एशियन गेम्स 2026 में उत्तर रेलवे के 8 खिलाड़ी करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली। भारतीय रेल को देश की जीवनरेखा कहा जाता है। परिवहन के साथ-साथ देश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने में भी भारतीय रेल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। इसी गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए उत्तर रेलवे के लिए यह हर्ष और गर्व का विषय है कि उसके 8 प्रतिभाशाली खिलाड़ी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीमों का प्रतिनिधित्व करेंगे। रेलवे के मुताबिक चयनित खिलाड़ी कबड्डी,जयदीप दहिया,आशु मलिक, पूजा काजला, हॉकी,यशदीप सिवाच (पुरुष) नेहा, शिल्पी डबास, साक्षी राणा (महिला) मुक्केबाजी,प्रिया धनघस। उत्तर रेलवे में खेलों की इस निरंतर प्रगति के पीछे खिलाडिय़ों की कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और उत्तर रेलवे खेलकूद संघ के पदाधिकारियों का सहयोग है। उत्तर रेलवे खेलकूद संघ के अध्यक्ष राजीव कुमार तथा अवैतनिक महासचिव एवं सीएसटीई/प्रोजेक्ट वाई.एस.गुलेरिया द्वारा खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयास उत्तर रेलवे की खेल उपलब्धियों को नई गति प्रदान कर रहे हैं।
पीएम मोदी के विजन के तहत हाई-डेंसिटी रूट्स को फोर-लेन करने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी:वैष्णव

नई दिल्ली। रेल सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के 7 हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को फोर-लेन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। करीब 11,000 किलोमीटर में फैले ये 7 हाई-डेंसिटी रूट्स देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 प्रतिशत संभालते हैं, जबकि ये पूरे रेल नेटवर्क का केवल 16 प्रतिशत हैं। इन प्रमुख 7 हाई.डेंसिटी रूट्स में शामिल हैं। दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, मुंबई-दिल्ली, दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-हावड़ा, दिल्ली-गुवाहाटी। अश्विनी वैष्णव रेल सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत इन हाई-डेंसिटी रूट्स को फोर-लेन करने से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और बढ़ते यात्री एवं माल परिवहन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। इस विस्तार से व्यस्त रेल मार्गों पर अतिरिक्त क्षमता विकसित होगी, परिवहन लागत कम करने में मदद मिलेगी तथा पर्यावरण के अनुकूल और अधिक कुशल रेल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर: पुंछ सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत की आशंका, 5 घायल

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके में बुधवार को हुए सड़क हादसे में छह लोगों की मौत की आशंका है और पांच अन्य घायल हो गए हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पुंछ में एक दुखद सड़क हादसे में लोगों की जान जाने से बहुत दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं। जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि प्रभावित लोगों को तुरंत मदद दी जाए। राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ सिविल और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, जबकि स्थानीय लोग भी इस काम में शामिल हुए। अधिकारियों के अनुसार, हादसा सुरनकोट के शिएंद्रा इलाके के पास हुआ। छह लोगों की मौत की आशंका है, जबकि पांच अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हादसे की वजह और इसमें शामिल लोगों की पहचान के बारे में और जानकारी का इंतजार है। पुंछ, राजौरी, डोडा, किश्तवाड़, रामबन, रियासी और उधमपुर जैसे पहाड़ी जिले जानलेवा सड़क हादसों के लिए जाने जाते हैं। विशेषज्ञ इन घटनाओं के लिए खराब सड़कों, तेजी और लापरवाही से गाड़ी चलाने, तेज रफ्तार, ओवर-लोडिंग और रोड रेज को जिम्मेदार मानते हैं। ट्रैफिक अधिकारियों ने अनुशासन बनाए रखने के लिए इन जिलों में विशेष चेकिंग स्क्वाड तैनात किए हैं। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) जम्मू-कश्मीर में अखबारों के जरिए ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर मिलने वाली सजाओं के बारे में चेतावनी जारी कर रहे हैं। इनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करना, और नाबालिगों के गाड़ी चलाते पाए जाने पर माता-पिता पर जुर्माना लगाना शामिल है। पेट्रोल स्टेशनों को सलाह दी गई है कि वे बिना हेलमेट वाले दो-पहिया वाहन चालकों को फ्यूल न दें। एक और बड़ी समस्या युवाओं द्वारा स्टंट ड्राइविंग है; अधिकारी इसमें शामिल वाहनों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द कर रहे हैं और ट्रैफिक कंट्रोल रूम में माता-पिता की काउंसलिंग कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल: रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे के बीच शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच शुरू

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर के बेल्डा के रानीसराई इलाके में बुधवार को रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे के बीच एक रहस्यमयी शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोगों को शक है कि शायद हत्या करके शव को यहां फेंक दिया गया है। शव की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस और बेल्डा पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जिस जगह शव मिला था, उसे चिह्नित कर घेर लिया गया है। खड़गपुर के एसडीपीओ आईपीएस सिद्धार्थ सिंह डांगी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा पूरी घटना की जांच चल रही है। हालांकि, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस पहचान पता लगाने की कोशिश कर रही है। वहीं, फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर सैंपल इकट्ठा किए। घायल हालत में मिले शव वाली जगह पर पुलिस डॉग और फोरेंसिक टीम के साथ शव की जांच और स्थानीय लोगों से बातचीत करने में जुटी है। बता दें कि बुधवार को हत्या की इसी प्रकार की दूसरी घटना झारखंड के हजारीबाग जिले से सामने आई, जहां पारिवारिक विवाद के दौरान एक शख्स ने अपने ही छह माह के मासूम बेटे की फर्श पर पटककर हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटकमसांडी थाना क्षेत्र के लुपुंग गांव में एक परिवार में सास और बहू के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हो रहा था। इसी दौरान आरोपी आकाश कुमार वहां पहुंचा। सास-बहू के झगड़े से उग्र होकर आकाश ने कमरे में सो रहे अपने छह महीने के बेटे अंश कुमार को उठा लिया और घर के पीछे बने कुएं के पास ढलाई वाले पक्के फर्श पर पटक दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से मासूम लहूलुहान हो गया। आरोप है कि घटना के बाद बच्चे की मां निराली कुमारी ने अपने पति से बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन आरोपी ने इलाज कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद मां खुद बच्चे को लेकर हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया। हालांकि, रांची ले जाने के क्रम में रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दी।
द ग्रेट खली: बचपन में की मजदूरी, जूते खरीदने तक के नहीं थे पैसे, डब्ल्यूडब्ल्यूई वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बनकर रचा इतिहास

नई दिल्ली। द ग्रेट खली के नाम से विश्व भर में मशहूर दलीप सिंह राणा किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। सात फीट और एक इंच लंबे खली ने अपने विशाल कद-काठी के दम पर डब्ल्यूडब्ल्यूई में खास पहचान बनाई। वह वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन बनने वाले पहले भारतीय बने। 27 अगस्त, 1972 को हिमाचल प्रदेश में जन्मे खली का बचपन काफी गरीबी में बीता। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने के लिए वह बचपन से ही मजदूरी करने लगे। हालांकि, खली आम बच्चों की तरह नहीं थे। उनका शरीर शुरुआत से ही बेहद विशाल था। खली के जीवन में एक समय ऐसा भी था, जब उनके पास जूते पहनने तक के पैसे नहीं थे। तभी खली ने यह ठान लिया था कि वह जीवन में इतना पैसा कमाएंगे कि कभी उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। खली पत्थर तोड़ने का काम किया करते थे। इसके बाद उन्हें शिमला में एक सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी मिल गई। इसी दौरान पंजाब पुलिस के एक अधिकारी की नजर खली के विशालकाय शरीर पर पड़ी और उन्होंने दलीप सिंह को पुलिस की नौकरी ऑफर की, जिसे खली ने स्वीकार कर लिया। पुलिस में भर्ती के बाद खली के पास सरकारी नौकरी थी, लेकिन उनके मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा अभी भी पनप रही थी। पुलिस में रहते हुए ही उन्होंने बॉडी बिल्डिंग करनी शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें जल्द ही अमेरिका बुला लिया गया और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। खली की साल 2006 में डब्ल्यूडब्ल्यूई में एंट्री हुई। खली ने डब्ल्यूडब्ल्यूई में कई दिग्गज रेसलर अंडरटेकर, ट्रिपल एच, बिग शो, बटिस्टा और जॉन सीना को धूल चटाई और वह एक साल में ही हेवीवेट चैंपियन बन गए। उन्होंने रेसलमेनिया और समरस्लैम जैसे बड़े इवेंट में भी अपना जलवा बिखेरा। साल 2014 में खली को डब्ल्यूडब्ल्यूई से रिलीज किया गया। खली फिल्मी दुनिया में भी हाथ आजमा चुके हैं। इसके साथ ही वह मशहूर रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में भी नजर आ चुके हैं।
हिजाब को इस्लाम से जोड़कर असदुद्दीन ओवैसी ने नई चाल चली है : मौलाना साजिद रशीदी

नई दिल्ली। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब वाले फैसले की आलोचना की। उन्होंने कई विवादित मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, टीपू सुल्तान को पहला शहीद और मुगलों को रोल मॉडल बताया। इसके साथ ही यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और वंदे मातरम को जरूरी करने का विरोध किया। दिल्ली में बात करते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हेडस्कार्फ हिजाब नहीं है, यह बात समझनी जरूरी है। हिजाब का मतलब है कि कोई महिला या लड़की चादर या किसी और चीज से अपना पूरा शरीर ढके। मेरा मानना है कि इसे इस्लाम से जोड़कर असदुद्दीन ओवैसी ने एक नई चाल चली है और मुस्लिम वोटरों को लुभाने की कोशिश की है। कोर्ट ने कहा कि हिजाब इस्लाम का जरूरी हिस्सा नहीं है, जबकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुका है कि यह इस्लाम का हिस्सा है और स्कूलों में इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती।” उन्होंने कहा, “2022 में कर्नाटक हाईकोर्ट का एक फैसला था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया गया। सुप्रीम कोर्ट के जज ने उस पर फैसला दिया और कहा कि स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। सवाल यह है कि क्या इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने अपना फैसला सुप्रीम कोर्ट के जज को देखे बगैर दे दिया। कहीं उनके दिमाग में प्रमोशन की बात तो नहीं कि अगर सरकार के फेवर में फैसला देंगे तो कहीं प्रमोशन मिल जाए। दूसरी बात, वो बच्ची 10 सालों तक हेड स्कार्फ के साथ उसी स्कूल में पढ़ी, उस समय न स्कूल और न ही कोर्ट को ऐतराज था। हाईकोर्ट ने स्कूल के प्रिंसिपल को यह सवाल क्यों नहीं पूछा कि 10 सालों तक आपको क्यों ऐतराज नहीं था और अब स्कार्फ क्यों उतारना चाहते हैं। कोर्ट को स्कूल की मान्यता रद्द करके उस पर बहुत बड़ा जुर्माना लगाना चाहिए था। इस्लाम के नाम पर बच्ची को टारगेट किया गया है। ओवैसी के बयान पर उन्होंने कहा, “हेड स्कार्फ हिजाब नहीं होता। हिजाब का मतलब औरत अपने पूरे जिस्म को ढके। वहीं, स्कार्फ में सिर्फ पीछे का सिर यानी बाल कवर होता है। उसे इस्लाम से जोड़कर ओवैसी ने अपना नया खेल खेला है और अपना वोट साधने की कोशिश की है। हालांकि, हेड स्कार्फ का मतलब हिजाब नहीं है।” वंदे मातरम के मुद्दे पर साजिद रशीदी ने कहा, “कांग्रेस, सपा और दूसरी पार्टियां जो अपने आप को सेक्युलर कहती हैं, उन्होंने भाजपा के जाल में फंसकर वंदे मातरम का विरोध नहीं किया। हालांकि, उन्हें यह पता नहीं है कि यह मुसलमानों की आस्था के खिलाफ है। हम संविधान और कानून को मानने वाले लोग हैं। हम वंदे मातरम को नहीं गाएंगे।” यूसीसी पर उन्होंने कहा, “यूसीसी भी जबरदस्ती मुसलमानों पर थोपा जा रहा है। हमें तीन चीजें, निकाह, तलाक और विरासत, संविधान ने दी है। हम उसे इस्लाम के मुताबिक करेंगे। आप यूसीसी या दूसरे कानून लाइए, लेकिन हम इस्लाम को नहीं छोड़ सकते। हमारा संविधान हमें यह इजाजत देता है।” मालेगांव महानगर पालिका में टीपू सुल्तान की फोटो लगाए जाने का समर्थन करते हुए रशीदी ने कहा, “टीपू सुल्तान हिंदुस्तान में सबसे पहले अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले शहीद हैं। ऐसा नहीं है कि हम टीपू सुल्तान को मानेंगे तो देश विरोधी हो जाएंगे। मुगलों ने हिंदुस्तान का क्या बिगाड़ा है? सही मायने में वे रोल मॉडल थे। लेकिन आज उन्हीं मुगलों को आक्रांता कहा जाता है।
थिरुवोणम के दिन पलक्कड़ रेल डिवीजन के बंटवारे के विरोध में भूख हड़ताल पर कांग्रेस सांसद

पलक्कड़। मलयाली लोगों के लिए साल के सबसे अहम दिन जब पूरे केरल में परिवार पारंपरिक ओणम दावत का आनंद लेते हैं, तब उत्तरी केरल के कांग्रेस सांसद भूख हड़ताल पर रहेंगे। वे पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के प्रस्तावित पुनर्गठन का विरोध करने के लिए 26 तरह के व्यंजनों वाली थिरुवोणम साद्य (दावत) के बजाय विरोध-प्रदर्शन को चुन रहे हैं। यूडीएफ ने रेलवे बोर्ड के उस फैसले का कड़ा विरोध किया है, जिसके तहत मंगलुरु स्टेशन समेत कई इलाकों को पलक्कड़ डिवीजन से हटाकर साउथ वेस्टर्न रेलवे के मैसूरु डिवीजन में ट्रांसफर किया जा रहा है। सांसदों ने बुधवार सुबह भूख हड़ताल शुरू की और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने यह फैसला कर्नाटक में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखकर लिया है। यह विरोध-प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि यह केरल के सबसे बड़े त्योहार थिरुवोणम के दिन हो रहा है, जब पारंपरिक साद्य (दावत) पारिवारिक जश्न का मुख्य हिस्सा होती है। सांसदों का इस शानदार दावत को न खाने का फैसला, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ द्वारा केरल के रेलवे हितों के लिए एक बड़ा झटका माने जाने वाले कदम के खिलाफ विरोध का एक प्रतीकात्मक तरीका माना जा रहा है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रेलवे बोर्ड के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इतने अहम फैसले से पहले केरल सरकार से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया, जबकि इस फैसले का राज्य के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य के विकास की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। इस विवाद के केंद्र में आर्थिक असर का मुद्दा है। माना जा रहा है कि इस बदलाव से मैसूरु डिवीजन को सालाना 500-600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होगी, जबकि पलक्कड़ डिवीजन को पनामबूर और दूसरे इलाकों के हाथ से निकल जाने के कारण सालाना करीब 1,100 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। पलक्कड़ डिवीजन मुख्य रूप से माल ढुलाई (फ्रेट ट्रैफिक) पर निर्भर है, जिससे उसे लगभग 90 प्रतिशत कमाई होती है। मंगलुरु सेंट्रल और मंगलुरु जंक्शन के हाथ से निकल जाने से उसकी यात्री आय पर भी असर पड़ेगा। यूडीएफ का तर्क है कि भले ही कुल मिलाकर रेलवे को कमाई का नुकसान न हो, क्योंकि कमाई असल में एक डिवीजन से दूसरे डिवीजन में चली जाएगी, लेकिन केरल को कमाई और रणनीतिक रूप से अहम रेलवे नेटवर्क पर अपने प्रभाव, दोनों का नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे भी बड़ी चिंता पलक्कड़ डिवीजन के भविष्य को लेकर है। कमाई वाले इलाके का एक बड़ा हिस्सा दूसरी जगह ट्रांसफर हो जाने के कारण, यूडीएफ को डर है कि इसकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है और आखिरकार इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठ सकते हैं। इसलिए, कांग्रेस सांसदों के लिए यह थिरुवोणम ‘साद्य’ (पारंपरिक दावत) के बारे में नहीं है। यह एक राजनीतिक संदेश देने के बारे में है, भले ही इसके लिए उन्हें उस दावत को छोड़ना पड़े जो केरल में एकजुटता के जश्न का प्रतीक है।
एच1एन1 को लेकर घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत: डॉ. नीलम लेखी

नई दिल्ली। दिल्ली में एच1एन1 वायरस के बढ़ते मामलों पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. नीलम लेखी ने चिंता जताई। उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन राजधानी में मेडिकल प्रैक्टिशनर और एलोपैथिक मेडिकल प्रैक्टिशनर की सबसे बड़ी बॉडी है। आजकल इन्फ्लुएंजा (एच1एन1) वायरस जिस प्रकार से दिल्ली-एनसीआर में फैल रहा है और ज्यादा संख्या में लोग इससे ग्रसित हो रहे हैं, इसके लिए हम लोगों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित हैं। एच1एन1 वायरस जिस प्रकार से फैल रहा है, इसके लिए हमने बुधवार को एक मैसेज जारी किया है, ताकि लोगों में इसके प्रति जागरूकता बढ़े और इसी के साथ इसकी रोकथाम की जा सके। एडवाइजरी के तौर पर उन्होंने बताया कि यह फ्यू सांस के माध्यम से एक-दूसरे में फैल रहा है। ऐसे में अगर आप किसी सार्वजनिक जगह पर जा रहे हैं तो मास्क जरूर लगाएं। समय-समय पर हाथों को साफ करते रहें। छींकते या खांसते समय रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और समय-दर-समय उसे बदलते रहें। जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, उन्होंने लोगों को सार्वजनिक जगहों पर जाने से परहेज करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जब बहुत जरूरी हो तभी भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाएं। इसी के साथ उन्होंने खासतौर पर ऐसे लोगों को मास्क लगाने के साथ हाइजीन का ध्यान रखने की सलाह दी है, जिनका काम लोगों के इर्द-गिर्द होता है। वहीं, जिन लोगों को थोड़ा सा भी अपने अंदर एच1एन1 का लक्षण नजर आ रहा है, उन्होंने उन्हें डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी है। ऐसे लोगों को डॉक्टर ने ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, अपने आप को हाइड्रेट रखने, पूरी नींद लेने, घर का खाना खाने और रेस्पिरेटरी हाइजीन का खास ध्यान रखने को कहा है। डॉ. नीलम लेखी ने आगे कहा कि आप लोगों से बात करते समय कम से कम 2 हाथ की दूरी जरूर से बनाकर रखें। वहीं, जिन लोगों को खांसी, जुकाम, बुखार, गला खराब, पेट खराब, सिर दर्द, शरीर में दर्द, आदि जैसी समस्या है, वे जरूर से अपना टेस्ट कराएं। उन्होंने कहा कि एच1एन1 वायरस को लेकर घबराने वाली कोई बात नहीं है, लेकिन लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के साथ सावधानी बरतने की जरूरत है।
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

शामली। उत्तर प्रदेश के जनपद शामली में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना बुधवार शाम की है, जब अंकित जिम से निकल रहे थे। शामली पुलिस ने बताया कि डायल 112 के जरिए सूचना मिली कि बंटीखेड़ा निवासी मृतक अंकित बालियान को जिम से निकलते समय 3-4 अज्ञात लोगों ने गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही शामली कोतवाली पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह ने बताया, “शाम को करीब 7 बजे सूचना प्राप्त हुई कि अंकित बालियान कोतवाली शहर में एक जिम में एक्सरसाइज करने आते थे, जैसे ही वह वहां से निकले, उन्हें गोली मारी गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां मृत घोषित कर दिया गया। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार चार लड़के थे, जो दो बाइक पर आए थे। हम मामले की जांच कर रहे हैं। मौके से हमें दो-तीन खोखे मिले थे। पूरी टीम मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान की जा रही है।” पुलिस के अनुसार, पूछताछ में जानकारी मिली है कि गायक सोनीपत में रहकर गाने बनाता था, लेकिन वहां पर विवाद होने के बाद यहां भाग कर आ गया था। ऐसे में संभावना है कि यह पूरा मामला हरियाणा और सोनीपत से जुड़ा हुआ है। इस एंगल पर भी जांच की जा रही है और हरियाणा पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। घटना के जल्द खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। मौके पर मौजूद जिम संचालक रवि शर्मा ने आईएएनएस को बताया, “हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान करीब 8 महीने से हमारे जिम में एक्सरसाइज करने आते थे। हर दिन की तरह वो यहां से एक्सरसाइज करके चले गए थे, लेकिन कुछ ही दूरी पर करीब 4 बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की और पैदल भाग गए। गोली लगने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। करीब 20 राउंड गोली चलाई गई।” मृतक के परिचित सतबीर सिंह ने कहा, “हमलावर के बारे में कुछ नहीं पता है। जिन्होंने हत्या की है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। हमारा धरना जारी रहेगा। बालियान का हरियाणा से संपर्क था, वहीं के लोगों से बोलचाल थी, यहां पर उसकी कोई बोलचाल नहीं थी।” फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की जा रही है। इलाके में इस हत्या से दहशत का माहौल है।
बिहार: नेपाल की बाढ़ का पानी गंडक बैराज पहुंचा, स्थिति सामान्य रहने के आसार

पटना। नेपाल में आई बाढ़ का पानी बुधवार देर रात गंडक बैराज, वाल्मीकिनगर पहुंच गया। जल संसाधन विभाग के अनुसार, रात करीब 8:30 बजे तक बैराज में जलश्राव में लगभग 20 हजार क्यूसेक की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि रात 11 बजे तक जलश्राव अपने चरम पर पहुंच सकता है, जिसके बाद इसमें कमी आनी शुरू हो जाएगी। विभाग ने बताया कि गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव करीब दो लाख क्यूसेक रहने की संभावना है। हालांकि, मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे सामान्य रहने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद विभाग की ओर से बैराज, तटबंधों और नियंत्रण कक्षों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, इस वर्ष 14 जुलाई को गंडक नदी में अधिकतम जलश्राव 2,24,000 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं, वर्ष 2024 में 28 सितंबर को गंडक में जलश्राव 5,62,500 क्यूसेक तक पहुंच गया था। इन आंकड़ों की तुलना में इस बार संभावित अधिकतम जलश्राव काफी कम रहने का अनुमान है। विभाग ने कहा है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है। गंडक बैराज पर अधिकारियों और कर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। तटबंधों की निगरानी के साथ-साथ नियंत्रण कक्षों से भी नदी के जलस्तर और जलश्राव की लगातार जानकारी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहना जरूरी है। संबंधित अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जल संसाधन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि घबराएं नहीं, सतर्क रहें। बता दें कि नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति और गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका के बीच बिहार सरकार ने संबंधित जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बुधवार को कहा कि नेपाल से लगातार जलप्रवाह को लेकर जानकारी मिल रही है और संभावित स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है।