परीक्षा विवाद पर झारखंड सरकार पर बरसे प्रदीप भंडारी, पंजाब में ‘सिंडिकेट’ चलाने का आरोप

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदीप भंडारी ने भगवंत मान पर आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री एक लूट का रैकेट चला रहे हैं। उनकी पत्नी पर मिडिलमैन के जरिए वैध रेप केसों को 5 करोड़ रुपए लेकर खत्म करने का आरोप है। यह वीडियो प्रथम दृष्टया इशारा कर रहा है कि सीएम एक केस को खत्म कर रहे हैं। क्या सीएम का आवास ऐसी जगह बन गया है, जहां सौदे किए जा रहे हैं और कट मनी सीएम और पंजाब के सुपर सीएम केजरीवाल के पास जा रही है?” उन्होंने ऑडियो सुनाते हुए कहा कि इसमें पैसे को कई लोगों में बांटने की बात कही जा रही है, इसलिए यह एक सिंडिकेट है। प्रदीप भंडारी ने बताया, “आरोपी कहता है कि केस खत्म करना है। मिडिलमैन फिर कहता है कि सीएम के साथ सब कुछ डिस्कस हो चुका है और वह पीछे नहीं हट सकते, क्योंकि रकम को कई लोगों में बांटना है।” उन्होंने इस मामले में तीन गंभीर सवाल उठाए। क्या सीएम और उनकी पत्नी रेप केसों को खत्म करने के लिए पैसे लेकर सिंडिकेट चला रहे हैं? क्या सीएम का दफ्तर भ्रष्टाचार का सिंडिकेट बन गया है? क्या यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है? प्रदीप भंडारी ने कहा, “आज केजरीवाल को जवाब देना होगा कि भ्रष्टाचार की सीमा इस हद तक चली गई है कि अब रेप पीड़ितों को भी केजरीवाल और मान सरकार नहीं छोड़ रही है। क्या वे पंजाब में भी उसी तरह का सिंडिकेट चला रहे हैं जैसा उन्होंने दिल्ली में चलाया था?” प्रदीप भंडारी ने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के मामले पर भी हेमंत सोरेन सरकार और राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा, “झारखंड में छात्रों ने प्रदर्शन किया और पूरे देश ने उनका साथ दिया, लेकिन अब जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है। यह सामने आ रहा है कि जिस कंपनी टीडीपीएल को परीक्षा कराने की जिम्मेदारी झारखंड सरकार ने दी थी, वह एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी थी और उसने अभी तक टेंडर तक जारी नहीं किया है।” प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि टीटीपीएल ने आगे एक तीसरी बेनामी कंपनी, पीकर टेक्नोलॉजी को एग्रीमेंट दे दिया, लेकिन इस एग्रीमेंट का कोई कागज मौजूद नहीं है और पूरा लेन-देन कैश में हुआ है। उन्होंने कहा, “सीआईडी के सामने पीकर टेक्नोलॉजी के निदेशक ने कबूल किया है कि हमें जो टेंडर दिया गया था, उसकी कोई कॉपी नहीं है और पूरा ट्रांजैक्शन कैश में हुआ। इससे ये साबित होता है कि किस तरीके से राहुल गांधी और हेमंत सोरेन छात्रों के साथ न्याय करते हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे गंभीर सवाल खड़े करते हैं कि झारखंड में छात्रों के भविष्य के साथ कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है।
चैरिटी कमिश्नर ने 1989 के शेयर ट्रांसफर से जुड़ी शिकायत बंद की: टाटा ट्रस्ट

मुंबई। टाटा ट्रस्ट ने गुरुवार को कहा कि महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर ने 1989 में नवलबाई रतन टाटा ट्रस्ट से नवल एच. टाटा को टाटा संस प्राइवेट लिमिटेड के 833 शेयरों के हस्तांतरण की जांच की मांग वाली शिकायत को बंद कर दिया है। टाटा ट्रस्ट ने कहा कि हालिया आदेश ने उनके उस रुख को सही साबित किया है कि शेयर हस्तांतरण से जुड़े आरोप निराधार, असत्यापित और दुर्भावनापूर्ण थे। यह शिकायत नवलबाई रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी विजय सिंह द्वारा 10 जून 2026 को भेजे गए एक ईमेल के माध्यम से दर्ज कराई गई थी। टाटा ट्रस्ट्स के अनुसार, चैरिटी कमिश्नर ने शिकायत में उठाए गए मुद्दों तथा नवलबाई रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा प्रस्तुत जवाब और उससे संबंधित दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया। चैरिटी कमिश्नर ने निष्कर्ष निकाला कि यह बिक्री वैधानिक आवश्यकताओं के कारण की गई थी और शेयरों का हस्तांतरण उचित दस्तावेजी प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ था। इसके अलावा, आदेश में कहा गया कि वेल्थ टैक्स आयुक्त द्वारा स्वीकृत मूल्यांकन के आधार पर ट्रस्ट को उचित प्रतिफल प्राप्त हुआ था। साथ ही, इस लेनदेन से ट्रस्ट को लाभ हुआ, जिसे 31 मार्च 1989 को समाप्त वित्तीय वर्ष की बैलेंस शीट में भी दर्शाया गया था। शेयरों का हस्तांतरण इस शर्त पर किया गया था कि उन्हें किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचा जाएगा और वे प्राप्तकर्ता के परिवार के भीतर ही बने रहेंगे। टाटा ट्रस्ट ने कहा कि जांच में यह भी पाया गया कि यह हस्तांतरण उस समय लागू सभी कानूनी प्रावधानों के पूर्ण अनुरूप था। चैरिटी कमिश्नर ने इसलिए माना कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए महाराष्ट्र सार्वजनिक न्यास अधिनियम, 1950 के तहत इस शेयर हस्तांतरण के संबंध में किसी और जांच की आवश्यकता नहीं है। टाटा ट्रस्ट ने विजय सिंह के आचरण पर चैरिटी कमिश्नर की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया। कमिश्नर ने कहा कि सिंह ने अपने ईमेल को ट्रस्ट के साथ साझा नहीं किया, जो इस बात का संकेत है कि उन्होंने इसे अन्य ट्रस्टियों और पूरे ट्रस्ट से छिपाने का प्रयास किया। कमिश्नर ने इसे एनआरटीटी (नवलबाई रतन टाटा ट्रस्ट) के एक ट्रस्टी के अनुरूप आचरण नहीं माना। टाटा ट्रस्ट्स ने इन आरोपों को संस्था की छवि खराब करने के उद्देश्य से चलाए गए एक सुनियोजित, दुर्भावनापूर्ण और जानबूझकर किए गए अभियान का हिस्सा बताया।
पाकिस्तान: बलूचिस्तान में बलूची लोक गायिका की गोली मारकर हत्या

क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के डेरा बुगती इलाके में बुगती जनजाति की एक बलूच लोक गायिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, मृतक महिला की पहचान माई सुभाई बुगती के रूप में हुई है। माई सुभाई बुगती को बुगती जनजाति की पहली महिला लोक गायिकाओं में से एक माना जाता था। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने डेरा बुगती के बाहरी इलाके में माई सुभाई बुगती पर फायरिंग की और फिर मौके से फरार हो गए। गोली लगने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और शव को कानूनी प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेजा गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि डेरा बुगती में किसी महिला गायिका को निशाना बनाए जाने की यह पहली घटना है। उन्होंने कहा कि हत्या की वजह अभी साफ नहीं है और मामले की जांच जारी है। यह घटना पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को एक बार फिर सामने लाती है। पिछले महीने, पाकिस्तान के टैक्सिला शहर में 28 वर्षीय कंटेंट क्रिएटर शम्सु बीबी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई थी। एफआईआर के अनुसार, शम्सु बीबी अपनी बहन अस्मिया बीबी और भाई नेमतुल्लाह के साथ एक वाहन में जा रही थीं। रास्ते में मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोलीबारी शुरू कर दी। गोली लगने से शम्सु बीबी गंभीर रूप से घायल हो गईं। फायरिंग के दौरान वाहन का नियंत्रण भी बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शम्सु बीबी की वाहन के अंदर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, शम्सु बीबी के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी पिछले तीन-चार वर्षों से टिकटॉक पर सक्रिय थीं और उनके लगभग 13 लाख फॉलोअर्स थे। उन्होंने शिकायत में कहा कि उनकी बेटी का कौसर और जावेद नामक लोगों के साथ पैसों का लेन-देन था और पैसे वापस मांगने को लेकर उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकियां मिली थीं। पिता के अनुसार, काशी नामक एक व्यक्ति ने उनकी बेटी को फोन करके घर से बाहर निकलने के लिए कहा था। इसके बाद रास्ते में हमलावरों ने उसकी गाड़ी पर हमला कर दिया।
सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री और रिकॉर्डिंग पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

नई दिल्ली। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों, पत्रकारों, यूट्यूबर्स, सोशल मीडिया यूजर्स और सिविल सोसाइटी प्रतिनिधियों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंधों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने याचिकाकर्ता प्रिया मिश्रा की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत इस रिट याचिका पर विचार करने के इच्छुक नहीं हैं। याचिका में राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से 16 अगस्त 2026 को जारी किए गए सर्कुलर को विशेष रूप से चुनौती दी गई थी। सर्कुलर के मुताबिक सरकारी स्कूल परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य से पूर्व अनुमति लेना जरूरी किया गया है। इसके अलावा स्कूल में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइवस्ट्रीमिंग के लिए भी पहले से लिखित अनुमति लेने का प्रावधान किया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से इन प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाए गए थे। याचिका में कहा गया कि इस तरह के आदेशों से सरकारी स्कूलों की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाने में कठिनाई हो सकती है। उत्तर प्रदेश के मामले में याचिका में अयोध्या के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से 19 अगस्त 2026 को जारी आदेश का भी उल्लेख किया गया। इस आदेश में बाहरी लोगों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग और लाइवस्ट्रीमिंग से जुड़े लोगों को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना काउंसिल स्कूलों में प्रवेश करने तथा फोटो या वीडियो बनाने से रोका गया है। याचिका के अनुसार आजमगढ़, बलिया, बस्ती, बलरामपुर, शामली और आगरा समेत कई अन्य जिलों में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए हैं। यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के संदर्भ में भी चर्चा में आया है। अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से जुड़ी कमियों को उजागर करना बताया गया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन आदेशों की वैधता पर विस्तृत टिप्पणी किए बिना अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। इससे संबंधित राज्य सरकारों के आदेश फिलहाल चुनौती के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन नहीं हैं।
मुंबई में लखपति दीदियों से मिले शिवराज सिंह चौहान, बोले-बहनों से कनेक्शन भी दिल का, बातचीत भी दिल से

मुंबई। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मुंबई में लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह की बहनों के साथ संवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा, “बहनों से कनेक्शन भी दिल का, कन्वर्सेशन भी दिल से। आज मुंबई में लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूह की बहनों के साथ संवाद किया। बैंक लोन, कागजी प्रक्रिया सहित उनकी परेशानियां समझीं और अब बैंकरों के साथ बैठकर इनका समाधान निकालने का प्रयास करेंगे।” शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो संदेश में कहा, “आज का दिन हमारे लिए सौभाग्य का दिन है। हम स्वयं सहायता दीदियों के साथ आज चर्चा कर रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि 3 करोड़ लखपति दीदियां बनाना है। अभी तक 2 करोड़ दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं और बाकी दीदियां भी लखपति बनें, इसका अभियान लगातार जारी है।” उन्होंने कहा कि लखपति दीदी बनने के लिए बिजनेस चाहिए और उसके लिए लोन चाहिए, इसमें बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज हमने अपनी दीदियों के साथ चर्चा की। दीदियों ने बैंक से लोन मिलने की प्रशंसा भी की, लेकिन कठिनाइयों को भी बताया है। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आज मुंबई में बैंकर्स की बैठक है। उस बैठक में बैंकर्स के साथ इन कठिनाइयों को रखकर इनका समाधान ढूंढेंगे। दीदियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन बनाई जाएगी। जिनको बैंक से लोन लेने में तकलीफ होती है, दिक्कत आती है, वे उस हेल्पलाइन पर अपनी समस्याएं बताएंगी तो उसका समाधान करने का तत्काल प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी दीदियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दीं। बता दें कि लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं की वार्षिक घरेलू आय को बढ़ाकर कम से कम 1,00,000 रुपए या उससे अधिक करना है। यह योजना दीनदयाल अंत्योदय योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत चलाई जा रही है।
राम मंदिर सीईओ की नियुक्ति पर सनातन पांडेय का तंज, कहा-मुखिया ईमानदार होगा तो कर्मचारी भी ईमानदार होंगे

लखनऊ। राम मंदिर ट्रस्ट में पूर्व एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्रा की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में नियुक्ति को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सीईओ की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए इसे देशहित के खिलाफ और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला कदम बताया। सपा सांसद ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी संस्था के कामकाज की पारदर्शिता उसके नेतृत्व से तय होती है। उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि ट्रस्ट किसके नियंत्रण में है और फैसले किस तरह लिए जा रहे हैं। सनातन पांडेय ने कहा कि जिस घर का मुखिया ईमानदार होगा, उसके घर के कर्मचारी भी ईमानदार होते हैं। पहले मुखिया तो अपने आप को स्पष्ट करें कि चोरी का पैसा कहां गया, तब सीईओ की बात आएगी। सीईओ की नियुक्ति विपक्ष ने नहीं की है बल्कि ट्रस्ट द्वारा की गई है और ट्रस्ट वही करेगा जो सरकार चाहेगी। सपा सांसद ने सीईओ की नियुक्ति को लेकर आगे कहा कि यह कदम देश के हितों के खिलाफ और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग भारत के संविधान में विश्वास नहीं रखते, वे जनता से किए गए झूठे वादों के जरिए सार्थक बदलाव नहीं ला सकते। उनका आरोप है कि यदि किसी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास नहीं है तो उसका प्रशासन भी ठीक से काम नहीं कर सकता। पांडेय ने आरोप लगाया कि उन्होंने सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है। चुनाव आयोग का गठन संविधान के तहत हुआ है और पहले चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए सत्ता पक्ष, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली समिति की व्यवस्था का उल्लेख किया जाता था। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की चर्चाओं पर भी सनातन पांडेय ने अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट किया। इमरान मसूद और अन्य कांग्रेस नेताओं की ओर से सम्मानजनक सीटों की मांग और बराबरी के आधार पर सीट बंटवारे की बात किए जाने पर उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाए रखना चाहती है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ गठबंधन को बनाए रखने के पक्ष में हैं। पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी गठबंधन से अलग होने की राजनीति नहीं करती। कांग्रेस को सीटें जरूर मिलेंगी, लेकिन सीटों का आधार जीतने की क्षमता होना चाहिए। गठबंधन का उद्देश्य केवल सीटों का बंटवारा करना नहीं बल्कि सरकार बनाना होना चाहिए और सरकार तभी बन सकती है जब गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या में विधानसभा सीटें हों। सपा सांसद ने कहा कि यदि कांग्रेस मजबूत हुई है तो उसके पिछले चुनावी प्रदर्शन को भी ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस की मजबूती पर सवाल खड़ा नहीं करना चाहती, बल्कि गठबंधन को मजबूत रखना चाहती है। हम चाहते हैं कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है, कांग्रेस की गठबंधन के हम लोग हैं और भारतीय जनता पार्टी के विरोधी हैं। हम चाहते हैं कि वह सीट ले और लड़े, बशर्ते जीतने के लिए सीट ले, गिरवाने के लिए नहीं। गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर ऐसी खबरों पर भी सवाल पूछा गया कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता 115 से 120 सीटों से कम पर समझौता करने के पक्ष में नहीं हैं। इस पर सनातन पांडेय ने कहा कि इस तरह की बातें करने वाले लोग न तो पार्टी के शुभचिंतक हैं, न गठबंधन के और न ही देश के। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बारे में यह बात नहीं कह रहे हैं। कांग्रेस में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ नेता हैं और उनकी सोच भी भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हटाने की है। लेकिन केवल भाजपा को हटाने की बात करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए विपक्षी दलों को चुनावी रणनीति और सीटों के बंटवारे पर भी सहमति बनानी होगी। यदि भाजपा को हटाने के लक्ष्य के साथ गठबंधन बनाया गया है, तो सीटों की संख्या को लेकर ऐसा विवाद पैदा नहीं होना चाहिए जिससे गठबंधन ही कमजोर हो जाए। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस का सम्मान करना चाहती है और कांग्रेस को उन सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर देना चाहती है जहां वह जीतने की स्थिति में हो। जब उनसे सीधे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस को कितनी सीटें देगी, तो सनातन पांडेय ने कहा कि अभी संख्या बताने के बजाय कांग्रेस को अपनी मजबूत सीटों की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संख्या न बताएं, सीट बताएं कि हम यहां-यहां से जीत रहे हैं। पांडेय के मुताबिक कांग्रेस यदि उन सीटों की पहचान करती है जहां वह जीत सकती है तो गठबंधन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सीटों पर निर्णय लेने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीतिक भूमिका को लेकर कहा कि उनके अनुसार देश में भाजपा को हटाने और बेरोजगारी, अराजकता तथा सामाजिक विभाजन जैसी समस्याओं को खत्म करने की सबसे मजबूत इच्छा अखिलेश यादव में है। उन्होंने कहा कि देश को जाति और धर्म के नाम पर बांटने के बजाय बचाने की जरूरत है। उनके मुताबिक गठबंधन से यदि कोई दल अलग होता है तो इसे देशहित के बजाय अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उठाया गया कदम माना जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि यदि सीटों के बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच खींचतान होती है तो क्या 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन को नुकसान नहीं होगा, इस पर पांडेय ने कहा कि किसी को गलतफहमी में रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी सहयोगी दलों का सम्मान करती है और उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश में सरकार बनाना है।
भविष्य में कुछ लंबे ब्रेक लूंगा, व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए हर टूर्नामेंट खेलना असंभव: कार्लोस अल्काराज

न्यूयॉर्क। स्पेन के स्टार खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने कहा है कि टेनिस का कैलेंडर अब इतना व्यस्त हो गया है कि खिलाड़ियों के लिए हर बड़े टूर्नामेंट में लगातार खेलना आसान नहीं रहा है। उनका मानना है कि अगर खिलाड़ी बिना ब्रेक लिए लगातार खेलते रहें, तो थकान बढ़ सकती है और चोट लगने का खतरा भी रहता है। अल्काराज ने बताया कि इसी वजह से वह आगे भी जरूरत पड़ने पर टेनिस से कुछ समय का ब्रेक लेते रहेंगे। उनका कहना है कि लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन करने और फिट रहने के लिए आराम करना भी उतना ही जरूरी है जितना खेलना है। अल्काराज ने न्यूयॉर्क में खेले जा रहे यूएस ओपन के तीसरे दौर में जगह बनाने के बाद यह बात कही। आर्थर ऐश स्टेडियम में खेले गए मैच में उन्होंने पहला सेट हारने के बाद वापसी करते हुए पुर्तगाल के जैमे फारिया को 4-6, 6-0, 6-3, 6-2 से हराया। कार्लोस अल्काराज ने माना कि कलाई की चोट की वजह से उन्हें चार महीने तक टेनिस से दूर रहना पड़ा, और यह ब्रेक उनकी पसंद नहीं था। हालांकि, उन्होंने कहा कि आगे चलकर वह अपनी योजना के तहत कुछ समय के लिए टूर से ब्रेक लेना चाहेंगे। अल्काराज का मानना है कि मौजूदा टेनिस कैलेंडर बहुत व्यस्त हो चुका है। लगातार मैच और टूर्नामेंट खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। इसलिए फिट रहने, थकान से बचने और अपने खेल का स्तर बनाए रखने के लिए वह भविष्य में समय-समय पर आराम करने की उम्मीद करते हैं। मैच के बाद मौजूदा यूएस चैंपियन ने कहा, “सच कहूं तो मैंने जरूरत से ज्यादा लंबा ब्रेक लिया, लेकिन कैलेंडर कितना व्यस्त है, इसे देखते हुए जाहिर है कि मैं चोट के कारण ऐसा ब्रेक नहीं लेना चाहता। हालांकि, भविष्य में मैं कुछ ब्रेक लूंगा, कुछ लंबे ब्रेक। शायद चार महीने नहीं, लेकिन एक या दो महीने के लिए कुछ टूर्नामेंट छोड़ दूंगा, क्योंकि उन सभी को खेलना असंभव है।” स्पेनिश खिलाड़ी का मानना है कि खिलाड़ियों को अपने शेड्यूल को लेकर ज्यादा सोच-समझकर फैसला करने की आवश्यकता है, क्योंकि महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अल्काराज ने कहा, “मुझे लगता है कि और महत्वपूर्ण टूर्नामेंट जोड़ रहे हैं। एक तरह से वे हमें खेलने के लिए मजबूर कर रहे हैं। आप अपना कैलेंडर तय कर सकते हैं, लेकिन कुछ मास्टर्स 1000 और कुछ ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट होते हैं, और अगर हमें एटीपी के सभी जरूरी टूर्नामेंट खेलने हों, तो हमें साल में 40 हफ्ते खेलना पड़ता है।” अल्काराज ने कहा कि वर्कलोड को संभालना मुश्किल होता जा रहा है और चेतावनी दी कि अगर बदलाव नहीं किए गए तो स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे और अधिक खिलाड़ी चोटिल हो सकते हैं और थक सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, “इसलिए यह असंभव है, और हम देख रहे हैं कि बहुत से खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं और थक रहे हैं। अगर वे इस बारे में कुछ नहीं करते हैं, तो भविष्य में हम ऐसी और भी घटनाएं देखेंगे।” फारिया ने पहला सेट 6-4 से जीता, लेकिन उनकी जीत का जश्न बहुत शांत था। पहले सेट में लड़खड़ाने के बाद, अल्काराज ने दूसरे सेट के अपने पहले सर्विस गेम में एक ब्रेक प्वाइंट बचाया और फिर लगातार आठ गेम जीते। उन्होंने वापसी करते हुए अपनी सर्विस बचाई और फिर बाकी सेट में फारिया को पछाड़ते हुए 6-0 से जीत हासिल की। अल्काराज ने 43 विनर्स के साथ फारिया (27 विनर्स) पर दबदबा बनाया, लगातार आठ गेम जीते और पुर्तगाली खिलाड़ी की सर्विस को लगातार पांच बार तोड़कर तीसरा सेट 6-3 से अपने नाम किया। चौथा सेट जीतकर मैच अपने नाम करने के साथ ही, सात बार के मेजर चैंपियन ने अपनी ग्रैंड स्लैम जीत का सिलसिला 16 मैचों तक बढ़ा लिया और यूएस ओपन में अपना रिकॉर्ड 26-3 भी कर लिया है। ब्रेक प्वाइंट पर उनका प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 12 मौकों में से सात को भुनाया, जबकि फारिया अपने सात मौकों में से केवल दो को ही भुना पाए।
भारत -बेल्जियम के संबंधों की जड़ें गहरी, साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा : प्रधानमंत्री मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेस में दोनों देशों के संबंधों के आधार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। ये जड़ें हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा हैं।” इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की। दोनों की मौजूदगी में भारत और बेल्जियम के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ, जो रक्षा से लेकर खाद्य, क्लीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने वेवर का स्वागत करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा पर उनका हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। यह उनकी पहली भारत यात्रा जरूर है, लेकिन भारत से उनका परिचय पुराना है। वे लंबे समय तक एन्टवर्प के मेयर रहे हैं और उन्होंने एन्टवर्प के बड़े भारतीय समुदाय और भारत-बेल्जियम हीरे का व्यापार को हमेशा समर्थन दिया है। भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ें इतिहास में गहरी है। पहले विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों का साहस और बलिदान हमारी साझा स्मृति का अहम हिस्सा है। आज लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच आपसी गहरे संबंध हमें स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।” एक दशक पहले की गई बेल्जियम यात्रा का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, “मुझे दस साल पहले बेल्जियम जाने का मौका मिला था और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि पिछले दशक में हमारी साझेदारी ने कितनी शानदार तरक्की की है। आज, हमारे सहयोग का दायरा पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गया है। हम जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम कर रहे हैं। हम आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को भी विकसित कर रहे हैं।” विभिन्न क्षेत्रों में इस साझेदारी को व्यापक करने की बात भी पीएम ने की। उन्होंने कहा, “आज विश्व एक बड़े उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। खाद्य, ईंधन या आपूर्ति श्रृंखला, हर क्षेत्र में अनिश्चितता का प्रभाव पड़ रहा है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछले क्वार्टर में हमने 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। आज भारत की विकास की कहानी दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एफटीए का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा, “इस वर्ष की शुरुआत में हमने ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया। विश्व की दो सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच यह अभूतपूर्व सहयोग वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा। भारत की निरंतर आर्थिक प्रगति और इस एग्रीमेंट ने हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। आज हमने इन संभावनाओं को ठोस परिणामों में बदलने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मायावती ने आकाश आनंद को बताया अपरिपक्व, यूपी में नहीं दी कोई बड़ी जिम्मेदारी

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को पार्टी की आल इंडिया बैठक में पिछले दिये गये कार्यों की समीक्षा व उनकी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही, हर वर्ष के सालाना होने वाली गतिविधियों के बारे में भी पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को दिये गये जरूरी दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ अनुपालन करने की भी सख्त हिदायत दी। इस दौरान मायावती ने कहा कि बसपा बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर के ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के आदर्श सिद्धांतों व उच्च आदर्शों को लेकर चलने वाली उनके ’आत्म-सम्मान व स्वाभिमान’ के कारवां को सत्ता की मंजिल तक पहुंचाने के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए समर्पित पार्टी एवं मूवमेंट है। इसे लेकर कांशीराम ने उच्च वैज्ञानिक पद की अपनी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी। मायावती ने कहा कि कांशीराम ने अपने मां-बाप का घर, परिवार, रिश्तों-नातों को छोड़कर और अपना सब कुछ त्यागकर पूरा जीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और मुझे भी खासकर शोषितों को जागरुक करने के लिए देश के कोने-कोने में भेजकर इस योग्य बनाया कि मैं उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके अधूरे रहे कारवां को आगे बढ़ाने की पूरी त्याग व तपस्या में लगी रहूं। अन्ततः उन्होंने मुझे बसपा व बहुजन मूवमेंट का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बनाया। मैंने भी उनके जीते-जी ही काफी हद तक अच्छा रिजल्ट लाकर भी दिखाया और उनके संघर्ष को विनम्र श्रद्धांजलि के रूप में यूपी में पूर्ण बहुमत की बसपा सरकार बनाकर बहुजन मूवमेंट के मान-सम्मान को ऐतिहासिक व गौरवशाली भी बनाया, जो सबकी ज़ुबान पर होने के साथ-साथ तथा यहां इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में भी दर्ज है। मायावती ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक कांशीराम के संकल्प व समर्पण की तरह ही, मेरे लिये भी ’बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता अर्थात् बसपा व मूवमेंट द्वारा ‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है और इस महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिये निजी तौर पर मेरा न तो कोई अपना है और न ही पराया। जो भी बसपा व बहुजनों के हित के काम करेगा उसका स्वागत व आभार भी है। इसीलिये जिस प्रकार कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों व अन्य रिश्तों-नातों आदि को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दे दी थी लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद आदि देने के वे खिलाफ थे, उसी प्रकार से उस संकल्प पर मैं भी पूरी तरह से कायम हूं। मायावती ने कहा, “इस पर अमल करते हुए ही मैंने आकाश आनन्द को पार्टी में कार्य करने की तो इजाजत दी है लेकिन इस मामले में आकाश आनन्द को अभी और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। तब तक इनको पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं होगा, जो कि विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुंचाने से बचने के लिए भी समय की जरूरत है।” इसके साथ ही, बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इस समय दुनिया के कई भागों में जारी जंग और उसकी वजह से तेजी से बदलते हुए संगीन हालात व सुरक्षा उपायों आदि में भी भारत की अपनी नीति/रणनीति मजबूत होनी चाहिये। अब फिर से देश में आए दिन बढ़ रही महंगाई व प्राकृतिक आपदा भी काफी चिंताजनक है। साथ ही, वर्तमान में जेन-जी व जेन-अल्फा आदि की भी चल रही गंभीर समस्याओं को दूर करना बहुत जरूरी है। राज्यों के साथ-साथ खासकर केंद्र सरकार भी इन सब मामलों को जरूर गंभीरता से ले, तो यह देश व जनहित में उचित होगा। मायावती ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और पंजाब में सभी कार्य चुनाव की घोषणा से काफी पहले ही पूरा करने के भी जरुरी निर्देश दिए। इसके तहत उन्होंने 25 अगस्त को पंजाब और 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश की अलग से पार्टी की बड़ी बैठक भी बुलाई थी। 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर ‘खुली संगोष्ठी के कार्यक्रम’ पूरी मिशनरी भावना से आयोजित करने के निर्देश देते हुये कहा कि इन कार्यक्रमों को बीएसपी के प्रदेश व मुख्य जोन प्रभारी आदि मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे जबकि बीएसपी दिल्ली प्रदेश के सभी लोग नई दिल्ली गुरुद्वारा रकाबगंज रोड पर स्थित ’बहुजन समाज प्रेरणा स्थल’ (कांशीराम का अस्थिकलश प्रतिष्ठापित है), वहां पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित करेंगे।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

वॉशिंगटन। भारत की यात्रा पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बापू के आदर्शों और शांति, अहिंसा व मानवीय गरिमा के उनके सदाबहार संदेशों को अपनाने का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए पोस्ट में जानकारी साझा करते बताया कि बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने महात्मा गांधी के शांति, अहिंसा और मानव गरिमा के स्थायी संदेश को सम्मान देते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह श्रद्धांजलि भारत और बेल्जियम के बीच मौजूद घनिष्ठ मित्रता की उन साझा मूल्यों को भी दर्शाती है, जो दोनों देशों के संबंधों की मजबूत नींव हैं। महात्मा गांधी का जीवन, उनके आदर्श और उनकी विरासत आज भी दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करते हैं।” बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर गुरुवार को तीन दिवसीय यात्रा पर भारत पहुंचे। पिछले साल फरवरी में पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। बेल्जियम के रक्षा मंत्री थियो फ्रेंकेन भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्रालय ने उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत में आपका स्वागत है। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचने पर बहुत गर्मजोशी से स्वागत। रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने उनकी अगवानी की। यह यात्रा घनिष्ठ और बहुआयामी भारत-बेल्जियम साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर देती है।” आज दिन में बेल्जियम के पीएम डी वेवर की प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं के साथ-साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बेल्जियम के पीएम डी वेवर भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के संदर्भ में कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के एक बिजनेस कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे।