जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भारत ने तंजानिया को दी 8.4 लाख डॉलर की मदद

संयुक्त राष्ट्र। जलवायु परिवर्तन के खतरे से वित्तीय सुरक्षा देने के एक प्रोग्राम के लिए भारत, तंजानिया को 840,000 डॉलर की मदद दे रहा है। भारत के स्थायी मिशन ने शुक्रवार को कहा, भारत तंजानिया सरकार की इस प्रस्तावित परियोजना के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का पूर्ण समर्थन करता है, जो लोगों के जीवन और आजीविका के लिए खतरा बन रहे जलवायु संबंधी जोखिमों से निपटने में एक प्रभावी माध्यम साबित होगी। तंजानिया सरकार द्वारा अनुरोधित अनुदान भारत-यूएन विकास कोष के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। 2017 में संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से भारत ने 15 करोड़ डॉलर की राशि के साथ इस कोष को बनाया था, ताकि वैश्विक दक्षिण के देशों को विकास सहायता प्रदान की जा सके। यह अनुदान कोष की कॉमनवेल्थ विंडो के तहत दिया जाएगा, जो विशेष रूप से राष्ट्रमंडल (कॉमनवेल्थ) के सदस्य देशों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। भारत-यूएन विकास कोष की सबसे खास विशेषता यह है कि अनुदान प्राप्त करने वाले देश स्वयं तय करते हैं कि उन्हें किस उद्देश्य के लिए सहायता चाहिए और वे इस धनराशि का उपयोग किस प्रकार करेंगे। यह व्यवस्था अधिकांश विकास सहायता कार्यक्रमों से अलग है, जहां आमतौर पर दानदाता देश या संस्थाएं ही यह तय करती हैं कि सहायता राशि का उपयोग किस कार्य के लिए किया जाएगा। मिशन ने कहा कि इस मामले में “राष्ट्रीय स्वामित्व सुनिश्चित किया गया है, क्योंकि तंजानिया के प्रधानमंत्री कार्यालय के अंतर्गत आपदा प्रबंधन विभाग इस परियोजना का नेतृत्व कर रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि परियोजना देश की प्राथमिकताओं और रणनीतिक योजनाओं के अनुरूप हो।” मिशन ने कहा कि वह इस प्रोजेक्ट में संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (यूएनडीआरआर) के साथ साझेदारी कर रहा है। इसका मकसद तंजानिया के नेशनल डिजास्टर रिस्क फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क एंड इम्प्लीमेंटेशन प्लान 2031 (एनडीआरएफएफआईपी) का समर्थन करना है। मिशन ने कहा कि पांच साल के प्लान का मकसद महिलाओं, दिव्यांग लोगों और कम इनकम वाले ग्रुप्स समेत कमजोर समुदायों की फाइनेंशियल तैयारी और क्लाइमेट रेजिलिएंस को मजबूत करना है। मिशन ने कहा कि यह प्रस्ताव कमियों को दूर करने के लिए डिजास्टर रिस्क रेजिलिएंस फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क पर फोकस करेगा। इसे औपचारिक तौर पर “क्लाइमेट इंश्योरेंस एंड रेजिलिएंस प्रोग्राम (सीआईआरपी) के जरिए फाइनेंशियल रेजिलिएंस को बढ़ाना” के नाम से जाना जाता है। तंजानिया के प्रधानमंत्री के ऑफिस के अनुसार, एनडीआरएफएफआईपी के “नेशनल डिजास्टर रिस्क फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क (डीआरएफएफ) 2025/26–2030/31 का मकसद रिस्पॉन्स कैपेसिटी को बढ़ाना, वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना और नागरिकों की सुरक्षा करना है।” तंजानिया के प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इसके मुख्य सिद्धांतों में समय पर फंडिंग, रिस्क लेयरिंग, कुशल डिस्बर्समेंट, अडैप्टिव कैपेसिटी बिल्डिंग और मल्टी-स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट शामिल हैं। इसमें कहा गया, “यह फ्रेमवर्क रिएक्टिव डिजास्टर मैनेजमेंट से प्रोएक्टिव फाइनेंशियल तैयारी की ओर एक बड़ा बदलाव दिखाता है, जो डिजास्टर रिस्क फाइनेंसिंग को नेशनल और सेक्टर डेवलपमेंट प्लानिंग और बजटिंग में इंटीग्रेट करता है।” तंजानिया के पीएमओ ने आगे कहा कि इसका मकसद आपदा की तैयारी, जवाब और रिकवरी के लिए सही, समय पर और टिकाऊ फाइनेंसिंग पक्का करके जान और रोजी-रोटी की सुरक्षा करके देश को उसके विकास के लक्ष्य पाने में मदद करना है।

ट्रंप ने ईरान पर और हमले करने का लिया संकल्प

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रखेगा, जब तक तेहरान अमेरिकी सेनाओं के लिए खतरा बना रहेगा या परमाणु हथियार विकसित करने की स्थिति में होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी नेतृत्व के साथ बातचीत सफल होगी, इसको लेकर उनका भरोसा कम हुआ है। कैंप डेविड में पहली बार टीवी पर लाइव दिखाई गई कैबिनेट मीटिंग की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि जारी राजनयिक बातचीत के बावजूद प्रशासन ईरान पर दबाव बनाए रखेगा। आने वाले हफ्तों में क्या उम्मीद की जाए, इस सवाल पर ट्रंप ने कहा, “हम उन पर जोरदार प्रहार करेंगे और एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब वे इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते।” ट्रंप ने कहा, “उनके (ईरान) पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे और वे परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकते। अगर ऐसा होता, तो अब तक मध्य पूर्व पूरी तरह तबाह हो चुका होता।” राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को भारी सैन्य नुकसान हुआ है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि उसके पास अभी भी सीमित क्षमताएं बची हुई हैं। उन्होंने कहा, “उनके पास न तो नेवी है, न एयर फोर्स और न ही एंटी-एयरक्राफ़्ट सिस्टम। इसका मतलब यह नहीं है कि उनमें कोई क्षमता नहीं है। उनमें कुछ क्षमता है, लेकिन बहुत कम।” जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ने अपना अभियान तेज कर दिया है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “हमने पहले ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। उनके पास 159 जहाज थे। यह उनकी पूरी नेवी यही थी। उनकी पूरी नेवी अब समुद्र की तलहटी में पड़ी है। मैं इसे ही बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई कहूंगा। उनके पास 200 हवाई जहाज थे, वे सभी नष्ट हो गए।” लगातार बातचीत के बावजूद, ट्रंप ने बातचीत में तेहरान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई राजनयिक समझौता अभी भी संभव है, तो उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ऐसा हो सकता है। मेरा मतलब है, उन पर से मेरा भरोसा कम हो रहा है क्योंकि वे झूठ बोलते हैं और बातों को गलत तरीके से पेश करते हैं।” उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान ईरान द्वारा मिसाइलें दागने से बातचीत की प्रक्रिया कमजोर हुई है। ट्रंप ने कहा, “मुझे पीट का फोन आया कि उन्होंने जॉर्डन में हमारे एक बेस पर पांच मिसाइलें दागी हैं। अमेरिकी सेना ने उन पांचों मिसाइलों को रोक दिया।” ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को हमास के हथियार छोड़ने के प्रस्तावित समझौते में हुई प्रगति से भी जोड़ा। उन्होंने कहा, “तो इजराइल के साथ हमारी एक समझ बनी है। इजराइल इससे बहुत खुश है। किसी ने नहीं सोचा था कि हमास से हथियार वापस लेना संभव होगा। इससे पता चलता है कि ईरान के मामले में हमें कितनी कामयाबी मिल रही है। क्योंकि अगर आप चार-पांच महीने पीछे मुड़कर देखें, तो ऐसी डील होना नामुमकिन था।” जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकियों को ईरान के साथ और टकराव की उम्मीद करनी चाहिए, तो ट्रंप ने कहा कि कुछ और टकराव हो सकता है। उन्होंने कहा, “थोड़ा-बहुत। वे कमजोर पड़ जाएंगे। हो सकता है कि अभी वे थोड़े मजबूत हों, लेकिन वे कमजोर पड़ जाएंगे और फिर उनका असर खत्म हो जाएगा। आपको हमेशा सतर्क रहना होगा।” ट्रंप ने कहा कि प्रशासन यूक्रेन को अमेरिका के एडवांस्ड हथियार – जैसे पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और टॉमहॉक मिसाइलें देने के बारे में बातचीत कर रहा है, लेकिन ऐसी टेक्नोलॉजी बहुत सावधानी से शेयर की जाएगी क्योंकि इसकी स्ट्रैटेजिक अहमियत है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध से जुड़े एक और सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि इस टकराव को खत्म करने के लिए मॉस्को और कीव को ही आखिरकार समझौता करना होगा। उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों को कुछ समझौते करने होंगे। हर महीने 25,000 युवा अपनी जान गंवा रहे हैं।” यह बातचीत तब हुई जब ट्रंप ने मैरीलैंड में अपनी कैबिनेट की बैठक बुलाई। व्हाइट हाउस ने इसे कैंप डेविड में होने वाली पहली ऐसी कैबिनेट बैठक बताया जिसका सीधा प्रसारण टीवी पर किया गया। पत्रकारों द्वारा ईरान, मध्य पूर्व, यूक्रेन और अन्य मुद्दों पर राष्ट्रपति से सवाल पूछने से पहले, कैबिनेट सदस्यों ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा, विदेश नीति और घरेलू प्राथमिकताओं पर प्रशासन का रुख स्पष्ट किया। ट्रंप का हमेशा से यह कहना रहा है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने अपनी ईरान नीति के तीन मुख्य आधार बनाए हैं, आर्थिक प्रतिबंध, सैन्य दबाव और कूटनीति। उनके प्रशासन ने तेहरान के सैन्य और वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाते हुए इजराइल को शामिल करके क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्थाओं को बढ़ाने की कोशिश भी की है।

पुण्यतिथिः स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने वाले बाल गंगाधर तिलक को केंद्रीय मंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला सहित अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यों को याद किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, “भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक और प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। लोकमान्य तिलक ने अपनी ‘मराठा’ और ‘केसरी’ पत्रिकाओं के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और स्वाधीनता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाया। उनकी कालजयी कृति ‘गीता रहस्य’ ने कर्मयोग, कर्तव्य और राष्ट्रधर्म का संदेश दिया। उन्होंने सार्वजनिक गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के आयोजनों के माध्यम से सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई ऊर्जा प्रदान की। उनका अमर उद्घोष, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा”, आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और कर्तव्यबोध का संचार करता है।” गृहमंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, “लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं। तिलक महाराज आजादी के आंदोलन के उन अग्रणी नायकों में थे, जिन्होंने अपने ओजस्वी विचारों व अद्वितीय संगठन कौशल से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान की। एक ओर उन्होंने स्वराज के संकल्प के साथ युवाओं को स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया, तो दूसरी ओर उनकी लेखनी अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध प्रतिकार की सशक्त आवाज बनी। सांस्कृतिक जनजागरण से जन-जन में राष्ट्रीयता की ज्योति प्रज्वलित करने वाले लोकमान्य तिलक का जीवन व व्यक्तित्व हम सभी को अनंत काल तक राष्ट्रप्रथम के पथ पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।” लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी नेता, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं शिक्षाविद् ‘लोकमान्य’ बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। ‘स्वराज’ का अमर उद्घोष देकर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा और जन-जन को नई ऊर्जा प्रदान की। ‘केसरी’ और ‘मराठा’ जैसे समाचार पत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना का प्रसार, सार्वजनिक गणेशोत्सव और शिवाजी जयंती जैसे आयोजनों द्वारा जनजागरण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान ने भारतीय समाज को संगठित और आत्मविश्वासी बनाया। लोकमान्य तिलक का संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान से ओतप्रोत जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।” स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर लिखा, ‘पूर्ण स्वराज्य’ के पुरोधा और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के महत्वपूर्ण स्तंभ, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः नमन करता हूं। उनके निर्भीक व्यक्तित्व, राष्ट्रवादी पत्रकारिता और जनजागरण के प्रयासों ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। स्वदेशी आंदोलन, शिक्षा के प्रसार और निरंतर जनजागरण के माध्यम से राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाने में लोकमान्य तिलक की महती भूमिका रही। आजादी के आंदोलन में उनके साहस, संघर्ष और समर्पण की गाथा देशवासियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।” केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर पोस्ट किया, “जन-जन के मन में ‘पूर्ण स्वराज्य’ का मंत्र जागृत कर ब्रिटिश हुकूमत के विरुद्ध क्रांति की लौ प्रज्वलित करने वाले महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी एवं प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश की स्वाधीनता के लिए आपके अनन्य प्रयास सर्वदा देश की भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की उन्नति एवं प्रगति के लिए पूरी सामर्थ्य के साथ कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट किया, “महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और समाज सुधारक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने ‘स्वराज से सुराज्य’ का मूल मंत्र दिया था।” केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा, “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा। पूर्ण स्वराज के अमर उद्घोष से संपूर्ण राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने वाले प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, ओजस्वी वक्ता, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ‘लोकमान्य’ बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। स्वराष्ट्र, स्वभाषा और स्वसंस्कृति के सम्मान के लिए उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण न्योछावर कर दिया, उनका जीवन दर्शन हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

सीडब्ल्यूजी 2026 में हरियाणा के मुक्केबाजों का जलवा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दी फाइनल में पहुंचने पर बधाई

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन जारी है। भारत के सभी 10 मुक्केबाजों ने अपने सेमीफाइनल मैच जीतकर फाइनल का टिकट हासिल किया है। इन 10 में से 7 मुक्केबाज हरियाणा से हैं, जो शनिवार को देश की झोली में कम से कम सिल्वर मेडल डालेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के खिलाड़ियों को उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी है। हरियाणा के मुक्केबाजों की ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैन ने बधाई देते हुए कहा, “आप सभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर देश की मेडल टैली को और भी ऊपर लेकर जाएं, यही हमारी कामना है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने हमेशा ही देश का मान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है।” पुरुष कैटेगरी में हरियाणा के मुक्केबाज सचिन सिवाच (60 किग्रा) ,अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (90 प्लस किग्रा) शनिवार को फाइनल मुकाबला खेलने उतरेंगे। सेमीफाइनल में नरेंद्र ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए त्रिनिदाद और टोबैगो के मुक्केबाज नाइजेल पॉल को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराते हुए फाइनल में जगह बनाई। वहीं, अंकुश ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर कम से कम अपना सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है। सचिन ने हैरिस-एलन (वेल्स) को 5-0 से सेमीफाइनल में मात दी। वहीं, महिलाओं में हरियाणा की साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ,प्रीति पंवार (54 किग्रा) ,जैस्मिन लांबोरिया (57 किग्रा) और प्रिया घनघस (60 किग्रा) ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की है। साक्षी ने 51 किग्रा वर्ग में कनाडा की एम्बर-जेन वॉल को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से धूल चटाई। वहीं, प्रिया ने 60 किग्रा वर्ग में इंग्लैंड की एल. किंग्स-व्हीटली को सेमीफाइनल में 5-0 से मात देते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया। जैस्मिन ने सेमीफाइनल में रेफरी स्टॉप्स कॉन्टेस्ट के जरिए लेसोथो की रैपेलांग मासेलेला को हराया। भारत के सभी 10 मुक्केबाज शनिवार को रिंग में देश के लिए ‘गोल्डन पंच’ लगाने के इरादे से उतरेंगे। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक 5 गोल्ड समेत कुल 23 मेडल अपने नाम कर चुका है। भारत मेडल टैली में फिलहाल 10वें नंबर पर मौजूद है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुला, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2,500 रुपए

नई दिल्ली। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार शनिवार को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ शुरू करने जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपए की आर्थिक मदद मिलेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, 1 अगस्त से दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सम्मान का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। आज से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल खुल गया है। किसी बहन के लिए यह अपने नाम की पहली बचत होगी, किसी के लिए दवा, किताब या घर की कोई जरूरी चीज और किसी के लिए यह एहसास कि अब अपनी हर आवश्यकता के लिए किसी के सामने हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा। सीएम में लिखा, ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत हर पात्र महिला को प्रतिमाह 2,500 रुपए का आर्थिक संबल मिलेगा। यह राशि केवल खाते में नहीं जाएगी, यह आत्मविश्वास जगाएगी, निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाएगी और जीवन को अपने ढंग से जीने का साहस देगी। सभी पात्र महिलाएं दिल्ली सरकार की आधिकारिक वेवसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं। यह योजना सरकार की उन अहम कल्याणकारी पहलों में से एक है, जिसका मकसद राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को आर्थिक मदद पहुंचाना है। इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपए रखे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि जब यह योजना पूरी तरह से लागू हो जाएगी, तो दिल्ली भर में 17 लाख से ज्यादा महिलाओं को इसका फायदा मिलेगा। पात्रता के नियमों के तहत, 21 से 60 साल की उम्र की वे महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए तक है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जो महिलाएं इनकम टैक्स देती हैं, जीएसटी फाइल करती हैं, सरकारी कर्मचारी हैं, या पहले से ही दूसरी सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद ले रही हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं होंगी। इसी तरह, जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है, जो सालाना 2,400 यूनिट से ज़्यादा बिजली का इस्तेमाल करते हैं, या जिनके परिवार के सदस्य सरकारी विभागों या पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (पीएसयू) में काम करते हैं, उन्हें भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा, तीन से ज्यादा बच्चे होने या आपराधिक रिकॉर्ड होने वाली महिलाएं ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं होंगी। यह योजना लाभार्थियों को आर्थिक मदद पाने के लिए दो विकल्प देती है। पहले विकल्प के तहत, हर महीने 1,500 रुपए रिकरिंग डिपॉजिट (आरडी) या फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) खाते में जमा किए जाएंगे, जबकि बाकी 1,000 रुपए सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) वॉलेट में जमा किए जाएंगे, जिसका इस्तेमाल मंजूरी-प्राप्त जरूरी चीजों की खरीद के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा लाभार्थी चाहें तो 2,500 रुपए की पूरी मासिक सहायता राशि को बैंक खाते और सीबीडीसी वॉलेट में बांटने के बजाय सीधे रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट खाते में ले सकते हैं। सीधी आर्थिक सहायता देने के अलावा, दिल्ली लक्ष्मी योजना का मकसद कई सामाजिक कल्याण के लक्ष्यों को बढ़ावा देना भी है। इनमें स्कूल में दाखिले को बढ़ावा देना, ‘अपार’ योजना और ‘आभा’ आईडी बनाना, समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करना, ‘पोषण’ ट्रैकर पर रजिस्ट्रेशन, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और स्वच्छ भारत अभियान जैसे अभियानों में हिस्सा लेना, और महिलाओं को स्वयं-सहायता समूहों और कौशल विकास कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित करना शामिल है। इस योजना के तहत आवेदनों की प्रक्रिया खास दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के जरिए की जाएगी।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और उमस से मिलेगी राहत, पूरे सप्ताह जारी रहेगा बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का सिलसिला

नई दिल्ली। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिलने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी पूरे सप्ताह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। आसमान में लगातार बादलों की आवाजाही के साथ कई स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इसके चलते लोगों को तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण उमस पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण लोगों को राहत महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन अधिकतम आर्द्रता 85 प्रतिशत और न्यूनतम 75 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वानुमान में यानी सामान्य रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दिन किसी भी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। 2 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान आर्द्रता का स्तर और बढ़कर 90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम आर्द्रता 80 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जारी किया है तथा कोई चेतावनी नहीं दी है। 3 अगस्त को भी मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 4 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश हो सकती है। किसी प्रकार का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है। 5 अगस्त को अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी के साथ 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहेगा। बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश के चलते मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। वहीं, 6 अगस्त को भी अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इस दिन भी सामान्य रूप से बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। पूरे सप्ताह के लिए किसी भी दिन कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की लगातार आवाजाही के कारण तेज धूप का असर कम रहेगा, जिससे दिन के समय लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण सुबह और शाम के समय उमस महसूस हो सकती है। दिल्ली और पूरे एनसीआर के लिए आगामी सप्ताह का मौसम राहतभरा रहने वाला है। अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि अधिकांश दिनों में हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण भीषण गर्मी से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

पीएम मोदी का मैसूर आना ऐतिहासिक, विवेकानंद के रास्ते पर चलने को प्रेरित होंगे युवा: स्वामी मुक्तिदानंद

मैसूर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कर्नाटक के मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का उद्घाटन करेंगे। विवेक स्मारक स्वामी विवेकानंद की भारत यात्रा के दौरान नवंबर 1892 में मैसूरु की ऐतिहासिक यात्रा स्मृति में बनाया गया है। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। मैसूर में प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले नारायण शास्त्री रोड पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री के रूट पर हाई अलर्ट है। दोपहर तक रूट पर सार्वजनिक वाहनों के चलने पर रोक रहेगी। पुलिस ने विवेक मेमोरियल के चारों ओर भी बैरिकेड्स लगाए हैं। वहीं, मैसूर रामकृष्ण आश्रम के प्रमुख स्वामी मुक्तिदानंद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हमें बहुत खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ के उद्घाटन के ऐतिहासिक मौके पर मैसूर आ रहे हैं। हम उनका और मैसूर के उन सभी लोगों का दिल से स्वागत करते हैं जो इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।” उन्होंने कहा कि यह युवाओं के लिए एक केंद्र का कार्यक्रम है। यह संस्थान मुख्य रूप से युवाओं और आम जनता की सेवा के लिए है। इसलिए मुझे यकीन है कि मैसूर और हर जगह के युवा प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को ध्यान से सुनेंगे और देश की सेवा में खुद को समर्पित करके हमारे देश को महान बनाने की कोशिश करेंगे। स्वामी मुक्तिदानंद ने बताया कि यह प्रोजेक्ट लगभग 10 से 12 साल पहले शुरू हुआ था। आखिरकार, यह एक सुंदर इमारत और ऐसी सुविधा के रूप में तैयार हुआ है जहां लोग आकर स्वामी विवेकानंद का स्मारक देख सकते हैं। यह वही जगह है, जहां वे 1892 में मैसूर में रुके थे। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए भी सुविधा है। साथ ही, भारतीय ज्ञान प्रणाली और चरित्र निर्माण पर स्वामी विवेकानंद के विचारों पर आधारित व्यवहार में उत्कृष्टता और क्षमता निर्माण पर एक सामान्य कोर्स भी होगा। पोनप्पा नाम के एक शिष्य ने कहा, “स्वामी विवेकानंद ने मुझे बचपन से ही प्रेरित किया है। स्वामी विवेकानंद का शक्ति और साहस का संदेश आने वाली सभी पीढ़ियों के लिए प्रासंगिक है। शहर के बीचों-बीच बना यह भव्य संस्थान लाखों युवाओं को उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करता रहेगा।” उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री कर रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। प्रधानमंत्री को देखने और उनका भाषण सुनने के लिए शहर के लाखों लोगों ने जो उत्साह दिखाया है, वह इस बात का सबूत है कि प्रधानमंत्री कितने लोकप्रिय हैं। इससे इस आंदोलन और बनाए गए शानदार ‘विवेक स्मारक’ को और भी अधिक महत्व मिलेगा।” शिष्य पोनप्पा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने कई पहल की हैं। सभी लोगों को प्रधानमंत्री के विचारों को अपनाना चाहिए और भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। यह एक सामूहिक प्रोजेक्ट है।

डीएमके में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, 12 साल बाद बैलेट बॉक्स से होंगे आंतरिक चुनाव

चेन्नई। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने व्यापक संगठनात्मक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका समापन 12 वर्षों बाद पहली बार मतपेटियों (बैलेट बॉक्स) के जरिए पार्टी के आंतरिक चुनाव कराने के साथ होगा। इसे पार्टी पदाधिकारियों के चयन के लिए अधिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह फैसला हाल ही में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिली हार के बाद लिया गया है। चुनावी हार के बाद डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करने और सभी स्तरों पर पार्टी को मजबूत बनाने के उपाय सुझाने के लिए 10 सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति ने अब अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें पार्टी के पुनर्गठन के लिए विस्तृत रोडमैप पेश किया गया है। सिफारिशों के अनुसार, डीएमके के संगठनात्मक ढांचे में जमीनी स्तर की शाखाओं से लेकर विभाजन और संगठनात्मक सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण शामिल है, ताकि कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके और स्थानीय स्तर पर समन्वय अलावा, चुनावी टास्क फोर्स के पुनर्गठन और चुनाव अभियान की योजना तथा रणनीति की निगरानी के लिए पार्टी मुख्यालय तक व्यापक बदलाव किए जाएंगे। रिपोर्ट में पार्टी के सभी प्रकोष्ठों के पुनर्गठन की सिफारिश की गई है, ताकि उन्हें अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सके जिनमें युवा विंग और महिला विंग भी शामिल हैं। इसके अलावा, चुनावी टास्क फोर्स के पुनर्गठन और चुनाव अभियान की योजना तथा रणनीति की निगरानी के लिए एक स्थायी चुनाव प्रबंधन निकाय के गठन का भी सुझाव दिया गया है। व्यापक सुधारों के तहत समिति ने एक उच्चस्तरीय नीति एवं रणनीति थिंक टैंक स्थापित करने की भी सिफारिश की है, जो राजनीतिक कार्ययोजनाएं तैयार करेगा और पार्टी की दीर्घकालिक संगठनात्मक एवं चुनावी रणनीति का मार्गदर्शन करेगा। पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीएमके संगठन के सभी स्तरों पर आंतरिक चुनाव कराएगी, जिनके माध्यम से कार्यकारी पदाधिकारियों का चुनाव किया जाएगा। जिन निर्वाचन क्षेत्रों या संगठनात्मक इकाइयों में किसी पद के लिए एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में होंगे, वहां पार्टी सदस्य मतपेटियों के जरिए मतदान कर सकेंगे। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि जिन पदों पर मुकाबला हो, वहां नामांकन के आधार पर पदाधिकारियों के चयन की मौजूदा व्यवस्था समाप्त कर दी जाए। इसके बजाय पात्र पार्टी स्वयंसेवकों और सदस्यों की प्रत्यक्ष वोटिंग के जरिए पदाधिकारियों का चुनाव किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है। समिति की रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एम.के. स्टालिन ने पार्टी नेतृत्व को संगठनात्मक चुनाव की तैयारियां शुरू करने का निर्देश दे दिया है।

तमिलनाडु में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, घर-घर पहुंचेंगे गणनाकर्मी

चेन्नई। तमिलनाडु शनिवार को ‘हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस’ (घरों की सूची बनाने और आवास जनगणना) शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही राज्य भर में एक महीने तक चलने वाले घर-घर जाकर गिनती करने के काम के जरिए ‘सेंसस 2027’ (जनगणना 2027) के पहले चरण की शुरुआत होगी। अधिकारियों के अनुसार, भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में 1.15 लाख से ज्यादा गणना करने वाले (एन्यूमरेटर) शामिल होंगे। 1 से 30 अगस्त तक चलने वाली इस फील्ड प्रक्रिया में तमिलनाडु के हर घर को कवर किया जाएगा। इसके लिए 1,026 प्रशासनिक क्षेत्रों के तहत लगभग 1.2 लाख हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। पूरे राज्य में गणना की प्रक्रिया की देखरेख और काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 19,000 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। गणना करने वाले हर घर में जाएंगे और 33 सवालों वाली एक सूची के जरिए जानकारी इकट्ठा करेंगे। इन सवालों में घर की स्थिति, मालिकाना हक, निर्माण सामग्री, पीने का पानी, साफ-सफाई, बिजली, खाना पकाने का ईंधन, संचार की सुविधाएं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच जैसी बातें शामिल होंगी। इस चरण में इकट्ठा किया गया डेटा जनसंख्या जनगणना का आधार बनेगा और भविष्य की योजना बनाने और नीति-निर्माण में मदद करेगा। देश की जनगणना के इतिहास में पहली बार, पारंपरिक कागज-आधारित तरीके की जगह एक खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करके सारा डेटा इकट्ठा किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि टेक्नोलॉजी पर आधारित इस प्रक्रिया से डेटा इकट्ठा करने की सटीकता बेहतर होने, प्रोसेसिंग का समय कम होने, गलतियां कम होने और जानकारी का आसानी से प्रबंधन होने की उम्मीद है। घरों की सूची बनाने और आवास जनगणना का काम सबूत-आधारित नीति-निर्माण, लक्षित कल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाने और लंबे समय की विकास योजनाओं के लिए सांख्यिकीय आधार का काम करता है। इकट्ठा की गई जानकारी सरकारों को आवास की स्थितियों का आकलन करने, बुनियादी ढांचे की कमियों की पहचान करने और भरोसेमंद सांख्यिकीय डेटा के आधार पर विकास कार्यक्रम बनाने में मदद करेगी। लॉन्च से पहले तमिलनाडु में नई शुरू की गई ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (खुद जानकारी भरने की) सुविधा को अच्छा रेस्पॉन्स मिला। 17 से 31 जुलाई के बीच 10 लाख से अधिक परिवारों ने जनगणना के सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी ऑनलाइन सबमिट की। अधिकारियों ने ऑनलाइन प्रोसेस पूरा करने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे एन्यूमेरेटर (जानकारी इकट्ठा करने वाले अधिकारी) के आने पर वेरिफिकेशन के लिए अपना ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन आइडेंटिफिकेशन नंबर’ तैयार रखें। जिन परिवारों ने ऑनलाइन सुविधा का इस्तेमाल नहीं किया, उन्हें भी घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने फिर से कहा कि जनगणना के दौरान इकट्ठा की गई सभी जानकारी ‘जनगणना अधिनियम, 1948’ के प्रावधानों के तहत सुरक्षित है और पूरी तरह गोपनीय रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा का डिजिटल कलेक्शन और प्रोसेसिंग ‘डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट’ के नियमों के मुताबिक है, जिससे यह पक्का होता है कि नागरिकों की जानकारी का इस्तेमाल सिर्फ सांख्यिकीय विश्लेषण, सार्वजनिक नीति बनाने और विकास की योजना बनाने के लिए ही किया जाएगा।

आपकी उपलब्धि युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी’, पीएम मोदी ने दी पदक विजेताओं को बधाई

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का दमदार प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को भारत ने कुल 6 मेडल अपने नाम किए। जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर, जबकि यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज समेत देश के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने डेकाथलॉन स्पर्धा में ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले तेजस्विन शंकर को बधाई देते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारतीय खिलाड़ी लगातार इतिहास रच रहे हैं और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। तेजस्विन शंकर ने ग्लासगो सीडब्ल्यूजी में पुरुषों के डेकाथलॉन इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। उन्होंने 10 इवेंट्स में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया। उन्हें बधाई। वे ऐसे ही कामयाबी हासिल करते रहें। मेरी शुभकामनाएं।” जूडो में भारत को सिल्वर मेडल दिलाने वाली यामिनी मोर्या की भी पीएम मोदी ने प्रशंसा की। उन्होंने लिखा, “जूडो की 57 किलोग्राम कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीतने पर यामिनी मौर्य को बधाई। उन्होंने बहुत अच्छा खेला और जूडो के प्रति उनका जुनून उनके प्रदर्शन में साफ झलकता है। उनकी इस उपलब्धि से आने वाले समय में कई युवा जूडो की ओर आकर्षित होंगे। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।” कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के मेडल की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। प्रधानमंत्री ने नीरज को बधाई देते हुए लिखा, “ग्लासगो में पुरुषों के जैवलिन इवेंट में नीरज चोपड़ा के लिए शानदार सिल्वर। उन्होंने एक बार फिर कमाल की निरंतरता, धैर्य और जोश दिखाया है। उनकी सफलताओं पर हर भारतीय को गर्व है। आगे की कोशिशों के लिए मेरी शुभकामनाएं।” पीएम मोदी ने जैवलिन में ही ब्रॉन्ज जीतने वाले एथलीट यशवीर की भी तारीफ की। उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, “पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर यशवीर सिंह को बधाई। उन्होंने शानदार थ्रो किया, जो उनके जोश और लगन को दर्शाता है। उनकी यह उपलब्धि कई युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”