उमर खालिद को बिना ट्रायल वर्षों तक जेल में रखना अन्याय: वारिस पठान

मुंबई। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने मंगलवार को कहा कि जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को बिना ट्रायल के सालों तक जेल में रखना ‘अन्याय’ है और उन्हें अपना बचाव करने का मौका मिलना चाहिए। पठान की यह प्रतिक्रिया कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख बीके हरिप्रसाद के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने जेल में बंद उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताया था और बेंगलुरु के नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) में छात्र एक्टिविस्ट पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग का विरोध करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की आलोचना की थी। एआईएमआईएम नेता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि उन्होंने क्या कहा। मैं एक वकील हूं, और कानून कहता है, ‘जमानत नियम है, जेल अपवाद है।’ आप किसी को बिना ट्रायल के सालों तक जेल में नहीं रख सकते। यह ट्रायल से पहले ही दोषी ठहराने जैसा है। वे (खालिद और सह-आरोपी शरजील इमाम) छह साल से जेल में हैं। वे सरकार की नीतियों से नाखुश थे, इसलिए उन्होंने अपनी आवाज उठाई।” उन्होंने खालिद का बचाव करते हुए कहा, “कोई भी वीडियो देखकर पता लगा सकता है कि क्या उन्होंने कुछ गलत कहा था। बार-बार सुनवाई के बावजूद उन्हें जमानत नहीं दी जा रही है। एक वकील के तौर पर मैं कह सकता हूं कि उन्हें बिना ट्रायल के छह साल से ज्यादा समय तक जेल में रखना अन्याय है। ट्रायल शुरू होने दें, उन्हें कोर्ट के सामने सबूत पेश करने दें, और फैसला सुनाया जाएगा। उन्हें (खालिद को) कुछ भी साबित करने का मौका नहीं दिया जा रहा है। यह अपने आप में एक सजा है।” पठान ने दावा किया, “कहीं न कहीं ऐसा लगता है कि वह मुस्लिम हैं, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी जा रही है।” इस बीच, एआईएमआईएम नेता ने दिशा सालियान की मौत के मामले पर भी बात की और लोगों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करने की अपील की। उन्होंने कहा, “इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोई जरूरत नहीं है। यह एक ऐसे पिता की बात है जो छह साल से अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। अब हाई कोर्ट के आदेश पर मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है। अब न्याय होना चाहिए।” इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर के बारे में जानकारी देने पर पाकिस्तान द्वारा इनाम की रकम बढ़ाकर 70 लाख पीकेआर करने पर वारिस पठान ने इस्लामिक रिपब्लिक को ‘आतंकवाद की जड़’ बताया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद वहीं से पनपता है। भारत ने इसकी आतंकवादी गतिविधियों का दंश झेला है। हमने पुलवामा, 26/11 और पहलगाम जैसी घटनाएं देखी हैं, जहां पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने भारत में पर्यटकों के नाम और धर्म पूछने के बाद उनकी हत्या कर दी थी। हम चाहते हैं कि सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तरह उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई करे, उन्हें यहां लाए और आतंकवाद को खत्म करने के लिए उन्हें मौत की सजा दे।
रूस की कार्रवाई पर भड़का यूरोप, ईयू चीफ बोलीं- यह आक्रामकता का व्यापक पैटर्न है, नाटो देगा जवाब

नई दिल्ली। रूस की ओर से यूरोप में लगातार हो रही ‘उकसावे की कार्रवाइयों’ को लेकर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये यूरोप के खिलाफ रूसी आक्रामकता का व्यापक पैटर्न है और यूरोप नाटो के साथ मिलकर इसका जवाब देगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “एक बार फिर, यूरोप लापरवाह और खतरनाक रूसी व्यवहार के साथ जागा। एक रूसी युद्धपोत ने डेनमार्क के एक हेलीकॉप्टर के बेहद करीब आपातकालीन फ्लेयर्स दागे। एक ड्रोन ने लिथुआनिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, जिसके बाद नाटो के लड़ाकू विमानों ने उसे मार गिराया। ये अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ये यूरोप के खिलाफ रूसी आक्रामकता और उकसावे के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा हैं, जो हमारी तैयारी और हमारे संकल्प की परीक्षा ले रहा है। रूस को हमारा संकल्प और भी मजबूत होता हुआ मिलेगा। हम नाटो के साथ मिलकर अपने सामूहिक प्रतिरोध और रक्षा को मजबूत कर रहे हैं और हम रूस पर दबाव बढ़ा रहे हैं। इससे ठीक एक दिन पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में स्थित एक प्रमुख सैन्य एयरबेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। इस पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हूती हमले की निंदा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “मैं सऊदी अरब के खिलाफ हूती हमले की निंदा करती हूं। हम लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने खाड़ी साझेदारों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।” उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ अपने साझेदारों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन तथा मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए काम करता रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की स्थिरता में सभी का हित जुड़ा है। हूती प्रवक्ता सरी ने दावा किया कि यह अभियान यमन में सऊदी हवाई हमलों के जवाब में चलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में सऊदी एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में 300 से अधिक हवाई हमले किए हैं।
किशाऊ बांध से यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी: हरियाणा सीएम

नई दिल्ली। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि किशाऊ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर छह राज्यों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर एक अहम कदम है, जिससे राज्य को यमुना नदी में पानी की बढ़ी हुई उपलब्धता का सीधा लाभ मिलेगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में इस प्रोजेक्ट पर हुई बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान, इन छह राज्यों की अहम बैठक में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सक्रिय कोशिशों से इस मुद्दे पर राज्यों के बीच आम सहमति बनाने का रास्ता साफ हो गया है, जो सालों से लंबित था।” मुख्यमंत्री सैनी ने इस अहम पहल के लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह का खास तौर पर आभार जताया। उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल का भी धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने संबंधित राज्यों और विभागों के साथ तालमेल बिठाकर किशाऊ प्रोजेक्ट को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम किया है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि यमुना के पानी में हरियाणा का हिस्सा 48 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, “एमओयू पर हस्ताक्षर होना इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, इसलिए यमुना में पानी की उपलब्धता बढ़ने से हरियाणा को सीधा फायदा होगा। किशाऊ प्रोजेक्ट के साथ-साथ रेणुका-जी और लखवार प्रोजेक्ट भी हरियाणा के लिए अहम हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य पहले से ही चल रहा है, और अब किशाऊ प्रोजेक्ट पर भी जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है।” मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि तीनों प्रोजेक्ट, रेणुका-जी, लखवार और किशाऊ, से हरियाणा का हिस्सा लगभग 1,143 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) होगा। तीनों प्रोजेक्ट मिलकर पानी की उपलब्धता में 2,676 क्यूसेक की बढ़ोतरी करेंगे, जिसमें से 1,280 क्यूसेक हरियाणा का हिस्सा होगा।
वित्त मंत्री सीतारमण ने जेन जी और जेन अल्फा को दी सलाह, ‘विनम्रता और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करना जरूरी’

चेन्नई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि छात्रों को विनम्रता और जिम्मेदारी की मजबूत भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने प्रसिद्ध विद्वान सर आइजैक न्यूटन का उदाहरण देते हुए कहा कि न्यूटन ने अपनी सफलता में अन्य विद्वानों के योगदान को स्वीकार किया था। तमिलनाडु के चेन्नई में एमजीआर विश्वविद्यालय में छात्रों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि न्यूटन जैसे महान विद्वान ने भी स्वीकार किया था कि अपनी सफलता हासिल करने और खोजें करने के लिए उन्हें कई अन्य विद्वानों की सहायता की आवश्यकता थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “न्यूटन जैसे महान विद्वान ने स्वीकार किया था कि अपनी सफलता हासिल करने के लिए उन्हें विभिन्न विद्वानों की सहायता की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा था कि इसी सहयोग के माध्यम से वह अपनी विभिन्न खोजें कर पाए। उन्होंने इसे बेहद विनम्रता के साथ व्यक्त किया।” वित्त मंत्री ने कहा, “इसलिए छात्रों के लिए विनम्रता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है।” सीतारमण ने कहा कि न्यूटन द्वारा दूसरों के योगदान को स्वीकार करना उनकी गहरी विनम्रता को दर्शाता है और यह बताता है कि किसी व्यक्ति की उपलब्धियों में दूसरों के योगदान को पहचानना कितना महत्वपूर्ण है। वित्त मंत्री ने छात्रों से इस दृष्टिकोण से प्रेरणा लेने और अपनी शैक्षणिक तथा पेशेवर यात्रा के साथ-साथ विनम्रता विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्तिगत और पेशेवर विकास में जिम्मेदारी की भावना भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहनी चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा, “न्यूटन जैसे प्रतिष्ठित विद्वान ने अपने भाषण में कहा था कि उन्हें अपनी सफलता के लिए विभिन्न विद्वानों की मदद की जरूरत पड़ी। इसके माध्यम से उन्होंने बताया कि वह विभिन्न खोजें करने में सक्षम हुए। उन्होंने इसे बेहद विनम्रता के साथ व्यक्त किया।” सीतारमण ने स्नातक छात्रों से अपनी पेशेवर यात्रा शुरू करते हुए नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभालने और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। वित्त मंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और मजबूती उसके नागरिकों के स्थिर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी आधार हैं। सीतारमण ने स्नातकों से उत्कृष्टता हासिल करने और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के अनुकूल खुद को ढालने के साथ-साथ विनम्र बने रहने की भी अपील की।
गुरुग्राम हिट एंड रन केस : महिला बाइक राइडर को टक्कर मारने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

गुरुग्राम। गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कार चालक को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 13 सितंबर की सुबह हुई घटना से जुड़ा है, जिसका वीडियो 14 सितंबर की सुबह महिला बाइक राइडर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया था। वीडियो सामने आने के बाद मामला गुरुग्राम पुलिस के संज्ञान में आया और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा था कि 13 सितंबर की सुबह गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइक राइडर को कार से टक्कर मारी गई। वीडियो संज्ञान में आने के बाद पुलिस द्वारा पीड़िता से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, पीड़िता की ओर से पुलिस को कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। इसके बावजूद गुरुग्राम पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले का स्वतः संज्ञान लिया और तुरंत थाना सेक्टर-56 में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी कार चालक ने मीडिया को घटना के संबंध में साक्षात्कार दिया था। इसके बाद आरोपी ने पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और फरार हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुग्राम पुलिस की ओर से तीन अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया तथा आरोपी की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने अभियोग दर्ज करने के बाद मामले की गहनता से जांच की। घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया गया। फुटेज के आधार पर पुलिस को घटना से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियोग में हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 109 बीएनएस को भी जोड़ा गया। इसके अलावा, अनुसंधान के दौरान पीड़िता के बयान दर्ज किए गए और उसके कथनों के आधार पर अभियोग में धारा 78 और 79 बीएनएस की भी वृद्धि की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश में जुटी अपराध शाखा सोहना, गुरुग्राम की टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे 15 सितंबर को दौसा-राजगढ़ के बीच राजस्थान क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कल्याण बैंसला, उम्र 33 वर्ष, निवासी चांदहट, जिला पलवल, हरियाणा के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा आरोपी को हिरासत में लेकर मामले में आगे की पूछताछ एवं जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को काबू करने के बाद उसने बहाना बनाकर भागने का भी प्रयास किया। इस दौरान गिरने के कारण आरोपी को कुछ चोटें आईं। इसके बाद उसका अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया। पुलिस के अनुसार, घटना में इस्तेमाल की गई एक कार भी आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद कार आरोपी के दोस्त के नाम पर पंजीकृत है।
बिहार कैबिनेट ने 17 प्रस्तावों को दी मंजूरी, बाढ़ और सिंचाई के लिए आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपए स्वीकृत

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में बाढ़ और सिंचाई कार्यों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि स्वीकृत करने के साथ कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, विमानन, खनन, जल संसाधन और कारा विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव के तहत राज्य योजना मद में बाढ़ एवं सिंचाई प्रक्षेत्र के लिए विभिन्न विपत्र कोड के अंतर्गत बिहार आकस्मिकता निधि से कुल 1,000 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि की स्वीकृति दी गई। इससे बाढ़ और सिंचाई से जुड़े जरूरी कार्यों में तेजी लाने का रास्ता साफ होगा। कृषि विभाग के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए कुल 8979.684 लाख रुपए की लागत पर कार्यान्वयन, राशि निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई। वहीं, नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल-ऑयल पाम (एनएमईओ-ओपी) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 210 लाख रुपए की राशि की निकासी एवं व्यय को मंजूरी मिली। केंद्र प्रायोजित ‘एकीकृत बागवानी विकास मिशन’ के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक दो वर्षों में कुल 7,834.22040 लाख रुपए की लागत की योजना को स्वीकृति दी गई। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6,866.22040 लाख रुपए की राशि शामिल है। खान एवं भूतत्व विभाग के दो प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। इनमें बिहार राज्य में ईंट सत्र 2024-25 तक ईंट-भट्ठों के बकाया राशि की वन टाइम सेटलमेंट योजना तथा बिहार जिला खनिज फाउंडेशन (संशोधन) नियमावली, 2026 की स्वीकृति शामिल है। ग्रामीण विकास विभाग के तहत ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (विकसित भारत-जी राम जी)’ शिकायत निवारण नियमावली, बिहार, 2026 को स्वीकृति दी गई। जल संसाधन विभाग के एक अन्य प्रस्ताव में बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को मंजूरी दी गई। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना में पैरावेट स्कूल की स्थापना के लिए चार अनुदेशक और दो निम्नवर्गीय लिपिक सहित कुल छह पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इन पदों के सृजन से वार्षिक व्यय भार 45,98,832 रुपए होगा। स्वास्थ्य विभाग के तहत राज्य के राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रीडर, व्याख्याता और सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति/प्रोन्नति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के कुल 366 रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को भी मंजूरी मिली। सिविल विमानन विभाग के तहत भारत सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘मॉडिफाइड उड़ान स्कीम’ के अंतर्गत राज्य में हवाई संपर्क के विस्तार के लिए नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई। साथ ही बिहार राज्य विमानन संवर्ग में तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति को विनियमित करने के लिए ‘बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली, 2026’ के गठन को भी स्वीकृति दी गई। पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के तहत गया जिले में स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, वाराणसी की तर्ज पर समग्र विकास करने के लिए 2,520 करोड़ रुपये तथा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के निर्माण के लिए 996.05 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। दोनों योजनाओं की कुल अनुमानित राशि 3,516.05 करोड़ रुपये है। सामान्य प्रशासन विभाग के तहत बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों के अगले आदेश तक सृजन को मंजूरी मिली। गृह विभाग के कारा प्रक्षेत्र के प्रस्ताव में राज्य की जेलों में खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट संचालित करने के लिए संबंधित नियमावली के गठन तथा पेट्रोलियम कंपनियों के चयन को मंजूरी दी गई। इसके तहत केंद्रीय कारा, पूर्णिया और शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर की भूमि पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन तथा केंद्रीय कारा, बक्सर और शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा, भागलपुर की भूमि पर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के माध्यम से पेट्रोल पंप संचालित किए जाने का प्रस्ताव है।
2,000 रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर लगेगा एमडीआर, छोटे व्यापारियों के लिए जारी रहेगी छूट

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मंगलवार को ऐलान किया कि उसने चुनिंदा यूपीआई लेनदेन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) फ्रेमवर्क में बदलाव किया है। इसके तहत, 2,000 रुपए से ज्यादा के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर चार्ज लगेगा, जबकि छोटे व्यापारियों और कम वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन के लिए जीरो एमडीआर जारी रहेगा। यह एमडीआर फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा, जबकि ग्राहकों के लिए यूपीआई लेनदेन मुफ्त बने रहेंगे। इसमें 2,000 रुपए तक के पेमेंट वाले कम-वैल्यू वाले यूपीआई पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेनदेन को एमडीआर के दायरे से बाहर रखा गया है। नए नियम के तहत, 2,000 रुपए से ज्यादा के खास पी2एम यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत का एमडीआर लगेगा। एमडीआर की अधिकतम सीमा 300 रुपए प्रति लेनदेन होगी। रेलवे, टेलीकॉम सर्विस, इंश्योरेंस और फ्यूल जैसी चुनिंदा मर्चेंट कैटेगरी में 2,000 रुपए से ज्यादा के यूपीआई पेमेंट पर 5 रुपए प्रति लेनदेन का फ्लैट एमडीआर लगेगा। पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) यूपीआई लेनदेन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे और 2,000 रुपए तक के पी2एम लेनदेन भी एमडीआर फ्रेमवर्क के दायरे से बाहर रहेंगे। इसका मतलब है कि ग्राहक बिना कोई लेनदेन चार्ज दिए यूपीआई का इस्तेमाल करते रहेंगे। पर्सन-टू-पर्सन मर्चेंट (पी2पीएम) फ्रेमवर्क के तहत काम करने वाले छोटे व्यापारियों को जीरो एमडीआर का फायदा मिलता रहेगा। इस कैटेगरी में वे छोटे वेंडर शामिल हैं जो यूपीआई क्यूआर पेमेंट के जरिए सीधे अपने बैंक अकाउंट में हर महीने 1 लाख रुपए तक की रकम हासिल करते हैं। इससे असंगठित रिटेल सेक्टर में डिजिटल पेमेंट को ज्यादा से ज्यादा अपनाने में मदद मिलती है। संशोधित फ्रेमवर्क में छोटे व्यापारियों के बीच यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए एक खास फंड बनाने का भी प्रस्ताव है, खासकर मौजूदा मर्चेंट नेटवर्क और टियर-3 व उससे छोटे बाजारों में। इस पहल का मकसद डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और ज्यादा छोटे व्यवसायों को यूपीआई अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। फ्रेमवर्क के अनुसार, ज्यादा कीमत वाले लेनदेन पर इकट्ठा किया गया एमडीआर, यूपीआई इकोसिस्टम से जुड़े सभी प्लेयर्स के बीच बांटा जाएगा। इस कदम से पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूती, साइबर सुरक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही नए यूजर्स और व्यापारियों के बीच यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
दूसरा टी20: संजू-अभिषेक के बीच 88 रन की तूफानी साझेदारी, 7 विकेट से जीता भारत, सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त

नई दिल्ली। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया दूसरा टी20 मैच 7 विकेट से अपने नाम किया। इसी के साथ टीम इंडिया ने तीन मुकाबलों की टी20 सीरीज में 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है। अंतिम मुकाबला 17 सितंबर को इसी मैदान पर खेला जाना है। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी करने उतरी अफगान टीम ने खराब शुरुआत के बावजूद 8 विकेट खोकर 159 रन बनाए। इस टीम को 1.3 ओवर में रहमानुल्लाह गुरबाज (0) के रूप में शुरुआती झटका लगा। उस समय तक खाता भी नहीं खुला था। इसके बाद कप्तान इब्राहिम जादरान ने सेदिकुल्लाह अटल के साथ दूसरे विकेट के लिए 51 रन जुटाकर अफगानिस्तान को संभालने की कोशिश की, लेकिन जादरान (37) के आउट होने के बाद टीम लड़खड़ा गई। आलम ये रहा कि 100 के स्कोर तक 6 खिलाड़ी पवेलियन लौट गए। यहां से मोहम्मद नबी (20) और राशिद खान (28) की अनुभवी जोड़ी ने मोर्चा संभाला। इन बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए 28 गेंदों में 48 रन की साझेदारी करते हुए टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। भारत के लिए नितीश रेड्डी ने 3 विकेट हासिल किए, जिन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट निकाले। इनके अलावा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई को 1-1 विकेट हाथ लगा। इसके जवाब में, टीम इंडिया ने 14.5 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सलामी जोड़ी ने जोड़ी ने विस्फोटक शुरुआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने 38 गेंदों में 88 रन की साझेदारी की। अभिषेक 19 गेंदों में 4 छक्कों और 2 चौकों के साथ 39 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद संजू ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 4 गेंदों में 11 रन की साझेदारी की। भारत को 99 के स्कोर पर संजू सैमसन के रूप में दूसरा झटका लगा, जो 22 गेंदों में 57 रन बनाकर आउट हुए। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 7 चौके शामिल रहे। यहां से ईशान ने कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 22 गेंदों में 24 रन जुटाए। अय्यर 11 गेंदों में इतने ही रन बनाकर पवेलियन लौटे, जिसके बाद ईशान ने तिलक वर्मा के साथ चौथे विकेट के लिए 25 गेंदों में 40 रन की अटूट साझेदारी करते हुए टीम को आसान जीत दिलाई। ईशान 23 गेंदों में 2 छक्कों और 3 चौकों के साथ 38 रन बनाकर आउट हुए, जबकि तिलक वर्मा ने 14 गेंदों में नाबाद 15 रन बनाए। अफगानिस्तान के लिए तीनों विकेट राशिद खान ने हासिल किए।
भविष्य की जंग तकनीक से जीती जाएगी, नवाचार जरूरी: राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए रक्षा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) समेत सभी क्षेत्रों में नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर और नवाचार को प्रोत्साहित कर भारत अपनी सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत कर सकता है तथा भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकता है। राजनाथ सिंह ने टेक्नोलॉजी को 21वीं सदी के सबसे शक्तिशाली साधनों में से एक बताते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी में देश का भविष्य गढ़ने और उसे आत्मनिर्भर बनाने की क्षमता है। उन्होंने ये बातें मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित डीआरडीओ-इंडस्ट्री सिनर्जी मीट ‘विमर्श 2026’ को संबोधित करते हुए कहीं। इस कार्यक्रम की थीम ‘वार्ता से विकास’ रखी गई थी। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत में रक्षा क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप्स की नई लहर उभर रही है। ड्रोन तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में ये स्टार्टअप्स आधुनिक रक्षा परिदृश्य को नई दिशा दे रहे हैं। आज का नवाचार कल की सैन्य क्षमता है। उन्होंने ये भी कहा कि जो देश आज तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी होगा, वह भविष्य के युद्धों में रणनीतिक बढ़त हासिल करेगा। राजनाथ सिंह ने युवाओं से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि जिस देश के पास अपनी तकनीक होती है, वह अपने भविष्य को स्वयं आकार देने की ताकत रखता है। उन्होंने कहा, “भारत के स्टार्टअप्स और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, नवाचार के नए ध्वजवाहक बनकर उभरे हैं। डीप-टेक से लेकर भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों तक, ये संस्थान रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं। अनुसंधान से लेकर विनिर्माण तक, आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में लघु एवं मध्यम उद्यम और स्टार्टअप्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।” रक्षा मंत्री ने रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास को गति देने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए डीआरडीओ, उद्योग जगत और सशस्त्र बलों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “’विकसित भारत 2047′ के लक्ष्य को हासिल करने में रक्षा क्षेत्र की निर्णायक भूमिका है। जब डीआरडीओ की तकनीक, उद्योग जगत की विनिर्माण क्षमता, स्टार्टअप्स का नवाचार और युवाओं की आकांक्षाएं एक दिशा में आगे बढ़ेंगी, तब भारत की सैन्य शक्ति नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। यही ‘न्यू इंडिया’ की सामूहिक शक्ति है।
ब्रिक्स बैठक में मोदी का संदेश, आपसी हित और सम्मान से आगे बढ़ें भारत-चीन

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। नई दिल्ली में मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए। जब बैठक को लेकर चीनी पक्ष के बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें कहा गया था कि ताइवान और तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर भारत की नीति और स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है और वह अपनी धरती पर किसी भी ताकत को चीन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की अनुमति नहीं देगा, तो जायसवाल ने जवाब दिया, “चर्चा के दौरान कई मुद्दे सामने आए, और हमने आपको उनसे अवगत कराया है, जिनमें आपके सवाल में उल्लिखित मुद्दे भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने भारतीय चिंताओं का भी जिक्र किया और इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे की मूल चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और तीन आपसी सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता से निर्देशित होना चाहिए।” पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने 12 सितंबर को नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक की, जहां दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि “मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए” और इस बात की पुष्टि की कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। बैठक के बाद विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया, “दोनों नेताओं ने अगस्त 2025 में तियानजिन में अपनी पिछली बैठक के बाद से भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए। मतभेदों को विवाद नहीं बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों पक्षों को तीन आपसी सिद्धांतों- आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित से निर्देशित होना चाहिए।” बैठक के दौरान पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर विकास के लिए एक आवश्यक आधार बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया, “उन्होंने दोनों पक्षों की ओर से सीमा से जुड़े मुद्दों पर मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने अपने समग्र द्विपक्षीय संबंधों के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और दोनों देशों के लोगों के दीर्घकालिक हितों के आधार पर सीमा प्रश्न के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त की।” दोनों नेताओं ने लोगों के बीच आपसी संबंधों में हुई प्रगति पर भी गौर किया और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, व्यावसायिक संबंधों और अधिक आवाजाही को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। बयान में आगे कहा गया, “आर्थिक और व्यापारिक संबंधों पर, उन्होंने संरचनात्मक व्यापार असंतुलन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े मुद्दों सहित एक-दूसरे की चिंताओं को दूर करने और सार्थक और पूर्वानुमानित बाजार पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।” विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि दोनों पक्षों को क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा आधार का विस्तार करना जारी रखना चाहिए और चुनौतियों से निपटना चाहिए। इस बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।