भारत मंडपम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज दूसरा और आखिरी दिन, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। विदेशी मेहमानों के लिए आज के दिन भी भारत मंडपम सजकर तैयार है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह सम्मेलन शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हुआ था। सभी ब्रिक्स देशों के समर्थन से कल ‘नई दिल्ली घोषणापत्र 2026’ जारी किया गया। इस घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए आपसी बातचीत, परामर्श और कूटनीतिक प्रयासों के अपने संकल्प को दोहराया। घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी चिंता जताई गई और ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने के साथ-साथ ऐसी कार्रवाइयों से बचने को कहा गया जिनसे हालात और बिगड़ सकते हैं। बता दें कि भारत चौथी बार इस सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। वहीं, शनिवार को चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों को लेकर अहम बातें कही। शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों को मानवता के भविष्य और अपने लोगों के कल्याण को प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत बनाना चाहिए तथा विश्व शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति शी ने भारत-चीन संबंधों के दीर्घकालिक और स्थिर विकास के लिए चार प्रमुख सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि पहला, दोनों देशों को वस्तुनिष्ठ और संतुलित रणनीतिक समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए। भारत और चीन साझेदार हैं, प्रतिद्वंद्वी नहीं, और एक-दूसरे के विकास के लिए अवसर हैं, खतरा नहीं। उन्होंने कहा कि यह सोच दोनों देशों के विकास स्तर, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और जनता के साझा हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। दूसरा, दोनों देशों को सहयोग और साझेदारी के जरिए साझा सफलता हासिल करनी चाहिए। इसके लिए विकास को साझा लक्ष्य मानकर मित्रवत संबंधों और पारस्परिक लाभकारी सहयोग को बढ़ाया जाना चाहिए। तीसरा, दोनों देशों को आपसी सम्मान और समझदारी के आधार पर बाधाओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों और सीमा से जुड़े मुद्दों को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जाना चाहिए तथा सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए। चौथे सुझाव में शी जिनपिंग ने बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि भारत और चीन को ब्रिक्स की अध्यक्षता में एक-दूसरे का समर्थन करना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन तथा जी-20 जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाना चाहिए।

ईरान और ओमान के बीच बनी सहमत‍ि, होर्मुज स्‍ट्रेट के नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा तैयार

तेहरान/दोहा। ईरान के अधिकारियों ने बताया है कि ईरान और ओमान ने होर्मुज स्‍ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली एक क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह समझौता ईरान और ओमान के बीच लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत के बाद हुआ। अगस्त के आखिर में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी। सूत्र के मुताबिक, नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा। वहीं निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा। सूत्र ने कहा कि यह मार्ग ईरान की ओर से तय की गई व्यवस्थाओं के तहत संचालित होगा। नया सिस्टम लागू होने के बाद जलमार्ग के दक्षिणी मार्ग को बंद कर दिया जाएगा। सूत्र के अनुसार, अमेरिका इस बात पर जोर दे रहा था कि दक्षिणी मार्ग खुला रहना चाहिए। सूत्र ने यह भी साफ किया कि इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्‍ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा। उसने कहा कि जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए ईरान ने 7 शर्तें रखी हैं, जो अमेरिका को बता दी गई हैं। स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र ने कहा कि जब तक उन शर्तों को लागू नहीं किया जाता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा। उसके अनुसार, इसे दोबारा खोलने का फैसला पूरी तरह अमेरिका के व्यवहार पर निर्भर करेगा। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने शुक्रवार को बताया कि खाड़ी तटवर्ती देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक सोमवार को ओमान में होने वाली है। इस बैठक में क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित समुद्री मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत भी शामिल है। शनिवार को मीडिया से बात करते हुए बाघेई ने कहा कि उम्मीद है कि इस बैठक में खाड़ी देशों के विदेश मंत्रियों के अलावा ईरान और इराक के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “कार्यसूची के तहत हम प्रतिनिधिमंडलों को होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों के सुरक्षित आवागमन को लेकर ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे।” उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने यह बातचीत इसलिए की क्योंकि वे होर्मुज स्‍ट्रेट के दोनों तटीय देश हैं। पिछले महीने के अंत में ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि उन्होंने एक चरणबद्ध योजना पर विचार-विमर्श किया है। इस योजना में जलडमरूमध्य के भीतर अस्थायी संयुक्त नौवहन गलियारा (शिपिंग कॉरिडोर) बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। वहीं अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर आने या वहां से जाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी। होर्मुज स्‍ट्रेट, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, दुनिया में तेल और गैस की ढुलाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। ओमान और ईरान इस जलडमरूमध्य के दोनों ओर स्थित हैं। समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर दोनों देश लंबे समय से आपसी बातचीत और सहयोग बनाए हुए हैं।

बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए जेनरेटर और खुले बाजार का सहारा ले रही तमिनाडु सरकार

चेन्नई। लंबे समय तक गर्मी रहने और हवा से बिजली का उत्पादन कम होने के कारण राज्य के बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है। इसे देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने बिजली बनाने वाली कंपनियों और खुले बाजार से अतिरिक्त 2,000 एम डब्ल्यू बिजली खरीदने का फैसला किया है। बिजली की खपत में भारी बढ़ोतरी और कई जिलों में सप्लाई में रुकावट की खबरों के बीच तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) ने यह इमरजेंसी खरीद शुरू की है। कॉरपोरेशन को उम्मीद है कि इस अतिरिक्त बिजली से मांग और सप्लाई के बीच के अंतर को कम करने और बिना रुकावट बिजली सप्लाई बनाए रखने में मदद मिलेगी। यह कदम कुछ इलाकों में बिना किसी सूचना के एक घंटे तक बिजली कटौती की शिकायतों के बाद उठाया गया है। लोगों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी किया, उन्होंने बिना पहले से बताए बिजली कटौती का आरोप लगाया और भरोसेमंद बिजली सप्लाई बहाल करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की। बिजली मंत्री आर. निर्मलकुमार ने कहा कि तमिलनाडु में लगातार दो दिनों तक बिजली की कमी की वजह विंड एनर्जी (हवा से बनने वाली बिजली) के उत्पादन में अचानक आई गिरावट थी। सप्लाई की ऐसी ही दिक्कतें कई राज्यों में देखी गईं और यह सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं थीं। मंत्री ने बताया कि कमी को पूरा करने के लिए जरूरी बिजली शुक्रवार शाम को कॉमन पावर सप्लाई पूल से ली गई थी। उन्होंने कहा कि बिजली लेने के बाद पूरे तमिलनाडु में बिजली सप्लाई सामान्य हो गई। टीएनपीडीसीएल ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि इस साल गर्मी जैसा मौसम उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रहा, जिससे बिजली की खपत काफी बढ़ गई। लगातार गर्मी के कारण घरों, कमर्शियल जगहों और ऑफिसों में एयर कंडीशनर, पंखे और दूसरे कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ गया। साथ ही, हवा की कम गति का असर विंड एनर्जी प्लांट से होने वाले बिजली उत्पादन पर भी पड़ा, जो इस दौरान राज्य के लिए बिजली का एक अहम स्रोत है। विंड पावर की उपलब्धता में कमी के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें भी आईं, जैसे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के कुछ हिस्सों में कभी-कभी वोल्टेज में उतार-चढ़ाव। टीएनपीडीसीएल ने कहा कि अलग-अलग स्रोतों से अतिरिक्त 2,000 एमडब्ल्यू बिजली हासिल करने के इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि सप्लाई और डिमांड के बीच बढ़ते अंतर को ठीक से संभाला जा सके। कॉर्पोरेशन बिजली नेटवर्क और डिमांड पैटर्न पर भी नजर रख रहा है ताकि आगे कोई रुकावट न आए। अधिकारियों ने कहा कि बिजली की उपलब्धता की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बिजली खरीदी जाएगी। टीएनपीडीसीएल ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया कि खराब मौसम और हवा से कम बिजली उत्पादन के बावजूद, बिजली की सप्लाई को स्थिर रखने और लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

एलेना रायबाकिना बनीं यूएस ओपन चैंपियन, सबालेंका के हैट्रिक खिताब का सपना तोड़ा

न्यूयॉर्क। कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना यूएस ओपन 2026 की महिला एकल चैंपियन बन गई हैं। रायबाकिना का यह पहला यूएस ओपन खिताब है। दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी रायबाकिना फाइनल में नंबर 2 खिलाड़ी बेलारूस की एरिना सबालेंका को हराकर चैंपियन बनीं। अपना पहला यूएस ओपन फाइनल खेल रही रायबाकिना ने सबालेंका को 2 घंटे 21 मिनट तक चले मुकाबले में 6-4, 5-7, 6-2 से हराया। हार के साथ ही सबालेंका का लगातार तीसरी बार यूएस ओपन का खिताब जीतने का सपना टूट गया। इससे पहले रायबाकिना ने सबालेंका को ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी हराया था। रायबाकिना का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। उनके पास चार मेजर खिताब में अब सिर्फ फ्रेंच ओपन नहीं है। मुकाबले में रायबाकिना ने शुरुआती सेट में ज्यादातर समय अपनी ताकतवर सर्व और क्लीन बॉल-स्ट्राइकिंग का इस्तेमाल करके सबालेंका पर लगातार दबाव बनाए रखा। सबालेंका ने भी एक रोमांचक शुरुआती गेम के बाद सर्व बनाए रखा। लेकिन राइबाकिना जल्दी ही अपनी लय में आ गईं। उन्होंने अपने अगले सर्विस गेम में लव बनाए रखा, लगातार चार पॉइंट बनाए और सबालेंका के लिए बेसलाइन से खुद को आगे बढ़ाना मुश्किल कर दिया। रायबाकिना ने 44 मिनट में पहला सेट 6-4 से जीता। सबालेंका ने जोरदार वापसी की और दूसरा सेट 7-5 से जीता। तीसरे और निर्णायक सेट में सबालेंका ने मैराथन ओपनिंग सर्विस गेम में कई ब्रेक पॉइंट बचाए, लेकिन रायबाकिना ने तुरंत फिर से दबाव बना दिया। रायबाकिना ने दो एस के साथ लव बनाए रखा और आखिरकार 2-1 से ब्रेकथ्रू हासिल किया। एक बार बढ़त मिलने के बाद कजाख खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बैकहैंड वॉली विनर और एक एस के साथ ब्रेक को मजबूत किया, जिसका जवाब सबालेंका के पास नहीं था। सबालेंका ने 2-3 से स्कोर बनाकर थोड़ी देर के लिए बढ़त को रोका, लेकिन रायबाकिना मजबूती से नियंत्रण में रहीं। उन्होंने अपने अगले सर्विस गेम में तेजी से 4-2 से बढ़त हासिल की, जिसमें सबालेंका की गलतियों ने उनकी बढ़ती फ्रस्ट्रेशन को और बढ़ा दिया। निर्णायक झटका 4-2 पर लगा। ऐसा लग रहा था कि सबालेंका 30-0 से गेम को कंट्रोल में कर रही हैं, लेकिन रायबाकिना ने शानदार वापसी की। एक डबल फॉल्ट और एक बैकहैंड एरर से कजाख खिलाड़ी ने आखिरकार एक शानदार फोरहैंड वॉली विनर के साथ अपना दूसरा ब्रेक पॉइंट बदल दिया। 5-2 से, चैंपियनशिप बस हाथ से निकलने ही वाली थी। दो डबल फॉल्ट के बावजूद राइबाकिना शांत रहीं, उन्होंने ऐस से शुरुआत की और फिर फोरहैंड विनर लगाया। एक और डबल फॉल्ट ने सबालेंका को थोड़ी देर के लिए उम्मीद दी, लेकिन रायबाकिना ने एक और फोरहैंड विनर लगाकर मैच पॉइंट हासिल किया और अंतत: 6-2 से निर्णायक सेट अपने नाम किया।

कांगो में इबोला का 17वां प्रकोप काबू में, खतरा अभी भी पूरी तरह टला नहीं : डीआरसी

किंशासा। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) सरकार के अनुसार, देश में फैला इबोला प्रकोप अब नियंत्रण में है और यह अपने चरम स्तर को पार कर चुका है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर अचानक सामने आ रहे नए मामलों, संक्रमण के निरंतर प्रसार और इसके सातवें प्रांत तक पहुंचने के कारण अभी भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। सरकार के प्रवक्ता पैट्रिक मुयाया ने शुक्रवार को कैबिनेट बैठक की रिपोर्ट पढ़ते हुए स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंबा का हवाला देते हुए कहा, “इबोला का 17वां प्रकोप काबू में है और अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह की शुरुआत में यह अपने चरम पर पहुंच गया था।” सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का कहना है कि सभी मुख्य संकेत मामले घटने की ओर इशारा कर रहे हैं। प्रकोप के हालिया विस्तार से पहले प्रभावित 10 स्वास्थ्य क्षेत्रों में कम से कम 21 दिनों से कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जबकि प्रकोप के केंद्र पूर्वी प्रांत इटुरी के कई इलाकों में संक्रमण की रफ्तार धीमी हुई है। इसके बावजूद, अधिकारियों ने लगातार सतर्कता बरतने और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों का पता लगाने) को सख्ती से करने को कहा है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में हाल ही में मामले बढ़े हैं, वहां कड़ी निगरानी जरूरी है। कांगो के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और मौजूदा सांसद जीन-जैक्स मबुंगानी मबांडा ने इस आकलन को लेकर सावधानी बरतने की अपील की। ​​उन्होंने शनिवार को कहा कि कुछ इलाकों में मामलों में कमी का मतलब यह नहीं निकाला जाना चाहिए कि हर जगह संक्रमण पर काबू पा लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकोप में, जहां संक्रमण कई जगहों से फैल रहा हो, अलग-अलग इलाके अलग-अलग समय पर अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि महामारी का ग्राफ (एपिडेमिक कर्व) केवल पहचाने गए मामलों को दिखाता है और समुदायों में मौजूद उन संक्रमणों से प्रभावित हो सकता है जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। मंगलवार को अपनी नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि प्रकोप “अभी भी अनियंत्रित और अलग-अलग तरह का (हेटरोजीनस) बना हुआ है।” कुछ इलाकों में संक्रमण कम हो रहा है, जबकि अन्य जगहों पर यह बढ़ रहा है या भौगोलिक रूप से फैल रहा है। संगठन ने कहा, “यह प्रकोप एक समान रूप से घटने के बजाय भौगोलिक रूप से अलग-अलग तरह का व्यवहार दिखा रहा है।” डीआरसी सरकार ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिमी प्रांत सुद-उबांगी में इबोला के पहले मामले की पुष्टि की, जिससे यह प्रभावित होने वाला सातवां प्रांत बन गया है। सुद-उबांगी की सीमा उन छह प्रांतों में से किसी से भी नहीं लगती है जहां पहले इबोला के मामलों की पुष्टि हुई थी। मबांडा के अनुसार, जिस 23 साल के मरीज़ की बाद में मौत हो गई, उसने सुद-उबांगी पहुंचने से पहले काफी यात्रा की थी। उसने कई प्रांतों और पड़ोसी देशों रवांडा और युगांडा की यात्रा की थी, जिसमें सड़क और नदी दोनों रास्ते शामिल थे। 10 सितंबर तक, डीआरसी में इबोला के 7,022 कन्फर्म मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें 3,398 मौतें शामिल थीं और मृत्यु दर 48.4 प्रतिशत थी। यह बीमारी अब सात प्रांतों के 62 हेल्थ जोन में फैल चुकी है। मई में घोषित यह मौजूदा प्रकोप डीआरसी के इतिहास में इबोला की सबसे बड़ी और सबसे घातक महामारी बन गया है। साथ ही, यह दुनिया भर में दूसरी सबसे बड़ी महामारी है; इससे बड़ी महामारी 2014-2016 में पश्चिम अफ्रीका में फैली थी।

एआर रहमान ने फिल्मों में कश्मीर को सकारात्मक दिखाने पर दिया जोर, कहा-अतीत बीत चुका

मुंबई। संगीत के उस्ताद एआर रहमान ने बॉलीवुड फिल्मों में कश्मीर को ज्यादा सकारात्मक रूप से दिखाने की अपील की है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से कहा कि वे हिंसा और अतीत पर ध्यान देने के बजाय घाटी की प्राकृतिक सुंदरता और शांतिपूर्ण पहलू को दिखाएं। जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान मीडिया से बात करते हुए रहमान ने कहा कि सिनेमा कश्मीर को सकारात्मक नजरिए से पेश करने और इसकी सुंदर नजारों को दिखाने में अहम भूमिका निभा सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड को कश्मीर का इस्तेमाल फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के तौर पर ज्यादा करना चाहिए, तो नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले गायक ने कहा कि इंडस्ट्री को घाटी की सुंदरता और शांति को दिखाने पर ध्यान देना चाहिए। रहमान ने कहा, “यह बहुत अच्छी बात है। मुझे लगता है कि अब ऐसा ही होना चाहिए। उन्हें सुंदरता और शांति को सामने लाना चाहिए और प्रकृति को सकारात्मक चीज के तौर पर देखना चाहिए, न कि हिंसा या अतीत के बारे में बात करनी चाहिए। अतीत बीत चुका है और भविष्य उज्ज्वल है।” उन्होंने कहा कि कश्मीर के सुंदर नजारे और शांतिपूर्ण माहौल इसे प्रेरणा की तलाश कर रहे फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के लिए एक बेहतरीन जगह बनाते हैं। उन्होंने कहा, “कश्मीर एक खूबसूरत जगह है और इसे ईश्वर का आशीर्वाद मिला है। इसलिए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन तारीफ के काबिल है और हर कोई कश्मीर की सुंदरता और वहां के माहौल को देख सकता है। मेरी इच्छा है कि यह फिल्म फेस्टिवल बहुत मशहूर हो और बहुत से लोग यहां आएं और कश्मीरी लोगों की मेहमाननवाजी का आनंद लें।” कश्मीर की अपनी मौजूदा यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए रहमान ने बताया कि वह एक विज्ञापन की शूटिंग के लिए घाटी में आए थे। संगीतकार ने कहा, “मैं एक विज्ञापन के लिए आया हूं। मैं आपको बताऊंगा कि यह क्या है। हमने विज्ञापन की शूटिंग का आनंद लिया। हमने इसे अभी पूरा किया है।” ऑस्कर विजेता संगीतकार ने कश्मीर में भविष्य में किसी प्रोजेक्ट पर साथ काम करने की योजना का भी संकेत दिया, जिसमें घाटी में लाइव परफॉर्मेंस की संभावना भी शामिल है। उन्होंने कहा, “हमारे पास कुछ योजनाएं हैं और हम बातचीत कर रहे हैं। उम्मीद है कि मैं यहां आकर परफॉर्म कर सकूंगा।” कश्मीरी लोक और पारंपरिक संगीत की समृद्धि पर जोर देते हुए, एआर रहमान ने स्थानीय कलाकारों के साथ काम करने और क्षेत्र की संगीत प्रतिभा को जानने-समझने की इच्छा जताई। “रॉकस्टार” फिल्म के दौरान कश्मीर के साथ अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म के लिए स्थानीय महिलाओं को पारंपरिक लोक गीत गाते हुए रिकॉर्ड किया था। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छा सुझाव है और मैं ऐसा करना पसंद करूंगा। मैं ‘रॉकस्टार’ के लिए यहां आया था।” उन्होंने कहा, “मैंने महिलाओं को लोक गीत गाते हुए रिकॉर्ड किया और हमने ‘रॉकस्टार’ में इसका इस्तेमाल किया। हम यहां आकर और भी काम करना चाहते हैं।

अमेरिका ने बाढ़ पीड़ितों की पहचान करने में नेपाल की मदद के लिए अतिरिक्त 10 लाख डॉलर की दी मंजूरी

वॉशिंगटन। अमेरिका ने नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की पहचान करने में मदद के लिए अतिरिक्त 1 मिलियन डॉलर की मंजूरी दी है। इसके साथ ही, आपदा से निपटने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से दी जाने वाली कुल मदद 5 मिलियन डॉलर से अधिक हो गई है। अमेरिकी फोरेंसिक विशेषज्ञ नेपाली पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। विदेश विभाग ने 12 सितंबर को जारी एक बयान में कहा कि नई फंडिंग से नेपाल पुलिस को फोरेंसिक मदद मिलेगी। डिपार्टमेंट के ‘ब्यूरो ऑफ इंटरनेशनल नारकोटिक्स एंड लॉ एनफोर्समेंट अफेयर्स’ ने पीड़ितों की पहचान करने में नेपाली सरकार की मदद करने की कोशिशों के तहत इस पैसे को मंजूरी दी। अमेरिकी अधिकारी नेपाल पुलिस के साथ मिलकर सबसे जरूरी जरूरतों का पता लगा रहे हैं, जिनमें डीएनए एनालिसिस किट भी शामिल हैं। यह फोरेंसिक मदद बाढ़ से प्रभावित समुदायों के लिए आपातकालीन भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सेवा और अन्य राहत कार्यों के लिए दी जा रही फंडिंग के अलावा है। विदेश विभाग ने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति जाहिर करते हुए और नेपाली लोगों के साथ अमेरिका की दोस्ती को दोहराते हुए कहा, “प्रभावित इलाके में अमेरिकियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” विदेश विभाग की मदद का सबसे बड़ा हिस्सा 3 मिलियन डॉलर है, जो वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ ग्लोबल सहायता समझौते के जरिए खाने और लॉजिस्टिक्स के लिए दिया जा रहा है। इसके अलावा, झपीगो, एफएचआई-360 और यूनिसेफ के जरिए स्वास्थ्य, पोषण, पानी, साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी मदद के लिए 365,000 डॉलर दिए जा रहे हैं। हाल ही में मंजूर हुई फोरेंसिक फंडिंग को मिलाकर, स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा आवंटित कुल राशि 5.05 मिलियन डॉलर हो जाती है। अमेरिकी सेना ने अलग से आपदा पीड़ितों की मदद के लिए 5,000 विशेष सामान, 500 फर्स्ट-एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर पहुंचाए हैं। विदेश विभाग के बयान के अनुसार, यह उपकरण नेपाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे खोज, बचाव और राहत कार्यों में मदद कर रहे हैं। अमेरिकी सेना की चार लोगों की ‘सिविल अफेयर्स टीम’ भी वहां मौजूद है। यह टीम संकट के बाद मानवीय जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए विदेशी मानवीय, आपदा और नागरिक सहायता प्रोजेक्ट चलाएगी। एफबीआई के फोरेंसिक विशेषज्ञ भी आपदा पीड़ितों की पहचान करने के काम में नेपाल पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डिपार्टमेंट ने कहा कि उनके काम का मकसद अधिकारियों को मृतकों की पहचान करने में मदद करना और अमेरिकी नागरिकों व अन्य पीड़ितों के परिवारों को उनके सवालों के जवाब देना है। विदेश विभाग ने इस कार्रवाई को तेजी से बदलते हालात वाला ऑपरेशन बताया और कहा कि वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार काम करने के लिए स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। विभाग ने कहा, “जैसा कि सेक्रेटरी ने बार-बार कहा है, अमेरिका नेपाल की जरूरतों को सीधे पूरा करने के लिए अतिरिक्त मदद पहुंचाने के मकसद से नेपाल सरकार के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।

सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जन देव के गुरुगद्दी दिवस की केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल और दिल्ली सीएम ने दी बधाई

नई दिल्ली। सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जन देव के गुरुगद्दी दिवस के अवसर पर कई नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “आप सभी देशवासियों को सिख धर्म के पाँचवें गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के पावन गुरगद्दी दिवस की लख-लख बधाइयां एवं हार्दिक शुभकामनाएं!” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “आप सभी को धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के गुरुगद्दी दिवस की लख-लख बधाइयां। गुरु साहिब का जीवन सेवा, सिमरन, त्याग और ‘सरबत दा भला’ की भावना का प्रकाश स्तंभ है। उनकी वाणी और शिक्षाएं मानवता को प्रेम, एकता और शांति के मार्ग पर सदैव प्रेरित करती रहें।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सभी प्रदेशवासियों को सिख धर्म के पांचवें गुरु, शांति के पुंज श्री गुरु अर्जन देव जी के पावन गुरगद्दी दिवस की लख-लख बधाइयां एवं हार्दिक शुभकामनाएं!” राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सिख धर्म के ‘पांचवें गुरु’ गुरु अर्जुन देव जी के गुरगद्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।” राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सिख धर्म के पंचम गुरु श्री गुरु अर्जन देव जी के पावन गुरगद्दी दिवस पर लख लख बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।” दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, “सिख धर्म के पांचवें गुरु, धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी महाराज के पावन गुरगद्दी दिवस की समस्त संगत को हार्दिक शुभकामनाएं। गुरु साहिब का जीवन हमें त्याग, सेवा, विनम्रता, मानवता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। गुरु साहिब जी की कृपा सभी पर बनी रहे।” भाजपा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “पंचम पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के गुरगद्दी दिवस की आप सभी को कोटि-कोटि बधाइयां। श्री गुरु अर्जन देव जी का पावन जीवन हमें सत्य, सेवा, त्याग, समर्पण और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाता है। गुरु साहिब जी की शिक्षाएं आज भी समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती हैं। आइए, इस पावन अवसर पर हम गुरु साहिब जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और मानव सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने का संकल्प लें।

भगवान वराह की जयंती के पावन अवसर पर केंद्रीय मंत्री गडकरी और सीएम योगी सहित कई नेताओं ने दी बधाई

नई दिल्ली। भगवान श्री हरि विष्णु जी के तृतीय अवतार भगवान वराह की जयंती के पावन अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेताओं ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “भगवान वराह जयंती की शुभकामनाएं।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया, “श्रीहरि के दिव्य अवतार भगवान श्री वराह की पावन जयंती पर समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्री वराह धर्म की स्थापना, सृष्टि के संरक्षण एवं अधर्म पर धर्म की विजय के शाश्वत प्रतीक हैं, उनकी कृपा से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि एवं मंगल का संचार हो, यही प्रार्थना है।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा गया, “श्री हरि विष्णु के वराह अवतार की पावन जयंती पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री वराह आप सभी के जीवन में सुख, शांति, आरोग्यता और समृद्धि का संचार करें।” बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, “प्रभु श्री हरि विष्णु जी के तृतीय अवतार भगवान श्री वराह जी की जयंती पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान श्री वराह जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल का वास हो।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “समस्त प्रदेशवासियों को भगवान श्री हरि विष्णु के तीसरे अवतार, श्री वराह जयंती की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं! अधर्म और असत्य का नाश कर पृथ्वी का उद्धार करने वाले भगवान वराह की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य का वास हो।” बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रभु श्री हरि विष्णु जी के दिव्य अवतार भगवान श्री वराह की पावन जयंती पर समस्त देशवासियों को मंगलमय शुभकामनाएं। भगवान श्री वराह की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य का वास हो तथा धर्म, सत्य और सदाचार की सदैव विजय हो।” उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भगवान श्रीहरि विष्णु जी के अवतार भगवान श्री वराह की पावन जयंती पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। भगवान श्रीहरि विष्णु जी की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

14 सितंबर का पंचांग: हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व एक साथ, भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश की पूजा फलदाई

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है। 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, सुबह 7:07 बजे तक है। इसके बाद चतुर्थी हो जाएगी। इस वर्ष गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का पर्व एक साथ पड़ रहा है। इस दिन भगवान शिव, मां पार्वती और गणेश की पूजा करना फलदाई रहेगा। सोमवार सुबह 6:16 बजे सूर्योदय और शाम 6:28 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 8:59 बजे चंद्रोदय और शाम 8:22 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्य उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र, जबकि चंद्रमा दोपहर 1:57 बजे तक चित्रा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेगा। सोमवार को दोपहर 12:45 बजे तक ब्रह्म योग रहेगा, इसके बाद ऐन्द्र योग शुरू हो जाएगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:58 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल सुबह 7:17 से 8:57 बजे तक रहेगा। वहीं, राहुकाल सुबह 7:48 बजे से 9:19 बजे और गुलिक काल दोपहर 1:53 से 3:25 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 10:51 से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है। सोमवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेगा। पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।