भस्म आरती: बाबा महाकाल का भांग, त्रिपुंड, त्रिनेत्र और फूलों से भव्य शृंगार, बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे मौजूद

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, रविवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती की गई। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। रविवार तड़के भगवान वीरभद्र की आज्ञा लेने के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ बाबा महाकाल के कपाट खोले गए। दिव्य शृंगार और भस्म आरती के बाद जैसे ही श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंदिर परिसर घंटियों, शंखध्वनि और मंत्रोच्चार से गुंजायमान हो उठा। महाकाल मंदिर के पट खुलने के साथ ही मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। बाबा महाकाल की पूजा के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा ने मुकुट धारण किया। इसके बाद झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़े, और शंखनाद के साथ भस्म आरती की गई। बाबा महाकाल का भांग, त्रिपुंड और त्रिनेत्र से शृंगार किया गया। बाबा को फूलों की माला से आकर्षण स्वरूप में सजाया गया। महाकाल मंदिर के पुजारी ने महाआरती संपन्न कराई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन किए। अपने आराध्य देव के दर्शन पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बीती रात से ही कतारबद्ध थे। भस्म आरती के दौरान पुरुषों के लिए पारंपरिक धोती-सोला और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य होता है। परंपरा के अनुसार, महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म आरती अर्पित की जाती है। मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में दर्शन देते हैं। बाबा की इस आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन की पावन नगरी पहुंचते हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी का निधन, सीएम योगी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की पत्नी सत्यवती मिश्रा का रविवार को निधन हो गया। कलराज मिश्र की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर जानकारी दी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। कलराज मिश्र ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “मेरी धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा, आज अपनी जीवन यात्रा पूर्ण कर ईश्वर के श्रीचरणों में विलीन हो गईं हैं, प्रभु उनको अपने श्री चरणों में स्थान दें।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी का निधन अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।” अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अत्यंत दुखद समाचार है कि पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की अर्धांगिनी सत्यवती मिश्रा, हम सब की चाची जी अब नहीं रहीं, निष्कपट धर्म परायण और सब की चिंता करने वाली आप एक ऐसी ग्रहणी थीं, जो घर में आने वाले हर व्यक्ति को बराबर का सम्मान देती थीं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें, यही प्रार्थना है।” यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।” उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ राजनेता एवं पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्र के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। मेरी विनम्र संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रभु श्रीराम जी दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस संकट की इस घड़ी में शक्ति व धैर्य प्रदान करें।” केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “पूर्व राज्यपाल राजस्थान, पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कलराज मिश्र की धर्मपत्नी सत्यवती मिश्रा के गोलोकगमन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं परिवार को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।” भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र की धर्मपत्नी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को सद्गति एवं शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें..!!

ब्रिक्स सम‍िट: मलेश‍ियाई पीएम ने की गाजा और पश्चिम एशिया में तनाव पर चर्चा, ‘ख्वाब हो या हो कोई हकीकत’ गीत भी गाया

नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आयोज‍ित रात्र‍िभोज के दौरान मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने मिस्र, इंडोनेशिया, कजाकिस्तान समेत कई विश्व नेताओं, यूएन महासचिव और डब्‍ल्‍यूटीओ महानिदेशक से मुलाकात को यादगार पल बताया। इस दौरान विश्व नेताओं के साथ वैश्‍व‍िक शांति के प्रयासों पर भी चर्चा की गई। इससे पहले उन्‍होंने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की शाम को खुशनुमा बनाते हुए किशोर कुमार का गाना ‘ख्वाब हो या हो कोई हकीकत’ गाया। रात्र‍िभोज के दौरान, जब पियानो पर धुन बज रही थी, उन्होंने 1965 की फिल्म ‘तीन देवियां’ का गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत’ गाना शुरू किया। क‍िशोर कुमार के इस गाने की धुन पूरे हॉल में गूंजने लगी। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की शानदार प्रस्तुति ने पूरी शाम को खुशनुमा बना द‍िया। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आयोज‍ित रात्र‍िभोज की जानकारी साझा की। उन्‍होंने पोस्‍ट में ल‍िखा, ”कल रात 18वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित रात्रिभोज समारोह में मुझे कई विश्व नेताओं और मित्रों से बातचीत करने का अवसर मिला। इनमें मिस्र के राष्ट्रपति, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, उज्बेकिस्तान के उप प्रधानमंत्री, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और विश्व व्यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के महानिदेशक शामिल थे। उन्‍होंने बताया क‍ि हमारी बातचीत में दुनिया की मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा हुई, खासकर गाजा में चल रहे संघर्ष, वहां की मानवीय स्थिति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर। यह हालात ऐसे हैं जिनमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से दुनिया के नेताओं को एकजुट होकर खून-खराबा रोकने और स्थायी व न्यायपूर्ण समाधान खोजने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। पीएम अनवर इब्राहिम ने कहा क‍ि अगले महीने जब मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे, तब मलेशिया और मिस्र के बीच संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर और विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्‍होंने बताया क‍ि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ हुई बातचीत में हमने जंगलों में लगने वाली आग और पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े उन मुद्दों पर भी चर्चा की, जिन पर सहमति और संयुक्त कार्रवाई की आवश्यकता है। मैंने उन्हें एक बार फिर मलेशिया आने का निमंत्रण दिया और अनुरोध किया कि वे जल्द से जल्द यात्रा करें, ताकि दोनों देशों के बीच लंबित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करके उन्हें अंतिम रूप दिया जा सके।

नालंदा के बिहारशरीफ में शिव मंदिर के अंदर तोड़फोड़, तीन नाबालिग पुलिस हिरासत में

नालंदा। बिहार के नालंदा जिले में एक शिव मंदिर के अंदर कथित तौर पर तोड़फोड़ और पेशाब किए जाने की घटना सामने आई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संयम बरतते हुए पुलिस को सूचना दी। इस मामले में पुलिस ने 4 से 5 साल की उम्र के तीन बच्चों को हिरासत में लिया है। यह मामला नालंदा जिले के बिहार थाना क्षेत्र अंतर्गत शेरपुर थवई मोहल्ले का है। शिव मंदिर में शनिवार को इस शर्मनाक करतूत को अंजाम दिया गया। कुछ बच्चों ने मंदिर परिसर में न सिर्फ पत्थरबाजी की, बल्कि वहां स्थित मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने का भी प्रयास किया। यह पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। बच्चे कथित तौर पर मंदिर के अंदर पेशाब करते हुए भी नजर आए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संयम बरतते हुए पुलिस को सूचना दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नालंदा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 3 बच्चों को निरुद्ध कर लिया है। स्थानीय युवक सूरज कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि शनिवार जब वह मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां बहुत सारे ईंट-पत्थर गिरे हुए हैं। शुरुआत में उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और मंदिर परिसर को धोकर साफ कर दिया। बाद में जब उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की, तो उनके होश उड़ गए। फुटेज में साफ दिख रहा था कि कुछ बच्चे आए, जिन्होंने मंदिर पर ईंट-पत्थर मारे, शिवलिंग के पास पेशाब किया। बच्चे गाली गलौच भी कर रहे थे। सूरज कुमार ने कहा कि क्षेत्र में माहौल न बिगड़े, इसलिए हमने तुरंत प्रशासन को इसकी सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के रास्तों पर अवैध अतिक्रमण हो चुका है। आसपास के मौहाल के कारण और एक रास्ता बंद किए जाने के कारण लोग मंदिर नहीं जा पाते हैं। सूरज ने यह भी बताया कि पहले भी ऐसी घटनाएं घट चुकी हैं। मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले अमन कुमार ने बताया कि इस क्षेत्र में अधिकतर मुस्लिम आबादी रहती है और जिस मंदिर में घटना हुई, वह इस क्षेत्र का एकमात्र मंदिर है। यहां शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। बच्चों ने जानबूझकर मंदिर के गेट पर पत्थर चलाए और अंदर जाकर पेशाब किया। अमन ने बताया कि इससे पहले भी इस मंदिर में चोरी की घटना हो चुकी है। इन घटनाओं से स्थानीय हिंदू श्रद्धालुओं की भावनाएं लगातार आहत हो रही हैं। जानकारी के अनुसार, बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर-41 में इस मंदिर का निर्माण हुआ है। इसी वर्ष महाशिवरात्रि पर बिहारशरीफ के विधायक सुनील कुमार ने 14 लाख 90 हजार रुपए की लागत से नवनिर्मित मंदिर का विधिवत उद्घाटन किया था। इसके बाद से ही यहां सुबह-शाम नियमित पूजा-पाठ हो रहा है। मंदिर का काम पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है और अब तक बाउंड्री वॉल का निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे शरारती तत्वों को अंदर घुसने का मौका मिल जाता है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आवेदक आरव राज के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शहर के सांप्रदायिक सौहार्द और विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के मद्देनजर, मंदिर और उसके आस-पास दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। तीन बच्चों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

इराक और तुर्की समकक्षों से अराघची ने की फोन वार्ता, पश्चिम एशिया तनाव रोकने पर हुई चर्चा

तेहरान। ईरान, इराक और तुर्की ने पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव को और बढ़ने से रोकने की जरूरत पर जोर दिया है। यह मुद्दा शनिवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके तुर्की और इराकी समकक्षों के बीच हुई अलग-अलग फोन वार्ताओं में प्रमुख रूप से उठाया गया। इसकी जानकारी ईरान के विदेश मंत्रालय की ओर से रविवार सुबह जारी बयानों में दी गई। अराघची और तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान के बीच हुई बातचीत में दोनों पक्षों ने क्षेत्र की ताजा स्थिति पर चर्चा की। दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि तनाव को और बढ़ने से रोकना और क्षेत्रीय संघर्षों को फैलने से रोकना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार बातचीत और कूटनीतिक प्रयास जारी रहने चाहिए। एक अलग फोन वार्ता में अराघची और इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन ने दोनों देशों से जुड़े मुद्दों, क्षेत्रीय घटनाक्रम और चल रही प्रक्रियाओं पर चर्चा की। उन्होंने साझा सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने तथा आपसी समन्वय जारी रखने के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय घटनाओं को जिम्मेदारी के साथ संभालना जरूरी है और संघर्षों को बढ़ने या दूसरे इलाकों तक फैलने से रोकने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। इस बीच, ईरानी अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि ईरान और ओमान ने होर्मुज स्‍ट्रेट के लिए नए प्रवेश और निकास मार्गों की रूपरेखा पर सहमति बना ली है। दोनों देश सोमवार को मस्कट में होने वाली क्षेत्रीय बैठक में खाड़ी देशों को इस बातचीत के नतीजों की जानकारी देंगे। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने ईरान की वार्ता टीम से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि यह समझौता ईरान और ओमान के बीच लंबे समय तक चली तकनीकी और कूटनीतिक बातचीत के बाद हुआ। अगस्त के आखिर में दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी। सूत्र के अनुसार, नए समझौते के तहत खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह ईरान के क्षेत्रीय समुद्री जल के भीतर होगा। वहीं निकास मार्ग का एक हिस्सा भी ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र में आएगा। सूत्र ने कहा कि यह मार्ग ईरान की ओर से तय की गई व्यवस्थाओं के तहत संचालित होगा। नया सिस्टम लागू होने के बाद जलमार्ग का दक्षिणी मार्ग बंद कर दिया जाएगा। सूत्र के मुताबिक, अमेरिका चाहता था कि यह दक्षिणी मार्ग खुला रहे। हालांकि, सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज स्‍ट्रेट पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

यूक्रेन के आसमान में मंडरा रहे घातक ‘शाहेद ड्रोन’, जेलेंस्की ने कहा- अर्थव्यवस्था को न‍िशाना बना रहा रूस

कीव। यूक्रेन पर रूस के घातक हमले जारी हैं। शन‍िवार को भी रूस ने लगभग 500 ड्रोन से यूक्रेन पर हमला क‍िया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा क‍ि रूस को जब सैन्‍य मोर्चे पर सफलता नहीं म‍िली तो उसने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उन्‍होंने आरोप लगाया क‍ि खाद्य सामान के गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुविधाएं, आम यात्री ट्रेनों को न‍िशाना बनाया जा रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्‍ट पर रूस के घातक हमलों की जानकारी साझा की। जेलेंस्की ने पोस्‍ट में बताया क‍ि रूस के ड्रोन हमले आज पूरे दिन जारी रहे हैं, और इस समय भी “शाहेद” ड्रोन आसमान में मौजूद हैं। सुबह से अब तक लगभग 500 हमला करने वाले ड्रोन लॉन्च किए जा चुके हैं। उन्‍होंने कहा क‍ि असल में, रूस ने इस युद्ध को सिर्फ मोर्चे तक सीमित नहीं रखा है। जहां उसे सैन्य मोर्चे पर सफलता नहीं मिल रही, वहां उसने अब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। उसकी रणनीति बेहद सीधी है, उन सभी जगहों को नष्ट करना जो लोगों को युद्ध की कठिन परिस्थितियों में टिके रहने में मदद कर सकती हैं। जेलेंस्की ने आरोप लगाया क‍ि रूसी हमलों में खाद्य सामान के गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण और भंडारण से जुड़ी सुविधाएं, आम यात्री ट्रेनें, रिहायशी इमारतें और नागरिक व्यवसायों को निशाना बनाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में ही रूस ने एक इस्पात (स्टील) कारखाने पर हमला किया, जो एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व में है। इसके अलावा, सूरजमुखी तेल बनाने वाली एक अमेरिकी कंपनी और प्लंबिंग फिटिंग्स बनाने वाली एक पोलिश कंपनी को भी निशाना बनाया गया। उन्‍होंने कहा क‍ि रूसी हमलों का असर ट्रकों की पार्किंग, बंदरगाहों, शॉपिंग मॉल और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी पड़ा है। जेलेंस्की ने कहा क‍ि रूस यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहता है और उसी के जरिए हमारे प्रतिरोध को तोड़ना चाहता है। इसलिए यह जरूरी है कि इन रूसी हमलों का जवाब सिर्फ उचित कार्रवाई से ही न दिया जाए, बल्कि हमारे सहयोगी देश इनकी स्पष्ट नैतिक और राजनीतिक निंदा भी करें। उन्‍होंने कहा क‍ि रूसी कंपनियां, जो युद्ध के लिए इस्तेमाल होने वाले सरकारी बजट में टैक्स देती हैं और वे रूसी अरबपति (ओलिगार्क्स) जिनके बिना राष्ट्रपति पुतिन की व्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती, उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि जब तक यह युद्ध जारी है, दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं होनी चाहिए जहां वे पूरी शांति और आराम से रह सकें। जेलेंस्की ने कहा क‍ि युद्ध शुरू होने के पहले दिन से ही हमारे सहयोगी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का उद्देश्य यह रहा है कि रूसी नेतृत्व अपने करीबी कारोबारियों को यह भरोसा न दिला सके कि उन्हें युद्ध के नतीजों का कोई असर नहीं झेलना पड़ेगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा क‍ि प्रतिबंध ऐसे ही जारी रहने चाहिए ताकि रूसी कारोबारी अपने नेतृत्व पर दबाव डालें और युद्ध खत्म करने की मांग करें। साथ ही रूस की अपने पड़ोसी देशों और यूरोप के प्रति नफरत की नीति को भी समाप्त करने की मांग करें। जब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था रूस के लिए सिर्फ एक निशाना बनकर रह गई है, तब निश्चित रूप से यह वह समय नहीं है कि यूरोप रूसी अरबपतियों को अपने मित्रों की तरह देखे। और जब रूस इस युद्ध को लंबा खींचने के लिए हर यूरो और हर डॉलर का इस्तेमाल कर रहा है, तब रूसी कंपनियों और कारोबारियों को ऐसा माहौल देना जहां वे युद्ध के असर को महसूस किए बिना सामान्य जीवन जी सकें, न केवल नैतिक रूप से गलत है बल्कि खुद के लिए भी नुकसानदायक और खतरनाक है।

राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने रोश हशनाह पर इजरायली समकक्षों को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रोश हशनाह के अवसर पर अपने इजरायली समकक्षों और इजरायल की जनता को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और इजरायल के लोगों को रोश हशनाह की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत की जनता की ओर से मैं आपको और पूरे इजरायल तथा दुनिया भर के यहूदी समुदाय को रोश हशनाह की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। नया साल सभी के लिए शांति, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और नई उम्मीद लेकर आए।” रोश हशनाह यहूदी नववर्ष है। इसे ‘वर्ष का सिर’ कहा जाता है और यह दुनिया की सृष्टि की वर्षगांठ के रूप में भी मनाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू, इजरायल की जनता और दुनियाभर के यहूदी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “शाना तोवा! प्रधानमंत्री नेतन्याहू, इजरायल की जनता और दुनियाभर के यहूदी समुदाय को रोश हशनाह की हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल सभी के लिए शांति, उम्मीद, अच्छे स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति से भरा हो।” विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने इजरायली समकक्ष गिदोन सा’र को रोश हशनाह की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “रोश हशनाह के अवसर पर विदेश मंत्री गिदोन सा’र, इजरायल की सरकार और जनता को हार्दिक शुभकामनाएं। नया साल सभी के लिए शांति, समृद्धि, अच्छे स्वास्थ्य और खुशियां लेकर आए। शाना तोवा!” इससे पहले पिछले महीने भारत में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भारत-इजरायल संबंधों को विशेष और अनूठा बताते हुए दोनों देशों के रिश्ते को मजबूत बनाने वाले कई मूलभूत मूल्यों का उल्लेख किया था। अजार ने कहा था कि भारत और इजरायल के संबंधों की विशेषता छह मूलभूत मूल्यों से जुड़ी है। उन्होंने दोनों देशों के लिए ‘सभ्यतागत दृढ़ता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण’ को पहला साझा मूल्य बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों सभ्यताओं को सदियों तक विदेशी शक्तियों के हमलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की पहचान को निशाना बनाया गया और इतिहास में उनकी पहचान मिटाने की कोशिशें हुईं, लेकिन तमाम मुश्किलों के बावजूद दोनों की पहचान और सभ्यताएं कायम रहीं। यही दोनों देशों के बीच एक साझा विशेषता है।