डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी रहे समर्थ बेनीवाल बोले-हर कमजोरी और कमी को दूर किया जाएगा

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव नतीजों, एनएसयूआई में टिकट बंटवारे की प्रक्रिया और कन्हैया कुमार को लेकर निर्दलीय उम्मीदवार समर्थ बेनीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। आईएएनएस से बातचीत करते हुए एनएसयूआई के खराब प्रदर्शन पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “जैसे कि एनएसयूआई ने कहा है, कई वजहें थीं जिन पर हम चर्चा करेंगे, सोच-विचार करेंगे और समाधान खोजने के लिए उनका विश्लेषण करेंगे। हमारा पूरा ध्यान इस बात पर होगा कि भविष्य में ऐसी कमियां दोबारा न हों। चुनाव में हार-जीत तो होती रहती है लेकिन एनएसयूआई यह पक्का करेगा कि आगे बढ़ते हुए हर कमजोरी और कमी को दूर किया जाए।” समर्थ बेनीवाल ने मद्दों पर बातचीत करते हुए कहा, “सबसे पहले तो जवाबदेही की बात है। चाहे सत्य निकेतन हो या कोई और जगह, हमने हर जगह दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। हालांकि, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और न ही कोई जवाबदेही दिखाई। इसके अलावा, हॉस्टल की उपलब्धता और छात्रों के लिए साफ पीने के पानी की कमी भी बड़े मुद्दे रहे। ये वे मुख्य मुद्दे थे जिन्हें हम सीधे छात्रों के पास ले गए।” एनएसयूआई की हार पर उन्होंने कहा, “हम लोगों ने पूरी कोशिश की और लड़ना सबसे जरूरी है। एनएसयूआई विद्यार्थियों के लिए पहले भी लड़ रही थी, अब भी लड़ रही है और आगे भी लड़ती रहेगी। छात्र हितों के लिए लड़ना सबसे जरूरी चीज है। हम लोगों ने चुनाव भी बड़े जोर-शोर से लड़ा और एनएसयूआई ने यह एक उदाहरण सेट किया कि पहली बार डूसू में अध्यक्ष पद के लिए एक आदिवासी समाज के लड़के को टिकट दिया गया। चुनाव परिणाम कुछ भी रहा हो, लेकिन एनएसयूआई की विचारधारा दिन ब दिन मजबूत हो रही है। कन्हैया कुमार पर एनएसयूआई को ‘चौपट’ करने वाले आरोप पर समर्थ बेनीवाल ने कहा, “अगर किसी भी आरोप से सबूत नहीं हैं तो वे झूठे आरोप हैं। हमको हवा में बातें नहीं करनी चाहिए कि उनकी वजह से ऐसा हुआ है। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कहा, “इस कार्यक्रम का जमीन पर असर दिख रहा है। इसको लेकर किसी को कोई बयान देने की जरूरत नहीं है। इसको लेकर भाजपा और उनके संगठन भी चुप हो चुके हैं। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में लोगों का सैलाब उमड़ा है। राहुल गांधी सुनने लायक मुद्दा उठा रहे हैं।

बांग्लादेश : डेंगू से सितंबर में सबसे ज्यादा मौतें, 87 ने तोड़ा दम

ढाका। बांग्लादेश में सितंबर में अब तक डेंगू से 87 लोगों की मौत हो चुकी है, जो इस साल डेंगू से होने वाली मौतों का सबसे ज्यादा मासिक आंकड़ा है। बांग्लादेश में रविवार सुबह 8:00 बजे तक पिछले 24 घंटों में डेंगू से छह और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही, इस साल देश में डेंगू से मरने वालों की कुल संख्या 184 हो गई है। यह जानकारी स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने दी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के डीजीएचएस आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,593 नए मामले सामने आने के बाद, जनवरी से अब तक डेंगू के कन्फर्म मामलों की संख्या बढ़कर 61,972 हो गई है। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल हुई मौतों में सितंबर में अब तक 87, अगस्त में 43, जुलाई में 36 और जून में 13 मौतें शामिल हैं। डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी से 20,536 लोग संक्रमित हुए थे, जबकि सितंबर के पहले 20 दिनों में डेंगू के 26,126 और मामले दर्ज किए गए। बांग्लादेश सरकार ने इस बीमारी को रोकने के लिए इस महीने की शुरुआत में तीन महीने का अभियान शुरू किया था। डेंगू बुखार, जो एडीज मच्छरों से फैलने वाली एक वायरल बीमारी है, एक गंभीर बीमारी का कारण बनता है। इसके लक्षणों में आमतौर पर सिरदर्द, तेज बुखार, थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द, ग्रंथियों में सूजन, उल्टी और रैशेज (त्वचा पर चकत्ते) शामिल हैं। इस बीच, बांग्लादेश के दैनिक समाचार पत्र ‘प्रोथोम आलो’ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू देश के सभी 64 जिलों में फैल चुका है। मच्छर से फैलने वाली इस बीमारी की चपेट में आने के बाद हर दिन सैकड़ों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। इस बीमारी से, जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है, लगभग हर दिन मौतें भी हो रही हैं। 9 सितंबर को ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए, बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री एमए मुहित ने कहा कि डेंगू के संक्रमण पहले ही बढ़ने लगे हैं और सितंबर के आखिरी हफ्ते और अक्टूबर की शुरुआत में इसके चरम पर पहुंचने की उम्मीद है। डेंगू के बढ़ते संक्रमण और मौतों पर सालों से मीडिया रिपोर्ट और चर्चाओं के बावजूद, डेंगू की रोकथाम के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की कमी साफ दिखाई देती रही है। ‘प्रोथोम आलो’ की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी कमजोरी तालमेल की कमी रही है।

यूपी का विभाजन एक दिन होना निश्चित, राजभर का बेटा होगा पूर्वांचल में पहला सीएम : ओम प्रकाश राजभर

अंबेडकर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। अंबेडकर नगर में आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के बंटवारे को तय बताया और दावा किया कि पूर्वांचल राज्य बनने पर पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज से होगा। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बातचीत में उत्तर प्रदेश के विभाजन और नेतृत्व को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी विशाल आबादी को देखते हुए आज नहीं तो कल, इसका विभाजन होना निश्चित है। जिस दिन उत्तर प्रदेश चार भागों में बंटेगा, उस दिन पूर्वांचल की आबादी के आधार पर यह तय हो जाएगा कि हमारा गठबंधन जिससे भी होगा, उसमें पहला मुख्यमंत्री राजभर समाज का ही बेटा बनेगा।” इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राहुल गांधी पर महिलाओं का सम्मान न करने के आरोप का समर्थन करते हुए राजभर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “उन्होंने सही कहा है कि अगर राहुल गांधी महिलाओं का सम्मान करते तो जो महिलाओं के लिए बिल आया था कि 33 प्रतिशत रिजर्वेशन महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभा में सीटें सुरक्षित कर दी जाएं, तो उसका विरोध नहीं करते, समर्थन में रहते। चाहे अखिलेश यादव हों, चाहे राहुल गांधी हों, ये सारे लोग महिलाओं के अधिकार के विरोधी हैं।” अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी के गठबंधन की अटकलों पर भी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “वो गठबंधन नहीं करेंगे, वो भ्रम में न रहें। मुसलमानों के नेता अखिलेश यादव और राहुल यादव अपने को मानते हैं। ओवैसी तो चाह रहे हैं कि मुसलमान का बेटा मुख्यमंत्री बने। ये न तो अखिलेश यादव को पसंद है, न तो राहुल को पसंद है, तो कैसे ये लोग गठबंधन करेंगे।” वहीं, समाजवादी पार्टी को निशाना बनाने वाले पोस्टरों का समर्थन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सपा ने अपने शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे अपराधियों को बढ़ावा दिया। राजभर ने कहा कि सपा की सरकार में अपराध और माफियाराज चरम पर था।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटर्स का दमदार प्रदर्शन जारी, हिमांशु ने सिल्वर और रुद्राक्ष ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

नागोया। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत ने दो पदक हासिल किए। एक कड़े मुकाबले के बाद हिमांशु ढिल्लों ने सिल्वर मेडल और रुद्राक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। हिमांशु ने कुल 252.4 प्वाइंट्स अर्जित किए और वह दूसरे स्थान पर रहे, जबकि रुद्राक्ष 230.9 प्वाइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर रहे। चीन के मौजूदा ओलंपिक चैंपियन शेंग लिहाओ ने 254.2 के गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता और सफलतापूर्वक अपने खिताब का बचाव किया। आठ खिलाड़ियों के फाइनल में भारतीय जोड़ी शुरू से ही मेडल की दौड़ में बनी हुई थी, जिसमें रुद्राक्ष ने बहुत अच्छी शुरुआत की। शुरुआती 10 शॉट्स के बाद वह 106.0 प्वाइंट्स के साथ सबसे आगे थे, उनके बाद शेंग 104.9 प्वाइंट्स और हिमांशु 104.8 प्वाइंट्स के साथ थे। एलिमिनेशन राउंड शुरू होने पर भी भारतीय खिलाड़ी टॉप दो स्थानों पर काबिज रहे। रुद्राक्ष आगे बने रहे, जबकि हिमांशु ने लगातार अच्छे स्कोर किए, जिसमें लगातार 10.9 प्वाइंट्स के स्कोर भी शामिल थे, जिससे वह दूसरे स्थान पर आ गए। शेंग ने जैसे-जैसे अंतर कम किया, बढ़त बार-बार बदलती रही। दूसरे एलिमिनेशन के बाद भी रुद्राक्ष टॉप पर थे और हिमांशु तीसरे स्थान पर थे, लेकिन आखिरकार चीनी शूटर पहले स्थान पर आने में सफल रहा। जब मुकाबले में सिर्फ चार शूटर बचे थे, तब मंगोलिया के बयारा न्यंतई के बाहर होने के साथ ही भारत का डबल पोडियम स्थान पक्का हो गया। उस समय चीन के शेंग 211.6 अंकों के साथ पहले स्थान पर थे, जबकि भारत के रुद्राक्ष 210.6 और हिमांशु 210.0 अंकों के साथ क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर चल रहे थे। इससे भारत के दो पदक सुनिश्चित हो गए। इसके बाद सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला शेंग के पीछे पूरी तरह से भारतीयों के बीच सिमट गया। हिमांशु ने रुद्राक्ष से बढ़त बना ली, जब उन्होंने 10.8 प्वाइंट्स का स्कोर किया और रुद्राक्ष ने 9.7 प्वाइंट्स का स्कोर किया, जिससे रुद्राक्ष तीसरे स्थान पर खिसक गए। रुद्राक्ष ने एलिमिनेशन शॉट पर 10.6 प्वाइंट्स के साथ वापसी की कोशिश की, लेकिन हिमांशु ने 10.4 प्वाइंट्स के साथ अपनी स्थिति बनाए रखी। शेंग ने आखिरी शॉट में 10.6 का स्कोर करके गोल्ड मेडल पक्का किया और 254.2 के गेम्स रिकॉर्ड के साथ मुकाबला खत्म किया। हिमांशु, जिन्होंने अपने दूसरे आखिरी शॉट से शेंग की बढ़त को 1.8 प्वाइंट तक कम कर दिया था, 252.4 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष ने कुल 230.9 का स्कोर करके ब्रॉन्ज मेडल जीता।

दिल्ली के सदर बाजार इलाके में नाबालिग को बंधक बनाकर दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। सदर बाजार इलाके में एक नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। फिलहाल, दिल्ली पुलिस ने दुष्कर्म, पॉक्सो और बंधक बनाने का मुकदमा दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 16 सितंबर की रात को एक दुकानदार के नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न की घटना के बारे में पीसीआर कॉल मिली थी। तुरंत ही सदर बाजार थाने की टीम और सदर बाजार व महिला पुलिस स्टेशन के एसीपी मौके पर पहुंचे। जांच ​​में पता चला कि नाबालिग पीड़िता रात करीब 11 बजे स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए घर से निकली थी, तभी पड़ोस की दुकान में मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बहला-फुसलाकर दुकान के अंदर बुलाया। इसके बाद उसने नाबालिग लड़की के हाथ-पैर बांधे और उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उत्तरी जिले के महिला पुलिस स्टेशन में कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई और 56 वर्षीय आरोपी मकसूद को उसी दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को बहुत संवेदनशीलता के साथ संभाला गया और उत्तरी जिले का महिला थाना महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध की किसी भी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले, दिल्ली में एक 17 साल की लड़की के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया। यह मामला 13 सितंबर को सामने आया, जब उत्तरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में कुशक रोड पर जयपाल राणा के खेत के पास एक बुरी तरह सड़ी-गली लाश मिली। हालत ऐसी थी कि पुलिस शुरू में यह भी तय नहीं कर पाई कि शव लड़के का है या लड़की का। जांच में पीड़िता की पहचान की गई। बाद में पता चला कि इस वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया, जिनमें तीन नाबालिग हैं। आरोपियों ने बाद में लड़की के शव को खुले इलाके में फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों को जानती थी और उनके साथ टेंपो में सफर कर रही थी। सफर के दौरान सभी ने शराब पी और फिर लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई थी।