जंतर-मंतर छात्र आंदोलन पर बृजभूषण शरण सिंह बोले- सरकार से करें संवाद और राजनीति से बनाएं दूरी

गोंडा,। भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से निकालना चाहिए। भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छात्र किसी एक राजनीतिक दल या नेता के नहीं बल्कि पूरे देश और सरकार की भी जिम्मेदारी हैं। यदि किसी स्तर पर कोई चूक हुई है, तो सरकार को उसका खेद भी व्यक्त करना चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर पर चल रहे पूरे धरना-प्रदर्शन को करीब से देखा क्योंकि उनका कार्यालय वहीं के पास है। उनके अनुसार, छात्र अपनी वास्तविक समस्याओं और मांगों को लेकर पूरी ईमानदारी और नेक नीयत से आंदोलन में शामिल हुए थे। उनका उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना था लेकिन समय के साथ आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं और दलों से जुड़े लोगों का हस्तक्षेप बढ़ गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को वामपंथी और दक्षिणपंथी संगठनों सहित विभिन्न राजनीतिक समूहों ने अपने हितों के लिए हाईजैक कर लिया। उनका कहना था कि यह स्थिति अक्सर बड़े आंदोलनों में देखने को मिलती है, जहां मूल मुद्दों की जगह राजनीतिक एजेंडा हावी होने लगता है। इससे आंदोलन अपने वास्तविक उद्देश्य से भटक जाता है और छात्रों की आवाज कमजोर पड़ जाती है। भाजपा नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में राहुल गांधी या किसी अन्य राजनीतिक दल की भूमिका नहीं होनी चाहिए। छात्रों को किसी भी राजनीतिक विचारधारा के प्रभाव में आए बिना अपनी समस्याओं को सीधे सरकार के सामने रखना चाहिए। उनके मुताबिक, छात्रों का आंदोलन राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए बल्कि उनकी समस्याओं के समाधान का माध्यम होना चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर छात्रों से बातचीत करने के लिए तैयार रह सकती है। उन्होंने दोहराया कि छात्र देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं और उनकी बात गंभीरता से सुनी जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि कहीं प्रशासन या सरकार से कोई कमी रह गई है, तो उसे स्वीकार करते हुए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने आंदोलन को राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखें और केवल अपनी मांगों पर केंद्रित रहें। उनका कहना था कि यदि आंदोलन राजनीतिक दलों और विचारधाराओं के प्रभाव में आ गया, तो उसका मूल उद्देश्य प्रभावित होगा और छात्रों के हितों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए छात्रों और सरकार के बीच सीधे संवाद से ही इस तरह के मुद्दों का सकारात्मक समाधान संभव है।

मऊ में गोतस्कर और पुलिस के बीच मुठभेड़, इनामी बदमाश के पैर में लगी गोली, जिला अस्पताल में भर्ती

मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में पुलिस और एक वांछित गोतस्कर के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को पहले कोपागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी की पहचान ढेला राम के रूप में हुई है। वह मुकदमा अपराध संख्या 106/26 में गैंगस्टर अधिनियम के तहत वांछित और इनामी अपराधी है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वह कटवा से इंदारा स्टेशन की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। हालांकि, पुलिस का दावा है कि ढेला राम ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने उसे तुरंत इलाज के लिए सीएचसी कोपागंज पहुंचाया, जहां से उसे सदर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि ढेला राम शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ मऊ के अलावा बलिया जिले के सिकंदरपुर थाने में भी गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से 315 बोर का एक तमंचा, दो कारतूस, जिनमें एक खोखा भी शामिल है, बरामद किया है। मौके पर फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया है, ताकि साक्ष्य जुटाकर आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके। वहीं, जिला अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि उनके पास लाए गए घायल का नाम ढेला है। उसके पिता का नाम नसीर है और वह कोपागंज का रहने वाला है। डॉक्टर के अनुसार, आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसकी हालत फिलहाल अच्छी है और अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज जारी है।