तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का कार्यालय छह दशकों बाद ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज से दूसरी जगह होगा स्थानांतरित

चेन्नई। तमिलनाडु सचिवालय में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज परिसर में स्थित अपने लंबे समय से चले आ रहे कार्यालय से नामक्कल कविग्नर मालिगई (एनकेएम) में स्थानांतरित किया जाएगा। नए परिसर को तैयार करने के लिए तेजी से नवीनीकरण कार्य चल रहा है। यह स्थानांतरण सचिवालय के कामकाज में वर्ष 2011 के बाद सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक माना जा रहा है। उस समय दिवंगत जे. जयललिता के नेतृत्व वाली एआईएडीएमके सरकार ने प्रमुख विभागों को दोबारा फोर्ट सेंट जॉर्ज में स्थानांतरित किया था, जिससे पहले डीएमके सरकार द्वारा नए निर्मित ओमंदुरार गवर्नमेंट एस्टेट से सचिवालय संचालित करने का निर्णय पलट दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले का मुख्य कारण मौजूदा मुख्यमंत्री कार्यालय में जगह की भारी कमी है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के पदभार संभालने के बाद उनसे मिलने आने वाले अधिकारियों, आगंतुकों और विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों की बढ़ती संख्या के कारण वर्तमान कार्यालय पर काफी दबाव था। हालांकि इस स्थानांतरण को लेकर अन्य कारणों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन सरकारी सूत्रों का कहना है कि इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और आगंतुकों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री अब तक फोर्ट सेंट जॉर्ज की मुख्य इमारत की पहली मंजिल से कामकाज कर रहे थे, जहां मुख्यमंत्री कार्यालय पिछले छह दशकों से अधिक समय से संचालित हो रहा है। नई योजना के तहत मुख्यमंत्री कार्यालय को नामक्कल कविग्नर मालिगई की 10वीं मंजिल पर स्थापित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इस स्थानांतरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नया मुख्यमंत्री कार्यालय 10वीं मंजिल पर स्थित मौजूदा भोजन कक्ष में बनाया जाएगा, जो सम्मेलन कक्ष के ठीक बगल में स्थित है। इसके लिए भोजन कक्ष में मौजूद फर्नीचर, फिक्स्चर और अन्य बुनियादी ढांचे को हटाकर कलैवानार अरंगम स्थानांतरित किया जा रहा है, ताकि नए कार्यालय के लिए जगह बनाई जा सके। इस बदलाव के चलते 10वीं मंजिल पर संचालित कई सरकारी विभागों को भी स्थानांतरित करना होगा। सूचना एवं तमिल विकास विभाग, गृह (निषेध) विभाग और वाणिज्यिक कर विभाग के कुछ अनुभागों को मुख्यमंत्री कार्यालय की स्थापना के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि सूचना एवं तमिल विकास विभाग को कलैवानार अरंगम में स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि अन्य विभागों को फोर्ट सेंट जॉर्ज सचिवालय परिसर के भीतर ही अन्य स्थानों पर समायोजित किया जाएगा। 10 मंजिला सचिवालय एनेक्स नामक्कल कविग्नर मालिगई वर्तमान में 34 सरकारी विभागों के सचिवों और विभिन्न अनुभागों का कार्यालय है, जिससे यह राज्य के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में से एक माना जाता है। इस भवन का निर्माण पार्सन फाउंडेशन एंड इंजीनियरिंग कंपनी ने किया था और इसका उद्घाटन वर्ष 1975 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने किया था। इसके बाद से इस भवन का कई बार नवीनीकरण किया जा चुका है। प्रस्तावित स्थानांतरण को तमिलनाडु सचिवालय के प्रशासनिक इतिहास में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। पिछले दो दशकों में सचिवालय कई बार स्थानांतरित हो चुका है। इनमें सबसे प्रमुख बदलाव वर्ष 2010 में हुआ था, जब डीएमके सरकार ने सचिवालय को ओमंदुरार गवर्नमेंट एस्टेट परिसर में स्थानांतरित किया था। हालांकि, एक वर्ष बाद सत्ता में आई एआईएडीएमके सरकार ने सचिवालय को फिर से फोर्ट सेंट जॉर्ज में वापस ले आई और ओमंदुरार परिसर को बहु-विशेषता सरकारी अस्पताल में बदल दिया।

पश्चिम एशिया संकट के बावजूद खरीफ सीजन में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, आपूर्ति विविधीकरण से स्थिति रही सामान्य: जेपी नड्डा

नई दिल्ली,। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त बनी रही। सरकार ने बताया कि उर्वरक आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित रखने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आपूर्ति विविधीकरण, सामूहिक खरीद और मजबूत निगरानी तंत्र जैसे व्यापक कदम उठाए गए हैं। लोकसभा में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि सरकार ने भारतीय उर्वरक कंपनियों और विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के बीच दीर्घकालिक व्यावसायिक समझौतों को बढ़ावा दिया है। इसके अलावा विभिन्न देशों में स्थित भारतीय मिशनों के माध्यम से वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की पहचान की गई और उद्योग समूहों के जरिए अमोनिया तथा सल्फर जैसे कच्चे माल की सामूहिक खरीद को प्रोत्साहित किया गया, जिससे बेहतर कीमत और सौदेबाजी की क्षमता हासिल की जा सके। उन्होंने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित कर राज्यवार और माहवार उर्वरक जरूरतों का आकलन करता है। इसी आधार पर उर्वरक विभाग हर महीने आपूर्ति योजना जारी करता है, इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) के माध्यम से उर्वरकों की आवाजाही पर लगातार नजर रखता है और नियमित साप्ताहिक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उपलब्धता की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाता है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट का सबसे अधिक असर अमोनिया, फॉस्फोरिक एसिड और सल्फर के आयात पर पड़ा, जबकि वैश्विक लॉजिस्टिक्स बाधित होने से पोटाश के आयात की लागत भी बढ़ गई। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से 19 जुलाई 2026 तक के खरीफ सीजन में यूरिया, डीएपी, एमओपी और एनपीकेएस उर्वरकों की उपलब्धता आवश्यकता से अधिक रही। इस अवधि में यूरिया की जरूरत 109.40 लाख मीट्रिक टन थी, जबकि इसकी उपलब्धता 163.78 लाख मीट्रिक टन रही। वहीं डीएपी की मांग 31.57 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 39.54 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध रहा। सरकार ने यह भी बताया कि आइसोप्रोपाइल अल्कोहल (आईपीए), अमोनिया और मेथनॉल जैसे कच्चे माल की अस्थायी कमी और कीमतों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ समन्वय कर प्रोपिलीन का आवंटन कराया गया, ताकि इनकी उपलब्धता बेहतर हो सके। इसके अलावा, सरकार ने दवा उद्योगों को अतिरिक्त अमोनिया की आपूर्ति सुनिश्चित कराई और मौजूदा कारोबारियों के साथ-साथ घरेलू निर्माताओं के सहयोग से मेथनॉल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत भी विकसित किए।

देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तैनात है टूरिस्ट पुलिस : गजेंद्र सिंह शेखावत

नई दिल्ली, । केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से देश के 15 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष टूरिस्ट पुलिस तैनात की गई है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए टूरिस्ट पुलिस की तैनाती की गई है। राज्यसभा चंद्रकांत हंडोरे के सवाल का जवाब देते हुए शेखावत ने बताया कि पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो ने टूरिस्ट पुलिस योजना पर एक अध्ययन कराया और इसके आधार पर सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में इस योजना को समान रूप से लागू करने के लिए एक व्यापक रिपोर्ट तैयार की। उन्होंने स्पष्ट किया कि टूरिस्ट पुलिस की अलग इकाइयों की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोई विशेष वित्तीय सहायता या पैकेज नहीं दिया गया है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट के माध्यम से एक अध्ययन कराया, ताकि टूरिस्ट पुलिस की आवश्यकता को समझा जा सके और उन्हें पर्यटकों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि “राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में टूरिस्ट पुलिस की कार्यप्रणाली और सर्वोत्तम प्रथाओं का दस्तावेजीकरण” नामक अध्ययन रिपोर्ट सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी गई है। शेखावत ने कहा कि आईआईटीटीएम द्वारा तैयार एक प्रशिक्षण मॉड्यूल भी गृह मंत्रालय को भेजा गया, जिसे बाद में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों तक पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने गृह मंत्रालय और बीपीआरएंडडी के सहयोग से नई दिल्ली में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों और पुलिस महानिरीक्षकों का राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया। सांसद चंद्रकांत हंडोरे ने अपने प्रश्न में देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट पुलिस योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी थी। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या केंद्र सरकार ने टूरिस्ट पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल, धोखाधड़ी की रोकथाम और विदेशी भाषाओं की जानकारी से जुड़े मानकीकृत प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए हैं।

सीडब्ल्यूजी 2026: पुतुल सोनोवाल का शानदार प्रदर्शन जारी, फॉकलैंड आइलैंड्स के अलेक्जेंडर को हराया

ग्लासगो,। भारत के टॉप लॉन बॉल्स खिलाड़ी पुतुल सोनोवाल ने ग्लासगो में पुरुषों के सिंगल्स सेक्शनल प्ले में फॉकलैंड आइलैंड्स के सेसिल अलेक्जेंडर को कड़े मुकाबले में हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच हुआ मुकाबला टाई-ब्रेक तक पहुंचा, लेकिन पुतुल ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। मौजूदा एशियाई चैंपियन सोनोवाल ने पहला सेट 7-5 से जीतकर बढ़त बनाई। हालांकि, सेसिल अलेक्जेंडर ने वापसी करते हुए दूसरा सेट 8-6 से जीता और मैच को टाई-ब्रेकर तक पहुंचा दिया। इसके बाद सोनोवाल ने टाई-ब्रेक 1-0 से जीतकर जीत पक्की की। भारतीय खिलाड़ी का अगला मुकाबला शनिवार को सेक्शन डी के मैच में मलेशियाई खिलाड़ी से होगा। इससे पहले गुरुवार को, सोनोवाल ने पुरुषों के सिंगल्स सेक्शनल प्ले में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन और वर्ल्ड बॉल्स हॉल ऑफ फेम में शामिल रयान बेस्टर को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने डेब्यू पर बड़ा उलटफेर किया और बॉल्स प्रतियोगिता में भारत की शानदार शुरुआत को आगे बढ़ाया। सोनोवाल ने सेक्शन डी में अपने अभियान की शुरुआत कनाडा के बेस्टर को हराकर की। यह रोमांचक मुकाबला आखिरी क्षणों तक चला और इसका फैसला टाई-ब्रेकर में हुआ। सेक्शन डी के राउंड 1 में मैच 2 के रेगुलर समय में 1-1 से बराबरी पर रहने के बाद सोनोवाल ने टाई-ब्रेकर में जीत दर्ज की। दुनिया में 21वें नंबर के भारतीय खिलाड़ी ने पहला सेट 5-4 से जीतकर दो बार के सीडब्ल्यूजी सिल्वर मेडलिस्ट बेस्टर के खिलाफ बढ़त बनाई। हालांकि, कनाडा के खिलाड़ी ने वापसी की और दूसरा सेट 7-3 के स्कोर से जीता। मैनचेस्टर में 2006 के संस्करण में पुरुषों के सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जबकि 2014 और 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। रयान बेस्टर काफी अनुभवी खिलाड़ी माने जाते हैं। उन्होंने वर्ल्ड आउटडोर चैंपियनशिप में सिंगल्स और पेयर्स में सात मेडल जीते हैं, जिसमें 2023 के संस्करण में सिंगल्स और पेयर्स में एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल शामिल है। हालांकि, मौजूदा एशियाई चैंपियन सोनोवाल ने बेस्टर के खिलाफ दमदार प्रदर्शन करते हुए कड़े मुकाबले में जीत हासिल की।

सीडब्ल्यूजी 2026: स्विमिंग में ऑस्ट्रेलिया ने एक ही दिन में जीते तीन गोल्ड मेडल

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स (सीडब्ल्यूजी) 2026 की स्विमिंग और पैरा-स्विमिंग प्रतियोगिताओं में दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया का दबदबा देखने को मिला। ऑस्ट्रेलिया ने कुल तीन गोल्ड मेडल अपने नाम किए, जिनमें एक पैरा-स्विमिंग का मेडल भी शामिल रहा। वहीं, साउथ अफ्रीका और मेजबान स्कॉटलैंड ने भी एक-एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दिन की शुरुआत महिलाओं की 400 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा से हुई, जहां ऑस्ट्रेलिया की लानी पैलिस्टर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। न्यूजीलैंड की एरिका फेयरवेदर ने सिल्वर और ऑस्ट्रेलिया की जेना फॉरेस्टर ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ पैलिस्टर्स अपने परिवार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए मां जैनेल और गॉडमदर डॉन फ्रेजर की तरह कॉमनवेल्थ चैंपियन बनीं। जीत के बाद पैलिस्टर्स ने कहा कि यह उनके लिए बेहद खास पल है। उन्होंने कहा कि अपनी मां और डॉन फ्रेजर की तरह गोल्ड जीतना गर्व की बात है। उन्होंने अपना पहला मेडल जीतने की खुशी जताई और कहा कि प्रतियोगिता की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के लिए गोल्ड के साथ होना शानदार है। उन्होंने न्यूजीलैंड की एरिका फेयरवेदर की भी तारीफ की और कहा कि दोनों कई वर्षों से एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करती आ रही हैं और हर रेस रोमांचक होती है। ऑस्ट्रेलिया की जेना फॉरेस्टर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया। रेस के शुरुआती हिस्से में उनकी साथी तैराक हैना फ्रेडरिक्स आगे चल रही थीं, लेकिन आखिरी चरण में फॉरेस्टर ने तेजी दिखाते हुए बाजी को अपने नाम कर लिया। इससे पहले, वह 400 मीटर फ्रीस्टाइल में ब्रॉन्ज जीत चुकी थीं और उन्होंने एक ही दिन में दो मेडल अपने नाम किए। इस स्पर्धा में स्कॉटलैंड की केटी शनाहन ने सिल्वर मेडल जीतकर घरेलू दर्शकों को खुश होने का मौका दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने उसी पूल में यह सफलता हासिल की, जहां उन्होंने तैराकी की शुरुआत की थी। पैरा-स्विमिंग में साउथ अफ्रीका के नाथन हेंड्रिक्स ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ा उलटफेर किया। उन्होंने मेजबान स्कॉटलैंड के पसंदीदा तैराक स्टीफन क्लेग को पीछे छोड़ते हुए साउथ अफ्रीका को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 पैरा-स्विमिंग स्पर्धा में ऑस्ट्रेलिया की जेना जोन्स ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। यह ग्लासगो 2026 में पैरा-स्विमिंग का पहला गोल्ड मेडल था। वहीं, वेल्स की एला लेटन-जोन्स ने सिल्वर जीतकर अपने देश के लिए भी पहला मेडल हासिल किया। दिन का समापन मेजबान स्कॉटलैंड के स्टार तैराक डंकन स्कॉट की शानदार जीत के साथ हुआ। स्कॉट ने पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडल स्पर्धा में 1 मिनट 56.38 सेकेंड का समय निकालते हुए गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। रेस के दौरान दर्शकों ने “नो स्कॉटलैंड, नो पार्टी” के नारों से पूरा माहौल उत्साह से भर दिया। स्कॉट की इस जीत ने घरेलू दर्शकों के जश्न को और यादगार बना दिया। परिणाम: महिलाओं की 400 मीटर फ्रीस्टाइल 1. लानी पैलिस्टर्स (ऑस्ट्रेलिया) 2. एरिका फेयरवेदर (न्यूजीलैंड) 3. जेना फॉरेस्टर (ऑस्ट्रेलिया) महिलाओं की 200 मीटर बैकस्ट्रोक 1. जेना फॉरेस्टर (ऑस्ट्रेलिया) 2. केटी शनाहन (स्कॉटलैंड) 3. हैना फ्रेडरिक्स (ऑस्ट्रेलिया) पैरा स्विमिंग पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 फाइनल 1. नाथन हेंड्रिक्स (साउथ अफ्रीका) 2. स्टीफन क्लेग (स्कॉटलैंड) 3. मैथ्यू रेडफर्न (इंग्लैंड) महिलाओं की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 1. जेना जोन्स (ऑस्ट्रेलिया) 2. एला लेटन-जोन्स (वेल्स) 3. किराली हेस (ऑस्ट्रेलिया) पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले 1. डंकन स्कॉट (स्कॉटलैंड) 2. लुईस क्लेयरबर्ट (न्यूजीलैंड) 3. टॉम डीन (इंग्लैंड)

बेहतर रक्त संचार और एकाग्रता के लिए रोज करें सर्वांगासन

नई दिल्ली। योग हमारे शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने का एक प्राचीन और प्रभावशाली माध्यम है। योग के कई आसनों में ‘सर्वांगासन’ का विशेष महत्व माना जाता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होने के साथ-साथ मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है। ‘सर्वांगासन’ दो शब्दों से मिलकर बना है, ‘सर्व’ अर्थात सभी और ‘अंग’ अर्थात शरीर के भाग। इस आसन में शरीर का भार कंधों और गर्दन के सहारे ऊपर की ओर उठाया जाता है, जिससे शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और कई शारीरिक क्रियाओं को संतुलित करने में मदद मिलती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार सर्वांगासन (शोल्डर स्टैंड पोज) एक संपूर्ण योगासन है, जो शरीर का संतुलन, लचीलापन और आंतरिक अंगों के कार्य सुधारने में मदद करता है। इसे ‘आसनों की रानी’ भी कहा जाता है। साथ ही, यह आसन विशुद्धि चक्र को सक्रिय और संतुलित करने में सहायक होता है। इसके अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलती है और मन को शांति एवं स्थिरता का अनुभव होता है। यह आसन ग्रीवा क्षेत्र की ग्रंथियों और उनसे जुड़े अंगों के कार्यों को संतुलित करने में सहायक माना जाता है। सर्वांगासन में शरीर की मुद्रा नीचे से ऊपर की ओर होने के कारण रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे शरीर की कोशिकाएं अधिक सक्रिय रूप से कार्य कर पाती हैं। इसके नियमित अभ्यास से शिराओं (वेंस) में रक्त की वापसी की प्रक्रिया बेहतर होती है। इस योगासन को करने के दौरान शरीर का पूरा भार कंधों और कोहनी पर संतुलित होता है। हालांकि, शुरुआत में इस आसन को सही तरीके से सीखना जरूरी है। विशेषज्ञों की देखरेख में अभ्यास करने से चोट लगने का खतरा कम रहता है। योग एक्सपर्ट की सलाह के साथ इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, खासकर जिन्हें गर्दन, पीठ या उच्च रक्तचाप की समस्या हो। यदि आप हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप), सर्वाइकल (गर्दन में दर्द), या हाइपरथायरायडिज्म से पीड़ित हैं, तो इस आसन को न करें।

बरसात के मौसम में हल्का भोजन करना फायदेमंद, तला-भुना, मसालेदार खाने से बचें

नई दिल्ली,। आयुर्वेद में ऋतु का विशेष महत्व बताया गया है। छह ऋतुओं के दौरान शरीर में वात, पित्त और कफ दोष, पाचन अग्नि तथा शारीरिक बल में परिवर्तन होते हैं। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए मौसम के अनुसार आहार में बदलाव करने की सलाह दी जाती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, वर्षा ऋतु में पाचन अग्नि स्वाभाविक रूप से कमजोर हो जाती है। इससे भोजन का पाचन धीमा पड़ सकता है और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में ताजा, हल्का और गर्म भोजन करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। बरसात के मौसम में अधिक आर्द्रता, ठंडी हवाओं और बादलों के कारण पाचन शक्ति प्रभावित होती है। गर्मी के मौसम में शरीर में इकट्ठा हुआ पित्त भी इस दौरान असंतुलित हो सकता है। ऐसे में तला-भुना, तैलीय और अधिक मसालेदार भोजन पचाने में कठिनाई होती है, जिससे अपच, गैस, पेट फूलना (ब्लोटिंग), एसिडिटी, पेट दर्द और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके विपरीत, हल्का भोजन आसानी से पच जाता है और पेट पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालता। हल्का भोजन शरीर को आवश्यक पोषण देने के साथ-साथ सुस्ती और भारीपन से भी बचाता है। मौसम में बदलाव के दौरान या रात के समय हल्का भोजन करने से नींद बेहतर आती है और वजन नियंत्रित रखने में भी मदद मिलती है। आधुनिक विज्ञान के अनुसार भी कमजोर पाचन की स्थिति में हल्का भोजन मेटाबॉलिज्म के लिए भी बेहतर होता है। हल्के भोजन के रूप में मूंग की दाल, मूंग-चावल की खिचड़ी, गेहूं या जौ का दलिया तथा पुराने चावल का सेवन लाभकारी माना जाता है। वर्षा ऋतु या उपवास के दौरान जौ (यव), सत्तू और साबूदाने का सेवन भी किया जा सकता है। रोटी और विशेष रूप से पराठों का सीमित मात्रा में सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, उबली या हल्की पकी सब्जियां जैसे लौकी, तुरई, परवल, टिंडा, पालक, मेथी और भिंडी लाभदायक होती हैं। मूंग दाल, छिलके वाली मसूर दाल तथा छाछ या सीमित मात्रा में दही का सेवन भी किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन हमेशा ताजा, गर्म और कम मात्रा में करना चाहिए। जरूरत से अधिक भोजन करने से पाचन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। गुनगुना पानी, अदरक की चाय, जीरा पानी, नारियल पानी तथा रात में हल्दी वाला गुनगुना दूध लाभकारी माना जाता है। सौंठ या जीरे के साथ छाछ का सेवन भी पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने देवशयनी एकादशी की बधाई दी

नई दिल्ली, । देशभर में देवशयनी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “आषाढ़ी एकादशी के पवित्र मौके पर बधाई। यह शुभ दिन भक्ति और दया के हमेशा रहने वाले संदेश के बारे में है। भगवान विट्ठल का आशीर्वाद खुशी, मेलजोल और खुशहाली लाए और हमें एक बेहतर समाज की ओर ले जाए। वह हर इंसान की भलाई और इज्जत के लिए बिना थके सेवा करने और काम करने के हमारे इरादे को और मजबूत करें।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। यह पावन पर्व हम सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए तथा हमें सेवा, करुणा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे।” केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लिखा, “देवशयनी आषाढ़ी एकादशी पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान विट्ठल की कृपा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य लाए।” केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने ‘एक्स’ पर एक श्लोक, “सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत्सुप्तं भवेदिदम्, विबुद्धे त्वयि बुध्येत जगत्सर्वं चराचरम्॥” साझा किया। जेपी नड्डा ने लिखा, “आप सभी को देवशयनी (आषाढ़ी) एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं। पावन चतुर्मास के शुभारंभ का यह पुण्य अवसर आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का संचार करे। जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की कृपादृष्टि आप सभी पर सदैव बनी रहे।” केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सभी लोगों को आषाढ़ एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं। इस शुभ दिन पर, श्री पांडुरंग विट्ठल और माता रुक्मिणीदेवी की दिव्य कृपा सभी पर बनी रहे। भक्ति, विश्वास और समर्पण की भावना से भरे इस पवित्र दिन पर, मैं प्रार्थना करता हूं कि राज्य में सुख, शांति, खेती-बाड़ी में खुशहाली और सेहत बनी रहे।” केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी को टोली एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री महाविष्णु का दिव्य आशीर्वाद हर घर को शांति, समृद्धि, खुशी, अच्छी सेहत और आध्यात्मिक शक्ति से भर दे। यह पावन अवसर हमें भक्ति, करुणा, विनम्रता और निस्वार्थ सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे। सभी को पवित्र और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण टोली एकादशी (आषाढ़ी एकादशी) की शुभकामनाएं।

दिल्ली के वसंत कुंज में कार फिसलकर खुले नाले में गिरी, युवक की मौत

नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में एक मोड़ पर नियंत्रण खोने के बाद 20 साल के एक युवक की कार एक खुले नाले में जा गिरी, जिससे उसकी मौत हो गई। यह दुखद घटना शुक्रवार सुबह हुई, जब यशवेंद्र और उसकी दोस्त नांगल देवत इलाके से घर लौट रहे थे। नांगल देवत रेड लाइट के पास एक तीखे मोड़ पर सड़क के फिसलन भरे होने के कारण यशवेंद्र का कार से नियंत्रण छूट गया। इसके बाद कार एक नाले में गिरकर पलट गई। वसंत कुंज साउथ पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर पहुंचने पर पता चला कि यशवेंद्र गाड़ी चला रहा था और वसंत कुंज की रहने वाली महिला दोस्त बगल वाली सीट पर बैठी थी। वे पिछली रात अपने दोस्त के घर रुके थे और सुबह उसके घर जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि यशवेंद्र घायल हो गया था, हालांकि, बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया, “कार महिला की है, लेकिन दुर्घटना के समय इसे यशवेंद्र चला रहा था। यशवेंद्र और महिला अमेरिका के एक ही संस्थान में उच्च शिक्षा लेते हुए दोस्ती हुई थी।” अधिकारियों ने बताया, “यशवेंद्र भारतीय सेना के एक अधिकारी का बेटा है। महिला वसंत कुंज की रहने वाली है। उसके पिता ओखला में एक निजी कंपनी के साइबर सिक्योरिटी सेक्टर में काम करते हैं, जबकि उसकी मां गृहिणी हैं।” उन्होंने बताया कि साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति के बयान के अनुसार, यह दुर्घटना सड़क के फिसलन भरी होने के कारण हुई। इलाके में रहने वाले चश्मदीदों के मुताबिक, यह खुला नाला दुर्घटनाओं की दृष्टि से खतरनाक जगह रही है और कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। आईएएनएस से ​​बात करते हुए एक चश्मदीद ने कहा, “यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। कल, 20 से 25 साल के कुछ युवा इस रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उनकी गाड़ी एक खुले नाले में गिर गई। दुर्भाग्य से उनमें से एक युवक की मौत हो गई। यह खुला नाला लंबे समय से दुर्घटनाओं वाली जगह रहा है और इसकी जिम्मेदारी डीडीए की है। चश्मदीद ने कहा, “हमने कई बार डीडीए के सामने यह मुद्दा उठाया है और कई बैठकें भी की हैं, जिसमें उनसे नाले को ढकने का आग्रह किया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और आज इसके कारण एक जान चली गई।

देहरादून में ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

देहरादून,। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को कारगिल विजय दिवस से पहले देहरादून स्थित गढ़ी कैंट के चिड़बाग में शौर्य स्थल पर ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के लिए अपनी जान देने वाले बहादुर सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। बाद में उन्होंने कारगिल विजय दिवस से पहले यादगार कार्यक्रमों के तहत ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को हरी झंडी दिखाई। सीएम धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे योद्धा, ऐसे हीरो, जिन्होंने भारत के मान-सम्मान को बढ़ाया और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्वरूप वीरता का परिचय दिया, वे हमेशा हमारे स्मरण में रहें। भारत के इतिहास में आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरित होती रहें और देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति तथा समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ें। इसीलिए आज हम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर यह आयोजन कर रहे हैं। इसमें बड़ी संख्या में युवा और नौजवान आए हैं। सभी एक स्वर से देशभक्ति का संकल्प लेकर देश को आगे बढ़ाने का संकल्प ले रहे हैं।” उन्होंने कहा, “कारगिल का युद्ध भारत के इतिहास का ऐसा युद्ध था, जिसमें भारत की सेनाओं ने कठिन चोटियों पर चढ़कर संघर्ष किया, अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया। यह पहला युद्ध था, जिसमें भारत की सेना ने युद्ध के मैदान में जीत हासिल की और समझौतों की मेज पर भी अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारत ने जीत दर्ज की। इसमें सेना के जवानों ने अपनी वीरता और शहादत से भारत को एक ऐतिहासिक विजय दिलाई।” इस दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश और शिक्षा से जुड़े फैसलों को लेकर धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कालखंड में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरा प्रयास किया है। प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद उन्होंने स्किल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट बनाया, स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया और पिछले 12 सालों में 17 करोड़ रोजगार के मौके बनाए गए, जिससे 17 करोड़ लोगों को रोजगार मिला। इसकी तुलना में, 2004 से 2014 के बीच मात्र 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिला, जबकि इन 12 सालों में 17 करोड़ रोजगार के मौके बनाए गए हैं। 12 लाख लोगों को अपॉइंटमेंट लेटर भी बांटे गए हैं।