बिहार में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश, गृह विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक

पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष चौकसी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही गश्ती व्यवस्था मजबूत करने, नारकोटिक्स और साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा पुलिस के उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया है। पटना के सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी जिला नोडल एडीजी, आईजी और डीआईजी शामिल हुए। बैठक के दौरान राज्य के 40 पुलिस जिलों का क्षेत्र भ्रमण करने वाले 36 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अपने अनुभवों और अवलोकनों के आधार पर प्रस्तुति दी। इस दौरान प्रत्येक पुलिस जिले में अपराध की दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों यानी ‘क्राइम स्पॉट’ को चिन्हित किया गया। अधिकारियों ने इन स्थानों पर अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को ज्यादा प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा कानून-व्यवस्था, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स और साइबर अपराध की रोकथाम से जुड़े विभिन्न मुद्दों की भी समीक्षा की गई। गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक और थानाध्यक्षों (एसएचओ) को अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिन वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया गया है, उन्हें संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। अपराध नियंत्रण में बेहतर समन्वय के लिए सभी दोपहिया और चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन पुलिस सेवा और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। बैठक में गश्ती व्यवस्था मजबूत करने और गश्ती से जुड़े रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष और वायरलेस सिस्टम को सक्रिय और प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया गया। भारत-नेपाल सीमा से लगे जिलों में नारकोटिक्स के संगठित कार्टेल से जुड़ी गतिविधियों की विशेष जानकारी जुटाने का निर्देश दिया गया। इसके लिए संबंधित जिलों और इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। बैठक में अदालतों की ओर से जारी कुर्की आदेशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीजीपी प्रीता वर्मा ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने के लिए जवाबदेह और समन्वित तरीके से काम करने को कहा। डीजीपी ने विशेष रूप से पर्यटन स्थलों और सेल्फी पॉइंट्स पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही इन जगहों पर पुलिस की तैनाती और गश्ती की प्रभावी निगरानी के लिए ‘सुपर पेट्रोलिंग’ की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में किशनगंज पुलिस की ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ पहल का भी जिक्र हुआ। इसके तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुबह आम लोगों के बीच जाकर उनसे सीधे संवाद करते हैं और स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेते हैं। जनता और पुलिस के बीच संवाद मजबूत करने की दिशा में इसे सकारात्मक पहल बताया गया। दूसरे जिलों को भी स्थानीय स्तर पर ऐसी पहल शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा डीजीपी ने सभी नोडल अधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि पुलिस और आम लोगों के बीच संवाद और बेहतर हो सके।

दिल्ली में पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना जल्द होगी शुरू, करीब 19 लाख कार्ड जारी: डॉ. पंकज कुमार सिंह

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड योजना जल्द शुरू होने जा रही है। परिवहन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अब तक करीब 19 लाख पिंक सहेली कार्ड बनाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की माताओं और बहनों ने योजना के लिए उत्साहपूर्वक सहयोग किया है और परिवहन विभाग ने भी इसके क्रियान्वयन के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं। दिल्ली सरकार में परिवहन एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि योजना का नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उम्मीद है कि उसके अगले दिन से योजना को शुरू कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाएं डीटीसी और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठाने के लिए पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड आवश्यक होगा। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि करीब 19 लाख कार्ड जारी होना योजना के प्रति महिलाओं की भागीदारी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से योजना को लागू करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है और जल्द ही महिलाएं पिंक सहेली कार्ड का इस्तेमाल शुरू कर सकेंगी। परिवहन मंत्री ने दिल्ली में चल रहे ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान को लेकर भी लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को अपने वाहनों का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) बनवाना चाहिए। बिना पीयूसी प्रमाणपत्र के पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाएगा कि बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के किसी वाहन को ईंधन न मिले। उन्होंने दिल्लीवासियों से नियमों का पालन करने और समय पर पीयूसी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की अपील की। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन (डीएसएचएम) कार्यालय का दौरा कर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मिशन के तहत संचालित योजनाओं के कामकाज और उनके क्रियान्वयन की जानकारी ली। मंत्री ने डॉक्टरों, तकनीशियनों, कार्यक्रम अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत कर उनके कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यक्रम प्रमुखों को निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर नागरिकों तक पहुंचें। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा।

डिजिटल आरएमबी की सीमा-पार सेवा का दायरा बढ़ा

बीजिंग। डिजिटल आरएमबी अंतरराष्ट्रीय संचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, पहले चरण में 26 वित्तीय संस्थानों के साथ समझौता होने के बाद सितंबर के अंत तक 39 और घरेलू तथा विदेशी वित्तीय संस्थानों ने सीमा-पार ई-सीएनवाई ट्रांसफर सेवा (सीबीईटीएस) में सीधे भागीदार के रूप में शामिल होने के लिए आवेदन जमा किए हैं। बताया गया है कि इस साल से डिजिटल आरएमबी अंतरराष्ट्रीय संचालन केंद्र ने सीबीईटीएस सेवा में लगातार सुधार किया है और सहयोग का दायरा भी बढ़ाया है। इस बुनियादी प्लेटफॉर्म के सहारे डिजिटल आरएमबी की सीमा-पार सेवाओं ने व्यापार के साथ-साथ लोगों की सीमा-पार आवाजाही को भी समर्थन दिया है। सीमा-पार व्यापार के क्षेत्र में सीबीईटीएस ने नए तरह के व्यापार निपटान और निवेश तथा वित्तपोषण की सेवा शुरू की है। इसका नाम सीबीईटीएस लिफ्ट है। यह सेवा सीमा-पार व्यापार निपटान के साथ-साथ निवेश और वित्तपोषण पर केंद्रित है। इसके जरिए पारंपरिक सीमा-पार व्यापार और वित्तपोषण में मौजूद कई बाधाओं को डिजिटल माध्यम से दूर करने की कोशिश की जा रही है। वहीं, लोगों की सीमा-पार आवाजाही को आसान बनाने के लिए डिजिटल आरएमबी ऐप के विदेशी संस्करण में 210 से अधिक देशों और क्षेत्रों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके वॉलेट रजिस्टर और एक्टिवेट किया जा सकता है। वॉलेट में पैसे डालने के बाद विदेशी नागरिक चीन पहुंचकर ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरह की जगहों पर खरीदारी कर सकते हैं।

भारत और बांग्लादेश ने पुराने द्विपक्षीय संबंधों को दोहराया, साझा हितों के मुद्दों पर हुई चर्चा

ढाका। भारत और बांग्लादेश ने अपने पुराने और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों तथा सहयोग को दोहराते हुए आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। यह बातचीत बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान के बीच ढाका में हुई मुलाकात के दौरान हुई। भारतीय उच्चायोग ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया, “उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 30 सितंबर को शिष्टाचार भेंट के लिए बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री अहमद आजम खान से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-बांग्लादेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों एवं सहयोग को दोहराया।” त्रिवेदी ने बुधवार को प्रधानमंत्री तारिक रहमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच प्रस्तावित बैठक से पहले दोनों पक्षों की ओर से पूरी तैयारी किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस बैठक को लेकर जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। मुक्ति संग्राम मामलों के मंत्री से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में त्रिवेदी ने कहा कि दोनों पक्षों को उचित तैयारी सुनिश्चित करनी होगी, क्योंकि बैठक में व्यापार, वाणिज्य और जल समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जानी है। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के भविष्य को लेकर काफी सकारात्मक हैं। बांग्लादेशी मीडिया संस्थान ‘बणिक बर्ता’ के अनुसार, भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि दोनों संप्रभु और स्वतंत्र देशों के नेताओं के बीच किसी न किसी समय मुलाकात होना निश्चित है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं और दोनों देशों को अपनी सुविधा के अनुसार उचित समय दिया जाना चाहिए और सही समय आने पर सभी सही चीजें होंगी। उन्होंने कहा कि अगर दोनों नेता एक साथ बैठकर मुद्दों पर चर्चा करते हैं तो लंबित मामलों का समाधान किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनौतियां मौजूद रहेंगी और यह मानना सही नहीं होगा कि कोई चुनौती नहीं है। यह बैठक त्रिवेदी की बांग्लादेश के विदेश मामलों के राज्य मंत्री हुमायूं कबीर के साथ मुलाकात के एक दिन बाद हुई। उस बैठक में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने तथा पारस्परिक लाभ के लिए सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर बताया कि उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 29 सितंबर 2026 को विदेश मामलों के राज्य मंत्री-1 हुमायूं कबीर से शिष्टाचार भेंट की। उच्चायुक्त ने राज्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने पर उन्हें बधाई दी। बातचीत में दोनों पड़ोसी देशों के बीच निरंतर सहयोग और भारत तथा बांग्लादेश की जनता के पारस्परिक हितों के लिए लाभकारी परिणाम हासिल करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान हुमायूं कबीर ने साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भारत के साथ “भविष्य को ध्यान में रखते हुए और आपसी सम्मान” के आधार पर बातचीत जारी रखने की बांग्लादेश की प्रतिबद्धता दोहराई। बांग्लादेशी अखबार ‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इनमें न्यूयॉर्क में हाल ही में संपन्न संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से जुड़े मुद्दे भी शामिल रहे।

चीन में चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर सर्वेक्षण का व्यापक स्वीकृति कार्य पूरा

बीजिंग। चीनी राष्ट्रीय सांस्कृतिक विरासत प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश और छिंगहाई प्रांत में चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर सर्वेक्षण के लिए प्रांतीय स्तर पर व्यापक स्वीकृति कार्य पूरा कर लिया गया। इसके साथ ही चीन के सभी 31 प्रांतों, स्वायत्त प्रदेशों, केंद्र शासित शहरों और शिनच्यांग उत्पादन और निर्माण कोर में व्यापक स्वीकृति का काम पूरी तरह पूरा हो गया है। स्वीकृति दल के अनुसार, सभी प्रांतों, स्वायत्त प्रदेशों, केंद्र शासित शहरों और शिनच्यांग उत्पादन और निर्माण कोर ने सीपीसी केंद्रीय समिति के फैसलों और व्यवस्थाओं को लागू करते हुए चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर सर्वेक्षण से जुड़े सभी कार्य पूरे किए हैं। इस दौरान अचल सांस्कृतिक विरासत संसाधनों की स्थिति का मूल रूप से पता लगा लिया गया है और सर्वेक्षण के आंकड़ों की गुणवत्ता कुल मिलाकर तय मानकों पर खरी उतरती है। अब, स्वीकृति दल ने कहा है कि चौथे राष्ट्रीय सांस्कृतिक धरोहर सर्वेक्षण की कार्य रिपोर्ट में और सुधार किया जाना चाहिए। साथ ही, सर्वेक्षण के आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण कर इसके परिणामों का समग्र सारांश तैयार किया जाएगा। इसके आधार पर अचल सांस्कृतिक धरोहरों की विभिन्न स्तरों की सूची तैयार कर उसे सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि सांस्कृतिक विरासत के व्यवस्थित संरक्षण को और मजबूत किया जा सके।

कैप्टन स्मित के ‘असाधारण साहस’ की प्रशंसा करते हुए विदेशी राजनयिक बोले, ‘दुनिया को आप पर गर्व’

नई दिल्ली। भारत में कई विदेशी राजदूतों और राजनयिक मिशनों ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सराहा। उनके असाधारण साहस की वजह से बुधवार को हवा में एक बड़ी दुर्घटना टल गई और सौ से ज्यादा लोगों की जान बच गई। फ्लाईदुबई की फ्लाइट एफजेड1073 पर मंडरा रहे खतरे को टालने में कैप्टन मच्छार की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। घटना के दौरान, को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर जानलेवा हमला किया था जिससे विमान नीचे गिरने लगा था। भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। जिसके बाद यात्री मदद के लिए दौड़े, कॉकपिट में घुसे और हमलावर को काबू में किया। हमलावर के काबू में आने के बाद, गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट की हालत को स्थिर किया गया, जब तक कि विमान ने सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग नहीं की। भारत में श्रीलंका की हाई कमिश्नर महिशिनी कोलोन ने भी यात्रियों और क्रू की जान बचाने में भारतीय पायलट के “असाधारण साहस” और “सूझबूझ” की तारीफ की। कोलोन ने एक्स पर लिखा, “गंभीर खतरे के समय असाधारण साहस और सूझबूझ दिखाने के लिए कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने अपनी देखरेख में मौजूद लोगों की जान बचाने के लिए अद्भुत संयम और दृढ़ संकल्प के साथ काम किया। उनके साहस और बीच-बचाव करने वाले यात्रियों और क्रू की बहादुरी ने एक भयानक त्रासदी को टालने में मदद की। उनके पूरी तरह और जल्द ठीक होने की कामना करती हूं।” भारतीय पायलट को “असली हीरो” बताते हुए, संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने एक्स पोस्ट में लिखा, “कैप्टन स्मित मच्छार के जल्द ठीक होने की कामना करता हूं, जो भारतीय पायलट बहादुरी से लोगों की जान बचाने के लिए लड़े, तब भी जब उन पर हमला होता रहा और वे बुरी तरह घायल हो गए थे। कैप्टन मच्छार, आप एक असली हीरो हैं। इजरायलवासी आपके स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।” इससे पहले, भारतीय पायलट की तारीफ करते हुए, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने एक्स पर लिखा, “कैप्टन स्मित भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक हैं। थके हुए और बेहोश होने की कगार पर होने के बावजूद, उन्होंने दर्जनों बेगुनाह लोगों की जान बचाई और हीरो बन गए। उनके साहस और मिसाल को हमेशा याद रखा जाएगा। दुनिया को आप पर गर्व है।” भारत में इजरायली दूतावास ने भी कैप्टन का आभार व्यक्त किया और उनकी बहादुरी तथा कई लोगों की जान बचाने में उनकी भूमिका की तारीफ की, जिनमें फ्लाइट में सवार इजरायली यात्री भी शामिल थे। दूतावास ने एक्स पोस्ट में कहा, “हिम्मत की कोई सीमा नहीं होती। मुश्किल घड़ी में कैप्टन स्मित और दूसरों की बहादुरी हमें हमारे लोगों के बीच के गहरे रिश्ते की याद दिलाती है – यह रिश्ता हिम्मत, एकजुटता और इंसानियत की ताकत में साझे भरोसे पर बना है। हम कैप्टन मच्छार का उनकी हिम्मत और इजरायली लोगों की जान बचाने में मदद करने के लिए शुक्रिया अदा करते हैं।” इसमें आगे लिखा गया, “उनकी बहादुरी इस बात की याद दिलाती है कि भारत-इजरायल की दोस्ती सिर्फ देशों के बीच नहीं, बल्कि उन लोगों के बीच है जो जरूरत के समय एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। कैप्टन मच्छार के हम जल्द और पूरी तरह ठीक होने की कामना करते हैं।

फ्लाईदुबई घटना भले ही हमारे देश में नहीं हुई लेकिन करेंगे गहन जांच: यूएई

अबू धाबी। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में बड़ा हादसा होते-होते टला। विमान ने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी लेकिन फिर क्रैश कराने की कोशिश के बीच रास्ता बदला गया और आखिरकार इसे सऊदी के तबूक में ही लैंड कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विमान गिराने की कोशिश करने वाला पायलट ओमान का था। इस जांच का सिरा संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई से जाकर जुड़ा है, यही वजह है कि उन्होंने इसकी गहन जांच का भरोसा दिया है। गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने एक बयान जारी किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस बयान को चस्पा किया गया। इसके अनुसार, “यूएई के अटॉर्नी-जनरल, काउंसलर डॉ. हमद अल शम्सी ने घटना की परिस्थितियों और कारणों की जांच के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के खास सदस्यों की एक टीम बनाने का आदेश दिया है। यह कदम फ्लाईदुबई की उस घोषणा के बाद उठाया गया है जिसमें बताया गया था कि फ्लाइट डेक में कहा-सुनी हुई थी, जिसके बाद विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के क्रू सदस्यों को दखल देना पड़ा और विमान को सुरक्षित करना पड़ा।” फिर इसकी वजह बताई गई। आगे लिखा गया, “मंत्रालय ने पुष्टि की कि कानून के तहत घटना की जांच करने का अधिकार यूएई के न्यायिक अधिकारियों के पास है, क्योंकि विमान यूएई में रजिस्टर्ड है और उस पर यूएई का झंडा लगा है। इसलिए, विमान में हुए अपराधों पर यूएई का कानून लागू होता है, भले ही वे देश की सीमा के बाहर हुए हों।” एमओएफए ने बताया कि जांच के दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें इसके पीछे आतंकी साजिश, पूर्व नियोजित योजना या किसी आतंकी संगठन के निर्देश होने की आशंका भी शामिल है। वहीं, यूएई ने इस घटना को संभालने और सहयोग के लिए सऊदी अधिकारियों का आभार जताया है। मंत्रालय ने आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी और बयानों पर भरोसा करने और जांच पूरी होने व नतीजे घोषित होने तक अटकलों या अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने के महत्व पर जोर दिया है।

कप्तान स्मित अस्पताल में खुलकर बात कर रहे, मुस्कुरा रहे और हंस रहे : भारतीय राजदूत

अबू धाबी। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने गुरुवार को दुबई के एक अस्पताल में फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार और उनके परिवार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि हवा में हमले को रोकने के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट अब खुलकर बात कर रहे हैं और उनका हौसला बुलंद है। मित्तल ने कहा, “वह खुलकर बात कर रहे थे, मुस्कुरा रहे थे और हंस रहे थे। यह हमारे लिए और सबसे बढ़कर उनके परिवार के लिए बड़ी राहत की बात थी।” राजदूत ने बताया कि कैप्टन मच्छार को अस्पताल में अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास यूएई के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। कैप्टन मच्छार को इससे पहले सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर दुबई के अस्पताल लाया गया था। एक साक्षात्कार में राजदूत ने कहा था कि बहादुर भारतीय पायलट ने विमान में सवार कई लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा, “कैप्टन स्मित ने असाधारण साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए कई कीमती जानें बचाईं और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। हमें भारत के इस बहादुर बेटे पर बहुत गर्व है और हम उन्हें पूरा सहयोग और समर्थन देंगे।” इससे पहले गुरुवार को मित्तल ने दुबई में कैप्टन मच्छार के परिवार से मुलाकात की और उन्हें भारत सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और समर्थन का भरोसा दिलाया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि यूएई में भारत के राजदूत ने दुबई में कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए भारत सरकार के पूर्ण समर्थन और सहायता का भरोसा दिया। दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, राजदूत दीपक मित्तल और भारत के महावाणिज्यदूत ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने कैप्टन मच्छर के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। मिशन ने परिवार को उनके स्वास्थ्य और रिकवरी के बारे में जानकारी दी तथा कीमती जानें बचाने में उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और निस्वार्थ प्रयासों की सराहना की। बुधवार को हुई घटना के दौरान एक अन्य पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू कर लिया। हमलावर के काबू में आने के बाद गंभीर रूप से घायल भारतीय पायलट को विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग होने तक स्थिर रखने के लिए जरूरी देखभाल दी गई। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार के परिवार के सदस्यों से बात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से बात की। प्रधानमंत्री ने उनकी बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाई। प्रधानमंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन पायलट को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।

अफ्रीका कप ऑफ नेशंस क्वालीफायर में घाना की हार, हेड कोच ने पद से इस्तीफा दिया

अकरा। मैनचेस्टर यूनाइटेड के पूर्व असिस्टेंट कोच और रियल मैड्रिड के पूर्व कोच कार्लोस क्विरोज ने आपसी सहमति से घाना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया है। यह जानकारी घाना फुटबॉल एसोसिएशन (जीएफए) ने गुरुवार को दी। कार्लोस क्वेइरोज का जाना ऐसे समय में हुआ, जब घाना को अफ्रीका कप ऑफ नेशंस क्वालीफायर के अपने पिछले दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था। टीम पहले कोट डी आइवर के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर 0-2 से हारी, इसके बाद गाम्बिया के खिलाफ घरेलू मैदान पर भी 2-4 से पराजित हुई। जीएफए ने ‘ब्लैक स्टार्स’ (घाना की टीम) के साथ अपने कार्यकाल के दौरान पुर्तगाली कोच की प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के लिए उनका धन्यवाद किया। एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने और घाना के टैलेंट को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है। क्विरोज ने बताया कि यह फैसला दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद लिया गया और इसमें घाना, ‘ब्लैक स्टार्स’ और घाना के फुटबॉल के हितों को ध्यान में रखा गया। उन्होंने एक आधिकारिक बयान में कहा, “आपसी सम्मान की भावना के साथ हुई बातचीत के बाद, घाना फुटबॉल एसोसिएशन और मैंने आपसी सहमति से उस सर्विस एग्रीमेंट को खत्म करने का फैसला किया है जिसके तहत मैं घाना की राष्ट्रीय टीम ‘ब्लैक स्टार्स’ के हेड कोच के तौर पर काम कर रहा था। यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा हालात में हमारे पेशेवर रिश्ते को खत्म करना ही सबसे सही कदम था, क्योंकि घाना, ‘ब्लैक स्टार्स’ और घाना के फुटबॉल का हित सबसे ऊपर है।” क्विरोज को फीफा वर्ल्ड कप 2026 और अफ्रीका कप ऑफ नेशंस 2027 क्वालीफायर की तैयारियों के लिए नियुक्त किया गया था। क्विरोज ने कहा कि घाना की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात थी और उन्होंने जीएफए और उसके अध्यक्ष का भरोसा जताने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “मैं ‘ब्लैक स्टार्स’ के लिए एक मजबूत भविष्य बनाने और देश के टैलेंट को आगे बढ़ाने में मदद करने के पक्के इरादे के साथ घाना आया था। हमारी प्रतिबद्धता और कोशिशों के बावजूद, जरूरी हालात पूरी तरह से नहीं बन पाए; इसी वजह से और हमारे हालिया प्रदर्शन को देखते हुए हमने इस सफर को खत्म करने का फैसला किया। मैं सम्मान, आभार और गर्व के साथ जा रहा हूं।” 73 वर्षीय कोच ने ‘ब्लैक स्टार्स’ के खिलाड़ियों की तारीफ की और घाना की जनता से टीम का समर्थन जारी रखने की अपील करते हुए कहा, “सबसे पहले, मैं ‘ब्लैक स्टार्स’ के खिलाड़ियों को सलाम करता हूं। उन सभी का शुक्रिया जिन्होंने हिम्मत, लगन और गर्व के साथ घाना का प्रतिनिधित्व किया। आप अपने देश के लिए लड़े और लाखों लोगों की उम्मीदों को आगे बढ़ाया। इन खिलाड़ियों पर भरोसा रखें। उनकी रक्षा करें। उनका समर्थन करें। इनमें हुनर ​​और काबिलियत है। एकता, समर्थन और सही माहौल मिलने पर, यह पीढ़ी घाना के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती है।” क्विरोज ने फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से लगभग 10 सप्ताह पहले घाना की राष्ट्रीय टीम का जिम्मा संभाला था। उनके नेतृत्व में ‘ब्लैक स्टार्स’ ने ग्रुप-एल से सर्वश्रेष्ठ आठ तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमों में शामिल होकर नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई किया था। हालांकि, राउंड ऑफ 32 में टीम को कोलंबिया के खिलाफ 0-1 से हार का सामना करना पड़ा और उसका अभियान समाप्त हो गया।

बाबा रामदेव के बयान को संतों का समर्थन, बोले- भारत के मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे

हरिद्वार। बाबा रामदेव के ‘भारत में सभी मुसलमान कन्वर्टेड हैं’ वाले बयान पर संतों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। हरिद्वार में महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने बाबा रामदेव के बयान को सही बताते हुए कहा कि भारत में रहने वाले मुस्लिम समाज के पूर्वज हिंदू थे और बाद में परिस्थितियों के कारण धर्मांतरण हुआ। वहीं, भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने भी कहा कि भारत में मुस्लिम समाज के लोगों के पूर्वज हिंदू थे और समय के साथ धर्मांतरण हुआ। महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव ने कहा कि बाबा रामदेव ने जो बात कही है, वह सत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि असदुद्दीन ओवैसी जैसे कुछ मुस्लिम नेता अपने समुदाय को गुमराह करने का काम करते हैं। ऐसे नेताओं के पास विकास और सामाजिक हित से जुड़े मुद्दे नहीं हैं और वे केवल अपने राजनीतिक हितों पर ध्यान देते हैं। भारत और पाकिस्तान में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग मूल रूप से यहीं के हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं। ऐतिहासिक परिस्थितियों में लोगों को बहला-फुसलाकर, दबाव या भय के कारण धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। करौली शंकर महादेव ने कहा कि इसी वजह से वे मुस्लिम समाज से अपील करते हैं कि ऐसे लोगों से सावधान रहें, जो उन्हें उनके मुताबिक गुमराह करने का काम करते हैं। महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि मुस्लिम समाज अब पहले की तुलना में अधिक शिक्षित और जागरूक हो रहा है और ऐसे नेताओं को समाज में स्वीकार्यता नहीं मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मुस्लिम समाज का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करते हैं। सनातन का उद्देश्य सभी संतों का सम्मान, सामाजिकता, इंसानियत और मानवता को बढ़ावा देना है। वहीं, इसी मुद्दे पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि भारत का मुस्लिम समाज मक्का, मदीना या अरब से आकर यहां नहीं बसा है। वे लंबे समय से यह बात कहते रहे हैं कि भारत में रहने वाले मुस्लिम समाज के लोग हिंदू समाज से धर्मांतरित हुए हैं। इतिहास में अलग-अलग परिस्थितियों में लोगों ने धर्म परिवर्तन किया। पहले लोगों के सामने तलवार, भय, आतंक या मृत्यु का डर जैसी परिस्थितियां रही होंगी, लेकिन आज ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ लोगों को अपने पूर्वजों के बारे में समझ आएगा और घर वापसी की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।