मणिपुर: संदिग्ध उग्रवादी हमलों में चार की मौत, दो महिलाएं भी शामिल

इंफाल। मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में रविवार को संदिग्ध उग्रवादियों के अलग-अलग हमलों में कुकी समुदाय के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तामेंगलोंग जिले के कैमाई थाना क्षेत्र के टोलेन कुकी गांव में हुए हमले में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, नोनी जिले के नुंगबा थाना क्षेत्र के लोंगपी गांव में एक अन्य हमले में एक महिला सहित दो लोगों को गोली मारकर हत्या कर दी गई। टोलेन गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने ल्हिंगंगाई सिंगसित के घर पर हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। इस हमले में उनके पति सेइनेह सिंगसित और उनका शिशु पुत्र भी घायल हो गए। बाद में सेइनेह सिंगसित की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। घायल परिवार को इलाज के लिए दक्षिणी असम के सिलचर ले जाया जा रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बल गांव पहुंचे और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। दूसरी घटना में लोंगपी गांव में हथियारबंद उग्रवादियों ने कथित तौर पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें जूली गंगटे और आर. गंगटे की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, चारों मृतक कुकी जनजातीय समुदाय से संबंधित थे। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि निर्दोष नागरिकों के खिलाफ इस तरह की कायरतापूर्ण हिंसा अस्वीकार्य है और सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। कैमाई विलेज अथॉरिटी सहित कई संगठनों, विधायकों और नेताओं ने टोलेन गांव में हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने इसे समुदायों के बीच विभाजन और असहजता पैदा करने की सोची-समझी कोशिश बताया। साथ ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता एन. बीरेन सिंह ने भी इस हमले को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि टोलेन कुकी गांव की यह घटना बेहद हृदयविदारक है और निर्दोष लोगों पर हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इस तरह की हिंसा केवल लोगों के दुख को बढ़ाती है तथा शांति बहाली के प्रयासों को कमजोर करती है। कई कुकी और नागा विधायकों ने भी इन हत्याओं की निंदा की। नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक अवांगबो न्यूमै ने कहा कि निहत्थे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना कायरतापूर्ण कृत्य है, जिसका सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। बता दें कि यह घटना ऐसे दिन हुई, जब मणिपुर में कुकी समुदाय हर वर्ष 13 सितंबर को ‘साहनीत नी’ (ब्लैक डे) मनाता है। यह दिन 1990 के दशक में हुए कुकी-नागा संघर्ष में मारे गए लोगों की याद में मनाया जाता है। यह ताजा हिंसा ऐसे समय में हुई है, जब मणिपुर में शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं। मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा में अब तक 306 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

ग्लोबल साउथ के सहयोग के लिए प्रमुख मंच बन रहा ब्रिक्स : विशेषज्ञ

नई दिल्ली। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग और बहुध्रुवीय विश्व की अवधारणा चर्चा के केंद्र में रही। विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने रविवार को ब्रिक्स को ग्लोबल साउथ के सहयोग के लिए लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे मंच के रूप में बताया। आईएएनएस से बातचीत में एसडब्ल्यूएफआई के चेयरमैन और आईब्रिक्स 2026 के लीड को-चेयर लक्ष्मी नारायणन ने कहा कि कई अर्थव्यवस्थाओं के सामने मौजूद टैरिफ संबंधी चुनौतियां ब्रिक्स देशों की वजह से पैदा नहीं हुई हैं, बल्कि ये व्यापक वैश्विक व्यापारिक परिस्थितियों का परिणाम हैं। इनमें अमेरिकी नीतियों का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने सामूहिक सहयोग और आर्थिक समन्वय के जरिए इन चुनौतियों से निपटने पर सहमति जताई है। नारायणन के अनुसार, शिखर सम्मेलन से तीन प्रमुख परिणाम सामने आए हैं। इनमें द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास, भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति तथा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाने की समझ शामिल है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने आईब्रिक्स की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह ऐसा मंच है, जो चर्चाओं को निवेश, परियोजनाओं और कारोबारी अवसरों में बदलने पर केंद्रित है। वहीं, रक्षा विशेषज्ञ रंजीत राय ने शिखर सम्मेलन में अपनाई गई दिल्ली घोषणा को वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने दुनिया के नेताओं को भारत को करीब से समझने का अवसर दिया और जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा तथा आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर सामूहिक कार्रवाई की जरूरत को रेखांकित किया। राय ने आईएएनएस से कहा, “ब्रिक्स का मूल उद्देश्य बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था को मजबूत करना है, जहां वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रिया कुछ देशों तक सीमित न रहे।” सेटू आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजशेखर जोशी ने कहा कि ब्रिक्स ग्लोबल साउथ के सहयोग के सबसे प्रभावशाली उदाहरणों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यह समूह दुनिया की आधी से अधिक आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी भारत की ओर से शिखर सम्मेलन की मेजबानी की सराहना की। इंडो विंग्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ पारस जैन ने कहा कि भारत द्वारा आयोजन के कुशल प्रबंधन से देश की वैश्विक छवि मजबूत हुई है। वहीं, इंडोजीनियस के निक बुकर ने कहा कि दुनिया के प्रमुख नेताओं की भागीदारी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और आर्थिक भागीदारी में भारत के बढ़ते महत्व को दर्शाती है।

पीएफआरडीए भर्ती: ऑफिसर के 30 पदों पर आवेदन का अवसर, युवाओं के पास 24 सितंबर तक मौका

नई दिल्‍ली। नौकरी की तलाश में जुटे लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने विभिन्न स्ट्रीम के आधार पर ऑफिसर ग्रेड ‘ए’ (असिस्टेंट मैनेजर) के कुल 30 पदों पर पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं। इस पदों पर आवेदन के लिए योग्‍य युवाओं के पास 24 सितंबर तक मौका है। पीएफआरडीए की ओर से ऑफिसर ग्रेड ‘ए’ (असिस्टेंट मैनेजर) पोस्ट के लिए जारी 30 रिक्तियों में जनरल के 25, रिसर्च के 2, एक्चुअरी के 2 और आधिकारिक भाषा (राजभाषा) के 1 पद शामिल हैं। इन सभी पोस्ट के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 3 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 24 सितंबर तक तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे पीएफआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से जनरल स्ट्रीम के लिए मास्टर डिग्री/कम से कम दो वर्ष पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा या लॉ में बैचलर डिग्री या इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री या आईसीएआई से एसीए/एफसीए या आईसीएसआई से एसीए/एफसीए या आईसीएमएआई से एसीएमए/एफसीएमए या सीएफए इंस्टीट्यूट से सीएफए होनी चाहिए। रिसर्च के लिए इकोनॉमिक्स/कॉमर्स/बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन/इकोनोमेट्रिक्स/क्वांटिटेटिव इकोनॉमिक्स/फाइनेंशियल इकोनॉमिक्स/मैथमेटिकल इकोनॉमिक्स/बिजनेस इकोनॉमिक्स/एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स/इंडस्ट्रियल इकोनॉमिक्स/बिजनेस एनालिटिक्स में मास्टर डिग्री/कम से कम 2 वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा; या फाइनेंस/क्वांटिटेटिव फाइनेंस/मैथमेटिकल फाइनेंस/क्वांटिटेटिव टेक्नीक्स/इंटरनेशनल फाइनेंस/बिजनेस फाइनेंस/इंटरनेशनल और ट्रेड फाइनेंस/प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस/एग्री-बिज़नेस फाइनेंस में मास्टर डिग्री/कम से कम 2 वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा; या स्टैटिस्टिक्स/मैथमेटिकल स्टैटिस्टिक्स/स्टैटिस्टिक्स और इंफॉर्मेटिक्स/एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स और इंफॉर्मेटिक्स/डेटा साइंस/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस/मशीन लर्निंग/बिग डेटा एनालिटिक्स में मास्टर डिग्री/कम से कम 2 वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा; या मैथमेटिक्स में मास्टर डिग्री और स्टैटिस्टिक्स या संबंधित विषय में एक वर्ष का पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा होना चाहिए। एक्चुअरी के लिए ग्रेजुएशन के साथ ही इंस्टीट्यूट ऑफ एक्चुअरीज ऑफ इंडिया (आईएआई) की परीक्षा के सभी सात ‘कोर प्रिंसिपल्स’ विषयों में पास होना या छूट प्राप्त होना चाहिए। वहीं, आधिकारिक भाषा (राजभाषा) के लिए हिंदी/हिंदी अनुवाद में मास्टर डिग्री, जिसमें बैचलर डिग्री स्तर पर अंग्रेजी एक विषय रहा हो; या संस्कृत/अंग्रेजी/अर्थशास्त्र/कॉमर्स में मास्टर डिग्री, जिसमें बैचलर डिग्री स्तर पर हिंदी एक विषय रहा हो; या अंग्रेजी और हिंदी/हिंदी अनुवाद दोनों में मास्टर डिग्री होना चाहिए। आवेदकों की अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है, जिसकी गणना 31 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदनों की ऑनलाइन स्क्रीनिंग, ऑनलाइन परीक्षा (चरण-I और चरण-II) और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी 62,500 से 1,26,100 रुपए के बीच प्रति माह होगी। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे। बता दें कि फेज-I ऑनलाइन परीक्षा 15 अक्टूबर 2026 को और फेज-II ऑनलाइन परीक्षा 20 नवंबर 2026 को आयोजित किए जाएंगे। आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस के लिए 1,000 रुपए तय किया गया है। वहीं, एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी और पूर्व-सैनिक को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।

पंजाब में लोगों को विकास और रोजगार चाहिए, मजाक नहीं: सीएम नायब सिंह सैनी

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब की जनता को विकास, रोजगार, उद्योगों के लिए सुरक्षा और अपनी समस्याओं का समाधान चाहिए, न कि मजाक, प्रचार और विज्ञापन। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों में प्रतिभा और मेहनत की कभी कमी नहीं रही, लेकिन गलत नीतियों और नेतृत्व के कारण राज्य विकास की दौड़ में पीछे रह गया। पटियाला के ककराला गांव में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा भले ही दो अलग-अलग राज्य हों, लेकिन दोनों की संस्कृति, विरासत और जड़ें एक समान हैं। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की जनता यह सवाल पूछ रही है कि उपजाऊ भूमि, मेहनती लोगों और अपार संभावनाओं के बावजूद राज्य विकास के मामले में पीछे क्यों रह गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय पंजाब देश के सबसे समृद्ध राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज हरियाणा आर्थिक प्रगति के मामले में उससे काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में हरियाणा की आर्थिक विकास दर 9.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि पंजाब की विकास दर 6.1 प्रतिशत है। इसी तरह 2026-27 में हरियाणा की अर्थव्यवस्था लगभग 15.18 लाख करोड़ रुपए और पंजाब की अर्थव्यवस्था लगभग 9.81 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। सीएम सैनी ने कहा कि दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था के आकार में करीब 5.38 लाख करोड़ रुपए का अंतर है और यह सही नीतियों, स्पष्ट नीयत और जवाबदेह नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि 2023-24 में देश की जीडीपी में हरियाणा की हिस्सेदारी 3.6 प्रतिशत और पंजाब की हिस्सेदारी 2.4 प्रतिशत थी। वहीं, हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के 176.8 प्रतिशत के बराबर थी, जबकि पंजाब की 106.7 प्रतिशत थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब को काम से ज्यादा प्रचार और परिणामों से ज्यादा विज्ञापन दिए हैं। उन्होंने कहा कि केवल बड़े-बड़े दावे करने से अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होती। अर्थव्यवस्था तब मजबूत होती है, जब उद्योगों को सुरक्षा मिले, युवाओं को रोजगार मिले, व्यापारियों में भरोसा बने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है। “मजाक सिनेमा हॉल में चलता है, लेकिन जनता के बीच विकास, काम और समस्याओं के समाधान की बात होती है।” सीएम नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसने भी पंजाब की जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी कई वादे किए, लेकिन वे केवल वादों तक ही सीमित रह गए और लोगों को उनकी समस्याओं से राहत नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा की भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए 217 वादों में से 18 महीनों के भीतर 70 वादे पूरे किए जा चुके हैं। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री परणीत कौर, प्रो. मलकीत सिंह और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।/ कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों लोगों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की, जिनका मुख्यमंत्री ने पार्टी में स्वागत किया।

ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद एक भारतीय लापता: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने रविवार को पुष्टि की कि ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज एमटी अल गैया पर हुए हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता है। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम रविवार सुबह ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज एमटी अल गैया पर हुए हमले की निंदा करते हैं। जहाज पर सवार 14 इंडियन क्रू मेंबर्स में से 13 भारतीयों को अब तक बचा लिया गया है। लापता भारतीय नागरिक के लिए तलाशी और बचाव अभियान जारी है।” मंत्रालय के अनुसार, ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चल रहे तलाशी और बचाव अभियान में ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को बचाने में सहयोग के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम तनाव को तत्काल कम करने और क्षेत्र में शांति लाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की अपनी मांग को दोहराते हैं। क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। हम यह भी आग्रह करते हैं कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से स्वतंत्र और सुरक्षित नेविगेशन और वाणिज्य के प्रवाह को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।” ओमान में भारतीय दूतावास ने कहा कि मिशन भारतीय नागरिकों के लिए चल रहे सर्च एंड रेस्क्यू (एसएआर) ऑपरेशन पर कड़ी नजर रख रहा है। दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मिशन पनामा के झंडे वाले टैंकर एमटी अल गैया पर सवार 14 भारतीय नागरिकों के लिए चल रहे सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन पर कड़ी नजर रख रहा है। 13 भारतीय नागरिकों के लिए एसएआर ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है, और उन्हें सुरक्षित रूप से किनारे पर पहुंचा दिया गया है। ओमानी अधिकारी एक लापता चालक दल के सदस्य के लिए एसएआर प्रयास जारी रखे हुए हैं। हम उनके निरंतर समर्थन और सहायता के लिए ओमानी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।” पिछले महीने, विदेश मंत्रालय ने भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज, एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हुए हमले की निंदा की थी, जो यमन के तट के पास लाल सागर में डूब गया था। मंत्रालय ने पुष्टि की कि सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है, और रियाद में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चालक दल की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा था, “हम भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज, एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हुए हमले की निंदा करते हैं, जो 4 अगस्त, 2026 को यमन के तट के पास लाल सागर में डूब गया था। सभी 13 भारतीय नागरिकों को बचा लिया गया है। रियाद में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चालक दल की सुरक्षा के लिए यमनी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है। हम उनके समर्थन के लिए यमनी अधिकारियों को धन्यवाद देते हैं।

इस्तेमाल किए गए कपड़े इकट्ठा करने के लिए दिल्ली मेट्रो के 10 और अर्पण सेंटर बनाने की योजना: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन स्टेशनों पर बने ‘अर्पण केंद्रों’ ने 31 अगस्त तक 41 टन इस्तेमाल किए गए कपड़े जमा किए हैं और सरकार ऐसी 10 और सुविधाएं खोलने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो लोग पुराने कपड़ों को रखने या उन्हें सही तरीके से ठिकाने लगाने को लेकर परेशान हैं, उनके लिए दिल्ली मेट्रो के ‘अर्पण सेंटर’ एक काम का विकल्प बनकर उभरे हैं। दिल्ली मेट्रो के 10 स्टेशनों पर बने इन सेंटरों में लोग वे कपड़े जमा कर सकते हैं जिनकी उन्हें अब जरूरत नहीं है या जिनका वे इस्तेमाल नहीं करते। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि इन कपड़ों को दोबारा इस्तेमाल, अपसाइकिलिंग और रीसाइक्लिंग के जरिए काम की चीजों में बदला जाता है। मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि 31 अगस्त तक, कुल 3,940 लोगों ने 10 अर्पण सेंटरों पर 41,181.59 किलोग्राम कपड़े जमा किए थे। उन्होंने कहा, “बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल सेंटर पर सबसे ज्यादा 9,861.40 किलोग्राम कपड़े जमा हुए, इसके बाद शालीमार बाग सेंटर पर 9,761.03 किलोग्राम कपड़े जमा हुए।” एक सरकारी बयान में कहा गया, “पंजाबी बाग वेस्ट सेंटर पर 6,534.98 किलोग्राम कपड़े जमा हुए, जबकि शाहदरा सेंटर पर 6,386.08 किलोग्राम कपड़े जमा हुए। दूसरे सेंटरों पर जमा कपड़ों की मात्रा इस प्रकार थी: मयूर विहार-I में 5,189.40 किलोग्राम, हौज खास में 1,680.70 किलोग्राम, द्वारका-काकरोला में 689.40 किलोग्राम, मालवीय नगर में 467.40 किलोग्राम, लाजपत नगर में 395.70 किलोग्राम और मोहन एस्टेट में 215.50 किलोग्राम। पांच सेंटर 3 अगस्त को शुरू किए गए थे, जबकि बाकी सेंटर 12 और 17 अगस्त को चालू हुए।” अर्पण सेंटरों का दायरा बढ़ाने के लिए अब 10 और सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा गया है। ये सेंटर जनवरी 2027 में खोले जाने का प्रस्ताव है। इनमें मॉडल टाउन, आईएनए, आईपी एक्सटेंशन, पश्चिम विहार वेस्ट, राजेंद्र प्लेस, जनकपुरी वेस्ट, राजौरी गार्डन, ग्रेटर कैलाश, द्वारका सेक्टर 10 और छतरपुर मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। अर्पण सेंटरों पर जमा किए गए कपड़ों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है और उनके इस्तेमाल के हिसाब से आगे की प्रोसेसिंग के लिए भेजा जा रहा है। मिले सामान का कुछ हिस्सा दोबारा इस्तेमाल और अपसाइकिलिंग के लिए अलग रखा गया, जबकि बड़ी मात्रा रीसाइक्लिंग के लिए भेजी गई। दी गई जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त तक लगभग 4,266 किलोग्राम सामान दोबारा इस्तेमाल/अपसाइकिलिंग के लिए और 29,424 किलोग्राम सामान रीसाइक्लिंग के लिए तय किया गया था। आधिकारिक बयान में कहा गया, “सेल्फ-हेल्प ग्रुप इन कपड़ों का इस्तेमाल करके गलीचे, फोल्डर, की-रिंग, पाउच, बैग और तोरण जैसी काम की चीजें बना रहे हैं। इन उत्पादों को अर्पण केंद्रों पर भी दिखाया जा रहा है। इस तरह, लोगों द्वारा दान किए गए पुराने कपड़ों को सिर्फ कचरा बनने के बजाय नई, काम की चीजों में बदला जा रहा है।” इसमें कहा गया, “पुराने कपड़ों से बने उत्पाद इन केंद्रों पर बेचे भी जा रहे हैं। 10 अर्पण केंद्रों में कुल 27,036 रुपए की बिक्री दर्ज की गई है।” इसमें आगे कहा गया, “इस पहल का एक अहम पहलू यह है कि पुराने कपड़ों को सिर्फ इकट्ठा ही नहीं किया जा रहा है, बल्कि उन्हें काम की चीजों में बदलकर बेचा भी जा रहा है। इससे पुराने कपड़ों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए एक व्यावहारिक सिस्टम बनाने में मदद मिल रही है।” मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अर्पण केंद्र एक अहम पहल है जो पुराने कपड़ों को सही ढंग से निपटाने की समस्या का व्यावहारिक समाधान देती है और साथ ही उन्हें दोबारा इस्तेमाल और रीसाइक्लिंग के जरिए काम की चीजों में बदलने में मदद करती है। उन्होंने कहा, “दिल्ली के निवासियों की भागीदारी इस सिस्टम को और बढ़ाने में मदद कर सकती है। हमारी कोशिश है कि लोग आसानी से पुराने कपड़े दान कर सकें और उनका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हो, जिससे दिल्ली को साफ़, सुंदर और हरा-भरा बनाने की कोशिशें और मजबूत हों।

भारतीय टीम ने जीता जूनियर विमेंस एशिया कप का खिताब, फाइनल मुकाबले में चीन को 1-0 से हराया

मोकी (चीन)। भारतीय टीम ने जूनियर विमेंस एशिया कप 2026 के खिताब को अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान चीन को 1-0 से हराया। सानिका चंद्रकांत माने के 17वें मिनट में किए गए गोल की मदद से भारत ने खिताब अपने नाम किया और एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप में अपनी जगह पक्की की। भारतीय महिला टीम ने पिछले दो संस्करणों में भी एएचएफ जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी जीती थी। टीम ने इस साल की शुरुआत में नियुक्त कोच टिम व्हाइट के मार्गदर्शन में एक व्यवस्थित ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत तैयारी की और रविवार को खिताब की हैट्रिक पूरी की। हॉकी इंडिया ने जूनियर एशिया कप में खिताब जीतने वाली महिला टीम के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसके तहत हर खिलाड़ी को 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य को 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। भारत और चीन के बीच शुरुआती क्वार्टर में कड़ी टक्कर देखने को मिली और कोई गोल नहीं हो सका। इसके बाद मैच के 17वे मिनट में भारत के लिए पहला गोल सानिका ने दागा और टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। भारतीय टीम इस बढ़त को हाफ टाइम तक बरकरार रखने में कामयाब रहीं। भारत ने तीसरे क्वार्टर में भी अपनी मामूली बढ़त बनाए रखी और मेजबान टीम को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने आखिरी सीटी बजने तक अपनी बढ़त बनाए रखी और 1-0 से जीत हासिल करते हुए तीसरी बार एएचएफ महिला जूनियर एशिया कप की ट्रॉफी अपने नाम की। भारत ने क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान को 19-0 से हराने के बाद, साउथ कोरिया को 5-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इस जीत में ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट सुप्रिया का अहम योगदान रहा था।भारत ने पूल स्टेज में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ 10 अंक हासिल किए और बिना कोई मैच हारे गोल अंतर के आधार पर एलीट पूल में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।

याद रखिए टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। ‘याद रखिए टूटने से बिखरेंगे, जुड़ने से निखरेंगे’, यह बात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कही। उन्होंने कहा कि कुछ लोग, अपने राजनैतिक हित साधने के लिए, लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं। कभी जाति के नाम पर, कभी धर्म के नाम पर, हमारे समाज में दरार पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन हमें यह संकल्प लेना है कि हम किसी के भड़कावे में नहीं आएंगे। किसी के बहकावे में नहीं आएंगे। समाज को बंटने नहीं देंगे। समाज में प्रेम हो, सहयोग हो, एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो, इसके लिए हम सभी मिलकर प्रयास करेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को आगरा में आयोजित ‘खटिक समाज गर्जना सम्मेलन’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “जब समाज में समरसता बढ़ेगी, तब ही शांति बढ़ेगी। जब समाज में शांति बढ़ेगी, तब ही समृद्धि बढ़ेगी। जब समृद्धि बढ़ेगी, तब ही विकास और प्रगति के कार्य और तेज गति से आगे बढ़ेंगे और हमारा देश विकसित देश बनेगा। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार अंत्योदय और सर्वोदय के भावना के साथ काम कर रही है। सर्वोदय यानी समाज में सभी लोगों का उत्थान होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश यह है कि पैसों के अभाव किसी भी बच्चे की पढ़ाई न रुके। अवसर के अभाव के कारण कोई युवा पीछे न रहे और हर व्यक्ति शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के रास्ते पर आगे बढ़े। राजनाथ सिंह ने कहा कि इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि आज देशभर में हमारी सरकार, विकास की मुख्यधारा में पीछे रह गए लोगों को, समान अवसर देने के लिए काम कर रही है। जैसे बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है। उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के लिए भी आर्थिक मदद की जा रही है। आज, बाबासाहेब अंबेडकर के मंत्र ‘शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित हो’ को याद करने की जरूरत है। डॉ. अंबेडकर ने दुनिया के सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने संघर्ष का मार्ग चुना। साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा, “आगरा के पेठे को कौन भूल सकता है। आगरा का पेठा अपनी मिठास के लिए मशहूर है। ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना के तहत आगरा के पेठे को पूरी दुनिया में पहचान मिली है और विदेशों में भी लोग इसके स्वाद का लुत्फ उठा रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश भी, डबल इंजन की सरकार के साथ, तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे। हर दिन दंगे होते थे।” वहीं, खटीक समाज पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “1946 में जब डायरेक्ट एक्शन डे की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं का निशाना बनाना शुरू किया गया, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटिक जाति के बहुत से लोगों ने मोर्चा संभाला था और हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था। 1857 में, जब मेरठ में स्वतंत्रता की पहली लड़ाई लड़ी गई तब खटिक समाज के लोगों ने बहुत वीरता से अंग्रेजों का मुकाबला किया था। अंग्रेजों ने अपने शासनकाल में खटीकों का बहुत उत्पीड़न किया। लेकिन खटीकों ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व दिया।

भाजपा का सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से, देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा : अमित शाह

मुंबई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में मीडिया को संबोधित करते हुए घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी, उसके सहयोगी दलों, समग्र एनडीए परिवार, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों और देश की जनता के सहयोग से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशव्यापी सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। अमित शाह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। भाजपा पहले गुजरात और बाद में पूरे देश में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा सप्ताह के रूप में उनका जन्मदिन मनाती रही है। हालांकि इस वर्ष अभियान का विशेष महत्व है, क्योंकि 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे बहुत कम नेता हैं, जिन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा का इतना लंबा रिकॉर्ड बनाया हो। गृह मंत्री ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान देश के प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में चलाया जाएगा। इसके तहत हर जिले, लोकसभा क्षेत्र, विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर तक पहुंचकर जनता से संपर्क किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सामने स्वयं को हमेशा “प्रधान सेवक” के रूप में प्रस्तुत किया है और उनका पूरा राजनीतिक जीवन जनसेवा को समर्पित रहा है। अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने संवैधानिक शक्तियों का उपयोग गरीबों के कल्याण, देश को मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को लेकर देश आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री मोदी ने जनता में इस संकल्प को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2026 के बीच देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भ्रष्टाचार, जातिवाद और परिवारवाद जैसी बुराइयों की जगह अब प्रदर्शन आधारित राजनीति ने ली है। शाह ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश ने पहली बार मजबूत और स्पष्ट विदेश नीति का अनुभव किया है, जिसमें भारत के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवादी हमलों का करारा जवाब देने की नीति से भारत ने दुनिया को अपनी ताकत दिखाई है। उन्होंने कहा कि धारा 370 को हटाने, नक्सलवाद पर नियंत्रण और पूर्वोत्तर क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के जरिए देश को तीन बड़े संकटों से राहत मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जा चुकी है और भाजपा-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले इसे लागू करने का प्रयास किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि 2014 से पहले भारत को “फ्रेजाइल फाइव” अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, लेकिन आज देश दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में जारी पहली तिमाही के आंकड़ों के अनुसार 7.8 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर के साथ भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे आगे है। सेवा संकल्प अभियान के तहत देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सेवा दिवस, मेरे सपनों का भारत चित्र, नमो सेवा की अनकही कहानियां, स्थानीय भाषाओं में संगीतमय नाट्य प्रस्तुतियां, आंगन मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा ज्योति कलश यात्रा, वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग, सेवा फॉर इनोवेशन चैलेंज और सुशासन सेवा संवाद जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रिकॉर्ड छठी बार जीता जूनियर एशिया कप, फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से हराया

मोकी (चीन)। भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने रविवार को मोकी ट्रेनिंग बेस पर खेले गए फाइनल में साउथ कोरिया को 4-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारतीय पुरुष टीम ने लगातार चौथी बार यह महाद्वीपीय खिताब जीता और एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई किया। एशियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम का दबदबा रहा। भारत के लिए अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने गोल किए, जबकि कोरियाई टीम के लिए एकमात्र गोल ली मिनह्योक ने किया। यादव ने 9वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल किया, जिसके बाद एक्का ने 13वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। पहले क्वार्टर के अंत तक भारत 2-0 से आगे हो गया। प्रभदीप ने 21वें मिनट में भारत के लिए तीसरा गोल किया। भारत ने अपना दबदबा बनाए रखा और हाफ-टाइम ब्रेक तक कोरियाई टीम पर 3-0 की बड़ी बढ़त बना ली। साल 2000 की चैंपियन टीम को वापसी के लिए कुछ खास करने की जरूरत थी, लेकिन वे वापसी करने में नाकाम रहे। मौर्य ने 50वें मिनट में भारत के लिए एक और गोल करके टीम की बढ़त को 4-0 कर दिया। इसके बाद मिनह्योक ने 54वें मिनट में कोरियाई टीम के लिए गोल किया, लेकिन उनका यह एकमात्र गोल कोई खास असर नहीं डाल सका और भारत ने 4-1 से मुकाबला जीतकर छठी बार यह महाद्वीपीय खिताब अपने नाम किया। भारत ने अब लगातार चौथी बार जूनियर हॉकी एशिया कप जीता है और लगातार तीन खिताब जीतने के मामले में पाकिस्तान के साथ बराबरी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस हालिया जीत से पहले भारतीय टीम ने 2015, 2023 और 2024 में खिताब जीते थे। भारत पहले से ही इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे सफल टीम रही है। पाकिस्तान इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, जिसने 1988 से 1996 के बीच तीन खिताब जीते थे। कोरिया ने 2000 में एक बार ट्रॉफी को अपने नाम किया था, जबकि मलेशिया ने 2012 में खिताब जीता था।