंस इन तस्वीरों पर जमकर प्यार लुटा रहे हैं और दोनों की जोड़ी की तारीफ कर रहे हैं। सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने 23 जून 2024 को शादी की थी। करीब सात साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने अपने रिश्ते को शादी का नाम दिया। दोनों ने मुंबई स्थित सोनाक्षी के घर पर परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में रजिस्टर्ड मैरिज की थी। इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े सितारों की मौजूदगी में एक शानदार रिसेप्शन का आयोजन किया गया था, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे। वहीं, अपनी बेहतरीन एक्टिंग के अलावा सोनाक्षी हाल के दिनों में अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर भी चर्चा में रही हैं। उन्होंने हालिया छात्र आंदोलनों के दौरान खुलकर अपनी राय रखी थी। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जेन-जी और छात्र प्रदर्शनकारियों की सराहना करते हुए एक वीडियो साझा किया था। हालांकि, इस वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। कई लोगों ने उनकी प्रतिक्रिया की आलोचना की, जबकि कुछ ने उनका समर्थन भी किया। इसी दौरान अभिनेत्री कंगना रनौत ने बिना नाम लिए एक सोशल मीडिया पोस्ट में अभिनेत्री की ड्रेसिंग और व्यवहार पर टिप्पणी की थी। कंगना ने लिखा, “आजकल कई फेक न्यूज चल रही हैं, मेरे बारे में भी ऐसी ही एक फेक बात फैली है। मैं कभी किसी के शरीर या लुक का मजाक नहीं उड़ाती, लेकिन मैंने एक ऐसी एक्ट्रेस को देखा है जो आजकल जेबकतरे की तरह कपड़े पहनती और बात करती है। वह हाफ पैंट और उल्टी कैप पहनती है और प्रोटेस्ट करने वालों के घटिया व्यवहार को बढ़ावा देती है। मुझे हमेशा लगता है कि आप रिश्ते में कैसे कपड़े पहनते हैं, यह सीधे तौर पर आपकी भावनाओं को दिखाता है। प्यारी साथी एक्ट्रेस, अगर तुम्हारा पार्टनर तुम्हें जेबकतरे जैसा महसूस करा रहा है, तो मुझे अफसोस है। तुम पहले कितने अच्छे से कपड़े पहनती और बात करती थीं, अब तुम्हें क्या हो गया है? राय तुम्हारी अपनी है, लेकिन तुम अपनी स्टाइलिंग को बेहतर बना सकती हो। अगर तुम्हें किसी मदद की जरूरत हो, तो मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं।
ऑफिस में घंटों बैठते हैं? रोज करें पादहस्तासन, तनाव और अकड़न से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली। ऑफिस में लंबे समय तक डेस्क पर बैठे रहने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्या शरीर को जकड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में रोजाना समयानुसार, नियमित आहार और योगासन शरीर को इन समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार है, योग के इन्हीं आसनों में पादहस्तासन श्रेष्ठ बताया गया है, जिसके अभ्यास से शरीर को धीरे-धीरे आराम मिलने लगता है। पादहस्तासन एक ऐसा योगासन है जो तीन शब्दों से मिलकर बना है, पाद + हस्त + आसन। इस आसन में पांव (पाद) को हाथों (हस्त) से पकडते हैं इसलिए इसे पादहस्तासन या हस्त पादासन कहते हैं। आधुनिक जीवनशैली में हम जहां ज्यादातर समय मोबाइल या कंप्यूटर के सामने झुके रहते हैं, ऐसे में यह आसन रीढ़ को राहत देता है और पूरे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस आसन को लेकर सुझाव दिए हैं। उनके अनुसार, इस आसन के नियमिस अभ्यास से तनाव, अकड़न, खराब पाचन और कम ऊर्जा जैसी समस्याएं शरीर में धीरे-धीरे जमा होती रहती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए पादहस्तासन एक ऐसा आसान है, जिसके नियमित अभ्यास से शरीर का लचीलापन बढ़ता है, पाचन तंत्र मजबूत होता है, मन शांत रहता है और आगे की ओर गहरे खिंचाव से शारीरिक तनाव दूर होता है। इस आसन को करने से सिर की तरफ खून का प्रवाह बढ़ता है, जिससे दिमाग और आंखों को फायदा होता है। साथ ही, यह मन को शांत करता है और तनाव को कम करने में मदद करता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले खड़े होकर दोनों पैरों को जोड़ें, सांस छोड़ते हुए कमर से आगे की ओर झुकें और हाथों को पैरों के पास जमीन पर रखने की कोशिश करें। शुरुआती दिनों में घुटनों को थोड़ा मोड़ सकते हैं। कुछ सेकंड रुककर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में लौटें। रोजाना 3 से 5 बार इस आसन का अभ्यास किया जा सकता है। शुरुआती अभ्यासकर्ता इस आसन को करने के लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें और योगासन करते समय हमेशा अपनी क्षमता पर ध्यान दें। जबरदस्ती या जरूरत से ज्यादा खिंचाव शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके साथ ही गंभीर बीमारी और हालिया हुई सर्जरी और गर्भवती महिलाओं को इसको करने से पहले योग विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
होर्मुज नहीं खुला तो ईरान पर होगी कड़ी कार्रवाई : राष्ट्रपति ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बहुत जल्द नहीं खोला गया तो ईरान के ऊपर बड़ी कार्रवाई होगी। ट्रंप ने कहा, “हम ईरान से बहुत अच्छी बातचीत कर रहे हैं।” वहीं, तेहरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया।” ओवल ऑफिस में ट्रंप ने कहा था कि वे ईरान को आखिरी मौका दे रहे हैं। होर्मुज को खोलने की बात हो रही है। ट्रंप ने कहा, “वे जल्दी फैसला लेंगे, चाहे जिस तरह से हो। यह कोई बहुत जटिल बात नहीं है। हम होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात कर रहे हैं।” लेकिन ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं चल रही। तेहरान में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, “फिलहाल हम अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री अब्बास अराघची इराक की यात्रा पर हैं। बाकी सभी वार्ताकार ईरान में ही हैं। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “ईरानी नेतृत्व बेहद दोहरा है। पहले वे बैठक के लिए गिड़गिड़ाते हैं और फिर खुलेआम कहते हैं कि कोई चर्चा नहीं हो रही।” इस्माइल बकाई ने कहा कि ईरान होर्मुज के सामने स्थित ओमान के साथ बातचीत कर रहा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, यह अस्थायी इंतजाम है जिसका मकसद इस रणनीतिक जलमार्ग में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस्माइल बकाई ने कहा कि मस्कट-तेहरान वार्ता में कोई तीसरा देश शामिल नहीं है। ट्रंप ने कहा कि ईरान हमले की खबरों से घबरा गया है। उन्होंने कहा यह हमला द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा और सबसे कड़ा होगा। हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बात करना चाहते हैं।
अभिनेता प्रदीप रावत को याद कर भावुक हुए अनूप सिंह, लिखा-मैं हमेशा आपकी यादों और सीखों को संजोकर रखूंगा

मुंबई। दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत का 74 साल की उम्र में कैंसर से जूझने के बाद निधन हो गया। अभिनेता को याद करते हुए अभिनेता अनूप सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें याद कर खास नोट लिखा। अनूप ठाकुर ने इंस्टाग्राम पर दिवंगत अभिनेता के साथ तस्वीरें शेयर की। अपनी इस पोस्ट के जरिए अभिनेता ने बताया कि ऑफ कैमरा वह सिर्फ जिंदगी की लड़ाइयों से लड़ने के लिए एक प्रेरणा रहे हैं। अभिनेता ने लिखा, “प्रदीप रावत सर, मुझे आप जैसे बेहतरीन कलाकार के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला, जिसके लिए मैं आभारी हूं। 1990 में एक बच्चे के रूप में आपको अश्वत्थामा का रोल करते देखने से लेकर, बड़े होकर आपको गजनी के रूप में, अचारी अमेरिका यात्रा में आपके बेटे या धर्मरक्षक छत्रपति संभाजी महाराज में आपके दुश्मन का रोल करने तक। कैमरे के बाहर आप सिर्फ एक गाइडिंग लाइट और जिंदगी की लड़ाइयों से लड़ने के लिए एक इंस्पिरेशन रहे हैं। जो लोग आपको जानते हैं वे जानते हैं कि आपका सफर कैसा रहा है और मैं हमेशा आपकी यादों और सीखों को संजोकर रखूंगा।” उन्होंने लिखा, “आपने अपनी जिंदगी को एक शेर की तरह जिया है, अब शांति से आराम करें। दुनिया को मनोरंजित करने के लिए आपका धन्यवाद। ओम शांति।” अभिनेता प्रदीप के घर में पत्नी और बेटा विक्रमादित्य हैं। अभिनेता के निधन की खबर उनके पुराने साथी और अभिनेता यशपाल शर्मा ने दी। यशपाल, जो ‘लगान’ फिल्म में भी प्रदीप के साथ थे, उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट के जरिए प्रदीप रावत को श्रद्धांजलि दी। पोस्ट में लिखा, “प्रदीप रावत, हमारे लगान के गजनी देवा। उनकी आत्मा को शांति मिले।” लगान और गजनी समेत कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम करने वाले अभिनेता ने तीन दशक से ज्यादा समय में हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम समेत कई भाषाओं में काम किया था। उन्हें आखिरी बार हिंदी फिल्म ‘छावा’ में देखा गया था, जो मराठा साम्राज्य के दूसरे शासक संभाजी के जीवन पर आधारित एक ऐतिहासिक एक्शन फिल्म थी। यह शिवाजी सावंत के मराठी नॉवेल ‘छावा’ का अडैप्टेशन है। इसमें अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना भी हैं।
राहुल गांधी दूसरों को उपदेश देने के बजाय पहले अपनी पार्टी पर दें ध्यान : गिरिराज सिंह

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी पर दिए गए बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने कहा था कि “छात्रों को माफ करने के बजाय छात्रों से माफी मांगे।” इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को दूसरों को उपदेश देने के बजाय पहले अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “ग्रामीण बिहार में एक कहावत है: ‘अपना ब्याह नहीं, सूरदास के बरतूहारी’। राहुल गांधी को दूसरों को उपदेश देने के बजाय पहले अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कहा कि देश को भविष्य में कभी भी विपक्ष का ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण नेता न मिले। उन्होंने कहा, “भारत ने विपक्ष के कई बेहतरीन नेता देखे हैं, लेकिन इनके जैसा नेता नहीं देखा। मेरी सलाह है कि वे उनसे सीखें। आप समाज में अपनी रेटिंग कर सकते हैं। इस छात्र आंदोलन में आपकी सद्भावना शून्य थी।” वहीं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती द्वारा श्रीनगर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ से पहले किए गए विरोध प्रदर्शन पर भी गिरिराज सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “महबूबा मुफ्ती आतंकवादी समर्थक हैं। उन्होंने इतने दिनों तक आतंकवादियों का समर्थन किया। वह कुछ दिनों के लिए हमारे साथ रहीं। हमने सुधारने की कोशिश की। नहीं सुधरे तो हमने छोड़ दिया।” गिरिराज सिंह ने 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 हटाए जाने को ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह से हम 15 अगस्त और 26 जनवरी को भारत के इतिहास का जश्न मनाते हैं, यह भी एक महान दिन है। सरदार पटेल के सपने, भारत के अनगिनत लोगों के सपने, वे सपने जो हम कहते थे कि ‘एक देश, दो झंडे, दो राष्ट्रपति, नहीं चलेगा’। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, 5 अगस्त 2019 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन संवैधानिक प्रावधानों को हटा दिया।” उन्होंने आगे कहा, “अब ‘एक देश, एक निशान, एक प्रधान, एक विधान’ है। अब इसे नष्ट करने के लिए कोई पैदा नहीं हुआ है।
ब्राजील ने राजदूत के खिलाफ अमेरिकी वीजा कार्रवाई की निंदा की रियो डी

जनेरियो। अमेरिका द्वारा ब्राजील की राजदूत का वीजा रद्द करने पर ब्राजील सरकार ने कड़ी नाराजगी जताई। ब्राजील ने अमेरिकी विदेश मंत्रालय के इस फैसले को गलत और आधारहीन बताया। मामला ब्राजील की वाशिंगटन में तैनात राजदूत मारिया लुइजा रिबेरो वियोटी के वीजा से जुड़ा है। अमेरिकी सरकार ने पिछले महीने ब्राजील द्वारा दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा न देने और ट्रंप प्रशासन के नए राजदूत की नियुक्ति में देरी करने के जवाब में यह कदम उठाया। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि जिन दो अमेरिकी अधिकारियों को वीजा देने से मना किया गया था, वे ब्राजील के चुनावी सिस्टम की जांच करने आना चाहते थे। ब्राजील ने इसे देश के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य दखल करार दिया। नए अमेरिकी राजदूत की नियुक्ति पर भी ब्राजील ने सफाई देते हुए कहा कि अमेरिका ने डेनियल पेरेज का नाम सार्वजनिक रूप से घोषित कर दिया था जबकि औपचारिक मंजूरी के लिए अनुरोध बाद में भेजा गया। ब्राजील के मुताबिक यह वियना कन्वेंशन के अनुच्छेद 4 का उल्लंघन है। बयान में कहा गया, “वियना कन्वेंशन में कहीं यह नहीं लिखा कि मंजूरी कितने दिन में देनी है। अमेरिका का प्रस्ताव अभी हमारी समीक्षा में है।” ब्राजील ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने पहले ही ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट के जजों और वरिष्ठ अधिकारियों पर एकतरफा प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इन अधिकारियों के अमेरिकी वीजा भी रद्द किए जा चुके हैं। आरोप है कि उन्होंने राजनीतिक उत्पीड़न किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को बताया कि राजदूत का वीजा तभी बहाल होगा जब स्थिति सुलझ जाएगी। जून की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनियल पेरेज को ब्राजील में अगला राजदूत नामित किया था। अमेरिकी सीनेट ने अभी उनकी नियुक्ति की पुष्टि नहीं की है और ब्राजील की मंजूरी के बिना वे पदभार नहीं संभाल सकते। रिपोर्ट के मुताबिक, जब वीजा रद्द करने की सूचना आई तब राजदूत वियोटी ब्राजील में ही थीं। ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि स्थानीय चैनल ग्लोबोन्यूज से की। पिछले कुछ हफ्तों से अमेरिका ब्राजील के अधिकारियों पर नए वीजा प्रतिबंध लगा रहा है और सुप्रीम कोर्ट के बड़े मामलों पर दिए फैसलों की आलोचना भी कर रहा है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
यमन ने भारतीय जहाज ‘फैज नूरे ओलिया’ पर हुए हमले की निंदा की, बोला- ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन

अदन। यमन ने लाल सागर में भारतीय कार्गो जहाज एमएसवी फैज नूरे ओलिया पर हुए हूती हमले की कड़ी निंदा की है। यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि विस्फोटक से भरी नाव से किए गए इस हमले में जहाज पूरी तरह डूब गया। इसमें 13 भारतीयों समेत कुल 14 नाविक सवार थे और सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। मंत्रालय ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय और समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया। सोशल मीडिया पोस्ट में यमन ने कहा, “इससे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की सुरक्षा और व्यापार की स्वतंत्रता को सीधा खतरा पैदा हुआ है। यमन इस मुश्किल समय में भारत के साथ एकजुटता से खड़ा है और भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। यमनी तटरक्षक बल और यमनी नौसेना द्वारा चलाए गए त्वरित बचाव अभियान में जहाज के सभी 14 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। इनमें 13 भारतीय नागरिक थे। सभी को सुरक्षित मोचा बंदरगाह पहुंचाया गया।” विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला हूती विद्रोहियों के अपराधों की निरंतर श्रृंखला का हिस्सा है, जिसमें ये शहरों, हवाई अड्डों और ऑयल केंद्रों पर बमबारी करते हैं, निर्यात बाधित करते हैं और यमनी जनता को आय के स्रोतों से वंचित करने का काम करते हैं। हूती हमलों से लाल सागर, बाब-अल-मंदब स्ट्रेट और अदन की खाड़ी में बंदरगाहों और समुद्री नौवहन के लिए खतरा बढ़ गया है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक हितों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसके साथ ही यमन ने सऊदी अरब के समुद्री गठबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा, “सऊदी अरब के नेतृत्व में गठित बहुराष्ट्रीय रक्षात्मक समुद्री गठबंधन एक रणनीतिक पहल है जिसका महत्व समुद्री खतरों के बढ़ने के साथ और बढ़ गया है। यह गठबंधन अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति लाइनों को सुरक्षित करने और लाल सागर, बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुरूप है।” बता दें कि मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की थी। बयान जारी कर बताया था कि भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हूती विद्रोहियों ने हमला किया। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी रुकावट के आवाजाही सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके साथ ही मंत्रालय ने समय पर जरूरी मदद पहुंचाने के लिए यमन का धन्यवाद किया था। मालवाहक जहाज मंगलवार को यमन के पश्चिमी तट के पास लाल सागर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद डूब गया था। हूती विद्रोहियों ने विस्फोटकों से भरी एक नाव से हमले को अंजाम दिया था। सरकार समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज (एनआरएफ) ने एक बयान में कहा कि तटरक्षक बल और नौसेना की इकाइयों ने संयुक्त अभियान चलाकर ‘फैजे नूरे ओलिया’ नामक जहाज के चालक दल को बचाया। यह जहाज हूती विद्रोहियों के कब्जे वाले बंदरगाह शहर होदेइदाह से लगभग 13 समुद्री मील दक्षिण में हमले का शिकार हुआ था।
भारत-ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट देश के लिए बड़ी उपलब्धि : गजेंद्र सिंह शेखावत

जोधपुर। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत-ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत के इंजीनियरिंग, हस्तशिल्प और चमड़ा उद्योग को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “इस एग्रीमेंट के तहत भारत से ब्रिटेन को भेजे जाने वाले 99 फीसदी सामान पर अब कोई आयात शुल्क नहीं लगेगा। यानी जीरो टैरिफ पर वहां सामान जाएगा।” उन्होंने आंकड़ा देते हुए बताया, “इस समझौते के लागू होने के पहले ही दिन 140 मिलियन डॉलर के उत्पाद इसके प्रावधानों के तहत निर्यात किए गए। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह समझौता कितना अहम है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते में मोबिलिटी एग्रीमेंट भी शामिल है। इसके तहत दोनों देशों के बीच काम और व्यापार के लिए लोगों का आना-जाना आसान होगा। गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “जब दो देशों के बीच मोबिलिटी का समझौता होता है तो वर्क वीजा बहुत आसानी से मिलने लगते हैं। मेरा मानना है कि तकनीक के क्षेत्र में भारत से यूके जाने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा। भारत की प्रतिभा अब दुनिया के दूसरे देशों में जाकर देश के लिए और बेहतर काम कर सकेगी।” वहीं दूसरी ओर राजस्थान में होने वाले पंचायती राज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर गजेंद्र सिंह शेखावत ने भरोसा जताया कि भाजपा सभी जगह बड़ी जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य की हर विधानसभा में विकास की नई लहर शुरू हुई है। भाजपा संगठन पूरी एकजुटता के साथ काम कर रहा है और इन दोनों चुनावों को हम पूरी गंभीरता से ले रहे हैं।” गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि राजस्थान की जनता पंचायती राज और स्थानीय निकाय दोनों चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर आशीर्वाद देगी।
पीएम मोदी की 37 नए सांसदों से नाश्ते पर मुलाकात, बोले- ‘मिलकर करें काम, सदन की कार्यवाही में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा’

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने आवास पर भारतीय जनता पार्टी के नए 37 सांसदों के लिए नाश्ते पर एक बैठक आयोजित की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों को सदन में मौजूदगी बढ़ाने और सदन के कामकाज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को मुलाकात करने वाले सांसदों में नितिन नवीन, सुष्मिता देव, राजेंद्र गुप्ता, राहुल सिंह, स्वाति मालीवाल, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी और अन्य शामिल थे। प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से कहा कि वे सदन में ज्यादा वक्त गुजारें। सभी से सीखें चाहे वह पक्ष के सदस्य हों या विपक्ष के सदस्य हों। पीएम मोदी ने सलाह दी कि सभी सांसद मिल-जुलकर कम करें। इससे पहले, मंगलवार को भाजपा नीत एनडीए की संसदीय दल की बैठक हुई। संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग के जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। भाजपा सांसद हेमंग जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “एनडीए संसदीय दल की मंगल मिलन बैठक कई नई बातों की जानकारी देने वाली रही।” वहीं, राज्यसभा सांसद माया नरोलिया ने पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में आयोजित एनडीए नेताओं के साथ ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में एनडीए राष्ट्रहित, सुशासन और जनसेवा के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है।” गठबंधन की पूरी एकजुटता दिखाने के मकसद से संसद सत्र के दौरान ये बैठकें पारंपरिक रूप से मंगलवार को आयोजित की जाती हैं। पिछली बैठक 28 जुलाई को हुई थी। तृणमूल से अलग हुए गुट यानी हाल ही में बनी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) के सांसद भी गठबंधन की इस बैठक में शामिल हुए।
झारखंड छात्र आंदोलन को मिला इमरान खान का समर्थन, जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर उठाई आवाज

रांची। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान का समर्थन मिला है। अभिनेता ने सोशल मीडिया के जरिए आंदोलन कर रहे छात्रों का मुद्दा उठाया और लोगों से उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। इमरान खान ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए सरकार और आम लोगों का ध्यान झारखंड के छात्रों के प्रदर्शन की ओर खींचा। इमरान खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ”झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। चलो हम सब उन्हें इग्नोर कर दें, क्या गलत हो सकता है।” उनके इस पोस्ट को छात्रों के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी कुछ कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्रों की मांगों को लेकर अपनी बात रखी है। दरअसल, झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में पिछले कई दिनों से छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांग है कि विवादित परीक्षाओं को रद्द किया जाए और पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाली भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस आंदोलन को छात्रों ने दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर शुरू किया है। आंदोलन के दौरान छात्रों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें मशाल जुलूस और शांतिपूर्ण प्रदर्शन शामिल हैं। छात्रों के आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समेत कुछ संगठनों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। वहीं, देश के अलग-अलग राज्यों से भी छात्रों को सहयोग मिल रहा है। इस आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों की चिंताओं से अवगत है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मामले की जांच चल रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है। विपक्षी नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा है।