सीडब्ल्यूजी 2026: एक दिन में 16 मेडल जीतकर भारत ने लगाई मेडल टैली में लंबी छलांग, टॉप पर काबिज ऑस्ट्रेलिया

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए 10वां दिन ऐतिहासिक रहा। देश ने बॉक्सिंग में 10 मेडल समेत कुल 16 मेडल अपने नाम किए। एथलीटों के दमदार प्रदर्शन के बूते भारत ने मेडल टैली में भी लंबी छलांग लगाई है। भारत अब 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे नंबर पर आ गया है। भारत के कुल मेडल की संख्या अब 39 हो गई है और देश ने छह पायदान की छलांग लगाई है। ऑस्ट्रेलिया 10वें दिन भी अपनी बादशाहत को बरकरार रखने में सफल रहा है। ऑस्ट्रेलिया के पास 61 गोल्ड, 38 सिल्वर और 50 ब्रॉन्ज मेडल हैं। इंग्लैंड 25 गोल्ड, 40 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज मेडल लेकर कुल 99 मेडल के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, कनाडा 18 गोल्ड समेत 57 मेडल जीतकर तीसरे नंबर पर काबिज है। भारत के शानदार प्रदर्शन के कारण मेजबान स्कॉटलैंड अब पांचवें नंबर पर खिसक गया है। स्कॉटलैंड के 12 गोल्ड, 8 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज मेडल हैं। वहीं, नाइजीरिया 10 गोल्ड समेत कुल 21 मेडल जीतकर छठे नंबर पर मौजूद है। वेल्स 8 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज मेडल लेकर सातवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड 8 गोल्ड के साथ कुल 27 मेडल जीतकर आठवें नंबर पर मौजूद है। 10वें दिन भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन लाजवाब रहा। खासतौर पर भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार खेल दिखाते हुए कुल 10 मेडल अपने नाम किए, जिसमें 7 गोल्ड शामिल रहे। पुरुष कैटेगरी में अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि महिला कैटेगरी में जैस्मिन लैम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, अरुंधति चौधरी और प्रीति ने ‘गोल्डन पंच’ लगाया। वहीं, जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं, ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रावेल ने सिल्वर, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, शॉट पुट में भी भारत का प्रदर्शन दमदार रहा। सोमन राणा ने गोल्ड, जबकि शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया।
भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहा हूं’, ब्रॉन्ज जीतने पर बोले सेल्वा प्रभु थिरुमारन

‘ग्लासगो, । कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को ट्रिपल जंप इवेंट में भारत की झोली में दो मेडल आए। प्रवीण चित्रवेल ने सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया, जबकि सेल्वा प्रभु थिरुमारन ने ब्रॉन्ज मेडल को अपने नाम किया। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर गर्व महसूस कर रहे हैं। सेल्वा ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा कि वह काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला सीनियर इंटरनेशनल मेडल है। सेल्वा ने कहा कि वह भारत के लिए मेडल जीतकर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। भारतीय एथलीट ने कहा कि यह बिल्कुल भी आसान नहीं होता है। सेल्वा ने कहा कि वह अपने यह मेडल परिवार, कोच और उन सभी लोगों को समर्पित करना चाहते हैं, जिन्होंने उनके इस सफर में उनकी मदद की। वहीं, सिल्वर मेडल जीतने वाले प्रवीण चित्रवेल ने कहा कि वह मेडल से ज्यादा अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वह अपने प्रदर्शन से थोड़ा निराश हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वह चौथे स्थान पर रहे थे और मेडल से चूक गए थे और इसी कारण वह यहां पर सिल्वर मेडल जीतने से बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह एशियन गेम्स में और बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। प्रवीण ने 16.58 मीटर की सर्वश्रेष्ठ जंप के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। मेंस शॉट पुट एफ57 में सिल्वर मेडल जीतने वाले पैरा एथलीट शुभम जुयाल ने कहा कि यह मेडल उनके लिए काफी बड़ी उपलब्धि है। शुभम ने बताया कि वह चार साल पहले 1 अगस्त को आईसीयू में भर्ती थे और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेकर देश के लिए मेडल जीत पाएंगे। शुभम ने कहा कि उनके परिवार, दोस्तों और भारतीय सेना ने उन्हें काफी सपोर्ट किया। शुभम ने मेडल जीतने का श्रेय अपने कोच को दिया। उन्होंने 13.28 मीटर दूर गोला फेंककर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
कर्नाटक भाजपा प्रमुख ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से कावेरी और मेकेदातु मुद्दों पर मांगा सहयोग

बेंगलुरु। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को एक खुला पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कावेरी नदी विवाद पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ बातचीत के दौरान एक राजनेता की तरह समझदारी भरा रवैया अपनाने और मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वर प्रोजेक्ट के लिए समर्थन देने का आग्रह किया। विजयेंद्र ने पत्र में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से अपील की कि वे प्रस्तावित मेकेदातु प्रोजेक्ट को सहयोग की भावना से देखें। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट तमिलनाडु के पानी के जायज हिस्से को प्रभावित किए बिना बेंगलुरु की पीने के पानी की जरूरतों को काफी हद तक पूरा कर सकता है। इस प्रोजेक्ट का समर्थन दोनों राज्यों के बीच सहयोग का एक मजबूत प्रतीक बनेगा। विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच सदियों से गहरे और स्थायी संबंध रहे हैं, जो साझा इतिहास, संस्कृति, व्यापार और लोगों के बीच करीबी रिश्तों पर आधारित हैं। दोनों राज्य आपसी सम्मान और सद्भावना के आधार पर भाई-राज्यों की तरह रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लाखों तमिल लोगों ने कर्नाटक, खासकर बेंगलुरु को अपना घर बनाया है और इसके विकास में अहम योगदान दिया है, जबकि तमिलनाडु में रहने और काम करने वाले कन्नडिगा लोगों ने भी पड़ोसी राज्य की तरक्की और खुशहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह आपसी निर्भरता लोगों के बीच के उस रिश्ते को दिखाती है जो राज्य की सीमाओं से परे है। विजयेंद्र ने माना कि पड़ोसी राज्यों के बीच मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने कहा कि अहम बात यह है कि उन्हें कैसे सुलझाया जाता है। उन्होंने बेंगलुरु में तिरुवल्लुवर की मूर्ति लगाने से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दे का जिक्र किया और कहा कि आखिरकार इसे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की सूझबूझ और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की उदारता से सुलझाया गया। उनके नजरिए से यह साबित हुआ कि जब लोगों के व्यापक हित को प्राथमिकता दी जाती है, तो मुश्किल मुद्दों को भी सुलझाया जा सकता है। कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार से बातचीत करने के लिए तमिलनाडु के सीएम जोसेफ विजय के जल्द ही बेंगलुरु आने की खबरों का जिक्र करते हुए विजयेन्द्र ने उनसे अपील की कि वे कर्नाटक के किसानों और नागरिकों के प्रति सहानुभूति और राजनेता वाली समझदारी की भावना के साथ बातचीत करें। कावेरी को बेंगलुरु और उसके बेसिन में बसे कई कस्बों की जीवनरेखा बताते हुए विजयेंद्र ने कहा कि कर्नाटक में रहने वाले कन्नड़ और तमिल दोनों समुदायों के लाखों लोग पीने के पानी के लिए इस नदी पर निर्भर हैं। ऐसे समय में जब अनिश्चित मानसून ने किसानों और नागरिकों पर भारी दबाव डाला है, उन्होंने कहा कि उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह उम्मीद जताते हुए कि सी. जोसेफ विजय कर्नाटक की जायज चिंताओं का सम्मान करते हुए तमिलनाडु के हितों की रक्षा करेंगे, विजयेंद्र ने कहा कि इस तरह का नजरिया पड़ोसी राज्यों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करेगा। उन्होंने पत्र का समापन इस संदेश के साथ किया, “कावेरी हमारे लोगों को बांटने के बजाय उन्हें एकजुट करे।
तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख ने कावेरी जल विवाद को लेकर भाजपा पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाया

चेन्नई। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष मणिकम टैगोर ने कावेरी जल बंटवारे के विवाद पर भाजपा पर “दोहरे मापदंड” अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पार्टी के राज्य नेतृत्व ने कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सामने तमिलनाडु के पानी के अधिकारों का मुद्दा उठाया है। एक्स पर एक पोस्ट में टैगोर ने तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन से कई सवाल पूछे और आरोप लगाया कि पार्टी तमिलनाडु और कर्नाटक में कावेरी मुद्दे पर विरोधाभासी रुख अपना रही है। टैगोर ने कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा सहित अन्य भाजपा नेताओं के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया और दावा किया कि उन्होंने तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने का विरोध किया था। उन्होंने नागेंद्रन से पूछा कि क्या उन्होंने वे प्रदर्शन देखे हैं और उन्हें चुनौती दी कि वे इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के कर्नाटक के सहयोगियों के रुख का सार्वजनिक रूप से विरोध करें। टैगोर ने पूछा, “क्या आपने कल कर्नाटक में येदियुरप्पा समेत भाजपा नेताओं को सड़कों पर उतरकर यह कहते हुए नहीं देखा कि तमिलनाडु को पानी की एक बूंद भी नहीं छोड़ी जानी चाहिए?” उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें और सोशल मीडिया पोस्ट उनकी पोस्ट के साथ अटैच की गई थीं। कांग्रेस नेता ने आगे यह भी सवाल किया कि क्या तमिलनाडु भाजपा नेतृत्व कावेरी विवाद को लेकर अपनी कर्नाटक इकाई का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने पूछा कि क्या नागेन्द्रन में कर्नाटक के भाजपा नेताओं का विरोध करने की “हिम्मत” थी, जब वे कावेरी के पानी पर तमिलनाडु के दावे के खिलाफ प्रचार कर रहे थे? टैगोर पूछा, “क्या आपने कभी प्रधानमंत्री मोदी या केंद्र में भाजपा सरकार से तमिलनाडु के पानी के वैध क्षेत्र को सुरक्षित करने के बारे में एक शब्द भी कहा है?” भाजपा पर राजनीतिक विरोधाभास का आरोप लगाते हुए टैगोर ने कहा कि पार्टी कर्नाटक में तमिलनाडु के हितों का विरोध करती रही, जबकि केंद्र में उसके नेतृत्व ने राज्य के अधिकारों की रक्षा नहीं की। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु इकाई ने इस विवाद के लिए कांग्रेस पार्टी को दोषी ठहराने की कोशिश की। उन्होंने इसे भाजपा का “खुला दोहरा मापदंड” बताया और पार्टी पर कावेरी मुद्दे पर राजनीतिक नौटंकी करने का आरोप लगाया। टैगोर ने कहा कि तमिलनाडु के किसान राज्य के कावेरी जल के वैध अधिकारों को लेकर भाजपा के “झूठे ड्रामे और धोखेबाजी वाली राजनीति” से पूरी तरह वाकिफ हैं।
दिल्ली में युवाओं को फिटनेस और नशामुक्ति का संदेश देने के लिए निकाली साइकिल रैली

नई दिल्ली। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए ‘फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल’ का 84वां संस्करण आयोजित किया गया। इस बार कार्यक्रम की थीम ‘नशा मुक्त भारत’ रखी गई थी। साइकिल रैली के जरिए युवाओं को फिट रहने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने मिलकर साइकिल चलाई और साथ ही योग व अन्य फिटनेस गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। 2026 की एशियन यू-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट संजना ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, “आज मैं फिट इंडिया मूवमेंट के 84वें संस्करण में शामिल होने आई हूं। यह अभियान स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों और युवाओं को एक साथ लाता है। फिट इंडिया मूवमेंट को साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जन आंदोलन के रूप में शुरू किया था और अब केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं।” फिट इंडिया चैंपियन और सर्टिफाइड फिटनेस एवं न्यूट्रिशन कोच सपना गोमला ने कहा, “यह प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया एक शानदार कदम है। नशा मुक्त भारत के विजन के जरिए यह हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है। अगर हमारा देश नशे से मुक्त रहेगा तो युवा अपने करियर, अपने स्वास्थ्य, अपने परिवार और अपने सपनों पर ध्यान दे पाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि नशा मुक्त भारत एक बहुत जरूरी पहल है।” फिट इंडिया एंबेसडर और डाइट एवं फिटनेस एक्सपर्ट स्वाति सोढ़ी ने बताया, “फिट इंडिया मूवमेंट 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत शुरू हुआ था। यह पूरे देश का जन आंदोलन है। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में संडे ऑन साइकिल पहल एक राष्ट्रीय फिटनेस आंदोलन बन गई है। आज हम इस अभियान के 84वें संस्करण में हैं। इसका फोकस स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों और युवाओं को इस मिशन से जोड़ना है और साथ ही नशा मुक्त भारत का संदेश हर घर तक पहुंचाना है।” दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा के महामंत्री विनय आर्य ने कहा, “मेरे हिसाब से यह भारत सरकार की सबसे बेहतरीन पहलों में से एक है। आज जिस तरह से इसे आयोजित किया गया वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। मैंने खुद देखा कि हजारों युवा साइकिलिंग, योग और अन्य फिटनेस गतिविधियों में शामिल हुए। यह किसी प्रोफेशनल कॉरपोरेट इवेंट जैसा लगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करता हूं. जिन्होंने 2019 में फिट इंडिया मूवमेंट शुरू किया और यह तब से लगातार सफलतापूर्वक चल रहा है।
‘नशा मुक्त युवा’ अभियान की शुरुआत, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बोले- इससे युवाओं का जीवन बदलेगा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने संबोधन दिया। डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा से विकसित भारत संकल्प अभियान’ के लॉन्च के अवसर पर प्रधानमंत्री हमारे साथ हैं। हम उनका स्वागत करते हैं। जब देश आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष मना रहा था, उस वक्त लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री की ओर से विकसित भारत की संकल्पना की गई थी। इसी संकल्पना को साकार करने के लिए 140 करोड़ की जनता को सहयोगी के तौर पर देखा गया था। किसी भी देश को समृद्ध राष्ट्र बनने के लिए, देश के नागरिकों का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक होता है।” उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक की ओर से स्वस्थ समाज का निर्माण किया जाता है और स्वस्थ समाज से समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है। स्वस्थ समाज बनाने के लिए प्रधानमंत्री की ओर से देश के युवा सशक्त हों, इसका आह्वान किया गया है। अमृत काल में प्रधानमंत्री की ओर से मार्गदर्शन किया गया, और उन्होंने कहा कि देश के युवा अमृत काल के सारथी हैं। उन्होंने कहा कि युवा देश के लिए जिएं; युवाओं की अपेक्षाएं होती हैं, उनके मन में कई विचार होते हैं। युवाओं को मार्गदर्शन मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री की ओर से ‘माई भारत’ की स्थापना की गई थी। ‘माई भारत’ युवा संगठन आज प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दो करोड़ 26 लाख युवाओं का संगठन बन चुका है। मनसुख मांडविया ने कहा कि इसी संगठन ने प्रधानमंत्री के संकल्प को आगे बढ़ाया है। 15 अगस्त, 2020 को प्रधानमंत्री की ओर से लाल किले से ये भी कहा गया था कि देश को ‘नशा मुक्त’ बनाना है। प्रधानमंत्री के ‘नशा मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने के लिए ‘माई भारत’ युवा संगठन ने कमर कस ली है और इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री के इस संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए एक वर्ष पहले देश के सभी आध्यात्मिक गुरुओं और संगठनों के यूथ विंग्स को साथ लेकर, विविध नशा मुक्त कार्य से जुड़े लोगों को साथ लेकर दो दिवसीय आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री ने आगे कहा कि आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में दो दिनों तक विचार विमर्श किया गया। युवाओं की ओर से देश को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ने के लिए ‘काशी आध्यात्मिक समिति घोषणा पत्र’ कार्य योजना बनाया गया। इसमें तय किया गया कि आने वाले दिनों में किस तरह के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में 26 राज्यों के राज्यपाल उपस्थित हैं। एक करोड़ से अधिक युवाओं की ओर से संकल्प लिया गया है। 28 स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के एक आह्वान पर युवा शक्ति का जनआंदोलन खड़ा होना, बताता है कि प्रधानमंत्री पर मजबूत भरोसा कभी नहीं बदलने वाला है। मुझे विश्वास है कि यह अभियान युवाओं का जीवन बदलेगा।
मनीष पॉल: कॉमिक टाइमिंग ने बनाया सबका चहेता, छोटे पर्दे के लोकप्रिय एंकर से लेकर फिल्मों तक का सफर किया तय

मुंबई। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में जब भी किसी बेहतरीन, ऊर्जावान और हाजिर जवाब होस्ट या एंकर का जिक्र होता है तो सबसे पहला नाम मनीष पॉल का आता है। 3 अगस्त 1981 को जन्मे मनीष ने अपने बेहतरीन सेंस ऑफ ह्मयूमर, अनूठे अंदाज और मंच पर जबरदस्त मौजूदगी के दम एक नया मुकाम हासिल किया है। मनीष पॉल आज टीवी, फिल्मों और ओटीटी प्लेटफार्म पर अपना जादू बिखेर रहे हैं। आज भी बॉलीवुड या टीवी के अवार्ड शो या अन्य कोई बड़ा कार्यक्रम मनीष पॉल अपने अनोखे अंदाज में एंकरिंग करते हुए दिखते हैं। मनीष पॉल का जन्म नई दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। पॉल ने अपनी स्कूली शिक्षा अपीजय स्कूल से की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज से पर्यटन में बीए किया। मनीष पॉल ने दिल्ली में एक होस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरू में कुछ दिनों तक स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एंकरिंग करते रहे। इसके बाद मुंबई चले गए और काम की तलाश में जुट गए। पॉल को 2002 में स्टार प्लस पर संडे टैंगो की मेजबानी करने का मौका मिला। मनीष, जी म्यूजिक के साथ एक वीजे भी रहे। रेडियो सिटी के मॉर्निंग ड्राइव टाइम शो ‘कसा काय मुंबई’ के साथ एक रेडियो जॉकी के तौर पर भी काम किया। मनीष पॉल ने ‘राधा की बेटियां कुछ कर दिखाएंगी’, जिंदादिल, शश्श…फिर कोई है, लव गुरु के साथ, ‘व्हील घर घर में’, कहानी शुरू और कुछ कुक होता है, जैसे टीवी सीरियलों में काम किया है। हालांकि मनीष को इन धारावाहिकों से कुछ खास पहचान नहीं मिली है। मनीष के करियर का असली ट्रनिंग प्वाइंट तब आया, जब उन्होंने रियलिटी शो की होस्टिंग शुरू की। सारेगामापा छोटे उस्ताद, डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स, नच बलिए, स्टार या रॉकस्टार (प्रतियोगी), झलक दिखला जा के कई सीजन को अपनी अनूठी कॉमिक टाइमिंग और ऊर्जा से जीवंत बना दिया। पॉल ने नेशनल ज्योग्राफिक पर साइंस ऑफ स्टुपिड की भी मेजबानी की है । मनीष पॉल ने टीवी के अलावा फिल्मों में भी हाथ आजमाया। 2010 में आई ‘तीस मार खान’ में नजर आए थे। वहीं, 2013 में आई ‘मिकी वायरस’ फिल्म में पहली बार मनीष मुख्य किरदार में नजर आए। इसके बाद उन्होंने ‘तेरे बिन लादेन-2’ में मुख्य भूमिका निभाई थी। 2022 में ‘जुगजुग जियो’ में गुरप्रीत का किरदार निभाया, जिसे लोगों ने पसंद किया। 2023 में आई वेबसीरीज ‘रफूचक्कर’ में भी मनीष पॉल ने मुख्य भूमिका निभाई है। मनीष पॉल की शादी 2007 में संयुक्ता पॉल से हुई, जो बंगाली हैं। वे स्कूल में मिले और 1998 के अंत में डेटिंग शुरू कर दी थी। जल्द ही, उनके परिवार एक-दूसरे को जान गए और आखिरकार उन्होंने शादी कर ली। उनकी एक बेटी है, जिसका जन्म 2011 में हुआ और एक बेटा है, जिसका जन्म 2016 में हुआ। मनीष ने 2011 में डांस इंडिया डांस लिटिल मास्टर्स के लिए सर्वश्रेष्ठ एंकर का पुरस्कार जीता था।
भारी बारिश से कर्नाटक के शिवमोग्गा में भूस्खलन, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

शिवमोग्गा। कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली तालुक में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में एक अस्थायी झोपड़ी मलबे में दब गई, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जिनमें तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है। यह हादसा रविवार तड़के हुआ। जानकारी के अनुसार यह घटना रविवार तड़के करीब 2:30 बजे तीर्थहल्ली के इंदिरा नगर में हुई। मलनाड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया। भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मिट्टी और चट्टानें उस झोपड़ी पर आ गिरीं, जहां मजदूरी करके लौटे परिवार के सदस्य सो रहे थे। मृतकों की पहचान मल्लिकार्जुन (30), नागवेणी (27) और उनके तीन वर्षीय बेटे संतोष के रूप में हुई है। यह परिवार कोप्पल जिले के गंगावती तालुक के कक्करागोल गांव से यहां मजदूरी करने आया था। वहीं, मलबे में फंसे एक अन्य घायल मजदूर हनुमंथ को अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। उसे तीर्थहल्ली के जयचामराजेंद्र अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उसे उचित चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। वहीं, पास की एक अन्य झोपड़ी में रह रहे कुछ लोग भी घायल हुए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के तुरंत बाद पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की टीमों ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। यह घटना तीर्थहल्ली पुलिस थाना क्षेत्र में हुई है। अधिकारी लगातार हो रही बारिश के प्रभाव का आकलन कर रहे हैं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। गौरतलब है कि मानसून की भारी बारिश के कारण पश्चिमी घाट क्षेत्र में गंभीर भूस्खलन और ट्रेन सेवाओं में बाधा आई है। मंगलुरु और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से जनहानि के साथ-साथ यातायात भी प्रभावित हुआ है। शनिवार रात येडकुमारी और श्रीवागिलु रेलवे स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर हुए भूस्खलन के बाद रविवार को मंगलुरु और यशवंतपुर के बीच ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। रेलवे की राहत सामग्री लेकर जाने वाली विशेष ट्रेन प्रभावित स्थल पर पहुंच गई है। बता दें कि इससे पहले 1 जुलाई की तड़के मंगलुरु के कंकनाडी नागोरी इलाके में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से एक मकान ढह गया था। इस हादसे में एक महिला और दो किशोरियों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, एक पुरुष और दो किशोरियों सहित तीन अन्य लोगों को स्थानीय निवासियों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों ने मलबे से सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया था।
बारामूला में सुरक्षाबलों ने ओवर ग्राउंड वर्कर को किया गिरफ्तार, हथियार और गोला-बारूद बरामद

बारामूला। जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान के दौरान एक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से अवैध हथियार, गोला-बारूद, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बारामूला, सीआरपीएफ की 53वीं बटालियन तथा बीएसएफ की 112वीं बटालियन ने रविवार को नरवाव इलाके के जंडफरान-गोरीवान क्रॉसिंग पर संयुक्त नाका (चेकपोस्ट) लगाया था। इस दौरान आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। चेकिंग के दौरान गोरीवान की ओर से आ रहा एक व्यक्ति सुरक्षा बलों को देखकर मौके से भागने की कोशिश करने लगा। उसकी संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए सुरक्षाबलों के जवानों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके पास से एक कैमोफ्लाज रंग की एमपी-5 टाइप पिस्तौल, 10 जिंदा 9 एमएम कारतूस से भरी एक मैगजीन, एक मोबाइल फोन और एक काला बैकपैक बरामद किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान एजाज अहमद गनी के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय मोहम्मद सुल्तान गनी का पुत्र और बारामूला जिले के नंबलन, शीरी क्षेत्र का निवासी बताया गया है। प्रारंभिक जांच में उसे ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के रूप में चिन्हित किया गया है। ओजीडब्ल्यू वे लोग होते हैं जो प्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी संगठन का हिस्सा नहीं होते, लेकिन उन्हें रसद, ठिकाना, सूचना या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का काम करते हैं। इस मामले में पुलिस स्टेशन शीरी में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब आरोपी के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित आतंकी नेटवर्क से उसके संबंधों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों के स्रोत और इनके संभावित इस्तेमाल के बारे में भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को घाटी में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुरक्षाबलों का कहना है कि घाटी में आतंकवाद और उसके सहयोगी नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है। संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके तथा किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते विफल किया जा सके।
परिसीमन वोटों के लिए, प्रतिनिधित्व के लिए नहीं’, भाजपा पर कांग्रेस सांसद ने साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के परिसीमन का विरोध किए जाने पर कांग्रेस नेताओं ने समर्थन किया है। सुखदेव भगत ने कहा कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से, बल्कि भाजपा सरकार जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रही है। राहुल गांधी ने शनिवार को सभी दलों से संसद में केंद्र सरकार के परिसीमन विधेयक को पारित करने के प्रयास को विफल करने का आह्वान किया था। इस पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “निश्चित रूप से, जिस तरह से जनसंख्या के हिसाब से चीजें संतुलित नहीं हो रही हैं और अगर मैं अपनी निजी राय बताऊं तो मैं परिसीमन के खिलाफ हूं। मैं इसीलिए इसके खिलाफ हूं, क्योंकि असम में जिस तरह से यह किया गया है। वहां भाजपा की सरकार है और वे जानबूझकर इसे वोटों के नजरिए से कर रहे हैं, न कि प्रतिनिधित्व के नजरिए से। उन्होंने कहा, “अगर हम आज संसद में मौजूद 543 सदस्यों को देखें, तो मुझे लगता है कि हमारे कई लोगों को पूरी तरह से भागीदारी का मौका भी नहीं मिलता। हम संसद के अंदर बस एक छोटा सा हिस्सा बनकर रह जाते हैं। क्या संख्या बढ़ाने के बाद उन्हें औचित्य मिल पाएगा। संख्याबल नहीं बढ़ाया जाना चाहिए, बल्कि संसद की गरिमा के अनुरूप एक सार्थक चर्चा और बहस हो, वो महत्वपूर्ण है।” इसी बीच, कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “निश्चित रूप से सभी बधाई के पात्र हैं। जब हमारे खिलाड़ी वहां इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो हमें गर्व महसूस होता है। तब हमें खुशी होती है और हम उन्हें बधाई देते हैं।” नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तबादले पर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “ऐसे कदमों से हमेशा अविश्वास और शक पैदा होता है।” कुलगाम हमले के बाद सरकारों पर महबूबा मुफ्ती के आरोपों को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा, “यह सामान्य बात नहीं है। इसमें कहीं न कहीं सीमा पार से जुड़ी घटनाएं हो रही हैं। पहलगाम की घटना के बाद भी अगर ऐसी घटना हो रही है, और उसी समय अमरनाथ यात्रा भी चल रही है, तो मेरा मानना है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की यह जिम्मेदारी है कि वे देखें कि कहां चूक हुई है या कहां कमी रह गई है। आरोप-प्रत्यारोप से अधिक जरूरी नागरिकों की सुरक्षा है।