मध्य प्रदेश: कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर तक होगा

भोपाल। मध्य प्रदेश में कालिदास समारोह 21 से 27 नवंबर के बीच होगा। इस आयोजन में होने वाले कार्यक्रमों को केंद्रीय समिति ने अंतिम रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 68वें कालिदास समारोह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कालिदास समारोह के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों से प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठ गीतकारों, साहित्यकारों जैसे कवि प्रदीप, कृष्ण सरल, शिवमंगल सिंह सुमन और शरद जोशी की स्मृतियों पर आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। नाट्य विधा से जुड़े वरिष्ठ कलाकारों, निर्देशकों को कला प्रदर्शन के अधिकाधिक अवसर मिलें।अखिल भारतीय कालिदास समारोह की गतिविधियों से युवाओं को भी प्राथमिकता पूर्वक जोड़ा जाए। सीएम यादव कालिदास समारोह की केंद्रीय समिति के अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने कहा कि कालिदास समारोह एक प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसमें राज्य की प्रतिभाओं को अवसर मिलें और वे विभिन्न ऑनलाइन और ऑफ लाइन कला स्पर्धाओं से भी जुड़ें, ऐसी व्यवस्था की जाए। एकात्मधाम ओंकारेश्वर भी समारोह से जुड़े और संगीत विद्यालयों, विश्वविद्यालयों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री यादव ने सात दिवसीय समारोह के लिए बनाई गई कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय बोलियों और भाषाओं के प्रतिनिधि भी समारोह की शोभा बढ़ाएं। पुलिस बैंड की प्रस्तुति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी कार्यक्रमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि समारोह में पूर्व रंग के अंतर्गत 20 नवंबर को मंगल कलश यात्रा और नांदी सांस्कृतिक प्रस्तुति रहेगी। समारोह के शुभारंभ के दिवस पर 21 नवंबर को अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय चित्र एवं मूर्तिकला प्रदर्शनी का शुभारंभ किया जाएगा। सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। इसके लिए शास्त्रीय वादन से जुड़े प्रख्यात कलाकार आमंत्रित किए गए हैं। समारोह में 22 नवम्बर को राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, पंडित सूर्यनारायण व्यास स्मृति व्याख्यान, 23 नवंबर को महाकवि कालिदास स्मृति व्याख्यान, 24 नवंबर को पद्मश्री वाकणकर स्मृति व्याख्यान और संस्कृत नाटकों का मंचन, 25 नवम्बर को संस्कृत कवि समवाय: और हिंदी नाटक की प्रस्तुति, 26 नवंबर को संत समागम और 27 नवंबर को समापन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं पुरस्कार वितरण के कार्यक्रम होंगे।
पीएम मोदी पर केजरीवाल की टिप्पणी अराजक मानसिकता का प्रतीक: मंत्री आशीष सूद

नई दिल्ली। दिल्ली में महिला सुरक्षा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अरविंद केजरीवाल की टिप्पणियों पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद और भाजपा विधायक अभय वर्मा ने केजरीवाल के बयानों को लेकर सवाल उठाए और सरकार की ओर से महिला सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख किया। मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को लेकर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह केवल आरोप नहीं बल्कि बदतमीजी है। केजरीवाल भूल जाते हैं कि वह पहले संवैधानिक पद पर रह चुके हैं और दिल्ली के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल उनकी कथित अराजकतावादी सोच को दर्शाता है। आशीष सूद ने केजरीवाल की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केजरीवाल इस समय अपनी राजनीतिक और विपक्षी दलों के बीच अपनी प्रासंगिकता तलाशते दिखाई दे रहे हैं। इसी वजह से वह स्तरहीन और हल्की बातें कर रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल के कुछ बयानों को लेकर उन्हें ‘अर्बन नक्सल’ से जोड़ते हुए भी टिप्पणी की। महिला सुरक्षा को लेकर अरविंद केजरीवाल के सवालों पर आशीष सूद ने कहा कि यह सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दा है। पुलिस सुधारों के साथ-साथ दिल्ली में ऐसे ‘डार्क स्पॉट्स’ की पहचान की जा रही है, जहां रोशनी की कमी है। इसके अलावा, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े डार्क स्पॉट्स को भी चिन्हित करने की बात उन्होंने कही। सूद ने कहा कि रात के समय किसी स्थान पर अचानक मोबाइल नेटवर्क चले जाने से लोगों, खासकर महिलाओं में सुरक्षा को लेकर घबराहट पैदा हो सकती है। ऐसे स्थानों को भी सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से देखा जा रहा है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की थानों में ज्यादा तैनाती समेत कई अन्य सुधारों का भी जिक्र किया। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों में कथित तौर पर बड़ी गड़बड़ियां हुई थीं। उन्होंने स्कूलों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में भी कमियां होने का दावा किया। सूद ने कहा कि वर्तमान सरकार इन कमियों को दूर करने पर काम कर रही है। भाजपा विधायक अभय वर्मा ने भी अरविंद केजरीवाल के प्रधानमंत्री मोदी को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केजरीवाल स्वयं संवैधानिक पद पर रह चुके हैं, इसलिए उनसे इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। अभय वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री के बारे में ‘निंदनीय शब्दों’ का इस्तेमाल किया और व्यक्तिगत स्तर तक जाकर टिप्पणी की। किसी पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह के शब्दों का प्रयोग शोभा नहीं देता। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने किसी भी गलत कार्य का समर्थन नहीं किया है, लेकिन केजरीवाल जिस तरह प्रधानमंत्री को अपने बयानों में घसीट रहे हैं और उनके नाम को कथित तौर पर बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उसकी निंदा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और इस तरह के व्यवहार का जवाब जनता देगी।
एआईआईबी भारत में एआई, एमएसएमई और स्किलिंग सेक्टर में भी बढ़ा सकता है निवेश: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

दोहा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) को भारत में केवल पारंपरिक भौतिक अवसंरचना परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) और कौशल विकास (स्किलिंग) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी वित्तपोषण का दायरा बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। कतर की राजधानी दोहा में आयोजित एआईआईबी 2026 वार्षिक बैठक के दौरान एआईआईबी की अध्यक्ष झोउ जियायी के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। यदि इन्हें एआई-आधारित तकनीकों को अपनाने और कार्यबल के कौशल उन्नयन के लिए सहायता मिले, तो उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में बड़ा सुधार हो सकता है। बैठक के दौरान एआईआईबी अध्यक्ष ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक आयोजित ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए वित्त मंत्री को बधाई दी। वहीं सीतारमण ने भी एआईआईबी के इस वर्ष की पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन की सराहना की और बैंक की 2027 की बजट योजनाओं तथा परिचालन विस्तार की प्राथमिकताओं के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। दोनों नेताओं ने भारत में एआईआईबी की परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन और बैंक की वैश्विक उपस्थिति को और व्यापक बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा की। एआईआईबी अध्यक्ष ने दिल्ली और मेरठ में परियोजना स्थलों के अपने हालिया दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि बैंक भविष्य में भी लोगों से जुड़ी परियोजनाओं, शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित पहलों को वित्तीय सहायता देता रहेगा। वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि एआईआईबी की क्षेत्रीय केंद्रीयता उसकी संस्थागत पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहनी चाहिए और बैंक के मूल जनादेश का प्रमुख आधार भी। इससे पहले सीतारमण ने सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अलजादान से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है तथा दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-सऊदी अरब द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर वार्ताओं के सफल समापन का स्वागत किया। उनका कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के निवेशकों को अधिक स्पष्ट और भरोसेमंद ढांचा उपलब्ध कराएगा तथा निवेशकों के विश्वास को और मजबूत करेगा। वित्त मंत्री ने स्विट्जरलैंड से एआईआईबी गवर्नर पिएत्रो लाजेरी के साथ बैठक में नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआईआईएफ) को विदेशी निवेशकों के लिए भारत में अवसरों तक पहुंच बनाने का एक विश्वसनीय मंच बताया। उन्होंने कहा कि एनआईआईएफ पारदर्शिता और उच्च प्रशासनिक मानकों के साथ काम करता है तथा स्विस निवेशक भारत के अवसंरचना क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए इसके फंड्स का उपयोग कर सकते हैं।
पंजाब में मंत्रियों के आवास पर आप नेताओं का कब्जा, राज्यपाल जांच कराएं: अर्शदीप क्लेर

चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह क्लेर ने अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप केस, रूप कौर संधू को पार्टी से निकाले जाने, आप नेताओं को सरकारी आवास मिलने, एसआईआर प्रक्रिया और पंजाब की कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अमरजीत सिंह चावला मामले में आम आदमी पार्टी पर असली मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। वहीं, उन्होंने पंजाब में एसआईआर प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बताया। अर्शदीप सिंह क्लेर ने कहा कि अमरजीत सिंह चावला से जुड़े रेप केस में आप लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है और इसका उद्देश्य पंजाब की जनता का ध्यान ड्रग्स की समस्या और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों से हटाना है। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। एसएडी और एसजीपीसी ने अमरजीत सिंह चावला को उनके सभी पदों से हटा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने 15 दिनों के भीतर मामले की सच्चाई सामने आने की बात कही है। रूप कौर संधू को एसएडी से निकाले जाने के सवाल पर क्लेर ने कहा कि यह पार्टी की महिला विंग से जुड़ा मामला है। रूप कौर संधू को पार्टी से निकाले जाने के कारणों के बारे में महिला विंग ही बेहतर तरीके से जानकारी दे सकती है। आप नेताओं को कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवास आवंटित किए जाने के मुद्दे पर एसएडी प्रवक्ता ने पंजाब के राज्यपाल से सरकारी आवासों की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्रियों के सरकारी आवासों के साथ-साथ अन्य सरकारी आवासों की भी जांच होनी चाहिए कि वहां कौन रह रहा है और किस आधार पर रह रहा है। उन्होंने गायत्री बिश्नोई का उदाहरण देते हुए कहा कि वह खुद दावा करती हैं कि अपने पिता के इलाज के लिए कैबिनेट मंत्री के सरकारी आवास में रह रही हैं। क्लेर ने कहा कि ऐसे मामलों में यह स्पष्ट होना चाहिए कि सरकारी आवास के इस्तेमाल का आधार क्या है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पंजाब यूथ कांग्रेस के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर क्लेर ने एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने उन्हें एसआईआर प्रक्रिया पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी थी और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पूरी प्रक्रिया को देखा है। पंजाब में एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हुई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रक्रिया पर लगातार नजर रखी और उनके अनुसार इसमें पारदर्शिता बरती गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे को लेकर अर्शदीप सिंह क्लेर ने उनसे राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया। क्लेर ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री को पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए और इस मुद्दे को गंभीरता से लेना चाहिए। पूर्व ईडी डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह के अकाली दल (वारिस पंजाब दे) छोड़ने के सवाल पर क्लेर ने कहा कि बाहर से देखने पर यह संगठन ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ता हुआ दिखाई दे सकता है, लेकिन संगठन के अंदर जाने पर स्थिति अलग नजर आती है। उन्होंने दावा किया कि संगठन की ओर से ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को लेकर किए जा रहे दावों और वास्तविकता में अंतर है। क्लेर ने इसी को निरंजन सिंह के पार्टी छोड़ने का कारण बताया।
केपीएससी घोटाला: बसवराज कन्नाले को 14 दिन की ईडी कस्टडी में भेजा गया

बेंगलुरु। बेंगलुरु की चौथी सिटी सिविल और सेशंस कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (केपीएससी) में वेटनरी अधिकारियों की भर्ती से जुड़े कथित घोटाले के मुख्य आरोपी बसवराज कन्नाले को 14 दिन की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कस्टडी में भेज दिया। ईडी अधिकारियों ने कन्नले को कोर्ट में पेश किया और आगे की पूछताछ के लिए उसकी कस्टडी मांगी। कोर्ट ने इस अपील को मंजूरी देते हुए आदेश दिया कि आगे की जांच के लिए कन्नले को 14 दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेजा जाए। सस्पेंड किए गए आईएएस अधिकारी और केपीएससी के पूर्व परीक्षा नियंत्रक ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार, जिन्हें सीआईडी ने गिरफ्तार किया था, वे भी अभी ईडी की कस्टडी में हैं। खबरों के मुताबिक, गंगवार ने माना है कि उन्होंने परीक्षा से एक दिन पहले वेटनरी ऑफिसर का एग्जाम पेपर कन्नले को लीक किया था। यह मामला इसलिए भी अहम हो गया है, क्योंकि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अवैध भर्तियों को लेकर गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर निशाना साधा है। इसके साथ ही भाजपा नेताओं का दावा है कि इस घोटाले के सिलसिले में कई मंत्रियों को जेल हो सकती है। केपीएससी भर्ती घोटाला अब कई एजेंसियों की जांच का मामला बन गया है, जिसमें हाई कोर्ट द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी), सीआईडी और ईडी शामिल हैं। 21 सितंबर 2026 को कर्नाटक हाई कोर्ट ने केपीएससी भर्तियों में हेरफेर को “संविधान के साथ धोखाधड़ी” करार दिया और नए सिरे से जांच का आदेश देते हुए डीजीपी आलोक कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यों वाली एसआईटी का गठन किया। एसआईटी को अपनी जांच पूरी करने और अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 100 दिन का समय दिया गया है। जांच में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है। खबरों के मुताबिक, कन्नले ने उम्मीदवारों से 12 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम वसूली थी, जिसमें हर पोस्ट के लिए 70 लाख से 90 लाख रुपए लिए गए थे। कागजात से पता चला कि गंगवार को सीधे 1.3 करोड़ रुपए नकद दिए गए थे। इसके साथ ही महंगी ज्वेलरी, जिसमें 23 लाख रुपए का डायमंड नेकलेस शामिल है, और अधिकारी व उनके एक दोस्त के लिए 65 फ्लाइट टिकट का खर्च भी उठाया गया था। जांच में एक बेनामी बैंक अकाउंट का भी पता चला, जिसमें 1.86 करोड़ रुपए जमा थे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार केपीएससी को बंद करने के लिए कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। उन्होंने कहा कि “वहां चोर बैठे हैं” और अवैध गतिविधियों ने कमीशन की साख को नुकसान पहुंचाया है। विपक्षी पार्टियों ने इस संस्था को ‘कर्नाटक प्राइवेट कमीशन’ का नाम दिया है और जवाबदेही की मांग की है। वहीं, सीएम शिवकुमार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार एसआईटी के गठन के हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी, क्योंकि इसे वे दखलंदाजी मानते हैं।
जम्मू में नकली नोटों के मामले में तीन गिरफ्तार

जम्मू। नकली नोटों के मामले में तीन लोगों को जम्मू में गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से संदिग्ध नकली नोट और छपाई सामग्री बरामद की गई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस चौकी सैनिक कॉलोनी, पुलिस स्टेशन चन्नी हिम्मत ने जम्मू के चौवाड़ी इलाके में एक किराए के परिसर में कथित तौर पर नकली नोटों की छपाई/निर्माण के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। किराए के परिसर में संदिग्ध नकली नोटों से संबंधित गतिविधि के बारे में विश्वसनीय सूचना के आधार पर यह मामला सामने आया। सूचना मिलते ही पुलिस चौकी सैनिक कॉलोनी से एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान बिहार के सिवान निवासी विजय साहनी, झारखंड के साहिबगंज के महाराजपुर निवासी इंद्रजीत कुमार, और मध्य प्रदेश के छतरपुर राहुल अहिरवार के रूप में हुई। परिसर की तलाशी के दौरान, पुलिस ने 100 रुपए के संदिग्ध निम्न गुणवत्ता वाले 13,500 रुपए के नकली नोट, एक प्रिंटिंग मशीन, पेपर कटर, विभिन्न रंगों की स्याही की बोतलें, एक टोका और गतिविधि से जुड़े होने के संदेह में अन्य दस्तावेज/सामग्री बरामद कर जब्त की। बरामद की गई वस्तुओं को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार जब्त किया गया है। इस संबंध में, चन्नी हिम्मत पुलिस स्टेशन में धारा 178/180/181/3(5) बीएनएस और 4/25 शस्त्र अधिनियम के तहत एफआईआर संख्या 269/2026 दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच का उद्देश्य गतिविधि के संपूर्ण तौर-तरीकों का पता लगाना, संदिग्ध नकली मुद्रा के स्रोत और इच्छित प्रचलन की पहचान करना और गतिविधि में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता का पता लगाना है। जम्मू पुलिस मुद्रा प्रणाली की अखंडता की रक्षा करने और नकली मुद्रा के निर्माण, कब्जे, प्रचलन या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है।
एनआईए की बड़ी कार्रवाई, मणिपुर आईईडी हमले में दूसरा आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 7 अप्रैल को एक घर पर हुए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) हमले के सिलसिले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस हमले में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया था। मणिपुर के चुराचांदपुर के रहने वाले थांगमांग हाओकिप को 25 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। एनआईए ने एक बयान में कहा कि यह इस मामले में गिरफ्तार होने वाला दूसरा आरोपी है। इससे पहले 12 अगस्त को एस. पलाला थाडौट कुकी को गिरफ्तार किया गया था, जो अभी न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला शुरू में मोइरांग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। घटना तब हुई, जब अज्ञात उग्रवादियों ने ट्रोंगलाओबी अवांग लीकाई में पहाड़ी से एक विस्फोटक उपकरण दागा, जो एक रिहायशी घर की दीवार से टकराया। इससे परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो नाबालिग बच्चों की बाद में मौत हो गई। एजेंसी ने बताया कि घटनास्थल के पास एक बिना फटा इम्प्रोवाइज्ड आरपीजी भी बरामद किया गया। एनआईए ने 23 अप्रैल को भारतीय न्याय संहिता, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूए (पी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला फिर से दर्ज किया और जांच के दौरान थांगमांग हाओकिप की संलिप्तता सामने आई। एनआईए ने 25 सितंबर को थांगमांग हाओकिप को गिरफ्तार किया और उन्हें इम्फाल की स्पेशल एनआईए कोर्ट-II के सामने पेश किया, जिसने उन्हें 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। एनआईए ने कहा कि साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने तथा हमले के पीछे के बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि एक अलग घटनाक्रम में मंगलवार को गुवाहाटी में एनआईए ने असम के बारपेटा रोड के आजाद नगर इलाके में स्थित घर से मुस्तफिजुर रहमान को गिरफ्तार किया और कथित जिहादी गतिविधियों की चल रही जांच के तहत तलाशी ली। एनआईए की एक टीम रहमान के घर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया, जिसके दौरान कथित तौर पर उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया। एजेंसी की यह कार्रवाई रहमान की गुवाहाटी सेंट्रल जेल से रिहाई होने के लगभग दो महीने बाद हुई है। वह असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तारी के बाद वहां हिरासत में था। रहमान को इससे पहले 14 मार्च को एसटीएफ ने बारपेटा रोड के आजाद नगर से गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी जिहादी गतिविधियों से उसके कथित संबंधों की जांच के सिलसिले में की गई थी। उस समय एसटीएफ ने जांच के तहत तलाशी ली थी और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस व अन्य सामान जब्त किए थे। गिरफ्तारी के बाद रहमान को गुवाहाटी सेंट्रल जेल में लंबे समय तक रखा गया था और लगभग दो महीने पहले उसे जमानत पर रिहा किया गया था। एनआईए के हालिया ऑपरेशन के कारण वह फिर से जांच के दायरे में आ गया है, क्योंकि केंद्रीय एजेंसी कथित गतिविधियों की जांच जारी रखे हुए है।
भाजपा नहीं चाहती पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था मजबूत हो : कुणाल घोष

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की एक महत्वाकांक्षी कोयला खनन परियोजना देउचा पचामी परियोजना को लेकर केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के बयान पर तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी पर राजनीतिक उद्देश्य से बयान देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देउचा पचामी प्रोजेक्ट ममता बनर्जी की तत्कालीन सरकार की एक बड़ी कामयाबी है। यह हमारे राज्य के भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी योजना है। ममता बनर्जी ने इस परियोजना को शुरू करने के लिए संघर्ष किया। शायद भाजपा नहीं चाहती कि पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था मजबूत हो। केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित देउचा पचामी कोयला ब्लॉक परियोजना को लेकर संसद में स्पष्ट किया है कि इस परियोजना के संचालन की अनुसूचित तिथि 27 सितंबर 2027 तय की गई है। वहीं, हुगली और बेलियाघाटा में हाल में हुए हमलों को लेकर भी कुणाल घोष ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद उन पर छह बार हमले हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन दिनों शुक्रवार, शनिवार और रविवार को भी घटनाएं हुईं। घोष ने शनिवार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह ममता बनर्जी के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तब उनकी कार पर हमला किया गया। घटना का वीडियो भी मौजूद है और इसमें भाजपा के मंडल अध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि हमले में उनकी कार का शीशा तोड़ा गया और उन्हें चोट भी लगी। नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को अंतरिम जमानत मिलने पर कुणाल घोष ने इसका स्वागत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी बदले की राजनीति के तहत की गई थी। घोष के मुताबिक, जैसे ही ममता बनर्जी ने उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर निशाना साधते हुए कुणाल घोष ने कहा कि उनके बयान हताशा को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “इतनी साजिशों के बावजूद ‘शेरनी’ अभी जीवित है। बंगाल लड़ने के लिए तैयार है।” कुणाल घोष ने चुनाव आयोग के जरिए वोटों की चोरी, चुनाव के बाद कथित पुलिस राज और टीएमसी को तोड़ने के लिए भाजपा की कथित साजिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन सबके बावजूद ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय नेताओं में बनी हुई हैं।
यूएन में सिबी जॉर्ज बोले, परमाणु हथियार मुक्त विश्व के लिए भारत प्रतिबद्ध

नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित उच्चस्तरीय पूर्ण सत्र में भारत का वक्तव्य पेश दिया। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस को चिह्नित करने के लिए आयोजित उच्चस्तरीय पूर्ण सत्र में भारत का वक्तव्य प्रस्तुत किया। भारत सार्वभौमिक, भेदभावरहित और सत्यापन योग्य परमाणु निरस्त्रीकरण के माध्यम से परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व और इनके पूर्ण उन्मूलन के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।” इससे पहले सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के दौरान ‘डरबन घोषणा और कार्ययोजना (डीडीपीए)’ को अपनाए जाने की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सिबी जॉर्ज ने नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, विदेशियों के प्रति घृणा (जेनोफोबिया) और इससे जुड़ी असहिष्णुता के खिलाफ भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने न्यूयॉर्क में यूएनजीए के 81वें सत्र के दौरान डीडीपीए की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में भारत का वक्तव्य दिया। उन्होंने नस्लवाद, नस्लीय भेदभाव, विदेशियों के प्रति घृणा और इससे संबंधित असहिष्णुता से लड़ने तथा सभी के लिए समानता और गरिमा को बढ़ावा देने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डीडीपीए के पूर्ण और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संचालित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। पिछले सप्ताह सिबी जॉर्ज ने यूएनजीए के एक उच्चस्तरीय साइड इवेंट में सांस्कृतिक धरोहरों और संपत्तियों की वापसी के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संपत्तियों और विरासत को उनके मूल देशों और समुदायों को लौटाने तथा उनकी बहाली सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग को सशक्त बनाया जाना चाहिए। यह कार्यक्रम घाना, जर्मनी और फ्रांस की सह-मेजबानी में आयोजित किया गया था।
केरल: मार थोमा चर्च ने हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई के लिए पीएम मोदी का आभार जताया

तिरुवल्ला। मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का दिल से शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने सऊदी अरब के एक डिटेंशन सेंटर में हिरासत में लिए गए चर्च के तीन सदस्यों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों के लिए यह आभार जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 9 सितंबर को लिखे एक पत्र में मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च के प्रमुख थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री कार्यालय का धन्यवाद किया। उन्होंने डैनीमन, लिजू मैथ्यू और मैथ्यू चेरियाचेन की रिहाई सुनिश्चित करने में उनके ईमानदार और लगातार प्रयासों की सराहना की। मेट्रोपॉलिटन ने कहा कि चर्च प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए तत्काल हस्तक्षेप और सहानुभूतिपूर्ण ध्यान की बहुत सराहना करता है। उन्होंने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास की कोशिशों और तालमेल की भी तारीफ की और कहा कि रिहाई से हिरासत में रखे गए लोगों, उनके परिवारों और बड़े समुदाय को “बहुत राहत और खुशी” मिली है। इस पत्र में रिहाई में मदद करने वाले सभी लोगों का आभार जताया गया और भारतीय राजनयिक कोशिशों की भूमिका पर जोर दिया गया। जानकारी के अनुसार, तीनों लोगों की रिहाई से उनके परिवारों और चर्च समुदाय को काफी राहत मिली है। मेट्रोपॉलिटन ने देश और देशवासियों के लिए प्रधानमंत्री की निरंतर सेवा के लिए प्रार्थना की। पत्र में कहा गया, “प्रधानमंत्री, कृपया आपकी बहुमूल्य मदद और समर्थन के लिए हमारी गहरी सराहना स्वीकार करें।” अंत में, थियोडोसियस मार थोमा मेट्रोपॉलिटन ने प्रार्थना की कि सर्वशक्तिमान ईश्वर देश की सेवा में प्रधानमंत्री मोदी को “बुद्धि, शक्ति और कृपा” प्रदान करते रहें। यह संदेश तिरुवल्ला स्थित मलंकारा मार थोमा सीरियन चर्च की उस सराहना को दर्शाता है जो उसने सऊदी अरब के डिटेंशन सेंटर से अपने सदस्यों की रिहाई सुनिश्चित करने में मिली मदद के लिए व्यक्त की है।