ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए ममता बनर्जी ने की विपक्षी एकता की पहल : सौगत रॉय

कोलकाता। चुनाव आयोग (ईसीआई) से जुड़े विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों को एकजुट करने की कवायद तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रे सांसद सौगत रॉय ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्षी एकता कायम करने की पहल ममता बनर्जी ने की है। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 30 सितंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें कई विपक्षी दलों के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जो दल इस बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे, वे बाद में इस मुहिम से जुड़ सकते हैं। विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत और एकजुटता की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने पर भी सौगत रॉय ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अच्छी खबर बताते हुए कहा कि उम्मीदवार का नाम घोषित होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। रॉय ने कहा कि मिलन प्रधान को कई बार अदालत के चक्कर लगाने पड़े और आखिरकार उन्हें राहत मिली। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरिम जमानत के बाद मिलन प्रधान कम से कम सात दिनों तक चुनाव प्रचार कर सकेंगे। एसआईआर को लेकर सौगत रॉय ने कहा कि इस मामले में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर कराने में गलती की थी और उनके ही दो चुनाव आयुक्तों ने इस संबंध में सवाल उठाए थे साथ ही देशभर में विरोध और चर्चा हो रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पश्चिम बंगाल दौरे पर सौगत रॉय ने कहा कि वह पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ परिचय बढ़ाने के लिए राज्य का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नितिन नवीन नए और युवा अध्यक्ष हैं और उन्होंने कई बैठकें की हैं। रॉय ने कहा कि इससे राजनीतिक स्थिति पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा, भाजपा को आरएसएस चलाती है। ममता बनर्जी को लेकर नितिन नवीन की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी ने मतदाता सूची और एसआईआर से जुड़ा मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। मतदाता सूची से करीब 90 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं और देशभर में लोग इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। ईडी गठबंधन की आगामी बैठक को लेकर सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी बैठक में शामिल होंगी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी इसमें हिस्सा लेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक सकारात्मक और महत्वपूर्ण होगी तथा इसमें विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
वर्धा पुलिस का बड़ा एक्शन: महुआ शराब माफिया पर शिकंजा, 6.60 लाख का माल जब्त

वर्धा। वर्धा जिले में अवैध देशी शराब बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल ने स्थानीय अपराध शाखा को दिए थे। इसी के तहत स्थानीय अपराध शाखा की टीम ने अवैध महुआ शराब निर्माण करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान 29 सितंबर 2026 को सेलू पुलिस थाना क्षेत्र के गोहदा गांव के श्मशानभूमि के पास बोरी नदी के पात्र में अवैध रूप से महुआ शराब का निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके से 3,200 लीटर मोहा सड़वा रसायन एवं ड्रम सहित कुल 6 लाख 60 हजार रुपए का मुद्देमाल जब्त किया। जब्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। इस मामले में अवैध देशी महुआ शराब का निर्माण करने वाले आनंद राय एवं आशीष राय, निवासी हिंगणी के खिलाफ सेलू पुलिस थाने में दारूबंदी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सौरभ कुमार अग्रवाल एवं अपर पुलिस अधीक्षक सदाशिव वाघमारे के निर्देश पर स्थानीय अपराध शाखा, जिला वर्धा के पुलिस निरीक्षक विनोद चौधरी के नेतृत्व में पुलिस अंमलदार अरविंद येनुरकर, रवि पुरोहित एवं सागर भोसले ने की।
तीन दिन में 1003 बसों की चेकिंग, 67 के चालान, इमरजेंसी एग्जिट, सीसीटीवी, फायर सेफ्टी उपकरण और ब्लैक फिल्म की हुई जांच ग्रेटर

नोएडा। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और यातायात नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की यातायात पुलिस ने बसों के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त यातायात के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में बसों की जांच की गई। नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। यातायात पुलिस के मुताबिक, 27 सितंबर से 29 सितंबर तक चले विशेष अभियान के दौरान कुल 1003 बसों की सघन चेकिंग की गई। जांच के दौरान यातायात नियमों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 67 बसों के चालान किए गए। यातायात पुलिस ने इस अभियान के तहत केवल कागजात और सामान्य यातायात नियमों की जांच तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण इंतजामों को भी परखा। अभियान के दौरान बस चालकों का ड्रंक एंड ड्राइव परीक्षण किया गया। इसके साथ ही बसों में मौजूद आपातकालीन द्वार (इमरजेंसी एग्जिट), सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, पर्दे अथवा ब्लैक फिल्म तथा फायर सेफ्टी उपकरणों की गहन जांच की गई। पुलिस ने यह भी देखा कि किसी बस में यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से कोई ऐसी कमी तो नहीं है, जिससे आपातकालीन स्थिति में परेशानी उत्पन्न हो सकती है। जांच के दौरान जिन बसों में सुरक्षा संबंधी कमियां अथवा यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ नियमानुसार प्रवर्तन कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने बस चालकों और परिचालकों को नियमों के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने, यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने और आपातकालीन परिस्थितियों में उपलब्ध सुरक्षा उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने बस संचालकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए भी सचेत किया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में सुरक्षा व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है, क्योंकि इन वाहनों में एक साथ बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। किसी भी आपात स्थिति में इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा संसाधन यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यातायात पुलिस के मुताबिक, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन कराने के लिए भविष्य में भी इस तरह के विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
पिछली बार हम गोल्ड चूके थे, इसकी बहुत चाहत थी: एमआर पूवम्मा

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में तिरंगा लहराने के बाद एमआर पूवम्मा ने बताया कि पिछली एशियन गेम्स में महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में बहुत कम अंतर से गोल्ड मेडल चूकने की टीस टीम के मन में थी। भारत के लिए दूसरी लेग दौड़ने वाली 36 वर्षीय पूवम्मा ने कहा कि टीम पिछली बार की निराशा को गोल्ड मेडल में बदलने और जीत के बाद राष्ट्रगान सुनने के पल का आनंद लेने के लिए दृढ़ संकल्पित थी। गोल्ड जीतने के बाद पूवम्मा ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि हमें इस गोल्ड मेडल की बहुत चाहत थी। महिलाओं की 4×400 मीटर टीम भी इसे बहुत चाहती थी क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में हम बहुत कम अंतर से इसे चूक गए थे। हम उस बात को ध्यान में रखना चाहते थे, इसलिए हमने गोल्ड मेडल जीता। हमने राष्ट्रगान सुना और हम सभी को बहुत गर्व है।” किरण पहल, पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज ने 3:29.69 का समय लेकर महिलाओं की 4×400 मीटर रिले जीती। बहरीन (3:30.21) और चीन (3:31.02) ने क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। यह जीत एशियन गेम्स में महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में भारत का पहला गोल्ड मेडल था और इसने पिछले खेलों में जीते गए सिल्वर मेडल से बेहतर प्रदर्शन किया। भारतीय एथलेटिक्स की अनुभवी खिलाड़ी पूवम्मा ने युवा पीढ़ी के लिए भी एक संदेश दिया और उनसे चोटों, असफलताओं या उम्र की परवाह किए बिना प्रतिबद्ध रहने का आग्रह करते हुए कहा, “मैं बस उनसे यही कहना चाहती हूं कि चाहे कुछ भी हो, कड़ी मेहनत करते रहें। उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है; यह कोई बाधा नहीं है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कड़ी मेहनत करते रहें; यही मायने रखता है। चाहे चोटें हों या कुछ और, अगर आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, तब भी कड़ी मेहनत करते रहें और आगे बढ़ते रहें। निश्चित रूप से, कड़ी मेहनत का फल जरूर मिलता है।” इस अनुभवी एथलीट ने खेलो इंडिया प्रोग्राम, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफआई) और सरकार से भारतीय एथलीट्स को मिले सहयोग को भी माना। उन्होंने कहा, “उन्होंने बहुत अच्छा सहयोग दिया है। खेलो इंडिया, साई और एएफआई; इनसे मिला सहयोग बहुत अहम रहा है। हमारा पोलैंड में एक ट्रेनिंग कैंप था, जो बहुत फायदेमंद रहा, फिर चेक रिपब्लिक में और टोक्यो में भी हमारा एक हफ्ते का कैंप था। सब कुछ बहुत मददगार रहा और यही मायने रखता है। हमने गोल्ड मेडल जीता है।” पूवम्मा ने बताया कि जीत के बाद उन्होंने अपने परिवार से बात की और अब वह घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा, “मैंने अपने माता-पिता, पति और भाई से बात की, सब बहुत खुश हैं। अभी मैंने कोई योजना नहीं बनाई है। मैं बस घर पहुंचकर अपने बच्चे से मिलना चाहती हूं। छह-सात महीने हो गए हैं। मेरी एक भतीजी है और मैं उससे मिलने के लिए बहुत बेताब हूं, इसलिए मैं उससे मिलने का इंतजार कर रही हूं।” पूवम्मा ने यह मेडल अपने परिवार और उन सभी लोगों को समर्पित करते हुए कहा, “हमेशा अपने देश के लिए, लेकिन खासतौर पर अपने माता-पिता, पति, एफआई, साई, सरकार और उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने मेरा साथ दिया।
महाराष्ट्र के बुलढाणा में एफडीए की कार्रवाई, 3.51 करोड़ रुपए का रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त

बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव में त्योहारी मौसम के बीच अन्न एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक खाद्य प्रतिष्ठान से करीब 3.51 करोड़ रुपए मूल्य का रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया है। विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और तेल की गुणवत्ता पर संदेह के आधार पर यह कार्रवाई की। एफडीए के बुलढाणा विभाग ने 28 सितंबर को खामगांव एमआईडीसी स्थित मैसर्स एएम ओएल्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में छापेमारी की। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में बड़ी मात्रा में खुला रिफाइंड सोयाबीन तेल भंडारित पाया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान वैध खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य व्यवसाय का संचालन कर रहा था। साथ ही, तेल की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया गया, जिसके चलते कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने तेल के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए। वहीं, करीब 2,48,845.4 किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल, जिसकी अनुमानित कीमत 3,50,87,201.40 रुपए है, जब्त कर लिया गया। एफडीए ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और संबंधित नियमों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर विभाग सख्त रुख अपनाए हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने या घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण एवं बिक्री में शामिल प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इससे पहले, 22 सितंबर को खाद्य एवं औषधि प्रशासन की गहन कार्रवाई के तहत लगभग 30.82 लाख रुपए मूल्य का संदिग्ध, मिलावटी, गलत लेबल वाला और घटिया घी, खोवा, पेड़ा, गुड़, तेल, चाय पाउडर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ जब्त किए गए थे।
पंजाब: अमृतसर में हथियार-नशा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए चल रहे अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए गैर-कानूनी हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने उनके पास से 10.030 किलो हेरोइन, दो अत्याधुनिक असॉल्ट राइफलें (जिनमें एक एके-47 और एक एके-56 शामिल हैं) और साथ ही तीन मैगजीन और 10 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार लोगों की पहचान संदीप सिंह (32) और उनकी पत्नी कमलजीत कौर (31) के रूप में हुई है। यह दोनों अमृतसर ग्रामीण के गांव बरार के निवासी हैं। वहीं, तीसरे आरोपी की पहचान कमलजीत के भाई बिक्रमजीत सिंह (23) के रूप में हुई है, जो अमृतसर ग्रामीण के गांव गुमानपुरा का निवासी है। आरोपी संदीप सिंह एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि से जुड़े चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े थे और राज्य में आगे सप्लाई के लिए गैर-कानूनी हथियार और नशीले पदार्थ हासिल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने और पूरे पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बॉर्डर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आईजीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि खास खुफिया जानकारी मिलने पर तेजी से कार्रवाई करते हुए घरिंडा पुलिस स्टेशन की टीमों ने एक टारगेटेड ऑपरेशन चलाया और तीनों को प्रतिबंधित सामान और हमले वाले हथियारों के साथ पकड़ लिया। आईजीपी गुरप्रीत भुल्लर ने बताया कि शुरुआती जांच में एक अनोखा तरीका सामने आया है, जिसमें आरोपियों ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की बाड़ से सिर्फ 500 मीटर दूर मोधे गांव में अमरूद के बाग के लिए लगभग एक एकड़ जमीन लीज पर ली थी। उन्होंने कहा कि आरोपी बॉर्डर के पास बने इस बाग का इस्तेमाल बॉर्डर पार से ड्रोन के जरिए गिराए गए ड्रग्स और हथियारों की खेप को लेने और ठिकाने लगाने के लिए कर रहे थे। अमृतसर ग्रामीण के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि आरोपी संदीप और उनकी पत्नी कमलजीत कौर मिलकर बॉर्डर पार से तस्करी का काम संभाल रहे थे, जबकि उनका भाई बिक्रमजीत सिंह खेप को लेने, लाने-ले जाने और पहुंचाने में कूरियर के तौर पर मदद करता था। इस मामले में अमृतसर ग्रामीण के घरिंडा पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 23 और 29 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पीजी और घरों से मोबाइल-लैपटॉप चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, एक गिरफ्तार और चार नाबालिग पकड़े गए

नोएडा। नोएडा के थाना सेक्टर-63 नोएडा पुलिस ने पीजी और घरों में रहने वाले लोगों के मोबाइल फोन व लैपटॉप चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि चार नाबालिग को भी संरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की मोटरसाइकिल, एप्पल मैकबुक प्रो लैपटॉप, अलग-अलग कंपनियों के 10 मोबाइल फोन और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को थाना सेक्टर-63 पुलिस टीम को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के माध्यम से गिरोह के संबंध में जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने छिजारसी बारातघर के पास घेराबंदी कर कार्रवाई की। मौके से रोहित उर्फ छंगा पुत्र मंगल सिंह को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथ मौजूद चार नाबालिग आरोपियों को पुलिस ने संरक्षण में लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक चोरी की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, एक चोरी का एप्पल मैकबुक प्रो लैपटॉप, अलग-अलग कंपनियों के 10 मोबाइल फोन तथा आरोपी रोहित के कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद किया है। बरामद मोटरसाइकिल के संबंध में थाना सेक्टर-49 नोएडा में मामला दर्ज है। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी पहले किराये के मकानों और पीजी में रहने वाले लोगों की रैकी करते थे। इसके बाद मौका देखकर उनके कमरों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए सामान को आरोपी कम कीमत में राह चलते लोगों को अपनी मजबूरी बताकर बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चोरी की वारदातों के लिए ऐसे स्थानों को निशाना बनाते थे जहां किराये पर रहने वाले लोगों की संख्या अधिक हो। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से बरामद मोटरसाइकिल थाना सेक्टर-49 क्षेत्र से चोरी की गई थी। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के संबंध में भी पुलिस द्वारा जांच की जा रही है, ताकि इनके वास्तविक मालिकों की पहचान कर चोरी की अन्य घटनाओं से इनके संबंध का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित उर्फ छंगा, पुत्र मंगल सिंह, निवासी ग्राम पूरनपुर, थाना शाहवर, जिला कासगंज के रूप में हुई है। वर्तमान में वह छिजारसी कॉलोनी, थाना सेक्टर-63, गौतमबुद्धनगर में रह रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी की उम्र करीब 20 वर्ष है। पुलिस के मुताबिक रोहित के खिलाफ थाना सेक्टर-63 और थाना सेक्टर-49 में चोरी, अवैध हथियार और आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले दर्ज हैं। इसी तरह थाना सेक्टर-63 में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम और आयुध अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी किए गए सामान की बिक्री के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। बरामद 10 मोबाइल फोन और एप्पल मैकबुक प्रो के संबंध में पुलिस रिकॉर्ड और पूर्व में दर्ज चोरी की घटनाओं से मिलान किया जा रहा है।
दिल्ली: चलती बस में नाबालिग से गैंगरेप मामले में तीस हजारी कोर्ट ने चार्जशीट पर लिया संज्ञान

नई दिल्ली। चलती बस में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। यह मामला कश्मीरी गेट मेट्रो थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग पीड़िता ग्रेटर नोएडा से बस में सवार हुई थी। आरोप है कि मैनपुरी से दिल्ली आ रही बस में चालक और परिचालक ने उसके साथ गैंगरेप किया। इसके बाद पीड़िता को दिल्ली के आईएसबीटी कश्मीरी गेट के पास बस से बाहर फेंक दिया गया। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने बस चालक कुलदीप और परिचालक संदीप के खिलाफ करीब 400 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी ने चार्जशीट में 50 सरकारी गवाहों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट को भी शामिल किया है। अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए मामले में आगे की सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अदालत में अब मामले की सुनवाई के दौरान आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। दरअसल, यह घटना 4 अगस्त को परी चौक के पास हुई थी। पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि दोनों आरोपियों ने उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली है। पुलिस ने बताया कि पढ़ाई को लेकर मां की डांट के बाद वह परिवार को बिना बताए घर से निकल गई थी। वह नोएडा के सेक्टर 63 जा रही थी, जहां उसका चचेरा भाई रहता है। इसी बीच नाबालिग के साथ गैंगरेप हुआ था।
‘हनुमान अंश’ की टीम ने छात्रों से की खास बातचीत, फिल्म निर्माण से लेकर आध्यात्मिक अनुभवों तक पर हुई चर्चा

नोएडा। नोएडा के महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कैंपस में फिल्म ‘हनुमान अंश’ की टीम के साथ छात्रों के लिए विशेष इंटरैक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फिल्म के निर्देशक और लेखक डॉ. विशाल चतुर्वेदी तथा लीड एक्टर शोभिनाव सत्या ने विद्यार्थियों के साथ फिल्म निर्माण, शूटिंग के अनुभव, अभिनय की तैयारी और आध्यात्मिक विषय पर काम करने की चुनौतियों को साझा किया। इस दौरान छात्रों को फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘द जर्नी बिहाइंड हनुमान अंश’ विषय पर आयोजित पैनल डिस्कशन रहा। इसमें फिल्म के डायरेक्टर और राइटर डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों के साथ अपनी फिल्मी यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने मेडिकल क्षेत्र से फिल्म निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया और इसके बाद ‘हनुमान अंश’ की कहानी तथा फिल्म को आकार दिया। उन्होंने आध्यात्मिक विषय पर फिल्म बनाने की जिम्मेदारी, रचनात्मक प्रक्रिया और शूटिंग के दौरान सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। फिल्म के लीड एक्टर शोभिनाव सत्या ने भी विद्यार्थियों के साथ अपने अभिनय अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि फिल्म में भगवान हनुमानजी से जुड़े किरदारों और दृश्यों को निभाते समय उन्हें भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का अनुभव हुआ। उन्होंने अभिनय की तैयारी, किरदार को समझने की प्रक्रिया और शूटिंग के दौरान सामने आए कई अनुभवों के बारे में छात्रों को जानकारी दी। पैनल चर्चा में फिल्म निर्माण के तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं पर भी बातचीत हुई। फिल्म टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि एक सफल फिल्म के लिए केवल कैमरे के सामने अच्छा प्रदर्शन करना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए कलाकारों और पूरी टीम की तैयारी, अनुशासन, टीमवर्क, भावनाओं को समझने की क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार सही समय पर निर्णय लेना भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके बाद छात्रों के लिए विशेष प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने एक्टिंग, डायरेक्शन, फिल्म इंडस्ट्री में करियर की संभावनाओं, आध्यात्मिक विषयों पर फिल्म बनाने की प्रक्रिया और मनोरंजन जगत की चुनौतियों से जुड़े कई सवाल पूछे। फिल्म की टीम ने अपने अनुभवों के आधार पर छात्रों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें फिल्म निर्माण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान फिल्म की टीम की ओर से बताया गया कि ‘हनुमान अंश’ ने 52 दिनों में दुनिया भर में 400 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार किया है। वहीं फिल्म का गीत ‘पार्वती’ भी यूट्यूब के ग्लोबल चार्ट में प्रमुख गीतों में शामिल रहा है। इस अवसर पर राजीव अरोड़ा, मुख्य वित्त अधिकारी वरुण श्रीवास्तव, डीन एकेडमिक्स, डिप्टी रजिस्ट्रार, सीनियर एडमिन ऑफिसर समेत विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम ने छात्रों को फिल्म इंडस्ट्री और फिल्म निर्माण की वास्तविक प्रक्रिया को समझने का अवसर दिया। साथ ही भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों, रचनात्मकता और मनोरंजन जगत में करियर की संभावनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विद्यार्थियों को जानकारी मिली। ‘हनुमान अंश’ की टीम के साथ यह संवाद छात्रों के लिए फिल्म निर्माण के अनुभवों को सीधे कलाकारों और निर्माता टीम के नजरिए से जानने का उपयोगी अवसर साबित हुआ।
मध्य प्रदेश: कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर तक होगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर के बीच होगा। इस आयोजन में होने वाले कार्यक्रमों को केंद्रीय समिति ने अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 68वें कालिदास समारोह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों से प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठ गीतकारों, साहित्यकारों जैसे कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी की स्मृतियों पर आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। नाट्य विधा से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों, निर्देशकों को कला प्रदर्शन के अधिकाधिक अवसर मिलें।अखिल भारतीय कालिदास समारोह की गतिविधियों से युवाओं को भी प्राथमिकता पूर्वक जोड़ा जाए। सीएम यादव कालिदास समारोह की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कहा कि कालिदास समारोह एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसमें राज्य की प्रतिभाओं को अवसर मिलें और वे विभिन्न ऑनलाइन और ऑफ लाइन कला स्पर्धाओं से भी जुड़ें, ऐसी व्यवस्था की जाए। एकात्मधाम ओंकारेश्वर भी समारोह से जुड़े और संगीत विद्यालयों, विश्वविद्यालयों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री यादव ने सात दिवसीय समारोह के लिए बनाई गई कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के प्रतिनिधि भी समारोह की शोभा बढ़ाएं। पुलिस बैंड की प्रस्तुति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि समारोह में पूर्व रंग के अंतर्गत 20 नवंबर को मंगल कलश यात्रा और नांदी सांस्कृतिक प्रस्तुति रहेगी। समारोह के शुभारंभ के दिवस पर 21 नवंबर को अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। इसके लिए शास्त्रीय वादन से जुड़े प्रख्यात कलाकार आमंत्रित किए गए हैं। समारोह में 22 नवम्बर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, पंडित सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, 23 नवंबर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान, 24 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर स्मृति व्याख्यान और संस्कृत नाटकों का मंचन, 25 नवम्बर को संस्कृत कवि समवाय: और हिंदी नाटक की प्रस्तुति, 26 नवंबर को संत समागम और 27 नवंबर को समापन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम होंगे।