तमिलनाडु सरकार ने 8,193 मंदिरों के लिए गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के आवेदन मांगे

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग के अधीन संचालित 8,193 मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति के लिए राज्यभर के पात्र उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। एचआर एंड सीई विभाग द्वारा जारी घोषणा के अनुसार, यह कदम उन मंदिरों के प्रशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जहां वंशानुगत ट्रस्टी नहीं हैं। इन नियुक्तियों को तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 49(1) के तहत किया जाएगा, जो विभाग द्वारा प्रबंधित मंदिरों के लिए ट्रस्टियों के बोर्ड के गठन का अधिकार सरकार को प्रदान करती है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मंदिरों की सूची, पात्रता संबंधी शर्तें, आवेदन प्रक्रिया और निर्धारित आवेदन प्रारूप सहित विस्तृत अधिसूचनाएं एचआर एंड सीई विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई हैं। विभाग ने इच्छुक और पात्र व्यक्तियों से आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की अपील की है। आवेदक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं या वेबसाइट से निर्धारित आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित जिले में एचआर एंड सीई विभाग के सहायक आयुक्त के कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जमा किया जा सकता है या स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा जा सकता है। विभाग ने आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त को शाम 5:45 बजे निर्धारित की है। अधिकारियों ने आवेदकों को सलाह दी है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ संलग्न हों और अंतिम तिथि से पहले संबंधित कार्यालय तक पहुंच जाएं, ताकि आवेदन निरस्त होने से बचा जा सके। यह नवीनतम अधिसूचना राज्य सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत एचआर एंड सीई विभाग के अधीन आने वाले मंदिरों में गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों के पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। विभाग ने बताया कि पहले चरण में 1,012 मंदिरों के लिए गैर-वंशानुगत ट्रस्टियों की नियुक्ति संबंधी अधिसूचनाएं पहले ही जारी की जा चुकी हैं। इसके अलावा, नियुक्ति प्रक्रिया को सुगम बनाने और पात्र उम्मीदवारों के चयन की निगरानी के लिए 14 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन भी किया जा चुका है। इन समितियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे आवेदनों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि नियुक्तियां एचआर एंड सीई अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप की जाएं। अधिकारियों के अनुसार, चरणबद्ध नियुक्ति प्रक्रिया का उद्देश्य मंदिरों के प्रशासन में सुधार, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और एचआर एंड सीई विभाग के अधीन कार्यरत धार्मिक संस्थानों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इससे तमिलनाडु के हजारों मंदिरों को प्रशासनिक सहयोग मिलने की उम्मीद है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्रस्टियों की नियुक्ति से संबंधित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का राज्यभर में समान रूप से पालन किया जाए।
आयुष दवाओं की गुणवत्ता पर सरकार सख्त, भ्रामक विज्ञापनों पर नजर रखने के लिए ‘आयुष सुरक्षा पोर्टल’ शुरू

नई दिल्ली। सरकार ने आयुष दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नियामक अनुपालन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेची जाने वाली आयुष दवाओं की निगरानी और नियंत्रण से जुड़े नए प्रावधान भी शामिल हैं। राज्यसभा में आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 में आयुर्वेद, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, यूनानी और होम्योपैथी दवाओं के लिए विशेष नियामक प्रावधान मौजूद हैं। इन प्रावधानों के तहत दवाओं के निर्माताओं को बिक्री के लिए उत्पादन करने से पहले निर्धारित लाइसेंसिंग शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ड्रग इंस्पेक्टर नियमित रूप से निर्माण इकाइयों और खुदरा दुकानों से दवाओं के नमूने एकत्र करते हैं और उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजते हैं। यदि कोई नमूना निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो संबंधित निर्माता या विक्रेता के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और उससे जुड़े नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। आयुष दवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन में एक विशेष आयुष वर्टिकल भी बनाया गया है। बयान के अनुसार, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की गुणवत्ता प्रमाणन योजना के तहत तृतीय पक्ष मूल्यांकन के बाद आयुष उत्पादों को ‘आयुष स्टैंडर्ड’ और ‘आयुष प्रीमियम’ प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं। आयुष मंत्रालय ‘आयुष औषधि गुणवत्ता एवं उत्पादन संवर्धन योजना’ नामक केंद्रीय क्षेत्र की योजना भी संचालित कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य दवाओं के मानकीकरण, गुणवत्ता आधारित उत्पादन, परीक्षण व्यवस्था, नियामक ढांचे को मजबूत करना, सुरक्षा निगरानी बढ़ाना और भ्रामक विज्ञापनों पर नजर रखना है। मंत्रालय ने भ्रामक विज्ञापनों और दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों की रियल-टाइम रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए ‘आयुष सुरक्षा पोर्टल’ भी शुरू किया है। इसके अलावा, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान को आयुष दवाओं से जुड़े भ्रामक विज्ञापनों के मामलों में डिजिटल माध्यमों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी करने के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। सरकार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि वे केवल उसी स्थिति में आयुष दवाओं की बिक्री की अनुमति दें, जब उपभोक्ता पंजीकृत आयुर्वेद, सिद्ध या यूनानी चिकित्सक द्वारा जारी वैध प्रिस्क्रिप्शन अपलोड करे, जहां इसकी आवश्यकता हो। मंत्रालय ने यह भी बताया कि उसके अधीन सभी अनुसंधान परिषदें और राष्ट्रीय संस्थान आयुष पद्धतियों और उत्पादों से जुड़ी प्रमाण-आधारित जानकारी को सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों, प्रकाशनों, शोध पत्रिकाओं, जनजागरूकता कार्यक्रमों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।
सावन सोमवार व्रत से क्यों मिलता है मनचाहा जीवनसाथी? जानिए पौराणिक कथा

नई दिल्ली,। हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने में भगवान शिव की पूजा और व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। खासकर सावन के सोमवार का व्रत बहुत शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। कुंवारी कन्याओं से लेकर सुहागिन महिलाएं तक पूरे श्रद्धा भाव से यह व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याओं के बीच यह मान्यता काफी प्रचलित है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से उन्हें मनचाहा और योग्य जीवनसाथी मिलता है। वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस मान्यता के पीछे क्या वजह है? इसका उत्तर पौराणिक कथा में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसके लिए उन्होंने वर्षों तक कठोर तपस्या की। कहा जाता है कि उन्होंने कठिन व्रत रखे, भोजन और जल का त्याग किया और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना की। उनकी अटूट भक्ति, धैर्य और समर्पण से भगवान शिव प्रसन्न हुए और अंततः उन्हें अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी कथा के आधार पर यह विश्वास बना कि जो कन्याएं सच्चे मन से सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, उन्हें भी योग्य जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है। यह व्रत व्यक्ति को धैर्य, संयम, आत्मविश्वास और भक्ति का महत्व सिखाता है। भगवान शिव की उपासना के माध्यम से जीवन में सकारात्मक सोच और मानसिक शांति भी प्राप्त होती है। सावन सोमवार के व्रत की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से होती है। इसके बाद साफ और सात्विक वस्त्र पहनकर भगवान शिव की पूजा की जाती है। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है। कई भक्त पूरे दिन निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं। शाम को भगवान शिव की आरती की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए। लहसुन, प्याज, मांसाहार और नशे जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए। साथ ही मन, वचन और कर्म की पवित्रता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया जाता है। माना जाता है कि श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया व्रत ही शुभ फल देता है।
राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में भोपाल में कांग्रेस का प्रदर्शन, जीतू पटवारी हिरासत में, विधायक धरने पर बैठे

भोपाल। देश की राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेताओं ने विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को जहां पुलिस ने हिरासत में लिया वहीं कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। विधायकों का धरना देर रात तक जारी है। दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के करीब विरोध प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेसजन राजभवन का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पटवारी सहित अन्य नेताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी देर जोर आजमाइश चली आखिरकार पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया। वहीं, दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायकों का विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई बर्बरता के विरोध में प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी और उनके साथ कथित तौर पर की गई अभद्रता भाजपा सरकार की तानाशाही का शर्मनाक चेहरा है। दिल्ली से लेकर मध्यप्रदेश विधानसभा तक हम छात्रों के सम्मान और न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर कांग्रेस विधायक दल के साथ दिया जा रहा है। सत्य की आवाज को न घसीटा जा सकता है, न गिरफ्तार किया जा सकता है। लोकतंत्र की इस लड़ाई में हम पीछे नहीं हटेंगे। नेता प्रतिपक्ष का आरोप है कि भाजपा के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में छात्रों को ‘कॉक्रोच’ कहकर छात्रों के मुद्दे पर चर्चा से इनकार किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस विधायकों को धमकाने पहुंच गए।मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को छात्रों से माफी मांगनी होगी।
मैथ्यू मॉट बने सिडनी सिक्सर्स पुरुष टीम के हेड कोच, जेम्स होप्स की लेंगे जगह

नई दिल्ली। बिग बैश लीग (बीबीएल) की टीम सिडनी सिक्सर्स ने मैथ्यू मॉट को पुरुष टीम का अपना नया हेड कोच नियुक्त किया है। मॉट को दो साल के लिए साइन किया गया है और वह जेम्स होप्स की जगह लेंगे। होप्स को ग्रेग शिपरड के जाने के बाद नियुक्त किया गया था, लेकिन पिछले महीने उन्होंने क्वींसलैंड और ब्रिस्बेन हीट के साथ दोहरी कोचिंग की भूमिका निभाने के लिए यह पद छोड़ दिया था। 52 वर्षीय मैथ्यू मॉट पिछले दो सीजन तक टीम के सहायक कोच रहे थे। पिछली गर्मियों में उन्होंने सिक्सर्स की महिला टीम की भी जिम्मेदारी संभाली और अपनी कोचिंग में टीम को महिला बिग बैश लीग के चैलेंजर मुकाबले तक पहुंचाया। अब सिडनी सिक्सर्स इस सप्ताह के अंत तक महिला टीम के नए मुख्य कोच के नाम की घोषणा करेगा। यह नियुक्ति मैथ्यू मॉट के लंबे और सफल कोचिंग करियर का नया पड़ाव है। 52 वर्षीय मॉट पिछले 20 साल से ज्यादा समय से क्रिकेट कोचिंग से जुड़े हैं। उन्होंने 2022 से 2024 तक इंग्लैंड की पुरुषों की सीमित ओवरों (व्हाइट-बॉल) टीम के मुख्य कोच के रूप में काम किया। उनकी कोचिंग में जोस बटलर की कप्तानी वाली इंग्लैंड टीम ने 2022 का टी20 विश्व कप जीता। इससे पहले, मॉट 2015 से 2022 तक ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम के मुख्य कोच रहे। उनके कार्यकाल में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने दो टी20 विश्व कप, 2022 का वनडे विश्व कप और चार एशेज सीरीज अपने नाम कीं। इसके अलावा, उनकी कोचिंग में ऑस्ट्रेलिया ने लगातार 26 वनडे मैच जीतकर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। मॉट ने कहा कि उन्हें सिडनी सिक्सर्स के साथ अपने लंबे जुड़ाव को एक नई भूमिका में जारी रखने में खुशी है। उन्होंने कहा, “मैं लंबे समय से सिक्सर्स परिवार का हिस्सा रहा हूं, इसलिए बिग बैश लीग में हेड कोच की भूमिका संभालने का मौका मिलना मेरे लिए बहुत उत्साह की बात है। यह एक ऐसा क्लब है जिसका इतिहास शानदार रहा है और यहां जीतने का कल्चर है। मैं उन बुनियादों को और मजबूत करने के लिए उत्सुक हूं जो कई सीजन में तैयार की गई हैं। पुरुषों की टीम के साथ करीब से काम करने के कारण, मैंने इस खिलाड़ियों के ग्रुप में मौजूद टैलेंट और क्षमता को खुद देखा है।” मैथ्यू मॉट ने कहा, “मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं महिला बिग बैश लीग में टीम के मुख्य कोच के रूप में आगे काम नहीं कर पाऊंगा। हालांकि, महिला टीम के साथ बिताया गया समय मेरे लिए बेहद खास रहा। मैं कप्तान एश्ले गार्डनर, सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को महिला बिग बैश लीग के 12वें सीजन के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं।
महाकाल मंदिर में भस्म आरती का अलौकिक दृश्य, दर्शन करने पहुंचे मनोरंजन जगत के दिग्गज

उज्जैन। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर बाबा महाकाल के दरबार में मनोरंजन जगत के सेलेब्स समेत कई श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिला। इस दौरान भक्तों ने मंगलवार देर रात से ही लाइन मे लगकर अपने ईष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शन किए। बुधवार को बाबा महाकाल भी भक्तों को दर्शन देने के लिए सुबह 4 बजे जागे, जिनका आलोकिक श्रृंगार कर भस्म रमाई गई। भक्तो ने इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल के जयकारों से गुंजायमान हो गया। वहीं, बाबा के दर्शन के लिए भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री अक्षरा सिंह, प्रसिद्ध वेब सीरीज ‘रक्तांचल 3’ की स्टारकास्ट अभिनेता क्रांति प्रकाश झा, निकितन धीर और साउथ सिनेमा के अभिनेता चंदन रॉय अपने परिवार के साथ पहुंचे। सभी सेलेब्स भस्म आरती में विशेष रूप से शामिल हुए और शिव भक्ति के पावन सानिध्य का आनंद लिया। साथ ही, मंदिर के नंदी हाल में बैठकर बाबा की भक्ति में लीन नजर आए। अभिनेत्री अक्षरा सिंह अपनी मां के साथ गई थीं। भस्म आरती के अलौकिक दृश्य और शिव की महिमा को देख वे इस कदर भावविभोर हो गईं कि उनकी आंखों से आंसू निकल रहे थे। दर्शन के बाद अभिनेत्री ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि बाबा के दर्शन करने के बाद उन्हें असीम आत्मिक शांति का अनुभव हुआ और यह उनके जीवन के सबसे अद्भुत एवं अविस्मरणीय क्षणों में से एक रहेगा। उन्होंने कहा, “पिछली दो साल से लगातार आ रही हूं और अर्जी लगा रही हूं। इस बार बाबा ने फिर से मुझे बुला लिया।” प्रसिद्ध वेब सीरीज ‘रक्तांचल 3’ की स्टारकास्ट अभिनेता क्रांति प्रकाश झा और निकितन धीर भी बाबा के दरबार में पहुंचे। सीरीज की सफलता और नए सीजन के शुभारंभ से पहले उन्होंने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद अभिनेता क्रांति झा ने आईएएनएस के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा, “सबसे पहले जय श्री महाकाल। आज मैं बहुत भावुक हूं और मेरे पास खुशी को बयां करने के लिए शब्द ही नहीं है। महाकाल की कृपा ही है, जो उनके दर्शन हो जाते हैं। बस एक कमी महसूस हो रही है कि मेरी मां मेरे साथ नहीं हैं। उनकी यहां आने की बहुत इच्छा थी। महाकाल की कृपा रही तो अगली बार मैं उन्हें भी अपने साथ जरूर लेकर आऊंगा। मैं भगवान शिव को प्रणाम करता हूं। प्रशासन और सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतरीन इंतजाम किए हैं, जिससे दर्शन करने आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होती। अच्छी सुविधा के लिए मैं यहां के प्रशासन को धन्यवाद देना चाहूंगा।” वहीं, अभिनेता निकितिन धीर ने कहा, “बाबा महाकाल को सारी इच्छा पहले से ही पता है। मैं यहां सिर्फ उनके दर्शन करने आया हूं, यहां मैंने बस हर पल को दिल से महसूस किया है। यह ऐसा स्थान है, जहां आकर हर श्रद्धालु भावुक हो जाता है। मैं अपने मन के भाव शब्दों के माध्यम से बयां नहीं कर पा रहा हूं। ऐसा मेरा साथ बहुत कम होता है लेकिन आज सच में मैं अपनी भावनाओं को पूरी तरह व्यक्त नहीं कर पा रहा हूं। यहां आकर मुझे एक अलग ही ऊर्जा और गहरा सुकून महसूस हुआ।” अभिनेता चंदन रॉय ने भी दर्शन के बाद आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि यह उनकी उज्जैन की तीसरी यात्रा है। उन्होंने कहा, “महाकाल के दर्शन करते ही मन मुग्ध हो जाता है। यहां की व्यवस्थाएं बेहद सराहनीय हैं। बिना किसी शोरगुल और भीड़भाड़ के बहुत ही व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जाते हैं।” उन्होंने मंदिर प्रशासन और व्यवस्थापकों का आभार जताते हुए कहा कि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ऐसी ही सुलभ व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत-आसियान के बीच गहरे सहयोग का किया आह्वान

मनीला। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत और आसियान (दक्षिण – पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ) के बीच मजबूत सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी देश या क्षेत्रीय समूह अकेले आज की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना नहीं कर सकता। मनीला में ‘भारत के साथ आसियान पोस्ट-मिनिस्टीरियल कॉन्फ्रेंस’ में अपनी शुरुआती बात रखते हुए जयशंकर ने गर्मजोशी से स्वागत के लिए फिलीपींस का धन्यवाद किया और भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में देश के समन्वयक (कंट्री कोऑर्डिनेटर) के तौर पर उसकी भूमिका को सराहा। सम्मेलन की थीम का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, “अध्यक्षता की थीम ‘एक साथ हमारे भविष्य को आगे बढ़ाना’ उस भावना को दर्शाती है जिसे हममें से कई लोग आज महसूस करते हैं। दुनिया बहुत उथल-पुथल भरी है और यह बात तेजी से साफ हो रही है कि कोई भी एक देश या समूह अकेले इससे नहीं निपट सकता।” उन्होंने सदस्य देशों से आगे की ओर देखने और इस बात पर विचार करने का आग्रह किया कि तेजी से बदलते वैश्विक माहौल में बेहतर सहयोग से उनके साझा हितों को कैसे बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकता है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “उतार-चढ़ाव और उथल-पुथल के इस दौर में सप्लाई चेन पर सबसे ज़्यादा दबाव दिख रहा है। ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता। क्योंकि हम सभी समुद्री व्यापार पर बहुत अधिक निर्भर हैं, इसलिए यह भी चिंता का विषय बन सकता है। इस मामले में अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बहुत जरूरी है।” विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि 2026 को ‘आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष’ के तौर पर तय किया गया है। उन्होंने इसे “एक ज़्यादा स्थिर और सुरक्षित भविष्य के लिए हम क्या कर सकते हैं, इसकी समय पर याद दिलाने वाला कदम” बताया। साथ ही विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और आसियान दोनों ही अपने भविष्य को लेकर आशावादी हैं और उन्हें उभरती चुनौतियों का सामना करते हुए अवसरों पर ध्यान देना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा, “चुनौतियों का सामना करते हुए भी हमारी नजरें मौकों पर टिकी होनी चाहिए। ऐसे कई मौके हैं, जो हमारे बीच और हमारे आपसी रिश्तों में मौजूद हैं। आज भारत-आसियान एजेंडा में व्यापार और निवेश, लोगों की आवाजाही और टैलेंट, टेक्नोलॉजी, डिजिटल और हवाई संपर्क, ग्रीन और सस्टेनेबिलिटी, और कनेक्टिविटी जैसे मुद्दे शामिल हैं। सिर्फ गहरे सहयोग से ही हम जोखिम कम कर सकते हैं और विविधता ला सकते हैं।” विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि नई दिल्ली और आसियान ने व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की भलाई और समृद्धि के लिए लगातार मिलकर काम किया है। उन्होंने कहा, “भारत के लिए आसियान की केंद्रीय भूमिका एक अहम सिद्धांत है। इसका एक उदाहरण यह है कि इंडो-पैसिफिक पर आसियान का नजरिया भारत की ‘इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव’ के साथ कैसे मेल खाता है। कई अन्य क्षेत्र और उदाहरण भी हैं जो गतिविधियों, आंकड़ों और नीतियों में झलकते हैं। यह बदलाव का दौर है, भारत और आसियान की कुल आबादी 2 अरब को मिलकर इस दौर से गुजरना होगा ताकि दुनिया सुरक्षित और स्थिर बनी रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने अजित पवार की जयंती पर उनको याद किया

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अजित पवार को उनकी जयंती पर याद करते हुए। समाज के लिए उनकी सेवा और महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय था। समाज के सभी वर्गों में उनका बहुत सम्मान था। राज्य में एनडीए सरकार उनके विजन को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और लोकप्रिय नेता अजितदादा पवार की जयंती पर श्रद्धांजलि। महाराष्ट्र के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में अजितदादा के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।” महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजितदादा पवार, जो अपनी साफगोई, मजबूत लीडरशिप और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते थे, उनकी जयंती पर उन्हें याद करते हैं!” सीएम फडणवीस ने एक और पोस्ट में लिखा, “महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजितदादा पवार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि! उनकी दूर की सोचने वाली, सबको साथ लेकर चलने वाली और लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई लीडरशिप ने महाराष्ट्र के लिए हमेशा रहने वाला योगदान दिया है।” महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “आज, 22 जुलाई, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन की खुशी और साथ ही महायुति के संस्थापक सदस्यों में से एक अजित पवार की दुखद याद लेकर आया है। यह एक आंख में खुशी और दूसरी आंख में आंसू वाला दिन है। अजितदादा की जयंती के मौके पर, मैं उनको नमन करता हूं। दादा की जगह कोई नहीं भर सकता। लेकिन, दादा के काम के रास्ते पर चलते हुए, मैं कामना करता हूं कि डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्राताई को दादा की खुशहाल और समृद्ध महाराष्ट्र बनाने की इच्छा को पूरा करने की शक्ति मिले। एकनाथ शिंदे ने आगे लिखा, “अजित पवार ने कार्यकर्ताओं को मैनेज करने, समय के पाबंद रहने, दिन का हर पल काम में लगाने और साथ ही प्रशासन को कुशल बनाए रखने के कई सबक सिखाए हैं। फाइनेंस मिनिस्टर के तौर पर, उन्होंने बजट के जरिए महायुति के सभी वादे पूरे किए। खेती और किसानों के मुद्दों, कोऑपरेशन में आने वाली दिक्कतों पर उनका ज्ञान तारीफ के काबिल था। हम सबने मिलकर महाराष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक तरक्की का सपना देखा था। लेकिन समय ने अचानक उनको हमसे छीन लिया। दादा के सपनों को पूरा करना ही उन्हें श्रद्धांजलि होगी। दिन आएंगे और जाएंगे, समय का पहिया घूमता रहेगा। दादा की यादों की खुशबू हमेशा रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध टैरिफ की घोषणा की

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दवा प्रोडक्शन को यूनाइटेड स्टेट्स में शिफ्ट करने के लिए चरणबद्ध टैरिफ की घोषणा की है। उन्होंने घोषणा की कि इम्पोर्टेड जेनेरिक दवाएं 1 अगस्त, 2026 से दो साल तक टैरिफ से मुक्त रहेंगी। इसके बाद उन पर 100 प्रतिशत और बाद में 200 प्रतिशत ड्यूटी लगेगी। डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया, “1 अगस्त, 2026 से, अमेरिका में लाई जाने वाली सभी जेनेरिक दवाओं पर दो साल के लिए जीरो परसेंट टैरिफ लागू रहेगा, जिसके बाद एक साल के लिए टैरिफ को बढ़ाकर 100 प्रतिशत और उसके बाद 200 प्रतिशत कर दिया जाएगा।” उनकी इस नीति से अमेरिकता में जेनेरिक दवाएं सप्लाई करने वालों पर बड़ा असर पड़ेगा। ट्रंप के बयान में किसी देश या कंपनी का नाम नहीं लिया गया और न ही इस बारे में कोई जानकारी दी गई कि टैरिफ सिस्टम को कैसे मैनेज किया जाएगा। इसमें यह भी नहीं बताया गया कि दो साल के समय में प्लांट बनाने वाली कंपनियां छूट के लिए क्वालिफाई करेंगी या ज्यादा ड्यूटी लागू होने से पहले उन्हें प्रोडक्शन शुरू करना होगा। ट्रंप ने कहा कि फेज्ड टैरिफ स्ट्रक्चर का मकसद दवा बनाने वालों को अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में इन्वेस्ट करने के लिए बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “यह अमेरिका में जेनेरिक फार्मास्युटिकल प्रोडक्शन को फिर से शुरू करने के लिए किया गया है, जिसमें उन कंपनियों पर पेनल्टी लगाई जाएगी जो उन्हें दिए गए समय के अंदर प्लांट और इक्विपमेंट नहीं बनाने का फैसला करती हैं।” ट्रंप ने कहा, “इस पॉलिसी का मकसद यूनाइटेड स्टेट्स के लोगों की सुरक्षा करना है।” राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से घोषित टाइमलाइन के तहत, जेनेरिक दवा का इंपोर्ट 1 अगस्त के बाद दो साल तक बिना किसी टैरिफ के अमेरिका में आता रहेगा। इसके बाद उन पर एक साल के लिए 100 परसेंट टैरिफ लगेगा, जिसके बाद 200 परसेंट ड्यूटी लगेगी। ट्रंप ने जेनेरिक दवाओं के लिए नए टाइमटेबल को अपने एडमिनिस्ट्रेशन के पेटेंटेड और ब्रांडेड दवाओं के ट्रीटमेंट से अलग बताया। राष्ट्रपति ने घोषणा में उस पॉलिसी के बारे में और जानकारी दिए बिना कहा, “पेटेंटेड, ब्रांडेड, या इनोवेटिव दवाओं पर पॉलिसी, जो इतनी सफल रही है, वैसी ही रहेगी।” उन्होंने कहा कि फार्मास्युटिकल कंपनियां पहले से ही पूरे देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी बढ़ा रही हैं। ट्रंप ने कहा, “पूरे अमेरिका में फार्मास्युटिकल फैसिलिटीज का निर्माण ऐसे लेवल पर किया जा रहा है जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।
सीजेपी प्रदर्शन हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 10 एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने संसद तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़प के सिलसिले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज की हैं। पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि प्रदर्शन के दौरान हुई अलग-अलग घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में ये एफआईआर दर्ज की गई हैं। फिलहाल, मामलों की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, सीजेपी प्रदर्शन से जुड़े मामलों में संसद मार्ग थाने में 4 एफआईआर और सीपी थाने में तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा, मंदिर मार्ग, बाराखंभा रोड और कर्तव्य पथ थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से एक एफआईआर नई दिल्ली क्षेत्र में, जो एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, संसद सत्र के दौरान बिना मंजूरी के ड्रोन उड़ाने से जुड़ी है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरएएफ जवान पर हुए हमले के मामले में भी एफआईआर दर्ज की गई है। वायरल वीडियो में कुछ लोग आरएएफ जवान को पीटते नजर आए। वे आरएएफ की गाड़ी पर पथराव और तोड़फोड़ भी करते दिखे। ये एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई हैं। साथ ही, जांच टीमें उपद्रव के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। बताया गया कि कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए 250 से अधिक वीडियो की जांच की जा रही है। इनमें मोबाइल फोन रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन कैमरे के विजुअल और पुलिस के बॉडी-वर्न कैमरों से ली गई फुटेज शामिल हैं। गौरतलब है कि सोमवार को पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हजारों प्रदर्शनकारियों ने मध्य दिल्ली में संसद तक मार्च किया। जंतर-मंतर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित संसद तक मार्च करने की कोशिश में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स गिरा दिए और सुरक्षाकर्मियों के साथ उनकी झड़प हुई। इस हिंसक प्रदर्शन में दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।