सीपीएल 2026: दासुन शनाका का ऐतिहासिक शतक, सेंट किट्स ने सेंट लूसिया को 137 रन से हराया

वार्नर पार्क। कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2026 के 25वें मैच में श्रीलंकाई बल्लेबाज दासुन शनाका ने इतिहास रच दिया। सेंट किट्स एंड नेविस पैट्रियट्स की तरफ से खेलते हुए शनाका ने लीग के इतिहास का सबसे तेज शतक लगाया। शनाका की शतकीय पारी की बदौलत सेंट किट्स ने सेंट लूसिया किंग्स को 137 रन के विशाल अंतर से हराया। सेंट लूसिया किंग्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी सेंट किट्स की तरफ से पारी की शुरुआत जॉनसन चार्ल्स और काइल मायर्स ने की। शुरुआत अच्छी नहीं रही और मायर्स मात्र 1 रन बनाकर 8 के स्कोर पर पहले विकेट के रूप में आउट हुए। चार्ल्स और फ्लेचर ने दूसरे विकेट के लिए 48 गेंदों पर 81 रन की साझेदारी की। चार्ल्स 23 गेंदों पर 26 रन बनाकर दूसरे विकेट के रूप में आउट हुए। इसके बाद दासुन शनाका चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। शनाका और फ्लेचर ने तीसरे विकेट के लिए 33 रन की साझेदारी की। फ्लेचर का तीसरे विकेट के रूप में 13.1 ओवर में 128 के स्कोर पर आउट हुए। फ्लेचर ने 38 गेंदों पर 4 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 64 रन बनाए। इसके बाद वॉर्नर पार्क में शनाका शो देखने को मिला। गेंदबाज कोई भी शनाका के विस्फोटक शॉट्स ने नहीं बच सका। फ्लेचर के आउट होने के बाद टीम के लिए सारे रन शनाका के बल्ले से निकले। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 43 गेंदों पर 12 छक्कों और 8 चौकों की मदद से नाबाद 121 रन की पारी खेली और टीम का स्कोर 20 ओवर में 4 विकेट पर 235 तक पहुंचाया। शनाका ने मात्र 39 गेंदों पर शतक पूरा किया। यह सीपीएल इतिहास का सबसे तेज शतक है। उनके साथ क्रीज रप हसरंगा 6 गेंदों पर 9 रन बनाकर नाबाद रहे। 236 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी सेंट लूसिया की टीम 13.5 ओवर में मात्र 98 रन पर सिमट गई और 137 रन के बड़े अंतर से मैच हारी। यह हार और भी बड़ी हो सकती थी अगर सलामी बल्लेबाज टिम सिफर्ट ने 36 गेंदों पर 50 रन की पारी नहीं खेली होती। सेंट किट्स के लिए जेरेमिया लुईस ने 2.5 ओवर में मात्र 10 रन देकर 5 विकेट लिए। वानिंदु हसरंगा ने अश्मिड नेड ने 2-2 और नसीम शाह ने 1 विकेट लिया। दासुन शनाका प्लेयर ऑफ द मैच रहे।

कीव स्‍थ‍ित अमेरिकी कंपनी पर रूस का ड्रोन हमला अमेर‍िका को साफ संदेश : जेलेंस्की

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति का कार्यालय ने बताया क‍ि रूस ने ‘शाहेद’ ड्रोन से कीव स्‍थ‍ित अमेरिकी कंपनी कोका-कोला के एक संयंत्र (प्लांट) पर हमला किया। यह हमला गुरुवार शाम को अमेरिकी कंपनी को न‍िशाना बनाकर क‍िया गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि यह हमला अमेरिका को साफ संदेश है। रूस यह जानता है क‍ि यह अमेर‍िकी कंपनी है, फ‍िर भी उसने हमला क‍िया। राष्ट्रपति का कार्यालय के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में जानकारी साझा करते हुए बताया क‍ि राष्‍ट्रपत‍ि जेलेंस्की अपने संबोधन में कहा, “रूस ने एक ड्रोन के जरिए कोका-कोला के एक संयंत्र (प्लांट) पर हमला किया। लगता है कि अब कोका-कोला भी उनके लिए इतना बड़ा दुश्मन बन गया है कि वे उस पर अपने ‘शाहेद’ ड्रोन से हमला कर रहे हैं। यह अमेरिका के लिए रूस का एक साफ संदेश है। रूस यह नहीं कह सकता कि उसे पता नहीं था कि यह एक अमेरिकी कंपनी है।” यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने इस हमले की न‍िंदा की। सिबिहा ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में कहा क‍ि कीव क्षेत्र में कोका-कोला की एक सुविधा पर हुआ रूसी हमला कोई अलग-थलग घटना नहीं थी। यह अमेरिकी व्यावसायिक हितों पर किया गया एक और जानबूझकर हमला है और उस व्यापक रूसी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना और अमेरिकी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बाहर करने का दबाव बनाना है। बयान में कहा गया कि केवल मजबूत और सख्त रुख ही मॉस्को को उसकी सीमा दिखा सकता है। इसी संदर्भ में एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) से ‘सैंक्शनिंग रशिया एक्ट’ को पारित करने की अपील की गई है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बता चुके हैं क‍ि पश्चिमी देशों के प्रतिबंध रूसी अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका और यूक्रेन के बीच ऐसी व्यवस्था पर बातचीत चल रही है, जिनसे यूक्रेन भविष्य में उन्नत मिसाइल रोधी रक्षा प्रणालियों का उत्पादन कर सके। रुबियो ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय कई घरेलू और युद्ध संबंधी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। हमलों के साथ-साथ प्रतिबंधों का रूसी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर उनकी बड़ी चिंताओं में शामिल है। हालांकि रुबियो ने आर्थिक नुकसान के बारे में कोई विशेष आंकड़ा नहीं दिया और न ही किसी खास यूक्रेनी हमले का नाम लिया।

मजबूत वैश्विक संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और आईटी में खरीदारी

मुंबई। मजबूत वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के सत्र में बढ़त के साथ खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 466 अंक या 0.61 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 76,619 और निफ्टी 46 अंक या 0.20 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,916 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार में तेजी को बढ़ाने का काम डिफेंस और आईटी ने किया। सूचकांकों में निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.89 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी सर्विसेज, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी इन्फ्रा, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी पीएसई भी हरे निशान में थे। दूसरी तरफ निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे। मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 63,237 अंक पर करीब सपाट कारोबार कर रहा था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 83 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 20,134 पर था। सेंसेक्स पैक में बजाज फिनसर्व, इंडिगो, ट्रेंट, इन्फोसिस, टीसीएस, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, बीईएल, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, एमएंडएम, आईटीसी, एसबीआई, एचसीएल टेक, एलएंडटी, पावर ग्रिड और टाटा स्टील गेनर्स थे। एक्सिस बैंक, इटरनल, भारती एयरटेल और एचयूएल लूजर्स थे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार हरे निशान में बंद हुए थे। इस दौरान मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। जानकारों ने कहा कि बाजार के लिए मौजूदा समय में घरेलू स्तर पर सकारात्मक और वैश्विक स्तर पर नकारात्मक फैक्टर्स बने हुए हैं। घरेलू स्तर शानदार 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ और निजी निवेश का बढ़ना अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा है, लेकिन अमेरिका, यूरोप, यूके और जापान में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना वैश्विक बाजारों के लिए एक अहम नकारात्मक कारक बना हुआ है, जिसे लेकर निवेशक सतर्क बने हुए है।

5 सितंबर का पंचांग: हनुमान जी को चोला समर्पित करना फलदाई, पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रात 9:53 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। शनिवार होने के कारण भगवान शनि देव और हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। हनुमान जी को सिंदूर व चोला अर्पित करना चाहिए। शनिवार सुबह 6:14 बजे सूर्योदय और शाम 6:37 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 12:48 बजे चंद्रोदय और अगले दिन दोपहर 02:05 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा रात 9:30 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। शनिवार हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन वज्र योग रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:16 से 2:45 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल सुबह 9:19 बजे से 10:52 बजे और गुलिक काल सुबह 6:14 से 7:47 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल दोपहर 1:58 से 3:31 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। शनिवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेगा। पूर्व और उत्तर-पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।

भारत की ओर से नेपाल को मदद जारी, दो सी-130 जे विमान 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू उतरे

नई दिल्ली। नेपाल के लिए भारत की ओर से मानवीय सहायता जारी है। नेपाल में आई व‍िनाशकारी बाढ़ के पीड़ितों की मदद के ल‍िए भारत ने दो और सी-130जे विमान राहत सामग्री के साथ भेजे हैं। इन विमानों के जरिए 21.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है। गुरुवार रात राहत सामग्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया क‍ि भारत ने नेपाल के लिए अपनी मानवीय सहायता जारी रखते हुए दो और सी-130जे विमान राहत सामग्री के साथ भेजे हैं। उन्‍होंने बताया क‍ि इन विमानों के जरिए 21.5 टन राहत सामग्री नेपाल पहुंचाई गई है, जिसमें फोरेंसिक किट और चिकित्सा सामग्री भी शामिल है। राहत सामग्री विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी दी गई है। जायसवाल ने कहा क‍ि यह अतिरिक्त सहायता नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों को और मजबूत करेगी तथा बाढ़ से प्रभावित लोगों और समुदायों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। व‍िदेश मंत्रालय ने कहा क‍ि भारत ने एक बार फिर संकट की इस घड़ी में नेपाल के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हुए राहत कार्यों में सहयोग जारी रखा है। नेपाल के इस मुश्‍क‍िल समय में भारत लगातार मदद का हाथ बढ़ाए हुए है। इससे पहले भी अलग-अलग तारीखों में भारत की ओर से पांच व‍िमान नेपाल राहत सामग्री पहुंचा चुके हैं। इससे पहले बुधवार को नेपाल के लिए भारत का पांचवां राहत विमान काठमांडू उतरा था। यह विमान 11 सदस्यीय बचाव दल, विशेष बचाव उपकरणों और 5.5 टन जरूरी दवाइयों के साथ नेपाल भेजा गया था। बुधवार तक नेपाल की मदद के लिए भारत ने 68 टन से अधिक राहत सामग्री और विशेष बचाव दल भेजा था। भेजी गई राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग, मजबूत तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं। इसके अलावा जरूरी दवाइयां, खाद्य पैकेट, सोलर लैंप, पानी शुद्ध करने की गोलियां और पोर्टेबल जनरेटर भी भेजे गए हैं।

जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल का दिव्य शृंगार, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, शुक्रवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। शुक्रवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रीकृष्ण के स्वरूप में बाबा महाकाल ने श्रद्धालुओं को दर्शन दिया। बाबा का श्रीकृष्ण भगवान के रूप में शृंगार किया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।

पहली बार जीएसएलवी मार्क 2 वाहन से सबसे भारी सैटेलाइट को लॉन्च किया गया: इसरो प्रमुख

श्रीहरिकोटा। जीएसएलवी-एफ 17 द्वारा ईओएस-05 को तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाकर अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा करने पर इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने आईएएनएस से बातचीत की। इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “यह मिशन बहुत महत्वपूर्ण है और हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि पहली बार जीएसएलवी मार्क 2 व्हीकल से सबसे भारी सैटेलाइट को लॉन्च किया गया है। जब हमने शुरुआत की थी, तब जीएसएलवी मार्क 2 वाहन की क्षमता केवल 1,536 किलोग्राम थी। आज हमने इसकी क्षमता में लगभग 40 फीसदी का सुधार किया है और यह इस व्हीकल द्वारा लॉन्च किया गया सबसे भारी सैटेलाइट है।” स्पेस सेक्टर इकोसिस्टम के निजीकरण पर हो रही आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए इसरो प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “हमारे देश की स्पेस इकॉनमी और स्पेस इकोसिस्टम का बढ़ना ज़रूरी है क्योंकि इसरो अकेले देश की ज़रूरतों को पूरा नहीं कर सकता। अभी हमारे पास 56 सैटेलाइट हैं, लेकिन सैकड़ों सैटेलाइट की जरूरत है। इसलिए, सरकार ने स्पेस सेक्टर में सुधारों की घोषणा की है और इसरो इन गतिविधियों में मदद कर रहा है। हमें यह पक्का करना होगा कि हमारे देश में स्पेस इकोसिस्टम का विकास हो।” कुलशेखरपटनम के बारे में अपडेट देते हुए डॉ. वी. नारायणन ने कहा, “कुलशेखरपटनम में काम बहुत अच्छे से चल रहा है। कभी आप लोग आ सकते हैं, हम आप सभी को वहां आकर इसे सीधे देखने के लिए आमंत्रित करेंगे, न कि सिर्फ इसके बारे में बात करेंगे। काम तय लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है और हमें उम्मीद है कि मार्च तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। गगनयान का काम भी बहुत अच्छा चल रहा है और इस साल पहला बिना क्रू वाला मिशन भेजने का लक्ष्य है।” बता दें कि जीएसएलवी-एफ 17 भारत के जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (जीएसएलवी) की 19वीं मिशन है और जीएसएलवी-एफ के पेलोड फेयरिंग का कॉन्फ़िगरेशन 4 मीटर व्यास वाला ओजाइव (कम्पोजिट) ​​वर्जन है। जीएसएलवी-एफ 17 व्हीकल ने ईओएस-05 सैटेलाइट को सब-जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में स्थापित किया है।

जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट पृथ्वी पर नजर रखेगा ईओएस-05 सैटेलाइट, मिशन के सफल लॉन्च पर वैज्ञानिकों ने दी बधाई

श्रीहरिकोटा। जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च के बाद मौके पर मौजूद और इस मिशन में अपना योगदान देने वैज्ञानिकों ने लोगों को संबोधित करते बधाई दी। एलपीएससी के डायरेक्टर जयन एन ने कहा, “जीएसएलवी ने एक और शानदार सफलता हासिल करके अपनी काबिलियत फिर से साबित कर दी है। इस शानदार उपलब्धि में योगदान देने वाले हर व्यक्ति को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। लिक्विड प्रोपल्शन टीम की ओर से मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि सभी छह लिक्विड स्टेज – पांच रिस्टोरेबल स्टेज और एक क्रायोजेनिक स्टेज ने एकदम सटीक तरीके से काम किया और सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचाया।” आईपीआरसी के डायरेक्टर नारायणन अप्पू ने कहा, “आज जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन की सफलता के साथ दिन की कितनी शानदार शुरुआत हुई है, वह भी सूरज उगने से पहले। इसरो की टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे बेहतरीन क्वालिटी और एकदम सटीक तरीके से स्पेस मिशन पूरे करने में माहिर हैं।” स्पेसक्राफ्ट डायरेक्टर इम्तियाज अहमद ने कहा, “इस शानदार लॉन्च और जीएसएलवी द्वारा अपनी श्रेणी के सबसे भारी और बड़े सैटेलाइट को पूरी सटीकता से कक्षा में पहुंचाने के लिए पूरी इसरो टीम को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। ईओएस-05 असल में जियोसिंक्रोनस ऑर्बिट से पृथ्वी पर नजर रखने वाला (अर्थ ऑब्जर्वेशन) सैटेलाइट है। यह सैटेलाइट अनोखा और अपनी तरह का इकलौता है, जिसमें मल्टीबैंड ऑपरेटिंग क्षमताएं हैं।” आईएसटीआरएसी के डायरेक्टर राघवेंद्र एम आर ने कहा, “इस शानदार मिशन को पूरा करने के लिए इसरो की टीम को बधाई। सैटेलाइट को बहुत सटीक ऑर्बिट में स्थापित किया गया है। पूरे मिशन के दौरान, हमारे सात आईएसटीआरएसी ग्राउंड स्टेशनों ने इसे ट्रैक किया। सभी स्टेशनों ने बहुत अच्छा काम किया और बेहतरीन डेटा दिया। स्पेसक्राफ्ट के आगे के सभी ऑपरेशन्स के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।” एमसीएफ के डायरेक्टर पंकज दामोदर किल्लेदार ने कहा, “स्पेसक्राफ्ट अब ऑर्बिट में है और हमारे नियंत्रण में है। यह मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी के तहत 33वां सैटेलाइट है। लॉन्च टीम को बधाई।” वीएससी के डायरेक्टर डॉ. राजीव ने कहा, “जीएसएलवी-एफ 17/ईओएस-05 मिशन के सफल लॉन्च पर सभी को हार्दिक बधाई। हमने सटीक ऑर्बिट हासिल कर ली है। यह उपलब्धि इसरो की पूरी टीम के सदस्यों की टीमवर्क की वजह से संभव हो पाई। मैं इसरो चेयरमैन को उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद देता हूं। इसे हासिल करने के लिए इसरो के सभी सेंटर्स ने एक परिवार की तरह काम किया। टीम के सभी सदस्यों ने बहुत त्याग किए। उन्होंने इस मिशन को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ दिन-रात ओवरटाइम काम किया।

श्रेया घोषाल का फैन गर्ल मोमेंट, फ्लाइट में हुई फाल्गुनी पाठक से खास मुलाकात

मुंबई। मशहूर गायिका श्रेया घोषाल अपनी गायिकी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं, लेकिन हाल ही में वे खुद एक फैन गर्ल बन गईं। दरअसल, फ्लाइट के दौरान उनकी मुलाकात फाल्गुनी पाठक से हुई और यह सफर उनके लिए यादगार बन गया। फाल्गुनी पाठक ने इंस्टाग्राम पर इस मुलाकात की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह फ्लाइट के अंदर श्रेया घोषाल और संगीतकार जोड़ी विशाल-शेखर के साथ नजर आ रही हैं। तस्वीर पोस्ट कर फाल्गुनी पाठक ने लिखा, “कुछ सफर मंजिल की वजह से नहीं बल्कि, रास्ते में मिले लोगों की वजह से खास बन जाते हैं। फ्लाइट में बेहद टैलेंटेड विशाल-शेखर और श्रेया घोषाल से मिलना एक प्यारा सरप्राइज था। खूबसूरत बातें, हसीन मुलाकात और साथ ले जाने के लिए कुछ यादें। कुछ पल बस दिल में संजोकर रखने के लिए होते हैं।” फाल्गुनी पाठक से मिलना श्रेया घोषाल के लिए भी उतना ही खास था। उन्होंने कमेंट सेक्शन पर अपने दिल का हाल बयां करते हुए बताया कि ये उनके लिए फैन गर्ल मूमेंट था। गायिका श्रेया घोषाल ने लिखा, “यह मेरा फैन गर्ल मूमेंट था। लव यू सो मच मैम।” फाल्गुनी पाठक मशहूर गायिका हैं और आज भी नवरात्र जश्न की शान और फेस्टिव पॉप की एक पहचान हैं। उनके गाने जैसे ‘मैंने पायल है छनकाई’, ‘चूड़ी’, ‘मेरी चुनर उड़ उड़ जाए’, ‘ओ पिया’ और ‘याद पिया की आने लगी’ आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं। गुजराती लोक संगीत के साथ मिला उनका म्यूजिक एक पूरी पीढ़ी के लिए नवरात्र का साउंडट्रैक बन गया है। वहीं दूसरी ओर, श्रेया घोषाल अपनी पीढ़ी की सबसे वर्सेटाइल प्लेबैक सिंगर्स में से एक के तौर पर स्थापित है। विशाल-शेखर के साथ उनकी लंबी जोड़ी ने कई हिट गाने दिए हैं, जिनमें ‘तुझ में रब दिखता है’, “मैं अगर कहूं” (ओम शांति ओम, 2007), ‘मनवा लागे’, ‘राधा’ (स्टूडेंट ऑफ द ईयर), ‘खबर नहीं’ (दोस्ताना) और ‘कहानी (फीमेल)’ (कहानी) शामिल जैसे सुपरहिट गाने भी शामिल हैं।

श्री चरणी ने दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ा, खतरे में पूनम यादव का रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में खेले जा रहे एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। लगातार 2 मैच जीतकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच खेलना है। गुरुवार को भारतीय टीम ने हांगकांग को 137 रनों से हराया। इस मैच में स्मृति मंधाना के विस्फोटक शतक के साथ ही श्री चरणी ने भी अपनी गेंदबाजी के खास उपलब्धि हासिल की। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए थे। हांगकांग 16.2 ओवर में 56 रन पर सिमट गई और 137 रन से हार गई। हांगकांग को 56 पर समेटने में श्री चरणी का अहम योगदान रहा। बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 3.2 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए, जबकि नंदिनी शर्मा और प्रेमा रावत को भी 2-2 विकेट लिए। श्री चरणी ने 2 विकेट लेकर एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने के वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया। चरणी ने 2026 में अब तक 31 टी20 विकेट लिए है। दीप्ति शर्मा ने 2024 में 30 और 2022 में 29 विकेट लिए थे। एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने का महिला भारतीय रिकॉर्ड पूनम यादव के नाम है। पूनम ने 2018 में 35 विकेट लिए थे। श्री चरणी के पास इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का भरपूर अवसर है। पूरी संभावना है कि जारी एशिया कप में ही चरणी एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज होने का भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। हांगकांग के खिलाफ हुए इस मैच का मुख्य आकर्षण स्मृति मंधाना की शतकीय पारी रही। मंधाना ने 64 गेंदों पर 7 छक्कों और 14 चौकों की मदद से 124 रन की पारी खेली। मंधाना का टी20 क्रिकेट का यह दूसरा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 18वां शतक था। मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।