महाराष्ट्र के 265 तालुकों को सीएम फडणवीस ने किया सूखा घोषित, सूखे से निपटने के लिए कई उपायों की घोषणा

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे से प्रभावित किसानों और नागरिकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 358 तालुकों (तहसील) में से 265 में सूखा घोषित किया गया है। जिन 265 तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के मानक पूरे हुए हैं, उन्हें सूखा-प्रभावित घोषित किया गया है। इससे पता चलता है कि राज्य के लगभग 75 प्रतिशत तालुकों में अब सूखे जैसे हालात हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के कई उपायों की घोषणा की है। इसके तहत लैंड रेवेन्यू में छूट, फसल लोन का रीस्ट्रक्चर, खेती से जुड़े लोन की रिकवरी पर रोक, खेती के पंपों के मौजूदा बिजली बिल में छूट (7.5 हॉर्सपावर कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों का बिजली बिल पहले ही माफ है, अब उससे ज़्यादा कैपेसिटी वाले इलेक्ट्रिक पंपों को भी छूट), स्कूल-कॉलेज के छात्रों की परीक्षा शुल्क में छूट, एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, जहां जरूरी होगा वहां पीने के टैंकर पहुंचाए जाएंगे। किसानों के खेती के पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, खेती पर निर्भर किसानों-खेती मजदूरों को अनाज मिलेगा, जानवरों के लिए चारे का इंतजाम, बड़े पैमाने पर पानी बचाने का काम किया जाएगा। पिछले आदेश के मुताबिक, पेयजल और जानवरों के लिए पानी की प्लानिंग जारी रहेगी। सभी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पंचनामा प्रक्रिया तुरंत पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही फसलों की हालत दिखाने वाली तस्वीरें और जीपीएस से डेटा इकट्ठा करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके पहले 24 सितंबर वाशिम दौरे पर पहुंचे देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार जल्द ही प्रभावित इलाकों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए एक सरकारी आदेश (जीआर) जारी करेगी। साथ ही, खेती-किसानी के बढ़ते संकट से जूझ रहे राज्य में उन सभी पात्र किसानों को फसल कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा, जो पिछली योजनाओं में छूट गए थे। सीएम ने गांव में किसानों को संबोधित करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया था कि सरकारी तंत्र ग्रामीण राहत कार्यों को प्राथमिकता देगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि आर्थिक मदद के अलावा, राज्य प्रशासन पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित करने, मवेशियों के लिए चारा बांटने और फसल के नुकसान का आकलन (पंचनामा) तेजी से करने के लिए आपातकालीन उपाय कर रहा है।

रामलीला के मंच पर उतरेगा सितारों का कारवां, सीता बनेंगी मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज़ मेजो

अयोध्या। अयोध्या की विश्वप्रसिद्ध रामलीला इस बार दिल्ली में भव्य मंचन के साथ भगवान श्रीराम की गाथा को नए रंग-रूप में प्रस्तुत करेगी। मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 केजिया लिज़ मेजो इस बार माता सीता की भूमिका निभाती नजर आएंगी, जबकि सांसद और अभिनेता रवि किशन प्रभु श्रीराम का किरदार निभाएंगे। 10 से 20 अक्टूबर तक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर हॉल में होने वाले इस आयोजन में फिल्म और भोजपुरी जगत के कई चर्चित कलाकार भी अलग-अलग पात्रों को जीवंत करेंगे। आयोजकों के मुताबिक, रामलीला को भव्य स्वरूप देने के लिए विशाल सेट, अत्याधुनिक तकनीक और बड़ी एलईडी स्क्रीन का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए मंच पर त्रेतायुग के प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने की तैयारी है। रामलीला के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक ने बताया कि पिछले सात वर्षों से अयोध्या की पावन धरती पर इसका आयोजन किया जा रहा था। आयोजन को देश और विदेश में दर्शकों का व्यापक जुड़ाव मिला है। उनके अनुसार, पिछले वर्ष ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से करीब 62 करोड़ दर्शकों ने रामलीला देखी थी। इस वर्ष के मंचन में राजनीति और मनोरंजन जगत से जुड़े कई चर्चित चेहरे अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे। सांसद और अभिनेता रवि किशन प्रभु श्रीराम की भूमिका निभाएंगे, जबकि सांसद एवं भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी विभिन्न भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अभिनेता अरुण बख्शी रावण, बिंदु दारा सिंह कुंभकरण, अवतार गिल मेघनाद और पुनीत इस्सर परशुराम की भूमिका निभाएंगे। अभिनेता रजा मुराद समेत कई अन्य जाने-माने कलाकार भी रामलीला के महत्वपूर्ण पात्रों को मंच पर जीवंत करेंगे। आयोजक सुभाष मलिक ने कहा कि इस वर्ष भी आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम इस बार दिल्ली आ रहे हैं और दिल्लीवासी इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आयोजन की जिम्मेदारी संस्थापक एवं अध्यक्ष सुभाष मलिक, महासचिव शुभम मलिक और उपाध्यक्ष जतिन मलिक संभाल रहे हैं।

बिहार : किशनगंज में युवती से बदसलूकी का पुराना वीडियो वायरल, एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

किशनगंज। बिहार में युवतियों और महिलाओं से बदसलूकी के वीडियो सामने आने के बीच किशनगंज जिले से भी एक पुराना मामला सामने आया है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र के तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वीडियो में कुछ युवक एक युवती को घेरते और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान की है। इनमें से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। किशनगंज पुलिस के अनुसार, 24 और 25 सितंबर की दरम्यानी रात करीब 12:30 बजे तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन के पास एक युवती के साथ मारपीट और बदसलूकी से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की सूचना पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को मिली थी। पुलिस ने वीडियो का अवलोकन करने के साथ ही तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान घटना में शामिल आरोपियों की पहचान की गई। मामले में युवती के आवेदन के आधार पर दिघलबैंक थाने में कांड संख्या 246/26, दिनांक 25 सितंबर के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी अभियुक्त शहजाद, उम्र 21 वर्ष, पिता शब्बीर, निवासी जागीर दहीभात, थाना दिघलबैंक, जिला किशनगंज को पुलिस टीम ने दिघलबैंक से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उससे घटना के संबंध में आवश्यक पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और अनुसंधान के दौरान सामने आने वाले तथ्यों तथा उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी और दबिश दे रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ आरोपियों के बिहार से बाहर होने की भी जानकारी सामने आई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर भरोसा न करें। पुलिस ने आम लोगों से यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले अपुष्ट वीडियो या सूचनाओं को आगे साझा करने से बचें। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई लगातार की जा रही है।

कांग्रेस-सपा में टकराव बढ़ा, इकरा हसन के बयान पर इमरान बोले- ‘न करें गठबंधन, हम क्या भीख मांग रहे’

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच घमासान है। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सपा सांसद इकरा हसन के बयान ‘बिना गठबंधन कांग्रेस कुछ नहीं पाएगी’ पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन नहीं करना है तो न करें। हम अपने काम पर लगे हुए हैं। सांसद इमरान मसूद ने कहा, “न करें गठबंधन, कौन कह रहा है? हम क्या किसी से भीख मांग रहे हैं? जिसको जो करना है, वह करे। जब बारात चढ़ती है, तो बहुत सारे ढोल बजाने वाले भी होते हैं, नाचने-गाने वाले भी होते हैं। इन नाचने-गाने वालों को नाचने-गाने दीजिए। हम अपने काम पर लगे हुए हैं।” सपा विधायक शिवपाल यादव के बयान पर इमरान ने कहा, “यह उनकी सोच हो सकती है, कांग्रेस अपने काम पर लगी हुई है। शिवपाल यादव जो बात कह रहे हैं, वह पार्टी के अंदर ही अप्रासंगिक हो गए हैं। वह अपने नेता से यह बात अगर वह कहेंगे, तब तो उसके ऊपर कोई मायने होंगे, इसके अलावा कोई मायने नहीं हैं।” कांग्रेस सांसद ने कहा कि बहुत सारे लोग बहुत सारी बातें बोलते रहते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता है। हमारे यहां भी बहुत सारे लोग इधर-उधर की बातें करते रहते हैं, तो जब बारात चढ़ती है ना, बहुत सारे ढोल बजाने वाले आते हैं, तो ढोल बजाने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। इससे पहले, शिवपाल सिंह यादव ने एक बयान में कहा था कि कांग्रेस को वोट नहीं मिलना है। उधर, समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों से ‘इंडिया गठबंधन’ आहत होता है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “कांग्रेस के कुछ नेता जो ऐसे बयान देते हैं, जिससे इंडिया गठबंधन आहत होता है और भारतीय जनता पार्टी को लाभ देने वाले बयान कांग्रेस की ओर से आते रहे हैं। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पार्टी का गठबंधन राहुल गांधी और अखिलेश यादव तय करेंगे, लेकिन जो कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बेतुके बयान आ रहे हैं, यह केवल दबाव बनाने के लिए आते हैं। कांग्रेस यूपी-बिहार में कितना पानी में है, यह जगजाहिर है।

एशियन गेम्स 2026: जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी को ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ा संतोष, सेमीफाइनल में मिली हार

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने स्क्वैश में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हालांकि, भारतीय जोड़ी को सेमीफाइनल में हांगकांग, चीन की जोड़ी ली का यी और तांग मिंग होंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। एक बेहद रोमांचक और करीबी मुकाबले में भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार सेमीफाइनल में 1-2 (10-11, 11-2, 10-11) से हार गई। इस हार के साथ उनका फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। तीसरे और निर्णायक गेम में भारतीय जोड़ी 10-8 से आगे थी और उसके पास मैच जीतने के तीन मौके थे। हालांकि, वे इन मौकों का फायदा नहीं उठा सके। दबाव भरे क्षणों में जोशना का एक शॉट बाहर चला गया, जिससे वे निर्णायक गेम हार गए और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। यह चिनप्पा का छठा एशियन गेम्स मेडल है। इससे पहले यह अनुभवी खिलाड़ी तीन ब्रॉन्ज और दो सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। हालांकि, उनके मेडल कलेक्शन में अभी भी इस कॉन्टिनेंटल इवेंट का गोल्ड मेडल शामिल नहीं हो पाया है। चिनप्पा और सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस की जेमिका अरिबाडो और डेविड पेलिनो को 2-0 (11-3, 11-5) को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और तभी भारत के लिए मेडल पक्का कर लिया था। चिनप्पा सिंगल्स इवेंट का हिस्सा नहीं हैं, क्योंकि भारत ने सिंगल्स कैटेगरी में अनाहत सिंह और तन्वी खन्ना को उतारा है। अनाहत अपने पहले एशियन गेम्स के फाइनल में पहुंचने की कोशिश में हैं। सिंगल्स सेमीफाइनल में उनका मुकाबला जापान की सातोमी वातानाबे से होना है। इससे पहले, शुक्रवार को उन्होंने क्वार्टर फाइनल में तन्वी को हराया था, जो एक ऑल-इंडियन मुकाबला था। शनिवार को पुरुषों के सिंगल्स सेमीफाइनल में भारत के अभय सिंह का मुकाबला पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान से होगा। भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी हांगझोऊ 2023 में शानदार प्रदर्शन के बाद 2026 एशियन गेम्स में उतरे थे, जहां भारत ने स्क्वैश में पांच मेडल जीते थे – जिसमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और दो ब्रॉन्ज शामिल थे। पुरुष स्क्वैश टीम ने गोल्ड मेडल जीता था, जबकि मिक्स्ड डबल्स में भी भारत ने पहला स्थान हासिल किया था। इसके अलावा सौरव घोषाल ने पुरुष सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता था, जबकि महिला टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला था। अनाहत सिंह पिछली बार ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली महिला टीम और मिक्स्ड टीम का हिस्सा थीं। वहीं, जोशना चिनप्पा और तन्वी खन्ना भी महिला टीम इवेंट में भारत की ओर से खेली थीं।

दहेज केस में फरार चल रहे आरोपी को द्वारका पुलिस ने किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली के द्वारका जिले की एंटी-जेल बेल एंड प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर सेल की टीम ने दहेज के एक मामले में ट्रायल से भाग रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेंद्र (33) निवासी रूप नगर, दिल्ली के रूप में हुई है। उसे 4 अक्टूबर 2024 को कोर्ट की एमएस वैशाली सिंह, एलडी जेएमएफसी, साउथ-वेस्ट, द्वारका कोर्ट द्वारा एफआईआर कर थाना मोहन गार्डन के मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था। द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह, आईपीएस के निर्देश पर भगोड़े अपराधियों को पकड़ने पर हमेशा विशेष जोर दिया जाता है। इसी कड़ी में एसीपी ऑपरेशन्स द्वारका सुभाष मलिक की देखरेख में एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर हरीश कुमार कर रहे थे, जिसमें पीओ एंड जेल बेल सेल द्वारका के हेड कांस्टेबल राहुल यादव और कांस्टेबल अशोक शामिल थे। टीम को भगोड़े अपराधियों और सक्रिय बदमाशों को पकड़ने का टास्क दिया गया था। 10 सितंबर 2026 को टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि जितेंद्र, जो दहेज के मामले में ट्रायल से बच रहा था और जिसे द्वारका कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम तुरंत रूप नगर पहुंची। टीम ने जाल बिछाया और मोहन गार्डन, दिल्ली में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहले किसी अन्य मामले में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह ने बताया कि न्याय व्यवस्था में सहयोग के लिए भगोड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

ट्रंप ने ईरान का सात दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव ठुकराया: रिपोर्ट

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को खारिज करते हुए नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद तेहरान पर फिर से बमबारी शुरू करने की बात कही। द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप ने ईरान का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि वह ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि तेहरान उनकी मांगों को पूरा करेगा और वह ईरान के खिलाफ दोबारा बमबारी की संभावना देख रहे हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें नक्शे पर होर्मुज स्‍ट्रेट को ‘ट्रंप स्ट्रेट’ लिखा हुआ एक नक्शा दिखाया गया है। तेहरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और लड़ाई खत्म करने का प्रस्ताव दिया था। मौजूदा लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे। ईरान ने कहा था कि अगर वॉशिंगटन उसकी मांगें मान लेता है, तो प्रस्ताव सात दिनों के भीतर लागू किया जा सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में पत्रकारों से कहा, “ईरान ने कतर के जरिए अमेरिका को सात दिनों की एक ठोस योजना दी है। अगर जरूरी शर्तें पूरी होती हैं, तो स्‍ट्रेट को दोबारा खोला जा सकता है और सात दिनों के अंदर जहाजों की सामान्य आवाजाही बहाल की जा सकती है।” उन्होंने कहा, “अब फैसला अमेरिका को करना है। ईरान दबाव, धमकी या डराने की कोशिशों को स्वीकार नहीं करता और दबाव में अपने संप्रभु अधिकारों को नहीं छोड़ेगा।” अराघची ने कहा क‍ि अगर अमेरिकी पक्ष वास्तव में समझौता करने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने को लेकर गंभीर है, तो मैं आपको बता सकता हूं कि अब हर चीज तैयार है। ईरान ने इससे पहले कहा था कि अगर अमेरिका उसकी कुछ शर्तें मानता है, तो वह होर्मुज स्‍ट्रेट को दोबारा खोल देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत भी सात दिनों के अंदर फिर शुरू कर देगा। ईरान की मांगों में अमेरिकी समुद्री नाकेबंदी हटाना, तेल से जुड़े प्रतिबंधों में छूट देना और ऐसा युद्धविराम लागू करना जिसमें लेबनान भी शामिल हो, जैसी बातें शामिल थीं। ईरानी विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक निजी बैठक में भी इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। अमेरिका और ईरान ने 17 जून को मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए 14 सूत्रीय समझौता किया था। इस समझौते में लेबनान समेत सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की बात शामिल थी। साथ ही दोनों देशों ने 60 दिनों के अंदर किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने की कोशिश करने की प्रतिबद्धता जताई थी। हालांकि, 8 जुलाई को ट्रंप ने कहा कि यह समझौता ‘खत्म हो चुका है।’ इसके करीब एक हफ्ते बाद तेहरान ने भी समझौता ज्ञापन को निलंबित कर दिया। ईरान ने आरोप लगाया कि वॉशिंगटन ने ‘अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है।

दिल्ली: लॉक तोड़कर चुराते थे वाहन, शाहदरा पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा

नई दिल्ली। शाहदरा जिले की गांधी नगर पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की दो होंडा एक्टिवा स्कूटी और एक मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर को गांधी नगर थाने में राजगढ़ कॉलोनी से स्कूटी चोरी होने की ई-एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 8 सितंबर को उनकी स्कूटी चोरी हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी शाहदरा की निगरानी, एसीपी गांधी नगर के मार्गदर्शन और एसएचओ इंस्पेक्टर राज कुमार की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई राहुल, हेड कांस्टेबल अभय पंवार, जितेंद्र, प्रमोद, विजयपाल और कांस्टेबल प्रिंस शामिल थे। जांच के दौरान पुलिस ने दिल्ली पुलिस के कैमरों और आरोपियों के भागने वाले रास्ते पर लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो लोग स्कूटी का लॉक तोड़कर चोरी की गाड़ी के साथ भागते हुए दिखे। तकनीकी विश्लेषण से एक आरोपी के चेहरे की पहचान हुई। लगातार सीसीटीवी एनालिसिस, तकनीकी जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने का पता लगा लिया। पहले आरोपी की पहचान समीर (26 वर्ष) निवासी न्यू बृजपुरी, जगतपुरी, दिल्ली के रूप में हुई। पूछताछ में समीर ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने अपने साथी सोहेल के साथ मिलकर चोरी की थी। समीर की निशानदेही पर दूसरे आरोपी सोहेल (20 वर्ष) निवासी ओल्ड बृजपुरी, खुरेजी खास, जगतपुरी को अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने चोरी के तीन सामान बरामद किए। पहली स्कूटी, जो 18 सितंबर को गांधी नगर थाने के ई-एफआईआर में चोरी हुई थी। दूसरी स्कूटी जो 15 सितंबर को जीटीबी एन्क्लेव थाने के इलाके से चोरी हुई थी। इसके अलावा प्रीत विहार थाना क्षेत्र से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इनकी भूमिका और कितने वाहन चोरी और संपत्ति से जुड़े अपराधों में है और क्या इस गैंग में कोई और सदस्य भी शामिल है।

गाजियाबाद: फैक्ट्री में आग से मोबाइल बैटरी और मोटरसाइकिल के सामान जलकर खाक, ऑक्सीजन प्लांट को बचाया गया

गाजियाबाद। गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक रिसाइक्लिंग फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री के टीन शेड में रखा मोबाइल की बैटरी और सेल, मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान आग की चपेट में आ गया। सूचना मिलते ही फायर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फायर विभाग के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11.15 बजे एमडीटी-1487 के माध्यम से फायर स्टेशन कोतवाली को सूचना मिली कि सिल्वर सिटी मॉल के पीछे, सी-11/3 साउथसाइड जीटी रोड स्थित सीकेसीपीसी रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री में आग लग गई है। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन कोतवाली से एफएसओ के नेतृत्व में तीन फायर टैंकर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। फायर टीम जब मौके पर पहुंची तो फैक्ट्री के टीन शेड में आग तेजी से जलती हुई दिखाई दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री में मोबाइल की बैटरी व सेल, मोटरसाइकिल तथा अन्य रिसाइक्लिंग सामग्री रखी हुई थी। इन सामानों में आग लगने के कारण लपटें तेजी से फैल रही थीं। आग की स्थिति को देखते हुए फायर यूनिट ने बिना समय गंवाए तत्काल बचाव और अग्निशमन अभियान शुरू किया। फायर कर्मियों ने एमएफई से होज पाइप फैलाकर आग पर पानी की बौछार शुरू की। आग लगातार फैल रही थी, इसलिए उसे नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल फोम का भी इस्तेमाल किया गया। फायर कर्मियों की टीम ने कई दिशाओं से आग पर पानी और फोम डालकर आग की लपटों को नियंत्रित किया। लगातार प्रयास के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। सीएफओ सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि फायर विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती फैक्ट्री के पीछे की ओर बने ऑक्सीजन प्लांट को सुरक्षित रखना था। आग अगर ऑक्सीजन प्लांट तक पहुंचती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। फायर यूनिट ने सावधानी बरतते हुए आग को प्लांट की ओर बढ़ने से रोका और ऑक्सीजन प्लांट को सुरक्षित बचा लिया। फायर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सीएफओ भी घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया। फायर यूनिट ने एफएसओ के नेतृत्व में अभियान चलाते हुए आग को पूरी तरह बुझाया। फायर विभाग के अनुसार, घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारण फैक्ट्री में रखी सामग्री को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। आग किस वजह से लगी, इसका तत्काल स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। फायर विभाग और संबंधित अधिकारी घटना के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं।

चेन्नई में पालतू जानवर को सार्वजनिक जगह पर छोड़ने पर लगेगा 25,000 रुपये का जुर्माना

चेन्नई। अगर आपने पालतू कुत्ते या बिल्ली का लाइसेंस लिया है और फिर उसे सड़क या किसी सार्वजनिक जगह पर छोड़ दिया, तो अब आपको 25,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा। दरअसल, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने यह नया नियम लागू किया है। नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लोग अपने पालतू जानवरों को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी सड़कों पर छोड़ देते हैं। इसी को रोकने के लिए जुर्माने का प्रावधान लाया गया है। कॉर्पोरेशन हर लाइसेंस वाले जानवर को उसके मालिक से जोड़ने के लिए माइक्रोचिप का इस्तेमाल कर रहा है। इस चिप में मालिक का नाम, पता और जानवर के एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन की जानकारी होती है। अगर कोई पालतू जानवर सड़क पर लावारिस मिलता है तो माइक्रोचिप के जरिए उसके मालिक का पता लगाया जा सकेगा। यह रिकॉर्ड यह सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा कि पालतू जानवरों को हर साल वैक्सीन लग रही है या नहीं। शहर की सीमा में रहने वाले पालतू जानवरों के मालिकों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। यह नियम अर्बन लोकल बॉडीज एक्ट, 1998 की धारा 292 और 2023 में बने नियमों के तहत लागू है। आवेदन ऑनलाइन किया जा सकता है। पालतू जानवरों के लिए माइक्रोचिप लगवाना जरूरी है। जीसीसी ने अपनी ऑनलाइन पेट लाइसेंसिंग सिस्टम पिछले साल अक्टूबर में शुरू की थी। इस साल जुलाई तक कॉर्पोरेशन 78,232 पालतू जानवरों के मालिकों को लाइसेंस जारी कर चुका है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद ही कॉर्पोरेशन ने जुर्माने का फैसला लिया है। 25,000 रुपये का जुर्माना उन मालिकों पर लागू होगा जो अपने लाइसेंस वाले कुत्तों या बिल्लियों को सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर छोड़ेंगे। रजिस्ट्रेशन और माइक्रोचिप का मतलब है कि लाइसेंस मिलने के बाद भी जानवर की पहचान बनी रहती है और रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड के जरिए मालिक को ट्रेस किया जा सकता है।