प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मिले मोबाइल में सैकड़ों अश्लील वीडियो, एफएसएल ने की पुष्टि

बेंगलुरु। बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रेप केस में सजा काट रहे पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जब्त मोबाइल फोन में सैकड़ों वीडियो फाइलें मिली हैं, जिनमें अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि फोन को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट में वीडियो फाइलों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। परप्पना अग्रहारा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 11 अगस्त को बेंगलुरु सेंट्रल जेल में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन जब्त किया गया था। प्रज्वल रेवन्ना और उसी सेल में बंद विचाराधीन कैदी प्रताप राय ने पुलिस के बार-बार कहने के बावजूद पासवर्ड देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद डिवाइस को एफएसएल भेजा गया। जांच के मुताबिक, मोबाइल फोन में 173 फाइलें मिलीं। इनमें तीन अश्लील वीडियो प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े थे। डिवाइस में कई अन्य अश्लील वीडियो के साथ-साथ कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों के क्लिप, वेब सीरीज और अन्य वीडियो कंटेंट भी मिला है। पुलिस मोबाइल फोन के कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि डिवाइस से कथित तौर पर कई महिलाओं को वीडियो कॉल और व्हाट्सऐप कॉल किए गए थे। पुलिस खास तौर पर उन महिलाओं को किए गए कॉल की जांच कर रही है जो गिरफ्तारी से पहले प्रज्वल रेवन्ना के साथ अश्लील वीडियो में देखी गई थीं। एक पेन ड्राइव में भी 150 से ज्यादा वीडियो होने की खबर है। जांचकर्ता पेन ड्राइव की सामग्री की भी जांच कर रहे हैं। डिवाइस से मिले कुछ कंटेंट को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि जेल से प्रज्वल रेवन्ना ने कथित तौर पर जिन महिलाओं से संपर्क किया था, उनका बरामद सामग्री से कोई संबंध है या नहीं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस कुछ महिलाओं को नोटिस जारी करने और उनसे पूछताछ करने पर विचार कर रही है। उनसे मोबाइल फोन से किए गए कथित कॉल और वीडियो कॉल के बारे में पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रज्वल रेवन्ना जेल में रहते हुए मोबाइल फोन के जरिए कई लोगों के नियमित संपर्क में था। उस पर हर दिन परिवार के सदस्यों से बात करने और वीडियो कॉल करने का भी शक है। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते, पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उसने अपने वकील से संपर्क करने के लिए भी फोन का इस्तेमाल किया। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना जेल के अंदर मोबाइल फोन पर बात करते दिख रहे थे। इस घटना के बाद पुलिस ने 11 अगस्त को जेल परिसर की तलाशी ली और मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल फोन जेल में कैसे लाया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि एक जेल वार्डर ने कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना को मोबाइल फोन दिया था। मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है और जांच कर रही है कि हाई-सिक्योरिटी जेल में यह कैसे पहुंचा। डिवाइस और पेन ड्राइव की एफएसएल जांच इस जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डिवाइस का इस्तेमाल कैसे किया गया और क्या जेल के नियमों या अन्य कानूनों का उल्लंघन हुआ है।

भारत-ईरान रिश्तों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले, पुराने संबंध नहीं भूलने चाहिए

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रमोद तिवारी ने भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए दोनों देशों के बीच संवेदनशील और दोस्ताना रिश्ते बनाए रखने की जरूरत बताई। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत को ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को नहीं भूलना चाहिए। आजादी के समय भारत की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और उस दौर में अरब देशों ने भारत को कम कीमत पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया था। तिवारी ने यह भी कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था। कांग्रेस सांसद ने अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को भी अनुचित बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बोलने का साहस नहीं दिखाते और उन्हें गले लगाते रहते हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सहयोगी के यहां ईडी की छापेमारी के बाद कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने पर प्रमोद तिवारी ने इसे पार्टी की नैतिकता से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में यह भावना है कि बड़े भ्रष्टाचार से दूरी रखी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, हरीश रावत ने नैतिकता का तकाजा मानते हुए इस्तीफा देकर एक उदाहरण पेश किया है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की जांच कानून के तहत होनी चाहिए, लेकिन हरीश रावत द्वारा पद छोड़ना उनकी राजनीतिक नैतिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जिम्मेदारी स्वीकार करने और सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मानदंड स्थापित करने वाला कदम बताया। भारत-चीन तनाव पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को लेकर भी सांसद प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या रिजिजू ने विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों को चीन से जुड़े मुद्दों पर बोलना चाहिए, वे चुप हैं। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि चीन अरुणाचल प्रदेश को अपने हिस्से के रूप में दिखा रहा है, वहां ‘स्मार्ट विलेज’ बना रहा है और भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई इन गतिविधियों का मुकाबला कर सकता है तो वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि भारत की जमीन के छोटे से हिस्से पर भी किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

बिहार : पंडा जी के घर में परंपरा और सरकारी टेंट सिटी में सुविधा, पितृपक्ष के लिए गयाजी पूरी तरह तैयार

गयाजी। बिहार के गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवासन, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है। इस बार श्रद्धालुओं के लिए 44 आवासन स्थल चिन्हित किए गए हैं, जहां करीब 12,070 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने पारंपरिक पंडा आवासों, धर्मशालाओं और होटलों के अलावा बड़े स्तर पर अस्थायी आवासन की व्यवस्था की है। गांधी मैदान में कुंभ मेला की तर्ज पर करीब 2,500 बेड की क्षमता वाली आधुनिक टेंट सिटी तैयार की गई है। यहां श्रद्धालुओं के लिए ठहरने के साथ पेयजल, रोशनी और शौचालय जैसी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, सभी आवासन स्थलों पर पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे और महत्वपूर्ण दूरभाष नंबरों से संबंधित साइनेज की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल टीमों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जबकि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। आवासन स्थलों पर 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख आवासन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस बल और दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया है। आवासन व्यवस्था में निगमा मोनास्ट्री में सर्वाधिक 2,400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1,200, मानवीकी भवन गया कॉलेज में 800, राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, टी मॉडल इंटर विद्यालय और प्लस टू हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400-400 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कई विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य भवनों को भी आवासन स्थल बनाया गया है। पिंडदानियों के लिए पंडा आवास भी महत्वपूर्ण विकल्प होते है। कई पिंडदानी अपने पुरोहित के घर ही रुकते हैं। यहां श्रद्धालुओं को रहने के साथ पिंडदान की सामग्री, वेदी भ्रमण और उनकी भाषा के अनुरूप पुरोहित की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल जाती है। गयाजी और बोधगया के निजी होटल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं। बोधगया के कई होटल श्रद्धालुओं के लिए विशेष पिंडदान पैकेज और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान के साथ सुरक्षित, स्वच्छ, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

ईरानी राष्ट्रपति की बेटी जहरा पहुंची ब्रिक्स बाजार, भारतीय शिल्प कला में दिखाई रुचि

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की बेटी जहरा और उनके पति हसन मजीदी ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स बाजार का दौरा किया। उन्होंने ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों की कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती शानदार प्रदर्शनी देखी। जहरा पेजेश्कियन और हसन मजीदी के साथ महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी भी मौजूद थीं। इस दौरान वो विभिन्न स्टॉल्स पर मौजूद कारीगरों और शिल्पकारों से बात करती नजर आईं। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के कई पवेलियन देखे, जिनमें भारतीय पवेलियन भी शामिल था। साथ ही, उन्होंने सभी देशों की पारंपरिक कला, शिल्प और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखी। ब्रिक्स बाजार सदस्य और सहयोगी देशों के कारीगरों, डिजाइनरों और क्रिएटिव उद्यमों को एक मंच पर लाने का प्रयास है। इसके जरिए इन देशों की विविध संस्कृतियों और रचनात्मकता से साक्षात्कार होता है। यह बाजार आने वालों को असल शिल्प, हथकरघा, टेक्सटाइल, कलाकृतियों और कई अन्य उत्पादों को देखने का मौका देता है, जो भाग लेने वाले देशों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते हैं। यहां ईरानी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले दो स्टॉल भी लगाए गए हैं, जिनमें देश की पारंपरिक कढ़ाई और हस्तशिल्प विरासत को दिखाया गया है। ईरानी स्टॉल्स में से एक बलोची कढ़ाई को प्रदर्शित करता है। इसे नादिया करीमी ने लगाया है। बलोची कढ़ाई, जिसे स्थानीय भाषा में “दोच” (जिसका अर्थ है सिलाई या सुई का काम) कहा जाता है, एक प्राचीन और बारीक हाथ की सिलाई वाली कला है। इसे पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में फैले बलूचिस्तान क्षेत्र की महिलाएं करती हैं। करीमी पारंपरिक बलोची कढ़ाई तकनीक को आधुनिक डिजाइनों के साथ मिलाती हैं, ताकि सदियों पुरानी इस कला को आधुनिक रूप दिया जा सके। उन्होंने हाल ही में कनाडा में ‘तारन’ नाम का एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड शुरू किया है, जो ईरानी कला और उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करता है। ईरान का दूसरा स्टॉल आमनेह सेदिघी ने लगाया है, जिसमें रश्ती कढ़ाई और ईरानी सुई के काम के अन्य रूप दिखाए गए हैं। इस कला में पारंपरिक ईरानी सुई का काम और कढ़ाई शामिल है, खासकर रश्ती कढ़ाई (जिसे रश्ती-दूजी भी कहा जाता है) और साथ ही शीशे का काम (जिसे आईनेह-दूजी कहा जाता है)। रश्त के हस्तशिल्प को आधुनिक रोजमर्रा के उत्पादों, जैसे कपड़े, जूते और सैंडल, में बदला गया है, जबकि इस क्षेत्र की पारंपरिक कलात्मक विरासत की खूबियों को भी बनाए रखा गया है।

कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप में आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ दूसरा गैर-जमानती वारंट जारी

जम्मू। जम्मू की एनआईए कोर्ट की ओर से कश्मीर में आतंकवादियों को हथियार, फंड और निर्देश देने के आरोप में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ एक नया गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है। दो महीनों में उनके खिलाफ यह दूसरा ऐसा वारंट है। जम्मू में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कोर्ट के स्पेशल जज ने अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कहा, “एनआईए के सीआईओ को सुना और आवेदन व उससे जुड़े दस्तावेजों को देखा। रिकॉर्ड की जांच से पता चलता है कि जांच के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आई है और उस पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप है।” स्पेशल जज ने आगे कहा, “इस बात को ध्यान में रखते हुए कि आरोपी अभी भी फरार है और जांच एजेंसी सामान्य तरीके से उसे पेश करने में कामयाब नहीं हो पाई है, इस याचिका को मंजूरी दी जाती है।” इसलिए, आरोपी हाफिज मुहम्मद सईद के खिलाफ गिरफ्तारी का एक सामान्य वारंट (गैर-जमानती) जारी किया जाता है।” कोर्ट ने आगे कहा, “यह वारंट कानून में बताई गई प्रक्रिया के अनुसार तामील कराने के लिए डीआईजी, एनआईए जम्मू को भेजा जाता है। इस अर्जी का निपटारा किया जाता है और जरूरी कार्रवाई के बाद इसे रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।” यह आदेश 8 सितंबर को जारी किया गया था। हाफिज सईद पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत के सबसे ज्यादा वांछित (मोस्ट-वांटेड) ग्लोबल आतंकवादियों में से एक है। वह अभी जम्मू-कश्मीर में सीमा पार की बड़ी साजिशों और हाई-प्रोफाइल हमलों के सिलसिले में एनआईए की सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहा है। भारतीय एजेंसियां उसकी कस्टडी की कोशिश कर रही हैं। भारतीय इंटेलिजेंस का मानना ​​है कि पाकिस्तान के सिस्टम के भीतर कुछ लोग उसे बचाने का काम कर रहे हैं। वह यूएन की लिस्ट में शामिल ग्लोबल आतंकवादी है और अमेरिकी सरकार ने उस पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है।

एशिया कप फाइनल: श्रीलंका को हल्के में नहीं लेगी भारतीय टीम, पिछली बार मिली थी करारी हार

नई दिल्ली। महिला एशिया कप 2026 का फाइनल मुकाबला रविवार को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में रात 8 बजे से भारत और श्रीलंका के बीच खेला जाना है। भारत ने बांग्लादेश को तो श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। रोमांचक फाइनल पर भारत औ श्रीलंका के फैंस की नजर है। वनडे विश्व कप 2025 की विजेचा भारतीय टीम किसी भी सूरत में फाइनल में श्रीलंका को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगी। श्रीलंका पिछले एशिया कप (2024) में भारत के चैंपियन बनने का सपना तोड़ चुकी है। पिछले एशिया कप में चमारी अथापट्टू की कप्तानी वाली श्रीलंका ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम इंडिया को 8 विकेट से हराकर चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था। पिछला फाइनल खेलने वाले दोनों देशों के कई खिलाड़ी इस बार भी अपनी-अपनी टीमों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। भारतीय टीम श्रीलंका से पिछली हार का बदला लेते हुए चैंपियन बनने की कोशिश करेगी। वहीं, श्रीलंका ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और भारत को कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार है। महिला एशिया कप 2024 के फाइनल में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 165 रन बनाए थे। पारी की शुरुआत करने आई स्मृति मंधाना ने 47 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से 60 रन की पारी खेली थी। इसके अलावा, विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 14 गेंदों पर 30 और जेमिमा रोड्रिग्स ने 29 रन की पारी खेली थी। शेफाली वर्मा ने 16 रन बनाए थे। श्रीलंका ने 18.4 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 167 रन बनाकर मैच 8 विकेट से जीता था। श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापट्टू ने 43 गेंदों पर 2 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 61 रन की पारी खेली थी। वहीं, हर्षिता समरविक्रमा ने 51 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से नाबाद 69 रन की पारी खेली थी। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की अहम साझेदारी हुई थी। इसके अलावा, कविशा दिल्हारी ने भी 16 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाए थे। भारतीय गेंदबाजी श्रीलंकाई बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह धराशाई हो गई थी।

दिल्ली के नंद नगरी में 5 मामलों में वांछित बदमाश गिरफ्तार, पुलिस ने 2 अवैध हथियार और कारतूस किए बरामद

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने नंद नगरी इलाके से एक सक्रिय अपराधी को गिरफ्तार किया है। वह हत्या की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन जैसे पांच पुराने आपराधिक मामलों में शामिल था। पुलिस ने अपराधी के पास से दो अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि नंद नगरी थाना क्षेत्र में टीम गश्त कर रही थी। तभी उसे एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जिसे 4 सितंबर को नंद नगरी के सी-ब्लॉक में एक पार्क के पास पिस्तौल लोड करते देखा गया था। इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में हल्के नीले रंग की टी-शर्ट और काली टोपी पहने एक व्यक्ति को पिस्तौल लोड करते देखा गया। उसके साथ एक और व्यक्ति भी फुटेज में दिखाई दिया। जांच ​​के दौरान पता चला कि सीसीटीवी फुटेज में दिखे व्यक्ति का भाई मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता था। पूछताछ में उसने पिस्तौल लोड करने वाले व्यक्ति की पहचान अपने बड़े भाई रोहित के रूप में की। उसने यह भी बताया कि रोहित नशे का आदी था और उसके परिवार ने उसे 5 सितंबर को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। इसके बाद पुलिस टीम नशा मुक्ति केंद्र पहुंची, जहां रोहित उर्फ ​​पॉली ने स्वीकार किया कि सीसीटीवी फुटेज में पिस्तौल लोड करते हुए दिखने वाला व्यक्ति वही था। उसने अपने साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति की पहचान भी बताई। आरोपी रोहित की निशानदेही पर पुलिस टीम ने उसके घर की तलाशी ली, जिसमें दो अवैध हथियार और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई। पुलिस ने आरोपी रोहित का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान, पता चला कि वह पहले भी 5 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, जिनमें हत्या की कोशिश, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियारों के स्रोत और सीसीटीवी फुटेज में दिखे दूसरे व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

तमिलनाडुः 65 सरकारी टेक्निकल कॉलेजों में एलुमनाई नेटवर्क बनाए जाएंगे

चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सरकारी टेक्निकल संस्थानों में एकेडमिक सपोर्ट, इंडस्ट्री से जुड़ाव, रिसर्च के मौकों और स्टूडेंट प्लेसमेंट को बेहतर बनाने के मकसद से एक नई पहल के तहत 65 संस्थानों में एलुमनाई नेटवर्क बनाए जाएंगे। राज्य सरकार ने इस प्रोग्राम के लिए 1.30 करोड़ रुपये तय किए हैं, जिसमें 11 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और 54 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज शामिल हैं। हर संस्थान को अपनी एलुमनाई एसोसिएशन (पूर्व छात्रों का संगठन) बनाने या उसे मजबूत करने के लिए एक बार में 2 लाख रुपये मिलेंगे। कॉलेजों को निर्देश दिया गया है कि वे इस ग्रांट का इस्तेमाल पूर्व छात्रों की पहचान करने, एलुमनाई डेटाबेस बनाने, मीटिंग आयोजित करने और आउटरीच प्रोग्राम चलाने में करें। उम्मीद है कि इस पहल से सफल ग्रेजुएट अपने संस्थानों और मौजूदा छात्रों के साथ फिर से नियमित रूप से जुड़ सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग का मानना ​​है कि पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी से सरकारी कॉलेजों को इंडस्ट्री और प्रोफेशनल संगठनों के साथ मजबूत संबंध बनाने में मदद मिल सकती है। पूर्व छात्र मेंटरिंग, इंटर्नशिप, करियर गाइडेंस, प्लेसमेंट में मदद, रिसर्च पार्टनरशिप और रिसोर्स जुटाने जैसे कामों में योगदान दे सकते हैं। अधिकारियों का मानना ​​है कि सरकारी कॉलेजों के कैंपस में रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप को बेहतर बनाने में संगठित एलुमनाई नेटवर्क (पूर्व छात्रों का नेटवर्क) अहम भूमिका निभा सकते हैं। वे संस्थानों को इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप, रिसर्च संगठनों और सरकारी एजेंसियों के साथ बेहतर साझेदारी बनाने में भी मदद कर सकते हैं। सरकार ने कराईकुडी के अलगप्पा चेट्टियार गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को पूर्व छात्रों की भागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण बताया है। 2026-27 एकेडमिक ईयर के दौरान सरकार ने कॉलेज के एलुमनाई एसोसिएशन को ‘अलगप्पा इनक्यूबेशन फोरम और रिसर्च पार्क’ बनाने के लिए 75 करोड़ रुपये जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रस्तावित रिसर्च पार्क को एक ऐसे इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम के तौर पर देखा जा रहा है जो एकेडमिक संस्थानों, रिसर्चर्स, इंडस्ट्री, स्टार्ट-अप और सरकारी निकायों को आपस में जोड़ेगा। इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलने, रिसर्च में सहयोग आसान होने और छात्रों को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रोजेक्ट्स पर काम करने के मौके मिलने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा विभाग सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी इसी तरह की सक्रिय एलुमनाई बॉडी (पूर्व छात्र संगठन) बनाना चाहता है। अधिकारियों ने बताया कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जैसे प्रमुख संस्थानों में रिसर्च और एकेडमिक डेवलपमेंट को सपोर्ट करने में पूर्व छात्रों के योगदान ने अहम भूमिका निभाई है। विभाग का मानना ​​है कि इस मॉडल को राज्य द्वारा संचालित संस्थानों में भी सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है। सरकारी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में पहले से ही ऐसे ग्रेजुएट्स की बड़ी संख्या है जो अलग-अलग सेक्टर में अहम पदों पर हैं, उन्हें एक साथ लाने से छात्रों और कैंपस, दोनों को फायदा हो सकता है। कई कॉलेजों में ये संगठन बनाने का काम शुरू हो चुका है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से संस्थानों और उनके पूर्व छात्रों के बीच लंबे समय तक चलने वाले संबंध बनेंगे, साथ ही प्लेसमेंट की संभावनाओं, रिसर्च क्षमता और संस्थान के विकास को भी मजबूती मिलेगी।

बिहार में 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, जलस्तर में कमी से कटाव का खतरा

पटना। बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण राज्य के 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में करीब 47.92 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक नदी डुमरिया घाट, कोसी नदी बलतारा और कुर्सेला, बूढ़ी गंडक खगड़िया, गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती नदी बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में भी खतरे के निशान से ऊपर है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,245 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक करीब 73.30 लाख थाली भोजन उपलब्ध कराया गया है। वहीं, 13 राहत शिविरों में 12,260 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा सहित अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक करीब 3.50 लाख पॉलीथीन शीट, 57,100 ड्राई राशन पैकेट और करीब 1,400 फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। आबादी के निष्क्रमण और आवागमन को सुगम बनाने के लिए 1,840 नावों का परिचालन किया जा रहा है। पशुपालकों की मदद के लिए अब तक 11,204 क्विंटल पशुचारा भी वितरित किया गया है। नदियों के जलस्राव की स्थिति पर भी विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। शनिवार को सुबह 10 बजे वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 75,500 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति स्थिर रही। इसी तरह वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्राव 1,43,665 क्यूसेक दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति स्थिर रही। इस वर्ष 20 जुलाई को कोसी का अधिकतम जलस्राव 2,55,425 क्यूसेक दर्ज किया गया था। इंद्रपुरी बराज पर सोन नदी का जलस्राव 70,021 क्यूसेक रहा और इसमें कमी की प्रवृत्ति दर्ज की गई। सोन का इस वर्ष अधिकतम जलस्राव 2 सितंबर को 5,63,654 क्यूसेक दर्ज किया गया था। संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और तेज गति से हवा चलने की संभावना जताई है। इस बीच जल संसाधन विभाग ने जलस्तर में अचानक कमी यानी ‘सडन ड्रॉडाउन’ को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। विभाग ने चेताया है कि जलस्तर तेजी से घटने पर नदी के किनारों पर अचानक और तेज कटाव का खतरा बढ़ सकता है। इससे संवेदनशील तटीय क्षेत्रों और तटबंधों पर जोखिम उत्पन्न हो सकता है। अधिकारियों को संवेदनशील तटों, कटाव-प्रवण स्थलों और पहले से कमजोर स्थानों की लगातार निगरानी तथा पेट्रोलिंग करने को कहा गया है। अचानक कटाव, तट धंसने या नदी की धारा के तेजी से तट की ओर बढ़ने के संकेत मिलने पर तत्काल स्थल निरीक्षण कर सुरक्षात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। विभाग ने कटाव की सूचना में किसी भी तरह की देरी नहीं करने और पर्याप्त संसाधन व सामग्री पहले से उपलब्ध रखने को कहा है। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मु से मिले ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। दोनों ने भारत-ईरान परिवर्तन, व्यापार, क्षेत्रीय सहयोग और मित्र देशों के हितों पर चर्चा की। पेजेशियन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत भ्रमण पर हैं। पेजेशशियन 18वें ब्रिक्स समिति शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने जा रही है। एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्य मंत्री (पीओसी) शांतनु ठाकुर ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक्स पोस्ट में कहा, “भारत और ईरान के बीच सांस्कृतिक और लोगों के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत हैं, जो मजबूत सांस्कृतिक और लोगों के बीच सौहार्दपूर्ण रिश्ते जुड़े हुए हैं। ब्रिक्स मेट्रोपॉलिटन के मुताबिक, दोनों देश साझा प्रगति और समृद्धि में योगदान के लिए काम कर रहे हैं।” शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेजेशियन के साथ बैठक की और पश्चिम एशिया में स्थिर शांति और दृढ़ता सुनिश्चित करने के लिए जोर दिया। नई दिल्ली में ब्रिक्स समिति के बीच हुई बातचीत में पीएम मोदी ने नेविगेशन और व्यापार की आजादी और नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। दो सप्ताह से भी कम समय में दोनों नेताओं के बीच यह दूसरी बैठक थी। इससे पहले वे 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ समित के दौरान मिले थे। जब दोनों नेताओं ने पासपोर्ट के विभिन्न मापदंडों पर चर्चा की, तो प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान की नियमित और उच्च स्तरीय भागीदारी के लिए ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में “मुश्किल हालात” के बावजूद भी ईरान का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने वैश्विक दक्षिण देशों के बीच बुनियादी ढांचे, नवाचार, सहयोग और स्थिरता की भावना को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स की क्षमता का जिक्र किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) के मुताबिक, पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में भाग लेने के लिए राष्ट्रपति पेजेशियन का भी शुक्रिया अदा किया। बैठक के बाद एमी जारी ने एक बयान में कहा, “दोस्तों के नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचार-विमर्श किया। प्रधानमंत्री ने भारत के रुख को दोहराते हुए कहा कि सभी लोगों द्वारा कहा गया है कि सभी योग्यता और राजनयिकों के माध्यम से स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्थिर शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने, प्रवेश और व्यापार स्वतंत्रता की रक्षा करने और नाविकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए भी जोर दिया। बयान में आगे कहा गया है, “प्रधानमंत्री ने बहुप्रतिष्ठित आक्षेपों में शामिल ब्रिक्स को शामिल किया है, जो कि बहुमत के समर्थकों के बीच में हैं।” भारत शनिवार और रविवार (12-13 सितंबर) को नई दिल्ली के भारत महोत्सव में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। भारत की ब्रिक्स लीडरशिप ‘निर्माण के लिए नवाचार, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ थीम पर आधारित है।