मध्य पूर्व में शांति से सोने और चांदी में लौटी रौनक, करीब एक प्रतिशत तक भागे

मुंबई,। सोने और चांदी सोमवार को तेजी के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में दोनों की कीमती धातुओं के दाम एक प्रतिशत तक चढ़ गए थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,43,106 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम खुला। सुबह 9:45 पर सोना 907 रुपए या 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 1,44,013 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,43,575 रुपए प्रति 10 ग्राम न्यूनतम स्तर और 1,44,111 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है। सोने के साथ चांदी में भी तेजी देखी जा रही है। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,22,138 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 2,23,500 रुपए प्रति किलो पर खुला। फिलहाल यह 2,066 रुपए या 0.93 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,24,204 रुपए प्रति किलो पर थी। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,23,500 रुपए प्रति किलो का न्यूनतम स्तर और 2,24,632 रुपए प्रति किलो का उच्चतम स्तर छुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। सोना 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,090 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.95 प्रतिशत की मजबूती के साथ 59 डॉलर प्रति औंस पर थी। जानकारों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी की वजह डॉलर इंडेक्स का कमजोर होना है, जो कि अमेरिका-ईरान में तनाव कम होने के बाद गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल यह 0.25 प्रतिशत घटकर 101.03 पर आ गया था। डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी मुद्रा डॉलर की दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं- यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक- के मुकाबले स्थिति को दिखाता है। इसके अतिरिक्त, मध्य पूर्व में तनाव कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 87.80 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85.20 डॉलर प्रति बैरल पर था।
अराघची ने रूसी विदेश मंत्री लावरोव से फोन पर की बात, ईरानी जहाज पर यूक्रेनी हमले को लेकर हुई चर्चा

तेहरान,। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव ने रविवार को एक फोन कॉल के दौरान कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले की निंदा की। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अराघची ने यूक्रेन के इस कदम की निंदा करते हुए इसे खतरनाक और यूनाइटेड नेशंस चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों का साफ उल्लंघन बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों की पूरी तरह से रक्षा करेगा। बयान में आगे कहा गया कि लावरोव ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाला एक्शन और रूस और ईरान के बीच ट्रेड रूट के लिए खतरा बताया। बयान के मुताबिक, दोनों मंत्रियों ने तेहरान द्वारा अमेरिका के “वादों को तोड़ने और होर्मुज स्ट्रेट पर असुरक्षा थोपने” के बाद हुए क्षेत्रीय डेवलपमेंट पर भी चर्चा की। इसके अलावा, विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि कैस्पियन सागर में ईरान के कमर्शियल जहाज पर यूक्रेन के हमले को बिना जवाब दिए ऐसे नहीं छोड़ा जा सकता। ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर आरोप लगाया कि उन्होंने इजरायल के कहने पर यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन करके यूरोप को अपनी लड़ाई में घसीटने का आदेश दिया। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि उन्होंने शनिवार और रविवार को यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख काजा कैलास और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर हुई बातचीत में स्पष्ट कर दिया था कि कीव में मुफ्तखोर ने जो किया, उसे बिना जवाब दिए नहीं जाने नहीं दिया जा सकता। ईरानी विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, अराघची ने शनिवार को ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ एक फोन कॉल में यह बात कही। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। बयान के अनुसार, अराघची ने यूक्रेनी हमले की निंदा की और ईयू, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसके गुनाहगारों और समर्थकों को जिम्मेदार ठहराने की अपील की। इसमें आगे कहा गया कि दोनों पक्षों ने होर्मुज स्ट्रेट में हो रहे घटनाक्रम पर भी बात की और क्षेत्रीय तनाव को मैनेज करने के लिए डिप्लोमैटिक पहल की जरूरत पर जोर दिया। एक अलग बयान में मंत्रालय ने कहा कि ईरान ने हमले को लेकर शनिवार को तेहरान में यूक्रेन के चार्ज डी’ अफेयर्स को बुलाया और औपचारिक रूप से इस काम की निंदा करते हुए विरोध पत्र दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह हमला शनिवार को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 3:00 बजे हुआ और इसमें जहाज में धमाका हुआ और एक नाविक की मौत हो गई।
पेपर लीक रोकने के लिए संसद में आज पेश होगा संशोधन विधेयक, युवा सांसद कर सकते हैं चर्चा की अगुवाई

नई दिल्ली,। केंद्र सरकार सोमवार को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इसका उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ कानूनी व्यवस्था को और अधिक सख्त बनाना है। सूत्रों के मुताबिक, एनडीए इस विधेयक पर चर्चा की अगुवाई के लिए कई युवा सांसदों को आगे कर सकता है। सरकार इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की तैयारी कर रही है और बहस 8 से 10 घंटे तक चल सकती है। इससे साफ है कि सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आम सहमति बनाना चाहती है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को संसद में पेश करेंगे। यह लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2024 में संशोधन का प्रस्ताव है। सरकार इसकी अधिसूचना पहले ही जारी कर चुकी है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाना है। इसके तहत दोषियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। इनमें 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना, दोषियों की संपत्ति जब्त करना और मामलों का फैसला तीन महीने के भीतर सुनिश्चित करने की व्यवस्था शामिल है। यह कदम केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा शुक्रवार को उस विधेयक और संबंधित प्रावधानों को मंजूरी देने के बाद उठाया गया है, जिनका उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करना और कड़ी सजा सुनिश्चित करना है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में किए गए उस ऐलान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के प्रावधान वाला एक व्यापक विधेयक संसद में लाया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार, फास्ट-ट्रैक अदालतों को ऐसे मामलों की सुनवाई पूरी कर तीन महीने के भीतर फैसला सुनाना अनिवार्य होगा, ताकि परीक्षा संबंधी अपराधों में जल्द न्याय मिल सके। इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ने इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर आगामी परीक्षाओं की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे। आधार परियोजना के प्रमुख सूत्रधार माने जाने वाले नंदन नीलेकणि को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पेपर लीक के विरोध में चल रहा छात्रों का आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हुआ है। रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत सरकार छात्रों के भविष्य के लिए लगातार कई कदम उठा रही है। जिन्होंने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेल में हैं। हमने पहले ही फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित कर दी हैं। अब हम संसद में ऐसा नया कानून लाने की दिशा में बढ़ रहे हैं, जिसमें बेहद सख्त कानूनी प्रावधान होंगे।
सपा सांसदों की सरकार से अपील, कहा-‘सिर्फ कड़ा कानून काफी नहीं, युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस ले सरकार’

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा में केंद्र सरकार ‘पब्लिक एग्जामिनेशन्स (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026’ पेश करने जा रही है। सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानून को और सख्त बनाना है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने इस प्रस्तावित संशोधन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल कानून कड़ा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। पार्टी ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया। सपा अध्यक्ष एवं सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर छात्रों और युवाओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विभिन्न स्थानों पर छात्रों और युवाओं पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं जबकि सरकार को उनकी जागरूकता और लोकतांत्रिक आवाज का सम्मान करना चाहिए। उनके अनुसार, सरकार जनता की चेतना को चुनौती देने की कोशिश कर रही है लेकिन यही जागरूकता अब सरकार के लिए चुनौती बन गई है। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल आपस में चर्चा करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि परीक्षा प्रणाली, युवाओं के हितों और सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष संयुक्त रूप से अपनी आगे की कार्रवाई का निर्णय करेगा। सपा सांसद रामगोपाल यादव ने प्रस्तावित संशोधन विधेयक की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल कठोर दंड का प्रावधान करने से अपराध समाप्त नहीं होते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय दंड संहिता में हत्या जैसे अपराधों के लिए आजीवन कारावास और मृत्युदंड जैसी कठोर सजाएं होने के बावजूद हत्याएं नहीं रुकतीं। इसी तरह, पेपर लीक जैसी घटनाओं को भी केवल कानून बनाकर नहीं रोका जा सकता। रामगोपाल यादव ने कहा कि पेपर लीक की घटनाएं मुख्य रूप से उन स्थानों से होती हैं जहां प्रश्नपत्र तैयार किए जाते हैं, जहां उनकी छपाई होती है या फिर उन प्रभावशाली कोचिंग संस्थानों के माध्यम से, जिनकी संबंधित तंत्र तक पहुंच होती है। कई मामलों में अंदरूनी मिलीभगत के कारण प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर पहुंच जाते हैं। इसलिए केवल दंडात्मक कानून बनाने के बजाय पूरी परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद इस प्रकार की गड़बड़ियां बढ़ी हैं। उनके अनुसार, जब पूरी प्रक्रिया डिजिटल नहीं थी, तब इस तरह की घटनाएं अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती थीं। उन्होंने दावा किया कि डिजिटल व्यवस्था में हैकिंग और डेटा लीक की आशंका अधिक रहती है, इसलिए तकनीकी सुरक्षा को मजबूत किए बिना केवल नया कानून लाना पर्याप्त नहीं होगा। सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी संशोधन विधेयक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कदम पहले ही उठाया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते प्रभावी उपाय करती, तो पेपर लीक से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले कई युवाओं की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं की हिरासत का भी उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं होतीं।
दिल्ली-एनसीआर में 28 और 29 जुलाई को बदलेगा मौसम का मिजाज, बारिश-आंधी और वज्रपात का येलो अलर्ट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, कमजोर मानसून के चलते इस बार अब तक एनसीआर में उम्मीद के मुताबिक व्यापक और लगातार बारिश दर्ज नहीं हुई है, लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिल रही है। आईएमडी के सात दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक 27 जुलाई को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता सुबह करीब 80 प्रतिशत और शाम तक 60 प्रतिशत रहने की संभावना है। इस दिन आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा तथा मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि, इस दिन किसी प्रकार की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। 28 जुलाई को मौसम में सबसे अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए सुबह, पूर्वाह्न, दोपहर, शाम और रात, हर समय गरज-चमक के साथ बिजली गिरने, तेज हवाएं चलने तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसी कारण येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 जुलाई को भी मौसम का यही रुख बना रहेगा। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे दिन थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दिन भी लोगों को मौसम खराब रहने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसके बाद 30 जुलाई को अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आर्द्रता 90 से 70 प्रतिशत के बीच रह सकती है। आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा और मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी, लेकिन इस दिन कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। 31 जुलाई को भी मौसम सुहावना बना रहेगा। अधिकतम तापमान 33 डिग्री तथा न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आर्द्रता 85 से 65 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। इस दिन सामान्यतः बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने इस दिन भी कोई चेतावनी जारी नहीं की है। वहीं 1 अगस्त को भी मौसम लगभग इसी तरह रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहेगा। आसमान बादलों से ढका रहेगा तथा हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस दिन भी किसी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय मानसून कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन वातावरण में नमी लगातार बनी हुई है। यही वजह है कि तेज धूप के बजाय बादलों की आवाजाही बनी हुई है और लोगों को उमस के बावजूद भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। 28 और 29 जुलाई को सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
तमिलनाडु में गहराया पेयजल संकट, कई जलाशय सूखे, कई जिलों में 10 दिन में एक बार मिल रहा पानी

चेन्नई,। तमिलनाडु में दक्षिण-पश्चिम मानसून के लंबे समय तक विफल रहने के कारण पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में जलाशय, झीलें और भूजल स्रोत गंभीर रूप से सूख चुके हैं। जल स्तर तेजी से गिरने के बीच शिकायतें बढ़ रही हैं कि तमिलनाडु वाटर सप्लाई एंड ड्रेनेज बोर्ड ने सबसे अधिक प्रभावित जिलों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं नहीं की हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 90 प्रमुख बांधों और 14,000 से अधिक सिंचाई टैंकों का प्रबंधन करने वाले जल संसाधन विभाग ने उपलब्ध जल में चिंताजनक गिरावट दर्ज की है। राज्य के 90 बांधों में से 59 पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि 16 बांधों में केवल 25 से 50 प्रतिशत तक ही जल भंडारण शेष है। स्थिति को सिंचाई टैंकों के सूखने से और भी गंभीर बना दिया है। राज्य के 3,489 सिंचाई टैंक पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि 6,158 टैंक तेजी से सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून की विफलता का असर केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं है। पड़ोसी दक्षिणी राज्यों में भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इसके चलते जलाशयों में पानी की आवक में भारी गिरावट आई है, जिससे सिंचाई और पेयजल आपूर्ति दोनों प्रभावित हुई हैं। नगर प्रशासन विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के नियंत्रण वाले जल स्रोतों में भी पानी का स्तर काफी घट गया है लेकिन सतही जल स्रोतों के सिकुड़ने और भूजल स्तर में गिरावट के कारण बोर्ड द्वारा स्थापित कई बोरवेल अब पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं दे पा रहे हैं। अधिकारियों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीमित मात्रा में पानी निकालने के लिए पंपों को लंबे समय तक चलाना पड़ रहा है, जिससे बिजली की खपत बढ़ रही है, लेकिन जलापूर्ति में कोई खास सुधार नहीं हो रहा। राज्य के कई जिले पहले से ही भीषण जल संकट का सामना कर रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में विरुधुनगर, तिरुवन्नामलाई, तिरुनेलवेली, तिरुचिरापल्ली (तिरुची), तूतीकोरिन (थूथुकुडी), तंजावुर, नमक्कल, पेरम्बलूर, मदुरै, शिवगंगा, धर्मपुरी, कुड्डालोर और डिंडीगुल शामिल हैं। कई स्थानों पर जहां पहले सप्ताह में एक बार पेयजल की आपूर्ति होती थी, अब वहां हर 10 दिन में केवल एक बार पानी दिया जा रहा है। इससे लोगों को निजी पानी के टैंकरों और अन्य अस्थायी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस बीच, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम जिलों में भूजल की बिगड़ती स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ये दोनों जिले चेन्नई के लिए पेयजल के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।
अयोध्या के संत बोले- ‘रामलला के दर्शन में कमी नहीं’, चढ़ावा मामले में सुनवाई पर कहा, ‘हित में होगा कोर्ट का फैसला’

अयोध्या, । राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन से जुड़े आरोपों के बावजूद रामलला के दर्शन के लिए जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। अयोध्या के संतों ने कहा कि भक्त आसानी से दर्शन कर रहे हैं और सही से पूजा-पाठ हो रहा है। इसके साथ ही, मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी संतों ने प्रतिक्रिया दी है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि भक्तों को आसानी से दर्शन हो रहे हैं। सही से पूजा-पाठ होता है और दर्शन करने वालों की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि अयोध्या में भक्तों की भीड़ बढ़ रही है। इसके साथ ही, दिनेंद्र दास ने दान प्रकरण मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का स्वागत किया। साथ ही पूरी जांच के लिए नई एसआईटी के गठन का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “राम मंदिर का लगभग 99 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है। अब सुधार भी होगा। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद अच्छा सुधार देखने को मिलेगा।” मंदिर ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने कहा कि अयोध्या के लोगों को पूरी जानकारी है कि मामले में क्या हो रहा है और क्या नहीं हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, “व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। कुछ कुछ शंकाएं हैं तो एसआईटी जांच करेगी।” उन्होंने एसआईटी की जांच में सहयोग करने की भी बात कही। दिनेंद्र दास ने कहा कि हम लोग जांच में भी सहयोग करेंगे, जिससे भविष्य में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन से जुड़ी चार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। इस सुनवाई से पहले अयोध्या के साधु संतों ने प्रतिक्रिया दी है। संतों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश हित में होगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर जगतगुरु परमहंस आचार्य ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट में आज की सुनवाई के दौरान जो कुछ होगा, वह देश और देश की संस्कृति के बेहतर रहेगा। न्याय का सबसे बड़ा मंदिर सुप्रीम कोर्ट ही है। महामंडलेश्वर विष्णु दास ने कहा, “नई एसआईटी टीम के गठन का हम साधु-संत स्वागत करते हैं। मेरा मानना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी संतों के हित में ही होगा।” इस दौरान, उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के दान प्रकरण पर विपक्ष गंदी राजनीति कर रहा है।
सीआरपीएफ मना रहा 88वां स्थापना दिवस, सीएम योगी समेत तमाम मुख्यमंत्रियों ने दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का 88वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। सीआरपीएफ डीजी जी.पी. सिंह ने सभी जवानों को इस मौके पर शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही तमाम राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी सीआरपीएफ को शुभकामनाएं दी हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अदम्य शौर्य, अनुशासन एवं समर्पण भाव के साथ राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा हेतु सतत तत्पर ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ के सभी वीर जवानों एवं उनके परिजनों को सीआरपीएफ के स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। विषम परिस्थितियों में भी राष्ट्रसेवा में निरंतर तत्पर वीर जवानों पर हम सभी को गर्व है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिखा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आंतरिक सुरक्षा के लिए बल की प्रभावशाली एवं दक्षतापूर्ण कर्तव्यनिष्ठा से देश में विविधता के बावजूद एकता अक्षुण्ण है। कर्तव्य निर्वहन के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों को नमन। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिखा कि सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के बहादुर जवानों को सम्मान! देश आपकी अटूट हिम्मत, समर्पण और निस्वार्थ सेवा के लिए हमेशा आपका आभारी रहेगा। उन्होंने आगे लिखा कि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के उन जवानों की सेवा और समर्पण को सलाम, जो देश में लगातार कानून-व्यवस्था बनाए रखकर तथा सेवा और निष्ठा की विरासत को कायम रखते हुए ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के आदर्श का पालन करते हैं। सीआरपीएफ स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई! दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि ‘सेवा एवं निष्ठा’ के ध्येय वाक्य को सार्थक करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के स्थापना दिवस पर सभी वीर जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। देश की आंतरिक सुरक्षा, विशेषकर नक्सलवाद और उग्रवाद के विरुद्ध अभियान में आपका अदम्य शौर्य और अटूट समर्पण अतुलनीय है। हर देशवासी को आपकी कर्तव्यनिष्ठा और वीरता पर गर्व है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के पर्याय ‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल’ के स्थापना दिवस पर सभी वीर जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता के लिए आपका अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा प्रत्येक भारतवासी के हृदय में गर्व और विश्वास का संचार करती है। विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि की रक्षा हेतु आपका अटूट समर्पण सदैव राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर लिखा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के स्थापना दिवस पर राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और आंतरिक शांति की रक्षा के लिए सदैव समर्पित एवं कर्तव्यनिष्ठ सभी सीआरपीएफ के वीर जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपका अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा का संकल्प प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स भारत की आंतरिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार रही है और इसने साहस व कर्तव्य-निष्ठा के साथ देश की सेवा की है। मुश्किल इलाकों और कठिन परिस्थितियों में भी इन्होंने शांति बनाए रखी है, नागरिकों की रक्षा की है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया है। हम सीआरपीएफ के सभी जवानों को सलाम करते हैं और उन लोगों को याद करते हैं जिन्होंने देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने पर राजा मुथुपांडी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत नेताओं ने दी बधाई

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के राजा मुथुपांडी ने पुरुषों के 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शुभकामनाएं दी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों के 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर राजा मुथुपांडी को बधाई। यह शानदार प्रदर्शन उनके अनुशासन, दृढ़ता और अटूट समर्पण का नतीजा है। पूरा देश उनकी इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है और उनके भविष्य के प्रयासों में उन्हें और सफलता की शुभकामनाएं देता है।” केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए गर्व का पल! पुरुषों की 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग में सिल्वर मेडल जीतने पर राजा मुथुपांडी को बहुत-बहुत बधाई।” केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, “भारतीय खेलों के लिए एक और गर्व का पल! ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुषों के 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने पर राजा मुथुपांडी को बहुत-बहुत बधाई। आपकी यह शानदार उपलब्धि हमारे एथलीटों की ताकत, दृढ़ संकल्प और हिम्मत को दिखाती है। देश को आप पर बहुत गर्व है।” दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, “राजा मुथुपंडी को पुरुषों की 65 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आपकी यह उपलब्धि आपके अनुशासन, समर्पण और अथक परिश्रम का प्रतिफल है। आप भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाते रहें, यही शुभकामना है।” राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पोस्ट में कहा, “ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा (पुरुष) में रजत पदक जीतकर विश्व पटल पर तिरंगे का गौरव बढ़ाने वाले राजा मुथुपांडी जी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं! आपकी यह शानदार उपलब्धि देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। ईश्वर से आपके उज्ज्वल एवं सफल भविष्य की कामना करता हूं।” गुजरात के उपमुख्यंमत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारत लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है! कॉमनवेल्थ 2026 में पुरुषों के 65 किग्रा वेटलिफ्टिंग में शानदार सिल्वर मेडल जीतने पर राजा मुथुपांडी को बधाई।
कैलाश से उतरकर इसी पावन स्थल पर रुकी थी भगवान शंकर की बारात

उत्तराखंड। देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में भोलेनाथ का वास माना गया है। ऐसे ही हरिद्वार की पावन धरा में राजाजी टाइगर रिजर्व के घने जंगलों, श्यामपुर क्षेत्र और सज्जनपुर पीली (नजीबाबाद रोड) के पास श्री कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक बल्कि प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के कारण भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के जरिए मंदिर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंदिर की वीडियो जारी करते हुए लिखा, “श्री कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर, हरिद्वार में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र मंदिर है। यह मंदिर राजाजी टाइगर रिजर्व के पास शांत और प्राकृतिक वातावरण में स्थित है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने मंदिर की भव्यता का बखान करते हुए लिखा, “मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है और सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना भगवान शिव अवश्य सुनते हैं। यदि आप हरिद्वार की यात्रा पर जा रहे हैं, तो इस पवित्र मंदिर के दर्शन अवश्य करें। यहां का शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा भक्तों को गहरी शांति और आस्था का अनुभव कराती है।” इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट (स्वयंभू) है, जो खुदाई के दौरान सामने आया था। किंवदंतियों के अनुसार, भोलेनाथ का यह मंदिर आज भी उनकी बारात का प्रमाण है। पौराणिक मान्यता है कि इस स्थान पर भगवान शंकर की बारात कैलाश से उतरकर इसी स्थान पर रुकी थी। यहीं पर उनके गणों ने कुंडी सोटा में भांग घोटी थी, जिसके प्रमाण आज भी इस जगह की खुदाई में समय-समय पर मिलते हैं। बताया जाता है कि इस क्षेत्र में एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर भी है, जिसमें भोलेनाथ की बारात में आए आज भी भूत-प्रेत वास करते हैं। बारात के दौरान भांग के अत्यधिक नशे में मस्त होने के कारण वे बारात से बिछड़ गए और इसी पेड़ पर रुक गए। यही वजह है कि आज भी लोगों को इस पेड़ के आसपास जाने की मनाही है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, इस पेड़ पर रहने वाले भूतों के लिए रोजाना भोजन पहुंचाया जाता है और ऐसा विश्वास किया जाता है कि वे उस भोजन को आज भी रोज ग्रहण करते हैं।