बाजार की पाठशाला: इन लोगों के लिए 31 अगस्त है आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन, जानिए किसके लिए कौन-सा फॉर्म होगा सही

नई दिल्ली। अगर आप नौकरी के साथ कारोबार, पेशे या स्वतंत्र रूप से काम करके कमाई करते हैं, तो आपके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ गई है। बिना कर ऑडिट वाली कारोबारी या पेशेवर आय रखने वाले करदाताओं को 31 अगस्त 2026 तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना होगा। वहीं, जिन कारोबारियों और पेशेवरों के खातों का कर ऑडिट जरूरी है, उनके लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 है। ऐसे करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उनकी आय और वित्तीय स्थिति के आधार पर कौन-सा रिटर्न फॉर्म लागू होगा। आयकर विभाग के अनुसार, 31 जुलाई की अंतिम तारीख तक 6.5 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल किए जा चुके थे, जिनमें वेतनभोगी लोगों, पेंशनभोगियों, छात्रों की आय वाले करदाताओं और अलग-अलग स्रोतों से आय प्राप्त करने वाले लोगों के रिटर्न शामिल हैं। इनमें कारोबार (बिजनेस) और पेशे (प्रोफेशन) से आय वाले बड़ी संख्या में करदाता भी शामिल रहे। अब बिना कर ऑडिट वाले कारोबार या पेशे से आय रखने वाले बाकी करदाताओं के लिए 31 अगस्त की तारीख महत्वपूर्ण है। बिजनेस या प्रोफेशन से आय होने पर आम तौर पर आईटीआर-3 या आईटीआर-4 में से किसी एक फॉर्म का इस्तेमाल किया जाता है। सही फॉर्म का चुनाव करदाता की आय, कारोबार की प्रकृति और कर व्यवस्था पर निर्भर करता है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने से बाद में कर विभाग की ओर से परेशानी या स्पष्टीकरण की जरूरत पड़ सकती है। आईटीआर-3 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) के लिए होता है, जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन यानी अनुमानित कर व्यवस्था का विकल्प नहीं चुनते हैं। अगर टैक्सपेयर नियमित रूप से अकाउंट बुक्स मेंटेन करता है, उसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है या वह फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस यानी एफएंडओ ट्रेडिंग करता है, तो कई मामलों में आईटीआर-3 लागू हो सकता है। आईटीआर-3 के जरिए वे टैक्सपेयर्स वेतन या पेंशन, हाउस प्रॉपर्टी, बिजनेस या प्रोफेशन, कैपिटल गेन्स और अन्य स्रोतों से होने वाली आय की जानकारी दे सकते हैं। आम तौर पर यह फॉर्म उन व्यक्तियों या एचयूएफ के लिए इस्तेमाल होता है, जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 या आईटीआर-4 के तहत रिटर्न दाखिल करने के योग्य नहीं हैं। वहीं, आईटीआर-4 यानी सुगम उन व्यक्तियों, एचयूएफ और फर्म के लिए है, जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम के तहत बिजनेस या प्रोफेशनल इनकम घोषित करते हैं और जिनकी कुल आय निर्धारित सीमा के भीतर है। सामान्य तौर पर इसमें 50 लाख रूपये तक की कुल आय वाले पात्र टैक्सपेयर्स शामिल हो सकते हैं। इसमें बिजनेस या प्रोफेशन से होने वाली आय के अलावा वेतन या पेंशन, अधिकतम दो हाउस प्रॉपर्टी से आय और ब्याज, फैमिली पेंशन तथा डिविडेंड जैसी अन्य स्रोतों से आय भी शामिल की जा सकती है। निर्धारित शर्तों के तहत कृषि आय 5,000 रूपये तक और सेक्शन 112ए के तहत आने वाले कुछ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स भी इसमें रिपोर्ट किए जा सकते हैं। हालांकि, हर टैक्सपेयर आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं कर सकता। अगर सेक्शन 112ए के तहत शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स या निर्धारित सीमा से अधिक लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स है, अनलिस्टेड इक्विटी शेयर हैं, विदेशी संपत्ति या विदेश से आय है, घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड करना है, या ऐसी आय है जिस पर विशेष दर से टैक्स लगता है, तो आईटीआर-4 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कंपनी के डायरेक्टर भी इस फॉर्म के जरिए रिटर्न दाखिल नहीं कर सकते। विशेषज्ञों के अनुसार, आयकर रिटर्न दाखिल करने से पहले करदाताओं को फॉर्म 26एएस, वार्षिक सूचना विवरण यानी एआईएस, करदाता सूचना सारांश यानी टीआईएस, फॉर्म 16 और फॉर्म 16ए की जानकारी जांच लेनी चाहिए। साथ ही बैंक खाते और कर भुगतान से जुड़े चालान भी तैयार रखने चाहिए। कारोबारियों को बिक्री-खरीद का रिकॉर्ड, लाभ-हानि खाता, बैलेंस शीट, बिल और चालान, जीएसटी रिटर्न तथा भुगतान माध्यमों से मिले डिटेल्स का भी मिलान करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर करदाता ने शेयर बाजार में निवेश या ट्रेडिंग की है, तो ब्रोकरेज स्टेटमेंट, कॉन्ट्रैक्ट नोट, डीमैट स्टेटमेंट और कैपिटल गेन्स से जुड़ी पूरी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। इनका मिलान एआईएस और बैंक रिकॉर्ड से करना जरूरी है। इसी तरह, किराये से आय पाने वाले प्रॉपर्टी मालिकों को रेंट एग्रीमेंट, नगर निगम टैक्स की रसीद, प्रॉपर्टी के मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज और होम लोन के ब्याज का सर्टिफिकेट संभालकर रखना चाहिए। टैक्सपेयर्स को लागू होने पर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट, फॉर्म 10-आईईए की अनॉलेजमेंट और विभिन्न डिडक्शन का दावा करने के समर्थन में जरूरी दस्तावेज भी तैयार रखने चाहिए। रिटर्न दाखिल करते समय जल्दबाजी के बजाय एआईएस, टीआईएस, फॉर्म 26एएस , बैंक स्टेटमेंट और अन्य रिकॉर्ड को अच्छी तरह मिलाना जरूरी है। इसके अलावा, इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने से पहले सबसे महत्वपूर्ण बात सही आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना है। गलत फॉर्म में रिटर्न दाखिल करने पर बाद में परेशानी हो सकती है। इसलिए अपनी आय के स्रोत, बिजनेस या प्रोफेशन की प्रकृति, कैपिटल गेन्स, विदेशी संपत्ति, शेयर बाजार की ट्रेडिंग और लागू टैक्स व्यवस्था को ध्यान में रखकर ही आईटीआर-3 या आईटीआर-4 का चुनाव करें। इसके साथ ही विशेषज्ञों का कहना हैं कि आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर कई जानकारियां पहले से भरी हुई मिलती हैं, लेकिन उन्हें बिना जांचे स्वीकार नहीं करना चाहिए। रिटर्न जमा करने के बाद ई-सत्यापन पूरा करना भी जरूरी है। जटिल आय या कई स्रोतों से कमाई होने की स्थिति में रिटर्न दाखिल करने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट या योग्य टैक्स एक्सपर्ट की सलाह लेना भी उपयोगी हो सकता है।

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन, पीएम मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की बधाई, मेजर ध्यानचंद को किया याद

नई दिल्ली। हॉकी दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है और मेजर ध्यानचंद को याद किया है। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय खेल दिवस पर सभी को बधाई। मेजर ध्यानचंद की हमेशा रहने वाली विरासत का सम्मान करते हुए, हम पक्के इरादे, अनुशासन और बेहतरीन काम की भावना का जश्न मनाते हैं, जो भारत की खेल संस्कृति को दिखाता है। भारत का बढ़ता स्पोर्ट्स इकोसिस्टम हर स्तर पर प्रतिभा को आगे बढ़ाने के हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। हमारे एथलीट वैश्विक स्टेज पर चमकते रहते हैं, देश का नाम रोशन करते हैं और अगली पीढ़ी को ऊंचे लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित करते हैं।” उन्होंने लिखा, “आइए, यह दिन फिटनेस को बढ़ावा देने, खेलों में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने को बढ़ावा देने और हर युवा भारतीय को लगन और लगन के साथ बेहतरीन काम करने के लिए प्रेरित करने के हमारे इरादे को फिर से मजबूत करे।” पीएम मोदी ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है। उन्होंने लिखा, “हर खेल प्रेमी के लिए आपकी लगन, जुनून और पक्का इरादा सभी को गर्व महसूस कराता है। हम महान मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि देते हैं, जिनकी प्रतिभा पीढ़ियों को प्रेरित करती है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “राष्ट्रीय खेल दिवस पर, मैं मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि देता हूं। उनका बेमिसाल हुनर, लगन और हॉकी के लिए प्यार भारतीयों की कई पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। मैं हमारे उन खिलाड़ियों को भी सलाम करता हूं जो अपनी स्किल, कड़ी मेहनत और शानदार कामयाबियों से दुनिया भर में भारत का तिरंगा गर्व से लहरा रहे हैं।” उन्होंने लिखा, ‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एथलीटों को मजबूत बनाने, युवा टैलेंट को आगे बढ़ाने और खेल की उम्मीदों को राष्ट्रीय कामयाबियों में बदलने के लिए एक मजबूत स्पोर्टिंग इकोसिस्टम बनाया जा रहा है।” जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा, “सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। प्रेरणा के प्रतीक, उन्होंने देश को बहुत गर्व दिलाया। उनकी शानदार खेल भावना और उपलब्धियां पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

मैडिसन स्क्वायर में आरएसएस प्रमुख देंगे भाषण, जहां पीएम मोदी से लेकर ट्रंप तक कई बड़ी हस्तियां कर चुकी हैं कार्यक्रम

न्यूयॉर्क। मैडिसन स्क्वायर गार्डन (एमएसजी), जहां शनिवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भाषण देंगे, एक बहुत बड़ा एरिना है। राजनीति, मनोरंजन, खेल और धर्म के नजरिए से इसकी खास अहमियत है। भागवत उसी जगह मंच संभालेंगे जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में चुनाव जीतने के बाद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता के तौर पर अमेरिका में अपना पहला सार्वजनिक कार्यक्रम किया था। वे संयुक्त राष्ट्र की हाई-लेवल मीटिंग के लिए शहर आए थे। 22,000 लोगों की क्षमता वाला यह एरिना खचाखच भर गया था क्योंकि उनके समर्थक और वे लोग जो भारत में जबरदस्त जीत हासिल करने वाले इस नेता के बारे में जानने को उत्सुक थे, उन्हें सुनने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए उमड़ पड़े थे। यहीं पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 में शहर में शानदार वापसी की थी, जहां उन्हें कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। राष्ट्रपति जिमी कार्टर, बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश को यहीं उनकी पार्टियों के सम्मेलनों में उम्मीदवार के तौर पर चुना गया था। रिपब्लिकन पार्टी ने 2004 में और डेमोक्रेटिक पार्टी ने 1976, 1980 और 1992 में अपना राष्ट्रीय सम्मेलन यहीं आयोजित किया था। न्यूयॉर्क शहर के बीचों-बीच, टाइम्स स्क्वायर से दस ब्लॉक दक्षिण में स्थित 76,000 वर्ग मीटर का यह एरिना एक अनोखी आर्किटेक्चरल संरचना है। इसे न्यूयॉर्क के पेन्सिलवेनिया स्टेशन – जिसे संक्षेप में ‘पेन’ कहा जाता है – के ऊपर बनाया गया है। यह अमेरिका का सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब है, जहां लंबी दूरी की ट्रेनें, कम्यूटर रेल और मेट्रो एक साथ मिलती हैं। हाई-लेवल इवेंट्स की मेजबानी करने वाला यह एरिना – जहां राजनीतिक रैलियों के अलावा राष्ट्रपति भी खेल के मैचों में शामिल होते हैं – अपनी कड़ी सुरक्षा के लिए जाना जाता है। यहां कभी-कभी अंदर आने वाले लोगों की पहचान करने और उन्हें प्रोसेस करने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। एमएसजी तेजी से अपना रूप बदल सकता है – हॉकी के लिए आइस रिंक, बास्केटबॉल कोर्ट, राजनीतिक मंच, धार्मिक गायक-मंडली के लिए गैलरी, बॉक्सिंग या रेसलिंग के लिए रिंग, कॉन्सर्ट के लिए स्टेज – या यहां तक कि शादी की जगह भी। हाल ही में, एमएसजी तब सुर्खियों में आया जब जुलाई में गायिका टेलर स्विफ्ट ने अमेरिकी फुटबॉल खिलाड़ी ट्रैविस केल्स से वहां शादी की, जबकि हजारों फैंस ने इसे घेर रखा था। वहां दो बड़ी राष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स टीमों का स्थायी होम ग्राउंड है – न्यूयॉर्क रेंजर्स के आइस हॉकी खिलाड़ी और नेशनल बास्केटबॉल चैंपियन, न्यूयॉर्क निक्स। वहां कई मशहूर संगीतकारों ने परफॉर्म किया है – जैसे जॉन लेनन, जॉर्ज हैरिसन, एल्टन जॉन, लेडी गागा, लेड जेपेलिन और विक्टोरिया बेकहम व स्पाइस गर्ल्स।

नई दिल्ली। बदलते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन्हीं में से एक है इन्फ्लुएंजा ए (एच1एन1)। स्वस्थ वयस्कों में यह संक्रमण ज्यादातर मामलों में अपने आप ठीक होने वाला होता है। हालांकि, इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि एच1एन1 होने पर सबसे आम लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर या मांसपेशियों में दर्द और थकान शामिल हैं। कुछ लोगों को मतली, उल्टी या दस्त जैसी परेशानी भी हो सकती है। हर व्यक्ति में सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कई बार शुरुआत में सामान्य फ्लू या वायरल जैसा ही महसूस होता है। ऐसे में शरीर के संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर बुखार या खांसी के साथ शरीर में काफी दर्द और कमजोरी महसूस हो रही है, तो पर्याप्त आराम करें और खुद को हाइड्रेट रखें। पानी, सूप या अन्य उपयुक्त तरल पदार्थ लेते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। आराम करने से शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। एच1एन1 जैसे श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें काफी महत्वपूर्ण हैं। हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। इस्तेमाल किए गए टिश्यू को उचित तरीके से फेंकें और हाथ साफ करें। अगर आप अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो घर पर रहें और दूसरों के संपर्क में आने से बचें। इससे संक्रमण के फैलने की संभावना कम करने में मदद मिलती है। बीमारी के दौरान अपनी सेहत पर नजर रखना भी जरूरी है। अगर लक्षण 5–6 दिनों में कम नहीं होते, लगातार बने रहते हैं या हालत बिगड़ती महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। खासतौर पर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सा सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में भी संपर्क किया जा सकता है।

आरएसएस प्रमुख भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं 5,000 लोग

न्यूयॉर्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत शनिवार को न्यूयॉर्क के मशहूर मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। उनके कार्यक्रम में अमेरिका के 39 प्रांतों से 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम की प्रवक्ता प्रिया सामंत ने जानकारी दी कि दोपहर 2 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में 85 शहरों के लोग एक साथ आएंगे। इस कार्यक्रम के लिए 200 से अधिक संगठनों ने साझेदारी की है। सामंत ने कहा, “यह कार्यक्रम भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का जश्न है, जिसका अर्थ है कि दुनिया एक बड़ा परिवार है।” उन्होंने कहा, “हम सभी शांति और सद्भाव के साथ रह सकते हैं, भले ही हमारे बीच मतभेद हों। इस कार्यक्रम के जरिए हम उस संदेश को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें जीवन के हर क्षेत्र से लोग शामिल होंगे।” सामंत ने कहा कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक और आध्यात्मिक तत्वों के साथ अलग-अलग धर्मों के लोगों का मिलन होगा। यह रक्षाबंधन के वीकेंड पर आयोजित किया जा रहा है, जो उनके अनुसार ‘सुरक्षा, देखभाल और एक-दूसरे के बीच ‘बंधन’ का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी युवा भजन गायन करेंगे। आयोजकों ने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बहुत जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सामंत ने कहा कि हालांकि, अब रजिस्ट्रेशन बंद हो गया है, लेकिन शुरुआत में यह सभी के लिए खुला था। जो लोग व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, वे कार्यक्रम को ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्होंने कहा, “हमें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इतने अधिक अनुरोध प्राप्त हुए कि इसे बंद करना पड़ा, लेकिन रजिस्ट्रेशन सबके लिए खुला था।” कार्यक्रम से जुड़े भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों ने कहा कि इसका मुख्य संदेश ऐसे समय में खासतौर पर अहम है, जब दुनिया में टकराव और बंटवारा है। अविनाश गुप्ता ने कहा कि यह सभा हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति के उस शाश्वत दर्शन को दर्शाती है कि दुनिया एक परिवार है। अविनाश ने कहा, “इस विभाजित दुनिया और मुश्किल समय में हमारे लिए एकजुट होना और एक-दूसरे के साथ एकता, शांति और सद्भाव का संदेश फैलाना और भी जरूरी है।” वहीं, इस कार्यक्रम से जुड़े और ‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स’ के वॉलंटियर अंकुर वैद्य ने न्यूयॉर्क के लोगों और बड़े अमेरिकी समुदाय से इसमें शामिल होने की अपील की। वैद्य ने कहा, “हम बड़े अमेरिकी समुदाय और न्यूयॉर्क के लोगों से अपील करते हैं कि वे इसमें शामिल हों और हम जो साझा करना चाहते हैं, उसमें सच्चाई की तलाश करें।” उन्होंने आगे कहा, “इस कार्यक्रम का मकसद सबको साथ लेकर चलने और सबकी भलाई का संदेश देना है।” सामंत ने इस कार्यक्रम के विरोध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आजाद समाज में लोगों को अपनी राय रखने का हक है और जब अलग-अलग समूहों के बीच असहमति हो, तो बातचीत ही आगे बढ़ने का रास्ता है। उन्होंने कहा, “हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, गहरे मतभेद भी हो सकते हैं, लेकिन फिर भी हम एक साथ आ सकते हैं, एक ही मेज पर बैठकर अपने मतभेदों पर बातचीत कर सकते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बातचीत का मतलब समर्थन करना नहीं है, सुनने का मतलब सहमत होना नहीं है और समझने का मतलब अपने मतभेदों को छोड़ देना नहीं है। ‘एकता’ का मतलब ‘एक जैसा होना’ नहीं है। इसका मतलब है कि हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं और फिर भी हम साथ मिलकर काम कर सकते हैं।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर क्रिकेट खेलते नजर आए केंद्रीय मंत्री मांडविया और मेघवाल

नई दिल्ली। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘वन आवर ऑन द प्लेइंग फील्ड’ थीम के तहत कार्यक्रम शुरू किया गया। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इस अवसर पर मौजूद थे। इस अवसर पर मांडविया और अर्जुन राम मेघवाल क्रिकेट खेलते हुए नजर आए। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज मेजर ध्यानचंद की 121वीं जन्म जंयती है। उनकी जन्म जंयती को हम राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर पूरे देश में फिट इंडिया अभियान को आगे बढाने के लिए एक घंटे खेल के मैदान में कार्यक्रम होगा। देश के युवा लाखों की संख्या में अपने-अपने नजदीकी मैदान में गए हैं और खेल से जुड़ी गतिविधियां कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। देश आगे बढ़ रहा है। देश का निर्माण हो रहा है। भारत के निर्माण में देश का युवा फिट हो, समाज फिट हो तभी राष्ट्र समृद्ध बनेगा। हमें हर सप्ताह एक घंटे खुद को मैदान में रखना चाहिए और खुद को फिट रखने की कोशिश करना चाहिए।” केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने आईएएनएस से कहा, “खेलो इंडिया प्रोग्राम बहुत जरूरी है। हम गांवों से आते हैं। हम गांवों और छोटे शहरों में इसका असर देखते हैं। खेलो इंडिया का बहुत बड़ा असर हुआ है। आज का दिन भी खास है। यह मेजर ध्यानचंद की 121वीं जयंती का मौका है। इस मौके पर हम यह वादा करेंगे कि हम खेल के मैदान को एक घंटा देंगे।” इसके अलावा, राष्ट्रीय खेल दिवस पर नॉर्थ ईस्ट दिल्ली पुलिस ने वेलकम पुलिस स्टेशन के पास मिल्खा सिंह मिनी स्टेडियम में ‘नॉर्थ ईस्ट दिल्ली रन’ का आयोजन किया। एडिशनल डीसीपी संदीप लांबा ने आईएएनएस से कहा, “हम फिट इंडिया इनिशिएटिव के तहत हर सप्ताह रविवार को आयोजित करते हैं, जिसमें अलग-अलग पुलिस स्टेशनों पर कार्यक्रम होते हैं। इस बार, क्योंकि यह राष्ट्रीय खेल दिवस था, इसलिए हमने एक दिन पहले आयोजित किया।

नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्री बिहार सरकार की पहल से सुरक्षित नागपुर रवाना

पटना। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन की तत्परता से सुरक्षित निकालकर महाराष्ट्र रवाना कर दिया गया। नेपाल से सीतामढ़ी के रास्ते शुक्रवार रात पटना पहुंचे इन तीर्थयात्रियों को शनिवार सुबह ट्रेन से नागपुर के लिए रवाना किया गया। मुख्य सचिव के रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बातचीत के बाद यात्रियों की सुविधा को देखते हुए संबंधित ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बे लगाए गए। इसके बाद सभी तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहयोग और सुरक्षा प्रदान करते हुए नागपुर के लिए रवाना किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों ने महाराष्ट्र सरकार से संपर्क किया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार से समन्वय स्थापित किया। बिहार सरकार के निर्देश और समन्वय के बाद 28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन की टीम ने तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट करते हुए नेपाल सीमा से सीतामढ़ी तक पहुंचाया। इस दौरान यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से भोजन, पेयजल सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। प्रशासन ने उनकी यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं पर लगातार नजर बनाए रखी। इसके बाद तीर्थयात्रियों को सीतामढ़ी से पटना लाया गया, जहां से शनिवार सुबह उन्हें ट्रेन के माध्यम से नागपुर के लिए रवाना किया गया। रेलवे से समन्वय कर ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बों की व्यवस्था किए जाने से यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से आगे की यात्रा करने में मदद मिली। सुरक्षित वापसी की व्यवस्था से संतुष्ट तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने विषम परिस्थितियों में प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस पूरे राहत एवं बचाव अभियान में बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने विभिन्न स्तरों पर प्रभावी अंतर-राज्यीय समन्वय के साथ काम किया। महाराष्ट्र सरकार से समन्वय स्थापित करने से लेकर नेपाल सीमा से यात्रियों को सुरक्षित निकालने, उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने और फिर उन्हें महाराष्ट्र भेजने तक प्रशासन ने लगातार समन्वित कार्रवाई की। इस अभियान की विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी सराहना की है। दोनों केंद्रीय मंत्रालयों की ओर से बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा विषम परिस्थितियों में की गई त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया।

राष्ट्रीय खेल दिवस: गृह मंत्री अमित शाह, खेल मंत्री मांडविया, संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने युवाओं को मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेने की अपील की

नई दिल्ली। दिग्गज हॉकी की खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पूरे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जा रही है। इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और संसदीय कार्य मंत्री और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मेजर ध्यानचंद को याद करते हुए देशवासियों को राष्ट्रीय खेल दिवस की बधाई दी है। खेल मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर देशवासियों से खुद को फिट रखने के लिए सप्ताह में कम से कम एक घंटा किसी खेल को देने की अपील की। गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, “अपनी अद्भुत और असाधारण प्रतिभा से भारतीय हॉकी को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं समस्त देशवासियों को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। मेजर ध्यानचंद का कौशल ऐसा था कि पूरी दुनिया उनकी हॉकी की कायल थी और जज्बा ऐसा कि गुलामी के कालखंड में भी उन्होंने अपने खेल से भारत का गौरव बढ़ाया। उनका अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय खेल जगत की अमूल्य विरासत है, जो खिलाड़ियों व युवाओं को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।” केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “आज मेजर ध्यानचंद की 121वीं जन्म जंयती है। उनकी जन्म जंयती को हम राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाते हैं। इस अवसर पर पूरे देश में फिट इंडिया अभियान को आगे बढाने के लिए एक घंटे खेल के मैदान में कार्यक्रम होगा। देश के युवा लाखों की संख्या में अपने-अपने नजदीकी मैदान में गए हैं और खेल से जुड़ी गतिविधियां कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। देश आगे बढ़ रहा है। देश का निर्माण हो रहा है। भारत के निर्माण में देश का युवा फिट हो, समाज फिट हो तभी राष्ट्र समृद्ध बनेगा। हमें हर सप्ताह एक घंटे खुद को मैदान में रखना चाहिए और खुद को फिट रखने की कोशिश करना चाहिए।” वहीं, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। हॉकी के जादूगर, महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका अद्वितीय खेल कौशल, अनुशासन और समर्पण आज भी देश के खिलाड़ियों को प्रेरित करता है। आइए, खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सशक्त और खेल महाशक्ति बनते भारत के संकल्प को आगे बढ़ाएं।

दिल्ली एनसीआर में स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप, अस्पतालों के लिए इमरजेंसी एडवाइजरी जारी

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर में मौसम में बदलाव के साथ मौसमी बीमारियों का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के कुल 192 मरीज सामने आ चुके हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए इमरजेंसी एडवाइजरी जारी की है। वहीं, जिले में डेंगू के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अब तक 48 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को निर्देश दिया है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की पहचान को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। अस्पतालों में आने वाले ऐसे मरीज, जिनमें तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी, बदन दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो उनकी चिकित्सकीय जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन को संक्रमण से बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कहा गया है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी संदिग्ध मरीजों के उपचार के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अस्पतालों में दवाओं, जांच सुविधाओं और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। दूसरी ओर, डेंगू के 48 मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों की रोकथाम और लार्वा नियंत्रण अभियान को भी तेज करने की तैयारी की है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें ऐसे स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं, जहां पानी जमा होने के कारण डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है। साथ ही लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बदलते मौसम में वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। ऐसे में लोगों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। बुखार या फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से परामर्श करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है। अस्पतालों से मरीजों की जानकारी जुटाई जा रही है और स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतें और लक्षण दिखाई देने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।

अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ ‘दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील’ पर किया समझौताः ट्रंप

न्यूयॉर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तेल को लेकर एक समझौता हुआ है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा, “अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी तेल डील की है!” ट्रंप ने कहा कि निजी कंपनियों के साथ साझेदारी करके अमेरिका ने “वेनेजुएला में मौजूद 65 अरब बैरल से अधिक तेल भंडार पर अमेरिकी नियंत्रण हासिल कर लिया है और इसके लिए अमेरिकी टैक्सपेयर की जेब से एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ है।” ट्रंप ने दावा किया कि इस डील से “अमेरिका का तेल भंडार दोगुने से भी अधिक हो जाएगा, तेल की सप्लाई बहुत बढ़ जाएगी और भविष्य में लंबे समय तक सभी अमेरिकियों के लिए ईंधन की कीमतें काफी कम हो जाएंगी।” सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के आखिर में ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद से अमेरिका में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इस बीच, वेनेज़ुएला ने शुक्रवार को अमेरिकी सरकार के साथ एक “ऐतिहासिक समझौते” की घोषणा की। इसका मकसद देश के हाइड्रोकार्बन उद्योग के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को फिर से बनाने और उसमें निवेश को बढ़ावा देना है। एक बयान में वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और देश के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश लाने में मदद करेगा। बयान में कहा गया है कि इस समझौते से निजी ऑपरेटरों की भागीदारी के साथ वेनेजुएला में तेल उत्पादन को काफी हद तक बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसमें आगे कहा गया है कि समझौते के तहत “17 अहम तेल क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, जिनमें 65 अरब बैरल तेल होने की पुष्टि हो चुकी है। इससे 100 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आएगा और सरकार को 209 अरब डॉलर से ज्यादा का टैक्स मिलेगा।” बता दें कि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है। इससे पहले 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमला किया और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को जबरदस्ती हिरासत में लेकर न्यूयॉर्क ले गई। 29 जनवरी को रोड्रिगेज ने तेल क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के लिए देश के हाइड्रोकार्बन कानून में आंशिक सुधार को मंजूरी देने की घोषणा की।