सितंबर माह में 78 चिकित्सा संस्थानों में डायलसिस की सुविधा होगी प्रारम्भ

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेश में किडनी रोगियों को आसानी से और निःशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 16,003 मरीजों को कुल 1,17,258 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन सेवाओं के तहत मरीजों को उपलब्ध कराई गई उपचार सुविधा का कुल अनुमानित मूल्य करीब 21.11 करोड़ रुपए है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 35 जिला चिकित्सालयों में 149 डायलिसिस मशीनें संचालित हैं।प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त 2026 तक प्रदेश में 4,265 मरीजों को 31,675 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा दी जा चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के तहत 35 केंद्रों पर 3,489 मरीजों के 25,860 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में 776 मरीजों के 5,815 सेशन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,738 मरीजों को 85,583 डायलिसिस सेशन की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इनमें प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस कार्यक्रम के 35 केंद्रों पर 8,507 मरीजों के 65,148 सेशन तथा बजट घोषणा के तहत चिन्हित चिकित्सा संस्थानों में 3,198 मरीजों के 19,187 सेशन शामिल हैं।राठौड़ ने कहा कि राज्य बजट घोषणा वर्ष 2022-23 की अनुपालना में प्रदेश के 182 चिकित्सा संस्थानों में हीमोडायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इनमें से 102 चिकित्सा संस्थानों में सुविधा उपलब्ध है। शेष संस्थानों में चिकित्सकों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा 30 सितम्बर 2026 तक सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि सरकारी व्यवस्था के साथ सीएसआर के माध्यम से भी निःशुल्क डायलिसिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिला चिकित्सालय नदबई (भरतपुर) एवं उपजिला चिकित्सालय सिवाना (बालोतरा) में हंस फाउंडेशन, गुरुग्राम के सहयोग से यह सुविधा संचालित है। सिवाना में 3 मशीनों के माध्यम से 12 मरीजों के 575 सेशन तथा नदबई में 3 मशीनों के माध्यम से 21 मरीजों के 673 सेशन आयोजित किए गए हैं। राठौड़ ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को उपचार के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इसी उद्देश्य से जिला चिकित्सालयों के साथ अन्य चिकित्सा संस्थानों में भी डायलिसिस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। भविष्य में सीएचसी स्तर तक डायलिसिस सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि डायलिसिस किडनी रोगियों के लिए नियमित और जीवनरक्षक उपचार है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जरूरतमंद मरीजों को समय पर, उनके नजदीक ही पूरी तरह निःशुल्क डायलिसिस सुविधा मिले। सरकारी व्यवस्था के साथ निजी जनसहभागिता और सीएसआर के सहयोग से इन सेवाओं को लगातार और मजबूत किया जा रहा है।

प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा विकसित भारत–जन सेवा अभियान

जयपुर। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में शनिवार को शासन सचिवालय में राज्य में संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति, विकसित भारत–जन सेवा अभियान के संचालन की कार्ययोजना तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा के संबंध में बैठक आयोजित हुई। बैठक में संबंधित विभागों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां करने तथा अभियान के माध्यम से अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विकसित भारत’ के लक्ष्यों की दिशा में जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा जनसेवा, सामाजिक सरोकार एवं सुशासन की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रदेश में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘विकसित भारत–जन सेवा अभियान’ संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।अभियान के दौरान रक्तदान शिविर, शैक्षणिक संस्थानों में चित्रकला, भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताएं, प्रेरणादायी वीडियो प्रदर्शन, आशा सहयोगिनियों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अभिनंदन, विद्यार्थियों की रैली, श्रमदान एवं सामुदायिक गतिविधियां, जनसेवा शिविर, रंगोली प्रदर्शन तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में मुख्य सचिव ने लंपी रोग की रोकथाम के लिए अधिकारियों को शत-प्रतिशत टीकाकरण, आइसोलेशन तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में रोग की स्थिति की निरंतर निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पशुपालन आयुक्त, केंद्र सरकार, डॉ. नवीना बी. ने देश एवं प्रदेश में रोग के संक्रमण एवं रोकथाम के प्रयासों की जानकरी दी। उन्होंने निराश्रित पशुओं एवं गौशालाओं पर विशेष फोकस करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।प्रमुख शासन सचिव, पशुपालन विभाग, विकास सीताराम भाले ने कहा कि रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के मद्देनजर प्रदेश में पशु मेलों के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया गया है एवं केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पशु परिचरों द्वारा घर-घर जाकर पशुओं का सर्वे किया जाएगा। बैठक में प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी.रविकांत ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर को समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत श्रमिक नियोजन एवं भुगतान संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने राजीविका की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को क्लस्टर चिन्हीकरण एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर निर्देशित किया।

गरपालिका आम चुनाव-2026 वार्ड 62 की भाग संख्या 23 में पुनर्मतदान 13 सितंबर को

जयपुर। नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 62 के भाग संख्या 23 के मतदान केंद्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कमरा नंबर 4, टीला वाला, सांगानेर पर रविवार, 13 सितंबर को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक पुनर्मतदान (Fresh Poll) कराया जाएगा।जिला निर्वाचन अधिकारी (निकाय) एवं जिला कलक्टर सन्देश नायक ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ग्यारह सितंबर को उक्त मतदान केंद्र पर घटित घटना के कारण मतदान प्रक्रिया प्रभावित होने तथा चुनाव की स्वतंत्रता एवं निष्पक्षता पर प्रभाव पड़ने के मद्देनजर पूर्व में हुए मतदान को शून्य घोषित कर पुनर्मतदान के निर्देश पर यह  पुनर्मतदान करवाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में शुक्रवार, 11 सितंबर को हुए मतदान के दौरान मतदाता सूची की विलोपन सूची में अंकित 110 मतदाताओं  द्वारा मतदान कर दिए जाने के कारण उक्त बूथ पर मतदान इस सीमा तक संदूषित हुआ है कि चुनाव को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नहीं माना जा सकता। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 55 में प्रदत्त शक्तियों के तहत  मतदान को शून्य घोषित किया गया।पुनर्मतदान में केवल उक्त मतदान केंद्र के लिए अधिकृत मतदाता ही मतदान कर सकेंगे। पूर्व मतदान में लगाई गई अमिट स्याही के निशान की उपेक्षा की जाएगी तथा पुनर्मतदान के दौरान मतदाता के बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। मतदान में पूर्व में प्रयुक्त मतपत्र/निविदत्त मतपत्र के स्थान पर नए मतपत्रों का उपयोग किया जाएगा।पुनर्मतदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (म्युनिसिपल), जयपुर ने संबंधित अधिकारियों को पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा मतदाताओं को इसकी सूचना व्यापक रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

 राजस्थान में 73.64 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां कुर्क व सीज

जयपुर । महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा के कड़े निर्देशों पर प्रदेश भर में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले कुख्यात अपराधियों और नशा माफियाओं के खिलाफ़ बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। राजस्थान में एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ (सफेमा) के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राज्य पुलिस ने नशा तस्करों द्वारा अवैध कमाई से खड़ी की गई कुल 73 करोड़ 64 लाख 64 हजार 948 रुपये की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क, फ्रीज व सीज करने में सफलता हासिल की है।महानिदेशक पुलिस श्री राजीव कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया है कि राज्य में नशे के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए तस्करों के वित्तीय नेटवर्क और उनकी आर्थिक रीढ़ को पूरी तरह से ध्वस्त करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 38 इस्तगासों पर कुर्की के आदेश स्वीकृत एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में आदतन और कुख्यात तस्करों के खिलाफ कुल 63 इस्तगासे तैयार कर सक्षम प्राधिकारी को भेजे गए थे। पुलिस मुख्यालय के स्तर से की गई निरंतर मॉनिटरिंग के परिणामस्वरूप इनमें से 38 इस्तगासों पर सक्षम स्तर से कुर्की और जब्ती के अंतिम आदेश स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 25 मामलों में प्राधिकार स्तर पर विधिक प्रक्रिया अंतिम चरण में है। तस्करों के मकान से लेकर गाड़ियों और जमीन तक पर कार्रवाई आईजी विकास कुमार ने बताया कि धारा 68-एफ के तहत पुलिस ने मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित अथवा उससे जुड़ी संदिग्ध संपत्तियों को चिन्हित कर मकान, निर्माणाधीन दुकान, कृषि भूमि, आवासीय भूखंड, कार, पिकअप, ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल सहित विभिन्न परिसंपत्तियों पर कार्रवाई की है। करोड़ों की संपत्ति पर चला 68-एफ का शिकंजा इस राज्य स्तरीय कार्रवाई के तहत चित्तौड़गढ़, झालावाड़, बारां, प्रतापगढ़, जोधपुर ग्रामीण, नागौर और बीकानेर सहित कई जिलों में तस्करों द्वारा अपराध की कमाई से बनाए गए आलीशान बंगलों, निर्माणाधीन परिसरों, कृषि भूमियों और लग्जरी गाड़ियों पर कड़ा शिकंजा कसा गया है। चित्तौड़गढ़ जिला: 20.35 करोड़ रुपये की जब्ती चित्तौड़गढ़ जिले में पुलिस ने 68-एफ के तहत सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वीकृत इस्तगासों के तहत 20,35,40,783 रुपये की संपत्तियां सीज की हैं। इसमें गंगरार निवासी तस्कर राहुल बंजारा की 18,79,83,324 रुपये की संपत्ति, कमलेश गुर्जर की 46,44,876 रुपये, बाल किशन धाकड़ की 46,23,558 रुपये, रामेश्वर लाल अहीर की 29,58,481 रुपये, मोहम्मद उस्मान की 28,00,000 रुपये, रतनलाल जाट की 22,79,767 रुपये और सुरेश चंद्र जाट की 12,30,778 रुपये की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की सक्षम स्तर से स्वीकृत की जा चुकी है। ] बारां जिला: 18.48 करोड़ रुपये की संपत्तियां सीज बारां जिले में नशा तस्करों द्वारा बनाई गई काली कमाई पर पुलिस का कड़ा शिकंजा कसा है। यहां राजाराम मीणा व रामगोपाल की 5,83,00,000 रुपये, दिनेश मीणा व सुरेंद्र की 5,83,00,000 रुपये, किशोर कुमार की 5,82,00,000 रुपये, बीरमचंद की 60,26,526 रुपये तथा विशाल सांसी व बल्लू सांसी की 40,30,000 रुपये की फ्रीज की गई संपत्तियों (इस्तगासे में अनुमानित मूल्य 1.10 करोड़ रुपये) के इस्तगासे सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृत हो चुके हैं। ​झालावाड़ जिला: 12.65 करोड़ की अवैध संपत्ति पर प्रहार झालावाड़ जिले में 68-एफ के तहत 9 अपराधियों की अवैध संपत्तियों की जब्ती स्वीकृत की गई है। इसमें मुख्य रूप से बबलू तंवर की 5,59,07,389 रुपये, नरेंद्र सिंह की 1,81,80,882 रुपये, मोहन लाल तंवर की 1,13,97,482 रुपये, सुगनचंद तंवर की 1,02,59,184 रुपये, गनी मोहम्मद की 86,16,440 रुपये, पांचूलाल मीणा की 70,94,487 रुपये, दिनेश सिंह की 66,41,424 रुपये, प्रभूलाल तंवर की 45,45,063 रुपये और रामलाल तंवर की 14,64,740 रुपये की संपत्तियों पर जब्ती के आदेश जारी हो चुके हैं। ​प्रतापगढ़ जिला: स्वीकृत मामलों में 8.24 करोड़ रुपये के आलीशान बंगले व वाहन जब्त प्रतापगढ़ जिले में सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत इस्तगासों के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इनमें शाहजेब उर्फ बल्ला का नवनिर्मित मकान, पोल्ट्री फॉर्म व गाड़ियां (2,10,00,000) रुपये, भुरालाल लबाना  (1,65,00,000 रुपये), शेफुल्ला शेख (1,55,00,000 रुपये), असद इकबाल (75,00,000 रुपये), नारायण मीणा (70,00,000 रुपये), अकबर खान (50,00,000 रुपये), शाहरुख खान (43,31,365 रुपये), दिलावर खान (31,18,707 रुपये) और नऊम खान (20,00,000 रुपये) की संपत्तियों की कुर्की पर मुहर लग चुकी है। ​नागौर, जोधपुर ग्रामीण व हनुमानगढ़: 3.05 करोड़ की संपत्तियां कुर्क नागौर जिले में आरोपी भोपालराम विश्नोई के दो मकानों, दुकान व वाहनों सहित कुल 1,14,09,908 रुपये की संपत्ति की कुर्की स्वीकृत हुई है। जोधपुर ग्रामीण में अनिल विश्नोई की 26 बीघा जमीन व 2 वाहनों कुल मूल्य 1,10,00,000 रुपये की जब्ती स्वीकृत की गई है। हनुमानगढ़ जिले में आरोपी स्वराज उर्फ शिवराज की 81,61,400 रुपये की संपत्ति सीज की गई है। जालौर, उदयपुर, भीलवाड़ा व जोधपुर पूर्व: स्वीकृत जब्ती का विवरण जालौर जिले में धोलाराम उर्फ धरिंद्र कुमार की 37,73,124 रुपये और राकेश कुमार विश्नोई की 13,09,800 रुपये की संपत्ति जब्ती स्वीकृत हुई है। उदयपुर जिले में विपिन गिरी गोस्वामी की 26,00,000 रुपये की संपत्ति, भीलवाड़ा के लाभचंद उर्फ लाभू धाकड़ की 50,00,000 रुपये मूल्य की भूमि व ट्रैक्टर तथा जोधपुर पूर्व के रमेश विश्नोई की 15,00,000 रुपये की स्कॉर्पियो गाड़ी की कुर्की के आदेश सक्षम स्तर से स्वीकृत हो चुके हैं। अपराधियों को डीजीपी की सख्त चेतावनी डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि नशीले पदार्थों के कारोबार में लिप्त किसी भी अपराधी को बख्शा न जाए। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68-एफ के तहत यह सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने राज्य के नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने आस-पास नशे के अवैध कारोबार की सूचना बेझिझक पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त राजस्थान के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। एएनटीएफ खंगाल रही है नशा तस्करों की कुंडली आईजी विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान में नशा तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई करने की दृष्टि से एएनटीएफ द्वारा विशेष अभियान चलाते हुए नशा तस्करों की कुंडली को खंगाला जा रहा है और सूची तैयार कर संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों को कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं । उन्होंने यह भी बताया कि व्यापारिक प्रकृति के प्रकरणों में भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, दूसरी तरफ प्रत्येक जिले में नशे के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए एसपी कार्यालय में विशेष शाखा का भी गठन किया जा रहा है।

गोल्फ़: आयरिश ओपन में लोरी ने 62 का स्कोर करके फॉर्म हासिल की

डूनबेग (आयरलैंड)। एमिजेन आयरिश ओपन के दूसरे राउंड के आखिर में शेन लोरी सबसे आगे रहे; वे अपने करीबी प्रतिद्वंद्वियों से तीन स्ट्रोक आगे थे।लोरी ने ट्रम्प इंटरनेशनल गोल्फ़ लिंक्स एंड होटल में 8-अंडर 62 का शानदार राउंड खेला और अपने नेशनल ओपन में आधे रास्ते तक 11-अंडर पार (67-62) का कुल स्कोर हासिल करके बढ़त बना ली।लोरी के बाद चीन के हाओटोंग ली (69-63) और डेनमार्क के जैकब स्कोव ओलेसन (68-64) और निकलास नोरगार्ड (68-64) की जोड़ी है। तीसरे राउंड में जाने से पहले इन तीनों खिलाड़ियों का स्कोर 8-अंडर पार है। रोरी मैकल्रॉय (69-69) T-20 पर हैं, जबकि जॉन रहम (70-67) T-14 पर हैं।इस हफ़्ते टूर्नामेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है।लोरी उन स्टार खिलाड़ियों में शामिल हैं जो DP वर्ल्ड इंडिया चैंपियनशिप में मैकल्रॉय, टॉमी फ्लीटवुड और दुनिया के कई अन्य स्टार खिलाड़ियों के साथ भारत में खेलेंगे।लोरी ने 2009 में एक एमेच्योर के तौर पर आयरिश ओपन में अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल की थी, जब उन्होंने इंग्लिश खिलाड़ी रॉबर्ट रॉक के खिलाफ़ प्लेऑफ़ में आयरिश ओपन जीता था। दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 17-अंडर पार रहा था, जिसके बाद लोरी ने तीसरे प्लेऑफ़ होल में टूर्नामेंट जीता। तब से, शेन लोरी ने आयरिश ओपन के हर एक एडिशन में हिस्सा लिया है।साल 2026 इस आयरिश खिलाड़ी के लिए बहुत अच्छा नहीं रहा है; उन्होंने साल की शुरुआत जनवरी में दुबई इनविटेशनल में टॉप-10 फ़िनिश के साथ की थी, जहाँ वे T-3 पर रहे थे। इसके बाद वे AT&T पेबल बीच प्रो-एम में T-8 पर रहे। उसके बाद से उनका प्रदर्शन बहुत मज़बूत नहीं रहा है। 67 के शुरुआती राउंड और उसके बाद 62 के दूसरे राउंड से लोरी को अपनी 2009 की ऐतिहासिक आयरिश ओपन जीत की सुखद यादें ताज़ा हो सकती हैं, क्योंकि तब भी शुरुआती दो राउंड में उन्होंने ऐसे ही स्कोर किए थे, हालांकि वह कोर्स मौजूदा ‘पार 70’ के बजाय ‘पार 72’ का था।लोरी ने अपने दूसरे राउंड की शुरुआत तीसरे, चौथे और पांचवें होल पर शुरुआती बर्डी के साथ की और सातवें, आठवें और नौवें होल पर लगातार तीन बर्डी लगाकर ‘टर्न’ तक ‘6-अंडर पार’ का स्कोर बना लिया। ‘बैक नाइन’ में भी उनका शानदार खेल जारी रहा; उन्होंने 11वें और 12वें होल पर शॉट हासिल किए, हालांकि 13वें होल पर उन्हें दिन की अपनी एकमात्र ‘बोगी’ का सामना करना पड़ा। 15वें होल पर दिन की अपनी नौवीं बर्डी के साथ उन्होंने ‘8-अंडर 62′ के स्कोर और कुल ’11-अंडर पार’ के साथ राउंड पूरा किया।हाओतोंग ली ने सात बर्डी, एक ईगल और दो बोगी के साथ दूसरे राउंड में ‘7-अंडर 63’ का स्कोर दर्ज किया। जैकब स्कोव ओलेसन ने सात बर्डी और एक बोगी के साथ दूसरे राउंड में ‘6-अंडर 64’ का स्कोर बनाया, जबकि उनके हमवतन निकलास नोरगार्ड ने छह बर्डी के साथ ‘6-अंडर 64’ का ‘बोगी-फ्री’ दूसरा राउंड खेला और लीडरबोर्ड पर T-2 स्थान हासिल किया।

BRICS का नई दिल्ली सम्मेलन और आपसी मतभेदों के बावजूद RIC धुरी की वापसी

नई दिल्ली। नई दिल्ली सम्मेलन ने लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ी भू-राजनीतिक धुरी (RIC) को फिर से चर्चा में ला दिया है। इसमें रूस-भारत-चीन (RIC) मंच के वैश्विक मामलों में एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरने की संभावना है।हालांकि सीमा पर गंभीर विवाद और व्यापार असंतुलन भारत-चीन संबंधों पर दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन पश्चिमी देशों के आर्थिक दबाव ने रणनीतिक रूप से साथ आने के लिए एक मजबूत वजह पैदा कर दी है।अमेरिका द्वारा आक्रामक तरीके से लगाए गए प्रतिबंधों ने बीजिंग और मॉस्को को वैकल्पिक आर्थिक ढांचे पर नई दिल्ली के साथ आम सहमति बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।1990 के दशक के आखिर में, RIC की कल्पना एक बातचीत के तंत्र के रूप में की गई थी, जिसमें रूस का मकसद पश्चिमी प्रभुत्व को संतुलित करने के लिए भारत और चीन को एक साथ लाना था, लेकिन जल्द ही पूरी तरह से तीन देशों वाले इस ढांचे की कुछ सीमाएं स्पष्ट हो गईं।BRICS के उदय ने RIC को वैश्विक पहुंच वाले एक व्यापक बहुपक्षीय मंच में बदल दिया। BRICS, RIC द्वारा परिकल्पित सहयोग को संस्थागत रूप देता है और एक व्यवस्थित ढांचा प्रदान करता है, जिसके माध्यम से तीनों देश न केवल एक-दूसरे के साथ, बल्कि ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और हाल ही में ईरान, मिस्र, इथियोपिया और UAE जैसी अन्य उभरती हुई ताकतों के साथ भी जुड़ सकते हैं।चीन के साथ भारत का व्यापार बढ़ा है और हाल के वर्षों में यह 150 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, लेकिन लगातार बना हुआ व्यापार घाटा संरचनात्मक असंतुलन को उजागर करता है।इस बीच, रूस भारत को हथियार और ऊर्जा की आपूर्ति करने वाला एक महत्वपूर्ण देश बना हुआ है, फिर भी पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण चीन पर उसकी बढ़ती निर्भरता भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए जटिलता पैदा करती है। जहां बीजिंग के साथ तालमेल के कारण रूस की संतुलन बनाने की भूमिका तेजी से सीमित हो रही है, वहीं हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी और पाकिस्तान के साथ उसके करीबी संबंध भारत के क्षेत्रीय प्रभुत्व के लिए चुनौती पेश करते हैं।साथ ही, BRICS, RIC धुरी में निहित तनावों को प्रबंधित करने में मदद करता है। सीमा विवादों और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद, भारत और चीन व्यापार, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सुधार जैसे मुद्दों पर इस मंच के भीतर सहयोग करते हैं।अपनी ओर से, रूस BRICS का उपयोग पश्चिम से परे अपनी साझेदारी में विविधता लाने के लिए करता है, साथ ही दिल्ली और बीजिंग के बीच मध्यस्थ की भूमिका भी निभाता है। इस तरह, BRICS एक बफर (सुरक्षा घेरा) प्रदान करता है जो द्विपक्षीय मतभेदों के बावजूद RIC को काम करने की अनुमति देता है। इस विस्तार से इस समूह को बड़ी जनसांख्यिकीय और आर्थिक ताकत मिली है; यह दुनिया की 40 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी और ग्लोबल GDP में बढ़ती हिस्सेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। दक्षिण एशिया के लिए, इसका मतलब है कि BRICS में भारत की भागीदारी ग्लोबल गवर्नेंस में उसकी आवाज़ को मज़बूत करती है, साथ ही आर्थिक एकीकरण और विकास के लिए फ़ंडिंग के अवसर भी देती है।शनिवार को हुए ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को देखते हुए इस्लामाबाद अब भविष्य की गतिविधियों पर और बारीकी से नज़र रखेगा। एक तरफ़, दक्षिण एशिया पर BRICS का असर नए बाज़ारों तक पहुँच, इंफ्रास्ट्रक्चर फ़ंडिंग और टेक्नोलॉजी व ऊर्जा के क्षेत्र में सामूहिक पहलों के ज़रिए आर्थिक अवसर पैदा करता है।दूसरी तरफ़, यह ग्लोबल विवादों पर RIC के रुख़ को दोहराकर और पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले संस्थानों की आलोचना करने वाली बातों को मज़बूत करके इस क्षेत्र के सुरक्षा माहौल को परोक्ष रूप से आकार देता है। इस तरह, BRICS ने एक त्रिपक्षीय बातचीत को एक बहुपक्षीय गठबंधन में बदल दिया है, जो न केवल दक्षिण एशिया बल्कि व्यापक वैश्विक व्यवस्था को भी प्रभावित करता है।फिर भी, RIC धुरी को बनाए रखने में BRICS की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करती है कि क्या भारत और चीन इस बड़े ढांचे के भीतर अपनी प्रतिद्वंद्विता को संभाल सकते हैं, और क्या रूस इस त्रिकोण को संतुलित करने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता बनाए रख सकता है। इस अर्थ में, BRICS, RIC धुरी की मज़बूती को बनाए रखने में मददगार भी हो सकता है और उसकी परीक्षा भी ले सकता है।

भारत-फ्रांस सांस्कृतिक संबंधों के जश्न में BAPS पेरिस मंदिर में 43 देशों के राजनयिक शामिल हुए

पेरिस। हाल ही में बुसी-सेंट-जॉर्जेस में खुले BAPS स्वामीनारायण हिंदू मंदिर में भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक बातचीत, साझा मूल्यों और अटूट दोस्ती का जश्न मनाने के लिए एक खास ‘इंडो-फ्रेंच कल्चरल ओपन डे’ आयोजित किया गया। इसमें 43 देशों के 50 से ज़्यादा UNESCO राजदूत और राजनयिक शामिल हुए।UNESCO में भारत के स्थायी प्रतिनिधिमंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में यूरोप, अफ्रीका, एशिया, अरब देशों, अमेरिका और कैरिबियन देशों के राजदूत, स्थायी प्रतिनिधि और वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि, साथ ही UNESCO के अधिकारी भी शामिल हुए।इस व्यापक भागीदारी ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया, जिसमें अलग-अलग सांस्कृतिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि वाले राजनयिकों ने आधुनिक फ्रांस में भारतीय विरासत का अनुभव किया।प्रतिनिधि पेरिस में UNESCO मुख्यालय से बुसी-सेंट-जॉर्जेस पहुंचे, जहां ‘फेस्टिवल ऑफ कल्चर’ विलेज में उनका स्वागत किया गया। मंदिर के इतिहास और संस्था से जुड़े सेवा, सांस्कृतिक समझ और बातचीत के मूल्यों को उजागर करने वाले कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उन्हें पारंपरिक भारतीय भोजन के लिए आमंत्रित किया गया।UNESCO में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि विशाल शर्मा ने सभा को संबोधित किया और मंदिर को “भारत की सभ्यता, विरासत और भारत-फ्रांस के संयुक्त निर्माण कौशल का एक अद्भुत उत्सव” बताया।UNESCO के संदर्भ में मंदिर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि संस्कृति और विरासत इस संगठन के केंद्र में हैं।उन्होंने कहा, “यहां, भारतीय सांस्कृतिक विरासत महाद्वीपों को पार करके आई है – किसी संग्रहालय की वस्तु के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा के रूप में।” उन्होंने मंदिर को “भारत में बना, फ्रांस में निर्मित, दुनिया द्वारा सराहा गया” बताया।कार्यक्रम के दौरान दिखाई गई एक खास फिल्म में नए मंदिर और इसके निर्माण में हुए सहयोग को दिखाया गया। इसमें बताया गया कि कैसे सदियों पुरानी भारतीय कारीगरी और पवित्र वास्तुशिल्प परंपराओं को आधुनिक फ्रांसीसी इंजीनियरिंग और विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया।BAPS की प्रमुख स्वयंसेवक भविषा पटेल ने निस्वार्थ सेवा के अपने अनुभव साझा किए और लोगों को मकसद, आत्मविश्वास, दोस्ती और समाज में योगदान करने के अवसर देने में स्वयंसेवा की भूमिका के बारे में बात की।उन्होंने उन हजारों स्वयंसेवकों के योगदान पर प्रकाश डाला जो पेशेवर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपना समय समर्पित करते हैं – अक्सर बिना किसी पहचान या इनाम की उम्मीद के – और जिनका मार्गदर्शन बस एक साधारण सवाल करता है: “मैं कैसे मदद कर सकता हूं?” परम पूज्य महंत स्वामी महाराज से प्रेरित होकर, पटेल ने कहा कि सेवा की साझा भावना ने लोगों को पेरिस मंदिर के निर्माण में योगदान देने और किसी एक व्यक्ति के प्रयासों से कहीं बढ़कर कुछ हासिल करने के लिए एकजुट किया।यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र की उप-निदेशक ज्योति होसाग्रह ने कहा कि यह मंदिर ‘जीवंत विरासत’ (living heritage) और यूनेस्को द्वारा बढ़ावा दिए जाने वाले सांस्कृतिक संवाद की अवधारणा को दर्शाता है।उन्होंने कहा, “यूनेस्को इस तरह की पहलों को बहुत महत्व देता है जो सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाती हैं, समुदायों के बीच संबंधों को मजबूत करती हैं, और अंतर-सांस्कृतिक संवाद व आपसी समझ को बढ़ावा देती हैं।होसाग्रह ने कहा कि मंदिर यह दिखाता है कि विरासत एक जीवंत प्रक्रिया है और यह सांस्कृतिक विविधता की समृद्धि का प्रतिनिधित्व करती है।उन्होंने कहा कि विरासत और शिल्प कौशल अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों के बीच संवाद, आपसी सम्मान और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा दे सकते हैं।इसके बाद राजदूतों और प्रतिनिधियों ने मंदिर का गाइडेड टूर किया। बाद में वे जलपान के लिए एकत्रित हुए और ‘ओपन डे’ तथा मंदिर के अपने अनुभव के बारे में अपने विचार साझा किए।मंदिर के प्रोजेक्ट लीड संजय कारा ने कहा कि दुनिया भर के राजदूतों और राजनयिकों का स्वागत करना और उनके साथ मंदिर की सुंदरता और मूल्यों को साझा करना सौभाग्य की बात है।उन्होंने कहा कि परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने मंदिर को एक ऐसी जगह बनाने के लिए प्रेरित किया था जो लोगों को शांति, सम्मान और समझ की भावना के साथ एकजुट करे।कारा ने कहा, “आज यहां 43 देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ देखना उस विजन की एक सुंदर अभिव्यक्ति थी।

बिहार के सहरसा में मिड-डे मील खाने के बाद करीब एक दर्जन छात्र बीमार

पटना। शनिवार को बिहार के सहरसा जिले के वसुदेवा स्थित अपग्रेडेड मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद करीब एक दर्जन छात्र बीमार पड़ गए।बीमार बच्चों को बरियाही प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।इस घटना से स्कूल में चिंता फैल गई और स्वास्थ्य अधिकारियों तथा स्थानीय प्रशासन ने छात्रों के बीमार पड़ने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, स्कूल में मिड-डे मील की सप्लाई एक NGO द्वारा की जाती थी। बताया जा रहा है कि खाना खाने के बाद कुछ छात्रों की तबीयत खराब होने लगी।मिड-डे मील खाने के बाद छात्रों की तबीयत खराब होने की शिकायत मिलते ही, बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक बच्चों का हाल जानने स्कूल पहुंच गए।इसके बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय लोग बीमार बच्चों को इलाज के लिए बरियाही प्राइमरी हेल्थ सेंटर ले गए।खबरों के अनुसार, लगभग 12 छात्र बीमार पड़े हैं।इस घटना के बीच यह आरोप भी सामने आया कि मिड-डे मील में एक गिरगिट मिला था।हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि खाने में गिरगिट था।अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या खाना दूषित था या खाने में किसी अन्य समस्या के कारण छात्र बीमार पड़े।शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील के सैंपल इकट्ठा किए हैं और उन्हें जांच के लिए लैब भेजा है।अधिकारी ने कहा कि खाने के सैंपल और अन्य सबूतों की जांच के बाद ही आरोप की पुष्टि हो पाएगी।घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नज़र रखने के लिए एक टीम तैनात की।बीमार छात्रों का इलाज डॉक्टरों की देखरेख में किया जा रहा है।स्कूल के अन्य छात्रों के स्वास्थ्य पर भी नज़र रखी जा रही है ताकि अगर किसी और में लक्षण दिखें तो उन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके।प्रशासन और संबंधित विभाग घटना की जांच कर रहे हैं।अधिकारियों ने कहा कि जांच और टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छात्रों के बीमार पड़ने का सही कारण पता चल पाएगा।

शेख सराय में 151 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी आधुनिक फोरेंसिक लैब: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

नई दिल्ली।अपराधों की वैज्ञानिक जांच को बढ़ावा देने के लिए, दिल्ली सरकार की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) ने – जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कर रही हैं – दक्षिण दिल्ली के शेख सराय में 151.81 करोड़ रुपये की लागत से एक रीजनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (RFSL) बनाने की मंज़ूरी दे दी है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।अधिकारी ने एक बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) को दो साल के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है।बयान में कहा गया है, “शेख सराय में बनने वाली नई RFSL लगभग 6,300 वर्ग मीटर के प्लॉट पर बनेगी, जिसका कुल बिल्ट-अप एरिया 18,300 वर्ग मीटर होगा। PWD द्वारा बनाई जाने वाली इस इमारत को वैज्ञानिक जांच की खास ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक इंटीग्रेटेड फोरेंसिक सुविधा के तौर पर विकसित किया जाएगा।बयान में आगे कहा गया है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नई रीजनल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, गृह विभाग और दिल्ली पुलिस को नए आपराधिक कानूनों से पैदा होने वाली ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।बयान में कहा गया है, “भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के कारण आपराधिक मामलों में फोरेंसिक जांच की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है। नई रीजनल FSL इस बढ़ती मांग को पूरा करने और आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक जांच के लिए ज़रूरी क्षमता को मज़बूत करने में मदद करेगी।बयान में आगे कहा गया है, “नई RFSL, रोहिणी में मौजूद मौजूदा FSL द्वारा दी जा रही वैज्ञानिक सहायता को और मज़बूत करेगी। फोरेंसिक साइंस न केवल आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच के लिए, बल्कि आपराधिक मुकदमों और न्याय दिलाने की प्रक्रिया के लिए भी ज़रूरी है।नई लेबोरेटरी राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी वैज्ञानिक सहायता को भी मज़बूत करेगी।इस सुविधा से खासकर दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के ज़िलों को फायदा होगा।दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि नई रीजनल FSL के चालू होने के बाद मामलों से जुड़े सबूतों की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट जमा करने का काम तेज़ और ज़्यादा कुशल हो जाएगा।उन्होंने कहा कि यह सुविधा सबूत-आधारित जांच को मज़बूत करेगी और अदालतों में आपराधिक मामलों के समय पर निपटारे को सुनिश्चित करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि नई रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के बनने से वैज्ञानिक जांच के लिए दिल्ली का फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा।मंत्री सूद ने कहा कि यह सुविधा दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और मध्य दिल्ली के जिलों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रोहिणी में FSL को वैज्ञानिक सहायता मजबूत करने में भी मदद करेगी।

नेशनल 2W रेसिंग: चव्हाण ने पोडियम पर कब्ज़ा किया; जेनिफर और रजनी कृष्णन ने शानदार जीत हासिल की

चेन्नई। स्पेन से चेन्नई की रात भर की यात्रा के बाद नींद की कमी और जेट लैग को नज़रअंदाज़ करते हुए, पुणे के 19 वर्षीय सार्थक चव्हाण ने ज़बरदस्त ऊर्जा और दृढ़ संकल्प के साथ सुपर स्पोर्ट 301-400cc ओपन रेस जीती। उन्होंने शनिवार को चेन्नई के मद्रास इंटरनेशनल सर्किट में इंडियन नेशनल रेसिंग चैलेंज 2W – 2026 के दूसरे राउंड में ग्रिड की आखिरी लाइन से रेस शुरू की थी।शनिवार सुबह छह बजे श्रीपेरंबदूर पहुँचे सार्थक शुक्रवार के प्रैक्टिस और क्वालिफाइंग सेशन में शामिल नहीं हो पाए थे, लेकिन सही समय पर अपनी लय हासिल कर उन्होंने शानदार जीत दर्ज की; उन्होंने माना कि आखिरी से पहले वाले लैप के अंत में लीडर राहिल पिल्लारीसेट्टी के रेस से बाहर होने से उन्हें जीत में मदद मिली।इस जीत के साथ सार्थक ने पेट्रोनास TVS रेसिंग टीम के लिए पोडियम पर कब्ज़ा किया; चेन्नई के किशोर रक्षित दवे दूसरे स्थान पर रहे और बेंगलुरु के चिरंत विश्वनाथ तीसरे स्थान पर रहे। चिरंतन शुक्रवार को फ़ूड पॉइज़निंग के कारण प्रैक्टिस और क्वालिफाइंग सेशन में हिस्सा नहीं ले पाए थे और रेस में सबसे पीछे से शुरू किया था।एक और शानदार प्रदर्शन 16 वर्षीय कबिलेश (RACR कैस्ट्रोल पावर1) का रहा, जो कई बार नेशनल चैंपियन रहे रजनी कृष्णन के बेटे हैं। उन्होंने सुपर स्टॉक 301-400cc ओपन रेस में दबदबा बनाते हुए जीत हासिल की और दिन के कार्यक्रम का समापन किया।वहीं, चेन्नई की पूर्व नेशनल महिला चैंपियन एन जेनिफर (मोटुल स्पार्क्स रेसिंग) ने भी सुपर स्टॉक 165cc इंटरमीडिएट रेस में शानदार जीत हासिल की। ​​क्रैश के कारण आज सुबह क्वालिफाइंग में समय दर्ज न कर पाने की वजह से उन्हें ग्रिड पर सबसे पीछे से रेस शुरू करनी पड़ी थी। तिरुवल्लूर के मोहम्मद मिकाइल (टीम MRA) ने कड़े मुकाबले में ‘प्रो-स्टॉक 200cc ओपन’ रेस जीती। वहीं, ‘स्टॉक 301-400cc नौसिखिया’ (नोविस) रेस में लोकल रेसर आनंदु KK (वीडोल C2 रेसिंग) को तब फायदा हुआ जब रेस में आगे चल रहे कविचोलैरासन (स्पीड अप रेसिंग) क्रैश हो गए। इसके अलावा, ‘स्टॉक 165cc नौसिखिया’ (नोविस) क्लास में यशवंत वर्मा ने मोटुल स्पार्क्स रेसिंग के लिए 1-2 की जीत हासिल की।हैदराबाद के राजेंद्र बीदानी ने ‘एक्सपर्ट (RR 310)’ क्लास में अपनी तीन रेसों में दूसरी जीत दर्ज की; उन्होंने कड़े मुकाबले में बेंगलुरु के AS जेम्स को पीछे छोड़ा।बेंगलुरु की टीनएजर पूजिता अनिल कुमार ने भी ‘महिला (अपाचे RTR 200)’ क्लास में अपनी लगातार दूसरी जीत हासिल की। ​​उन्होंने दूसरे स्थान पर रहीं हैदराबाद की हन्ना अक्किनेनी जोशिता से लगभग 29 सेकंड की बढ़त बनाई।मंचेरियल के पोथु विग्नेश ने ‘रूकी (अपाचे RTR 200)’ क्लास में जीत हासिल की, और उनके बाद बेंगलुरु के देव अगस्त्य रहे।परिणाम (अस्थायी – जब तक बताया न जाए, सभी छह लैप):सुपर स्पोर्ट 301-400cc ओपन (रेस-1): 1. सार्थक चव्हाण (पुणे, पेट्रोनास TVS रेसिंग) (11 मिनट, 03.311 सेकंड); 2. रक्षित दवे (चेन्नई, पेट्रोनास TVS रेसिंग) (11:03.506); 3. चिरंत विश्वनाथ (बेंगलुरु, पेट्रोनास TVS रेसिंग) (11:06.187)।प्रो-स्टॉक 200cc ओपन (रेस-1): 1. मोहम्मद मिकाइल (तिरुवल्लूर, टीम MRA) (11:51.610); 2. अमरनाथ मेनन K (कोझिकोड, मैडरेबिट रेसिंग) (11:51.831); 3. अब्दुल बासिम RS (चेन्नई, चंद्रा LGE रेसिंग) (11:53.924)। सुपर स्टॉक 301-400सीसी ओपन (रेस-1): 1. काबिलेश रजनी कृष्णन (चेन्नई, आरएसीआर कैस्ट्रोल पावर1) (11:38.273); 2. कमल नवास (चेन्नई, रॉकर्स रेसिंग) (11:41.065); 3. शेषाद्रि (बेंगलुरु, मोतुल गुस्टो रेसिंग) (11:41.153)।सुपर स्टॉक 165सीसी इंटरमीडिएट (रेस-1): 1. एन जेनिफर एएस (चेन्नई, मोतुल स्पार्क्स रेसिंग) (12:46.048); 2. डी अनीश सैमसन (बेंगलुरु, मोतुल स्पार्क्स रेसिंग) (12:53.234); 3. अनंधु केके (चेन्नई, वीडोल सी2 रेसिंग) (12:55.971)।स्टॉक 301-400सीसी नौसिखिया (रेस-1): 1. अनंधु केके (चेन्नई, वीडोल सी2 रेसिंग) (12:15.190); 2. रहबर इस्लाम बक्तू (जे एंड के, मोतुल गुस्टो रेसिंग) (12:17.181); 3. अश्विन आर (बेंगलुरु, प्रा.) (12:17.860)।स्टॉक 165सीसी नोविस (रेस-1): 1. यशवंत वर्मा (विशाखापत्तनम, मोतुल स्पार्क्स रेसिंग) (13:09.445); 2. राजा श्रीहर्ष सिंगमसेट्टी (ताडिपत्री, मोतुल स्पार्क्स रेसिंग) (13:09.792); 3. देव अगस्त्य (बेंगलुरु, प्रा.) (13:10.097)।पेट्रोनास टीवीएस रेसिंग वन-मेक चैंपियनशिप:एक्सपर्ट (अपाचे आरआर 310) (रेस-1): 1. राजेंद्र बीदानी (हैदराबाद) (11:42.499); 2. एएस जेम्स (बेंगलुरु) (11:42.612); 3. कमल नवास (चेन्नई) (11:44.190).महिला (अपाचे आरटीआर 200) (5 लैप्स): 1. पूजिता अनिल कुमार (बेंगलुरु) (11:14.009); 2. हन्ना अक्किनेनी जोशिता (हैदराबाद) (11:43.872); 3. मानसी अशोक वालुंज (पुणे) (11:43.884).रूकी (अपाचे आरटीआर 200) (रेस-1): 1. पोथु विग्नेश (मैनचेरियल) (13:13.842); 2. देव अगस्त्य (बेंगलुरु) (13:14.321); 3. रहबर इस्लाम बक्तू (जम्मू एवं कश्मीर) (13:14.381)।