कंगना रनौत ने भाई की कलाई पर राखी बांध मांगी दुआ, लिखा- ‘मुझे सदा तुम्हारा प्रेम और संरक्षण मिले’

मुंबई। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया और इसकी झलक सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने अपने भाई और भाभी के साथ कुछ तस्वीरें शेयर कीं। तस्वीरों में कंगना पूरे पारंपरिक अंदाज में नजर आईं और भाई के साथ अपने रिश्ते को लेकर दिल की बात भी लिखी। कंगना ने इंस्टाग्राम पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। पहली तस्वीर में वह अपने भाई और भाभी की आरती उतारती दिखाई दे रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में वह अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती दिख रही हैं। इस दौरान कंगना ने ब्लू कलर की खूबसूरत साड़ी पहनी हुई है। उनका पूरा लुक पारंपरिक नजर आ रहा है। तस्वीरों के साथ कंगना ने अपने भाई के लिए मैसेज भी लिखा। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “मेरे प्यारे भाई… मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि यह प्रेम का बंधन जो मैंने तुम्हारे हाथ पर बांधा है, यह सदा तुम्हारी रक्षा करे, तुम हमारे माता-पिता की सेवा करो, कुल की गरिमा बढ़ाओ, पत्नी का सदा कल्याण करो, संतान की हमेशा रक्षा करो, और सदा जीवन से संतुष्ट रहो। मेरे प्यारे भाई, मैं सदा तुम्हें स्वस्थ और समृद्ध देखूं, मेरे लिए तुम मेरे माता-पिता की छवि हो। तुम्हारा प्रेम और संरक्षण मुझे सदा मिले। सब बहनों, भाइयों को इस अति प्रिय पर्व की बहुत शुभकामनाएं। रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।” कंगना की इन तस्वीरों पर फैंस की तरफ से भी प्यार भरे कमेंट्स आए। कई फैंस ने भाई-बहन के रिश्ते की तारीफ करते हुए उन्बें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी। एक यूजर ने लिखा, – ‘बहुत प्यारी तस्वीरें, कंगना, आपको और आपके भाई को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं।’ दूसरे यूजर ने लिखा, ‘भाई-बहन का रिश्ता ही सबसे खूबसूरत रिश्ता होता है। भगवान आप दोनों को हमेशा खुश रखे।’ अन्य यूजर्स ने लिखा, “कंगना नीली साड़ी में आप बहुत सुंदर लग रही हैं।’, ‘रक्षाबंधन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हमेशा ऐसे ही अपने परिवार के साथ खुश रहें।’ और ‘भाई को राखी बांधते हुए आपकी तस्वीर बहुत प्यारी है। नजर न लगे इस रिश्ते को।

‘फैंस का समर्थन स्पर्स स्टेडियम की सबसे अच्छी चीजों में से एक’, न्यूकैसल के खिलाफ मैच से पहले बोले सैंड्रो

नई दिल्ली। टोटेनहम हॉटस्पर के नए खिलाड़ी सैंड्रो टोनाली ने क्लब के प्रशंसकों की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि टोटेनहम के फैंस क्लब की सबसे बेहतरीन चीजों में से एक हैं। टोटेनहम हॉटस्पर (स्पर्स) स्टेडियम में अपना पहला मैच खेलने से पहले टोनाली ने फैंस के समर्थन को लेकर उत्साह जताया और कहा कि वह उनके सामने खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। स्पर्स इंग्लिश प्रीमियर लीग के दूसरे हफ्ते में न्यूकैसल की मेजबानी करेगा, जो टोनली की पुरानी टीम है। इटैलियन मिडफील्डर टोनली, ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ पहले मैच में स्पर्स की हार का हिस्सा थे, लेकिन अब वह अपने पहले घरेलू मुकाबले के लिए तैयारी कर रहे हैं और अपने डेब्यू मैच को लेकर उत्सुक हैं। टोनली ने ‘जियोस्टार’ से कहा, “मैं नंबर छह के तौर पर खेलता हूं और डिफेंस के साथ काफी खेलता हूं। मैं टोटेनहम हॉटस्पर स्टेडियम में खेलने के लिए बहुत उत्साहित हूं, क्योंकि मैं यहां न्यूकैसल के साथ टोटेनहम के खिलाफ काफी बार खेल चुका हूं। मुझे यहां का माहौल बहुत अच्छा लगा। जब भी मैं यहां आया हूं, स्टेडियम खचाखच भरा रहा है। यह आसान नहीं है क्योंकि स्टेडियम बहुत बड़ा है। फैंस दो मिनट में गेम बदल सकते हैं। अगर फैंस आपके साथ हों, तो चीजें बहुत आसान हो जाती हैं। मुझे लगता है कि फैंस इस स्टेडियम की सबसे अच्छी चीजों में से एक हैं। मुझे पता है कि यह स्टेडियम दुनिया के सबसे अच्छे स्टेडियमों में से एक है।” उन्होंने आगे कहा, “फैंस बहुत जुनूनी हैं, और हमें इसकी जरूरत है क्योंकि हमें हर गेम में 100 प्रतिशत एनर्जी और फोकस के साथ खेलना है। हम हर गेम जीतना चाहते हैं, खासकर घरेलू मैदान पर। हमें पता है कि हम ऐसा कर सकते हैं।” टोनली के स्पर्स मैनेजर रॉबर्टो डी जर्बी के साथ भी अच्छे संबंध हैं। उन्होंने डी जर्बी को एक शानदार मैनेजर बताया और उनके साथ बिताए समय के बारे में बात की। “जब मैंने पहली बार उनसे बात की, तो बातचीत किसी दोस्त की तरह भी हुई और मैनेजर-खिलाड़ी के रिश्ते जैसी भी। वह मेरे लिए बहुत खास बातचीत थी। वह बातचीत बहुत खास थी।” उन्होंने कहा, “उस बातचीत से मुझे लगा कि मुझे उनके लिए साइन करना चाहिए। हमने न्यूकैसल, स्पर्स स्टेडियम, स्पर्स के फैंस, खिलाड़ियों और हमारे फुटबॉल खेलने के तरीके के बारे में काफी बात की। हम आने वाले सीजन के लिए बहुत उत्साहित हैं। अगर मुझे एक वाक्य में खुद को बताना हो, तो मैं कहूंगा कि मैं अपने टीम के साथियों के लिए कड़ी मेहनत करता हूं।” टोनली को स्पर्स ने क्लब के रिकॉर्ड 100 मिलियन पाउंड तक की कीमत पर साइन किया था। “जब भी आप क्लब बदलते हैं, तो आपको सब कुछ नए सिरे से शुरू करना पड़ता है। आपको टीम के साथियों, स्टाफ और फैंस के साथ नए रिश्ते बनाने पड़ते हैं। मैं किस्मत वाला हूं, क्योंकि मैं यहां के स्टाफ को पहले से जानता हूं, जिससे चीजें आसान हो जाती हैं, खासकर सीजन की शुरुआत में। रॉबर्टो डी जर्बी एक शानदार मैनेजर हैं। मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं। वह ब्रेशिया से हैं और मैंने वहां 10 साल तक खेला है। कभी-कभी, जब हमें छुट्टी मिलती है, तो हम दोनों अपने शहर वापस जाते हैं और मिलते हैं। यह एक खास बात है।

मिर्जापुर के डायरेक्टर के साथ मस्ती करती दिखीं रसिका दुग्गल, लिखा-तीन सीजन के बाद भी कई बातें बाकी

मुंबई। अभिनेत्री रसिका दुग्गुल एक बार फिर बहुप्रतीक्षित एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में बीना त्रिपाठी (बीना भाभी) के किरदार से वापसी करने के लिए तैयार हैं। शुक्रवार को अभिनेत्री ने फिल्ममेकर के साथ बातचीत के लिए खास पोस्ट शेयर किया है। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वे मिर्जापुर के फिल्ममेकर गुरमीत सिंह के साथ हसी मजाकर करती दिख रही हैं। अभिनेत्री ने लिखा, “तीन सीजन और एक फिल्म के बाद भी अभी कई बातें बाकी हैं। गुरमीत सिंह जी हम तैयार हैं।” अभिनेत्री द्वारा पोस्ट को फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। साथ ही, फिल्ममेकर गुरमीत ने भी कमेंट सेक्शन में लाफ इमोजी से प्रतिक्रिया दी। आगामी भारतीय एक्शन क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘मिर्जापुर: द मूवी’ में रसिका दुग्गल बीना त्रिपाठी (कालीन भैया की पत्नी और मुन्ना की सौतेली मां) का किरदार निभाती नजर आएंगी। यह फिल्म ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज का कोई अगला सीजन नहीं है, बल्कि मिर्जापुर की दुनिया को बड़े पर्दे पर एक नए और बड़े कैनवस पर पेश किया जाएगा। इसमें एक बिल्कुल नई कहानी और कुछ नए किरदार देखने को मिलेंगे, जो वेब सीरीज में नहीं दिखाए गए थे। फिल्म में मुन्ना भैया और कालीन भैया के व्यवहार से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब और किरदारों की बैकस्टोरी भी देखने को मिलेगी। फिल्म अमेजन एमजीएम स्टूडियोज और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनाई जा रही है। इसका निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जबकि कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने किया है। इसके सह-निर्माता कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी हैं। ‘मिर्जापुर द मूवी,’ पंकज त्रिपाठी, अली फजल, श्वेता त्रिपाठी, रसिका दुगल, और दिव्येंदु शर्मा अपने पुराने किरदारों में नजर आएंगे। इसके साथ ही जितेंद्र कुमार, सोनल चौहान, और रवि किशन भी अहम भूमिका में दिखेंगे। ‘मिर्जापुर: द मूवी’ हिंदी और तेलुगु भाषा में रिलीज होगी। यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

भारत ने हमेशा नेपाल की मदद के लिए बढ़ाया हाथ, राहत कार्य जारी : दिलीप घोष

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने न्यू टाउन के इको पार्क में राखी मनाई। उन्होंने नेपाल बाढ़ पर कहा कि भारत ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और राहत कार्य चल रहे हैं। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह एक प्राकृतिक आपदा है। भारत ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और राहत कार्य चल रहे हैं। प्रभावित लोगों की संख्या और उनके ठिकाने अभी पता नहीं चले हैं। हिमालय में ऐसी घटनाएं सालों से होती रही हैं। मेरा मानना ​​है कि अतिक्रमण यानी नदी के किनारे या उसके अंदर घर, होटल और इमारतें बनाना भी इसकी एक वजह है। इसके अलावा, पहाड़ों पर जाने वाले पर्यटकों को सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर इस मौसम से भी हो सकता है।” उन्होंने कहा कि नेपाल की घटना को लेकर कई चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन यह एक प्राकृतिक आपदा है। भारत ने हमेशा मदद की है और राहत कार्य भी चल रहे हैं। हमें अभी तक घटना की पूरी जानकारी नहीं है, न ही यह पता है कि कितने लोग प्रभावित हुए हैं या वे कहां हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में कहीं भी कोई आपदा आने पर भारत हमेशा सबसे पहले मदद करने वाले देशों में से एक रहा है। हम प्रभावित देशों में डॉक्टर, दवाइयां, एनडीआरएफ की टीमें और यहां तक ​​कि खोज और बचाव कार्य में मदद करने वाले कुत्ते भी भेजते हैं। चाहे ग्रीस में भूकंप हो या पाकिस्तान में, हमने मदद का हाथ बढ़ाया है। जब अफ्रीका और अमेरिका में भी आपदाएं आईं, तो हमने वहां भी मदद भेजी है।” टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में हुई घटना पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “पुलिस किसी भी अवैध गतिविधि का विरोध करेगी। सफाई का काम शुरू हो गया है। अभिषेक बनर्जी को लग सकता है कि यह उनकी सरकार है और चीजें उनकी मर्जी से होंगी, लेकिन कानून के खिलाफ ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। कानून सबके लिए बराबर है और पुलिस कार्रवाई के जरिए यह साबित कर देगी।

एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना, केपीएससी घोटाले और भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठाए सवाल

बेंगलुरु। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए राज्य में विकास कार्यों, भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमारस्वामी ने तंज कसते हुए कहा कि उनकी पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शायद सरकार के नेताओं को नींद आ गई होगी। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य में आखिर विकास कहां हो रहा है और जो विकास हो रहा है, वह आम लोगों के लिए कितना फायदेमंद है। कुमारस्वामी ने मंत्रियों के इस्तीफे, केपीएससी घोटाले और विधानसभा सत्र के अंतिम चरण में हुए हंगामे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि 5 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण, पार्क, टनल रोड, बिजनेस कॉरिडोर और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विधेयकों पर विस्तार से चर्चा होती तो बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था। उन्होंने राज्य के गृह मंत्री पर भी निशाना साधा। कुमारस्वामी ने कहा कि गृह मंत्री हर मुद्दे पर टिप्पणी करते हैं और उनके बयान ऐसे होते हैं, जैसे “बकरी पत्ते कुतर रही हो।” उन्होंने कहा कि सरकार लगातार पारदर्शिता और साफ-सुथरे प्रशासन का दावा करती है लेकिन हालिया केपीएससी विवाद ने इस संस्था के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर किया है। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से केपीएससी का राजनीतिक रूप से गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि कभी अपनी प्रतिष्ठा के लिए जानी जाने वाली यह संस्था अब जाति और पैसे के आधार पर नियुक्तियों के आरोपों से घिर गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि उन्हें सत्ता मिली तो केपीएससी और केएटी को खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे और इसे संवैधानिक तरीके से समाप्त करने की बात भी उन्होंने दोहराई। केपीएससी के कंट्रोलिंग ऑफिसर आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार को लेकर भी कुमारस्वामी ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि पशु चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति के लिए कथित तौर पर 80 लाख रुपये मांगने की चर्चा सामने आई है। ज्ञानेंद्र कुमार ने 23 अगस्त को फोन कर दो दिन में लौटने की बात कही थी लेकिन बाद में उनके 25 अगस्त को खरगे में होने की जानकारी सामने आई। कुमारस्वामी ने परप्पना अग्रहारा मामले का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ही इस मुद्दे को लगातार उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के खिलाफ बोलने पर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। भर्ती प्रक्रिया पर कुमारस्वामी ने कहा कि सरकार 75,000 सरकारी कर्मचारियों की भर्ती की बात कर रही है लेकिन युवाओं को रोजगार देने की घोषणा करने में सरकार को तीन साल लग गए। उन्होंने असिस्टेंट इंजीनियर ग्रेड-1 भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका नोटिफिकेशन 3 सितंबर 2022 को जारी हुआ, लिखित परीक्षा 16 जून 2023 को हुई और व्यक्तित्व परीक्षण 15 व 16 सितंबर 2023 को कराया गया। अंतिम चयन सूची 31 जनवरी 2024 को जारी की गई थी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और शिकायतों के निपटारे पर भी सवाल उठाए।

छोटी बेटी अलीशा के जन्मदिन पर सुष्मिता सेन ने लुटाया प्यार, लिखा- तुम भगवान का दिया अनमोल तोहफा हो

मुंबई। अभिनेत्री सुष्मिता सेन की छोटी बेटी अलीशा सेन शुक्रवार को अपना जन्मदिन मना रही हैं। इस मौके पर अभिनेत्री ने बेटी के लिए खास पोस्ट की। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट के जरिए अलिशा के सादगी भरे व्यवहार की प्रशंसा की। अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम पर अलीशा की कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं, जिसमें अलिशा अभिनेत्री बड़ी बहन रेने सेन और परिवार के सदस्यों के नजर आ रही हैं। अभिनेत्री सुष्मिता सेन ने जन्मदिन की बधाई देते हुए लिखा, “जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं अलिशा सेन, तुम बहुत खूबसूरत, समझदार, दयालु और उदार दिल वाली हो, जिसे भगवान ने 17 साल पहले मुझे एक तोहफे के तौर पर मुझे दिया था और मैंने तुम्हारा नाम ‘भगवान का अनमोल तोहफा’ रखा था। अभिनेत्री ने बेटी की तारीफ में लिखा कि अलीशा समय के साथ और निखर रही हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “अलिशा, समय के साथ मैं तुम्हारे नाम के पीछे की शख्सियत को देख रही हूं। अंदर से गहरा और खुशी भरा एहसास होता है कि तुम इस दुनिया और पूरी मानवता के लिए तोहफा साबित होगी। तुम जो हो और तुममें जो ईश्वर की कृपा है, उस पर मुझे गर्व है। तुम्हारी सादगी देखकर मैं हैरान रह जाती हूं। लव यू सो मच।” अभिनेत्री सुष्मिता सेन सिंगर मदर हैं, उन्होंने दो बेटियों को गोद लिया था और उन्होंने दोनों का अकेले पालन-पोषण किया है। साल 2000 में रेनी सेन को गोद लिया था, जबकि साल 2010 में अलीशा सेन को गोद लिया था। सुष्मिता सेन की बड़ी बेटी अपनी मां की तरह टैलेंटेड हैं। वह शॉर्ट फिल्म ‘सुट्टाबाजी’ में नजर आ चुकी हैं। 13 मिनट की इस फिल्म में रेने ने साबित कर दिया है कि वे एक बेहतरीन एक्ट्रेस भी हैं। आने वाले दिनों में रेने कई प्रोजेक्ट्स में नजर आ सकती हैं। अलीशा लाइमलाइट से काफी दूर रहती हैं और उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई कर रही हैं।

बिहार में बारिश की संभावना, 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

पटना। बिहार में शुक्रवार को रक्षा बंधन मनाया जा रहा है, ऐसे में मौसम विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश होने का साभावना लगाया है। पटना समेत 20 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि शेष 18 जिले येलो अलर्ट के अंतर्गत हैं। कुछ स्थानों पर, विशेष रूप से उत्तरी बिहार में, भारी वर्षा की संभावना है और वर्षा के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ऑरेंज अलर्ट पटना, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगुसराय, शेखपुरा, लखीसराय, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में जारी किया गया है। दिन का तापमान 28 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है, और आर्द्रता लगभग 93 प्रतिशत रहने का अनुमान है। आपदा प्रबंधन विभाग ने निवासियों से मौसम की स्थिति के अनुसार कार्य करने और सुरक्षा संबंधी सलाहों का पालन करने का भी आग्रह किया है। पटना स्थित मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, बिहार में इस मौसम में मानसून की समग्र गतिविधि सामान्य से कम रही है। छिटपुट बारिश को छोड़कर, सामान्य तीन से चार दिनों के वर्षा चक्र लगभग नदारद रहे हैं, जिसके कारण तापमान सामान्य से अधिक रहा है।” पूर्वानुमान यह भी संकेत देता है कि सितंबर में वर्षा की गतिविधि सामान्य से कम रह सकती है, जिससे धान की खेती के लिए चिंताएं बढ़ रही हैं। राज्य के 37.96 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के मुकाबले, लगभग 36.85 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई की गई है, जो लक्ष्य का लगभग 97 प्रतिशत है। अधिकारी ने कहा कि 1 जून से 27 अगस्त के बीच लगभग एक दर्जन जिलों में लगभग 42 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई, जिससे किसानों के लिए अपनी धान की फसलों की रक्षा करना और भी मुश्किल हो गया है। किसानों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए कृषि विभाग ने 17 अगस्त से डीजल सब्सिडी के लिए आवेदन स्वीकार करना शुरू कर दिया है। गया, जमुई और औरंगाबाद को छोड़कर, राज्य के सभी जिलों में धान की लक्षित बुवाई का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है। किशनगंज और गोपालगंज में बुवाई लक्ष्य के 101 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। डीजल सब्सिडी प्रावधान के तहत, किसान डीजल से चलने वाले पंप सेटों का उपयोग करके सिंचाई करने पर 75 रुपये प्रति लीटर की दर से गणना किए गए 750 रुपये प्रति एकड़ प्राप्त कर सकते हैं।

लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई ने एफबीआई के आरोपों पर उठाए सवाल, कहा-भारत की न्याय व्यवस्था पर भरोसा

अबोहर। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने अमेरिका की ओर से लॉरेंस पर लगाए गए आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत की न्याय व्यवस्था और कानून पर पूरा भरोसा है। उनका मानना है कि लॉरेंस के खिलाफ चल रहे मामलों में अदालत जो भी फैसला करेगी, परिवार उसे स्वीकार करेगा। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने कहा कि उनका गांव तनाववाड़ी और तहसील व जिला फाजिल्का है। उन्होंने कहा कि फाजिल्का में उनके गांव से जुड़े जिस मामले की बात की जा रही है, उसमें एफआईआर बंद हो चुकी है। अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) एजेंसी के आरोपी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत का मामला नहीं है बल्कि दूसरे देश से संबंधित है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसी व्यक्ति द्वारा रंगदारी मांगने या धमकी देने का मामला वहां की कानून-व्यवस्था से जुड़ा है और उन्हें यह बात समझ नहीं आती कि यह सब जेल में बंद व्यक्ति द्वारा कैसे किया जा सकता है। उन्होंने लॉरेंस के जेल से नेटवर्क चलाने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। रमेश ने कहा कि लॉरेंस को एक उच्च सुरक्षा वाली जेल में रखा गया है, जहां 24 घंटे जैमर और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी है। उन्होंने कहा कि परिवार के लोगों को भी उससे मिलने की अनुमति आसानी से नहीं मिलती। ऐसे में जेल के अंदर से बड़े स्तर पर नेटवर्क चलाने के दावे उन्हें समझ से परे लगते हैं। रमेश ने कहा कि भारत सरकार मजबूत है और किसी दूसरे देश के कहने मात्र से किसी व्यक्ति को भारत से ले जाना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि मामला इतना गंभीर होता, जितना मीडिया में बताया जा रहा है, तो भारत के गृह मंत्री, विदेश मंत्री या प्रधानमंत्री की ओर से इस पर स्पष्ट प्रतिक्रिया जरूर आती। भारत की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए जाने के संबंध में रमेश ने कहा कि देश की मौजूदा सरकार मजबूत है और ऐसी व्यवस्था में जेल से पूरा नेटवर्क संचालित करना आसान नहीं है। उन्होंने अमेरिका में स्कूलों में होने वाली गोलीबारी का जिक्र करते हुए वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। सलमान खान से जुड़े विवाद पर रमेश ने कहा कि बिश्नोई समाज अहिंसा में विश्वास करता है और कानून को सर्वोच्च मानता है। उन्होंने कहा कि समाज के नियमों के अनुसार पेड़-पौधों और वन्यजीवों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। यदि सलमान खान गुरु महाराज के समाधि स्थल पर जाकर माफी मांगते हैं, तो समाज उन्हें माफ करने पर विचार कर सकता है। रमेश ने कहा कि हालांकि सलमान खान की ओर से अब तक ऐसी कोई पहल सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि सलमान क्या सोच रहे हैं और इस मामले में क्या कदम उठाना चाहते हैं, यह वही बेहतर बता सकते हैं।

बानिहाल में छात्राओं ने सेना के जवानों को बांधी राखी, कहा- आप घर से दूर हैं तो क्या, हम भी आपकी बहनें हैं

बानिहाल। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जम्मू-कश्मीर के बानिहाल गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने भारतीय सेना के जवानों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। छात्रों ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारतीय जवान हमेशा हमारी रक्षा के लिए खड़े रहते हैं। ऐसे में उन्हें राखी बांधना हमारे लिए गर्व की बात है। स्कूल की छात्राएं हाथों में राखी और तिलक की थाली लेकर सेना के कैंप पहुंचीं, जहां उन्होंने जवानों को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान सेना के जवानों के चेहरे पर भी खुशी और भावुकता साफ नजर आई। घर से दूर ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए यह पल किसी परिवारिक त्योहार से कम नहीं था। एक छात्रा शिल्पा ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “मुझे अपने आर्मी भाइयों को राखी बांधकर बहुत खुशी महसूस हुई। मैं चाहती थी कि उन्हें लगे कि भले ही उनकी बहनें दूर हैं, लेकिन हम भी उनकी बहनें हैं। उनकी कलाई पर राखी बांधना एक अद्भुत एहसास था।” एक अन्य छात्रा आलिया फारूक ने कहा, “आज रक्षाबंधन पर हमने अपने आर्मी ब्रदर्स को राखी बांधी। उन्हें ये नहीं सोचना चाहिए कि वो घर से दूर हैं तो वो त्योहार मना नहीं पाएंगे। हम भी उनकी बहनें हैं, वैसे भी वो हमारी रक्षा करते हैं। इसलिए हमने उन्हें राखी बांधी।” छात्रा काजल देवी ने बताया, “हमने हमारे देश के जवानों को राखी बांधी। हमें बहुत खुशी हुई। त्योहार पर भी वो ड्यूटी करते हैं, उन्हें घर जाने की छुट्टी तक नहीं मिलती है। इसलिए हमने उनके साथ राखी मनाई।” भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर सीमाओं और कठिन इलाकों में तैनात रहते हैं। ऐसे में कई बार वे अपने परिवार के साथ त्योहार भी नहीं मना पाते। बानिहाल की इन बेटियों ने न सिर्फ जवानों को राखी बांधकर उनका मान बढ़ाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पूरा देश ही उनका परिवार है।

गुजरात में अब तक चांदीपुरा वायरस के 42 मामले दर्ज, 28 लोगों की मौतें हुईं

गांधीनगर। गुजरात में चांदीपुरा वायरस का कहर जारी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को जानकारी दी कि बीते कुछ महीनों में गुजरात में चांदीपुरा वायरस के 42 मामले दर्ज किए गए हैं और 28 मौतें हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 30 जून को जारी वर्तमान निगरानी अवधि के बाद से राज्य में 324 संदिग्ध मामले सामने आए। इनमें से 42 में चांदीपुरा वायरस की पुष्टि की गई। 10 सैंपल के लैब रिपोर्ट अभी नहीं आई। हालांकि, वायरस के कारण 28 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके आधार पर अब तक दर्ज मामलों में मृत्यु दर लगभग 66.7 प्रतिशत है। ये ताजा आंकड़े इस महीने की शुरुआत में दर्ज किए गए आंकड़ों से अधिक हैं। 14 अगस्त को गुजरात में 257 संदिग्ध मामले आए, जिनमें से 41 में वायरस की पुष्टि हुई। वहीं, 27 मौतें दर्ज की गई थीं। 21 जुलाई को राज्य में 63 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 12 मामलों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई और घरों व पशुशालाओं के आसपास संक्रमण फैलाने वाले कीटों पर नियंत्रण के उपाय किए थे। चांदीपुरा वायरस एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम से जुड़ा एक संक्रमण है, जो मुख्य रूप से बच्चों को प्रभावित करता है। यह वायरस मुख्य रूप से संक्रमित सैंडफ्लाई (रेतीली मक्खी) के जरिए फैलता है। इसके प्रकोप की घटनाएं आमतौर पर मध्य और पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में देखी जाती हैं। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के अनुसार, इस वायरस से अचानक तेज बुखार और तंत्रिका तंत्र (न्यूरोलॉजिकल) से जुड़े लक्षण दिखाई दे सकते हैं। खासतौर पर 15 साल से कम उम्र के बच्चे इसके प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी और रोकथाम के उपाय कर रहा है। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों की जांच की जा रही है और सैंडफ्लाई पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।