जगमोहन ने डीएससी भर्ती को लेकर चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा, सरकार को ठहराया जिम्मेदार

अमरावती। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी (डीएससी) शिक्षक भर्ती में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर निशाना साधा है। भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए ‘डीएससी घोटाला’ के लिए सरकार को नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया है। शुक्रवार और शनिवार को एक्स पर की गई दो पोस्ट में जगन ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर नायडू सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए और स्पोर्ट्स से जुड़े सर्टिफिकेट का दावा करने वाले उम्मीदवारों के वेरिफिकेशन पर शक जताया। शनिवार को अपनी पोस्ट में जगन ने सीधे नायडू को टैग किया और टीचर बनने के इच्छुक उम्मीदवारों से जुड़े मामलों में अपनाई गई वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जगन ने पूछा, “मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, क्या टीचर बनने के इच्छुक लोगों का करियर आपके लिए मजाक बन गया है?” इसके बाद उन्होंने तीन ऐसे मामलों का जिक्र किया जिनसे उम्मीदवारों के दावों की सच्चाई पर सवाल उठते हैं। उन्होंने एक ऐसे मामले का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर विजेताओं की लिस्ट से उम्मीदवारों के नाम गायब थे। एक और मामले में उन्होंने दावा किया कि खो-खो अधिकारियों से वेरिफिकेशन करने पर पता चला कि एक स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट नकली था। आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी से पुष्टि करने के बाद जगन ने यह भी आरोप लगाया कि एक उम्मीदवार द्वारा बताए गए स्पोर्ट्स इवेंट का आयोजन कभी हुआ ही नहीं था। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इन मामलों को स्क्रूटनी प्रोसेस में कमियों के सबूत के तौर पर पेश किया और सवाल उठाया कि क्या इस भर्ती प्रक्रिया को अब भी निष्पक्ष और पारदर्शी कहा जा सकता है। उन्होंने पूछा, “क्या इसे किसी भी तरह से निष्पक्ष और पारदर्शी कहा जा सकता है? क्या इसी वजह से डीएससी घोटाला नहीं हुआ? क्या आप इसकी नैतिक जिम्मेदारी नहीं लेंगे?” शुक्रवार को एक्स पोस्ट में जगन ने टीचर भर्ती से जुड़े सरकारी आदेशों और पॉलिसी में हुए बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया। जगन ने पूछा, “अगर आपका मकसद निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती करना था, तो क्वालिफाइंग परीक्षा की जरूरत को खत्म करने वाले सरकारी आदेश क्यों जारी किए गए?” उन्होंने डीएससी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद किए गए नीतिगत बदलावों पर भी सवाल उठाए। जगन के मुताबिक, सरकार ने बाद में नियमों में इस तरह बदलाव किया कि पुरानी परीक्षा-आधारित भर्ती व्यवस्था फिर से लागू हो गई। जगन का तर्क था कि फैसलों के इस क्रम ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और क्या इन बदलावों से गड़बड़ियों की गुंजाइश बनी, इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री की ये बातें शिक्षकों के चयन और उम्मीदवारों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच को लेकर लगे आरोपों के बीच सामने आई हैं। उनकी हालिया पोस्ट का मकसद भर्ती नीति और उम्मीदवारों के दावों की जांच, दोनों ही मामलों में नायडू सरकार को बचाव की मुद्रा में लाना है। जगन ने फिर कहा कि अगर कथित गड़बड़ियों से भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है, तो नायडू को “नैतिक जिम्मेदारी” लेनी चाहिए।

वियतनाम के साथ रक्षा और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा : पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर सकारात्मक और व्यापक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए बातचीत की अहम बातें साझा की। बताया कि बातचीत के दौरान भारत और वियतनाम के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 2+2 तंत्र को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस तंत्र के जरिए दोनों देशों के रक्षा और विदेश नीति से जुड़े शीर्ष अधिकारियों के बीच नियमित संवाद को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। दोनों ने ऊर्जा, दुर्लभ खनिजों और अंतरिक्ष जैसे उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को खास महत्व दिया गया, क्योंकि ये संसाधन आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों के लिए तेजी से महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। व्यापार और निवेश के मोर्चे पर भी दोनों पक्षों ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करने पर चर्चा की। भारत और वियतनाम वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच दोतरफा निवेश को बढ़ावा देने और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और वियतनाम के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को भी रेखांकित किया। दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संपर्क और साझा सांस्कृतिक विरासत को द्विपक्षीय रिश्तों की महत्वपूर्ण ताकत बताया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और वियतनाम के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट नीति तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। उन्होंने कहा कि वियतनाम भारत के लिए हमेशा एक प्रमुख स्तंभ बना रहेगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातों का सिलसिला जारी है। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग समेत आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

नोएडा : मौसमी बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू का खतरा बरकरार, 24 घंटे में 48 नए मरीज मिले, कुल संख्या 365 पहुंची

नोएडा। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। तापमान में उतार-चढ़ाव और बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जिले में स्वाइन फ्लू के 48 नए मरीज सामने आए हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद जिले में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 365 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में जिले में 99 मरीज सक्रिय हैं। इन सभी मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों में उपचार की व्यवस्था की जा रही है। स्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बदलते मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। ऐसे में सर्दी, खांसी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकने तथा हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है। किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर उसके संपर्क में आने से बचने और चिकित्सकीय सलाह लेने पर भी जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू के मरीजों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी जारी है। सक्रिय मरीजों को आइसोलेशन में रखकर उपचार दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी संदिग्ध मरीजों पर नजर रखने तथा लक्षण मिलने पर आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले कुछ दिनों में लगातार नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है। हालांकि मरीजों के उपचार और निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराने के बजाय सावधानी बरतें और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक 365 मरीज स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए जा चुके हैं, जबकि इनमें से 99 मरीज फिलहाल सक्रिय हैं और आइसोलेशन में उपचार करा रहे हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन को भाजपा ने बताया गौरवपूर्ण क्षण, कांग्रेस ने कहा-सब तमाशा है

नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सहित कई नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “ब्रिक्स समिट में कई बड़ी वैश्विक शक्तियां हिस्सा ले रही हैं। भारत ने खुद को एक वैश्विक शक्ति और उभरती हुई आर्थिक और रणनीतिक ताकत के तौर पर स्थापित किया है।” उन्होंने कहा कि हम लोगों को इंतजार है कि ब्रिक्स के माध्यम से भारत में बड़े पैमाने पर निवेश और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने वाले हैं। यह हम सबके लिए गौरवपूर्ण क्षण है। सभी मेहमानों का भारत की धरती पर स्वागत है।” बिहार सरकार में मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “ब्रिक्स बैठक में आपसी सहमति से बहुत से देशों के बीच बातचीत होती है। मखाने को लेकर उन्होंने कहा कि हम लोगों के लिए बहुत ही खुशी की बात है कि बिहार का उत्पाद दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। हम बिहारवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा, “2500 से ज्यादा पुलिस सुरक्षा में लगाई गई, बीएसएफ लगा दी गई है। ब्रिक्स का नतीजा क्या निकलेगा? मुझे नहीं लगता कि ब्रिक्स का भारत के हक में कोई नतीजा निकलने वाला है। यह हर वर्ष होता है, अगले वर्ष रूस में होना है। ऐसा नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन से पहली बार मिल रहे हैं और दूसरे राष्ट्राध्यक्षों से पहली बार मिल रहे हैं। यह एक तमाशा है और इसके अलावा कुछ नहीं है।” शशि थरूर की ओर से ब्रिक्स की तारीफ किए जाने को लेकर राशिद अल्वी ने कहा, “सबकी अपनी-अपनी राय है। अगर कोई तारीफ कर रहा है तो वो अपने हिसाब से कर रहा है। उनको लगता होगा कि इससे फायदा होगा, लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता कि ब्रिक्स का भारत को कोई फायदा होगा।

भारत रूस को पछाड़ विदेशी मुद्रा भंडार में दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंचा

मुंबई। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर दुनिया में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। इसकी वजह आरबीआई की ओर से डॉलर आकर्षित करने के लिए शुरू की गई एफसीएनआर (बी) जमा स्कीम के तहत बड़ा फंड आना है। 4 सितंबर को समाप्त हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 44.9 अरब डॉलर बढ़कर 785.7 अरब डॉलर के आंकड़े पर पहुंच गया है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, 785.7 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार के साथ भारत रूस को पछाड़कर चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद चौथे स्थान पर आ गया है। सोने की कीमतों में गिरावट के कारण इस हफ्ते देश के गोल्ड रिजर्व 2.59 अरब डॉलर की कमी आई और यह 113.81 अरब डॉलर हो गया, हालांकि, विदेशी मुद्रा के रिजर्व में मजबूती से विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति को दिखाती है और इससे आरबीआई को रुपए में उतार-चढ़ाव आने पर उसे स्थिर करने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिलती है। विदेशी मुद्रा का मजबूत भंडार आरबीआई को स्पॉट और फॉरवर्ड करेंसी मार्केट में दखल देने में मदद करता है। वह ज्यादा डॉलर जारी करके रुपए की कीमत को तेजी से गिरने से रोक सकता है। इस बीच, आरबीआई ने विदेशी मुद्रा के भारी इनफ्लो की वजह से बैंकिंग सिस्टम में जमा हुई अतिरिक्त लिक्विडिटी को कम करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए के सरकारी बॉन्ड की ‘ओपन मार्केट ऑपरेशन’ (ओएमओ) बिक्री की घोषणा की है। आरबीआई 1 लाख करोड़ रुपए की सरकारी सिक्योरिटीज को तीन किश्तों में बेचेगा, जिसमें 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपए, 21 सितंबर को 25,000 करोड़ रुपए और 28 सितंबर को बाकी 25,000 करोड़ रुपए शामिल हैं। ये नीलामी मल्टी-सिक्योरिटी नीलामी के जरिए मल्टीपल-प्राइस मेथड से की जाएगी।

बतौर निर्माता ‘डोंट बी शाय’ को लेकर नर्वस महसूस कर रहीं आलिया भट्ट

मुंबई। अभिनेत्री आलिया भट्ट इन दिनों अपनी प्रोड्यूस आगामी फिल्म ‘डोंट बी शाई’ को लेकर सुर्खियों में चल रही हैं। अभिनेत्री ने ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान बताया कि वह फिल्म के साथ चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर को इंट्रोड्यूस करने को लेकर ज्यादा नर्वस हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान आलिया से पूछा गया था कि क्या उन्हें कभी लगा कि उन्हें भी इस फिल्म में एक्टिंग करनी चाहिए थी, तो इस पर उन्होंने कहा, “नहीं, मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि मुझे इस फिल्म में एक्टिंग करनी चाहिए थी।” आलिया ने फिल्म को लेकर उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट को प्रोड्यूस करने से उन्हें एक अलग तरह की खुशी मिली है, क्योंकि वह शुरू से ही इसकी कहानी और इसकी दुनिया बनाने में शामिल रही हैं। उन्होंने कहा, “14 साल पहले मैंने फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से एक एक्टर के तौर पर अपना डेब्यू किया था और अब इतने सालों बाद मैं चार नए एक्टर्स और एक डेब्यूटेंट डायरेक्टर को इंट्रोड्यूस कर रही हूं और मैं अभी उनसे कहीं ज्यादा नर्वस हूं। क्योंकि, आपके सवाल का जवाब दूं तो, मुझे एक एक्टर होना और कैमरे के सामने रहना पसंद है, लेकिन एक प्रोड्यूसर होने का एक अलग ही तरह का सुकून है।” एक्ट्रेस ने आगे कहा: “जब फिल्म की निर्देशक श्रीति मुखर्जी हमारे पास इस मूवी बनाने का आइडिया लेकर आईं, तो हमने ही कहा कि चलो इसे साथ में करते हैं और फिर हम इसे अपने प्यारे पार्टनर्स के पास ले गए। यह कहानी मेरे दिल के बहुत करीब है और हर कोई इससे जुड़ पाएगा।” श्रीति मुखर्जी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘डोंट बी शाय’ 20 साल की लड़की श्यामिली ‘शाइ’ दास की कहानी है, जो मानती है कि उसने ज़िंदगी को समझ लिया है, लेकिन वह देखती है कि उसकी सोची-समझी जिंदगी एक अचानक मोड़ ले लेती है, क्योंकि सब कुछ उसके कंट्रोल से बाहर होने लगता है। इसमें आरुषि बजाज, पीयूष खाती, बियांका अरोड़ा और अंश दुग्गल जैसे नए चेहरे मुख्य भूमिकाओं में हैं। उनके साथ कुणाल रॉय कपूर और नेहा धूपिया भी नजर आएंगे। 25 सितंबर 2026 को ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर होने जा रहा है।

शी के भारत दौरे से पहले चीन का बड़ा कदम, दिल्ली-ग्वांगझोउ सीधी उड़ान फिर होगी शुरू

नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। चीन की प्रमुख एयरलाइन ‘चाइना साउदर्न एयरलाइंस’ 21 सितंबर से नई दिल्ली और ग्वांगझोउ के बीच सीधी यात्री उड़ानें फिर शुरू करने जा रही है। यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल होगी। चाइना साउदर्न के अनुसार, दिल्ली-ग्वांगझोउ मार्ग की बहाली के साथ दक्षिण एशिया में उसकी सेवाएं आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर सप्ताह में 100 से अधिक उड़ानों तक पहुंच जाएंगी। ग्वांगझोउ चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है और दक्षिणी चीन के साथ भारत के व्यापारिक संपर्क के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। एयर इंडिया ने इसी साल फरवरी में अपनी नई दिल्ली-चीन सर्विस फिर से शुरू की थी। वहीं, चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने 18 अप्रैल को अपना कुनमिंग-कोलकाता रूट फिर से शुरू किया। एयर चाइना ने अप्रैल में अपनी बीजिंग-दिल्ली सर्विस फिर से शुरू की थी। इंडिगो ने भी 30 मार्च को कोलकाता और शंघाई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप उड़ानें शुरू कीं। पिछले साल, इंडिगो ने 10 नवंबर से नई दिल्ली और चीन के ग्वांगझोउ के बीच नई रोजाना सीधी उड़ानें शुरू की थीं। चाइना साउदर्न की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत पहुंचे हैं। यह 2020 के गलवान संघर्ष के बाद शी जिनपिंग का पहला भारत दौरा है और दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक सुधार की प्रक्रिया के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्वांगझोउ-दिल्ली हवाई सेवा को दोबारा शुरू करने का फैसला भारत और चीन के बीच सीधी कनेक्टिविटी को बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। कोरोना महामारी के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं लंबे समय तक बाधित रही थीं। चाइना साउदर्न की दिल्ली-ग्वांगझोउ सेवा भी इसी दौरान बंद हुई थी और अब करीब छह साल बाद इसकी वापसी हो रही है। भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, वीजा और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े कई क्षेत्रों में भी असर पड़ा। हालांकि, अक्टूबर 2024 में सीमा पर सैन्य गतिरोध कम करने को लेकर हुए समझौते के बाद दोनों देशों के रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई देने लगे। इसके बाद सीधी उड़ानों की बहाली, कारोबारियों के लिए वीजा प्रक्रिया में सुधार और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए।

कांग्रेस की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में, मैंने सिर्फ यह कहा- पार्टी के पदों से इस्तीफा देना चाहूंगा : हरीश रावत

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने की खबरों का खंडन किया है। रावत ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह कांग्रेस पार्टी के साथ हैं और उन्होंने सिर्फ पद से हटने की पेशकश की थी। हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट किया, “मीडिया के कुछ हिस्सों में यह समाचार दिया जा रहा है कि हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। भैया, कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून और हड्डियों में है, हरीश रावत जो कुछ भी है, उस सबका निर्माण करती है। वह तो मेरे साथ ही स्वर्ग में भी जाएगी।” पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हां, यदि कल-परसों देहरादून में ईडी का जो पाखंडपूर्ण चकल्लस हुई है और मैंने यह कहा है कि यदि उससे कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी के जो पद मेरे पास हैं (प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य और एआईसीसी की वर्किंग कमेटी के सदस्य), उससे त्यागपत्र देना चाहूंगा।” दरअसल हरीश रावत की ओर से एक्स पोस्ट में कहा गया था, “उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं, तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। राहुल गांधी राष्ट्रीय स्तर पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पोस्ट में आगे कहा, “ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूंगा। इसलिए मैंने अभी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है कि मैं किसी सरकारी पद पर तो हूं नहीं, कि उससे त्यागपत्र दूं! हां, मैं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं और मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए।

प्रज्वल रेवन्ना की जेल सेल से मिले मोबाइल में सैकड़ों अश्लील वीडियो, एफएसएल ने की पुष्टि

बेंगलुरु। बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रेप केस में सजा काट रहे पूर्व जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जब्त मोबाइल फोन में सैकड़ों वीडियो फाइलें मिली हैं, जिनमें अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि फोन को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (एफएसएल) में जांच के लिए भेजा गया था और रिपोर्ट में वीडियो फाइलों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। परप्पना अग्रहारा पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। 11 अगस्त को बेंगलुरु सेंट्रल जेल में छापेमारी के दौरान मोबाइल फोन जब्त किया गया था। प्रज्वल रेवन्ना और उसी सेल में बंद विचाराधीन कैदी प्रताप राय ने पुलिस के बार-बार कहने के बावजूद पासवर्ड देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद डिवाइस को एफएसएल भेजा गया। जांच के मुताबिक, मोबाइल फोन में 173 फाइलें मिलीं। इनमें तीन अश्लील वीडियो प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े थे। डिवाइस में कई अन्य अश्लील वीडियो के साथ-साथ कन्नड़, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों के क्लिप, वेब सीरीज और अन्य वीडियो कंटेंट भी मिला है। पुलिस मोबाइल फोन के कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। जांच में पता चला है कि डिवाइस से कथित तौर पर कई महिलाओं को वीडियो कॉल और व्हाट्सऐप कॉल किए गए थे। पुलिस खास तौर पर उन महिलाओं को किए गए कॉल की जांच कर रही है जो गिरफ्तारी से पहले प्रज्वल रेवन्ना के साथ अश्लील वीडियो में देखी गई थीं। एक पेन ड्राइव में भी 150 से ज्यादा वीडियो होने की खबर है। जांचकर्ता पेन ड्राइव की सामग्री की भी जांच कर रहे हैं। डिवाइस से मिले कुछ कंटेंट को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि जेल से प्रज्वल रेवन्ना ने कथित तौर पर जिन महिलाओं से संपर्क किया था, उनका बरामद सामग्री से कोई संबंध है या नहीं। सूत्रों ने बताया कि पुलिस कुछ महिलाओं को नोटिस जारी करने और उनसे पूछताछ करने पर विचार कर रही है। उनसे मोबाइल फोन से किए गए कथित कॉल और वीडियो कॉल के बारे में पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रज्वल रेवन्ना जेल में रहते हुए मोबाइल फोन के जरिए कई लोगों के नियमित संपर्क में था। उस पर हर दिन परिवार के सदस्यों से बात करने और वीडियो कॉल करने का भी शक है। प्रज्वल रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते, पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना के बेटे और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के भतीजे हैं। उसने अपने वकील से संपर्क करने के लिए भी फोन का इस्तेमाल किया। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना जेल के अंदर मोबाइल फोन पर बात करते दिख रहे थे। इस घटना के बाद पुलिस ने 11 अगस्त को जेल परिसर की तलाशी ली और मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल फोन जेल में कैसे लाया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि एक जेल वार्डर ने कथित तौर पर प्रज्वल रेवन्ना को मोबाइल फोन दिया था। मोबाइल फोन की बरामदगी के मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया है और जांच कर रही है कि हाई-सिक्योरिटी जेल में यह कैसे पहुंचा। डिवाइस और पेन ड्राइव की एफएसएल जांच इस जांच का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सामग्री का विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डिवाइस का इस्तेमाल कैसे किया गया और क्या जेल के नियमों या अन्य कानूनों का उल्लंघन हुआ है।

भारत-ईरान रिश्तों को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी बोले, पुराने संबंध नहीं भूलने चाहिए

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातचीत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के इस्तीफे और भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रमोद तिवारी ने भारत-ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए दोनों देशों के बीच संवेदनशील और दोस्ताना रिश्ते बनाए रखने की जरूरत बताई। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। प्रमोद तिवारी ने कहा कि भारत को ईरान के साथ अपने पुराने संबंधों को नहीं भूलना चाहिए। आजादी के समय भारत की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और उस दौर में अरब देशों ने भारत को कम कीमत पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया था। तिवारी ने यह भी कहा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर के मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था। कांग्रेस सांसद ने अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को भी अनुचित बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बोलने का साहस नहीं दिखाते और उन्हें गले लगाते रहते हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सहयोगी के यहां ईडी की छापेमारी के बाद कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देने पर प्रमोद तिवारी ने इसे पार्टी की नैतिकता से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में यह भावना है कि बड़े भ्रष्टाचार से दूरी रखी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, हरीश रावत ने नैतिकता का तकाजा मानते हुए इस्तीफा देकर एक उदाहरण पेश किया है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की जांच कानून के तहत होनी चाहिए, लेकिन हरीश रावत द्वारा पद छोड़ना उनकी राजनीतिक नैतिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जिम्मेदारी स्वीकार करने और सार्वजनिक जीवन में उच्च नैतिक मानदंड स्थापित करने वाला कदम बताया। भारत-चीन तनाव पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान को लेकर भी सांसद प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या रिजिजू ने विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन लोगों को चीन से जुड़े मुद्दों पर बोलना चाहिए, वे चुप हैं। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि चीन अरुणाचल प्रदेश को अपने हिस्से के रूप में दिखा रहा है, वहां ‘स्मार्ट विलेज’ बना रहा है और भारतीय क्षेत्रों के नाम बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई इन गतिविधियों का मुकाबला कर सकता है तो वह भारत के प्रधानमंत्री हैं। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है कि भारत की जमीन के छोटे से हिस्से पर भी किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।