धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हुआ तो आगे की रणनीति बनाएंगे, अधिकारियों को हटाने कुछ नहीं होगाः आशुतोष रांका

नई दिल्ली, । सरकार द्वारा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के 47 अधिकारियों को हटाए जाने पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “अब हमें यह देखना होगा कि किन 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है और किस मकसद से यह कार्रवाई की गई है। हमें उन सभी जानकारियों को देखना होगा। लेकिन जैसा कि हम कहते आ रहे हैं, असल जवाबदेही इस देश के शिक्षा मंत्री की है, क्योंकि पेपर लीक और नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले सभी छात्रों के लिए वही सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। इसलिए, उन्हें इस्तीफा देना ही चाहिए।” आशुतोष रांका ने कहा, “सरकार पूरी तरह से अड़ी हुई है। जब पूरे देश को धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए, और आप कह रहे हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगे, तो यह तो सबसे आसान काम है। अगर यह इतना आसान कदम है, तो पहले यही कर लीजिए और मुश्किल मुद्दों से बाद में निपटिए। अगर सरकार अपना ऐसा ही रवैया रखेगी तो हमे कठोर निर्णय लेने पड़ेंगे।” कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता ने कहा, “अब तक, कोई खास हलचल नहीं हुई है। कल की बैठक में, हमें मुआवजा और कानूनी मामलों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। हमें सैद्धांतिक सहमति मिली, और उम्मीद है कि आज लिखित समझौता भी मिल जाएगा। हालांकि, हमारी मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। असल में, जैसा कि हमने कल मुख्यधारा की मीडिया में देखा, सूत्रों का कहना था कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देने वाले हैं, तो कृपया हमें बताएं, ऐसी बैठकें करने का क्या मतलब है? ऐसे में, हम अपनी अगली रणनीति के अनुसार आगे बढ़ेंगे।” बता दें कि शुक्रवार को दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कॉकरोच पब्लिक पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने कहा था, “हम आंदोलनकारी लोगों के विषयों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे। बैठक लगभग 2 घंटे तक चली। सरकार की ओर से मैं और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह आए। हमने उनकी बातें सुनीं। हर विषय पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत हुई। उनकी 3 मुख्य मांगें और परीक्षाओं के लिए 5 सुधार के सुझाव थे। हमने उनसे कहा है कि हम शनिवार दोपहर फिर मिलेंगे और उन्हें सरकार के बीच हुई चर्चा के बारे में बताएंगे।”

मध्य प्रदेश सरकार ने 20 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने 20 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस तबादले में सचिव से लेकर कलेक्टर तक नाम शामिल है। अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग तथा कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्यप्रदेश (अतिरिक्त प्रभार) के. सी. गुप्ता (1992) को कृषि उत्पादन आयुक्त, मध्यप्रदेश तथा अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग एवं अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी मिली है। सचिन सिन्हा (1995), महानिदेशक, आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, मध्यप्रदेश, भोपाल को अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह (1997), प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आनंद विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, आनंद विभाग (अतिरिक्त प्रभार) का दायित्व मिला है। संदीप यादव (2000), प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग, (अतिरिक्त प्रभार) को प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग तथा प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, प्रवासी भारतीय विभाग, (अतिरिक्त प्रभार) तबादला हुआ है। जॉन किंग्सली ए.आर. (2004), सचिव, मध्यप्रदेश शासन, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा संचालक (पुनर्वास), नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, भोपाल तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, जल संसाधन विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को सचिव, मध्यप्रदेश शासन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. सुदाम पंढरीनाथ खाड़े (2006) आयुक्त, इन्दौर संभाग इन्दौर तथा आयुक्त (फील्ड), नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इन्दौर (अतिरिक्त प्रभार) को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। भास्कर लक्षकार (2010), आयुक्त-सह-संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, मध्यप्रदेश भोपाल तथा सचिव, मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (अतिरिक्त प्रभार) को आयुक्त, इंदौर संभाग, इंदौर तथा आयुक्त (फील्ड), नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इन्दौर (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी मिली है। मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग (2015) को वि.क.अ.-सह-आयुक्त-सह-संचालक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, मध्यप्रदेश भोपाल तथा उप सचिव मध्यप्रदेश शासन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (अतिरिक्त प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई है। आगरमालवा की कलेक्टर प्रीति यादव को कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, इन्दौर जिम्मेदारी मिली है। रतलाम की कलेक्टर मिशा सिंह को शहडोल, मुख्य सचिव कार्यालय के उपसचिव गुरु प्रसाद को खरगौन कलेक्टर, नगरीय प्रशासन एवं विकास के अपर आयुक्त दिव्यांक सिंह को मंदसौर कलेक्टर, डॉ. शेर सिंह मीना (2017), आयुक्त नगर पालिक निगम, सतना तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, स्मार्ट सिटी, सतना (अतिरिक्त प्रभार) को कलेक्टर जिला आगरमालवास बनाया गया है। इसके अलावा सिद्धार्थ जैन (2018), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत इंदौर को उप सचिव, मुख्य सचिव कार्यालय और हिमांशु प्रजापति (2019) कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, इन्दौर बनाया गया है। अजय कटेसरिया (2012) अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा संचालक, कर्मचारी चयन मण्डल, मध्यप्रदेश, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) को रतलाम का कलेक्टर बनाया गया है। कुमार पुरूषोत्तम (2012), प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त, मण्डी को अपर सचिव, मुख्यमंत्री एवं प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड-सह-आयुक्त, मण्डी, मध्यप्रदेश, बनाया गया है। अपर आयुक्त (राजस्व) उज्जैन संभाग के रत्नाकर झा (2012) को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है। इसी तरह शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह (2012) को अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग भेजा गया है। अनूपपुर जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली (2015) कलेक्टर को कार्यपालन संचालक, पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), भोपाल की जिम्मेदारी मिली है।

अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने 8 साल बाद सोशल मीडिया पर की वापसी, शेयर की नए माइक्रो ड्रामा सीरीज की झलक

मुंबई, । बीते जमाने की लोकप्रिय अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने आठ साल के लंबे ब्रेक के बाद सोशल मीडिया पर वापसी की है। शनिवार को अभिनेत्री ने अपनी इस वापसी की जानकारी देते हुए एक खास पोस्ट शेयर किया। अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर डिजिटल माइक्रो ड्रामा सीरीज ‘डोंट मेस विद माई ग्रैंडमा’ के बिहाइंड-द-सीन्स की झलक शेयर की। क्लिप में कास्ट और क्रू के सदस्य अभिनेत्री के साथ नजर आ रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए अभिनेत्री ने लिखा, “मुझे मिस किया था? इंस्टाग्राम से पूरे 8 साल के ब्रेक के बाद अब मैं वापस आ गई हूं। वापसी का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है कि मैं आपको अपने नए शो की शूटिंग की कुछ खास झलकियां दिखाऊं। मुझे ‘डोंट मेस विद माई ग्रैंडमा’ में देखिए। यकीन मानिए इस दादी से पंगा लेना आसान नहीं है।” उन्होंने एक्टर-डायरेक्टर करणवीर बोहरा को भी टैग किया है। 2019 में फिल्मी दुनिया से दूर जाने से पहले अरुणा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मेगास्टार अमिताभ बच्चन को उनके जन्मदिन पर विश किया था। डिजिटल माइक्रो ड्रामा सीरीज ‘डोंट मेस विद माई ग्रैंडमा’ सावित्री ओबेरॉय नाम की एक बुजुर्ग महिला और उसकी पोती के इर्द-गिर्द घूमती है। हार्ट सर्जरी के बाद अस्पताल से लौटने पर सावित्री और उनकी पोती को उनके पोते की एक लालची मंगेतर (तान्या मल्होत्रा) साधारण और गरीब समझकर जलील करती है। उसे इस बात का अंदाजा नहीं होता कि वे दोनों उसी रईस परिवार के सदस्य हैं, जिससे वह जुड़ना चाहती है। दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने मुख्य किरदार ‘सावित्री ओबेरॉय’ की भूमिका निभाई है। लोकप्रिय टेलीविजन अभिनेत्री अदा खान ने इसमें ‘तान्या मल्होत्रा’ का नकारात्मक और लालची किरदार निभाया है। अरुणा ईरानी की बात करें तो उन्होंने साल 1961 की फिल्म ‘गंगा जमुना’ में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर एक्टिंग में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने हिंदी, गुजराती और कई रीजनल भाषाओं में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। अभिनेत्री ने सहायक कलाकार के तौर पर ही दर्शकों के दिलों में जगह बनाई।

राहुल गांधी कुछ भी कर लें, उनका वनवास खत्म होने वाला नहीं: दिलीप घोष

कोलकाता, । पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और संसद के मौजूदा गतिरोध को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद संसद में चर्चा करना नहीं, बल्कि केवल हंगामा करना है। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 100 से पुलिस अधिकारी घायल हुए, लेकिन राहुल गांधी ने उनके प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या पुलिसकर्मी नागरिक नहीं हैं? अगर उनके समर्थक या गुंडे पिटते हैं, तभी उन्हें चिंता होती है। राहुल गांधी कुछ भी कर लें, लेकिन उनका वनवास समाप्त होने वाला नहीं है।” सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर भी दिलीप घोष ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल की थी, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री उनसे मिलने पहुंचे। जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। महात्मा गांधी के समय से सत्याग्रह की परंपरा चली आ रही है और हम भी उसका सम्मान करते हैं। इसलिए हमारे सम्मानित मंत्री उनसे मिलने गए और बातचीत की। दिलीप घोष ने देश में चल रहे प्रदर्शन को लेकर कहा, “हम जानते हैं कि ये लोग किससे प्रेरित हैं और किसके लिए काम कर रहे हैं। कुछ लोग राहुल गांधी जैसे नेता बन जाते हैं, तो कुछ टिकैत जैसे। किसी भी आंदोलन में वही लोग नेता बन जाते हैं और उनके नारे भी लगभग एक जैसे होते हैं।” उन्होंने आगे दावा किया कि कई बार पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों से भी इसी तरह की आवाजें सुनाई देती हैं। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों के संबंध कहां तक जुड़े हुए हैं। संसद में जारी गतिरोध पर विपक्ष को घेरते हुए दिलीप घोष ने कहा कि सरकार लगातार विपक्ष से सदन में आकर चर्चा करने की अपील कर रही है, लेकिन विपक्ष चर्चा में रुचि नहीं दिखा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना और हंगामा करना है, न कि किसी मुद्दे पर गंभीर बहस करना। —

बिहार बंद’ का कई जिलों में दिखा असर, समस्तीपुर-सीवान में सड़कें जाम, पटना समेत राज्यभर में सुरक्षा कड़ी

‘पटना। वामपंथी दलों की छात्र इकाइयों की ओर से बुलाए गए ‘बिहार बंद’ का शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में असर दिखाई दिया। समस्तीपुर और सीवान में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं। इस दौरान, जुलूस निकाला गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। हालांकि, पटना से लेकर जहानाबाद तक पुलिस ने ‘बिहार बंद’ के मद्देनजर विशेष इंतजाम किए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर समस्तीपुर में शनिवार सुबह आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर रास्तों को जाम किया। रास्तों पर टायर जलाते हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। आइसा से जुड़े एक कार्यकर्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सरकार ने छात्रों को लाठी से कुचलने का प्रयास किया है। इसके विरोध में समस्तीपुर और बिहार के अन्य जिलों में चक्का जाम किया जा रहा है। हमारी सभी से अपील है कि वे बिहार बंद को अपना समर्थन दें और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर आवाज बुलंद करें।” आइसा के जिला सचिव सुनील कुमार ने कहा कि जिस तरह छात्रों का दमन और उन पर मुकदमे हुए हैं, इसके विरोध में आज ‘बिहार बंद’ है। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा कराया जाए और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को खत्म किया जाए। सिवान में भी वामपंथी दलों, विशेषकर ‘माले’ कार्यकर्ताओं ने बंद का समर्थन करते हुए प्रदर्शन किया। शहर के विभिन्न इलाकों में जुलूस निकाला गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। वहीं, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। खुद सिवान के पुलिस अधीक्षक पूरण कुमार झा ने मोर्चा संभाला और पुलिस बल के साथ लगातार शहर का जायजा लेते रहे। शनिवार को ‘बिहार बंद’ को लेकर पटना में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई। पटना के इनकम टैक्स गोलंबर के पास बड़े पैमाने पर पैरामिलिट्री-फोर्सेस और पुलिस की तैनाती की गई। इसके अलावा, जहानाबाद में भी प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए। बड़ी संख्या में सड़कों पर पुलिसबल की तैनाती देखी गई। डीएम आवास और रेलवे पटरी समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों में पुलिसकर्मियों ने मार्च किया।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने बदली रणनीति, बोले-टैरिफ से अमेरिका में आया 19.2 ट्रिलियन डॉलर का निवेश

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सरकार के नए टैरिफ का बचाव करते हुए कहा कि वे कानूनी चुनौतियों का सामना कर लेंगे। इन ड्यूटीज से अमेरिका में ट्रिलियन डॉलर का निवेश आया है। नागरिक परमाणु ऊर्जा को लेकर एक कार्यक्रम के बाद व्हाइट हाउस में हुए सवाल-जवाब सत्र में राष्ट्रपति ट्रंप ने सरकार के नए टैरिफ एक्शन के लीगल बेसिस पर चिंताओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके व्यापार एजेंडा से बहुत ज्यादा आर्थिक फायदे हो रहे हैं। ये टैरिफ लंबे समय से लगे हुए हैं। इन्हें सालों से मंजूरी मिली हुई है, हजारों मामलों में इन्हें मंजूरी मिली है। यह पूछे जाने पर कि क्या नए घोषित टैरिफ और यूरोपीय संघ से जुड़ी नई ट्रेड जांच न्यायिक जांच में टिक पाएगी, ट्रंप ने माना कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद सरकार ने अपने कानूनी तरीके में बदलाव किया है। उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला अच्छा नहीं था, लेकिन हमारे पास कई तरह के टैरिफ हैं और हमने बस उसी लाइन को फॉलो किया है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने बस दूसरी कानूनी अथॉरिटीज पर भरोसा किया, जिनका इस्तेमाल पिछली सरकारों ने किया था। हमने उनका इस्तेमाल किया और हम अरबों डॉलर कमा रहे हैं। ट्रंप ने फिर से टैरिफ को विदेशी और घरेलू निवेश में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बताया और कहा कि टैरिफ की वजह से, हमारे देश में 19.2 ट्रिलियन डॉलर का निवेश हो रहा है। उन्होंने इस आंकड़े की तुलना पिछली सरकार के दौरान हुए निवेश से की। ट्रंप ने कहा कि स्लीपी जो बाइडेन सरकार में चार साल में एक ट्रिलियन से भी कम निवेश किया गया शायद इससे और भी कम। हमारे पास एक साल के लिए 19.2 ट्रिलियन डॉलर है। इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।” राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उनकी व्यापार नीति के बिना निवेश में इतनी तेजी नहीं आती। टैरिफ के बिना हम बड़ी मुश्किल में पड़ जाते। ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर दूसरे कानूनी अधिकारियों का इस्तेमाल करके जवाब दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, प्लीज इसे अलग तरीके से करें। आपके पास इसे करने के दूसरे तरीके हैं और हमने पिछले महीने वही किया। ट्रंप ने टैरिफ को अपने आर्थिक एजेंडे का एक अहम हिस्सा बनाया। उनका कहना है कि इंपोर्ट ड्यूटी कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग को अमेरिका में शिफ्ट करने के लिए बढ़ावा देती है, जबकि फेडरल रेवेन्यू भी मिलता है। इसी बातचीत के दौरान, एक रिपोर्टर ने हाल ही में हुए एक व्यापारिक कार्रवाई के पीछे एक वजह के तौर पर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों के ऑफिस द्वारा बाल मजदूरी का जिक्र किया। ट्रंप ने जवाब दिया कि ऐसा लगता है कि यह उन वजहों में से एक थी, जिन पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि उन्होंने यही तय किया है। वे पूरी दुनिया में जाते हैं और देखते हैं और जांच करते हैं और बाल मजदूरी इसका एक कारण था।” सवाल-जवाब के दौरान ट्रंप ने बार-बार व्यापार नीति को बड़े आर्थिक और औद्योगिक लक्ष्यों से जोड़ा, जिसमें एनर्जी प्रोडक्शन, मैन्युफैक्चरिंग और घरेलू निवेश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि टैरिफ ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। साथ ही बिजनेस को देश के अंदर प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए बढ़ावा दिया है। टैरिफ अमेरिका की आर्थिक नीति के सबसे करीबी पहलुओं में से एक है, जिस पर वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और महंगाई पर उनके असर की वजह से नजर रखी जाती है। यूरोपीय संघ, चीन और कई एशियाई व्यापारिक साझेदारों समेत बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, टैरिफ प्राधिकरणों पर बातचीत और कानूनी झगड़ों के बढ़ने के साथ-साथ वाशिंगटन के व्यापार एक्शन पर करीब से नजर रख रही हैं।

उत्तराखंड के सीएम ने बताया देवप्रयाग के उस मंदिर का आध्यात्मिक महत्व, जहां प्रभु राम ने की थी तपस्या

उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इस पावन धरा पर स्थित श्री रघुनाथ मंदिर भगवान श्री राम को समर्पित अत्यंत पवित्र, ऐतिहासिक और आस्था का एक प्रमुख केंद्र है। मंदिर की ऐतिहासिक सांस्कृति विरासत का बखान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए किया। उन्होंने मंदिर का भव्य वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग में, जहां पवित्र अलकनंदा और भागीरथी नदियों का संगम होता है, वहां स्थित है प्राचीन श्री रघुनाथ मंदिर। यह भगवान श्रीराम को समर्पित एक ऐतिहासिक और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है।” उन्होंने आगे लिखा, “प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर यह पवित्र धाम भक्तों को शांति, सुकून और दिव्य अनुभूति का अनोखा अनुभव कराता है। यदि आप टिहरी गढ़वाल की यात्रा पर जाएं, तो इस पावन श्री रघुनाथ मंदिर के दर्शन और आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।” भगवान श्रीराम (रघुनाथ जी) को समर्पित यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्व रखता है बल्कि, अद्भुत वास्तुकला और पौराणिक कथाओं के कारण भी विशेष स्थान रखता है। उत्तराखंड का श्री रघुनाथ मंदिर टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी नदियों के संगम के पास स्थित भगवान विष्णु व श्रीराम को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और दिव्य तीर्थस्थल है। इसका वर्णन स्कंद पुराण के केदार खंड में मिलता है। मान्यता है कि रावण वध के बाद ब्रह्म हत्या के दोष से मुक्ति पाने के लिए भगवान राम ने यहीं तपस्या की थी। यह भगवान विष्णु के 108 दिव्य देशम में से एक है और यह मंदिर उत्तर भारतीय ‘देउला’ वास्तुकला शैली में बना है। इसका मूल जीर्णोद्धार 8वीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा माना जाता है। वर्तमान भव्य संरचना का निर्माण जम्मू-कश्मीर के महाराजा गुलाब सिंह ने शुरू कराया था और इसे 1860 में महाराजा रणबीर सिंह ने पूरा करवाया था।

पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज जीतने पर पीएम मोदी ने दी झंडू को बधाई, बोले-आपने अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में झंडू कुमार ने भारत को पहला मेडल दिलाया। पैरा पावरलिफ्टर ने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। झंडू को देश के लिए पहला मेडल जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए मेडल का खाता खोला है। झंडू को बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और बरसों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और इंटरनेशनल मंच पर शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।” खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी झंडू को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत के लिए ब्रॉन्ज। झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में 190 किलोग्राम का जबरदस्त लिफ्ट करके भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पहला मेडल जीता। पूरे देश को उन पर गर्व है।” हालांकि, झंडू का ब्रॉन्ज मेडल जीतने तक का सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। उनकी घर की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। एक समय पर उन्हें ई-रिक्शा चलाकर और सब्जी बेचकर घर का गुजारा करना पड़ा था। झंडू ने ‘आईएएनएस’ के साथ खास बातचीत में बताया, “मैंने अपना गुजारा करने के लिए ई-रिक्शा चलाया, सब्जियां बेचीं और बहुत संघर्ष किया। हालांकि मैंने अपने सपने को कभी नहीं छोड़ा। मुझे हमेशा विश्वास था कि एक दिन मैं अपने देश के लिए जरूर मेडल जीतूंगा।” झंडू ने कहा कि यह मेडल सिर्फ उनका नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों का भी है जिन्होंने मुश्किल समय में उन पर भरोसा बनाए रखा। झंडू के अनुसार, यह सफलता उन्हें भविष्य में भारत के लिए बड़े मंचों पर और सफलता पाने के लिए प्रेरित करेगी। संयुक्त स्टैंडिंग में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने गोल्ड तो इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।

गुजरात के कई जिले जलमग्न; बंगाल, बिहार और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान

नई दिल्ली। भारी बारिश की वजह से गुजरात में कई जिले जलमग्न हो गए हैं। नॉर्थ गुजरात और साउथ गुजरात में तेज बारिश जारी है। बनासकांठा जिले के देवदार तालुका में सबसे ज्यादा 1.85 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। लखनी में 1.73 इंच, धनेरा में 1.46 इंच और राह तालुका में 1.42 इंच बारिश हुई। ओड में 1.30 इंच, वलसाड जिले के नानापोंधा में 1.22 इंच और नवसारी जिले के खेरगाम में 1.02 इंच बारिश दर्ज की गई। बनासकांठा, पाटन, और कच्छ जिलों में कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ हल्की आंधी-तूफान और 41 से 61 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से हवा चलने के साथ ही बिजली कड़कने की भी आशंका है। गुजरात के महेसाना, गांधीनगर, अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, मोरबी, राजकोट, बोटाद, अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, छोटा उदयपुर, नर्मदा, सूरत, ताडी, डांग्स, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा और नगर हवेली जिलों में अलग-अलग जगहों पर मध्यम बारिश की संभावना है। साबर कांठा, अरावली, महिसागर, दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, खेड़ा, आनंद, भरूच, भावनगर, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर जिलों में अलग-अलग जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 25-30 जुलाई के बीच बारिश होने का पूर्वानुमान है, जबकि बिहार में 28-30 जुलाई और ओडिशा में 25-28 जुलाई के बीच बारिश होने की संभावना है। 25-27 जुलाई के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश, बिजली कड़कने, और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 25-28 जुलाई के दौरान झारखंड और ओडिशा और 25-30 जुलाई के दौरान बिहार में तेज हवाएं चलने की आशंका है। 25 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। 27-30 जुलाई के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 25 जुलाई और 27 जुलाई को पश्चिम बंगाल के गंगा के किनारे; 25-28 जुलाई के दौरान झारखंड; 27-29 जुलाई के दौरान बिहार; 29-30 जुलाई के दौरान ओडिशा; 26 जुलाई को पश्चिम बंगाल के गंगा के किनारे; 25-28 जुलाई के दौरान ओडिशा में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की भी संभावना है। मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए बंगाल की खाड़ी के मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है। 25 से 28 जुलाई के दौरान उत्तरी ओडिशा, पश्चिम बंगाल के गंगा के किनारे और बांग्लादेश के तटों और उत्तरी बंगाल की खाड़ी के पास; 26 से 29 जुलाई के दौरान अंडमान सागर के ऊपर; 27 से 29 जुलाई के दौरान मन्नार की खाड़ी के कुछ हिस्सों में; और 28 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से लगे दक्षिण श्रीलंका के तटों पर मछुआरों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले पटना पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन

पटना। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पटना पहुंचे हैं। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले नितिन नवीन का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। नितिन नवीन के शनिवार सुबह पटना एयरपोर्ट पर उतरने के बाद बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने उनका स्वागत किया। इस दौरान, एयरपोर्ट पर सांसद संजय जायसवाल और मनोज तिवारी भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन का राजनीतिक गढ़ रही है। उनके राज्यसभा सदस्य बनने और विधानसभा सदस्यता से त्यागपत्र के बाद बांकीपुर में उपचुनाव हो रहे हैं। 30 जुलाई को विधानसभा क्षेत्र में वोट डाले जाएंगे। फिलहाल, बांकीपुर में चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है। इस लिहाज से उनका दौरान अहम माना जा रहा है। नितिन नवीन के दौरे को लेकर बांकीपुर से भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा ने कहा, “हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष मेरे बड़े भाई हैं, इसलिए जाहिर है कि वे आएंगे ही।” इससे पहले, बांकीपुर में पवन सिंह और मनोज तिवारी जैसे नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। दोनों नेताओं से समर्थन मिलने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने कहा, “वे दोनों मेरे बड़े भाई हैं और मैं हममें सबसे छोटा हूं। बड़े भाई होने के नाते वे मुझे आशीर्वाद देने आए थे। उन्होंने मेरे लिए प्रचार भी किया। आखिर वे मेरे बड़े भाई हैं।” बांकीपुर उपचुनाव को लेकर भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, “हमने व्यक्तिगत रूप से बांकीपुर में प्रचार किया है और वहां के हालात खुद देखे हैं। माहौल पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में है। भाजपा रिकॉर्ड अंतर से जीतेगी, क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का निर्वाचन क्षेत्र है। नितिन नवीन को जो राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद मिला है, इसके बाद आशीर्वाद के रूप में जनता भाजपा के पक्ष में वोट करेगी।